Gandhijan Charitramala
Author:
Ravindra Rukmini Pandharinath, Suchita Padalkar, Hemant Karnik, Meena Shrikan Karanjekar, Shyam Pakhare, Sunanda Mohini, Nandu Gurav, Sisilia KarvhaloPublisher:
Manovikas Prakashan LLPLanguage:
MarathiCategory:
General-non-fiction0 Ratings
Price: ₹ 1040
₹
1300
Available
आज आपण नवभारताची संकल्पना, ‘आयडिया ऑफ इंडिया’ हीच विसरलो आहोत. हा देश येथे राहणाऱ्या सर्वांचा आहे,
त्यावर त्यांचा समान हक्क आहे, समता-न्याय-बंधुता ह्यांवर आधारित देश उभारणे, त्याला समृद्ध करणे ही ह्या सर्वांची सामायिक जबाबदारी आहे,
ही झाली ‘आयडिया ऑफ इंडिया.’ द्वेष आणि उन्मादाने भारलेल्या आजच्या वातावरणातून बाहेर पडण्यासाठी आपल्याला ह्या संकल्पनेचे आणि
तिची पायाभरणी करणाऱ्यांचे पुनर्स्मरण करावेच लागेल. याच भूमिकेतून घेऊन येत आहोत गांधीजन चरित्रमाला...
अनुराधा मोहनी संपादित या चरित्रमालेत आपल्याला वाचायला मिळतील एकाहून एक सिद्धहस्त लेखकांच्या लेखणीतून साकारण्यात आलेली
आठ दिग्गज व्यक्तिमत्वांची चरित्र म्हणजेच गांधीजनांची चरित्रमाला !
1. सर्वांचे गांधीजी । रवीन्द्र रुक्मिणी पंढरीनाथ
2. सावली नव्हे, जीवनसंगिनी – कस्तुरबा गांधी । सुनन्दा मोहनी
3. क्रांतिकारक ऋषी विनोबा भावे । मीना श्रीकांत कारंजेकर
4. नियतीशी करार करणार महामानव- पंडित जवाहरलाल नेहरू । हेमंत कर्णिक
5. नवभारताचे पहिले शिक्षणमंत्री मौलाना आझाद । नंदू गुरव
6. दीपशिखा सरोजिनी नायडू । डॉ. सिसिलिया कार्व्हालो
7. अहिंसेचा उपासक खान अब्दुल गफ्फार खान । श्याम पाखरे
8. मातृहृदयी समतायोद्धा साने गुरूजी । सुचिता पडळकर
गांधीजन चरित्रमाला – संपादन : अनुराधा मोहिनी
Gandhijan Charitramala – sampadan : Anuradha Mohini
Lekhak - Ravindra Rukmini Pandharinath , Sunanda Mohini , Meena Shrikan Karanjekar,
Hemant Karnik, Nandu Gurav, Dr, sisilia karvhalo, Shyam Pakhare, Suchita Padalkar
ISBN: 9789391547981
Pages: 720
Avg Reading Time: 24 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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- Description: गुंतवणुक गुरू आणि शेअर बाजारावर प्रभाव टाकणारे भारताचे लाडके लेखक प्रांजल कामरा हे त्यांचे सर्वोत्तम खपाचे पुस्तक ‘ इन्व्हेस्टोनॉमी’ याची नवीन आवृत्ती घेऊन आले आहेत. तुम्हाला शेअर बाजारात पैसे गुंतवायला भीती वाटते का? गुंतवणूक सुरू करण्याआधी आपण त्यात तज्ज्ञ असले पाहिजे असे तुम्हाला वाटते का? हा सगळा प्रकार म्हणजे बेटींग, जुगार आणि नशीब यांचा आहे असे वाटते का? असे प्रश्न तुम्हाला पडत असतील तर हे पुस्तक तुमच्यासाठीच आहे म्हणून समजा आधुनिक मूल्यात्मक तत्वे काय आहेत एवढेच इन्व्हेस्टॉनॉमी समजावून सांगत नाही तर ते शेअर बाजारातील बरीच गुपितेही आपल्यासमोर उघड करते. पीके म्हणतात की, ‘एखादा मॅट्रीक पास झालेला माणूसही शेअर मार्केटमध्ये जोरदार गुंतवणूक करत असतो.’या सगळ्याला तशी मानसिकता लागते. तशी मानसिकता जोपासण्यासाठीच तर या पुस्तकाचा घाट घालण्यात आला आहे. जेवढे जेवढे तुम्ही जास्त शिकाल तेवढे तेवढे तुम्ही त्यात चक्रवाढ व्याजाने तरबेज बनाल हे सांगणे नलगे. Investonomy / Pranjal Kamara, Transleted by – Savita Damale इन्व्हेस्टॉनॉमी । प्रांजल कामरा, अनुवाद – सविता दामले
Samjun Gheu Ya Manala
- Author Name:
Dr. Shrirang Bakhle +1
- Book Type:

- Description: सारं आयुष्य दुःखद घटनांनी भरलेलं असतानाही काही लोक आनंदी दिसतात, तर काहींच्या आयुष्यात सुखाची रेलचेल असूनही ते दुःखी-कष्टी दिसतात. याचं रहस्य त्या त्या व्यक्तीच्या मानसिकतेमध्ये दडलेलं असतं. म्हणजेच तुम्हाला होणारा आनंद आणि तुम्हाला होणारं दुःख हे तुमच्या आयुष्यात जे घडतं त्यावर अवलंबून नसतं, तर ते तुम्ही त्या घटनांकडे कसे बघता यावर अवलंबून असतं. त्यामुळेच ‘माणसाचं मन' याला विशेष महत्त्व प्राप्त होतं. किंबहुना आपल्या व्यक्तिमत्त्वाची सर्वात महत्त्वाची बाजू ही आपलं मन असते. म्हणजे व्यक्ती म्हणून आपण जे कोणी असतो त्यामागे प्रामुख्याने आपलं मन असतं. आपलं मन जसा विचार करतं किंवा जे सांगतं तसेच आपण घडत असतो.असं असलं तरी आपण एकूण शारीरिक आरोग्याबाबत जेवढे जागरूक असतो तेवढे मनाच्या आरोग्याबाबत नसतो. किंबहुना मनाचंही आरोग्य जपायचं असतं हेच आपल्या गावी नसतं. कारण मन म्हणजे काय? ते काम कसं करतं? त्याची अवस्था कशी आहे? कशी असावी? याबद्दल आपण पूर्णपणे अज्ञानी असतो. त्यामुळे आपलं मन आजारी आहे की निरोगी हेच आपल्याला उमगत नाही. डॉ. श्रीरंग बखले यांनी नेमका हाच धागा पकडून हे पुस्तक लिहिलं आहे. अर्थात हे पुस्तक केवळ मनाच्या कार्यप्रणालीबद्दलच माहिती देते असं नाही, तर एकटेपणा, दुःख, भीती, संताप, व्यसन या बरोबरीनेच आनंद, उत्साह, कुतूहल, सर्जनशीलता अशा अनेक पैलूंकडे बघण्याची एक नवी दृष्टी देतं. तेव्हा मनाचं आरोग्य जपायला मदतगार ठरू शकणारा हा मार्गदर्शक आपल्या हाती असायलाच हवा. Samjun Gheu Ya Manala :Dr. Shrirang Bakhle Translated By : Sumedha Kale समजून घेऊ या मनाला : डॉ. श्रीरंग बखले : अनुवाद : सुमेधा काळे
Paryavaran Ke Paath
- Author Name:
Anupam Mishra
- Book Type:

- Description: ''अनुपम मिश्र एक अत्यन्त विनम्र, निरभिमानी व्यक्ति थे जिन्होंने पर्यावरण के क्षेत्र में साधारण और सामुदायिक विवेक और विधि का जैसा अवगाहन किया वैसा आधुनिक टेकनॉलजी के दुश्चक्र में फँसे अन्य पर्यावरणविद् अकसर नज़रन्दाज़ करते रहे हैं। अनुपम जी लगभग ज़िद कर अपनी इस धारणा पर डटे रहे कि साधारण लोग और समुदाय पढ़े-लिखों से ज़्यादा जानता-समझता है और आधुनिकता को अपनी सर्वज्ञता के दम्भ से मुक्त हो सकना चाहिए। उनसे बातचीत का यह संचयन इस अनूठे व्यक्ति के सोच-विचार की नई परतें सहजता से खोलेगा, ऐसा हमारा विश्वास है।" —अशोक वाजपेयी
Bin Pani Sab Soon
- Author Name:
Anupam Mishra
- Book Type:

- Description: अनुपम मिश्र हमारे समय के उन बिरले सोचने-समझनेवाले चौकन्ने लोगों में से थे जिन्होंने लगातार हमें पानी के संकट की याद दिलाई, चेतावनी दी, पानी के सामुदायिक संचयन की भारतीय प्रणालियों से हमारा परिचय कराया। उनका इसरार था कि हम लोकबुद्धि से भी सीखें। उनकी असमय मृत्यु के बाद जो सामग्री मिली है उसमें से यह संचयन किया गया है। वह हिन्दी में बची ज़मीनी सोच और लोकचिन्ताओं से एक बार फिर हमें अवगत कराता है। वह इसका साक्ष्य भी है कि साफ़-सुथरा गद्य साफ़-सुथरे माथे से ही लिखा जा सकता है।” —अशोक वाजपेयी
General Knowledge Encyclopedia
- Author Name:
Dr. Sheo Gopal Mishra
- Book Type:

- Description: "यह कोश सामाजिक विज्ञानों—मानव विज्ञान, समाज विज्ञान, मनोविज्ञान, धर्मशास्त्र, अर्थशास्त्र, इतिहास एवं कला को अपने में समेटे हुए है। (विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी को अलग खंड के रूप में प्रस्तुत किया गया है।) इसमें हमने उन कतिपय महापुरुषों का संक्षिप्त जीवन-परिचय भी सम्मिलित किया है, जिन्होंने इतिहास तथा समाज को गति प्रदान की है। धार्मिक संप्रदायों, उनके मान्य ग्रंथों एवं उनके प्रवर्तकों के विषय में भी संक्षिप्त विवरण दिए गए हैं। इसमें आदि से अंत तक भारतीय योगदान को दृष्टि से ओझल नहीं होने दिया गया है। यह ‘सचित्र सामाजिक विज्ञान विश्वकोश’ कोशों की शैली और विषय-वस्तु से कुछ हटकर लगे तो कोई आश्चर्य की बात न होगी। हम उन अनेक पुस्तकों एवं संदर्भ ग्रंथों के लेखकों और संपादकों के प्रति अपना आभार व्यक्त करना चाहेंगे जिनसे प्रेरणा प्राप्त करके सामग्री का चयन, संकलन एवं लेखन पूरा किया गया है। आशा है, यह ‘सचित्र सामाजिक विज्ञान विश्वकोश’ इक्कीसवीं सदी के आबालवृद्ध-वनिताओं को ज्ञानवर्धक लगेगा। यदि इसमें यत्र-तत्र त्रुटियाँ मिलें तो पाठक जन उन्हें सुधारने की सदाशयता बरतेंगे। "
Baleshwar Agarwal Jeevan Yatra
- Author Name:
Ramashankar Kushwaha
- Book Type:

- Description: एक व्यक्ति जीवन में क्या और कितना कर सकता है, इसके लिए बालेश्वर अग्रवाल एक श्रेष्ठ उदाहरण हैं । पत्रकारिता में रहे तो एक पत्रकार की तरह सोचते और कार्य करते रहे। सक्रियता और सतर्कता में कोई कमी नहीं । हर चीज पर निगाह होती | हमेशा अपने को पृष्ठभूमि में रखते और साथियों को आगे बढ़ाते। इस पुस्तक में उनकी सुदीर्घ जीवन यात्रा में पत्रकारित और समाज-सेवा के उपलब्ध समस्त विवरण आ गए हैं। अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद् का जिम्मा मिला तो देश और प्रवासी समाज को जोड़ने में जुट गए। दुनिया में प्रवासियों को लेकर होनेवाली सभी तरह की गतिविधियों और जरूरतों पर उनकी नजर रहती | उनके सामने क्या कठिनाइयाँ आती हैं और उन्हें दूर करने में वे क्या कर सकते हैं, इसके लिए प्रयासरत रहे । प्रवासी-जगत् बहुत बड़ा है और आज वह भारतवर्ष का पूरी दुनिया में प्रतिनिधित्व करता है। उनके माध्यम से भारतीय संस्कृति और जीवन-शैली सर्वत्र पहुँचती है। बालेश्वर इसके लिए प्रवासी समाज की नई पीढ़ी को जोड़ने का भरपूर प्रयास करते रहे। बालेश्वर अग्रवाल राष्ट्र-साधक थे | वह कुछ भी करते तो भारत देश और उसको संस्कृति उनके ध्यान में रहती । उनका लेखन इसका उदहारण है। दुनिया में जो भी हो रहा था, उसमें भारतीय और भारत कहाँ है और उसे किस तरह अपने को स्थापित करना है, यह उनके विचार के केंद्र में था। पर उनकी निगाह में भारतीयता सदैव सर्वोच्च रही ।
Pal : Kal, Aaj aur Kal
- Author Name:
Rajendra Shekhar
- Book Type:

- Description: हमारी नियति कई आयामों में विचरने के बाद अपने सत्त्व पर वापसी करती है, क्योंकि अंततः जन्मस्थान और पैदायशी खंडकाल ही उसके निर्धारक हैं एवं जो पल हमारे जीवन को दिशा देते हैं, अधिकतर असाधारण न होकर सामान्य और व्यक्तिगत होते हैं। इस जीवन-गाथा की क्रमबद्ध प्रस्तुति में एक अपवाद जरूर है—मस्कट (ओमान राज्य की राजधानी), जिसका जिक्र बार-बार किया गया है और जिसका मुख्य आकर्षण है, मेरे ज्येष्ठ पुत्र संजीव का वहाँ व्यवसाय संबंधित अस्थायी आवास। इसके अलावा संयोगवश ओमानी सुलतान का चाचा फाहर और मैं मेयो कॉलेज में स्कूली पढ़ाई के दौरान सहवर्ती शिक्षार्थी थे एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के स्नातक अध्ययन काल का एक घनिष्ठ मित्र यशपाल भारद्वाज मस्कट में इंडियन स्कूल का प्रधानाध्यापक था और मैंने उसके साथ कई अंतरंग लम्हे बिताए। एक हादसे के कारण मेरे दुर्घटनाग्रस्त होने पर यशपाल का संकटमोचक सिद्ध होना मस्कट के दौर का मुख्य बिंदु साबित हुआ। संस्मरण में पाठक से निजी तौर पर संप्रेषण स्थापित करने के प्रयास में ‘संवाद’ और ‘चरित्र चित्रण’ का सहारा लिया है, क्योंकि ये दोनों तत्त्व मार्मिक संपर्क के सशक्त माध्यम हैं। चरित्र-चित्रण में सामान्य अथवा विशेष हस्तियों के सशक्त और दुर्बल पहलुओं को वर्णित करने का प्रयास किया गया है एवं घटनाओं में व्यक्तिगत और व्यवसाय संबंधी रोचक अथवा पेचीदे मामले उद्धृत किए गए हैं।
1000 Computer-Internet Prashnottari
- Author Name:
Vinay Bhushan
- Book Type:

- Description: "15 फरवरी, 1946 को ' एनियाक ' नामक कंप्यूटर दुनिया के सामने पहली बार आया था । तब से लेकर आज तक हमारे जीवन में कंप्यूटर का महत्व बढ़ता ही जा रहा है । इसके आकर्षण से क्या बच्चे, क्या बड़े-कोई नहीं बच पा रहा है । गणना करनी हो, गीत-संगीत सुनना हो, गप करना हो या फिर शोध करना हो, सबके लिए अपनी सेवाएँ देने हेतु सदैव तत्पर रहता है कंप्यूटर । इस पुस्तक में 1000 प्रश्नों के माध्यम से कंप्यूटर से संबंधित अनेक जानकारियाँ दी गई हैं । कंप्यूटर का आविष्कार, कंप्यूटर की पीढ़ियाँ, डिजिटल कंप्यूटरों का वर्गीकरण, कंप्यूटर : एक परिचय, सेकेंडरी मेमोरी, इनपुट/आउटपुट उपकरण, इंटरफेस, सॉफ्टवेअर, ऑपरेटिंग सिस्टम, डाटा संचार (कम्यूनिकेशन), कंप्यूटर नेटवर्क व्यवस्था, कंप्यूटर वाइरस एवं सुरक्षा प्रबंधन, सुपर कंप्यूटर, इंटरनेट, ई-मेल, एफ.टी.पी. और टेलनेट, कंप्यूटर और भारत तथा कंप्यूटर और कैरियर जैसे अध्यायों के द्वारा इस पुस्तक में कंप्यूटर की दुनिया की रोचक व रोमांचक यात्रा कराई गई है । यह पुस्तक कंप्यूटर के क्षेत्र से संबंध रखनेवालों, छात्रों, इंजीनियरों, शोधार्थियों तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठनेवाले प्रतियोगियों के लिए अत्यंत उपयोगी है । "
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