🇮🇳 India’s home-grown full-stack ecosystem for Publishers, Authors, Writers, and Readers. 🎊🎊 Celebrate Your Language, Authors from Your Own Land, with Rachnaye!!! 🎊🎊 Enjoy 🎧 Audiobooks at Rachnaye, download the Rachnaye App from Play Store or App Store

Sapanon Ka Ganit

Ships within 48 Hours

Free Shipping in India on orders above Rs. 1100


About the book

सभ्यता, संस्कृति और शुचिता की बदलती हुई परिभाषाओं के इस दौर में अपने समय को दर्ज करना बेहद चुनौतीपूर्ण है। ‘सपनों का गणित’ की कहानियाँ अपने समय के इस द्वन्‍द्व को रेखांकित करती हैं और आत्मचिन्तन तथा आत्मविश्लेषण के लिए हमें प्रवृत्त करती हैं। निर्भीक होना हर दौर में लेखन की बुनियादी शर्त रही है। यह सुखद है कि लेखक अपनी पूरी ताक़त से इन स्थितियों से मुठभेड़ करता है और समस्याओं से कन्नी काटकर निकलने का कोई प्रयास इन कहानियों में नहीं है। इन कहानियों के माध्यम से हम सच...और परोसे जा रहे सच...के अन्तर को भी समझ सकेंगे।  अपेक्षाओं का भंग होना आज एक गम्भीर समस्या है और आम जन हर मोर्चे पर ख़ुद को छला हुआ महसूस कर रहा है। लेखक ने इस पीड़ा को समझा है और अपनी कहानियों के माध्यम से अभिव्यक्ति दी है। पाठकों और आलोचकों—दोनों की पसंद की कसौटी पर खरा उतरना लेखक के लिए कठिन हो सकता है, लेकिन अपनी कहानियों के माध्यम से राजेन्द्र श्रीवास्तव इस सन्तुलन को साधते हैं। पठनीयता और गुणवत्ता दोनों के मेल से ही यह सम्भव हो सकता है।

Read more

₹ 395

316 20% off

Available

Rachnaye membership

Pick a membership and see exactly what it gets you

  • 15 Free Deliveries
  • 1 Free Book up to ₹500 MRP

Format

Frequently bought together
Sapanon Ka Ganit This book ₹316
Makadjaal Rajendra Shrivastava ₹395
Jashn - An Awakening Geetika K. Bakshi ₹120
3 books selected ₹910 ₹831

100% Original

Fast Dispatch

Secure Payment

About the Book

सभ्यता, संस्कृति और शुचिता की बदलती हुई परिभाषाओं के इस दौर में अपने समय को दर्ज करना बेहद चुनौतीपूर्ण है। ‘सपनों का गणित’ की कहानियाँ अपने समय के इस द्वन्‍द्व को रेखांकित करती हैं और आत्मचिन्तन तथा आत्मविश्लेषण के लिए हमें प्रवृत्त करती हैं। निर्भीक होना हर दौर में लेखन की बुनियादी शर्त रही है। यह सुखद है कि लेखक अपनी पूरी ताक़त से इन स्थितियों से मुठभेड़ करता है और समस्याओं से कन्नी काटकर निकलने का कोई प्रयास इन कहानियों में नहीं है। इन कहानियों के माध्यम से हम सच...और परोसे जा रहे सच...के अन्तर को भी समझ सकेंगे। 

अपेक्षाओं का भंग होना आज एक गम्भीर समस्या है और आम जन हर मोर्चे पर ख़ुद को छला हुआ महसूस कर रहा है। लेखक ने इस पीड़ा को समझा है और अपनी कहानियों के माध्यम से अभिव्यक्ति दी है।

पाठकों और आलोचकों—दोनों की पसंद की कसौटी पर खरा उतरना लेखक के लिए कठिन हो सकता है, लेकिन अपनी कहानियों के माध्यम से राजेन्द्र श्रीवास्तव इस सन्तुलन को साधते हैं। पठनीयता और गुणवत्ता दोनों के मेल से ही यह सम्भव हो सकता है।

Book details

Fast dispatchShips within 48 hours
Secure paymentOnline, or cash on delivery on eligible orders
100% OriginalGenuine copy from Rajkamal Prakashan Samuh
Format
Hardbound
Publisher
Rajkamal Prakashan Samuh
Edition
2nd
Publication year
2020
Weight
274 grams
ISBN-13
9788183619721
Pages
130
Reading time
~4 hrs
Age
18+
Country of origin
India
Dimensions
14 × 22 cm
Language
Hindi

Recommended for you

Customer reviews

Be the first to write a review

Read this one? Tell other readers what you thought about the story, the translation and the print.

Offers

Loading offers…

whatsapp