Smare Nityam Hindi Translation of Odia Smare Nityam
Author:
Paramita SatpathyPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 240
₹
300
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789355623126
Pages: 160
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Footprints of Childhood in the Dust | Chandrakant Sheth
- Author Name:
Chandrakant Sheth
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
GAUTAM BUDDH KI PRERAK JEEVANI
- Author Name:
PARIJAT
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
A Daughter Is Special
- Author Name:
Mridula Sinha
- Book Type:

- Description: The author had decided to write just one letter to her daughter who had gone abroad but ended up writing many. These letters, originally in Hindi, were published in the Air India’s magazine ‘Swagat’. Numerous travellers on Air India flights read these letters and enjoyed them. They would take the magazines with them to share with their daughters because they felt the letters were priceless and needed to be shared with every parent and daughter for a close read. Publishing these letters in a book was a major social event because the emotions present in this are not limited to just one generation. Our (Indian) customs, rituals, traditions, art of living, and classical teachings are embedded in these letters. New generations can also learn, know, and accept them. With these intentions, this book is a unique communal treasure. While reading these you will certainly experience humanity, love, and feel a connection, but you will also learn how to cultivate a new generation. After the author’s sudden demise in November 2020, her daughter decided to translate the letters into English to fulfill her mother’s wish—that the wisdom and advice contained in the letters reach a wider audience.
Intelligence Bureau (IB-ACIO) Assistant Central Intelligence Officer Grade II/Executive Primary Recruitment Examination 20 Practice Sets Book
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Showman : Raj Kapoor
- Author Name:
Ritu Nanda
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aur, Pani Utar Gaya
- Author Name:
K. S. Tiwari
- Book Type:

- Description: धरती पर जीवन की कड़ियों को जोड़नेवाला अनमोल पानी ग़ायब होने की कगार पर है। पानी पर लिखी ये चन्द बातें एक स्मरण पत्र भी हैं और चेतावनी भी। स्मरण हमारी नायाब जल परम्पराओं का, जल संरक्षण के बेजोड़ तरीक़ों का और जीवन से जुड़े पानी के अनेक प्रसंगों का। याद करें पानी से जुड़े संस्कारों और पग-पग पर पानी की बातों को। दर्जनों सरकारी महकमों, सैकड़ों संगठनों, हज़ारों आन्दोलनों और लाखों लोगों के जल संरक्षण के प्रयास खरे नहीं उतर पाए, क्योंकि उन प्रयासों में न ज़िद थी, न जुनून और न जुझारूपन। आज भारत के अधिकांश हिस्से जलसंकट की गिरफ़्त में हैं। देश की आबादी 120 करोड़ पहुँच चुकी है, साथ ही जलस्रोत घटकर एक-चौथाई पर आ सिकुड़े हैं। देश और दुनिया की बढ़ती विकास दर का पानी से सीधा ताल्लुक़ है। यदि पानी न रहा तो हमारे समूचे विकास पर ही पानी फिर सकता है। इस पुस्तक में लिखी बातें पानी को लेकर लेखक की चिन्ताएँ हैं, कोशिश है यह सबकी चिन्ता हो। ऐसा भी नहीं कि पानी की बातें पहले नहीं कही गई होंगी, ज़रूर कही गई होंगी, पर अब वक़्त के इस दौर में इसके मायने अहम हैं। भारतीय समाज, पानी से गहरे जुड़ा समाज था। हमारी परम्पराएँ, संस्कार, रीति-रिवाज और आदतें पानी से जुड़ी थीं। दुर्भाग्य से यह उत्कृष्ट परम्परा टूटकर बिखर गई और आज हम एक भयावह भविष्य के सामने खड़े हैं। यह पुस्तक इसी आसन्न संकट के मद्देनज़र हमें जगाने की कोशिश है।
Mewar Evam Marathaon Ki Sahasra Varshon Ki Shauryagatha "मेवाड़ एवं मराठाओं की सहस्र वर्षों की शौर्यगाथा" Book in Hindi
- Author Name:
Raghu Hari Dalmia +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hindi Cinema Mein Hashiye Ka Samaaj
- Author Name:
Editor : Gourinath
- Book Type:

- Description: यह आम धारणा है कि सिनेमा मनोरंजन का साधन है। हम जैसे कुछ लोगों का मानना है कि सिनेमा न सिर्फ मनोरंजन का साधन है बल्कि एक ऐसा प्रभावशाली माध्यम है जो जनमत निर्माण में सक्षम है। पहली पंक्ति वालों के लिए सिनेमा का कथ्य या उसमें गढ़े गए चरित्रों की सामाजिक/सांस्कृतिक/आर्थिक/धार्मिक पृष्ठभूमि का कुछ विशेष अर्थ नहीं होता। सिनेमा में क्या और कैसे दिखाया गया है—जैसे प्रश्नों के प्रति यह बड़ा तबका उदासीन रहता है। वह उसमें मनोरंजन के तत्वों तक ही स्वयं को सीमित कर लेता है। भावनात्मकता के चरम पर अदा किए गए सम्वाद या हास्य उत्पत्ति के निमित्त रचे गए स्टीरियोटाइप्स को हाथों-हाथ लेता है और इसमें निहित स्वार्थों की अनदेखी कर देता है। वह सिनेमा और बाज़ार, सिनेमा और प्रभुवर्ग, सिनेमा और समाज के अंतर्सम्बंधों से नावाक़िफ़ होता है। उसे यह नहीं पता कि ‘चुलबुल पाण्डेय’ कैसे हिट हो जाते हैं। उसे नहीं पता कि ‘रावण’ कैसे फ्लॉप हो जाता है। उसे नहीं पता कि बड़े-बड़े धन्नासेठों के घर का नौकर भोजपुरी मिश्रित हास्यास्पद हिन्दी क्यों बोलता है। उसे नहीं पता कि हिन्दी फ़िल्मों में दलित नायकों का अकाल सा क्यों है। उसे तो यह भी नहीं पता कि फिल्मों में जो स्त्री होती है, वह सामान्य स्त्रियों से इतना भिन्न क्यों होती है और मुसलमान चरित्र टोपीबाज़ क्यों होता है। ‘हिन्दी सिनेमा में हाशिये का समाज’ में इन्हीं प्रश्नों और सामाजिक-धार्मिक तथा आर्थिक-राजनीतिक जटिलताओं को उद्घाटित करने वाले लेखों को संकलित किया गया है। पुस्तक में योगदान देने वाले सभी लेखक फिल्म विशेषज्ञ हैं और वे सिनेमा के अंतःपुर की कथाओं-व्यथाओं से परिचित हैं। पुस्तक पठनीय होने के साथ ही सिनेमा जगत के मनोविज्ञान को समझने में सहायक भी है।
Jungle Ki Jadi Butiyan
- Author Name:
Ramesh Bedi
- Book Type:

-
Description:
वैज्ञानिक उपलब्धियों ने जीवन को जहाँ सहज व सुलभ बनाया है, वहीं प्रकृति से की गई छेड़-छाड़ के कारण पर्यावरण दूषित हुआ है। असाध्य रोगों के पीछे मुख्य कारक प्रदूषण भी रहा है। स्वस्थ रहने के लिए प्रकृति हमें असंख्य फल, फूल, सब्ज़ी, अनाज, जड़ी-बूटी उपलब्ध कराती है। प्रस्तुत पुस्तक प्रकृति से न सिर्फ़ हमारा तादात्म्य बनाती है, वरन् उन जड़ी-बूटियों से भी परिचय कराती है जिनके दैनिक इस्तेमाल से हम कई बीमारियों से स्वयं को बचा सकते हैं।
एरण्ड, पुनर्नवा, कतीरा हिन्दी, फनियर बूटी, कपूर तुलसी, बन काकड़ू, गोखरू, भांग, जवा पिप्पली, लता करंज, दण्डी दरिया, विधारा, निर्गुण्डी कन्द, सत्यानाशी, न्याज़बो, सफ़ेद सत्यानाशी, पिण्डालु, सर्पगन्धा तथा पिप्पली आदि लगभग 19 वनस्पतियों का चित्रों व रेखाचित्रों सहित वर्णन पुस्तक को सुग्राह्य बनाता है। इन मानव उपयोगी वनस्पतियों के विविध भाषाओं में नाम, उनकी पहचान, उनका प्राप्ति-स्थान, उनकी कृषि, रासायनिक संघटन, घरेलू दवा-दारू में उपयोग तथा औद्योगिक उपयोग आदि दिए हैं। जड़ी-बूटियों में रुचि रखनेवालों, आयुर्वेद व यूनानी के अध्येताओं, अनुसन्धानकर्ताओं, वन-अधिकारियों व वनकर्मियों, फ़ार्मेसियों, कच्ची जड़ी-बूटियों के व्यापारियों के लिए पुस्तक बेशक उपयोगी और संग्रहणीय है।
Aatank Ki Dahashat
- Author Name:
Tej N. Dhar
- Book Type:

- Description: वर्ष 1990 के शुरू का कश्मीर, जब घाटी में आतंकी हिंसा चरम सीमा पर थी। हत्याएँ, आगजनी और आतंकियों का प्रकोप काले धुएँ की तरफ फैल गया था। इसलामिक और आजादी के नारे चारों ओर गूँज रहे थे। पंडितों को कश्मीर से जाने की चेतावनी दी जा रही थी और उन्हें मजबूर करने के लिए रोज एक या कई पंडितों को क्रूरता-बर्बरतापूर्वक मारा जाता था। यही सब इस डायरी रूपी उपन्यास में पूरी तरह से दरशाया गया है और आतंकियों तथा खुदगर्ज राजनीति नेताओं के फैलाए हुए झूठ कि पंडितों को जगमोहन ने निकाल दिया, को नंगा कर दिया है। बहुत ही सटीक और मार्मिक घटनाओं में पंडितों की बेबसी और मजबूरी को उजागर किया है। डायरी का नायक अकेला है और मानसिक तनाव से ग्रस्त भी। खौफ के माहौल में अपनी पुरानी यादें भी जीता है, जिससे उसका आज और भी भयानक तरीके से उभर आता है। अंत तक इसी द्वंद्व में रहता है कि घाटी में रहना चाहिए या जाना चाहिए। इसी उधेड़बुन में उसका अंत भी होता है, पर यह सवाल भी उठता है कि या उसे कश्मीरियों की तरह अपने घर में रहने का हक है या नहीं। यह मार्मिक कथा भारत के इतिहास में एक काले धबे से कम नहीं है।
The Psychology Of Salesmanship (Pb)
- Author Name:
William Walker Atkinson
- Book Type:

- Description: This book has no description
BPSC TRE 3.0 Bihar Teacher Recruitment Class 1-12 "Samanya Adhyayan" General Studies Part-2 | Complete Study Guide (Hindi)
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Stock Market Secrets Unveiled: Proven Strategies For Making Millions | Learn Fundamental Analysis Investing Strategies And Make Money From The Stock Market
- Author Name:
A. C. Sud
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
UNDOUBTEDLY NISHANK : A Literary Reading
- Author Name:
Gopal Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Naukarshah Hi Nahin…
- Author Name:
Anil Swarup
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sumitranandan Pant Granthavali : Vols. 1-7
- Author Name:
Sumitranandan Pant
- Book Type:

-
Description:
ग्रंथावली के इस प्रथम खंड में पंत जी की वे पाँच आरम्भिक कृतियाँ सम्मिलित हैं, जिनकी रचना उन्होंने काल–क्रमानुसार सन् 1935 से पूर्व की थी। हिन्दी कविता के प्रसिद्ध छाया–युग की विशिष्ट देन के रूप में ये बहुचर्चित रही हैं।
पहली कृति ‘हार’ एक उपन्यास है जिसकी रचना उन्होंने सोलह–सत्रह वर्ष की अल्प वय में की थी। विश्व-प्रेम को वाणी देनेवाली यह कथा–कृति रचनाकार के समस्त कृतित्व के अन्त:स्व को अनुध्वनित करती है। ‘वीणा भावमय’ प्रगीतों का संग्रह है जिसमें कवि–मन की सहज कोमलता, माधुर्य और भोलापन है, साथ ही एक ‘दुधमुँही आत्मा की सुरभि’ भी। ‘ग्रन्थि’ एक लघु खंडकाव्य है, इसकी वियोगान्त प्रणय–कथा इतनी मर्मस्पर्शी है कि इससे सहज ही कवि की ‘आपबीती’ का भ्रम होने लगता है। ‘पल्लव’ की कविताएँ प्रकृति और मानव–हृदय के तादात्म्य के मोहक भावचित्र प्रस्तुत करती हैं, विश्वव्यापी वेदनानुभूति इनमें पूरी प्रभावकता से अभिव्यंजित है। ‘गुंजन’ के गीत सौन्दर्य–सत्य के साक्षात्कार के गीत हैं। ‘सुन्दरम्’ के आराधक कवि इनमें क्रमश: ‘शिवम्’ की ओर उन्मुख होते हैं। ये गीत वस्तुत: व्यापक जीवन–चेतना के मुखरित उल्लासराग हैं। ‘ज्योत्स्ना’ एक प्रतीकात्मक गद्य–नाटक है जिसमें ज्योतिर्मय प्रकाश से जाज्वल्यमान सुन्दर–सुखमय जग–जीवन की कल्पना को कलात्मक अभिव्यक्ति मिली है, इसमें गीतिकाव्य–सा सम्मोहन है।
Trading Banknifty Options | Hindi Translation of Trading Banknifty Options | Pramod Kumar
- Author Name:
Pramod Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Manchahi Safalta Kaise Payen
- Author Name:
Napoleon Hill
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
REET Grade-III Adhyapak Level 1 & 2, Shekshanik Manovigyan Evam Suchna Takniki
- Author Name:
Kunwar Kanak Singh Rao
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sugam Hindi
- Author Name:
Ramvachan Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book