Pratinidhi kahaniyan : Marathi
Author:
Madhav SontakePublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections0 Ratings
Price: ₹ 159.2
₹
199
Unavailable
ग्रामीण, दलित तथा स्त्राी कहानियों के साथ-साथ साठोत्तरी कहानी साहित्य में व्यक्तिवादी चेतना की प्रयोगशील कहानियाँ भी लिखी जाती रही हैं। विलास, सारंग, श्याम मनोहर, एस.डी. इनामदार, दिलिप चित्रो, अनिरुद्ध बनहट्टी इस धारा के प्रमुख कथाकार रहे हैं।
ये अतियथार्थवादी तथा अभिव्यंजनावादी विचारधारा की कहानियाँ हैं। कुल मिलाकर मराठी कहानी की जो अति मनोरंजकता से विकास-यात्राा शुरू हुई थी, वह विभिन्न मोड़ों से ग्रामीण, दलित तथा स्त्राी-जीवन के अन्तरंग तक पहुँच गई है। आज वैश्वीकरण-बाजारीकरण की नवपूँजीवादी-उपभोक्तावादी सभ्यता में वह अपनी ‘मनुष्यता’ की रक्षा के लिए भी सन्नद्ध हो रही है।
—भूमिका से
ISBN: 9788126717828
Pages: 140
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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—डॉ. देवराज।
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Description:
जापानी कथा-साहित्य की दुनिया में अलौकिक प्रसंगों के आधुनिक प्रवर्तक कोइज़ुमी याकुमो की छह बहु-चर्चित कहानियों को इस संकलन में शामिल किया गया है। इनमें पाठकों को न सिर्फ़ अलौकिक दुनिया में विचरण करने का मौक़ा मिलेगा, बल्कि जापान के ऐतिहासिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पहलुओं को जानने-समझने का अवसर भी प्राप्त होगा।
1185 में घटित दान-नो-उरा के विध्वंसक युद्ध की पृष्ठभूमि में रचित ‘बिन कान का होइची’ युद्ध के विनाशकारी प्रभावों को बख़ूबी उभारती है। ‘बच्चों की रज़ाई’ दो अनाथ बच्चों की मार्मिक दास्तान है, जिन्हें ठिठुरती रात में मकान-मालिक बेघर कर उनकी रज़ाई छीन लेता है। बच्चे ठंड से दम तोड़ देते हैं लेकिन उनकी आत्मा रज़ाई में समा जाती है। हर रात रज़ाई से निकलती आवाज जैसे समाज से उसकी निष्ठुरता का हिसाब माँगती है। ‘बर्फ़ सुन्दरी’ और ‘सोएमोन भूला नहीं’ नैतिक मूल्यों के प्रति सजग कराती रोचक कहानियाँ हैं। ‘कुनीज़ाका की ढलान’ एक इच्छाधारी रकून कुत्ते की कहानी है जो यात्रियों को डराया करता है। इस कहानी के द्वारा रचनाकार का सन्देश है कि भय मनुष्य की आन्तरिक कमज़ोरी है जिससे भागना कायरता है। ‘आँसू बने मोती’ कहानी लीक से हटकर है, जो मनुष्य और प्रकृति के पारस्परिक घनिष्ठ सम्बन्ध को रोचक ढंग से प्रस्तुत करती है।
रेखाचित्रों तथा टिप्पणियों से भरपूर कोइज़ुमी याकुमो की मूल जापानी कहानियों का यह हिन्दी अनुवाद बाल-पाठकों का मनोरंजन करने के साथ उन्हें नैतिक तथा चारित्रिक मूल्यों के प्रति सजग कराएगा।
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