Sitayan
(0)
₹
225
₹ 180 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Book
Read moreAbout the Book
Book
Book Details
-
ISBN9789390593903
-
Pages120
-
Avg Reading Time4 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Nanna Tangi Eeda
- Author Name:
Harsha Raghuram +1
- Book Type:

- Description: ಟಿಲ್ಡಾಳದು ಕಟ್ಟು ನಿಟ್ಟಿ ನ ದಿನಚರಿ. ಮಾಸ್ಟರ್ ಪದವಿಯ ಓದು, ಸೂಪರ್ ಮಾರ್ಕೆ ಟ್ ನಲ್ಲಿ ಕೆಲಸ ಮತ್ತು ಅವಳ ಪುಟ್ಟ ತಂಗಿ ಈಡಾಳನ್ನು ಹಾಗೂ ಒಮ್ಮೊ ಮ್ಮೆ ಅವಳ ಮದ್ಯವ್ಯಸನಿ ತಾಯಿಯನ್ನೂ ನೋ ಡಿಕೊ ಳ್ಳುವುದರ ನಡುವೆ ಅವಳಿಗಾಗಿ ಸಮಯ ಸಿಗುವುದೇ ಕಡಿಮೆ. ಅವರ ಮನೆಯಲ್ಲಿ ತಂದೆ ಎನ್ನಿಸಿಕೊ ಂಡ ವ್ಯಕ್ತಿ ಇಲ್ಲ. ಈ ಮೂವರ ವಾಸ ಜರ್ಮ ನಿಯ ಸಣ್ಣದೊ ಂದು ಊರಿನ ‘ಖುಷಿಯ ರಸ್ತೆ’ಯಲ್ಲಿ. ಟಿಲ್ಡಾಳಿಗೆ ಆ ಊರಿನ ಜೀ ವನ ರೇ ಜಿಗೆ ಹುಟ್ಟಿ ಸುತ್ತಿದೆ. ಅವಳ ಗೆಳೆಯ ಗೆಳತಿಯರು ಊರು ಬಿಟ್ಟು ಆಮ್ ಸ್ಟರ್ ಡಾಮ್ ಮತ್ತು ಬರ್ಲಿ ನ್ ನಂತಹ ದೊ ಡ್ಡ ಊರುಗಳನ್ನು ಸೇ ರಿಕೊ ಂಡುಬಿಟ್ಟಿ ದ್ದಾರೆ. ಈಡಾಳಿಗೆ ಆಸರೆಯಾಗಲೆಂದು ಟಿಲ್ಡಾ ಆ ಸಣ್ಣ ಊರಿನಲ್ಲೇ ಉಳಿದು ಮನೆಯ ಸಂಪೂರ್ಣ ಜವಾಬ್ದಾರಿಯನ್ನು ಹೊ ತ್ತುಕೊ ಂಡಿದ್ದಾಳೆ. ಹೀ ಗಿರುವಾಗ ಒಂದು ದಿನ ಬರ್ಲಿ ನ್ ನ ದೊ ಡ್ಡ ವಿಶ್ವವಿದ್ಯಾ ಲಯದಲ್ಲಿ ಪಿಎಚ್ ಡಿ ಮಾಡುವ ಅವಕಾಶವೊ ಂದು ಟಿಲ್ಡಾಳನ್ನು ಅರಸಿ ಬರುತ್ತದೆ. ಅವಳು ತನ್ನ ಸಣ್ಣ ಊರಿನ ಜೀ ವನದಿಂದ ಬಿಡುಗಡೆ ಹೊ ಂದುವ ಕನಸನ್ನು ಕಾಣತೊ ಡಗುತ್ತಾಳೆ. ಇದ್ದಕ್ಕಿ ದ್ದಂತೆ ಯುವಕ ವಿಕ್ಟ ೋರ್ ಊರಿಗೆ ಮರಳುತ್ತಾನೆ. ವಿಕ್ಟ ೋರ್ ನ ತಮ್ಮ ಈವಾನ್ ಟಿಲ್ಡಾಳ ಗೆಳೆಯನಾಗಿದ್ದ. ಟಿಲ್ಡಾಳಂತೆ ವಿಕ್ಟ ೋರ್ ಕೂಡ ಹೊ ರಾಂಗಣ ಈಜುಕೊ ಳದಲ್ಲಿ 22 ಸುತ್ತುಗಳನ್ನು ಈಜುತ್ತಾನೆ. ಜೀ ವನದಲ್ಲಿ ಎಲ್ಲವೂ ಸರಿ ಹೋ ಗುತ್ತಿದೆ ಎಂಬ ಭಾವನೆ ಟಿಲ್ಡಾಳಿಗೆ ಬರುತ್ತಿದ್ದಂತೆಯೇ ಮನೆಯ ಪರಿಸ್ಥಿತಿ ಕೈ ಮೀ ರಿ ಹೋ ಗುತ್ತದೆ. ‘ನನ್ನ ತಂಗಿ ಈಡಾ’ ಕಾದಂಬರಿಯಲ್ಲಿ ಜರ್ಮ ನಿಯ ಸಣ್ಣ ಊರಿನ ಕೌಟುಂಬಿಕ ತಲ್ಲಣಗಳ ಗಾಢ ಚಿತ್ರಣವಿದೆ. ಇಲ್ಲಿ ಜವಾಬ್ದಾರಿ ಮತ್ತು ಸ್ವಾ ತಂತ್ರ್ಯಗಳ ನಡುವೆ ಖುಷಿಯನ್ನು ಕಂಡುಕೊ ಳ್ಳುವ ತುಡಿತವಿದೆ.
Swadesh
- Author Name:
Mamta Chandrashekhar
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक एक उपन्यास है, जो यथार्थ के पंख लगाकर काल्पनिकता के धरातल पर एक सशक्त भारत की आधारशिला रखता है। 16 भागों में विभाजित इस उपन्यास में एक ऐसे सेवानिवृत्त प्राध्यापक की जिद में लिपटी जीवंतता को समेटा गया है, जो बौद्धिक प्रतिभा पलायन (brain drain) के बहाव को रोकना अपना राष्ट्रधर्म मानते हैं। वैश्विक पटल पर भारतमाता के सम्मान की जीवंत गाथा को अमरत्व प्रदान करने के लिए नवयुवकों को स्वदेश में रहने के लिए एक वातावरण की संरचना करने का नवाचार करते हैं। वह शैक्षणिक संस्थाओं, नवयुवकों व भारतीय परिवारों की चिर-परिचित मान्यताओं को अपने लक्ष्य के अनुरूप ढालने की चुनौती का सामना करते हैं। जनसामान्य की मानसिकता को परिवर्तित करने के लिए संघर्ष करते हैं। उनका मानना है, भौतिक सुख-सुविधाओं की चाह में स्वदेश छोड़ परदेश की ओर आकर्षित होते नवयुवक विदेशी राज्यों का माथा ऊँचा करते हैं। वे वहाँ पर उस हुनर का इस्तेमाल करते हैं, जिसे भारतमाता ने अपने आँगन के संस्कारों से पोषित किया है, अपनी खाद-पानी से सिंचित किया है। प्राध्यापक अपना शेष जीवन स्वदेश आंदोलन को समर्पित कर देते हैं ताकि भारतमाता के माथे से पिछड़े राष्ट्र के चिह्न को मिटा सकें और बुढ़ापे से जूझते बूढ़े माँ-बाप को वृद्धाश्रम में न रहना पड़े; उन्हें परदेश में रहनेवाली अपनी संतान का मुँह देखे बिना तड़प-तड़पकर न मरना पड़े। अपनों से अपनों का अपनत्व बना रहे। इसके लिए प्रोफेसर एक मिशन छेड़ते हैं ‘स्वदेश’।
Bhoomi
- Author Name:
Asha Bage
- Book Type:

- Description: ವ್ಯಕ್ತಿಗಳಿಗೆ ಏಕಕಾಲಕ್ಕೆ ವ್ಯಕ್ತಿತ್ವ ಮತ್ತು ಚೈತನ್ಯತತ್ವದ ರೂಪ ನೀಡುವುದು ಆಶಾ ಬಗೆ ಅವರ ಕಥಾಸೃಷ್ಟಿಯ ಒಂದು ಮಹತ್ವದ ವೈಶಿಷ್ಟ್ಯ, ಬದುಕಿನ ಬಗೆಗಿನ ಶ್ರದ್ಧೆಯನ್ನು ಬಲಿಷ್ಠಗೊಳಿಸುವ ಮತ್ತು ಮನುಷ್ಯ ಜೀವನದಲ್ಲಿಯ ಸೌಂದರ್ಯದ ದರ್ಶನ ಮಾಡಿಸುವಂಥ ಬರವಣಿಗೆಯನ್ನು ಅವರ ಕಥೆ- ಕಾದಂಬರಿಗಳಲ್ಲಿ ಕಾಣಬಹುದು. ಆಶಾ ಬಗೆ ಕಥೆಗಾರ್ತಿಯಾಗಿ, ಕಾದಂಬರಿಗಾರ್ತಿಯಾಗಿ ಮರಾಠಿ ಕಥಾ ಪ್ರಪಂಚದಲ್ಲಿ ಅಗ್ರಗಣ್ಯ ಸ್ಥಾನವನ್ನು ಪಡೆದವರು. 'ಮಾರವಾ', 'ದರ್ಪಣ' ದಂತಹ ಕಥಾ- ಸಂಗ್ರಹಗಳು, 'ಭೂಮಿ', 'ಸೇತು', 'ಮುದ್ರಾ' ದಂತಹ ಕಾದಂಬರಿಗಳನ್ನು ರಚಿಸಿ ಮರಾಠಿಯ ಸಹೃದಯ ಓದುಗರ ಗಮನವನ್ನು ಸೆಳೆದಿದ್ದಾರೆ. ಮನದೊಳಗೆ ಮೂಡಿದ ವಿಚಾರವನ್ನು ಖಚಿತವಾಗಿ ಮಾಡಿ ತೋರಿಸುವ, ಯಾರ ಎದುರಿಗೂ ಕೈ ಒಡ್ಡದೆ, ಯಾರಿಗೂ ತಲೆಬಾಗದೆ, ಮಣಿಯದೆ ಛಲದಿಂದ ತನ್ನ ಹಾದಿಯನ್ನು ತಾನೇ ರೂಪಿಸಿಕೊಂಡ, ಭೂಮಿಯ ಧಾರಣಶಕ್ತಿಯನ್ನೂ ಸಹನೆಯ ಗುಣವನ್ನೂ ಪಡೆದ ಮೈಥಿಲಿಯು ತನ್ನ ಸ್ವಂತ ಆಸ್ಮಿತೆ ಗಾಗಿ, ಅಸ್ತಿತ್ವಕ್ಕಾಗಿ ನಡೆಸಿದ ಹೋರಾಟ ಅನನ್ಯ ಮತ್ತು ಅವಿಸ್ಮರಣೀಯ. ಇದೇ ಈ 'ಭೂಮಿ' ಕಾದಂಬರಿಯ ವಿಶೇಷತೆ. ಚಂದ್ರಕಾಂತ ಪೋಕಳೆಯವರು ಕನ್ನಡದ ಪ್ರಸಿದ್ಧ ಭಾಷಾಂತರಕಾರರಲ್ಲಿ ಒಬ್ಬರು. ಕನ್ನಡ ಮರಾಠಿಯ ಸೇತುವೆಯಾಗಿ 30 ವರ್ಷಗಳಿಂದ ಕಾರ್ಯನಿರ್ವಹಿಸುತ್ತಿರುವ ಅವರು ಈವರೆಗೆ ತೊಂಬತ್ತು ಮರಾಠಿ ಕೃತಿಗಳನ್ನು ಕನ್ನಡಕ್ಕೆ ತರ್ಜುಮೆ ಮಾಡಿದ್ದಾರೆ. ಅವರು ಎರಡು ಬಾರಿ ಕರ್ನಾಟಕ ಸಾಹಿತ್ಯ ಅಕಾಡೆಮಿಯ ಪ್ರಶಸ್ತಿ, ಕುವೆಂಪು ಭಾಷಾ ಭಾರತಿ ಗೌರವ ಪ್ರಶಸ್ತಿ ಮತ್ತು ಕೇಂದ್ರ ಸಾಹಿತ್ಯ ಅಕಾದೆಮಿಯ ಅನುವಾದ ಪ್ರಶಸ್ತಿಗೆ ಭಾಜನರಾಗಿದ್ದಾರೆ. ಪ್ರಸ್ತುತ 'ಭೂಮಿ' ಕಾದಂಬರಿಯನ್ನು ಕನ್ನಡದ್ದೇ ಕೃತಿ ಎಂಬಂತೆ ಅನುವಾದಿಸಿದ್ದಾರೆ.
Main Nastik Hoon
- Author Name:
Rajesh Sonwar
- Book Type:

- Description: Book
Hash Tag Zindagi
- Author Name:
Shyam Chandele
- Book Type:

- Description: Book
The Roof Beneath Their Feet
- Author Name:
Geetanjali Shree +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: In this beautifully crafted novel, roofs have a special place; they are meant for wild things, for romance and for play, they are places to dry pickles and grains while exchanging gossip about quiet caresses. But above all, they are realms of freedom. In The Roof Beneath their Feet, Chachcho and Lalna use their roofs to build a friendship that transcends time and memory. Suddenly one day, Lalna has to leave, to return only after Chachcho’s passing. Amidst rumors and gossip in the neighborhood, Chachcho’s nephew tries to piece together his memories of the two women, one of whom is his mother. The truth he is searching for could destroy him forever, but to not find out is no longer an option. A story of twists and turns, The Roof Beneath Their Feet, translated from the original Hindi by Rahul Soni, is easily one of the best contemporary novels you have read in a long time.
Phoolsunghi
- Author Name:
Gautam Choubey
- Rating:
- Book Type:

- Description: ‘Babu Sahib! You must have heard of a phoolsunghi—the flower-pecker—yes? It can never be held captive in a cage. It sucks nectar from a flower and then flies on to the next.’ When Dhelabai, the most popular tawaif of Muzaffarpur, slights Babu Haliwant Sahay, a powerful zamindar from Chappra, he resolves to build a cage that would trap her forever. Thus, the elusive phoolsunghi is trapped within the four walls of the Red Mansion. Forgetting the past, Dhelabai begins a new life of luxury, comfort, and respect. One day, she hears the soulful voice of Mahendra Misir and loses her heart to him. Mahendra too, feels for her deeply, but the lovers must bear the brunt of circumstances and their own actions which repeatedly pull them apart. The first ever translation of a Bhojpuri novel into English, Phoolsunghi transports readers to a forgotten world filled with mujras and mehfils, court cases and counterfeit currency, and the crashing waves of the River Saryu.
Dhuan
- Author Name:
Amrit Rai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Peer Nawaz
- Author Name:
Raju Sharma
- Book Type:

- Description: राजू शर्मा मन:स्थितियों की महीन डिटेल्स से अपने कथा-पात्रों का व्यक्तित्व रचते हैं। कहानी को सरपट इतिसिद्धम तक ले आनेवाले कथाकारों से अलग उनकी कहानी एक पूरा वातावरण बुनती हुई चलती है, असंख्य सच्चाइयों का एक विस्तृत ताना-बाना जिसका हर रेशा किसी साधारण कथाकार के लिए एक अलग कहानी या उपन्यास का विषय बन जाए। इसी गझिन बुनावट में उनका कथा-रस निवास करता है जिसमें पाठक उनके पात्रों के साथ अपने ख़ुद के मन की कई परतों को भी आकार लेते महसूस करता है। यह कथा जतिन की है जिसके साथ कथावाचक राघव का रिश्ता कुछ इस तरह से जटिल है: 'एक क्षण के लिए कल्पना कीजिए कि अचानक एक अजनबी सामने प्रकट होता है, जो तीस साल पहले तुम्हारा कॉलेज का सहपाठी था, आम दोस्ती थी...स्वाभाविक था तुम उसे भूल गए। अब वह सामने खड़ा है और एक निरीह नग्नता से अपना नाम, पता बतला रहा है। जैसे ही तुमने उसे पहचाना, एक स्मरण ने तुम्हें बाँध लिया : एक तस्वीर, अधखुले दरवाज़े का एक फ्रेम, जिसके पीछे यही शख़्स तुम्हारी प्रेमिका को बाँहों में बाँधे चूम रहा था।’ सालों बाद हुई इस मुलाक़ात के बाद धीरे-धीरे उसका एक नया रूप सामने आता है। वह बताता है कि उसे कहानी लिखने का वायरस लग गया। वह कहानियाँ लिखता है जो सच हो जाती हैं। वह उसे अपनी कहानियाँ सुनाता है और फिर कहता है... ‘डॉ. राघव रे, प्लीज़ सेव मी, आई एम सिंकिंग।’ ‘उसकी मनोदशा सामान्य नहीं थी, वह बीमार था और नहीं भी था। पर उसका स्वास्थ्य बिगड़ता चला गया...अन्त में एक वक़्त आया जब जतिन गम्भीर हालत में अस्पताल में भरती हुआ।’ लेकिन फिर एक दिन वह अस्पताल से ग़ायब हो गया...
Kariyan
- Author Name:
Bhisham Sahni
- Book Type:

-
Description:
भीष्म साहनी ने अपने लेखन में सामाजिक-नैतिक असंगतियों, मध्यवर्ग के दोहरे मानदंडों, परिवार व विवाह संस्थाओं के विरोधाभासों को निशाना बनाया है।
‘कड़ियाँ’ भीष्म साहनी का महत्त्वपूर्ण उपन्यास है। इसकी विषयवस्तु एक ऐसे मध्यवर्गीय परिवार से सम्बन्ध रखती है जो परम्परागत संस्कारों में जकड़ा हुआ है, लेकिन इसका मुख्य कथानक दाम्पत्य जीवन की कड़वाहट और स्त्री की असहाय स्थिति से सम्बन्धित है। एक तरफ़ रूढ़ नैतिक मान्यताएँ हैं जो पति-पत्नी के सम्बन्धों में दरार पैदा कर देती हैं और दूसरी तरफ़ पत्नी की आर्थिक परनिर्भरता है जिसके कारण उसे अनेक मानसिक यंत्रणाओं से गुज़रना पड़ता है।
पुरुष प्रधान समाज में स्त्री के हिस्से आनेवाली पीड़ाओं और अत्याचारों का अंकन इस उपन्यास में बहुत बारीकी से किया गया है। तनाव और विघटन के क्षणों को उकेरने में लेखक ने विशेष कौशल का परिचय दिया है।
Katra Katra Zindagi
- Author Name:
Mukesh Dubey
- Book Type:

- Description: Book
Laharon Ka Aarav
- Author Name:
R. Krishnamurthi 'Kalki' +1
- Book Type:

- Description: लहरों का आरव प्रसिद्ध तमिल लेखक रा कृष्णामूर्ति 'कल्कि' द्वारा लिखित और साहित्य अकादेमी द्वारा पुरस्कृत उपन्यास अलैयोशे का हिन्दी अनुवाद है। उपन्यास में स्वतंत्रता संग्राम के दौरान १९३० से १९४७ तक की अठारह वर्ष की कहानी को विभिन्न पात्रों के ज़रिए उभारा गया है। यह वह समय था, जब भारत की धरती पर कई बड़ी घटनाएँ एक साथ घट रही थीं। एक तरफ़ राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी अपनी अहिंसा की शक्ति के दम पर पर करोड़ों भारतीयों के मन पर राज कर रहे थे तो ख़ुद यहाँ की जनता भी परिवर्तन के लिए कई क्रांतिकारियों कदम उठा रही थी। देश की स्वतंत्रता के लिए हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुरूप कोई-न-कोई कदम उठा रहा था। इन छोटे बड़े प्रयासों की गूँज इस उपन्यास में आप सर्वत्र महसूस कर सकते हैं।
Aaranyak
- Author Name:
Keshkar Thakur +1
- Book Type:

- Description: आरण्यक भारतीय साहित्यमे अनेक एहन महान विभूति लोकनि छथी जे अपना कृतित्व साँ अपन युग आ समकालीन परिदृष्क समृद्ध कयलनि अछि आ ओकरा एक नव दृष्टि प्रदान कयलनि अछि। एहि उपन्यासमे उपन्यासकार 'प्रकृत प्रदत' वन-संपादमे प्रकृति चित्रण, मानवीय संवेदनाक घटित घटनाकाँ अनुभवक आधार पर मनुष्यक लेल एक एहन कथानकक निर्माण कयलनि अछि, जाहिसाँ जीवन-जगतक सत्यता बहुत लग साँ देखल गेल अछि। ई एक अनुपम, अनुभूतिपूर्ण स्मृति-कथा अछि जे मनुष्य जीवनक आख्यान आ ओकर यात्राकाँ सार्थक करैत अछि। ई एक प्रकरें मानव जीवक एकांत समानुभूतिशील साहचर्यक आख्यान थीक।
Bhoolana
- Author Name:
Chandan Pandey
- Book Type:

- Description: दिनोंदिन भीषण होते समय को भाषा में अंकित करने के संघर्ष को जीनेवाली, चन्दन पाण्डेय की कहानियों का बहुचर्चित संग्रह है—भूलना। हम भूल जाने लगे हैं, बिलकुल सामने बैठे को, जरा-सी दूरी पर वहाँ मरते हुए आदमी को। हमारी आँखें खुली हैं, पर उनके भीतर जो दृश्य नाच रहे हैं वे हमारे भीतर चल रहे विध्वंस के हैं, वे हमें किसी तक ले नहीं जाते, अपने अलावा किसी और का नहीं बनाते, और अपना भी कितना! संग्रह की शीर्षक कहानी उस विनाश का दस्तावेज़ है जिसके बीच हम कुछ भी न देखते, कुछ भी न याद रखते हुए आज आ खड़े हैं। यह अकारण नहीं कि चन्दन पाण्डेय की कथा-भाषा रस का सृजन नहीं करती। एक रचनाकार के रूप में वह इस विनाश को देख पा रहे हैं और उसे पूरा का पूरा इस तरह हम तक पहुँचा देना चाहते हैं कि उसकी निर्णायक भयावहता को हम समझ सकें। संग्रह की पहली कहानी प्रेम की हत्या के बारे में है—एक योजनाबद्ध हत्या—ख़बरिया अर्थ में योजनाबद्ध नहीं—संस्कृति की ज़मीन में दबी प्रेम-विरोध की सुरंगों की योजना जिसको अचूक बनाने पर यह समाज लगातार काम करता रहता है, और अर्थव्यवस्था के हिलते पाये जिसमें अपनी मददगार भूमिका निभाते हैं। इनके अलावा ‘नकार’, ‘परिन्दगी है या नाकामयाब है’, ‘सुनो’ और ‘सिटी पब्लिक स्कूल, वाराणसी’ शीर्षक कहानियाँ पुनः जीवन के किसी हलक़े या उम्र के किसी पड़ाव पर समाज की संरचना में स्वीकृति पातीं विसंगतियों को उनके सभी आयामों के साथ चिन्हित करती हैं। अपने कथाकार की क्षमता को रेखांकित करता यह संग्रह अविस्मरणीय है।
Roti Ke Char Harf
- Author Name:
Alok Ranjan
- Book Type:

- Description: यात्राएँ आलोक रंजन के स्वभाव में पैबस्त हैं। कहानियाँ लिखते हुए भी वे यात्राएँ करते रहते हैं—कभी बाहर की, कभी अन्तर्मन की। सबसे खूबसूरत बात यह है कि इन यात्राओं में वे आपके सहयात्री बन जाते हैं—हाथ पकड़कर चरित्रों, घटनाओं, दृश्यों की यात्राएँ करवाने वाले। जैसा कि एक कहानी में कहते हैं—‘ताकि एक आँख बाहर रहे और दूसरी अन्दर देखती रहे।’ आलोक डिटेलिंग के कथाकार हैं—चरित्रों के अन्तः एवं बाह्य रूप, दृश्यावलियाँ, बदलते घटनाक्रम—यह सब इतने स्वाभाविक और बारीक विवरणों के साथ कि उन पर विश्वास करने की इच्छा जन्म लेने लगती है। अगर आलोक आपको चुपके से दक्षिण भारत की यात्रा पर ले जाते हैं तो यह एक कल्चरल शॉक की तरह नहीं आता बल्कि चरित्र, वातावरण सबके साथ एकाकार होकर आपके अन्दर उतरता है। उनके चरित्र हममें से ही एक मालूम होते हैं—उनकी पीड़ाएँ, उनकी खूबियाँ, उनके शोषण, उनकी कामनाएँ—सब हमारी ही प्रतिछवियाँ हैं। आलोक की कहानियों में प्रेम की अनुपस्थित उपस्थिति रहती है। कुछ कहानियों में प्रेम है भी और नहीं भी है—मुखर रहते हुए भी मौन है—‘इस दुनिया के किनारे’, ‘जलते सबके मकान’, ‘स्वाँग के बाहर’ आदि कहानियाँ इस आलोक में पढ़ी जा सकती हैं। आलोक भाषाई तरलता का एक ऐसा स्वाभाविक वितान रचते हैं जिसमें हिन्दी, उर्दू, मैथिली, दक्षिण भारतीय भाषाएँ सब घुल-मिलकर एक रूप हो जाती हैं और धीमे-धीमे बहती नदी का रूप धरती रहती हैं। कहानियों की अन्य खूबियों के साथ जो गहरे आकर्षित करती है, वह है आलोक की नुक्ता-ए-नज़र—आलोक की पॉलिटिक्स बिलकुल साफ है, जो उनके पात्रों के चयन से ज़ाहिर हो जाती है—तकरीबन सभी चरित्र निम्नवर्गीय या निम्नमध्यवर्गीय हैं। जी में चीजों को बदलने की बहुत उत्कट इच्छा न भी हो तो समय के साथ, परिस्थितियों के साथ लड़-भिड़कर लहूलुहान हो जाने की सदिच्छा जरूर है।पंकज मित्र
Deewar Me rasta
- Author Name:
Tejendra Sharma
- Book Type:

- Description: Description Awaited
Aadha Gaon
- Author Name:
Rahi Masoom Raza
- Book Type:

- Description: आधा गाँव, यानी गंगौली। ज़िला ग़ाज़ीपुर (उत्तर प्रदेश)। काल-परिप्रेक्ष्य–1947, स्वाधीनता के समय होनेवाला देश-विभाजन। गंगौली मुस्लिम-बहुल गाँव है और यह उपन्यास है–इस गाँव के मुसलमानों का बेपर्द जीवन-यथार्थ। पूरी तरह सच, बेबाक और धारदार। पाकिस्तान बनते समय मुसलमानों की विविध मन:स्थितियों, हिन्दुओं के साथ उनके सहज आत्मीय संबंधों तथा द्वंद्वमूलक अनुभवों का अविस्मरणीय शब्दांकन। सांप्रदायिकता के ख़िलाफ़ एक ऐसा सृजनात्मक प्रहार, जो दुनिया में कहीं भी राष्ट्रीयता ही के हक़ में जाता है। लेखकीय चिंता सार्वजनीन है कि गंगौली में अगर गंगौलीवाले कम तथा सुन्नी और शिया और हिन्दू ज़्यादा दिखाई देने लगें, तो गंगौली का क्या होगा?...दूसरे शब्दों में, गंगौली को यदि भारत मान लिया जाए तो भारत का क्या होगा? भारतीय कौन होंगे?...अपनी वस्तुगत चिंताओं, गतिशील रचनाशिल्प, आंचलिक भाषा-सौंदर्य और सांस्कृतिक परिवेश के चित्रण की दृष्टि से अत्यधिक महत्त्वपूर्ण उपन्यास–हिन्दी कथा-साहित्य की बहुचर्चित और निर्विवाद उपलब्धि। इस कृति की सबसे बड़ी ख़ासियत है–संयमहीनता। इसके सभी पात्र बिना लगाम के हैं और उनकी अभिव्यक्ति सहज, सटीक और दो टूक है, गालियों की हद तक।
Drishtikon
- Author Name:
Priti Samkit Surana
- Book Type:

- Description: This book has no description
Phir Jeete Shri Ram
- Author Name:
Balveer Singh
- Book Type:

- Description: वह रात जागरण वाली थी जी हाँ! वह जागरण की ही रात थी। मुलायम सिंह जागते रहे थे इस चाव में कि कल 30 अक्तूबर को डेढ़ कार सेवक भी उनकी प्रिय मसजिद की ओर नहीं बढ़ पाएगा तो मैं किन शब्दों में अपनी महान् विजय का बखान दूरदर्शन पर करूँगा। लाखों कार सेवक जागते रहे इस ललक, उछाह और सौभाग्य की प्रतीक्षा में कि कब दिन निकले और हमें अपने आराध्य रामलला के श्रीचरणों में जीवन पुष्प चढ़ाने का सौभाग्य मिले। हवाएँ, तारक मालाएँ, अनंत आकाश और धवल चंद्रमा जागते रहे उन राम सेनानियों पर आशीषों की वर्षा करने में जो कल अपने प्राण हथेली पर लेकर निहत्थे मशीनगनों की गोलियों की बौछारों में सीने तानकर आगे बढ़ेंगे। और माँ सरयू जाग रही थी उस पावन रक्त के अपनी जलनाशि में आ मिलने की आशंका में दहती हुई जो कल अयोध्या की गलियों और उसके पुल पर बहने वाला है। उस रात तो स्वयं नींद भी जागी थी। पल-पल का मोल अमोल और अनमोल हो उठा था।
Rushyashrunga
- Author Name:
Harisha Hagalawadi
- Book Type:

- Description: ತಿಗೆ ಬೆನ್ನುಡಿ ಬರೆದಿರುವ ನಾಗರಾಜ ವಸ್ತಾರೆ ಅವರು “ಈ ಬೆಂಗಳೂರು ನಿನ್ನನ್ನು ಕಾಡಿರುವಷ್ಟೇ- ಬಹುಶಃ ಇನ್ನೂ ಹೆಚ್ಚು, ನನ್ನನ್ನು ಕೆಣಕಿರುವುದು ಹೌದು. ಆದರೆ, ಇನ್ನೂ ಮದುವಣಿಗನಾಗದ ಅವಸ್ಥೆಯಲ್ಲಿರುವ ನೀನು, ನಿನ್ನಂಥವರು ಕಾಣುವ ಈ ಶಹರ, ಶಾಹರಿಕತೆ ನನ್ನಲ್ಲಿ ಬೆರಗು ಹುಟ್ಟಿಸುತ್ತದೆ. ಉದ್ಯೋಗದೊಡನೆ ದುಡ್ಡು ಕೊಡುವ ಈ ಊರು ಜೀವನಕ್ಕೊಂದು ಕ್ರಮವನ್ನೂ ಕೊಡುತ್ತದೆನ್ನುವ ನಿನ್ನ ಮಾತಿಗೆ ಸಲಾಮು. ಇಷ್ಟಿದ್ದೂ, `ಇದು ಅರ್ಥವಾಗದ ಯಕ್ಷಿಣಿ' ಅಂತನ್ನುವುದು ನಿನ್ನದೇ ಇನ್ನೊಂದು ಮಾತು. ಇಲ್ಲಿನ ಬದುಕನ್ನು ಜೇನುಗೂಡು, ರೇಶ್ಮೆಗೂಡುಗಳಂತೆ ಗ್ರಹಿಸಿರುವುದು ಇಷ್ಟವಾದ ಇನ್ನೊಂದು ಸಂಗತಿ. ಏನೇ ಇರಲಿ, ನಿನ್ನ ಗ್ರಹಿಕೆ ನಿನ್ನ ಕಾಣ್ಕೆ. ಆದರೆ, ನಿನ್ನ ನೋಟವನ್ನು ಸಾರ್ವತ್ರಿಕ-ಸಾರ್ವಕಾಲಿಕ ಸಂಗತಿಯೆಂಬಂತೆ ಮನ್ನಣೆಗಿಡುತ್ತೀಯಲ್ಲ, ಅದು ಇಷ್ಟವಾಗದಿದ್ದರೂ, ನಿನ್ನ ಎದೆಗಾರಿಕೆಗೆ ಜೈ. ವಯಸ್ಸಿಗೆ ತಕ್ಕ ಲಂಪಟತನಕ್ಕೆ ಚೌಕಟ್ಟು ಹಾಕುವ ನಿನ್ನ ಹುಂಬತನಕ್ಕೆ ತುಸು ಇರುಸುಮುರುಸಾಯಿತಾದರೂ ಇದು ನಿನ್ನ ಮೆಥಡೆಂದು ಸುಮ್ಮನಾಗಿದ್ದೇನೆ. ಇನ್ನು, ನಿನ್ನ ಋಷ್ಯಶೃಂಗ-ತೆಯ ಬಗ್ಗೆ ಕಡೆಯಲ್ಲಿ ಹೇಳಿದ್ದು ಮನಸ್ಸು ನಾಟಿತು. ಬಹುಶಃ, ಇದು ನಮ್ಮೆಲ್ಲರ ಋಷ್ಯಶೃಂಗ-ತೆಯೂ ಹೌದು. `ವಿ ಸ್ಟಾರ್ಟ್ ಕನ್ಸ್ಯೂಮಿಂಗ್ ವಾಟೆವರ್ ಕಮ್ಸ್ ಇನ್ ಅವರ್ ವೇ...' ಅನ್ನುವ ಮಾತಿನ ಹಿಂದೆಯೇ, ಪರಾವರ್ತಿತ ರಿಫ್ಲೆಕ್ಸಿನಂತೆ ಅನಿಸಿದ್ದು- `ವಾಟ್ ಇಫ್ ಇಟ್ ಕನ್ಸ್ಯೂಮ್ಸ್ ದಿ ಸೆಲ್ಫ್?' ಅನ್ನೋದು. ಹೋಪ್ ದಟ್ ವೋಂಟ್ ಹ್ಯಾಪನ್. ಅಂಡ್, ಯೂ ವೋಂಟ್ ಲೆಟ್ ದಟ್ ಹ್ಯಾಪನ್. ಒಂದಷ್ಟು ಚಿಯರುಗಳು” ಎಂದಿದ್ದಾರೆ.
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book