Jaltarang
(0)
₹
150
₹ 120 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Description Awaited
Read moreAbout the Book
Description Awaited
Book Details
-
ISBNshivna20266
-
Pages88
-
Avg Reading Time3 hrs
-
Age11-18 yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Vyangya Saptak - Kailash Mandlekar
- Author Name:
Kailash Mandlekar
- Book Type:

- Description: Collection of humourous and witty stories. Written by Kailash Mandlekar.
Smriti Gandh
- Author Name:
Veena Sinha
- Book Type:

-
Description:
‘ब्लर्ब’ पर छपनेवाली सम्मतियाँ अक्सर खातिरन् लिखी जाती हैं, जिनमें अमूमन तआरुफ़ और तारीफ़ की बातें रहती हैं—कोई मूल्यांकन नहीं। शायद, कहानियों की इस किताब को रस्मी तौर पर लिखी गई ऐसी सम्मति की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि इस संग्रह की कई कहानियों की अपनी औक़ात है।
अधिकतर कहानियों के कथा-कलन में बया के घोंसले जैसी संकुल और कलापूर्ण बुनावट है, जिसमें लेखिका इशारतन एक साथ कई बातें कह देती है। मानो इसकी कहानी उस चाकू या क़लमतराश की तरह है, जिसमें कई छुरियाँ एक साथ रहती हैं। ख़ासकर स्त्री-विमर्श से जुड़ी हुई कहानियाँ पठनीय हैं, जो मुनिया और अंजू जैसे चरित्रों के पक्ष में खुलकर खड़ी हैं और पुंप्रभुत्व से पीड़ित इस अलील समाज को दवा की कड़ी खुराक ही नहीं देना चाहती हैं, बल्कि उसे बेहोश किए बिना नश्तर भी लगा देना चाहती हैं। यह दूसरी बात है कि इस तासीर की कहानियों में भी कहीं-कहीं पुराने समाज के ‘सेंसर-मोरोंस’ के भय के साथ-साथ ‘प्यूडेंडा’—केन्द्रिक शब्दों व क्रियाओं के कथन से परहेज़ की झलक मिल जाती है।
अन्तर्यात्रा की ख़ास बातों को इशारों से कहने में माहिर और बर्फ़ के गाले में ‘आग’ को ढोने-सुलगानेवाली ये कहानियाँ इसलिए भी सराही जाएँगी कि घन की चोट से यथास्थिति को तोड़कर ‘अदल-बदल’ लाने की सूझ-समझ वाली हर कोशिश किसी नए ‘भिनसार’ को क़रीब लाती है।
—डॉ. कुमार विमल।
Sampurna Kahaniyan : Usha Priyamvada
- Author Name:
Usha Priyamvada
- Book Type:

-
Description:
उषा प्रियम्वदा की कहानियाँ जीवन के सहज विडम्बनाबोध की कहानियाँ हैं। घने कुहासे की तरह त्रास जब पाठक को अपने आगोश में लेता है तो सुध-बुध खोता पाठक ख़ुद को छोड़ देता है, उसकी धीमी लय पर डूबने-उतराने को। और, जब कहानी समाप्त होती है तो पाठक ख़ुद को एक सन्नाटे में पाता है—जहाँ दुनिया-जहान की तल्ख़ सच्चाइयाँ उसे कुरेद रही होती हैं; वह प्रश्नाकुल व बेचैन हो उठता है कि आख़िर ऐसा क्यों है—यह दुनिया ऐसी क्यों है?
यह सन्नाटा है जो बोलता है और डोलता भी है और अपने साथ डुलाता भी है पाठक को। फिर वह एक संशयात्मा की तरह जीवन स्थितियों को मुड़-मुडक़र देखने को बाध्य हो जाता है।
ऐसे समय में जब रचना के लिए भी विमर्श के कई ख़ाने बना दिए गए हैं, उषा प्रियम्वदा की कहानियाँ जीवन को उसकी समग्रता में लेती हैं। इन कहानियों की त्रासदी को स्त्री-पुरुष के ख़ानों में नहीं बाँटा जा सकता है। ये मनुष्यता की त्रासदी को प्रतिबिम्बित करती कहानियाँ हैं।
रघुवीर सहाय ने कभी कहा था—जब मैं कविता पढ़कर उठूँ तो सन्नाटा छा जाए। उषा जी की कहानियों की बाबत भी कुछ ऐसा ही कहा जा सकता है।
Dastangoi - 1
- Author Name:
Mohammad Kazim +1
- Book Type:

- Description: दास्तान ज़बानी बयानिया है जिसे पेश करनेवाले दास्तानगो ज़बान, बयान, शायरी और क़िस्त के माहिर होते थे। दास्तानें बहुत-सी सुनाई गईं पर इनमें सबसे मशहूर हुई दास्ताने अमीर हमज़ा जिसमें हजरत मोहम्मद सः के चचा अमीर हमज़ा की ज़िन्दगी और उनके शानदार कारनामों को बयान किया जाता है। 18वीं और 19वीं सदी में जब ये दास्तान उर्दू में मक़बूल हुई तो इससे अदब और पेशकश का बेहतरीन मेल पैदा हुआ और इसमें कई ऐसी बातों का इज़ाफ़ा हुआ जो ख़ालिस हिन्दुस्तानी मिज़ाज की थीं। मसलन, तिलिस्म और अय्यारी जो बाद में दास्तानगोई का सबसे अहम हिस्सा साबित हुईं। बेशुमार क़िस्म के जानदार, सय्यारे सल्तनतें, तिलिस्म, जादूगर, देव, अय्यार, और अय्याराएँ जैसे किरदारों पर ‘मुश्तमिल दास्ताने-अमीर हमज़ा’ आख़िरकार 46 जख़ीम जिल्दों में पूरी होकर छपी और उर्दू अदब और हिन्दुस्तानी फनूने लतीफ़ा का मेराज साबित हुई। दास्तानगोई का फ़न ज़बानी और तहरीरी दोनों शक़्लों में जिस वक़्त अपने उरूज पर पहुँचा तक़रीबन उसी वक़्त नए मिज़ाज और नए मीडिया की आमद के साथ बड़ी तेज़ी से इसका जवाल भी हुआ। आख़िरी दास्तानगो मीर बाक़र अली का इन्तकाल 1928 में हुआ और इसके साथ ही ये अजमी रवायत नापैद हो गई।
Pratinidhi Kahaniyan : Mohan Rakesh
- Author Name:
Mohan Rakesh
- Rating:
- Book Type:

- Description: मोहन राकेश की कहानियां नई कहानी को एक अपूर्व देन के रूप में स्वीकार की जाती हैं। इस संकलन में उनकी प्राय सभी प्रतिनिधि कहानियां संग्रहीत हैं, जिनमें आधुनिक जीवन का कोई-न-कोई विशिष्ट पहलू उजागर हुआ है । राकेश मुख्यतः आधुनिक शहरी जीवन के कथाकार हैं, लेकिन उनकी संवेदना का दायरा मध्यवर्ग तक ही सिमित नहीं है । निम्नवर्ग भी पूरी जीवन्तता के साथ उनकी कहानियों में मौजूद है । इनके कथा-चरित्रों का अकेलापन सामाजिक संदर्भो की उपज है । वे अपनी जीवनगत जददोजहद में स्वतंत्र होकर भी सुखी नहीं हो पते, लेकिन जीवन से पलायन उन्हें स्वीकार नहीं । वे जीवन-संघर्ष की निरंतरता में विश्वास रखते हैं । पत्रों की इस संघर्ष शीलता में ही लेखक की रचनात्मक संवेदना आश्चर्यजनक रूप से मुखर हो उठती है । हम अनायास ही प्रसगानुकुल कथा-शिल्प का स्पर्श अनुभव करने लगते हैं, जो कि अपनी व्यंगात्मक सांकेतिकता और भावाकुल नाटकीयता से हमें प्रभावित करता है । इसके साथ ही लेखक की भाषा भी जैसे बोलने लगती है और अपने कथा-परिवेश को उसकी समग्रता में धारण कर हमारे भीतर उतर जाती है।
Das Pratinidhi Kahaniyan-Sudha Om Dhingra
- Author Name:
Sudha Om Dhingra
- Book Type:

- Description: This book has no description
Vipralabdha
- Author Name:
Shivani
- Book Type:

-
Description:
महिला कथाकारों में जितनी ख्याति और लोकप्रियता शिवानी ने प्राप्त की है, वह एक उदाहरण है श्रेष्ठ लेखन के लोकप्रिय होने का। शिवानी लोकप्रियता के शिखर को छू लेनेवाली ऐसी हस्ती हैं, जिनकी लेखनी से उपजी कहानियाँ कलात्मक और मर्मस्पर्शी होती हैं। अन्तर्मन की गहरी पर्तें उघाड़नेवाली ये मार्मिक कहानियाँ शिवानी की अपनी मौलिक पहचान हैं जिसके कारण उनका अपना एक व्यापक पाठक वर्ग तैयार हुआ।
इनकी कहानियाँ न केवल श्रेष्ठ साहित्यिक उपलब्धियाँ हैं, बल्कि रोचक भी इतनी अधिक हैं कि आप एक बार शुरू करके पूरी पढ़े बिना छोड़ ही न सकेंगे। प्रस्तुत संग्रह में ‘दो स्मृति-चिह्न’, ‘विप्रलब्धा’, ‘शायद’, ‘ज्येष्ठा’, ‘शपथ’, ‘घंटा’, ‘के’ एवं ’पुष्पहार’ कहानियाँ संकलित हैं। हर कथा अपनी मोहक शैली में अभिभूत कर देने की अपार क्षमता रखती है। कलात्मक कौशल के साथ रची गई ये कहानियाँ हमारी धरोहर हैं जिन्हें आज की नई पीढ़ी अवश्य पढ़ना चाहेगी।
Master Shot
- Author Name:
Farid Khan
- Book Type:

-
Description:
हिन्दी कहानी का संसार इन दिनों नए कथाकारों की उपस्थिति से स्पन्दित है। नए जीवनानुभवों ने कथा-परिदृश्य को विविधवर्णी बनाया है। ‘मास्टर शॉट’ कथा-संकलन में शामिल फ़रीद ख़ाँ की कहानियाँ इसका साक्ष्य प्रस्तुत करती हैं। इन कहानियों में फ़िल्मों और मीडिया की चकाचौंध भरी दुनिया में ज़िन्दगी की लय तलाशते लोग शामिल हैं। कला और व्यवसाय के अन्तर्द्वंद्वों के अलावा तुरन्त सब कुछ पा लेने की आकुलता के बीच नष्ट होती मानवीय संवेदनाओं को बचाए रखने की अन्तिम कोशिशों के कई मार्मिक क्षण इन कहानियों में जीवन्तता के साथ दर्ज़ हैं।
फ़रीद ख़ाँ ने ‘आलता’ कहानी में बलात्कार पीड़िता इरावती की कथा कहते हुए बाज़ार का गुलाम बन चुके मीडिया और मनोरंजन-जगत की नृशंसता को कलात्मकता के साथ रचा है। ‘वीणा के तार’ के रामनरेश भइया गोरखपुर जैसे क़स्बाई शहर से हिन्दी में एम.ए. करके अपने मध्यवर्गीय प्रपंचों के साथ मुम्बई पहुँचते हैं और बार-बार चकित होते हैं। मीनाक्षी और श्रीपद की कथा ‘मास्टर शॉट’ मायानगरी मुम्बई के बहाने स्त्री के प्रति समाज के भीतर पलते अविश्वास की कथा है।
फ़रीद मूलतः कवि हैं। वे दृश्य माध्यमों के लिए भी कहानियाँ, पटकथा और संवाद लिखते रहे हैं। इस संकलन की कहानियों पर दृश्य माध्यमों के लिए लेखन के अनुभव का सकारात्मक प्रभाव देखा जा सकता है। अधिकांश यथार्थ दृश्यों में अभिव्यक्त होता है। संवाद भी अपना सघन प्रभाव रचते हैं। कविता और दृश्य रचने की कला से कथाकार ने इन कहानियों के लिए सान्द्रता अर्जित की है। मुझे उम्मीद है कि यथार्थ की अलग भूमि पर चित्रित ये कहानियाँ हिन्दी के विशाल पाठक-वर्ग का ध्यान आकर्षित करेंगी।
—हृषीकेश सुलभ
Jahan Lakshmi Quaid hai
- Author Name:
Rajendra Yadav
- Book Type:

-
Description:
साहित्य की धारा जहाँ मोड़ लेकर सारे परिदृश्य को नया कर देती है, निश्चय ही वहाँ कुछ रचनाएँ होती हैं। ‘जहाँ लक्ष्मी क़ैद है’ ऐसी ही एक कहानी है। ‘नई कहानी’ आन्दोलन की एक आधार-कथा रचना के रूप में ‘जहाँ लक्ष्मी क़ैद है’ का उल्लेख किए बिना स्वतंत्रता के बाद की हिन्दी कहानी को नहीं समझा जा सकता।
स्वतंत्रता ने जिन सपनों को जगाया था, उन्हें आपसी सम्बन्धों में तिलमिल कर टूटते देखना, महसूस करना और लिखना हिन्दी कहानी को नया स्वरूप दे रहा था। सम्बन्धों, मानसिकताओं और भाषा में उतरती द्वन्द्वात्मकता में अकेला, अनसमझा व्यक्ति मोहभंग की त्रासदी का साक्षात् प्रतीक है।
हालाँकि ‘नई कहानी’ का प्रारम्भ ‘प्रतीक’ (सम्पादक अज्ञेय) के अगस्त, 1951 के अंक में प्रकाशित राजेन्द्र यादव की कहानी ‘खेल-खिलौने’ से माना जाता है, मगर ‘जहाँ लक्ष्मी क़ैद है’ ‘नई कहानी’ आन्दोलन का अनिवार्य कथा-संग्रह है।
इसी संग्रह में है ‘एक कमज़ोर लड़की की कहानी’ नाम की दूसरी बेहद चर्चित कहानी। ‘लंच टाइम’ और ‘रौशनी कहाँ है’ जैसी कहानियाँ सिर्फ़ ऐतिहासिक दृष्टि से ही महत्तपूर्ण नहीं हैं, वे आज भी प्रासंगिक हैं।
‘जहाँ लक्ष्मी क़ैद है’ संग्रह को पढ़ना एक पीढ़ी के मानसिक इतिहास से होकर गुज़रना है।
Panchvan Dasta Aur Saat Kahaniyan
- Author Name:
Amritlal Nagar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dahan (lok)
- Author Name:
Manoj Rupada
- Book Type:

-
Description:
मनोज रूपड़ा की कहानियाँ बाजदफे आपके पढ़ने की गति को धीमा करती हैं। ऐसा गत्यावरोध संरचनात्मक स्तर पर किन्हीं भारी-भरकम, क्लिष्ट वाक्य-विन्यास से प्रसूत नहीं, न ही अर्थागम के स्तर पर ही। बात दरअसल कुछ और है। एक बार शुरू करने के बाद आप उन्हें जल्दी खत्म नहीं करना चाहते, खत्म करने से डरते हैं। मनोज के यहाँ आपके वे बिसराये पाप बसर करते हैं, आपके मानस तक जिनकी अवैध आमद बस सपनीले साँवले में ही सम्भव है। मनोज में उन गोपनीय पापों को उनकी नंगी संपूर्णता में रखने का माद्दा है। वस्तुतः मनोज की दो पंक्तियों की सन्ध में सरगोशी करते आपके अतीत के ऐसे पाप ही आपकी पढ़त को बारहाँ बाधित करते हैं।
मनुष्य का यही 'बेसिक इंस्टिंक्ट' मनोज की कहानियों का मूलाधार है। यही मनोज के नायकों को आहत करता है, उन्हें दर-ब-दर करता है, तोड़कर पुनर्नवा - 'रीकंस्ट्रक्ट' और 'रिन्यू' करता है। मनोज अपने नायकों के व्यक्तित्व व उनके अहं को बड़ी निर्ममता से विखंडित करते हैं। वे इसे प्रलय के स्तर तक ले जाते हैं, किन्तु वहाँ से लौटते हुए उनका अनाहत अहं सर्जना के उरूज पर प्रतिष्ठित होता है।
मनोज इस हारे हुए समय में मनुष्य की विजय के इकलौते स्मारक हैं। सँभालकर-सँजोकर रखे जाने वाले कथाकार। कयामत से पहले इनकी कहानियों को बचाकर रख लेना चाहिए, ये अगली दुनिया के निर्माण का ब्लूप्रिंट हैं।
Adoration of the Ancients
- Author Name:
Ravichnadra P. Chittampalli +1
- Book Type:

- Description: Adorations of the Ancients offers a complete English translation of all 19 stories from Vaddaradhane in a single volume. These stories represent the earliest prose in 10th-century Halagannada. Initially, they seem to be highly religious, emphasising ethics and morality aligned with the Jain tradition. However, as creative works, they function on multiple levels: realistic, mythical, fantastic, quasi-historical, worldly, monarchical, economic, and socio-cultural. The characters are consistently portrayed within various economic classes and, interestingly, rarely within caste groups. Women characters are depicted as strong and decisive. This translation is based on R.L. Anantharamaiah’s edition of Shivakotyacharya’s Vaddaradhane. It aims to balance the limitations and scope of equivalents and approximations, making the reading experience enjoyable while maintaining scholarly interest.
Gandasa Guru Ki Shapath
- Author Name:
Kundan Yadav
- Book Type:

-
Description:
कुन्दन यादव की इन कहानियों में बनारस बोलता है। ये कहानियाँ लिखी ही इसलिए और इस तरह गई हैं कि आप इन्हें सनें। कुन्दन को बनारस की ज़िन्दगी के कुछ पहलुओं की, वहाँ के कुछ लोगों की दास्तान कहनी है। इरादा सुनाने का ही है, लिखे को खामखाह चमकाने या सजाने का नहीं।
ठेठ बनारसी ठाठ के हँसमुख अन्दाज़ में कही गई ये कहानियाँ गुदगुदाती ज़रूर हैं, लेकिन केवल गुदगुदाने या मन बहलाने के लिए कही नहीं गई हैं। इन कहानियों में आप बनारस को तो ‘सुनेंगे’ ही, मानव स्वभाव और सम्बन्धों के उन पहलुओं को ‘देख’ भी सकेंगे जो रोज़मर्रा के जीवन में सामने आते हैं, लेकिन हमारी निगाह उन पर नहीं पड़ती। जिन लोगों को ये कहानियाँ आपके सामने लाती हैं, उनमें बेगुनाह लोगों की ‘प्रापर फ़िज़ियोथेरैपी’ करनेवाले पुलिसवाले भी हैं, हर हाल में जुआ खेलाने की सौगन्ध निभानेवाले गँड़ासा गुरु भी। लेकिन इस दास्तान में और लोग भी हैं—बड़ी-बड़ी बातें किए बिना ही, बच्चों को संवेदनशील संस्कार देनेवाले डॉक्टर साहब। धंधे में नुक़सान उठाकर भी पड़ोसी धर्म निभानेवाले टेलर मास्टर, सारे मोहल्ले को घर माननेवाले लोग, और ‘मज़बूती का नाम महात्मा गांधी’ पर असली ज़िन्दगी में अमल करनेवाले चौधरी साहब।
ऐसे चरित्रों के ज़रिए, ये कहानियाँ साधारण व्यक्तित्वों की असाधारण क्षमता और मानवीय सम्बन्धों की मार्मिकता के साथ-साथ ताक़त के गुमान और दैनिक जीवन के पाखंडों को भी बहुत ही रोचक अन्दाज़ में रेखांकित करती हैं।
Manglacharan
- Author Name:
Amrit Rai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sannate Ki Goonj
- Author Name:
Shabhu Shikhar
- Book Type:

- Description: Book
Mahakaushal Anchal Ki Lokkathyen
- Author Name:
Veriar Elwin
- Book Type:

- Description: इस पुस्तक में संकलित महाकोशल अंचल की लोककथाओं को मध्य प्रदेश के मंडला, सिवनी, बालाघाट, बिलासपुर एवं रायपुर ज़िलों और रीवा, कवर्धा, सारंगढ़ और बस्तर से एकत्र किया गया है। इन कहानियों को स्थानीय जनजातियों के लोगों से सुनकर और बातचीत कर यहाँ लिपिबद्ध किया गया है। मध्यवर्ती भारत में प्रचलित कहानियों के अनेक रूप हैं। इनमें से कुछ को हम गद्य कह सकते हैं—सीधे–सीधे विवरण जिन्हें संकेतों और भंगिमाओं के माध्यम से सुनाया गया, फिर भी उनमें कोई विशेष परिवर्तन नहीं आया। कुछ कहानियों में संवादों के अंशों को गाकर बताया गया था। सूक्तियाँ या पद्य लयबद्ध सरल धुनों में गाई गई थीं। किसी–किसी कहानी में सभी संवाद संगीत में नहीं थे। कुछ विशेष पद्य और भाव ही संगीत में थे। यह जानना दिलचस्प होगा कि कहानी का गाया हुआ अंश कहानी के साथ जुड़ा ही रहा जिससे इन कहानियों की आत्मीयता बनी रही। प्रस्तुत पुस्तक आदिवासियों की कहानियों के ज़रिए हमें उनके नज़दीक ले जाती है। आदिवासियों के विभिन्न संस्कारों के साथ–साथ उनकी मासूमियत और भोलापन भी हमें इन कहानियों में देखने को मिलता है। इसके अलावा इस पुस्तक को आनन्द के उद्देश्य से पढ़ा जाए तो यह और मनोरंजक तथा सरस लगेगी।
Lal Chhint Wali Lugdi Ka Sapna
- Author Name:
Satyanarayan Patel
- Book Type:

- Description: Short Stories
Sudeshanaa
- Author Name:
Udyan Vajpeyi
- Book Type:

-
Description:
उदयन वाजपेयी की इन कहानियों में हम अतिगल्पधर्मिता के एक ऐसे तत्त्व को सक्रिय देखते हैं, जो हमारी भाषा में एक अनोखी गल्प-सृष्टि का शिलान्यास करता प्रतीत होता है। इन कहानियों का दूसरा तत्त्व इनमें विचार और अनुभूति के वे बारीक और उलझे हुए धागे हैं, जो इन कहानियों की अतिगल्पधर्मिता के बावजूद इन्हें परीकथा की अनुकृति होने से बचाते हुए एक लगभग अप्रचलित-सा कथा-रूप प्रदान करते हैं। हम कह सकते हैं कि ये कहानियाँ परीकथा की अनुकृति नहीं, उसकी पैरोडी हैं।
इन कहानियों का सबसे मुखर और केन्द्रीय, यद्यपि नितान्त अदृश्य चरित्र ‘समय’ है। वस्तुओं, चरित्रों और घटनाओं का अधिष्ठान या निरा एक आयाम होने से अधिक यहाँ यह समय स्वयं वस्तुओं, चरित्रों और घटनाओं के हाथों बनती-मिटती एक हस्ती हैं। ये कहानियाँ समय की रचना करती हैं और (इस तरह) मानो प्रस्तावित करती हैं कि समय का प्रत्येक रूप एक संकल्प-सापेक्ष रचना है।
इन कहानियों की प्रस्तावित-गल्प-सृष्टि हमारे यथार्थ कहे जानेवाले संसार से अनुकूलित होने या उसे अनुकूलित करने के बजाय उसे ‘देखने’ का एक ऐसा ‘लोकस’ उपलब्ध कराती है, जहाँ से स्वयं इस संसार का गल्प उजागर हो सके। दूसरे शब्दों में वे कथा और सृष्टि के बीच मान्य द्वैत का प्रतिकार करती हैं और ऐसा करते हुए वे अपनी विश्वसनीयता की क़ीमत चुकाती हैं। अविश्वसनीयता को ये कहानियाँ अलंकार के नहीं, रस के रूप में प्रस्तावित करती हैं।
और इस सबसे ऊपर इनमें गहरी रागात्मकता और संसक्ति है, जो इनके अन्तर्निहित बौद्धिक तनाव और मुबहम वातावरण को स्पन्दनशील और स्पृहणीय बनाती हैं।
Mansarovar Vol. 3 : Uddhar Aur Anya Kahaniyan
- Author Name:
Premchand
- Rating:
- Book Type:

- Description: स्पष्टता के मैदान में प्रेमचन्द बड़ी-से-बड़ी बात को बड़े उलझन के अवसर पर कुछ इस तरह सुलझा कर कह जाते हैं कि मुश्किल-से-मुश्किल बात हमारे रोजमर्रा के, घरेलू जीवन की जानी-पहचानी चीज हो जाती है। उनकी बातों में कुछ ऐसा अनुभव का मर्म भरा होता है कि आदमी उसे कंठस्थ कर लेना चाहता है। उनकी बात स्पष्ट, दो टूक निर्णय होती है। और उनकी कलम सब जगह पहुँचती है, अँधेरे में भी धोखा नहीं देती। —जैनेन्द्र कुमार
The Best Stories of Mohapatra Nilamani Sahoo
- Author Name:
Guruprasad Mohapatra +1
- Book Type:

- Description: The Best Stories of Mohapatra Nilamani Sahoo: This book is a translation of Mohapatra Nilamani Sahoo's short stories, written in his inimitable style. The stories, originally written in Odia, were truly representative of Odia culture and traditions; the narrative is unique and deeply emotional and carries the readers with the flow. This volume is a specimen of Mohapatra Nilamani Sahoo's short stories for the wider readership
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book