Yog Purankatha
(0)
Author:
Dr. Madhavi Kulkarni, Devdutt PattanaikPublisher:
Manovikas Prakashan LLPLanguage:
MarathiCategory:
General-non-fiction₹
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वीरभद्रासन आणि हनुमानासनापासून मत्स्येंद्रासन, कूर्मासन आणि अनंतासनापर्यंत अनेक योगासनांची लोकप्रिय नावे भारतीय पुराणकथांमधील पात्रे आणि श्रेष्ठ व्यक्तींवर आधारित आहेत. ही पौराणिक पात्रे कोण होती, त्यांच्या कथा काय आहेत आणि योगासनांशी त्यांचा काय संबंध आहे? देवदत्त पट्टनाईक यांचे अलीकडील पुस्तक ‘योग पुराणकथा' (सहलेखक - आंतरराष्ट्रीय योग साधक मॅथ्यू रॉली) हे पुस्तक हिंदू, बौद्ध आणि जैन धर्मातील पूर्वापार चालत आलेल्या लोककथा आपल्याला पुन्हा सांगते. जगाला सुपरिचित असलेल्या योगासनांच्या मागे या कथा आहेत. 64 महत्त्वाच्या आसनांमागील कथांच्या हकिकती सांगताना शाश्वत सत्ये, पुनर्जन्म, मुक्ती आणि सहवेदना या संकल्पनांवर आधारित भारतीय उपखंडातील दृष्टिकोनाकडे देवदत्त आपले लक्ष वेधतात. हजारो वर्षे या संकल्पना योगाचे संवर्धन करत आहेत. या पुस्तकात आसनांमधील शरीराच्या विशिष्ट स्थितीबद्दल विचार मांडले आहेत. असे असले तरी आसने कशी करावीत याविषयी हे पुस्तक नाही. एक ज्ञानशाखा म्हणून योगाकडे बघताना त्याचे मानसिक, आध्यात्मिक दृष्टिकोन आणि योगदान, तसेच त्यामागील तत्त्वज्ञान, परंपरा, संस्कृती समजावून घेणं आवश्यक असते. तीन हजाराहून अधिक वर्ष प्रभाव असलेल्या या कथांनी जागतिक दृष्टिकोन आकारास आणला. अशा सर्वांची ओळख हे पुस्तक करून देते. Yog Purankatha | Devdutt Pattanaik, Matthew Rulli | Translated By : Madhavi Kulkarni योग पुराणकथा | देवदत्त पट्टनायक, मॅथ्यू रॉली | अनुवाद : माधवी कुलकर्णी
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वीरभद्रासन आणि हनुमानासनापासून मत्स्येंद्रासन, कूर्मासन आणि अनंतासनापर्यंत अनेक योगासनांची लोकप्रिय नावे भारतीय पुराणकथांमधील पात्रे आणि श्रेष्ठ व्यक्तींवर आधारित आहेत. ही पौराणिक पात्रे कोण होती, त्यांच्या कथा काय आहेत आणि योगासनांशी त्यांचा काय संबंध आहे? देवदत्त पट्टनाईक यांचे अलीकडील पुस्तक ‘योग पुराणकथा' (सहलेखक - आंतरराष्ट्रीय योग साधक मॅथ्यू रॉली) हे पुस्तक हिंदू, बौद्ध आणि जैन धर्मातील पूर्वापार चालत आलेल्या लोककथा आपल्याला पुन्हा सांगते. जगाला सुपरिचित असलेल्या योगासनांच्या मागे या कथा आहेत. 64 महत्त्वाच्या आसनांमागील कथांच्या हकिकती सांगताना शाश्वत सत्ये, पुनर्जन्म, मुक्ती आणि सहवेदना या संकल्पनांवर आधारित भारतीय उपखंडातील दृष्टिकोनाकडे देवदत्त आपले लक्ष वेधतात. हजारो वर्षे या संकल्पना योगाचे संवर्धन करत आहेत. या पुस्तकात आसनांमधील शरीराच्या विशिष्ट स्थितीबद्दल विचार मांडले आहेत. असे असले तरी आसने कशी करावीत याविषयी हे पुस्तक नाही. एक ज्ञानशाखा म्हणून योगाकडे बघताना त्याचे मानसिक, आध्यात्मिक दृष्टिकोन आणि योगदान, तसेच त्यामागील तत्त्वज्ञान, परंपरा, संस्कृती समजावून घेणं आवश्यक असते. तीन हजाराहून अधिक वर्ष प्रभाव असलेल्या या कथांनी जागतिक दृष्टिकोन आकारास आणला. अशा सर्वांची ओळख हे पुस्तक करून देते.
Yog Purankatha | Devdutt Pattanaik, Matthew Rulli | Translated By : Madhavi Kulkarni
योग पुराणकथा | देवदत्त पट्टनायक, मॅथ्यू रॉली | अनुवाद : माधवी कुलकर्णी
Book Details
-
ISBN9788196493776
-
Pages264
-
Avg Reading Time9 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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- Description: ‘विवाह' - पुराणांचे अभ्यासक श्री.देवदत्त पट्टनायक यांच्या या पुस्तकातून भारतीय विवाहांच्या अनेक कथा आपल्या भेटीला येतात. त्यांनी या कथा वेद, पुराणे, तमिळ आणि संस्कृत साहित्य, तसंच विविध प्रदेशातल्या अभिजात, लोक आणि आदिवासी जमातीच्या साहित्याचा अभ्यास करून जमवल्या आहेत. त्यांना हे साहित्य कधी लिखित तर कधी मौखिक स्वरूपात उपलब्ध झालं. विवाहाबाबतच्या भारतीय परंपरा, रीतिरिवाज आणि श्रद्धा यांच्यामधली विविधता आणि प्रवाहितता स्पष्ट करण्यासाठी त्यांनी तीन लाख चौ. मी. भारतीय भूभागाचा आणि तीन हजार वर्षांहूनही अतिशय प्राचीन असलेल्या अशा इतिहासाचा धांडोळा घेतला आहे. Vivah | Devdutt Pattanaik Translated By : Amita Naidu विवाह | देवदत्त पट्टनायक अनुवाद : अमिता नायडू
Bharat Mein Bandhua Mazdoor
- Author Name:
Mahashweta Devi
- Book Type:

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Description:
देश की जिन गम्भीर समस्याओं पर मुख्यधारा का मीडिया ख़ामोश रहता है और सरकार उदासीन, उनमें बँधुआ मज़दूरों की समस्या भी एक है। सरकारी घोषणाओं में यह समस्या ख़त्म हो चुकी है और मीडिया के लिए इसमें सनसनी नहीं रही। लेकिन समस्या अभी जहाँ की तहाँ है। 1975 में राष्ट्रपति के एक अध्यादेश के ज़रिए औपचारिक तौर पर बँधुआ मज़दूरी पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया था, लेकिन देश के लगभग सभी राज्यों में आज भी यह प्रथा बिना किसी रोक-टोक के जारी है। बीच-बीच में सरकारें बँधुआ तौर पर काम कर रहे मज़दूरों की मुक्ति और पुनर्वास का स्वाँग भी रचती हैं, लेकिन मुक्त कराए गए मज़दूरों को पुन: एक नई तरह की बँधुआ मज़दूरी का शिकार होना पड़ा है। न तो उनकी जीविका के लिए पर्याप्त साधन मुहैया कराए गए और न ही शक्तिशाली भूमिपतियों से उनकी हिफ़ाज़त का कोई विश्वसनीय इन्तज़ाम हो पाया।
‘भारत में बँधुआ मज़दूर’ इस समस्या का सर्वांग अध्ययन प्रस्तुत करती है। प्रख्यात बांग्ला लेखिका महाश्वेता देवी यहाँ पूर्णतया एक शोधकर्मी के तौर पर प्रकट हुई हैं, ज़ाहिर है, उत्पीड़ितों-उपेक्षितों के लिए अपनी सर्वज्ञात संवेदना के साथ। शोधकर्म की निर्मम असंलग्नता से बचते हुए, विषय के साथ नितान्त मानवीय लगाव के साथ यह शोध किया गया है।
Jharkhand GK: General Knowledge Book - 2025 For JPSC, JSSC, JTET, JSERC
- Author Name:
Dr. Manish Rannjan
- Book Type:

- Description: Jharkhand emerges as a vibrant canvas, portraying a mesmerizing blend of diverse natural, cultural, social, political, and geographical aspects. Across its enchanting terrain, a symphony of vibrant music and captivating dances fills the air, echoing the collective heartbeat of its inhabitants. The rhythmic beats of dhol, mandar, and flute reverberate, underscoring the region’s rich cultural tapestry. Festivals and rituals such as Karma Puja, Sarhul, Tusu, and Sohrai are intricately interwoven into the fabric of daily life, serving as a poignant expressions of reverence towards nature’s profound essence. In this harmonious celebration, the pure simplicity, charm, and equilibrium of Jharkhand's landscape find eloquent expression. In this comprehensive volume, we embark on a meticulous journey through the diverse dimensions of Jharkhand, spanning across 20 insightful chapters. From delving into its historical and geographical roots to dissecting its political, social, cultural, and economic landscapes, every facet is meticulously examined. The narrative doesn’t just stop at the past; it extends to elucidate contemporary developments, programmes, and policies, complemented by enlightening statistical diagrams that provides a clear understanding of the present scenario. Designed as a companion for both aspirants of competitive examinations and avid learners, this book is a treasure trove of knowledge. With 893 objective questions, their detailed answers, and 100 practice question sets, it serves as an indispensable tool for those striving to carve out successful careers. Anticipated to be a prized possession not only for students but also for researchers, educators, and enthusiasts keen on unraveling the enigmatic allure of this state, this volume promises an enriching exploration into the captivating essence of Jharkhand.
Coronakaal Ki Sachchi Kahaniyan
- Author Name:
Ramesh Pokhriyal 'Nishank'
- Book Type:

- Description: "चारों तरफ खौफ छा गया। कुछ लोग तो दुबककर कमरों में लिहाफ के अंदर घुस गए, कुछ निडर प्रकार के लोग मोबाइल कैमरे से छिपकर वीडियो बनाने का प्रयास करने लगे। एंबुलेंस से बाहर उतरे लोग इधर-उधर के घरों का जायजा ले ही रहे थे कि पीछे से सायरन बजाती हुई पुलिस की एक जिप्सी भी आ धमकी। जिप्सी से भी उसी प्रकार के पारदर्शी आवरण में खाकी वर्दीधारी लोग उतरे और सामने के गेट की कॉल बैल दबाई। ‘अरे मिसेज दत्ता के घर?’, हर परिवार के लोग आपस में कानाफूसी करने लगे। ‘कौन बीमार हुआ होगा?’ ‘कौन होना है? वही होगी, अकेले वही तो है इस घर में!’ लोग खौफ में थे। एक-दूसरे को फोन कॉल करके पूछ रहे थे किंतु बाहर निकलकर पुलिस से या एंबुलेंस वालों से पूछने की किसी को हिम्मत न हो पा रही थी। कोरोना का खौफ इस कदर था कि मानो अगर उन्होंने थोड़ा सा भी दरवाजा खोला तो झिर्री के रास्ते ही कोरोना उनके घर के अंदर भी घुस जाएगा। —इसी कहानी संग्रह से देश, समाज और अपने इर्द-गिर्द घटनेवाली घटनाओं पर पैनी नजर रखनेवाले कथाकार रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कोरोनाकाल में घटित अनेक मार्मिक घटनाओं को अपनी कहानियों में पिरोकर कोरोना जैसी महामारी से उपजे हालातों के मध्य मानव, मानवता, मानव मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं का गहन विश्लेषण किया है। विपरीत परिस्थितियों, कठिनाइयों और संघर्षों के बीच ये कहानियाँ मन-मस्तिष्क को धैर्य, साहस और सुकून का बोध कराती हैं। "
Rasayan Ki Rochak Baaten
- Author Name:
Dr. D.D. Ojha
- Book Type:

- Description: "बहुत पुराने समय से ही पारे से सोना बनाने के 'प्रयास किए जाते रहे हैं । ऐसा प्रयास करनेवालों को कीमियागिर तथा इस विज्ञान को कीमियागिरी कहा जाता था । इसी को रसायनशास्त्र भी कहा जाता है । आयुर्वेद में इसे रसशास्त्र नाम से जाना जाता है । मानव-जीवन का कोई भी ऐसा पक्ष नहीं है, जिसमें रसायन विज्ञान का अंश न हो । वर्तमान युग में बिना रसायन विज्ञान के भौतिक जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती । उदाहरण के तौर पर, यह ज्ञानवर्धक पुस्तक जिस कागज पर छपी है, छपाई में प्रयोग की गई स्याही तथा अन्य अभिक्रियाएँ भी रसायनजन्य हैं । रसायनज्ञों ने इसी विज्ञान के सहारे पृथ्वी, पेड़-पौधों तथा खनिजों से आश्चर्यजनक वस्तुएँ प्राप्त की हैं । सभी तरह की दवाइयाँ उन्नत कृषि के लिए खाद तथा कीटनाशी, सिंथेटिक कपड़े का उत्पादन, दैनिक जीवन में उपयोग आनेवाली खाने-पीने की अनेक वस्तुएँ रासायनिक उत्पाद ही हैं । यह विज्ञान रोचक भी है और विचित्र भी । दैनंदिन उपयोग में आनेवाले रासायनिक उत्पादों का प्रयोग करते हुए हमारे मन में जिज्ञासा होती है उनकी वास्तविकता जानने की । ' रसायन की रोचक बातें ' पुस्तक में इसी प्रकार के शताधिक तथ्यों के बारे में सरल भाषा में सचित्र जानकारी सुलभ कराने का प्रयास किया गया है । "
1000 Paryavaran Prashnottari
- Author Name:
Dilip M. Salwi
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have description
Charles Darwin
- Author Name:
Vinod Kumar Mishra
- Book Type:

- Description: This Books doesn’t have a description
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