Buddh Nirvan Ki Raah Par
Author:
Shiv K. KumarPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Literary-fiction0 Ratings
Price: ₹ 239.2
₹
299
Available
बुद्ध के जीवन पर आधारित इस उपन्यास में बुद्ध के सभी सिद्धान्तों को कथा-सूत्र में पिरोकर प्रस्तुत किया गया है, जिन्हें बुद्ध के बुद्धत्व की थाती माना गया। सहज, जीवन से जुड़ी भाषा में लिखा गया उपन्यास बुद्ध या उनके दर्शन को लेकर कोई विमर्श खड़ा करने का प्रयास न करके उनकी जीवन की घटनाओं के साथ भौतिक संसार से शनै:-शनै: उनके मोहभंग को दिखाता हुआ उनकी निर्वाण-यात्रा के पथ को पुन: आलोकित करता है। वह भी इतनी सहज गति के साथ कि कहीं-कहीं वह आपको अपनी ही यात्रा लगने लगती है।</p>
<p>यह उपन्यास के सहजता के ही कारण है कि इसे पढ़ते हुए हमारे मन में अपने आसपास व्याप्त हिंसा, असहिष्णुता और पौरुष के निकृष्टतम संस्करणों का सर्व-स्वीकृत प्रचलन चकित करने लगता है। किसी भी विभूति के जीवन को आधार बनाकर लिखे गए उपन्यास की सबसे बड़ी सफलता यही मानी जानी चाहिए कि वह तर्कों के नहीं, संवेदना के स्तर पर हमें कितना उस व्यक्ति के जीवन और प्रतिश्रुतियों से जोड़ता है। इस अर्थ में यह सर्वथा सफल उपन्यास है।
ISBN: 9788126728312
Pages: 176
Avg Reading Time: 6 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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यह उपन्यास अपनी भाषिक संरचना से कथा-उद्देश्य की ज़मीन पर जिस तरह आन्तरिक और बाह्य क्रियात्मकता के साथ रचा गया है, वह अपने-आप में एक उदाहरण है, और यह उदाहरण उपन्यासकार इलाचन्द्र जोशी की एक बड़ी विशेषता है।
इस उपन्यास की धुरी है एक ख़ानाबदोश लड़की जिसके कथा-आयतन में सम्मोहन, प्रेम, चेतना, कुंठा और उत्तेजना, फिर तमाम स्थितियों तथा संघर्षों की विस्तृत और अन्तहीन घटनाएँ अपनी गहरी जड़ों के साथ मानव-सभ्यता में अपना कालबोध प्रतीत होती हैं। उपन्यास में लेखक ने स्त्री और पुरुष के मनोविज्ञान का कैनवस रचते व्यक्ति, समाज-वर्ग और धर्म, विचार, व्यवस्था तथा राजनीति के बीच की खाइयों और उसकी परिणति-प्रक्रिया पर भी अपनी पैनी नज़र बनाए रखी है।
बहुमुखी प्रतिभा के विशिष्ट रचनाकार इलाचन्द्र जोशी ने जिस दृष्टि और कलात्मकता के साथ अपनी इस कृति में अपने पात्रों के मनोलोक और उनके अपने बाहरी संसार से टकराव को सघनता से रचा है, उससे कोई भी संवेदनशील पाठक अछूता नहीं रह सकता।
Agle Janam Mohe Bitiya Na Kijo
- Author Name:
Qurratul Ain Haider
- Book Type:

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‘अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो’ मामूली नाचने-गानेवाली दो बहनों की कहानी है, जो बार-बार मर्दों के छलावों का शिकार होती हैं। फिर भी यह उपन्यास जागीरदार घरानों के आर्थिक ही नहीं, भावात्मक खोखलेपन को भी जिस तरह उभारकर सामने लाता है, उसकी मिसाल उर्दू साहित्य में मिलना कठिन है। एक जागीरदार घराने के आग़ा फ़रहाद बकौल खुद पच्चीस साल के बाद भी रश्के-क़मर को भूल नहीं पाते और हालात का सितम यह कि उसके लिए बन्दोबस्त करते हैं तो कुछेक ग़ज़लों का ताकि ‘अगर तुम वापस आओ और मुशायरों में मदऊ (आमंत्रित) किया जाए तो ये ग़ज़लें तुम्हारे काम आएँगी।’ आख़िर सबकुछ लुटने के बाद रश्के-कमर के पास बचता है तो बस यही कि ‘कुर्तों की तुरपाई फ़ी कुर्ता दस पैसे...’
खोखलापन और दिखावा—जागीरदार तबके की इस त्रासदी को सामने लाने का काम ‘दिलरुबा’ उपन्यास भी करता है। मगर विरोधाभास यह है कि समाज बदल रहा है और यह तबका भी इस बदलाव से अछूता नहीं रह सकता। यहाँ लेखिका ने प्रतीक इस्तेमाल किया है फ़िल्म उद्योग का, जिसके बारे में इस तबके की नौजवान पीढ़ी भी उस विरोध-भावना से मुक्त है जो उनके बुज़ुर्गों में पाई जाती थी।
Ekakipan Ke Sau Varsh
- Author Name:
Gabriel Garcia Marquez
- Book Type:

- Description: ‘एकाकीपन के सौ वर्ष’ की कहानी आपको विस्मित करती है; इसकी अतिरंजनाएँ आपको अवाक् और हास्य के आवेग में विह्वल छोड़ देती हैं; आप एक विराट स्मृति-गाथा के अतिमानवीय मायाजाल में धीरे-धीरे यथार्थ और वास्तविकता के कठोर पत्थरों पर पैर रखते हुए आगे बढ़ते हैं; और इस तरह मानव नियति के साथ बिंधे अनन्त अकेलेपन की एक सामूहिक गाथा के दूसरे छोर तक जाते हैं।
Khambhon Per Tiki Khushabu
- Author Name:
Narendra Nagdev
- Book Type:

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Description:
भवन-निर्माण के व्यवसाय में गहरी जड़ें जमा चुके, हर क़ीमत पर कांट्रैक्ट हासिल कर लेनेवाले कुख्यात टेंडर माफ़िया की आतंककारी कार्यप्रणाली तथा उन्हें रोकने को कटिबद्ध, एक समर्पित, सृजनशील वास्तुकार का उनके साथ जोखिम-भरे संघर्ष का दस्तावेज़...
संघर्ष में एक सकारात्मक तथ्य को रेखांकित करता कि सृष्टि वह दानव नहीं चलाता जो अपने अहंकारवश बाढ़ ला देता है पूरे शहर में, वरन् उस चिड़िया के पंख चलाते हैं जो चोंच में तिनका दबाकर, तिनके में पानी की एक बूँद उठाकर, बार-बार फेंक आती है शहर के बाहर ताकि धीरे-धीरे बाढ़ से मुक्त हो सके शहर...
आर्किटेक्चर क्षेत्र के सघन व्यावसायिक घटनाक्रम के साथ-साथ एक लोककथात्मक फ़ैंटेसी की महीन बुनावट और विध्वंसक शक्तियों के गाल पर तमाचा-सा जड़ता एक अतियथार्थवादी चरम...
वर्तमान और अतीत के बीच, कल्पना और यथार्थ के बीच, सही और ग़लत के बीच झूलता हुआ सा, एक मोहक शिल्प तथा भाषा के सहज प्रवाह से युक्त नरेन्द्र नागदेव का आत्मीय, संवेदनशील प्रस्तुतीकरण—‘खम्भों पर टिकी ख़ुशबू...’
Karmbhoomi
- Author Name:
Premchand
- Book Type:

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Description:
अपने वक़्त के सच को पेश करने का प्रेमचन्द का जो नज़रिया था, वह आज के लिए भी माकूल है। ग़रीबों और सताए गए लोगों के बारे में उन्होंने किसी तमाशबीन की तरह नहीं, एक साझीदार की तरह से लिखा।
—फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
समाज-सुधारक प्रेमचन्द से कलाकार प्रेमचन्द का स्थान कम महत्त्वपूर्ण नहीं है। उनका लक्ष्य जिस सामाजिक संघर्ष और प्रवर्तन को चित्रित करना रहा है, उसमें वह सफल हुए हैं।
—डॉ. रामविलास शर्मा
क़लम के फ़ील्ड मार्शल, अपने इस महान पुरखे को दिल में अदब से झुककर और गर्व से मैं रॉयल सैल्यूट देता हूँ।
—अमृतलाल नागर
Its My Love Story
- Author Name:
Ajitabha Bose
- Rating:
- Book Type:

- Description: India's most popular pocket book writer brings to you his first novel. It's a story inspired from real life incidents. A story based on the college life of 6 friends. It's a love story of Aditya and janvi. Aditya is from Jamshedpur and moves to Delhi for his graduation. He aspires to become a successful filmmaker. Janvi is a delhiite and loves travelling. She dreams to settle in Italy someday. Life takes a different turn when love brought them together. What lies ahead? Where will destiny lead them? Bestselling author ajitabha Bose brings to you another heartwarming tale of love, friendship and dreams.
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