Arrowsmith
(0)
Author:
Sinclair LewisPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Contemporary-fiction₹
399
₹ 319.2 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Arrowsmith is an early major novel dealing with the culture of science. It was written in the period after the reforms of medical education flowing from the Flexner Report on Medical Education in the United States and Canada: A Report to the Carnegie Foundation for the Advancement of Teaching, 1910, which had called on medical schools in the United States to adhere to mainstream science in their teaching and research. Arrowsmith is a Nobel Award-winning novel by Vishwa Classic Books Translated into Hindi.
Read moreAbout the Book
Arrowsmith is an early major novel dealing with the culture of science. It was written in the period after the reforms of medical education flowing from the Flexner Report on Medical Education in the United States and Canada: A Report to the Carnegie Foundation for the Advancement of Teaching, 1910, which had called on medical schools in the United States to adhere to mainstream science in their teaching and research.
Arrowsmith is a Nobel Award-winning novel by Vishwa Classic Books Translated into Hindi.
Book Details
-
ISBN9788126707195
-
Pages380
-
Avg Reading Time13 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Avartha
- Author Name:
Asha Raghu
- Book Type:

- Description: DESCRIPTION AWAITED
Hash Tag Zindagi
- Author Name:
Shyam Chandele
- Book Type:

- Description: Book
Rajnigandha : Patkatha
- Author Name:
Mannu Bhandari
- Book Type:

- Description: मन्नू भंडारी की प्रसिद्ध कहानी ‘यही सच है’ और उस पर आधारित बासु चटर्जी की फ़िल्म ‘रजनीगंधा’। इन दोनों रचनाओं ने अपने-अपने क्षेत्र में इतिहास रचा था। ‘यही सच है’ अपनी जटिल भावभूमि और सघन संवेदना के चलते जहाँ हिन्दी की उत्कृष्ट कहानियों में शुमार हुई और बड़े पैमाने पर प्रशंसित-चर्चित होती हुई आज भी अपनी प्रासंगिकता में अडिग है, वहीं ‘रजनीगंधा’ फ़िल्म ने हिन्दी सिनेमा के कलात्मक और कॉमर्शियल विभाजन को शायद पहली बार ख़त्म किया और एक अत्यन्त संवेदनशील विषय को बेहद बारीकी से फ़िल्माते हुए लोकप्रियता के मानदंड स्थापित किए। उल्लेखनीय है कि ‘रजनीगंधा’ शायद अकेली ऐसी फ़िल्म है जिसे फ़िल्मफेयर के ‘पब्लिक’ और ‘क्रिटीक’, दोनों अवार्ड मिले। ‘रजनीगंधा’ की यह पटकथा सिनेप्रेमियों को एक बार पुन: अपनी स्मृतियों में बसी उस फ़िल्म के साथ होने का अहसास देगी और फ़िल्म में देखे अपने प्रिय पात्रों-दृश्यों को भाषा के टकराव में ज़्यादा निकट से देखने और समझने का अवसर उपलब्ध कराएगी।
Vachan - Award Winning Novel
- Author Name:
Kashi Bahadur Shreshth
- Book Type:

- Description: 'वचन' एउटा सामाजिक उपन्यास हो। 'वचन' मा सजीवता छ, वास्तविकता छ औ छ स्वाभाविकता का साथै सभ्यता को छाप! कृत्रिम भाव काँहीं देखिदैन। पुस्तक पढ़दा त्यसमा लेखिएका पात्र-पात्रीहरु तथा भाव एकदम सजीव जस्ता देखिन्छन्।
Ghar
- Author Name:
Vibhuti Narayan Rai
- Book Type:

- Description: समकालीन हिन्दी कथा-साहित्य के महत्त्वपूर्ण हस्ताक्षर विभूति नारायण राय का यह उपन्यास मध्यवर्गीय परिवार की विडम्बनापूर्ण जीवन-स्थितियों का दारुण दस्तावेज़ है। पेंशनयाफ़्ता मुंशी रामानुज लाल का यह घर क्यों ईंट-गारे के मकान में तब्दील होकर रह गया, ‘घर’ शब्द से जुड़ी ऊष्मा कैसे एकाएक वाष्प बनकर उड़ गई, एक ही छत के नीचे रहते हुए घर के प्राणी एक-दूसरे से एकदम कटकर संवादहीनता की अंधी सुरंग में क्यों फँस गए जहाँ न परिचित स्पर्श था और न ही स्वर? इन सवालों के जवाब के अलावा यह हमारी व्यवस्था की उन विडम्बनाओं और विद्रूपताओं की कहानी भी है जिनमें फँसकर एक पढ़ा-लिखा नवयुवक बेरोज़गारी का दंश झेलते हुए नपुंसक आक्रोश से भर उठता है और स्वयं से तथा समाज से आँखें चुराने लगता है, दूसरी तरफ़ यह उन हज़ारों राजकुमारियों के करुण दु:ख की कथा भी है जिन्हें कोई राजकुमार लेने नहीं आता। सरस भाषा और प्रवाहपूर्ण कथा विन्यास विभूति नारायण राय की अपनी विशिष्टता है जिसे पाठक इस उपन्यास में भी पाएँगे।
Weeds
- Author Name:
Deepak Borgave +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: WEEDS - Tankat (Sahitya Akademi Award-winning Marathi Novel)
Jalaanjali
- Author Name:
Pankaj Parashar
- Book Type:

- Description: Book
The Last Wish
- Author Name:
Abhishek Kumar
- Book Type:

- Description: Tommy (Tom), an Indian breed dog, was adopted by Amit who lived in Delhi in a rented house. Tommy was deeply connected with his master and the people in the colony he lived. Amit once left the home and Tommy was left alone in the colony. Tommy was not used to live like usual street dogs. He waited for his master for days and months but he didn't return back. Slowly he started getting involved with the other street dogs in the colony and discovered his parents living there. He also realized that he had a special talent of reading which he probably learnt by chewing the newspaper rolls daily. He got enough of love and care from his parents but his love for his master was never replaced. One day he saw a letter from his master which he wrote to the landlord. Tommy read the address and decided to go to his master's place- Gujarat. Although, he didn't had an idea about the distance, he left his parents to meet his master. Here's where Tommy's journey begins. He crosses the colony of a notorious dog named sultan and loses his parents during the course. He then gets picked up by a municipality bus and gets dropped in an unknown market. He meets a dog named Julie and falls in love with her. He discusses his desire to meet his master and learns that the place his master lives is very far away from there.
O je Kahiyo Gaam Chhalai
- Author Name:
Shubhendu Shekhar
- Book Type:

- Description: धर्म आ दर्शनक स्तर पर बहुलता भारतीय सभ्यता आ संस्कृतिक प्रमुख विशेषता रहल अछि। भारतीय समाज मे परस्पर विरोधी विचारधारा आपस मे टकराइत-मिलैत, सहअस्तित्वक संग समानान्तर गति सँ आगाँ बढ़ैत रहल। मुदा सत्ता-पोषित आ प्रायोजित धर्मक टारगेट पर सदिखन लोकधर्म आ सहिष्णु-समावेशी विचारधारा रहल। शुभेन्दु शेखरक विमर्शपरक उपन्यास 'ओ जे कहियो गाम छलै’ एहि साम्प्रदायिक घृणा मे अमानुष आ नृशंस होइत मिथिलाक गाम केँ बचेबाक आकांक्षा थिक। शुभेन्दु शेखरक दृष्टि वैज्ञानिक आ मानवीय छनि। ओ साम्प्रदायिकता केँ शहरी मध्यवर्गक बीमारी बुझैत छथि जे आब गामो मे नीक जकाँ पसरि चुकल अछि। सब प्रकारक दाओ-पेंच, घृणा, हिंसाक बीच रामगुलाम सन पात्र ओहि समन्वय परंपराक अंतिम कड़ी अछि जे सैकड़ो वर्ष मे निर्मित भेल छल। शुभेन्दु 'धर्म, आस्था, रूढि़ आ अंधविश्वासक बीचक मेंही रेहा’ केँ बचा लेब’ चाहैत छथि। समाज मे धार्मिक वैमनस्य पसारि क’ जंगल बनाब’वला राजनीतिक खिलाड़ीक लेल लेखकक ई चेतावनी—'जंगल के एक टा खूबी होइत छै जे एहि मे केम्हरो सँ घूसल जा सकैत छै,’ भविष्यक प्रति आशा जगबैत अछि। सम्पूर्ण उपन्यास मानवीय विवेकक धुरी पर केन्द्रित अछि। लोकोक्ति आ मुहावरा सँ गूँथल, किस्सागोईपूर्ण एहि उपन्यासक इंद्रधनुषी भाषाक छटा पाठक केँ बान्हैत अछि, संगहि मनुक्ख बनल रहबाक लेल उद्वेलित सेहो करैत अछि। —श्रीधरम
Boond Aur Samudra
- Author Name:
Amritlal Nagar
- Book Type:

- Description: पठनीयता के बल पर हिन्दी उपन्यास को ख्याति और प्रतिष्ठा दिलानेवालों में अमृतलाल नागर का नाम अग्रणी है। कई पीढ़ियों ने उनकी क़लम से निकले हृदयग्राही कथा-रस का आस्वाद लिया है। कथा-साहित्य के कई अविस्मरणीय चरित्रों की सृष्टि का सेहरा भी नागरजी के ही सर बँधा है। डॉ रामविलास शर्मा ने लिखा, “हिन्दी के कुछ लेखक मार्क्सवाद पर पुस्तकें भी लिख चुके हैं लेकिन उनके पात्र वैसे सजीव नहीं होते, जैसे गाँधीवादी लेखक अमृतलाल नागर के ‘सेठ बाँकेमल’ या ‘बूँद और समुद्र’ की ताई। इसका कारण यह है की मार्क्सवाद या गांधीवाद ही किसी लेखक को कलाकार नहीं बना देता। कथाकार बनाने के लिए मार्मिक अनुभूति आवश्यक है जो जीवन के हर पहलू को देख सके। सामाजिक जीवन की जानकारी ही न होगी तो दृष्टिकोण बेचारा क्या करेगा?” लखनऊ के नागर, मध्यवर्गीय सामाजिक जीवन का अन्तरंग और सजीव चित्रण करनेवाला यह उपन्यास हिन्दी उपन्यास-परम्परा में एक कालजयी कृति माना जाता है।
Shisha Ghar
- Author Name:
Pratyaksha
- Book Type:

- Description: ‘शीशाघर’ के केन्द्र में एक परिवार है जो सन् सैंतालिस में बिखरना शुरू होता है तो बिखरता ही जाता है। और जब हम एक मुल्क के, एक भरी-पूरी दुनिया के विभाजित होते जाने की त्रासदी से गुज़र रहे होते हैं तब एक इलहाम की तरह यह बात भीतर प्रकट होती है कि यह उपन्यास विभाजन और बिखराव से ज़्यादा उस अन्दरूनी इनसानी एकता के बारे में है जो इसके चरित्रों को बिखरकर भी बिखरने नहीं देती और वे एक-दूसरे से हज़ारों किलोमीटर दूर, दूसरे देशों में अपना रोज़मर्रा का जीवन जीते हुए भी एक-दूसरे से गहरे तौर पर जुड़े हुए हैं। इस उपन्यास के केन्द्र में है प्रेम, जिसका प्रवाह धर्म, नस्ल, राष्ट्र और भूगोल के सिरों को धूमिल करता, साथ ही लोगों के बसने, उजड़ने और फिर बसने की यादों को सहेजता चलता है। केन्द्रीय कथा से इतर भी इसमें बहुतेरे ऐसे चरित्र हैं जो प्रेम की आग में झुलसकर बन और बिगड़ रहे हैं या कि उनका व्यक्तित्व उस प्रेम की याद से बन रहा है। कभी न भूलनेवाले यादगार किरदारों, उनके द्वन्द्व और चाहनाओं, ज़िद और लापरवाहियों से बुनी हुई, देखी-जानी दुनिया के समानान्तर उतनी ही ज़िन्दा, सम्मोहक और मानीख़ेज़ एक दूसरी दुनिया।
Million Dollar ki Hera-Pheri
- Author Name:
Jeffrey Archer
- Book Type:

- Description: इसी उपन्यास से विश्वप्रसिद्ध लेखक जेफरी आर्चर का रोचक-रोमांचक उपन्यास, जो किसी मसाला मूवी का आनंद तो देता ही है; साथ ही माया के मोहजाल में फँसे किरदारों की मनःस्थिति भी दिखाता है।
Prem Ek Paltu Billi
- Author Name:
Nidhi Agarwal
- Book Type:

- Description: ‘प्रेम एक पालतू बिल्ली’ की कहानियों में उदासी से भरी कायनात की गहरी तफ़सीलें चली आई हैं और इस दुनिया के जोखिम भरे अनुभव, उनके यथार्थ-बोध का हिस्सा बनते गए हैं। इनमें दर्ज हुए विषाद की वजह खोजें तो वहाँ हमें, भीतर-बाहर से जूझती हुई ज़िन्दगी मिलेगी। स्त्री-पुरुष दोनों के किरदार, अपनी रूह में जागे हुए-से शैतानी फ़ितरतों से मुकाबले में दिखाई देंगे। तब ‘शैतानी तुरही’ जैसी कहानी में उभर आए अँधेरे, कीच और लीच ही नहीं बल्कि गहन अकेलेपन को भी आप बहुत सारे सवालों की नींव उधेड़ते हुए महसूस करेंगे। ये कहानियाँ जीवन में पैवस्त हुए नैतिक-अनैतिक से कहीं अधिक मनुष्य होने के ज़रूरी आधारों को पुकारती हैं। इस तरह वे इनसानी रूह को रोगिल बना देने पर आमादा हुए अँधेरे के ज़हर से टकरा रही हैं और यह ज़हर कई रंग का है, किन्तु जहाँ भी है, दारुण है। इसके भीतर जीवन को अवरुद्ध करने वाला पतन है, असम्भव क़िस्म की वारदातें हैं, जीवन की सुन्दरताओं को नष्ट कर जाने वाला पाप-बोध का विषैला पुष्प है, और है मनुष्यता की ओर से जारी हुई एक अनवरत जिरह, जो न होती तो ये कहानियाँ अधूरी रह जातीं। निधि अग्रवाल की कहानियाँ, यथार्थ के प्रचलित इलाक़ों की कहानियाँ नहीं हैं और न ही शिल्प की ज़रा-सी भी सुस्ती इन्हें मंज़ूर है। ये जीवन के भीतर और बाहर को शिद्दत-भरी संवेदनशीलता में रचने में कामयाब हुई कहानियाँ हैं, जिनकी भाषा की भीतर झाँकने वाली ख़ूबी बेजोड़ है।
Dwandw Kahan Tak Pala Jaye
- Author Name:
Aditya Shrivastava
- Book Type:

- Description: This book has no description
Aparajita
- Author Name:
Shraddha Joshi
- Book Type:

- Description: Shraddha Joshi Women Inpowerment Based Novel
Alibaba Aur Chalees Chor
- Author Name:
Prasoon Priya
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have description
Sarakfanda
- Author Name:
Vandana Rag
- Book Type:

- Description: बिट्टो अपनी माँ लाजो के जीवन और समय को समझने की यात्रा पर निकली है, जिनकी पत्थर मारकर हत्या कर दी गई है। बिट्टो के स्कूली दोस्तों का एक समूह है जहाँ भिन्न धार्मिक पहचान रखनेवाले ‘दोस्त’ समूह से बाहर खदेड़ दिए गए हैं; और बिट्टो जो इस बँटवारे के ख़िलाफ़ है, उससे पूछा जा रहा है कि “सू, हमेशा गुस्से में क्यों रहती है आजकल तू?” यह रोमान के ख़त्म होने और उसके कॉम्प्लिकेटेड होते जाने का भी आख्यान है। ‘सरकफंदा’ विभाजन की डरावनी निरन्तरता के बारे में है, जहाँ लोग देश से प्यार का दम तो भरते हैं लेकिन आपसी बन्धुत्व की भावना को ख़त्म करने में लगे हैं। ‘सरकफंदा’ का एक सिरा गुलाम भारत में खुलता है दूसरा निपट वर्तमान में। दोनों के बीच वह भविष्य है जिस पर यह कसता ही जा रहा है। इस उपन्यास में बिल्ला उर्फ़ लाइब्रेरियन एक अद्भुत रूपक और रिलीफ़ की तरह उपस्थित है जो अतीत और वर्तमान, भ्रम और ज्ञान के सरकफंदे के बीच निर्लिप्त आवाजाही रखता है और वर्तमान पर क़ाबिज़ घातक परछाइयों के बीच अपने खेल से जीवन की स्वाभाविकता को राह दिखलाता चलता है। लाजो और बिट्टो का सिनेमची होना भी वह दूरी सम्भव करता है कि घट रहे को उसके घटाटोप से ज़रा दूर होकर देखा जा सके। हमारे समय के यथार्थ की सघन, आवेग-भरी, कलात्मक दुनिया।
I Wish You Were Not Here
- Author Name:
Deepshikha Saw
- Rating:
- Book Type:

- Description: An aspiring tennis player in her 20’s returns from her tournament only to realise that the world is fighting a pandemic. A lockdown that started as a 21-day thing changes the next two years of her life. Caged within the four walls, she decides to pursue a career completely different from a sportsperson. Observing the world adapt to the unexpected changes, she starts writing diary entries. Reconnecting with old friends, learning new things, and exploring her new self, she keeps herself busy. But with the celebration of the new year, a new variant emerges, and she is left thinking if it is the new normal. Will she ever get to play tournaments again? Will her life be back to normal?
Karbala Dar Karbala
- Author Name:
Gourinath
- Book Type:

- Description: 1980's blindings to 1989's massacre 'कर्बला दर कर्बला' अपने ढंग का एक अलग उपन्यास है। विमर्शों के इस दौर में यह अपना नया विमर्श चाहता है। गौरीनाथ का यह उपन्यास हमें एक भयावह दुनिया में ले जाता है। ऐसी दुनिया में जो अपराध जगत, पुलिस-प्रशासन और कट्टर धार्मिक संगठनों के गँठजोड़ से बनी है और जहाँ युवाओं के मधुर हो सकने वाले पल भी सहसा कटु हो उठते हैं। यह भागलपुर की दास्तान है। उसी भागलपुर की, जहाँ का अँखफोड़वा काण्ड और नब्बे के दशक में महीनों चले साम्प्रदायिक दंगों ने पूरे इतिहास को ही झकझोर दिया था। शिव और ज़रीना के सपनों की कहानी के बहाने लेखक ने ऐसी कथा बुनी है जो सत्ता और पूँजी के बल पर उत्पीड़ित और लांछित मानवता की कहानी बन गई है। 'कर्बला दर कर्बला' में कल्पना और यथार्थ से भी आगे बढ़कर तथ्यात्मकता को जिस तरह पिरोया गया है वह हिन्दी में उपन्यास-लेखन के क्षेत्र में एक साहसिक प्रयोग है। इस उपन्यास को पढऩा एक दु:स्वप्न से गुज़रना है। मगर उस दु:स्वप्न में कोई फ़ैंटेसी नहीं, बल्कि सच्चाइयों के बनते-बिगड़ते चित्र भरे पड़े हैं। रोंगटे खड़े कर देने वाले चित्र। —अब्दुल बिस्मिल्लाह ... और... भागलपुर से डॉ चन्द्रेश कहते हैं-- लेखक-पत्रकार गौरीनाथ ने बिहार के भागलपुर शहर को केन्द्र में रखकर लगभग दस साल के कालखण्ड में हुए उन चर्चित घटनाओं को समेटने की कोशिश की है, जिसने इस अत्यंत प्राचीन और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शहर के चेहरे को दाग़दार बनाया है, वह चाहे कुख्यात अंधाकरण काण्ड हो या 1989 का भयानक हिन्दू-मुस्लिम दंगा। लेखक ने यथासंभव तटस्थ भाव से इन घटनाओं का सूक्ष्म अन्वेषण कर इसके इर्द-गिर्द गल्प का ताना-बाना बुना गया है, जो उपन्यास के बहाने अपने आप में एक महत्त्वपूर्ण दस्तावेज़ भी है यानी दस्तावेज़ में उपन्यास की महक और उपन्यास में दस्तावेज़ की झलक।
Khairiyat Hai Huzoor
- Author Name:
Urmila Shirish
- Book Type:

- Description: Book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book