Sadi Ka Sabse Bada Admee

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Author:

Kashinath Singh

Language:

Hindi

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इस संग्रह में शामिल कहानियों के बारे में स्वयं लेखक का यह कहना कि, ‘ये कहानियाँ आपके पास आ रही हैं—उठने-बैठने के लिए, बोलने-बतियाने के लिए, संग-साथ के लिए'—उतनी ही सार्थक टिप्पणी है जितनी कि ये कहानियाँ। अपनी रचना की जनपक्षीय भूमिका के प्रति आश्वस्त रचनाकार ही ऐसी आत्मीय बात कह सकता है।</p> <p>समकालीन हिन्दी कथाकारों में काशीनाथ सिंह का महत्त्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने अपने कथा-पात्रों को न तो उनके सांस्कृतिक, सामाजिक और ऐतिहासिक विकासक्रम से काटकर प्रस्तुत किया है और न ही रचना पर बौद्धिक या कलात्मक कुहासे की चादर ढकी है। अपने समाज और अपने लोगों से गहरे प्यार और उनकी तमाम ख़ामियों-ख़ूबियों की बेबाक समझ से पैदा हुई ये कहानियाँ हमें अभिभूत कर लेती हैं। साथ ही हम न सिर्फ़ अपने इर्द-गिर्द को बल्कि स्वयं को भी ज़्यादा ईमानदारी से पहचानने लगते हैं।</p> <p>संक्षेप में कहें तो बातचीत का एक सहज अन्दाज़, जिसमें विषयगत परिवेश और उसके जटिलतर अन्तर्विरोध</p> <p>उजागर होते चले आते हैं, इन कहानियों की एक ख़ास ख़ूबी है।

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ISBN
9788171780167
Pages
158
Avg Reading Time
5 hrs
Age
18+ yrs
Country of Origin
India

Format:

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इस संग्रह में शामिल कहानियों के बारे में स्वयं लेखक का यह कहना कि, ‘ये कहानियाँ आपके पास आ रही हैं—उठने-बैठने के लिए, बोलने-बतियाने के लिए, संग-साथ के लिए'—उतनी ही सार्थक टिप्पणी है जितनी कि ये कहानियाँ। अपनी रचना की जनपक्षीय भूमिका के प्रति आश्वस्त रचनाकार ही ऐसी आत्मीय बात कह सकता है।</p>
<p>समकालीन हिन्दी कथाकारों में काशीनाथ सिंह का महत्त्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने अपने कथा-पात्रों को न तो उनके सांस्कृतिक, सामाजिक और ऐतिहासिक विकासक्रम से काटकर प्रस्तुत किया है और न ही रचना पर बौद्धिक या कलात्मक कुहासे की चादर ढकी है। अपने समाज और अपने लोगों से गहरे प्यार और उनकी तमाम ख़ामियों-ख़ूबियों की बेबाक समझ से पैदा हुई ये कहानियाँ हमें अभिभूत कर लेती हैं। साथ ही हम न सिर्फ़ अपने इर्द-गिर्द को बल्कि स्वयं को भी ज़्यादा ईमानदारी से पहचानने लगते हैं।</p>
<p>संक्षेप में कहें तो बातचीत का एक सहज अन्दाज़, जिसमें विषयगत परिवेश और उसके जटिलतर अन्तर्विरोध</p>
<p>उजागर होते चले आते हैं, इन कहानियों की एक ख़ास ख़ूबी है।

Book Details

  • ISBN
    9788171780167
  • Pages
    158
  • Avg Reading Time
    5 hrs
  • Age
    18+ yrs
  • Country of Origin
    India

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