Sukhi Evan Deerghayu Jeevan Ke 90 Secrets
Author:
Dr. B.M. HegdePublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references0 Ratings
Price: ₹ 560
₹
700
Available
मार्च 2009 में हार्वर्ड मेडिकल कॉलेज का उनके लगभग आधे से अधिक वरिष्ठ शिक्षकों का फार्मास्युटिकल्स इंडस्ट्री का स्थायी कर्मचारी होने का खुलासा उस सत्य को स्पष्ट करता है, जिसे मैं इस पुस्तक में प्रकट करने का प्रयास कर रहा हूँ।
चिकित्सकीय पाठ्य पुस्तकें आमतौर पर दवा कंपनियों द्वारा मेडिकल कॉलेजों में अपने लेखकों के संपर्कों द्वारा वित्त-पोषित होती हैं। मेरे शिक्षा काल की बीती यादें और इसके सुख व दु:ख मेरी इस पुस्तक रचना का प्रथम कारण रहा। आशा करता हूँ कि यह प्रयास चिकित्सकों की सोच को रोगी शय्या पर आने के लिए प्रेरित करेगा, जो स्वास्थ्य सेवा का मर्म है। इससे मानवता अधिक खुशहाल होगी। मेरा सपना है कि मैं डॉक्टरों को दवा और प्रौद्योगिकी विक्रेता नहीं, बल्कि उनके उपचारक के नियत स्थान पर देखूँ। काश, यह पुस्तक डॉक्टरों की मदद करे और वे रोगियों को दिलचस्प मामले की तरह नहीं, बल्कि परेशान मनुष्यों के रूप में देखने लगें! मैं उस दिन की प्रतीक्षा में हूँ, जब स्वास्थ्य सेवा प्रतिपादन में दुनियाभर के अनेकानेक प्राचीन ज्ञान को सम्मिलित कर इन्हें मानक वैज्ञानिक पद्धति से परखने के बाद प्रमाणीकरण करके अधिक मानवीय, रोगी-मित्रवत तथा सस्ता बनाया जा सके। हमें इतना विनम्र अवश्य होना चाहिए कि हम अपनी कमजोरियों को स्वीकार करें और दूसरों की अच्छाइयों को बिना किसी भय या पक्षपात के स्वीकार कर सकें। आखिरकार, डॉक्टर यहाँ समाज को स्वस्थ करने के लिए हैं, न कि बीमार को जोड़-तोड़ प्रदान करने के लिए।
ISBN: 9789355212160
Pages: 525
Avg Reading Time: 18 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Puratan Vigyan (Hindi)
- Author Name:
Pramod Bhargava
- Book Type:

- Description: भारतीय संस्कृति के दो विलक्षण पहलू हैं। एक, धर्म एवं अध्यात्म और दूसरा, आध्यत्मिक विज्ञान। विडंबना यह रही कि इन्हें वर्गीकृत करके परिभाषित नहीं किया गया। मिथक रूपी विधा ने इन्हें और जटिल बना दिया। लेकिन इसकी चिरंतरता और सफलता यह रही कि इसके तीनों रूप श्रुति और वाचन में सरलता के कारण आज अपने मूल रूप में सुरक्षित हैं। इनके रहस्यों को तकनीक के उत्तरोत्तर विकास ने प्रामाणिक साक्ष्यों में बदल दिया। अतएव नासा ने रामसेतु और समुद्र विज्ञानियों ने द्वारका व श्रीलंका के राम-रावण युद्ध में क्षतिग्रस्त हुए अवशेषों को खोज निकाला। सॉफ्टवेयर इंजीनियरों ने रामायण और महाभारत में उल्लिखित तिथियों की प्रामाणिकता सिद्ध कर दी। बहरहाल विज्ञान की अनेक उपलब्धियों के सूत्र हमारे धर्म ग्रंथों में यत्र-तत्र-सर्वत्र बिखरे पडे़ हैं। इस पुस्तक में इसी सनातन ज्ञान को चिरंतन बनाने की एक समन्वयवादी वैज्ञानिक पहल है। इसमें दिए अध्याय—‘हवा का भोजन कर जीवित रहीं अहल्या’, ‘बालक ध्रुव के तारा बनने का विज्ञान’, ‘हनुमान के उड़ने का विज्ञान’, ‘चौरासी लाख योनियों का विज्ञान’, ‘सूर्यरथ के एक चक्रीय होने का विज्ञान’, ‘कुंभ पर्व में स्नान का विज्ञान’, ‘तैरनेवाले पत्थरों का विज्ञान’, ‘भ्रूण प्रत्यारोपण से जनमे थे बलराम’, ‘रामायणों में विज्ञान’, ‘प्राचीन भारत में टीकाकरण’ एवं ‘प्राचीन मंदिरों में विज्ञान’ पुरातन विज्ञान की महत्ता को सिद्ध कर भारतीय ज्ञान चेतना का दिग्दर्शन कराते हैं।
Mujhe Banna Hai UPSC Topper/ मुझे बनना है UPSC टॉपर
- Author Name:
Nishant Jain
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
UP TGT Sharirik Shiksha 14 Practice Sets in Hindi Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Sewa Chayan Board (UPSESSB TGT Physical Education Practice Book in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Swadheen Bharat Ka Hindi Sahitya Part 2
- Author Name:
Vishwanath Prasad Tiwari
- Book Type:

- Description: स्वाधीन भारत का हिंदी साहित्य शीर्षक ग्रंथ, जिसका आलोच्य काल 1947-2010 है, हिंदी साहित्य की विविध प्रवृत्तियों और विधाओं का ऐतिहासिक तथा विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है। यह एक ऐसा साहित्येतिहास ग्रंथ है जिसमें कोशिश की गई है कि उल्लेख्य योग्य सभी लेखकों एवं उनकी कृतियों का उल्लेख हो तथा महत्त्व के अनुसार उन लेखकों-कृतियों पर छोटी-बड़ी मूल्यांकपरक टिप्पणियाँ रहें। किसी प्रकार की व्यक्तिगत या विचारधारात्मक गुटबंदी से मुक्त होकर साहित्य का एक व्यापक समावेशी चित्र सामने आए, जो पाठकों, छात्रों और शोध-अध्येताओं के लिए उपयोगी हो।
Pahadiya Janajati: Itihas Evam Sanskrti
- Author Name:
Dr. Surendra Nath Tiwary
- Book Type:

- Description: भारत में पिछले 50 वर्षों के दौरान जनजातीय जीवन के संबंध में नृ-पुरातात्त्विक अध्ययन का महत्त्व बढ़ा है। नृ-पुरातत्त्व के अंतर्गत समकालीन सामाजिक-सांस्कृतिक व्यवहारों तथा भौतिक संस्कृति के विभिन्न तत्त्वों का अध्ययन प्राप्त पुरातात्त्विक अवशेषों की विशेषताओं के आधार पर किया जाता है। इस पद्धति ने जनजातीय अध्ययन को बड़ा फलक प्रदान किया है। इसमें परिवर्तन तथा निरंतरता का विशेष महत्त्व है। पहाडि़या आदिम जनजाति पर पूर्व में किए गए शोध व लेखन की तुलना में यह पुस्तक कई मायनों में खास है। यह पहाडि़या जीवन पर शोध की दिशा में ठोस वैज्ञानिक आधारों पर नृ-पुरातात्त्विक अध्ययन प्रस्तुत करती है। लेखक डॉ. सुरेंद्र नाथ तिवारी ने इस पुस्तक में पहाडि़या जनजाति पर शोधपरक अध्ययन प्रस्तुत करते हुए इसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक व धार्मिक स्थितियों का सांगोपांग वर्णन किया है। इसमें आदियुग के कई सूत्र छिपे हुए हैं, जो समाजशास्त्रियों, नीति-निर्माताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं सहित आम पाठक के साथ-साथ इतिहासकारों व पुराविदों को भी रुचिकर लगेंगे।
Samanya Adhyayan 30 Dinon Mein
- Author Name:
Anish Bhasin
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत पुस्तक में संघ लोक सेवा आयोग के सामान्य अध्ययन की प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्न-पत्र-1 से संबद्ध समस्त विषयों को शामिल किया गया है। इसमें प्रत्येक भाग की रचना संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों की प्रकृति व स्वरूप के अनुसार की गई है। पुस्तक में भारत का इतिहास एवं भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन; भारतीय राजनीति एवं अभिशासन; पर्यावरण के सामान्य मुद्दे एवं जैव विविधता तथा सामान्य विज्ञान इत्यादि विषयों पर विश्लेषणपरक सामग्री प्रदान की गई है। अभ्यर्थी नियमित अध्ययन द्वारा मात्र 30 दिनों में संपूर्ण पाठ्यक्रम को समाप्त कर सकता है। मुख्य विशेषताएँ दिनों के अनुसार सामग्री का समावेश अध्ययन की सुविधा हेतु तालिकाओं व बॉक्सों का प्रयोग सरल; रोचक एवं स्पष्ट भाषा शैली का प्रयोग विगत; वर्षों के हल प्रश्न-पत्र
NIACL AO (Administrative Officers) 20 Practice Sets for Preliminary Exam with latest paper
- Author Name:
Vinay Gupta
- Book Type:

- Description: We are presenting the latest edition of “NIACL AO (Administrative officer)” which is prepared according to the updated syllabus and this is valuable for NIACL AO exam. This book is divided into 20 practice sets. Each set follow paper pattern of 100 MCQs. Also, it contains latest solved papers for better understanding of question pattern. This book will really help the aspirants in developing the required Speed and Strike Rate, which will increase their final score in the exam. Type of Book: Practice Sets Subject – English, Quantitative Aptitude & Reasoning ability. Examination Related Book - This book is desirable for NIACL AO (Administrative officer) selection test. Index:- 20 Practice sets Qualities:- Affordable and straightforward Each set contains all the 3 sections - Reasoning Ability, Quantitative Aptitude and English Language Covers 2000 questions & answers with explanations. Completely Based on New Syllabus and Exam Pattern
Hinduon ke vrat parv aur Tyohar
- Author Name:
Rampratap Tripathi Shastri
- Book Type:

-
Description:
भारतरत्न बाबू पुरुषोत्तमदास जी टण्डन की पुण्य स्मृति में समर्पित इस पुस्तक में हिन्दुओं के सम्पूर्ण व्रतों, त्योहारों और पर्वों से सम्बन्धित पौराणिक, लौकिक तथा शास्त्रीrय विद्याओं की परम्परागत प्राचीन विधियों का विस्तृत विवेचन प्रस्तुत किया गया है।
व्रत, पर्व और त्योहार यद्यपि ये तीनों उत्सव के भिन्न-भिन्न रूप हैं तथापि किसी-न-किसी रूप में इनमें परस्पर विचित्र समानता पायी जाती है। व्रत का विधान बहुधा आध्यात्मिक अथवा मानसिक शक्ति की प्राप्ति के लिए, चित्त अथवा आत्मा की शुद्धि के लिए, संकल्प-शक्ति की दृढ़ता के लिए, ईश्वर की भक्ति और श्रद्धा के विकास के लिए, वातावरण की पवित्रता के लिए, दूसरों पर अपने प्रभाव जमाने के लिए, अपने विचारों को उच्च एवं परिष्कृत करने के लिए तथा प्रकारान्तर से स्वास्थ्य की प्रगति के लिए किया जाता है। यद्यपि भारतीय विचारधारा में व्रत का सामान्य अर्थ व्रत अथवा उपवास ही है, तथापि कुछ ऐसे व्रत हैं जिनमें उपवास का स्थान गौण है और चित्त-शुद्धि अथवा आत्म-परिष्कृत का स्थान मुख्य है। पर्व किसी मुख्य तिथि अथवा ज्योतिष के अनुसार ग्रहों आदि के संयोग का ही दूसरा नाम है, जो किसी निर्दिष्ट समय पर आता है। पर्व का बीच-बीच में निर्दिष्ट अवधि पर आते रहते हैं जैसे कुम्भ पर्व आदि। आकाश के नक्षत्रों और ग्रहों की स्थिति के अनुसार इन पर्वों का धरती के जीवन पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है। त्योहार एक सामान्य शब्द है। आजकल इसका प्रयोग व्रत और पर्व के लिए भी होने लगा है, किन्तु इसका तात्पर्य वस्तुत: लौकिक उत्सवों एवं समारोहों की तिथि से ही अधिक समीप है जैसे दशहरा, होली आदि।
व्रत दो प्रकार के होते हैं, ‘काम्य’ और ‘नित्य’। काम्य उन्हें कहते हैं जो किसी विशेष कामना को लेकर किये जाते हैं और नित्य वे हैं, जिनमें किसी कामना का समावेश नहीं होता, वरन् जो भक्ति और प्रेम के कारण आध्यात्मिक प्रेरणा से किये जाते हैं। निष्काम अथवा नि:स्वार्थ व्रत का ही स्थान ऊँचा होता है।
व्रत का सामान्य अर्थ आज ‘उपवास’ हो गया है। उपवास शब्द का अर्थ है दुर्गुणों एवं दोषों से बचकर आत्मा अथवा गुणों के साथ वास अर्थात् निवास। इन व्रतों अथवा पर्वों में हमारे देश के भिन्न-भिन्न मतावलम्बी लोगों के लिए अपनी-अपनी कुल-परम्परागत मान्यता के अनुसार चलने की पूरी सुविधाएँ प्रदान की गयी हैं। एक धर्म अथवा सम्प्रदाय के देवता का अन्य धर्म अथवा सम्प्रदाय में बड़ी उदारता एवं सहानुभूति के साथ चित्रण किया गया है। सनातन हिन्दू धर्म में तो इस व्यापक दृष्टिकोण का पदे-पदे परिचय मिलता है। भगवान् विष्णु के चौबीसों अवतारों में जैन धर्म के आदि प्रवर्तक भगवान् ऋषभदेव तथा बुद्ध धर्म के प्रतिष्ठापक भगवान् गौतम बुद्ध का भी गिनाया गया है और इनकी जयन्तियों तथा पुण्यकथाओं को सुनने-सुनाने का बड़ा माहात्म्य वर्णित है।
सनातनी हिन्दुओं के मुख्य त्योहारों होली, दीवाली, विजयादशमी, वसन्तपंचमी, नागपंचमी आदि त्योहार तो बौद्ध, जैन आदि मतों में भी सनातन धर्म के समान ही समादृत और महत्त्वपूर्ण हैं। कुछ अन्य त्योहार तो ऐसे भी हैं जो सनातन धर्म में किसी अन्य कारण से महत्त्व रखते हैं और बौद्ध तथा जैन धर्म में किसी अन्य कारण से। किन्तु हिन्दुओं के सभी मतानुयायियों में उनकी विशेषता अखण्डित है। कार्तिकी पूर्णिमा, मार्गशीर्ष शुक्ला एकादशी, अक्षय तृतीया, अनन्त चतुर्दशी आदि व्रतों अथवा पर्वों का सनातन हिन्दू धर्म तथा बौद्ध एवं जैन धर्मों में समान महत्त्व है, किन्तु कारण भिन्न-भिन्न दिये गये हैं।
JPSC JHARKHAND LOK SEVA AAYOG SAMANYA ADHYAYAN PRARAMBHIK PAREEKSHA
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: 20 PRACTICE SETS PAPER-I EVAM PAPER-II
Vimarsh-Akaal Me Utsav
- Author Name:
Sudha Om Dhingra
- Book Type:

- Description: ‘‘इस साल उपन्यासों में केवल एक किताब उल्लेखनीय है -पंकज सुबीर का उपन्यास ‘अकाल में उत्सव’। यह गाँव और किसान जीवन के दुख-दर्द कहने वाली रचना है। इस उपन्यास को पढ़कर कहा जा सकता है कि किसान जीवन में आजकल सुख कम और दुख ज़्यादा है। इस उपन्यास में एक किसान की आत्महत्या भी है। शासन-प्रशासन द्वारा उस किसान को पागल घोषित कर अपनी ज़िम्मेदारी से बचने की कोशिश की जाती है।’’ -डॉ. मैनेजर पांडेय (शीर्ष आलोचक) ‘जनसत्ता’ समाचार पत्र में ‘साहित्य इस बरस’ चर्चा के अंतर्गत वर्ष 2016 की महत्त्वपूर्ण पुस्तकों की चर्चा करते हुए।
Vichar Aur Samay
- Author Name:
Sudha Om Dhingra
- Book Type:

- Description: Book
Ladki Anjani Si
- Author Name:
Ajay K. Pandey
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Goli
- Author Name:
Acharya Chatursen
- Book Type:

- Description: ऐतिहासिक कथा-लेखन के सर्वाधिक प्रसिद्ध स्तंभ आचार्य चतुरसेन ने इस उपन्यास में राजस्थान के रजवाड़ों और उनके रंगमहलों की भीतरी जिंदगी का बड़ा मार्मिक, रोचक और मनोरंजक चित्रण किया है। उसी परिवेश की एक बदनसीब गोली की करुणकृगाथा, जो जीवनभर राजा की वासना का शिकार बनती रही और उसका पति उसे छूने का सहास भी नहीं कर सका। यह संस्करण संपूर्ण मूल पाठ है। इसीलिए इसे हमेशा प्रामाणिक दस्तावेज के रूप में समझा जाएगा|
Bhartiya Sanskriti Ka Pravah
- Author Name:
Kripashankar
- Book Type:

-
Description:
प्रस्तुत पुस्तक में भारतीय संस्कृति के प्रवाह का संक्षिप्त विवेचन प्रस्तुत किया गया है।
इस पुस्तक में भारतीय संस्कृति के विकास का विवेचन उसके ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में किया गया है।
संस्कृति अपरिवर्तनशील नहीं होती, वरन् उत्पादन प्रणाली के विकसित होने के साथ संस्कृति भी रूपान्तरित होती रहती है। मनुष्य सामाजिक चेतना और सौन्दर्यवृत्ति की अभिव्यक्ति हर युग में करता है। संस्कृति की कहानी इसी अभिव्यक्ति की कहानी है।
भारतीय संस्कृति तथा जीवन-दर्शन का प्रारम्भ से ही जीवन के प्रति एकांगी दृष्टिकोण नहीं रहा है। सम्पूर्ण व्यक्तित्व का विकास भारतीयों का उद्देश्य था। यह सत्य है कि कुछ धार्मिक समुदायों तथा दार्शनिकों ने जीवन के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया था। परन्तु सामान्य जीवन में जीवन के प्रति उल्लास बना रहा और भारतीय विचारकों ने जीवन के उद्देश्यों को चार पुरुषार्थों के रूप में प्रस्तुत किया।
भारत का इतिहास सहस्रों वर्ष पुराना है और यह आश्चर्य की बात है कि इस काल में अनेक साम्राज्य बने तथा बिगड़े, अनेक जातियों का उत्कर्ष तथा पतन हुआ, भारत ने अनेक विदेशी आक्रमण झेले परन्तु इतिहास की परम्परा नहीं टूटने पाई। भारत का इतिहास संश्लेषण के प्रयत्नों का इतिहास है। अनेक विदेशी जातियों, धर्मों तथा संस्कृतियों ने हमारी वर्तमान भारतीय संस्कृति का निर्माण किया है। इस प्रकार की मिश्रण की प्रक्रिया आज भी हमारे देश में देखी जा सकती है।
यह पुस्तक न केवल इस विषय के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी; वरन् साधारण पाठकों के लिए जो अपनी संस्कृति को समझना चाहते हैं, लाभदायक होगी।
Objective NCERT Based Chapterwise Topicwise Solutions For 11th And 12th Class with Solved Papers (2005 -2023) with Notes for NEET-AIIMS Exam 2024 - Biology
- Author Name:
Mamta Mehrotra +1
- Book Type:

- Description: "Objective NCERT From Prabhat Exam is an unparallel book designed on the complete syllabus of 11th and 12th NCERT textbook. It is the leading choice of Toppers and the pinnacle for NEET exam along with NCERT. Objective NCERT From Prabhat Exam is an unparalleled book designed around the complete syllabus of 11th and 12th NCERT textbooks. It is the top choice of toppers and the pinnacle resource for NEET exam preparation alongside NCERT. This book is essential for NEET, BOARDS, and CUET, as it contains questions extracted from each and every line of the NCERT textbooks. Extra notes are added by experts to enhance understanding, along with chapter-wise NCERT notes for quick but thorough and impactful revisions. Tabular texts and illustrative diagrams in HD pages aid understanding. NCERT-based topic-wise MCQs from each chapter help in mastering concepts. NCERT Exemplar Problem MCQs build a strong foundation and encourage in-depth learning. Assertion & Reason, Case-Based Questions, and HOTS cover all question types. The exam archive includes questions from previous years’ NEET and other PMT exams. Practice papers and model test papers offer final practice before the exam. Five mock tests help you become a confident competitor. Answer keys, hints, and detailed explanations are included for micro-level understanding. This book is a must for NEET/BOARDS/CUET as it has questions extracted from each and every line of the NCERT textbook. Extra Notes are added from experts to make it more understandable Chapter-wise NCERT notes for quick yet thorough & impactful revisions. Tabular texts & Illustrative diagrams in HD pages for understanding. NCERT Based Topic-wise MCQs from each of NCERT to get firm grip on concepts. NCERT Exemplar Problem MCQs to develop a strong base & go in-depth. Assertion Reason, Case Based Questions & HOTS to cover all question typologies. Exam Archive including Previous years’ NEET & other PMT exam’s questions. Practice Papers & Model Test Papers to put final practice touch to your preparation. 5 Mock Test to Make you an experienced player Answer keys, hints and explanations are also added in the book for micro-level understanding."
Sarthak Samwad
- Author Name:
Dr. Himanshu Dwivedi
- Book Type:

- Description: देश के प्रखर पत्रकार एवं संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी द्वारा देश के प्रसिद्ध राजनीतिज्ञों से लिये साक्षात्कारों का पठनीय संकलन | कैमरे की मौजूदगी साक्षात्कार लेने और देनेवाले अर्थात् दोनों को ही कहीं अधिक सचेत और ईमानदार होने के लिए बाध्य कर देती है। आप थोड़ा-बहुत भी दाएँ-बाएँ होने की कोशिश करेंगे तो चेहरे के भाव में परिवर्तन और आवाज की लड़खड़ाहट तुरंत दर्शक को आपके विचलन का अहसास करा देगी। फिर इस पुस्तक के कई साक्षात्कार तो लाइव अर्थात् सीधे प्रसारित किए गए थे, इसलिए उनके संपादित होने की कोई गुंजाइश ही नहीं थी। इन साक्षात्कारों में हुई बीतचीत दर्शकों और पाठकों को इस दौर की सियासी सोच से रूबरू कराने में कामयाब रही । यह पुस्तक इस दौर की राजनीतिक परिस्थितियों का जायजा लेने में मददगार रहेगी। पुस्तक का शीर्षक 'सार्थक संवाद' महत्त्वपूर्ण है। पिछले कुछ समय से हमारे बीच में संवाद ही गायब होता जा रहा है, तो उसके सार्थक होने का सवाल ही कहाँ रह जाता है ? कोशिश रही है कि बातचीत महज हंगामा पैदा करने के लिए नहीं हो बल्कि किसी सकारात्मक मुकाम को हासिल करे। ऐसा होना ही संवाद को सार्थकता प्रदान करना है, इसीलिए नाम दिया गया है ' सार्थक संवाद '।
Palbhar ki Pahachan
- Author Name:
Sachchidanand Joshi
- Book Type:

- Description: डॉ. सच्चिदानंद जोशी की पुस्तक ‘कुछ अल्प विराम’ को काफी अच्छी प्रतिक्रियाएँ मिलीं। कुछ ने कहा कि यह अनिवार्यतः पढ़ी जाने लायक किताब है। कुछ ने कहा इसे तो महाविद्यालयों के पाठ््यक्रम में जोड़ दिया जाना चाहिए। कुछ ने तो यहाँ तक कह दिया कि इस पुस्तक के माध्यम से गल्प कहने की एक नई विधा ही जन्म ले रही है। ‘कुछ अल्प विराम’ को नए तरह का रचना-प्रयोग मानने वालों की भी संख्या अच्छी-खासी रही। उसी प्रयास का परिणाम है उसी शृंखला की यह दूसरी पुस्तक ‘पल भर की पहचान’। लेखक ने शब्दचित्रों का जो नया प्रयोग प्रारंभ किया है, उसे आगे बढ़ाने का विचार है। जितना बढ़ेगा और पसंद किया जाएगा, और आगे बढ़ाते रहेंगे। हमारी जिंदगी की आपाधापी में परेशानियाँ और चुनौतियाँ तो रोज ही हमारे सामने हैं। उसी संघर्ष की बेला में हमारे सामने या इर्द-गिर्द यदि कोई छोटी सी भी सकारात्मक घटना घट जाए तो वह बहुत सुकून देती है। या फिर जिंदगी की चुनौतियों से जूझता कोई सकारात्मक व्यक्ति मिल जाता है तो वह हमें भरी गरमी में शीतलता का अहसास देता है। ऐसे क्षणों को या व्यक्तियों को सँजोकर रखना किसी बड़े भारी बैंक बैलेंस से कम नहीं है। इस संग्रह के बहाने ऐसे कुछ और लोगों को तथा ऐसे कुछ और प्रसंगों को सामने लाने का प्रयास है जिनकी सकारात्मकता हमें नई दृश्टि देती है, नया उत्साह देती है। लेखक ने कोशिश की है कि बिना शब्दों का आडंबर रचे तथा बिना अतिरंजना किए, व्यक्तियों को अथवा घटनाओं को सीधी-सरल भाषा में पाठकों के समक्ष प्रस्तुत कर सकें। विशेष रूप से हमारे युवा साथियों के सामने जिनके अंदर हिंदी भाषा के प्रति अनुराग और आकर्षण ऐसे प्रयोग के माध्यम से पैदा करना आवश्यक है, और यह पुस्तक ऐसा एक प्रयास भी है।
Mayavi Amba Aur Shaitan
- Author Name:
Richa Lakhera
- Book Type:

- Description: वह छोटी बच्ची पूरी रात अपनी माँ को तलाशती रही। जोतसोमा के जंगल की बाड़ के पास पहुँचते ही उसकी साँसें थम गईं और एकाएक वह रुक गई। ये वही जंगल थे, जहाँ वे अपनी मरजी के मालिक बनकर घूमा करते थे। उस रात चाँद कुछ अनोखी चमक बिखेर रहा था। बाँजफल के बड़े पेड़ से माँ का शरीर झूल रहा था। मृत्यु के गहने की तरह उसने और कई अन्य महिलाओं ने उसे धारण किया था। यह सब बहुत तेजी से हुआ। चारों ओर छाया कुहरा गलकर सफेद धुंध बन रहा था, इतना गहरा कि चंद कदमों की दूरी पर भी कुछ नजर नहीं आ रहा था। गाँव भी आँखों से ओझल हो गया था। जब धुंध छँटी, तब वहाँ वह छोटी लड़की कहीं भी नहीं थी। ऐसा लगा, जैसे वह निष्प्राण हवा में लुप्त हो गई हो। अपने पीछे दुर्गंध भरी गरमी छोड़कर और पत्थरों पर अपने पंजों के निशान, जैसे वे पत्थर मोम से बने हों! मौसम बदलने पर कुछ लोगों को जोतसोमा के घने जंगलों में जीव-जंतुओं की दिल दहलानेवाली भयानक चीख-पुकार के बीच अब भी उसका विलाप सुनाई देता है। बहुत ही मजबूत दिलवाले भी सूरज ढलने के बाद जोतसोमा के जंगलों में जाने की हिम्मत नहीं करते। —इसी पुस्तक से
Vaishwik Rachnakar : Kuchh Moolbhoot Jigyasayen
- Author Name:
Sudha Om Dhingra
- Book Type:

- Description: Book
Lachhaman Gun Gatha
- Author Name:
Rajendra Arun +1
- Book Type:

- Description: रामकथा में लक्ष्मणजी का चरित्र सबसे विचित्र, सबसे अनुपम और सबसे भिन्न है। वे केवल श्रीराम के अनुज ही नहीं, बल्कि उनके सहचर और अनुचर भी हैं, प्राण और अंतरात्मा भी हैं, सुहृद् और भक्त भी हैं तथा दर्पण और प्रतिबिंब भी हैं। वास्तव में वे उनके सर्वस्व हैं। दोनों का जीवन प्रेम और विश्वास के अटूट सूत्र से बँधा हुआ है, जहाँ किसी प्रकार के दुराव, छिपाव और अलगाव की कोई गुंजाइश नहीं। विश्व इतिहास में ऐसा चरित्र मिलना दुर्लभ है, जिसने अपने अग्रज की सेवा में अपने अस्तित्व का पूर्णतया विसर्जन कर दिया हो और उसी में अपने जीवन की धन्यता और सार्थकता पाई हो। लक्ष्मण महापराक्रमी, श्रेष्ठ योद्धा, बुद्धिमान्, धर्मज्ञ, नीतिज्ञ, शास्त्रज्ञ, वाक्-निपुण, दूरदर्शी, सेवाव्रती, आत्मवान्, जितेंद्रिय, परम संयमी, वैराग्यवान् और सदाचारी होने के साथ-ही-साथ अनेक कलाओं में भी निपुण थे। त्याग, सेवा और समर्पण के वे मूर्तिमान् स्वरूप थे। यह पुस्तक मुख्य रूप से रामचरितमानस पर आधारित है, परंतु आवश्यकतानुसार वाल्मीकि रामायण से भी सहायता ली गई है। महर्षि वाल्मीकि ने लक्ष्मणजी के कुछ गुणों, जैसे—सेवा, पर्णकुटी बनाने की दक्षता, पुरुषार्थ के प्रति निष्ठा, सीताजी के वियोग में संतप्त श्रीराम का मनोबल बढ़ाने की कला आदि का बहुत ही सजीव वर्णन किया है। लक्ष्मणजी की यशोगाथा को सत्रह अध्यायों में विभाजित किया गया है। हर अध्याय का नाम चौपाई विशेष की अर्द्धाली के आधार पर रखा गया है और अध्यायों का क्रम रामचरितमानस में आई चौपाइयों के क्रमानुसार सुनिश्चित किया गया है।
Customer Reviews
0 out of 5
Book
Be the first to write a review...