Pahar Ki Pagdandiyan
Author:
Prakash ThapliyalPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections0 Ratings
Price: ₹ 396
₹
495
Available
पहाड़ चार आयामी होता है। उसमें लम्बाई-चौड़ाई के साथ-साथ ऊँचाई और गहराई भी होती है। इस भौगोलिक विशिष्टता के कारण वहाँ नज़रिया भी कई कोण लिए होता है।</p>
<p>पहाड़ की पगडंडियों पर चलने के लिए चाल में दृढ़ता ज़रूरी है और पाँव ख़ास तरह की पकड़ माँगते हैं।</p>
<p>प्रकाश थपलियाल की इन कहानियों में यह पकड़ है। ये पहाड़ की शृंखलाओं की तरह परत-दर-परत खुलती जाती हैं और हर कहानी नए गिरि-गह्वरों की सैर कराती जाती है। इनमें पहाड़ की मासूमियत और पगडंडियों के रास्ते गाँव-गाँव तक पहुँची तिकड़मी राजनीति एक साथ दिखाई देती हैं। फिर भी ये राजमार्ग और उसकी संस्कृति से काफ़ी दूर और दुर्गम हैं। जीव-जगत के साथ मानवी अन्योन्याश्रितता को ये बख़ूबी रेखांकित करती हैं और यह बताती हैं कि किस तरह पहाड़ी जन-जीवन बाहरी दबावों से, शुरुआती संशय के साथ, ताल-मेल बैठाकर समायोजन और अनुकूलन करता जा रहा है।</p>
<p>इन कहानियों में पर्वतीय जनजीवन अपनी कठिनाइयों, संघर्षों, ठिठोलियों और शहरों को अनोखे लगनेवाले अपने पात्रों के साथ पाठकों के सामने उतर आता है। थपलियाल की ये कहानियाँ कोरी रूमानियत वाली नहीं हैं बल्कि क़दम-दर-क़दम जीवन के तर्क के साथ आगे बढ़ती हैं।
ISBN: 9788126716531
Pages: 110
Avg Reading Time: 4 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Sampurna Kahaniyan : Manzoor Ehtesham
- Author Name:
Manzoor Ehtesham
- Book Type:

- Description: मंज़ूर एहतेशाम हमारे समय के अत्यन्त महत्त्वपूर्ण कथाकार हैं। उनकी रचनाएँ किसी चमत्कार के लिए व्यग्र नहीं दिखतीं, बल्कि वे अनेक अन्तर्विरोधों और त्रासदियों के बावजूद ‘चमत्कार की तरह बचे जीवन’ का आख्यान रचती हैं। इस संग्रह में उनकी सभी कहानियाँ शामिल हैं। सम्पूर्णता में पढ़ने पर यह स्पष्ट होता है कि मंज़ूर एहतेशाम मध्यवर्गीय भारतीय समाज के द्वन्द्वात्मक यथार्थ को उल्लेखनीय शिल्प में अभिव्यक्त करते हैं। ‘तमाशा’ कहानी का प्रारम्भ है, ‘याद करता हूँ तो कोई किस्सा-कहानी लगता है : ख़ुद से बहुत दूर और अविश्वसनीय-सा। यह कमाल वक़्त के पास है कि असलियत को क़िस्से-कहानी में तब्दील कर दे।’ किसी भी श्रेष्ठ रचनाकार की तरह यह कमाल मंज़ूर एहतेशाम के पास भी है कि वे परिचित यथार्थ के अदेखे कोनों-अँतरों को अपनी रचनाशीलता से अद्भुत कहानी में बदल देते हैं। स्थानीयता इन कहानियों का स्वभाव और व्यापक मनुष्यता इनका प्रभाव। अपनी बहुतेरी चिन्ता और चेतना के साथ मध्यवर्गीय मुस्लिम समाज मंज़ूर एहतेशाम की कहानियों में प्रामाणिकता के साथ प्रकट होता रहा है। कुछ इस भाँति कि इनसे विमर्श के जाने कितने सूत्र सामने आते हैं। ये कहानियाँ ‘समूची सामाजिकता’ का मार्ग प्रशस्त करती हैं। इन रचनाओं में शैली के रेखांकित करने योग्य प्रयोग हैं, फिर भी लक्ष्य है अनकहे सच की अधिकतम अभिव्यक्ति। सहजता इनकी सहजात विशेषता है। मंज़ूर एहतेशाम का कहानी-समग्र ‘सम्पूर्ण कहानियाँ’ समय और समाज की आन्तरिकता को समेकित रूप से हमारे लिए चमकदार बनाता है।
Aate Rahna
- Author Name:
Dinesh Karnatak
- Book Type:

- Description: Hindi Short Story by Dinesh Karnatak
Vimarsh Naqqashidar Cabinet
- Author Name:
Pankaj Subeer
- Book Type:

- Description: Book
Bahari Log
- Author Name:
Hemant Deolekar
- Book Type:

-
Description:
राजी सेठ मानवीय संवेदन को समर्पित कथाकार हैं। वे कथा के रचाव में इतिहास का इतिवृत्त या उत्खनन प्रस्तुत नहीं करतीं, घटनाओं/दुर्घटनाओं के दबाव में मनुष्य जाति के भीतरी बदलाव का साक्ष्य प्रस्तुत करती हैं। समय को शब्दशः जीने की चेष्टा में रत वे अपनी कथा में सृजनात्मक स्रोतों का उपयोग मनुष्य जीवन के गहरे अनुभव को समायोजित कर साहित्य को महत्ता, मौलिकता और गहराई प्रदान करती हैं।
‘बाहरी लोग’ कहानी-संग्रह में दो तरह की कहानियाँ हैं। पहली, विभाजन-केन्द्रित कहानियाँ। राजी सेठ ने व्यक्तिगत रूप से इस विभाजन को झेला है। ‘मुलाक़ात’, ‘रुको, इंतज़ार हुसैन’, ‘बाहरी लोग’, ‘किसका इतिहास’ कहानियों में यह साया काफ़ी गहरा है। संवेदनशील भी।
दूसरा पक्ष दो अलग संस्कृतियों के टकराव तथा श्रेय और प्रेय का है। पश्चिम ने सदा रंग, रूप, शौर्य, पराक्रम, बुद्धि और सभ्यता में अपने आपको श्रेष्ठ माना है। भारत गहन सांस्कृतिकबोध, नैतिक सम्पदा का वस्तु शोषित और निर्धन बना दिया गया देश रहा है परन्तु श्रेय और प्रेय के दरवाज़े बन्द नहीं रहे। राजी सेठ ने इस सम्बन्ध में आत्मीयता से कुछ प्रामाणिक चित्र कहानियों में उकेरे हैं, प्रश्न खड़े किए हैं। ‘किसे कहते हैं विदेश’ और लम्बी प्रभावशाली कहानी ‘मार्था का देश’ इसी तरह की सार्थक कहानियाँ हैं जिनमें लेखकीय कुशलता का पता चलता है। मूल्यों का भी।
एक प्रभावशाली कहानी-संग्रह।
Short Stories from Pakistan
- Author Name:
Intizar Hussain +2
- Rating:
- Book Type:

- Description: The short stories - written originally in Urdu, Punjabi, Sindhi, Pushto and Saraiki, and now translated into English - showcased in this anthology engage with the above questions in their own ways, articulating a multiplicity of voices and experiences. They chrocle the birth of Pakistan nation in traumatic circumstances and its schequered history over the past fifty yearsthrough depicting the "desire and aspirations, fear and horror, pride, shame, helplessness and a thousand other unnamed feelings" of their protagonists. While doing so, they also depict the immensely varied and rich tapestry of the cultural life in Pakistan.
Gonu Jha Ki Anokhi Duniya
- Author Name:
Ashok Maheshwari
- Book Type:

-
Description:
मिथिलांचल में गोनू झा के किस्से उसी तरह प्रचलित हैं जैसे मछली और मखाना! कहते हैं कि बिना मछली और मखाना के मिथिलांचल में कोई शुभ कार्य नहीं होता और बिना गोनू झा के किस्सों के कोई जलसा सम्पन्न नहीं होता।
मिथिलांचल में पाँच सौ साल पहले अज्ञान भी था और अभाव भी। चोरी, ठगी आदि के किस्सों से इस बात का अन्दाज सहज ही लग जाता है। साधु-महात्माओं के किस्से भी गोनू झा के किस्सों के साथ-साथ चलते हैं। इन किस्सों से पता चलता है कि मिथिलांचल के तत्कालीन समाज में अन्धविश्वासों का व्यापक प्रभाव था। जादू, टोना-टोटका आदि के सहारे लोग अपनी शक्ति और सामर्थ्य बढ़ाने का प्रयास करते थे।
कुछ शोधकर्ताओं का मानना है कि गोनू झा के जीवनकाल की घटनाओं के साथ ही विभिन्न काल-खंडों में उनके किस्सों में नए किस्से भी जुड़ते गए हैं जिसके कारण पाँच शताब्दियों के बाद भी ये किस्से नयापन लिये हमारे सामने आ रहे हैं और आते ही जा रहे हैं। ये किस्से रोचक हैं, मनोरंजक हैं और ज्ञानवर्द्धक भी। लगन, मेहनत, धैर्य, वाक्पटुता, अवसर की समझ जैसे कई गुण इन किस्सों में पिरोए गए हैं, जो अनजाने ही पाठकों के मन में घर कर जाते हैं।
Mehfil
- Author Name:
Hariyash Rai
- Book Type:

- Description: Collection of Short Stories
The Turning Point of Life
- Author Name:
Surbhi Sareen +1
- Book Type:

- Description: Life represents a roller coaster ride. It is thrilling and full of ups and downs. Life does not remain the same forever, and every day is a new story, but some changes are the ramifications of certain events that change lives for good. These might either build you or destroy you. This book has exciting and thrilling anecdotes of varied turning points in life and how they changed our lives for good. It has all the hues of life covered in its stories.
Phoolo Ka kurta
- Author Name:
Yashpal
- Book Type:

-
Description:
यशपाल के लेखकीय सरोकारों का उत्स सामाजिक परिवर्तन की उनकी आकांक्षा, वैचारिक प्रतिबद्धता और परिष्कृत न्याय-बुद्धि है। यह आधारभूत प्रस्थान बिन्दु उनके उपन्यासों में जितनी स्पष्टता के साथ व्यक्त हुए हैं, उनकी कहानियों में वह ज़्यादा तरल रूप में, ज़्यादा गहराई के साथ कथानक की शिल्प और शैली में न्यस्त होकर आते हैं। उनकी कहानियों का रचनाकाल चालीस वर्षों में फैला हुआ है। प्रेमचन्द के जीवनकाल में ही वे कथा-यात्रा आरम्भ कर चुके थे, यह अलग बात है कि उनकी कहानियों का प्रकाशन किंचित् विलम्ब से आरम्भ हुआ। कहानीकार के रूप में उनकी विशिष्टता यह है कि उन्होंने प्रेमचन्द के प्रभाव से मुक्त और अछूते रहते हुए अपनी कहानी-कला का विकास किया। उनकी कहानियों में संस्कारगत जड़ता और नए विचारों का द्वन्द्व जितनी प्रखरता के साथ उभरकर आता है, उसने भविष्य के कथाकारों के लिए एक नई लीक बनाई, जो आज तक चली आ रही है। वैचारिक निष्ठा, निषेधों और वर्जनाओं से मुक्त न्याय तथा तर्क की कसौटियों पर खरा जीवन—ये कुछ ऐसे मूल्य हैं जिनके लिए हिन्दी कहानी यशपाल की ऋणी है।
‘फूलो का कुर्ता’ कहानी-संग्रह में उनकी ये कहानियाँ शामिल हैं : ‘आतिथ्य’, ‘भवानी माता की जय’, ‘शिव-पार्वती’, ‘ख़ुदा की मदद’, ‘प्रतिष्ठा का बोझ’, ‘डरपोक कश्मीरी’, ‘धर्मरक्षा और ज़िम्मेवारी’।
Comrade Ka Coat
- Author Name:
Srinjay
- Book Type:

- Description: महत्त्वपूर्ण कथाकार सृंजय का यह पहला कहानी–संग्रह है। शीर्षक कथा ‘कामरेड का कोट’ भारतीय वामपन्थ पर तीक्ष्ण प्रहार करते हुए सच्चे और प्रतिबद्ध लोगों की बेचैनी को शिद्दत से उजागर करती है। वहीं ‘भगदत्त का हाथी’ हमारी गँवई ज़िन्दगी को आज भी निष्प्राण बनाए रखनेवाले सामन्ती अहंकार की बख़िया उधेड़ती है। सृंजय की ये कहानियाँ हिन्दी कथा–साहित्य में महत्त्वपूर्ण स्थान ग्रहण करती हैं। ये कहानियाँ पुन: इस सच को स्थापित करती हैं कि रचना का कलात्मक मूल्य उसकी सामाजिक अन्तर्दृष्टि में ही निहित होता है। संग्रह में शामिल ‘बैल बधिया’ और ‘तख़्त–ओ–ताज’ भी सामन्ती सरोकारों के चलते अमानवीय होती हमारी ज़िन्दगी की आलोचना करती हैं तो ‘लक्ष्मी के पाँव’ इस संस्कृति की विरूपता पर कटु व्यंग्य करती है। कथाकार बेहद संवेदनशील है और समय को चौकन्नी दृष्टि से देखता है। लोक संस्कृति की गहरी समझ और रचनात्मक कौशल से उसका बेहतर इस्तेमाल कथाकार की ख़ूबी है। वह अपने पात्र समाज के बीचोबीच से उठाता है और उनके साथ चलते हुए उनकी तमाम कमज़ोरियों और कमियों को बारीकी से उकेरता है।
Katha Saptak - Mamta Kalia
- Author Name:
Mamta Kalia
- Book Type:

- Description: 7 Short Stories
Jhapatta
- Author Name:
Deepak Kumar Agyat
- Book Type:

- Description: Collection of Short Stories
Hanukiah Ari Hogada Deepa 1939-2015
- Author Name:
Vittal Shenoy
- Book Type:

- Description: DESCRIPTION AWAITED
Doo Dubha Me Din Gol
- Author Name:
Amar Nath Jha
- Book Type:

- Description: A Collection of Maithili Short Stories
DHOL KI THAP
- Author Name:
Murari Sharma
- Book Type:

- Description: Collection of hindi short stories
Pichhli Garmiyon Mein
- Author Name:
Nirmal Verma
- Book Type:

-
Description:
निर्मल वर्मा की कहानियाँ अपने पात्रों को ‘लार्जर दैन लाइफ़’ नायक-नायिका नहीं बनातीं। उनके पात्र घटनाओं को जन्म नहीं देते, बल्कि जीवन के धीमे-धीमे बतियाते गलियारों में रहते हुए अस्तित्व के बहुत बारीक़ और अनिवार्य पहलुओं से जूझते हैं।
‘डेढ़ इंच ऊपर’, ‘पिता और प्रेमी’, ‘इतनी बड़ी आकांक्षा’ और ‘पिछली गर्मियों में’ जैसी अत्यन्त चर्चित और बहुपठित कहानियों से समृद्ध इस कहानी-संग्रह में निर्मल वर्मा की आठ कहानियाँ सकलित हैं। यह उनका तीसरा कहानी-संग्रह है जिसका पहला प्रकाशन 1968 में हुआ था।
सूक्ष्म संकेतों से मनुष्य जीवन की गहन पीड़ा और भीतरी ख़ालीपन को अभिव्यक्त करनेवाली इन कहानियों में निर्मल जी ने अनुभव के नए आयामों का अन्वेषण किया है। भारतीय और यूरोपीय पृष्ठभूमि में अंकित मानव-नियति की ये कथाएँ समाज और संसार के कई अदेखे कोनों पर निगाह डालती हैं।
मानव-सम्बन्धों के उलझाव को उनकी पूरी मार्मिकता के साथ उद्घाटित करनेवाले इस संग्रह को कथाकार के साथ साहित्य की भी नई उपलब्धि माना गया था। इसमें शामिल ‘डेढ़ इंच ऊपर’ कहानी का मंचन कई अभिनेता और रंग-निर्देशक एकल प्रस्तुति के रूप में करते रहे हैं।
Pinjre Ki Udan
- Author Name:
Yashpal
- Book Type:

-
Description:
यशपाल के लेखकीय सरोकारों का उत्स सामाजिक परिवर्तन की उनकी आकांक्षा, वैचारिक प्रतिबद्धता और परिष्कृत न्याय-बुद्धि है। यह आधारभूत प्रस्थान बिन्दु उनके उपन्यासों में जितनी स्पष्टता के साथ व्यक्त हुए हैं, उनकी कहानियों में वह ज़्यादा तरल रूप में, ज़्यादा गहराई के साथ कथानक की शिल्प और शैली में न्यस्त होकर आते हैं। उनकी कहानियों का रचनाकाल चालीस वर्षों में फैला हुआ है। प्रेमचन्द के जीवनकाल में ही वे कथा-यात्रा आरम्भ कर चुके थे, यह अलग बात है कि उनकी कहानियों का प्रकाशन किंचित् विलम्ब से आरम्भ हुआ। कहानीकार के रूप में उनकी विशिष्टता यह है कि उन्होंने प्रेमचन्द के प्रभाव से मुक्त और अछूते रहते हुए अपनी कहानी-कला का विकास किया। उनकी कहानियों में संस्कारगत जड़ता और नए विचारों का द्वन्द्व जितनी प्रखरता के साथ उभरकर आता है, उसने भविष्य के कथाकारों के लिए एक नई लीक बनाई, जो आज तक चली आ रही है। वैचारिक निष्ठा, निषेधों और वर्जनाओं से मुक्त न्याय तथा तर्क की कसौटियों पर खरा जीवन—ये कुछ ऐसे मूल्य हैं जिनके लिए हिन्दी कहानी यशपाल की ऋणी
है।‘पिंजरे की उड़ान’ कहानी-संग्रह में उनकी ये कहानियाँ शामिल हैं : ‘मक्रील’, ‘नीरस रसिक’, ‘हिंसा’, ‘समाज सेवा’, ‘प्रेम का सार’, ‘पहाड़ की स्मृति’, ‘पीर का मज़ार’, ‘दुखी-दुखी’, ‘भावुक’, ‘मृत्युंजय’, ‘शर्त?’, ‘तीसरी चिता’, ‘प्रायश्चित्त’, ‘हृदय’, ‘परायी’, ‘मज़हब’, ‘कर्मफल’, ‘दर्पण’, ‘परलोक और दु:ख’।
Mahboob Jamana Aur Jamane Mein Ve
- Author Name:
Alpana Mishr
- Book Type:

-
Description:
अल्पना मिश्र हिन्दी कहानी के सूची-समाज में अनिवार्य रूप से शामिल नहीं हैं लेकिन वे उसकी सबसे मज़बूत परम्परा का एक विद्रोही और दमकता हुआ नाम हैं। उन्हें उखड़े और बाज़ार प्रिय लोगों द्वारा सूचीबद्ध नहीं किया जा सका। कहानी का यह धीमा सितारा मिटने वाला, धुँधला होने वाला नहीं है, निश्चय ही यह स्थायी दूरियों तक जाएगा।
अल्पना मिश्र की कहानियों में अधूरे, तकलीफ़देह, बेचैन, खंडित और संघर्ष करते मानव जीवन के बहुसंख्यक चित्र हैं। वे अपनी कहानियों के लिए, बहुत दूर नहीं जातीं, निकटवर्ती दुनिया में रहती हैं। आज, पाठक और कथाकार के बीच की दूरी कुछ अधिक ही बढ़ती जा रही है, अल्पना मिश्र की कहानियों में यह दूरी नहीं मिलेगी। आज बहुतेरे नए कहानीकार प्रतिभाशाली तो हैं पर कहानी तत्व उनका दुर्बल है, वे अपनी निकटस्थ, खलबलाती, उजड़ती, दुनिया को छोड़कर नए और आकर्षक भूमंडल में जा रहे हैं। इस नज़रिये से देखें तो अल्पना मिश्र उड़ती नहीं हैं, वे प्रचलित के साथ नहीं हैं, वे ढूँढ़ती हुई, खोजती हुई, धीमे-धीमे अँगुली पकड़कर लोगों यानी अपने पाठकों के साथ चलती हैं।
‘ग़ैरहाज़िरी में हाज़िर’, ‘गुमशुदा’, ‘रहगुज़र की पोटली’, ‘महबूब ज़माना और ज़माने में वे’, ‘सड़क मुस्तकिल’, ‘उनकी व्यस्तता’, ‘मेरे हमदम मेरे दोस्त’, ‘पुष्पक विमान’ और ‘ऐ अहिल्या’ कहानियाँ इस संग्रह में हैं। इन सभी में किसी-न-किसी प्रकार के हादसे हैं। भूस्खलन, पलायन, छद्म आधुनिकता, जुल्म, दहेज हत्याएँ, स्त्री-शोषण से जुड़ी घटनाएँ अल्पना मिश्र की कहानियों के केन्द्र में हैं। इन सभी कहानियों में लेखिका की तरफ़दारी और आग्रह तीखे और स्पष्ट हैं। वे अत्याधुनिक अदाओं और स्थापत्य के लिए विकल नहीं हैं। उनकी कहानियाँ आलंकारिक नहीं हैं, वे उत्पीड़न के ख़िलाफ़ मानवीय आन्दोलन का पक्ष रखती हैं और इस तरह सामाजिक कायरता से हमें मुक्त कराने का रचनात्मक प्रयास करती हैं। मुझे इस तरह की कहानियाँ प्रिय हैं।
—ज्ञानरंजन
Nayi Sadi Ki Pahachan : Shresth Mahila Kathakar
- Author Name:
Mamta Kaliya
- Book Type:

-
Description:
समकालीन रचना जगत् में अपने मौलिक और प्रखर लेखन से हिन्दी साहित्य की शीर्ष पंक्ति में अपनी जगह बनाती, स्थापित और सम्भावनाशील महिला कथाकारों की रचनाओं का यह संकलन नई सदी की पहचान है। श्रेष्ठ महिला कथाकार लेखन आज का उत्कृष्ट मानचित्र है जिसमें कहानियों के सोपान खुलकर सामने आते हैं।
इस संकलन में रचनाकारों द्वारा यथार्थपरक, समाजोन्मुखी लेखन की नींव रखी गई है। साहित्य अकादेमी पुरस्कार विजेताओं की कहानियाँ इसमें सम्मिलित हैं। पाठकों और छात्रों की सुविधा के लिए कहानीकारों का परिचय तथा कहानी के समग्र स्वरूप पर विस्तृत भूमिका प्रस्तुत संकलन में दिया गया है।
Nazar Battoo
- Author Name:
Jyoti Jain
- Book Type:

- Description: Book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book