Prapti
Author:
Rajendra Prasad Mishra., Paramita SatpathyPublisher:
Sahitya AkademiLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections0 Ratings
Price: ₹ 190.9
₹
230
Available
Hindi translation of award winning Odia short story collection Prapti of Paramita Satpathy by Rajendra prasad Mishra.
ISBN: 9789390310470
Pages: 242
Avg Reading Time: 8 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Kannadada Muvattu Kathegalu
- Author Name:
Krishnamurthy Hanur +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: discriptation awaited
Naye Daur Ki Prerak Kahaniyan
- Author Name:
Jps Jolly
- Book Type:

- Description: आज की इस प्रतिस्पर्धात्मक जिंदगी में स्वयं को जमाने से आगे रखने के लिए ज्ञान के साथ-साथ मानसिक बदलाव की भी आवशकता होती है। जो व्यक्ति ऐसा नहीं कर पाते, वो हर क्षेत्र में धीरे-धीरे पिछड़ने लगते हैं। ऐसे में प्रश्न यह उठता है कि जीवन में उत्साह बढ़ाने और जीत हासिल करने के लिए अपनी कार्यशैली में किस प्रकार से परिवर्तन लाया जाए, असल में हमारी जिंदगी की चाल भी नदी की तरह होती है। उसे भी कभी सीधा, कभी टेढ़ा, कभी ऊपर और कभी नीचे गिरना पड़ता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए इस पुस्तक में नए दौर की प्रेरक, ज्ञानवर्धक और मनोरंजक कहानियों का एक ऐसा सग्रंह तैयार किया गया है, जिससे आपको शानदार पैगाम मिलेंगे। साथ ही बदलाव की रौशन लौ आपके हौसलों को बुलंद करने के साथ लक्ष्य प्राप्ति में सहायक होगी। जैसे ही आप इस पुस्तक की कुछ कहानियाँ पढ़ना शुरू करेंगे आप को कुछ ही दिनों में यह अनुभव होने लगेगा कि आपके जीवन में जादुई करिश्मे होने लगे हैं। इतना सा प्रयोग करते ही आपको यह अनुभूति होने लगेगी कि आपके पास वो हुनर आ गया है, जिससे आप हर वो कार्य भी आसानी से कर सकते हैं, जो कल तक असभंव लगते थे। जौली अंकल द्वारा लिखी हुई नए दौर की प्रेरक कहानियों को करीब से समझते ही एक ओर जहाँ आपका हर ख्वाब हकीकत बनने लगेगा, वहीं आपका सारा जीवन उत्साह, उमंग और तरंग से भर जाएगा।
Pahad Katha
- Author Name:
Dinesh Pathak
- Book Type:

- Description: Collection of Hindi Short Stories
Maine Chand Tare To Nahin Mange The
- Author Name:
Neelima Singh
- Book Type:

-
Description:
इस संकलन की कहानियाँ नारी के उस मनोजगत को अभिव्यक्त करती हैं जिसमें बदलाव की एक प्रक्रिया निरन्तर चल रही है और अपने निर्णय ख़ुद लेने की दिशा में बढ़ती हुई वह यह भी साबित कर रही है कि स्त्रियाँ केवल भावनाओं और संवेदनाओं की प्रतिमूर्ति ही नहीं होतीं, वे समाज में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाने में समर्थ हैं। लेखिका ने बिना बड़बोले नारी-विमर्श और नारी सशक्तीकरण के शोर-शराबे के इन कहानियों को मानवीय संवेदनाओं के धरातल पर उस सामाजिकता के साथ सम्भव किया है जो हमारे समकालीन समाज की पहचान है। इसी वजह से ये कहानियाँ सहज, स्वाभाविक बनकर सर्वग्राही हो सकी हैं।
पुरुषप्रधान समाज द्वारा स्थापित पूजनीयता और दैवीयता जैसी धारणाओं की लक्ष्मण रेखाओं को उलाँघकर आज की नारी एक व्यावहारिक इकाई के रूप में उभरकर आ रही है। थोपी गई पवित्रता के नाम पर आज वह पुनर्विवाह के लिए भी किसी का मुँह नहीं देखती। इन कहानियों के आईने से अपने समाज को देखें तो पता चलता है कि मैथिलीशरण गुप्त की पंक्ति ‘आँचल में है दूध और आँखों में पानी’ की नारी-मूर्ति अब ज़्यादा अर्थ नहीं रखती। ये स्त्रियाँ अपने पुत्रों के समक्ष अपने द्वारा किए गए त्याग और दी गई ममता का प्रत्युत्तर भी माँगती हैं। नारी जगत को एक नए दृष्टिकोण के साथ अभिव्यक्त करने वाली ये कहानियाँ पाठक को आरम्भ से अन्त तक बाँधे रखने की क्षमता से लैस हैं।
Ek Dhani Vayakti Ka Bayan
- Author Name:
Amarkant
- Book Type:

-
Description:
अमरकान्त के पात्र क्षुद्रता, स्वार्थ और मजबूरियों से भरी दुनिया से आते हैं। वे अपनी स्वाभाविक जिजीविषा, बुनियादी अच्छाई और किसी न किसी तरह टिके रहने के लिए किए जानेवाले दाँव-पेचों से गुज़रते हुए अपनी निगाह में कामयाब होने के लिए जूझते हैं। और ये पात्र उसी तिनके के सहारे पार उतरने की कोशिश करने लगते हैं। वे हर जगह हर परिस्थिति में ख़ुद को एक कसौटी पर कसते हैं और फिर अपने ख़िलाफ़ माहौल पाते ही दूसरी कसौटी पर स्वयं को आजमाने लगते हैं।
‘एक धनी व्यक्ति का बयान’ अमरकान्त की दस नई कहानियों का पठनीय संकलन है।
अमरकान्त के विख्यात शिल्प से रची गई इन कहानियों में व्यंग्य की अन्तर्धारा है जो कैरियर बनाने के लिए की जानेवाली मिजाजपुर्सी से लेकर क्रान्तिकारी उजबकपन की आलोचना करती चलती है। इस तरह ‘एक धनी व्यक्ति का बयान’ मध्यवर्गीय बिचौलिए और आकांक्षाओं का बयान बन जाता है।
Meh Ki Saundh
- Author Name:
Sweta Parmar "Nikki"
- Book Type:

- Description: ‘मेह की सौंध’ उन कहानियों का संकलन है, जो कथाकार स्वेता परमार ‘निक्की’ द्वारा वर्षों से लिखी गई कहानियों के संग्रह से चुनी गई हैं। इन कहानियों को पाठकवृंद अपनी जिंदगी से भी जोड़कर देख सकते हैं, क्योंकि लेखिका ने इन्हें अपने संपूर्ण दिल की भावनाओं से ओतप्रोत हो, आत्मा से शब्दों में बाँधा है। लेखिका का मानना है कि हमें हमेशा एक बात पर यकीन रखना चाहिए कि जिंदगी में वक्त कब, कहाँ, कैसे, कौन सी करवट ले, यह कोई नहीं जानता; पर कभी उम्मीद का दामन नहीं छोड़ना चाहिए, साथ नहीं छोड़ना चाहिए। तभी हमारे सपने एवं सोच साकार होते नजर आएँगे। बस जरूरत है एक साथ की, चाहे वह हमारी अपनी परछाई ही क्यों न हो! लघुकथाओं का संग्रह ‘मेह की सौंध’ अपनी अलग-अलग कथावस्तु के चलते पाठकों को नई ताजगी का एहसास कराएगा, पाठकों के हृदय में स्थान बनाएगा, ऐसा हमारा विश्वास है।
Titli Dhoop
- Author Name:
Bhalchandra Joshi
- Book Type:

-
Description:
‘तितली धूप’ संग्रह की कहानियों में ऐसी स्मृतियाँ और अनभिव विन्यस्त हैं जिनमें खिले हुए रंगीन फूलों की खुशबू और उन्माद है तो खुले घाव से रिसते दर्द की कसक भी है।
एक सघन-समृद्ध भाषा जीवन यथार्थ की तमाम संश्लिष्टता और सिलवटों से अविच्छिन्न नाता बनाए रखती है। अमूर्तन और यथार्थ का दुर्लभ संतुलन इन कहानियों में ऐसे दृश्य रचता है जो पाठक को सुखद विस्मय से भर देता है।
इस संग्रह में ग्रामीण और आदिवासी जीवन की कहानियाँ भी हैं जिनमें दुख, शोषण, गरीबी और बर्बर होते समय की यथार्थ और पारदर्शी छवियाँ हैं। साथ ही भूमंडलीकरण के उत्तर समय के आतंक और सूचना-तकनीक की धूर्त प्रविधियों को कहानी की घटनात्मकता में जीवन मूल्यों की चुनौती की तरह प्रस्तुत किया गया है।
इन कहानियों में मनुष्य की गरिमा और उसकी करुणा का संसार है जो इसके विनाश में लाभ का अवसर देखने वाले कारक आशयों तक ले जाकर उनके लिए घृणा का प्रति संसार भी रचती हैं। बाजार की बदनीयती को समझने के बावजूद व्यक्ति अपने ज्ञान के अकेलेपन के साथ रहने को अभिशप्त है। इन कहानियों में लोभ-मग्न होते जा रहे इस उत्तर आधुनिक समय में व्यक्ति की जकड़न की यंत्रणा और मुक्ति की इच्छा, दोनों मौजूद हैं। यहाँ मनुष्य के गरिमापूर्ण सुखद जीवन की दृढ़ लेकिन सरल माँग है।
ये कहानियाँ संघर्ष और आवेश को उस संयम और धैर्य के साथ प्रस्तुत करती हैं जो आशयों और सरोकारों के लिए जरूरी है।
Sookhi Ret
- Author Name:
Zilani Bano
- Book Type:

-
Description:
जीलानी बानो के उपन्यासों और कहानियों से आज के समय के बदलते जीवन–मूल्यों और सामाजिक अन्तर्विरोधों की जो तस्वीर बनती है, वह बहुत संजीदा तो है ही साथ ही पूरी तरह दोमुँही सोच की असलियत को बेपर्दा करते हुए समाज और जीवन से तआल्लुक़ रखनेवाली हर चीज़ को अपने में शामिल करती चलती है।
‘सूखी रेत’ की कहानियाँ स्त्री–जीवन के उस मरुस्थल को भी प्रतिबिम्बित करती हैं, जो सदियों से विस्तारित होता चला आया है और उसकी तपिश और ख़लिश से वह न तो उकताती है और न ही हार मानती है। नारी का यही अन्तर्विरोध एक प्रतिकार बनने से कैसे, कहाँ चूक जाता है, इसी मसले की दास्ताँ है ‘सूखी रेत’, जहाँ ढेर सारे बहलावे हैं और ख़ूब सारे सपने, जो पूरी तरह मृग–मरीचिका बन जाते हैं। वह हमेशा इत्मीनान करती है कि अब पानी पास ही है, वहाँ तक पहुँचने की जद्दोजहद और फिर प्यासे रह जाने की तड़प। लेकिन जीलानी बानो की कहानियों के नारी–पात्र बार–बार प्यासे रह जाने और अपनी तकमील की तलाश के नाकाम हो जाने को अपनी क़िस्मत नहीं मानते, वे सब न तो छिछला विद्रोह करते हैं और न ही अपनी गरिमा से च्युत होते हैं; बस वे सुलग रहे हैं भीतर ही भीतर। इस रेगिस्तान से निकलने की मुकम्मल राह तलाशते हुए।
एक उल्लेखनीय और महत्त्वपूर्ण कथा-संग्रह।
Tales Told by Mystics
- Author Name:
Manoj Das
- Rating:
- Book Type:

- Description: Tales Told by Mystics is a collection of Mystic tales retold by Manoj Das. A significant branch of India's vast literary heritage consists of tales told by mistake through the ages, different from myths and legends. Though taken for granted as a part of our folklore and rarely discussed, their influence on the minds of generations of common people has been only next to that of the epics. Sometimes they hit the nail on the head, sometimes they shock and sometimes they make one laugh at oneself, but they invariably in enrich one's mind by identifying the complex and intriguing forces psychological and occult, at work in our lives. This collection probably the first ever of its kind of a full 100 tales called from sages is known and unknown through decades of a sustained interest by its present author, should prove as revealing as they have proved for centuries past.
Rafu Wali Saree
- Author Name:
Dakshineshwar Rai Renu
- Book Type:

- Description: ग्रामीण, क़स्बाई और शहरी जीवन के सुख-दुख की ये कहानियाँ अपने भाषिक प्रवाह के लिए ख़ासतौर पर प्रभावित करती हैं। कहीं छोटे और कहीं बड़े अपने कलेवर में जीवन का एक सम्पूर्ण चित्र सम्भव करती हुईं ये कहानियाँ देर तक हमारी स्मृति में बनी रहती हैं। शीर्षक कथा ‘रफू वाली साड़ी’ के अलावा ‘एक टुकड़ा प्रेम’, ‘किस्मत का खेल’, ‘भला कीजिए भला होगा’, ‘मोहिनी’, ‘पिता’ और ‘भला-बुरा’ आदि संग्रह की लगभग सभी कहानियाँ निम्न तथा मध्यवर्गीय भारतीय जीवन के किसी न किसी महत्त्वपूर्ण पहलू को उजागर करती हैं। यह कथाकार का कौशल है कि अपनी कहानी के फ़्रेम में वे मनुष्य-जीवन के कई पहलुओं को एक साथ रेखांकित करते हुए चलते हैं। ‘चुनावी यात्रा’ शीर्षक कहानी इसका अच्छा उदाहरण है जिसमें आम जन-जीवन से जुड़ी कितनी ही समस्याओं को छूते हुए कथाकार बेरोजगारी, किसानों की बदहाली, काम के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में पलायन की विडम्बना को दिखाते हुए नई पीढ़ी में राजनीतिक सजगता के अभाव की ओर भी इशारा करती है। एक पठनीय कथा-संग्रह|
Barsane ki Radha
- Author Name:
Nalin Vilochan Sharma
- Book Type:

- Description: नलिन विलोचन शर्मा की 13 कहानियों का संग्रह
Kuchh Bhi To Rumani Nahi
- Author Name:
Manisha Kulshreshtha
- Book Type:

- Description: Short Stories
Uske Hisse Ka Jadoo
- Author Name:
Priyadarshan
- Book Type:

-
Description:
प्रियदर्शन की कहानियों में रिश्तों का एक अनवरत खेल दिखाई पड़ता है—अनजाने लोग एक-दूसरे के क़रीब आ जाते हैं, अकेले लोग एक-दूसरे का सहारा बन जाते हैं। लेकिन ये कहानियाँ सदाशयी मनुष्यता की नीतिकथाएँ नहीं हैं, इनमें हमारे जटिल समय के घात-प्रतिघात से बन रही अनेकरैखिक विडम्बनाएँ दिखाई पड़ती हैं जिनमें इनसान कुछ खो रहा है, कुछ खोज रहा है। इन कहानियों में कहीं अपनी खो चुकी माँ को खोजती बेटी है, कहीं अपने बेटे को पहचानने की कोशिश करता एक पिता है। कहीं प्रेम है जो अनकहा रह जाता है तो कहीं टूटन है जो अनपहचानी रह जाती है। कहीं कोई पुरानी कसक सिर उठाती है तो कहीं कोई नई पीड़ा रास्ता खोजती है। कहीं आत्मीयता हाथ पकड़ती है तो कहीं अजनबीयत सहारा बनती है। लेकिन ये कुछ चरित्रों के निजी अवसाद या प्रेम या उनकी टूटन की कहानियाँ नहीं हैं, इनमें हमारा वह समय और समाज भी पढ़ा जा सकता है जो हाल के वर्षों में इतनी तेज़ी से बदला है कि उससे तुक-ताल बिठाने की कोशिश में हमारी चूलें उखड़ती लग रही हैं। इन कहानियों में वे राजनीतिक विद्रूप भी दिखते हैं जिन्होंने हमारे समाज को ज़ख़्मी किया है और वह इनसानी हक़ीक़त भी जो ऐसे ज़ख़्मों के लिए मलहम का काम करती है।
भाषा इन कहानियों की जान है—बेहद पारदर्शी और तरल, चरित्रों की गहन पड़ताल के बीच बनती हुई। यह एक आधुनिक भाषा है जिसमें बोलचाल की सहजता भी है और लालित्य का संस्कार भी। अपनी सीमाओं की पहचान भी और इन सीमाओं के पार जाने की शक्ति भी। दरअसल जीवन की बेहद मामूली और आम तौर पर अनदेखी रह जानेवाली घटनाओं के बीच बनती ये कहानियाँ पाठक को सिर्फ़ बाँधती ही नहीं, अपने साथ जोड़ती भी हैं—यह अनायास नहीं है कि वह इन कहानियों में अपनी कहानी खोजने लगता है।
Lunar Soil
- Author Name:
Shiraz Husain
- Rating:
- Book Type:

- Description: शिराज़ हुसैन की खासियत यह है कि उनको अपने अनुभव जगत का एक एक दृश्य और आवाज़ ऐसे याद है जैसे कल ही की बात हो। लूनर स्वाइल की कहानियों की बुनाई इन्हीं से हुई है। ये कहानियाँ पुरानी दिल्ली की बाशिन्दा हैं। इनका समय शिराज़ का बचपन है। इनमें ऐसा चुटीलापन और व्यंग्य है कि पढ़ते समय होंठों पर मुस्कराहट आए बिना नहीं रहती। शिराज़ गिटार बजाते हैं, अच्छी फिल्में देखते हैं और चित्र भी बनाते हैं। इन रोशन चीज़ों के असर से उनका लेखन भी जगमगाता हुआ है। Age 12+
Pahad Katha 2
- Author Name:
Dinesh Pathak
- Book Type:

- Description: Collection of Short Stories
Tang Galiyon se bhi Dikhta Hai Akash
- Author Name:
Yadvendra
- Book Type:

- Description: मेरा मानना है कि हिंदी में ही नहीं बल्कि भारतीय भाषाओं में अब तक अनूदित कहानियों के जितने संकलन हैं उनमें यह किताब इसलिए विशिष्ट है क्योंकि पहली बार छह महादेशों के 25 देशों की 27 स्त्री कहानीकारों की कहानियां इसमें शामिल हैं। दुनिया का कोई प्रश्न ऐसा नहीं है जो इसमें शामिल न किया गया हो। —प्रो. रविभूषण
Uska Yauvan
- Author Name:
Mamta Kaliya
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत कहानी-संग्रह ‘उसका यौवन’ में ममता कालिया की स्मृति की अनेक घटनाएँ, स्वप्न, दु:स्वप्न, अनुराग-विराग और आशंकाएँ समाई हैं। इस कहानी-संग्रह में ‘उसका यौवन’, ‘नई दुनिया’, ‘अपने शहर की बत्तियाँ’, ‘आहार’, ‘पचीस साल की लड़की’, ‘राजू?’ ‘मनहूसाबी’, ‘मुहब्बत से खिलाइए’, ‘अट्ठावनवाँ साल’, ‘मनोविज्ञान’, ‘आलमारी’, ‘बिटिया’, ‘दर्पण’ कहानियाँ संगृहीत हैं। इस संग्रह की विचारोत्तेजक कहानियाँ पठनीय और संग्रहणीय हैं।
Pratinidhi Kahaniyan : Sanjeev
- Author Name:
Sanjeev
- Book Type:

- Description: संजीव ऐसे अकेले हिन्दी कथाकार हैं जो अपने कथानकों में तथ्यात्मक ‘एक्यूरेसी’ पर किसी समाजशास्त्री की तरह ध्यान देते हैं, उनके लिए शोध करते हैं और उन्हें पात्रों के जीवन्त अनुभव का हिस्सा बनाकर कहानी में लाते हैं। महत्त्वपूर्ण यह कि इस प्रक्रिया में न कहीं उनकी भाषा डगमगाती है, न ही कहानी का खाका असन्तुलित होता है। उनकी कहानियों को पढ़ना जैसे एक सचमुच के समाज को सीधे-सीधे देखना है, उसके प्रामाणिक स्वरूप में। उसकी सामाजिक-राजनीतिक तमाम प्रक्रियाओं के साथ। प्रामाणिकता उनकी विशेषता है जो उनकी भाषा में भी दिखाई देती है। देशज और आंचलिक भाषाओं के शब्दों, वाक्यों का प्रयोग करते हुए भी वे उतने ही सजग रहते हैं जितने कथा-परिवेश से सम्बन्धित अन्य कारकों को कहानी में अंकित करते हुए। उनके अनुभव संसार की परिधि भी आश्चर्यजनक हद तक व्यापक रही है जिसे वे मनुष्यता के गहरे सरोकारों से एक रचनात्मक अन्विति देते हैं। उनके यहाँ न कहीं बिखराव है, न भटकाव, न विचार के स्तर पर, न ही शिल्प के स्तर पर। उनकी कहानियों को केवल रसास्वाद के लिए नहीं, एक अध्ययन की तरह पढ़ा जाता है जिनसे हमारी संवेदनात्मक गहराई के साथ-साथ हमारा ज्ञानात्मक वलय भी विस्तृत होता है।
Jalti Jhadi
- Author Name:
Nirmal Verma
- Book Type:

-
Description:
नामवर सिंह के शब्दों में ‘...निर्मल ने यथार्थ की सीमा पार करने की कोशिश की है। उन्होंने तात्कालिक वर्तमान का अतिक्रमण करना चाहा है, कहानी-कला के दायरे से भी बाहर निकलने की कोशिश की है। यहाँ तक कि शब्द की अभेद्य दीवार को लाँघकर शब्द के पहले के ‘मौन जगत’ में प्रवेश करने का भी प्रयत्न किया है।’
मनुष्य के भीतर अवस्थित इस मौन को पकड़ने का प्रयास बार-बार निर्मल जी की कहानियों में दिखाई देता है जिसे वे जीवन के बीचोबीच ही सम्भव करते हैं। जीवन के भावनात्मक जोख़िम से भरे इलाक़ों में मनुष्य की सघन और सूक्ष्म अनुभूतियों को प्रकाशित करनेवाली इस संग्रह की कहानियाँ अकेलेपन, अवसाद, अजनबीयत और आधुनिक जीवन की विडम्बनाओं का अन्वेषण दुर्लभ चित्रात्मकता और प्रामाणिकता के साथ करती हैं।
सन् 1965 में पहली बार प्रकाशित इस संग्रह की ज़्यादातर कहानियाँ यूरोप की पृष्ठभूमि में लिखी गई हैं जिनमें ‘लन्दन की एक रात’, ‘अन्तर’ और ‘जलती झाड़ी’ जैसी प्रसिद्ध कहानियाँ भी शामिल हैं।
इसी संग्रह में ‘माया दर्पण’ शीर्षक कहानी भी है जिस पर समानान्तर सिनेमा के चर्चित निर्देशक कुमार शाहनी ने इसी नाम से फ़िल्म बनाई थी जिसे 1973 में सर्वश्रेष्ठ हिन्दी फ़िल्म पुरस्कार प्राप्त हुआ था।
Ek Mutthi Ret
- Author Name:
Veena Sinha
- Book Type:

- Description: वीणा सिन्हा की कहानियों में स्त्री-लेखन की पहचान बन चुकी सभी विशेषताएँ हैं, फिर भी उनके सरोकारों को सिर्फ़ स्त्री-लेखन के दायरे में रखकर नहीं परखा जा सकता। उनकी लेखनी स्त्री के बहाने समाज के एक बड़े कैनवस पर चलती है। शहरी मध्यवर्ग से लेकर खाँटी ग्रामीण परिवेश तक को उन्होंने समान कौशल के साथ अंकित किया है। इससे भी महत्त्वपूर्ण विशेषता अपने पात्रों के अन्तस में झाँकने की उनकी क्षमता है जिसके चलते छोटे-छोटे कथानक भी बड़े अनुभव-संसार के वाहक बन जाते हैं। इस संग्रह में शामिल सभी कहानियाँ इस बात की गवाह हैं कि वीणा सिन्हा अपने पात्रों को गढ़ती नहीं हैं, वे अपने आसपास की दुनिया में उनकी तलाश करती हैं और फिर उनके मन की गुफाओं को खोलती हैं। इन कहानियों को समकालीन भारतीय स्त्री के जीवन की प्रतिनिधि कहानियों के रूप में भी चिन्हित किया जा सकता है और भारतीय जीवन-दृष्टि को अभिव्यक्ति देनेवाली गाथाओं के रूप में भी।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book