Contemporary Dogri Short Stories
Author:
Ved RahiPublisher:
Sahitya AkademiLanguage:
EnglishCategory:
Short-story-collections2 Ratings
Price: ₹ 70.55
₹
85
Unavailable
English translation by Satnam Kaur of Dogri Diyan Namiyan Kahaniyan, edied by Ved Rahi. Sahitya Akademi 2013
ISBN: 9788126040544
Pages: 108
Avg Reading Time: 4 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Yahan Koi Gulmuhar Nahin Hai
- Author Name:
Shaival
- Book Type:

-
Description:
आज़ादी के बाद देश परिवर्तन के दो मुख्य पड़ावों से गुज़रा। पहले पड़ाव के बाद ज़मींदारी गई, नई योजना की तुरही बजी, टांड़-टिकोलों पर नए गढ़ बने। विकास की धारा बहने लगी। इस धारा ने गाँव-क़स्बों को नया स्वरूप दिया। नए छाया अधिपति बने। रंगदार, लठधर और अफ़सरों के बीच नए सत्ता-सम्बन्ध बने। विकास के गढ़ ‘उपनिवेश के मुख्यालय’ बन गए। भूमंडलीकरण दूसरा पड़ाव था, जिसने देश का चेहरा पूरी तरह बदल दिया। ‘रियासत’ छोड़कर गए ज़मींदार एन.आर.आई. बनकर अपने-अपने नए घरों में लौट आए। अपने परिवार के महान इतिहास को संरक्षित रखने और जड़ों को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए।...अन्दर की चीज़ें बाहर जाने लगीं, बाहर की चीज़ें अन्दर आने लगीं तो पता लगा, इसके कारण हमारी प्राथमिकताएँ ही बदल गईं। शिक्षा, विकास, आत्मनिर्भरता, मानवीयता, समुदायबोध—सबको लाँघता हुआ पहली सीढ़ी पर कुछ और आ बैठा। नौकरानी अपने महीने भर की कमाई ब्यूटी पार्लर में लुटाने पहुँच गई। कूलर जैसी जड़ मशीन प्राकृतिक जीवन की ऊष्मा खा गई। ज़िन्दगी वही नहीं रही, उसके मायने बदल गए। पुरानी संवेदनाओं का इस्तेमाल भर होने लगा, पर लक्ष्य पूरी तरह बदल गए।
भारतीय समाज यात्रा के मुख्य पड़ावों से जिन बाह्य और अन्दरूनी परिवर्तनों का शिकार हुआ, उन्हें गहराई में जाकर रेखांकित करती हैं ये कहानियाँ। दूसरे लहजे में कहें तो ‘नई लोक-संस्कृति’ की गवाह बनती हैं ये कहानियाँ।
Swapna Premi
- Author Name:
Damodar Mauzo
- Book Type:

-
Description:
कोंकणी कथाकार दामोदर मावज़ो की ये कहानियाँ साधारण जनजीवन की सहज कथा-सम्पन्नता की साक्षी हैं। किसी भी बड़ी कलम की तरह मावज़ो की कहानियाँ भी बताती हैं कि हमारी निगाह किसी पूर्वाग्रह से बाधित न हो, तो हम हर कहीं एक कहानी देख सकते हैं, और बिना किसी शिल्प-चातुर्य का सहारा लिये उसे सीधे-सीधे बयान कर सकते हैं।
गोवा के जनजीवन से निकली ये कहानियाँ सार्वभौमिक और सार्वकालिक मानव-मनोभावों, कमज़ोरियों, सपनों और दुखों की कहानियाँ हैं। मावज़ो खुली आँख से अपने परिवेश को देखते हैं और कहानी सुनने-कहने की चिरन्तन मानवीय आकांक्षा के साथ उसे अपनी कहानियों में बयान कर देते हैं।
मूल कोंकणी से अनूदित उनकी चर्चित कहानियों के इस संग्रह में प्रेम, अभाव, धनहीनता के सन्ताप, उससे पैदा होनेवाली क्रूरता, चालाकी, निरुपायता के साथ आम लोगों की निष्पाप जिजीविषा, साहस और अन्य सकारात्मक जीवन-स्थितियों का अंकन बिलकुल वैसे ही किया गया है, जैसा वह हमारे जीवन में होता है।
ज़्यादातर कहानियों की पृष्ठभूमि गोवा की संस्कृति और जीवन-शैली है, जिससे हिन्दी पाठक को एक भिन्न आस्वाद से गुज़रने का मौक़ा मिलता है।
कहानियों की सबसे ज़्यादा मोहक विशेषता है, कहानी के बीच लेखक का सिर्फ़ एक माध्यम के रूप में रहना। किसी भी भाषिक या शैलीगत चमत्कार से अपनी मौजूदगी जताने की लेखकीय हताशा कथाकार में नहीं है, जो निश्चय ही उनके बड़ा रचनाकार होने का प्रमाण है। वे आपके इर्द-गिर्द अपने पात्रों को उनके भरे-पूरेपन के साथ आने देते हैं। आपको स्वयं उन्हें जानने, उनके साथ जीने का मौक़ा देते हैं।
Ashtray
- Author Name:
Haider Rizvi
- Book Type:

- Description: एक नहीं दो नहीं सैंकड़ों देंगे देखे हैं मैने... मैने बंगाल की चीख़ती माएँ देखी हैं, मैंने लाहौर की सड़कों पर काट कर गिराए गए स्तन देखे हैं, मैंने बम्बई की झुग्गियों में कई बार अपने पेट से निकलती चीख़ को अपने गले तक आते आते घुट जाते हुए देखा है, मैंने बिहार में अपने पैरों के बीच सर्द लोहे के सलाख़ की ठंडक महसूस की है, मैने चौरासी में गोरी-भरे बदन की पंजाबिनें तलाशती आँखें देखी हैं, मैंने गुजरात में अपने पेट में पड़े बच्चे की हर झटके पर निकलती हुई ख़ामोश चीखें सुनी हैं... मैंने सभी दंगों को देखा है... और अपनी इन्हीं आँखों से देखा है.... क्यूंकि दंगे सिर्फ़ एक औरत ही देख सकती है... औरत के लिए दंगा कोई ख़बर नहीं होता, कोई घटना नहीं होती, और इतिहास तो बिलकुल भी नहीं होता.. दंगा उसके लिए एक वो चीज़ होती है जो हमेशा घटती रहती है, जिसे वो हमेशा जीती रहती है, जिसे वो अच्छी तरह पहचानती है और हाँ, सिर्फ़ वही पहचानती है.... लेकिन मैं क्यों वक़्त रहते नहीं पहचान पायी? - इसी पुस्तक से -
Vishwa Ki Shreshtha Kahaniya : Vol. 2
- Author Name:
Mamta Kaliya
- Book Type:

- Description: भारतीय भाषा परिषद ने भारतीय भाषाओं की कई चुनी हुई रचनाओं के संकलन पहले भी प्रकाशित किए हैं। अब इसी क्रम को बढ़ाते हुए, इसी शृंखला में विश्व की श्रेष्ठ कहानियाँ प्रकाशित की जा रही हैं। उम्र के हर मोड़ पर ये कहानियाँ पाठकों के जेहन से टकराई होंगी, कभी लिखित रूप में, कभी वाचिक। सुदूर देशों के भूगोल और इतिहास को उलाक कर इन रचनाओं ने हमारे स्मृति-कोष को समृद्ध किया है। इनकी गहरी मानवीय दृष्टि, मार्मिक सृष्टि और वृहत्तर अभिप्रायों ने हमें ऐसा छुआ है कि हमने इन्हें अपना पाथेय समझा। विश्व कथा साहित्य से परिचित होने की राह में भारतीय भाषा परिषद का यह विनम्र प्रयास है। —ममता कालिया
Matsygandha
- Author Name:
Geetashree
- Book Type:

- Description: Book
Shapgrasta
- Author Name:
Akhilesh
- Book Type:

-
Description:
हिन्दी कहानी की चर्चा पर अखिलेश की कहानियाँ याद न आएँ, असम्भव है। वह ऐसे लेखक हैं जो बौद्धिकों और सामान्य पाठकों के बीच एक साथ स्वीकृत हैं।
अखिलेश का ज़िक्र समर्थ कथाकार के रूप में किया जाता है तो इसमें सबसे अधिक योगदान ‘शापग्रस्त’ संग्रह में शामिल कहानियों का है। इस किताब की समस्त कहानियाँ अपनी संश्लिष्ट वास्तविकता, कलात्मकता और अद्वितीय गद्य के ज़रिए लगातार हिन्दी पाठक को मुग्ध, गर्वित और हैरान करती रही हैं। इसीलिए ‘शापग्रस्त’ को यदि कहानियों के संग्रह की जगह श्रेष्ठ कहानियों का संग्रह कहा जाए तो अत्युक्ति न होगी। इसमें उपस्थित ‘चिट्ठी’, ‘ऊसर’, ‘बायोडाटा’, ‘शापग्रस्त’ तथा ‘जलडमरूमध्य’ हिन्दी की बेहतरीन कहानियाँ हैं। साथ ही ‘अगली शताब्दी के प्यार का रिहर्सल’ एवं ‘पाताल’ भी अनेक चर्चित कहानियों की तुलना में बेहतर और पठनीय हैं।
‘शापग्रस्त’ की कहानियाँ इस अर्थ में विस्फोटक हैं कि सभी की सभी देश के नए सच से मुठभेड़ करती हैं। मनुष्य, समाज, परिवार, संस्कृति, राजनीति, प्रेम और आत्मा पर आघात कर रहे उपभोक्तावादी-बाज़ार व्यवस्था की सर्जनात्मक साक्ष्य हैं ये कहानियाँ। मौजूदा समय स्वातंत्र्योत्तर भारत का सबसे ज़्यादा हिंसक तथा आक्रान्ता समय है, और इसी को ‘शापग्रस्त’ की कहानियों में घेरा गया है।
अखिलेश के यहाँ ख़ास रंग के जीवन्त, हँसमुख और शरारती गद्य के ज़रिए सत्य को ढूँढ़ा, परखा, प्रकट किया गया है। और, इस अर्थ में तो अखिलेश की भाषा का मिज़ाज अभिनव है कि वह एक तरफ़ व्यंग्य-विनोद की छटा बिखेरती है तो दूसरी तरफ़ करुणा की अन्तःसलिला भी प्रवाहित करती है। शायद इसी वजह से ‘शापग्रस्त’ की कहानियाँ ग़ज़ब की वाग्विदग्ध होने के बावजूद अपने परिणाम में हमें बेचैन, उदास और आन्दोलित करती हैं।
ऐसी उम्मीद की जानी चाहिए कि अखिलेश का यह संग्रह लम्बे समय तक हलचल पैदा करता रहेगा।
Paanch Kahaniyan : Stree-Drishti
- Author Name:
Anamika
- Book Type:

- Description: किताब यूपीपीएससी के नवीन पाठ्यक्रम पर आधारित पहली किताब है। हिन्दी साहित्य, वैकल्पिक विषय में लगाई गईं 5 कहानियाँ (‘माँ’, ‘आकाशदीप’, ‘रोज़’, ‘वापसी’, ‘जहाँ लक्ष्मी क़ैद है’) प्रत्येक छात्र को अनिवार्य रूप से पढ़नी हैं। पुस्तक में पाँचों कहानियों का मूल पाठ लेखक परिचय के साथ संकलित है। साथ ही प्रख्यात लेखिका डॉ. अनामिका द्वारा प्रत्येक कहानी पर लिखा गया व्याख्यात्मक आलेख प्रश्नों को हल करने में सहायक होगा। लेख पढ़कर छात्र न केवल कहानी की व्याख्या कर सकेंगे, बल्कि कहानी आधारित प्रश्नों को आसानी से हल भी कर सकेंग
Upniveshvad Ka Samana
- Author Name:
S. Irfan Habib
- Book Type:

- Description: ‘उपनिवेशवाद का सामना’ लेखों का एक संकलन है जिसे प्रोफ़ेसर इरफ़ान हबीब ने सम्पादित किया है, जिसके लिए उन्होंने विशेष रूप से एक भूमिका भी लिखी है। यह संकलन 1798 में अंग्रेज़ी फ़ौजों से लड़ते हुए टीपू सुलतान की शहादत की दूसरी शताब्दी पर सुलतान को दी गई एक श्रद्धांजलि है। हैदर अली और टीपू सुलतान के शासनकाल में मैसूर के इतिहास पर लिखे गए इन लेखों में वे लेख शामिल हैं जो 1935 में सामान्यत: भारतीय इतिहास कांग्रेस के वार्षिक सत्रों में प्रस्तुत किए गए थे : कुछ लेख ऐसे भी हैं जो विभिन्न पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। ये लेख उन दो शासकों की स्मृति को सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर ज़ोर देते हैं जो उपनिवेशी शासन के घोर विरोधी थे। ये लेख हमें याद दिलाते हैं कि हमारे राष्ट्रवादी इतिहासकारों ने हमारे अतीत को जिस तरह से समझा था उसमें हैदर अली और टीपू सुलतान को सम्मान का स्थान प्राप्त है। इन सुलतानों के योगदान को महत्त्वहीन बतानेवाली एक समकालीन प्रवृत्ति के विरोध में ये लेख विशेष रूप से प्रासंगिक दिखाई पड़ते हैं।
Meri Didi
- Author Name:
Oka Shuzo
- Book Type:

-
Description:
जापान के सुप्रसिद्ध साहित्यकार ओका शूज़ो की पुस्तक ‘मेरी दीदी’ और ‘वाशिंगटन पोस्टमार्च’ का हिन्दी अनुवाद मानसिक और शारीरिक रूप से अविकसित बच्चों के सामाजिक परिवेश का एक संवेदनशील संग्रह है जिसे डॉ. उनीता सच्चिदानन्द और जापान की योशिको ओकागुची ने मिलकर सम्पन्न किया है। दो भागों में प्रकाशित इस कथा-संग्रह में
मानसिक रूप से कमज़ोर बच्चों की सहज इच्छाओं और अनुभूतियों का संवेदनशील चित्रण है।
‘मेरी दीदी’ और ‘वाशिंगटन पोस्टमार्च’ पर फ़िल्म भी बन चुकी है।
Dekhan Mein Chhote Lage
- Author Name:
Champa Shrivastava
- Book Type:

-
Description:
प्रस्तुत पुस्तक ‘देखन में छोटे लगें' 101 लघुकथाओं का संकलन है। लघुकथा हिन्दी कथा साहित्य की एक नई उपलब्धि है। यों इस विधा को नीतिकथा, प्रबोधकथा, बालकथा आदि से जोड़ा गया है, परन्तु यह हिन्दी की एक स्वायत्त विधा है। इसमें लेखिका ने अपने आँखों देखे सत्य को और भोगे हुए यथार्थ को अभिव्यक्ति दी है।
इस कृति का फलक बड़ा व्यापक है। वर्तमान समाज के प्राय: प्रत्येक पक्ष पर इसमें विचार किया गया है। लेखिका ने आज की अमानुषिकता पर अपनी मनोव्यथा व्यक्त की है, राजनीतिक विसंगतियों के प्रति आक्रोश व्यक्त किया है तो दीनों—दुर्बलों के प्रति करुणा को स्वर दिया है। प्रस्तुत कथा-संकलन पाठकों के लिए पठनीय एवं संग्रहणीय है।
Andhe Mod Se Aage
- Author Name:
Rajee Seth
- Book Type:

-
Description:
मानवीय सम्बन्धों के द्वन्द्व और अन्तर्द्वन्द्व की आन्तरिक विकलता, मंथर प्रवाह और गहराई; कथ्य-चयन में संकेन्द्रण, शिल्प रचने में धीरज, कृति की सधी हुई काठी—बेहद कमसिन, लचीली मगर भीतर से मज़बूत इरादे की तरह राजी की विशेषताएँ हैं। ऐसे रचना-गुण कुछ अलग संयोजनों में अन्य लेखकों में भी कमोबेश मिल जाएँगे परन्तु इन्हें एक अलग स्पर्श और लावण्य देती है राजी की ‘स्त्री’ जो वहाँ सिर्फ़ संवेदन में ही नहीं, जैविक पदार्थता में भी है। पुरुष-स्पर्द्धी आधुनिक स्त्री की तरह राजी अपने लेखन में न तो स्त्री होने से इनकार करती हैं और न उसे नष्ट करती हैं, बल्कि अपने नैसर्गिक रूप में उसकी शक्ति और सम्भावना, उसके सत्य और अनुभव, उसकी नियति और उत्कटता का वह सृजनात्मक उपयोग करती हैं। स्त्री होने को स्वीकारते हुए, राजी के लेखक ने इस स्वीकार के भीतर जितने इनकार रचे हैं, यथास्थिति में जितने हस्तक्षेप किए हैं, उसे उनकी आधुनिक पहचान के लिए देखना ज़रूरी है। राजी ने स्त्री के भीतर पराजित पुरुष को; बल्कि व्यवस्था को, जितनी भंगिमाओं में उकेरा है और अपनी विंध्यात्मक दृष्टि से जो मूल्यवत्ता अर्जित की है, उससे नए-नए सृष्ट्यर्थ प्रकट हुए हैं। वे ऐसी महिलावादी नहीं हैं जिन्हें पुरुष नकारात्मक उपस्थिति लगता है, वे स्त्री की खोट भी पहचानने की कोशिश करती हैं और भरसक निरपेक्ष बनी रहकर अधिक विश्वसनीय होती हैं। वे बार-बार इस प्रश्न से जूझती हैं कि क्या समाज आधुनिकता के नाम पर जारी विघटनों और विद्रूपों के सहारे ज़िन्दा रह सकेगा। अपने को देखता हुआ लेखक इसका साभिप्राय और सचेष्ट उपयोग कर सके तो वह व्यक्तित्व को विशिष्टता देता है और रचना को विरलता। राजी इसी वास्ते धारा में भी अलग हैं। अपनी पहचान आप। राजी की कहानियाँ हिन्दी जगत में एक अलग जगह की अधिकारी हैं और अलग ढंग से बात करने की ज़रूरत महसूस कराती हैं।
—प्रभाकर क्षोत्रिय
Nachti Akritiyan : Sherlock Holmes ke Jasoosi Karnamein
- Author Name:
Sir Arthur Conan Doyle
- Book Type:

-
Description:
शरलॉक होम्स ब्रिटिश लेखक सर आर्थर कॉनन डायल का काल्पनिक चरित्र है, लेकिन लोकप्रियता के मामले में वह अपने रचयिता से कहीं ज़्यादा प्रसिद्ध है। वर्ष 1887 में अपनी पहली जासूसी कहानी ‘ग्लोरिया स्कॉट’ में डायल ने उसे पहली बार काग़ज़ पर उतारा और फिर वह उनके चार उपन्यासों तथा छप्पन कहानियों में अपराधों की गुत्थियाँ सुलझाता रहा।
अनेक फ़िल्मों और धारावाहिकों का विषय बन चुके शरलॉक होम्स की विशेषता है–जासूसी को लेकर उसका सहजबोध और आपराधिक रहस्यों को खोलने के प्रति उसकी मानवीय सदिच्छा। उसकी तार्किक बुद्धि देर-सबेर अपराधी के दिमाग़ की कार्यशैली को समझ जाती है, और फिर उसे किसी भी मामले को सुलझाने में समय नहीं लगता। उसकी चतुराई, हाज़िरजवाब और मानव-व्यवहार को समझने की क्षमता उसे एक आकर्षक व्यक्तित्व प्रदान करती है।
Ek Dhani Vayakti Ka Bayan
- Author Name:
Amarkant
- Book Type:

-
Description:
अमरकान्त के पात्र क्षुद्रता, स्वार्थ और मजबूरियों से भरी दुनिया से आते हैं। वे अपनी स्वाभाविक जिजीविषा, बुनियादी अच्छाई और किसी न किसी तरह टिके रहने के लिए किए जानेवाले दाँव-पेचों से गुज़रते हुए अपनी निगाह में कामयाब होने के लिए जूझते हैं। और ये पात्र उसी तिनके के सहारे पार उतरने की कोशिश करने लगते हैं। वे हर जगह हर परिस्थिति में ख़ुद को एक कसौटी पर कसते हैं और फिर अपने ख़िलाफ़ माहौल पाते ही दूसरी कसौटी पर स्वयं को आजमाने लगते हैं।
‘एक धनी व्यक्ति का बयान’ अमरकान्त की दस नई कहानियों का पठनीय संकलन है।
अमरकान्त के विख्यात शिल्प से रची गई इन कहानियों में व्यंग्य की अन्तर्धारा है जो कैरियर बनाने के लिए की जानेवाली मिजाजपुर्सी से लेकर क्रान्तिकारी उजबकपन की आलोचना करती चलती है। इस तरह ‘एक धनी व्यक्ति का बयान’ मध्यवर्गीय बिचौलिए और आकांक्षाओं का बयान बन जाता है।
Athala
- Author Name:
Jayanti Naik +1
- Book Type:

- Description: awaited
Vairagya
- Author Name:
Geetanjali Shree
- Book Type:

- Description: नई व पुरानी कहानियों का यह संकलन गीतांजलि श्री की लगभग एक दशक की साहित्यिक यात्रा का परिचय देता है। इसमें वैविध्य है विषय का, अन्दाज़ का। प्रयोग है शिल्प का, भाषा का। और हमेशा ही एक सृजनात्मक साहस है कि यथातथ्यता—‘लिटरैलिटी’—को लाँघते हुए पथ, दृश्य, अनुभव, ज़मीन तलाशें। अलग-अलग बिन्दुओं की टोह लेने की लालसा में नतीजा फटाफट समझाने की कोई हड़बड़ी नहीं। कहीं हमारी जटिल आधुनिकता के आयाम हैं, कहीं मानव-सम्बन्धों की अनुभूतियाँ। कहानियाँ हमारे शाश्वत मुद्दों पर भी हैं—मृत्युबोध, जीवन की आस, आत्मीयता की चाह-पर ताज़ी संवेदना से भरपूर। कभी ‘नज़र’ में हास्य है, कभी फ़लसफ़ाना दुःख। भाषा की ध्वनियाँ ऐसी हैं कि शायद बहुतों को यहाँ कविता का रस भी मिलेगा। साहित्य-प्रेमियों के लिए एक सार्थक प्रयास।
Hanukiah Ari Hogada Deepa 1939-2015
- Author Name:
Vittal Shenoy
- Book Type:

- Description: DESCRIPTION AWAITED
Ghuspaithiye
- Author Name:
Omprakash Valmiki
- Book Type:

-
Description:
ओमप्रकाश वाल्मीकि के इस संग्रह की तमाम कहानियाँ दलित सन्दर्भों से जुड़ी हुई हैं। यह दलित जीवन का यथार्थ है जिसे कहानीकार ने इन कहानियों में निहायत ही संजीदगी से, यथार्थ के प्रति वस्तुनिष्ठ रहते हुए, कहानी के रचना-विधान की संगति में दृष्टिकोण के समूचे खुलेपन के साथ चित्रित किया है। ये बेधक और मार्मिक कहानियाँ हैं।
व्यवस्था के प्रति गहरा आक्रोश, कथा-विन्यास के अनुरूप तर्क और विचार, अनुभवजन्य ये कहानियाँ दलितों के सुख-दुःख, उनकी मुखरता और संघर्ष की कहानियाँ हैं।
वस्तुगत यथार्थ की संगति में जिस रचनात्मक कौशल के साथ इन कहानियों को ओमप्रकाश वाल्मीकि इस बिन्दु तक लाए हैं, वह उनके कहानीकार की ताक़त का साक्ष्य है। इन कहानियों में दलित और स्त्री की पीड़ाएँ मिलकर एक हो गई हैं। ओमप्रकाश वाल्मीकि में विवश, आन्तरिक घृणा का यह विस्फोट सृजनात्मक ऊर्जा का स्रोत है।
ये कहानियाँ सिर्फ़ दलित लेखन के दायरे की ही कहानियाँ नहीं हैं, बल्कि उनमें उनकी रचना-सामर्थ्य और उनकी सोच के जो पहलू उभरे हैं, वे उन्हें हिन्दी की यथार्थवादी कहानी की परम्परा का कहानीकार सिद्ध करते हैं।
ओमप्रकाश वाल्मीकि कहानी के शिल्प, अन्तर्वस्तु, सौन्दर्य तथा पाठक पर उसके समग्र प्रभाव का ध्यान रखनेवाले रचनाकार हैं।
Histiriya
- Author Name:
Savita Pathak
- Book Type:

-
Description:
सविता पाठक के इस पहले कहानी संग्रह 'हिस्टीरिया' की सबसे अहम खासियत यह है कि इसमें स्त्रियों के विषय में फैलाए गए भ्रमों और मिथकों पर प्रहार किया गया है। लेखिका ने बहुत सोच-समझ कर थीम उठाई है। चाहे वह शीर्षक कथा 'हिस्टीरिया' हो अथवा 'अरजा तुम्हारी कौन है', 'गूलर का फूल' या 'अकेले ही'। सविता की एक और खासियत यह है कि उनके रचना-संसार में गाँव और शहर दोनों के चलचित्र हैं। खेत-खलिहान, तरु-पादप की छटाओं से लेकर अकेली लड़कियों के खजुराहो भ्रमण तक सब कुछ यहाँ अपने गतिशील स्वरूप में साँस लेता है।
ये कहानियाँ अपने लिए जरूरी रसायन स्मृतियों से जुटाती हैं। ये पाठकों की स्मृतियों का हिस्सा बनकर उन्हें दोबारा उस दुनिया में ले जाती हैं जिस पर तब उनका ध्यान जाना शायद इस तरह से सम्भव न हो सका हो। यहाँ पर स्त्रियों के दुख इतने सघन और दृश्यवान हैं कि इनके चरित्र अपनी कहानी खुद कहने लगते हैं।
अतिलेखन और अतिकथन के इस वाचाल समय में सविता पाठक की इन कहानियों का समुचित स्वागत होगा, शुभकामनाएँ।
—ममता कालिया
Mujhe Papa La Do
- Author Name:
Kishan Lal Sharma
- Book Type:

- Description: किशन लाल शर्मा की लघु कहानियों का संग्रह। यहाँ 25 कहानियाँ संकलित हैं।मध्यमवर्गीय समाज के छुए - अनछुवे पहलुओं से गुज़रती कहानियाँ।
Behtar Hai Mera Khomcha
- Author Name:
Sumitra Sharma
- Book Type:

- Description: This book has no description
Customer Reviews
Be the first to write a review...
4 out of 5
Book