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Comrade Ka Coat

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महत्त्वपूर्ण कथाकार सृंजय का यह पहला कहानी–संग्रह है। शीर्षक कथा ‘कामरेड का कोट’ भारतीय वामपन्थ पर तीक्ष्ण प्रहार करते हुए सच्चे और प्रतिबद्ध लोगों की बेचैनी को शिद्दत से उजागर करती है। वहीं ‘भगदत्त का हाथी’ हमारी गँवई ज़िन्दगी को आज भी निष्प्राण बनाए रखनेवाले सामन्ती अहंकार की बख़िया उधेड़ती है। सृंजय की ये कहानियाँ हिन्दी कथा–साहित्य में महत्त्वपूर्ण स्थान ग्रहण करती हैं। ये कहानियाँ पुन: इस सच को स्थापित करती हैं कि रचना का कलात्मक मूल्य उसकी सामाजिक अन्तर्दृष्टि में ही निहित होता है। संग्रह में शामिल ‘बैल बधिया’ और ‘तख़्त–ओ–ताज’ भी सामन्ती सरोकारों के चलते अमानवीय होती हमारी ज़िन्दगी की आलोचना करती हैं तो ‘लक्ष्मी के पाँव’ इस संस्कृति की विरूपता पर कटु व्यंग्य करती है। कथाकार बेहद संवेदनशील है और समय को चौकन्नी दृष्टि से देखता है। लोक संस्कृति की गहरी समझ और रचनात्मक कौशल से उसका बेहतर इस्तेमाल कथाकार की ख़ूबी है। वह अपने पात्र समाज के बीचोबीच से उठाता है और उनके साथ चलते हुए उनकी तमाम कमज़ोरियों और कमियों को बारीकी से उकेरता है।

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महत्त्वपूर्ण कथाकार सृंजय का यह पहला कहानी–संग्रह है। शीर्षक कथा ‘कामरेड का कोट’ भारतीय वामपन्थ पर तीक्ष्ण प्रहार करते हुए सच्चे और प्रतिबद्ध लोगों की बेचैनी को शिद्दत से उजागर करती है। वहीं ‘भगदत्त का हाथी’ हमारी गँवई ज़िन्दगी को आज भी निष्प्राण बनाए रखनेवाले सामन्ती अहंकार की बख़िया उधेड़ती है।

सृंजय की ये कहानियाँ हिन्दी कथा–साहित्य में महत्त्वपूर्ण स्थान ग्रहण करती हैं। ये कहानियाँ पुन: इस सच को स्थापित करती हैं कि रचना का कलात्मक मूल्य उसकी सामाजिक अन्तर्दृष्टि में ही निहित होता है। संग्रह में शामिल ‘बैल बधिया’ और ‘तख़्त–ओ–ताज’ भी सामन्ती सरोकारों के चलते अमानवीय होती हमारी ज़िन्दगी की आलोचना करती हैं तो ‘लक्ष्मी के पाँव’ इस संस्कृति की विरूपता पर कटु व्यंग्य करती है।

कथाकार बेहद संवेदनशील है और समय को चौकन्नी दृष्टि से देखता है। लोक संस्कृति की गहरी समझ और रचनात्मक कौशल से उसका बेहतर इस्तेमाल कथाकार की ख़ूबी है। वह अपने पात्र समाज के बीचोबीच से उठाता है और उनके साथ चलते हुए उनकी तमाम कमज़ोरियों और कमियों को बारीकी से उकेरता है।

Book details

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100% OriginalGenuine copy from Rajkamal Prakashan Samuh
Format
Paperback
Publisher
Rajkamal Prakashan Samuh
Edition
2nd
Publication year
2001
Weight
119 grams
ISBN-13
9788171196548
Pages
155
Reading time
~5 hrs
Age
18+
Country of origin
India
Dimensions
14 × 21 cm
Language
Hindi

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