Prapti
(0)
Author:
Snehalata Rohidekar, Paramita SatpathyPublisher:
Sahitya AkademiLanguage:
KannadaCategory:
Short-story-collections₹
300
₹ 240 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
ಪ್ರಾಪ್ತಿ ಸಾಹಿತ್ಯ ಅಕಾದೆಮಿ ಪ್ರಶಸ್ತಿ ವಿಜೇತ ಒಡಿಯಾ ಕಥೆಗಳ ಸಂಗ್ರಹ. ಇದು ಮಾನವ ವಿಧಿಯ, ವಿಶೇಷವಾಗಿ ಮಹಿಳೆಯರ ಅದೃಷ್ಟದ ಘಟನೆಗಳನ್ನು ವ್ಯವಹರಿಸುತ್ತದೆ. ಈ ಸಂಗ್ರಹದಲ್ಲಿನ ಕಥೆಗಳು ಬಾಹ್ಯ ವಾಸ್ತವಗಳನ್ನು ಅಧೀನಗೊಳಿಸುವ ಮೂಲಕ ಜೀವನದ ಆಳವಾದ ಸತ್ಯಗಳನ್ನು ಪರೀಕ್ಷಿಸುವ ಪ್ರಯತ್ನಗಳಾಗಿವೆ. ಅನೇಕ ವಿಷಯಗಳು, ಅದ್ಭುತ ಕಲ್ಪನೆ, ಅಭಿವ್ಯಕ್ತಿಯಲ್ಲಿ ಸ್ಪಷ್ಟತೆ. ಭಾಷೆಯ ಚಾಣಾಕ್ಷ ಬಳಕೆ ಮತ್ತು ಕಾವ್ಯಾತ್ಮಕ ನಿರೂಪಣೆಯಂತಹ ಅಂಶಗಳು ಕೆಲಸವನ್ನು ವೇಗಗೊಳಿಸಲು ಸಹಾಯ ಮಾಡುತ್ತವೆ.
Read moreAbout the Book
ಪ್ರಾಪ್ತಿ ಸಾಹಿತ್ಯ ಅಕಾದೆಮಿ ಪ್ರಶಸ್ತಿ ವಿಜೇತ ಒಡಿಯಾ ಕಥೆಗಳ ಸಂಗ್ರಹ. ಇದು ಮಾನವ ವಿಧಿಯ, ವಿಶೇಷವಾಗಿ ಮಹಿಳೆಯರ ಅದೃಷ್ಟದ ಘಟನೆಗಳನ್ನು ವ್ಯವಹರಿಸುತ್ತದೆ. ಈ ಸಂಗ್ರಹದಲ್ಲಿನ ಕಥೆಗಳು ಬಾಹ್ಯ ವಾಸ್ತವಗಳನ್ನು ಅಧೀನಗೊಳಿಸುವ ಮೂಲಕ ಜೀವನದ ಆಳವಾದ ಸತ್ಯಗಳನ್ನು ಪರೀಕ್ಷಿಸುವ ಪ್ರಯತ್ನಗಳಾಗಿವೆ. ಅನೇಕ ವಿಷಯಗಳು, ಅದ್ಭುತ ಕಲ್ಪನೆ, ಅಭಿವ್ಯಕ್ತಿಯಲ್ಲಿ ಸ್ಪಷ್ಟತೆ. ಭಾಷೆಯ ಚಾಣಾಕ್ಷ ಬಳಕೆ ಮತ್ತು ಕಾವ್ಯಾತ್ಮಕ ನಿರೂಪಣೆಯಂತಹ ಅಂಶಗಳು ಕೆಲಸವನ್ನು ವೇಗಗೊಳಿಸಲು ಸಹಾಯ ಮಾಡುತ್ತವೆ.
Book Details
-
ISBN9789361831096
-
Pages248
-
Avg Reading Time8 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIN
Recommended For You
Main Kaise Hasun
- Author Name:
Sushant Supriy
- Book Type:

- Description:
Collection Of Short stories
Desh Vibhajan Ki Kahaniyan
- Author Name:
Salam Azad
- Book Type:

- Description:
सीमा के उस पार अस्वस्थ पिता खड़े हुए और इस पार बेटी, बीच में लगभग आधे मील चौड़े पाट की एक नदी...धरती को बाँटने की कोशिशों का पीड़ाजनक नतीजा ऐसी ही सीमाओं में होता है। ‘देश विभाजन की कहानियाँ’ बांग्लादेश के लब्धप्रतिष्ठ लेखक सलाम आज़ाद ने इन्हीं सीमाओं और पीड़ाओं से आक्रान्त होकर क़लमबद्ध की हैं। इन कहानियों में उन्होंने अपने देश के विभाजन के कारणों, उसके परिणामों और निरीह मनुष्य की नियति पर पड़नेवाले उसके दूरगामी और विडम्बनापूर्ण प्रभावों को भावप्रवण कथात्मकता के साथ रेखांकित किया है।
सलाम आज़ाद बांग्लादेश के उन लेखकों में अपना महत्त्वपूर्ण स्थान रखते हैं जिनका सरोकार साम्प्रदायिक सौहार्द और देश का धर्मनिरपेक्ष विकास है। उनकी यह चिन्ता भी इन कहानियों में लक्षित की जा सकती है। बांग्लादेश में हिन्दुओं के साथ किए जानेवाले भेदभाव और उनके नागरिक अधिकारों का हनन सलाम आज़ाद के लेखक को गहरा दु:ख पहुँचाता है, जिसके चलते वे ‘जन्मभूमि’ जैसी कहानियाँ लिखने को बाध्य होते हैं। ‘देश विभाजन की कहानियाँ’ कहानियाँ भी हैं, और दस्तावेज़ भी।
Pratinidhi Kahaniyan : Chandrakishore Jaiswal
- Author Name:
Chandrakishore Jaiswal
- Book Type:

- Description:
चन्द्रकिशोर जी की कहानियों को किसी खास विमर्श के खाँचे में फिट नहीं किया जा सकता है।...ये कहानियाँ एक व्यापक मानवीय और सामाजिक फलक पर रची गई हैं, जहाँ मनुष्य का जीवन और मानवीय मूल्यबोध सर्वोपरि है। उनकी कहानियों में व्यक्त जीवन बहुत विविधतापूर्ण है। इतना विशाल जीवनानुभव! और जब यह जीवन करुणा से ओत-प्रोत होकर कथा में उतरता है तो अनन्त छटाएँ बिखेर देता है। इसीलिए जैसी विविधवर्णी कहानियाँ चन्द्रकिशोर जी के पास हैं वैसी कम लेखकों के पास हैं। विषयवस्तु और विन्यास की विविधता को दृष्टिगत रखते हुए लेकिन इस संग्रह की सीमा को समझते हुए लेखक की सिर्फ छह कहानियों को प्रतिनिधि कहानियों के रूप में चुना गया है। इसमें कोई शक नहीं कि ये सभी महाप्राण कहानियाँ हैं।
Pratinidhi Kahaniyan : Chandrakishore Jaiswal
Chandrakishore Jaiswal
20% off₹ 199
₹ 159.2
Available
Shreshth Jatak Kathayen
- Author Name:
Shobha Nigam
- Book Type:

- Description:
जातक कथाएँ भगवान बुद्ध के द्वारा समय-समय पर विभिन्न स्थानों पर दिए गए उपदेशों पर आधारित कथारूप में संग्रह है।
जातक कथाएँ इन त्रिपिटकों से एक सुत्तपिटक में सन्निहित हैं। ये कथाएँ बौद्धधर्म की महत्त्वपूर्ण साहित्यिक रचनाएँ हैं। इनमें गौतम बुद्ध के सैकड़ों पूर्व जन्मों की कथाएँ हैं। यहाँ वे बोधिसत्व कहे गए हैं। बोधिसत्व का अर्थ है पूर्ण बुद्धत्व की ओर बढ़ता व्यक्तित्व।
जातक कथाओं ने न केवल हमारे देश के परवर्ती कथा साहित्य जैसे ‘पंचतंत्र की कहानियाँ’, ‘हितोपदेश’, ‘कथासरित्सागर’ आदि को प्रभावित किया है, वरन् अनेक विदेशी कथाएँ; जैसे—‘ईसप की कहानियाँ’ तथा ‘अलिफ़ लैला के क़िस्से’ आदि भी इससे प्रभावित हुए हैं।
सरल भाषा में किन्तु मूल पाठ को ध्यान में रखते हुए आम लोगों तक इन्हें पहुँचाने के लिए लेखक ने इन्हें अपने शब्दों में लिखा है। इसके साथ ही शोधार्थियों और जिज्ञासु पाठकों के लिए भी यह इस अर्थ में उपयोगी है कि तत्कालीन समाज, राजनीति, राजपरिवार, सामान्य एवं निम्न वर्ग की स्थिति, नैतिकता, स्त्रियों के प्रति भावनाएँ, समाज में धर्म के नाम पर फैले अंधविश्वास, इतिहास, भूगोल आदि का बोध भी होता है। इसके अतिरिक्त उस काल में समाज किस प्रकार बुद्ध के विचार से प्रभावित हो रहा था, राजाओं, रानियों तथा राजपरिवार के अन्य सदस्यों के मध्य बुद्ध की शिक्षा का क्या असर था, प्रव्रज्या लेने में लोगों की रुचि कितनी थी, बुद्ध के भिक्षुसंघ तथा भिक्षुणीसंघ की क्या स्थिति थी, भिक्षुगणों का स्वभाव कैसा था, शिक्षा के केन्द्र कहाँ और कैसे थे आदि के विषय में भी हमें इन कथाओं से तथ्य ज्ञात होते हैं।
विविध विषयों पर कही गई ये कथाएँ आज भी प्रासंगिक हैं।
Bhoomikamal
- Author Name:
Rita Shukla
- Book Type:

- Description:
नीलेंदु का वह भयावह प्रलाप, ‘देख लूँगा! तुम सब बदमाशों को एक-एक करके सबक नहीं सिखाया तो मेरा नाम नहीं!’ सुरम्या मौसी के नवरात्र व्रत का अंतिम दिन था वह। बुझी हुई हवन-वेदिका सी वह काया उपासना कक्ष के बीच निश्चेष्ट पड़ी थी। शेफाली ने बड़े यत्न से अंतिम प्रसाधन किया था—‘गौरांग बाबू, बड़ी दीदी की विदाई हो रही है। उनके लिए एक लाल रेशमी साड़ी और...’ गौरांग ने यंत्रचालित भाव से सभी औपचारिकताएँ पूरी की थीं। विश्वास बाबू और अन्य बुजुर्ग संजीदा थे—प्रतिमा-विसर्जन का जुलूस आगे बढ़े, मार्ग अवरुद्ध हो जाए, इसके पहले ही... हलके गुलाबी रंग का भूमिकमल सुरम्या मौसी के पैरों के पास रखकर गौरांग शर्मा चुपचाप बाहर चले गए थे। सुनंदा चतुर्वेदी के करुण क्रंदन में ‘शारदा-सदन’ की आर्त मनुहार सिमट आई थी, ‘एक बार आँखें खोल बिटिया, तेरे विसर्जन का यही मुहूर्त तय था, सुरम्या...?’ —इसी पुस्तक से पारिवारिक रिश्तों, समाज और सामाजिक संबंधों की सूक्ष्मातिसूक्ष्म उथल-पुथल की पड़ताल करता और मानवीय सरोकारों को दिग्दर्शित करता एक भावप्रधान व झकझोर देनेवाला कहानी-संग्रह।
Common Yet Uncommon
- Author Name:
Smt. Sudha Murty
- Book Type:

- Description:
Meet these people: Bundle Bindu, so named because he likes his truth with a little embellishment, Jayant the shopkeeper who doesn’t make any profit, and Lunchbox Nalini, Sudha Murty herself, who brings her empty lunchbox-to be filled with food-wherever she goes! Written in Sudha Murty’s inimitable style, Common Yet Uncommon is a heartwarming picture of everyday life and the foibles and quirks of ordinary people. In the fourteen tales that make up the collection, Sudha Murty delves into memories of childhood, life in her hometown and the people she’s crossed paths with. These and the other characters who populate the pages of this book do not possess wealth or fame. They are unpolished and outspoken, transparent and magnanimous. Their stories are tales of unvarnished humans, with faults and big hearts. Testament to the unique parlance of a small town, Common Yet Uncommon speaks a universal language of what it means to be human.
Contemporary Indian Short Stories Series III
- Author Name:
Sahitya Akademi
- Book Type:

- Description:
This sheaf of nineteen short stories, written by different authors, represents a cross-section of contemporary Indian short fiction. Eighteen stories are translations from eighteen modern Indian languages, and one is a specimen of Indian creative writing in English. Selected by the Sahitya Akademi's Advisory Boards of various languages, these stories, provide fascinating glimpses into the panorama of Indian life, with its baffling variety, its rich contrasts of the simple and the sophisticated, the ancient and the modern. Here is evidence, if such were needed that Indian literature is one though written in many languages its oneness consisting not of a stale uniformity but of a rich variety. This is the third volume of Sahitya Akademi series of such representative anthologies in English of contemporary Indian short story.
Akeli
- Author Name:
Mannu Bhandari
- Book Type:

- Description:
नई कहानी को समृद्ध बनाने में जिन कथा-लेखिकाओं का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है, मन्नू भंडारी का नाम उनमें सर्वोपरि है। उन्होंने आधुनिक नारी की अस्मिता, उसकी अपनी स्वतंत्र पहचान और सामाजिक जड़ताओं से लड़ने के उसके साहस को बिना किसी आरोपित क्रान्तिकारिता के बड़े सहज भाव से चित्रित किया है। पर उनकी दृष्टि केवल नारी तक ही सीमित होकर नहीं रह गई बल्कि अपने गहरे सामाजिक सरोकारों के चलते ही उन्होंने आज के अर्धसामन्ती, अर्धपूँजीवादी समाज में मूल्यों के विघटन, सम्बन्धों के बदलते स्वरूप, सामाजिक-राजनैतिक चेतना के नित नए आयामों को भी अपनी रचनाओं में उद्घाटित किया है।
मन्नू भंडारी की कहानियों के पात्र ओढ़ी हुई बौद्धिकता के अहंकार में अपने परिवेश से कट नहीं जाते बल्कि उनकी सहज मानवीयता पाठकों के साथ एक ऐसी आत्मीयता स्थापित कर लेती है कि पाठकों को वे बिलकुल अपने लगने लगते हैं। जटिल से जटिल मनोवैज्ञानिक स्थितियों के चित्रण-विश्लेषण में भी मन्नू जी की पारदर्शी भाषा की यह सहजता बनी रहती है, साथ ही वे एक स्वतःस्फूर्त कलात्मक संयम को भी हाथ से नहीं जाने देतीं।
गहन विचार, सूक्ष्म निरीक्षण और सहज मानवीय संवेदना में लिपटे अपने अनुभवों के तटस्थ बेबाक चित्रण के कारण ही मन्नू भंडारी की ये कहानियाँ पाठक के साथ एक आत्मीयता स्थापित कर लेती हैं।
Ulata Latka Raja
- Author Name:
Smt. Sudha Murty
- Book Type:

- Description:
क्या आप जानते हैं कि एक समय था, जब भालू बोलते थे, चाँद हँसता था और शिशु मछली के पेट में पाए जाते थे? क्या आपने कभी हजार भुजाओं वाले व्यक्ति को देखा है? इस संग्रह की कहानियाँ भगवान् विष्णु के दो सबसे प्रसिद्ध अवतारों—राम और कृष्ण—तथा उनके वंश के इर्द-गिर्द घूमती हैं। दोनों के ही विषय में अनगिनत कहानियाँ हैं, लेकिन वर्तमान पीढ़ी के दिल और दिमाग से उनमें से अधिकांश लुप्त होती जा रही हैं। लोकप्रिय लेखिका सुधा मूर्ति आपको एक मंत्रमुग्ध कर देनेवाली यात्रा पर ले जा रही हैं, और इस दौरान आपको उन दिनों के विषय में बताती हैं, जब राक्षस और देवता मनुष्यों के साथ रहते थे, जानवर बोला करते थे और देवी-देवता सामान्य लोगों को अद्भुत वरदान दिया करते थे। भारतीय पौराणिक कथाओं की रोचक प्रस्तुति।
Uttaradhikari
- Author Name:
Yashpal
- Book Type:

- Description:
यशपाल के लेखकीय सरोकारों का उत्स सामाजिक परिवर्तन की उनकी आकांक्षा, वैचारिक प्रतिबद्धता और परिष्कृत न्याय-बुद्धि है। यह आधारभूत प्रस्थान बिन्दु उनके उपन्यासों में जितनी स्पष्टता के साथ व्यक्त हुए हैं, उनकी कहानियों में वह ज़्यादा तरल रूप में, ज़्यादा गहराई के साथ कथानक की शिल्प और शैली में न्यस्त होकर आते हैं। उनकी कहानियों का रचनाकाल चालीस वर्षों में फैला हुआ है। प्रेमचन्द के जीवनकाल में ही वे कथा-यात्रा आरम्भ कर चुके थे, यह अलग बात है कि उनकी कहानियों का प्रकाशन किंचित् विलम्ब से आरम्भ हुआ। कहानीकार के रूप में उनकी विशिष्टता यह है कि उन्होंने प्रेमचन्द के प्रभाव से मुक्त और अछूते रहते हुए अपनी कहानी-कला का विकास किया। उनकी कहानियों में संस्कारगत जड़ता और नए विचारों का द्वन्द्व जितनी प्रखरता के साथ उभरकर आता है, उसने भविष्य के कथाकारों के लिए एक नई लीक बनाई, जो आज तक चली आ रही है। वैचारिक निष्ठा, निषेधों और वर्जनाओं से मुक्त न्याय तथा तर्क की कसौटियों पर खरा जीवन—ये कुछ ऐसे मूल्य हैं जिनके लिए हिन्दी कहानी यशपाल की ऋणी
है।‘उत्तराधिकारी’ कहानी-संग्रह में उनकी ये कहानियाँ शामिल हैं: ‘उत्तराधिकारी’, ‘ज़ाब्ते की कार्रवाई’, ‘अगर हो जाता?’, ‘अंग्रेज़ का घुँघरू’, ‘अमर’, ‘चन्दन महाशय’, ‘कुल-मर्यादा’, ‘डिप्टी साहब’ और ‘जीत की हार’।
Naye Daur Ki Prerak Kahaniyan
- Author Name:
Jps Jolly
- Book Type:

- Description:
आज की इस प्रतिस्पर्धात्मक जिंदगी में स्वयं को जमाने से आगे रखने के लिए ज्ञान के साथ-साथ मानसिक बदलाव की भी आवशकता होती है। जो व्यक्ति ऐसा नहीं कर पाते, वो हर क्षेत्र में धीरे-धीरे पिछड़ने लगते हैं। ऐसे में प्रश्न यह उठता है कि जीवन में उत्साह बढ़ाने और जीत हासिल करने के लिए अपनी कार्यशैली में किस प्रकार से परिवर्तन लाया जाए, असल में हमारी जिंदगी की चाल भी नदी की तरह होती है। उसे भी कभी सीधा, कभी टेढ़ा, कभी ऊपर और कभी नीचे गिरना पड़ता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए इस पुस्तक में नए दौर की प्रेरक, ज्ञानवर्धक और मनोरंजक कहानियों का एक ऐसा सग्रंह तैयार किया गया है, जिससे आपको शानदार पैगाम मिलेंगे। साथ ही बदलाव की रौशन लौ आपके हौसलों को बुलंद करने के साथ लक्ष्य प्राप्ति में सहायक होगी। जैसे ही आप इस पुस्तक की कुछ कहानियाँ पढ़ना शुरू करेंगे आप को कुछ ही दिनों में यह अनुभव होने लगेगा कि आपके जीवन में जादुई करिश्मे होने लगे हैं। इतना सा प्रयोग करते ही आपको यह अनुभूति होने लगेगी कि आपके पास वो हुनर आ गया है, जिससे आप हर वो कार्य भी आसानी से कर सकते हैं, जो कल तक असभंव लगते थे। जौली अंकल द्वारा लिखी हुई नए दौर की प्रेरक कहानियों को करीब से समझते ही एक ओर जहाँ आपका हर ख्वाब हकीकत बनने लगेगा, वहीं आपका सारा जीवन उत्साह, उमंग और तरंग से भर जाएगा।
Raat Ki Bahon Mein
- Author Name:
Mohan Rakesh
- Book Type:

- Description:
एक ख़ास योजना के तहत हिन्दी के दस प्रमुख कथाकारों द्वारा लिखी गईं ये कहानियाँ भारतीय समाज में शहरीकरण से पैदा होनेवाले बदलावों को रेखांकित करती हैं।
दस अलग-अलग शहरों पर केन्द्रित इन कहानियों में नागरिक जीवन का एक बड़ा यथार्थ तो उभरकर आया ही है, नगरों की उन कठिनाइयों पर भी प्रकाश डाला गया है जो ख़ासकर रात में ही पैदा होती हैं। बीसवीं सदी के उत्तरार्द्ध में भारतीय समाज कौन-सा नया रूप ग्रहण कर रहा है, उसकी सांस्कृतिक चेतना किस ओर अग्रसर हो रही है, व्यक्ति का संघर्ष क्यों सामाजिक संघर्ष का रूप नहीं ले रहा है आदि जैसे हमारे समय के कुछ अहम सवालों की ओर ही इशारा नहीं करती हैं ये कहानियाँ बल्कि, अपनी तरह से इनके जवाब भी तलाशती हैं।
Mithuna
- Author Name:
Vasudhendra
- Book Type:

- Description:
ತೆಲುಗುನಲ್ಲಿ ಶ್ರೀರಮಣ ಬರೆದ ಈ ಕಥಾಸಂಕಲನ ಬಹಳ ಪ್ರಸಿದ್ಧಿಯನ್ನು ಪಡೆದಿದೆ. ಸುಮಾರು ಮೂರು ಲಕ್ಷಕ್ಕೂ ಹೆಚ್ಚು ಪ್ರತಿಗಳು ಆಂಧ್ರದಲ್ಲಿ ಮಾರಾಟವಾಗಿವೆ. ’ಮಿಥುನ’ ಕತೆಯನ್ನು ಆಧರಿಸಿ ಹಲವಾರು ಭಾಷೆಗಳಲ್ಲಿ ಸಿನಿಮಾ ಮಾಡಲಾಗಿದೆ. ಕನ್ನಡದ ಓದುಗರು ಇದನ್ನು ಅತ್ಯಂತ ಪ್ರೀತಿಯಿಂದ ತಮ್ಮ ನಾಡಿನ ಕತೆಗಳೆನ್ನುವಂತೆ ಸ್ವೀಕರಿಸಿದ್ದಾರೆ. ಸುಮಾರು ನಾಲ್ಕು ತಂಡಗಳು ಈ ಕತೆಗಳನ್ನು ಆಧರಿಸಿ ನಾಟಕವನ್ನು ರಂಗಭೂಮಿಗೆ ತಂದಿವೆ. ಕೊಡವ ಭಾಷೆಯಲ್ಲಿಯೂ ’ಮಿಥುನ’ ಕತೆಯನ್ನು ಆಧರಿಸಿ ನಾಟಕ ಮಾಡಿಸಿದ್ದು ಈ ಕತೆಯ ಹೆಗ್ಗಳಿಕೆ ಮತ್ತು ಜನಪ್ರೀತಿಗೆ ಧ್ಯೋತಕವಾಗಿದೆ.
Ansuni Aawazen
- Author Name:
Harsh Mander
- Book Type:

- Description:
भोपाल का गैस कांड, 1984 में दिल्ली और 1989 में भागलपुर में हुए दंगे, ओड़िसा का चक्रवात—ये कुछ घटनाएँ हैं जो हमारी सामूहिक स्मृति का हिस्सा बन चुकी हैं। लेकिन उन लोगों को हम अक्सर भूल जाते हैं जिन्हें वास्तव में इनका शिकार होना पड़ा था। इनके अलावा अन्य लोग भी हैं, मसलन—यौनकर्मी, दलित, सड़कों पर ज़िन्दगी गुज़ारनेवाले बच्चे, एचआईवी और कोढ़ जैसे रोगों के मरीज़ तथा अकालपीड़ित लोग—ये सब भी हमारी स्मृति में अक्सर दाख़िल नहीं हो पाते। ये लोग उस जनसंख्या का हिस्सा हैं जिसे विकास और प्रगति के नाम पर समाज के सबसे बाहरी हाशिये पर धकेल दिया गया है। इस पुस्तक में सामाजिक कार्यकर्ता और प्रशासक हर्ष मन्दर अपने और अपने साथियों के अनुभवों के आधार पर ऐसे ही बीस लोगों की ज़िन्दगियों का लेखा–जोखा पेश करते हैं—उनके संघर्ष का जो उन्होंने जीवित रहने, अपनी जिजीविषा को बचाए रखने के लिए किया। मिसाल के तौर पर बंगलौर के फुटपाथों पर भटकनेवाला वह बच्चा जो अब अपने जैसे दूसरे बच्चों को शिक्षा और रोज़गार पाने के मामले में मार्गदर्शन देता है, या फिर भोपाल गैस कांड में अनाथ हुआ वह ग्यारह वर्षीय किशोर जिसने अपने से छोटे दो बच्चों को पाला, एक युवा यौनकर्मी जिसने हैदराबाद की एचआईवी–पोजिटिव यौनकर्मी महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष किया, या फिर वह कुष्ठरोगी जिसने आशाग्राम में कुष्ठ कालोनी की स्थापना में सहायता देकर कोढ़ के कलंक से मुक्ति पाई। ये कहानियाँ सिर्फ़ ज़िन्दा–भर रहने के बारे में नहीं हैं, बल्कि ये सबूत के साथ बताती हैं कि इन लोगों ने किस तरह अपने विनम्र साहस, सहनशीलता और मानवीयता के बल पर परिस्थितियों पर फ़तह हासिल की। अनुभव की उष्ण अन्तर्धारा से सम्पन्न ये कहानियाँ जनसाधारण में निहित रचनात्मकता और जीवट को उजागर करती हैं और उन लोगों को चुनौती देती हैं जो भारत के भविष्य को लेकर निराश हैं।
Rishte
- Author Name:
Pankaj Subeer
- Book Type:

- Description:
Book
Maaran Mantra
- Author Name:
Vimal Chandra Pandey
- Book Type:

- Description:
समय के चालाक और कुटिल हेर-फेर के बाद बनारस के घोर-घनघोर जीवन को एक ऐसे किस्सागो की जरूरत थी, जो वक्त के साथ उतनी ही बेहयाई और बेरहमी से पेश आने की कुव्वत रखता हो। विमल चन्द्र पाण्डेय इस जरूरत को पूरा करते हैं। उनकी कहानी ‘जिन्दादिल’ का सिर्फ एक वाक्य ही काफी है—‘उनके घरों में पैसे की कमी थी, लेकिन उनके भीतर जीवन की कमी नहीं थी।’ इस छोटी-सी बनारसी अन्दाज की कहानी में ऊँचे तबके के ब्रांडेड जूतों के साथ निचले तबके के डुप्लीकेट जूतों की सीधी टक्कर है। विमल की कहानियों के पाँव अपने ठेठ लोकेल पर टिके हैं, लेकिन आँखें चारों तरफ देखती हैं। इन कहानियों में गजब का आमादापन है, बेधड़क लड़कपन है लेकिन इनके पात्र लम्पट नहीं हैं। अपनी सारी कमजोरियों और बदमाशियों के बावजूद उनके पास एक तेज और सनसनाती वर्ग चेतना है, धधकती हुई भावनाएँ हैं और सुलगती हुई गहराइयाँ भी जो ‘मारण मंत्र’ जैसी कहानी को सम्भव बनाती हैं। उसकी मार्मिकता जितनी विध्वंसक है उतनी ही आत्मघाती भी। प्रेम, रहस्य, वीभत्स तांत्रिक साधना और कामुकता के इस घातक मिश्रण को जाति और वर्ग भेद के कॉम्पलेक्स और ज्यादा जहरीला बना देते हैं। इन कहानियों में फटीचरों, मुफलिसों और गाँजा-चरस या शराब पीने वाले नशेड़ियों का हुजूम जिस धरातल पर खड़ा है, उस धरातल के तापमान को पहचानने की जरूरत है। ये बिखरे और बिफरे हुए लोग जिस स्थायित्व और सम्मान के हकदार हैं वह उन्हें नहीं मिला तो हमारी पूरी सामाजिक संरचनाएँ तार-तार हो सकती हैं। —मनोज रूपड़ा
Waqt Hai Ek Break Ka
- Author Name:
Rajendra Yadav
- Book Type:

- Description:
टी.वी. आज हमारे जीवन में जितनी गहराई तक उतर चुका है, उससे दुगुनी गहराई उसने शायद पतन की दिशा में हासिल कर ली है। वैचारिक शून्यता, दिशाहीनता, समाज की मूलभूत चिन्ताओं से निरपेक्ष रहने की आदत और सबसे ऊपर स्वयं को ईश्वर का स्थानापन्न मानने का ढीठ आत्मविश्वास। सस्ती अपराध कथाएँ, हत्याएँ, बलात्कार, भूत-प्रेत, अमीरों की लिजलिजी भावुक कहानियाँ, क्रिकेट और चटखारेदार राजनीति। लगभग यही सब है जो टी.वी. हमें चौबीसों घंटे दे रहा है। और यह सब जिस कारख़ाने में बनता है, या कहें कि जहाँ इसे परोसने लायक़ बनाया जाता है, वहाँ क्या होता है, परदे के परे के उस रहस्यलोक में कौन, कैसे और क्यों इन सिरकटे सपनों की कठपुतलियाँ नचा रहा है—इस किताब में शामिल कहानियाँ यही बताती हैं।
जनवरी 2007 में प्रकाशित ‘हंस’ के विशेषांक ‘ख़बर चैनलों में पहली बार’ के लिए विभिन्न अग्रणी चैनलों में काम कर रहे पत्रकारों ने अपनी आपबीती को आधार बनाकर ये कहानियाँ लिखी थीं। बेशक, सभी कहानियाँ कलात्मक शर्तों पर खरी नहीं उतरतीं लेकिन इनके माध्यम से छोटे परदे के भीतरी सच की जो छवियाँ सामने आई हैं, वे हौलनाक हैं। इनसे हमें पता चलता है कि किस तरह देश की श्रेष्ठ पत्रकार प्रतिभाएँ सिर्फ़ अपनी जगह सुरक्षित रखने के लिए एक-दूसरे को छुरा भोंकने में जुटी हैं, कैसे अकल्पनीय तनख़्वाहों का जाल उन्हें अपनी माया में बुन चुका है, और कैसे रचनात्मकता के नाम पर उनके पास सिर्फ़ ये छटपटाहट ही बची है जो इन कहानियों में प्रकट हुई है।
Ethiopia ki Lok Kathayen-2 (Folk Tales of Ethiopia)
- Author Name:
Sushama Gupta
- Book Type:

- Description:
लोककथाएँ किसी भी समाज की संस्कृति का एक अटूट हिस्सा होती हैं। आज से करीब सौ साल पहले ये लोककथाएँ केवल जबानी ही कही जाती थीं और कह-सुनकर ही एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को सौंप दी जाती थीं, इसलिए किसी भी लोककथा का मूल रूप क्या रहा होगा, यह कहना मुश्किल है। यह पुस्तक ऐसी ही कुछ अंग्रेजी की और कुछ दूसरी भाषा बोलनेवाले देशों की लोककथाएँ हिंदी भाषा बोलनेवाले समाज तक पहुँचाने का एक विनम्र प्रयास है। इनमें से बहुत सारी लोककथाएँ अंग्रेजी की पुस्तकों से, कुछ विश्वविद्यालयों में दिए गए शोध-प्रबंधों से, कुछ पत्रिकाओं से संकलित की हैं एवं कुछ कहानियाँ लोगों से सुनकर भी लिखी हैं। अब तक एक हजार से अधिक लोककथाएँ संकलित की जा चुकी हैं। इनमें से चार सौ से भी अधिक लोककथाएँ तो अकेले अफ्रीका की ही हैं। ये सभी लोककथाएँ ‘देश-विदेश की लोककथाएँ’ शीर्षक श्रृंखला के अंतर्गत प्रकाशित हो रही हैं। आशा है, ये लोककथाएँ पाठकों का मनोरंजन तो करेंगी ही, साथ में दूसरे देशों के समाज-रीति-नीति-संस्कृति व परंपराओं के बारे में भी जानकारी देंगी।
Kachhua Aur Khargosh
- Author Name:
Zakir Hussain
- Book Type:

- Description:
कुछ रचनाएँ ऐसी भी होती हैं, जो बच्चों के लिए लिखी जाती हैं, लेकिन उनकी शिक्षा या सीख सार्वभौमिक और सार्वकालिक होती है। ‘कछुआ और ख़रगोश’ डॉ. जाकिर हुसैन की ऐसी ही ज्ञानवर्द्धक कहानियों का संकलन है, जिसमें पशु-पक्षियों के बहाने मनुष्य के जीवन के विभिन्न पक्षों को उकेरा गया है।
‘कछुआ और ख़रगोश’ कहानी में विद्वानों और शिक्षकों पर तीखा व्यंग्य किया गया है जो अपने ज्ञान के जाल में मकड़ी की तरह स्वयं उलझ जाते हैं। वास्तविकता और वास्तविक तथ्यों की ओर ध्यान न देकर इधर-उधर भटकते हैं और दूसरों को भटकाते हैं। विद्वान अपनी विद्वत्ता का प्रदर्शन करने के लिए ऐसी भाषा का प्रयोग करते हैं जो बहुत ही कठिन और गूढ़ होती है। वे यह भूल जाते हैं कि बात जिससे की जा रही है, वह उसे समझ भी रहा है या नहीं। इस कहानी में प्रो. कपचाक़, प्रो. फ़िलकौर और अलफ़लसेफुलहिन्दी ने कहीं-कहीं ऐसी ही भाषा का प्रयोग किया है जो पढ़नेवालों के छक्के छुड़ा देती है।
क़ैद का जीवन जब एक बकरी के लिए इतना कष्टदायक हो सकता है, तो मनुष्य के लिए कितना होगा—यह जानकारी हमें ‘अब्बू ख़ाँ की बकरी’ से मिलती है जिसे आज़ादी के लिए अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है। इसी तरह ‘मुर्गी चली अजमेर’, ‘उसी से ठंडा उसी से गरम’, ‘जुलाहा और बनिया’, ‘सच्ची मुहब्बत’, ‘सईदा की अम्मा’ आदि ऐसी कहानियाँ हैं, जो जीवन के विभिन्न पक्षों को अपनी मनोरंजक शैली में प्रस्तुत करती हैं। बच्चों के लिए लिखी गई ये कहानियाँ बड़ों के लिए भी उपयोगी और मनोरंजक हैं।
Hampi Express
- Author Name:
Vasudhendra
- Book Type:

- Description:
ಹಂಪಿ ಎಕ್ಸ್ಪ್ರೆಸ್ (ಕನ್ನಡ)-ವಸುಧೇಂದ್ರ ಅವರ ಕನ್ನಡದಲ್ಲಿ ಸಣ್ಣ ಕಥೆಗಳ ಸಂಗ್ರಹವನ್ನು ಚಂದಾ ಪುಸ್ತಕದಿಂದ ಪ್ರಕಟಿಸಲಾಗಿದೆ. ಈ ಕೃತಿಯಲ್ಲಿ ವಾಸ್ತವಕ್ಕೆ ಹತ್ತಿರವಾದ ಮತ್ತು ಸಮಕಾಲೀನ ತಲ್ಲಣಗಳನ್ನು ಎದುರಿಸುವ ಹಲವು ವಿಷಯಗಳನ್ನು ಕಥೆಗಾರ ವಸುಧೇಂದ್ರ ಓದುಗರಿಗೆ ನೀಡಿದ್ದಾರೆ. ಈ ಕೃತಿಗೆ ಮಾಸ್ತಿ ಕಥಾ ಪ್ರಶಸ್ತಿ, ಬೇಂದ್ರೆ ಪುಸ್ತಕ ಬಹುಮಾನ ಮತ್ತು ವಾಸುದೇವ ಭೂಪಾಲಂ ಪ್ರಶಸ್ತಿ ಲಭಿಸಿದೆ.
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book