Swarg Dadda! Pani, Pani
Author:
Vidya Sagar NautiyalPublisher:
Antika Prakashan Pvt. Ltd.Language:
HindiCategory:
Contemporary-fiction0 Ratings
Price: ₹ 82
₹
100
Available
Novel
ISBN: 9789380044453
Pages: 136
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Mahashweta
- Author Name:
Tarashankar Bandyopadhyay
- Book Type:

- Description: सुविख्यात बांग्ला उपन्यासकार ताराशंकर बंद्योपाध्याय की यह पुस्तक कथावस्तु और रचना-शिल्प की दृष्टि से एक अनूठी और मार्मिक कथाकृति है। माता-पिताविहीन नीरजा नामक एक बालिका का जैसा चरित्र-चित्रण यहाँ हुआ है, वह सिर्फ़ तारा बाबू जैसे कथाकार ही कर सकते हैं। पशुवत् मनुष्यों के लोभ, कुत्सा और समाज की कुरूपताओं से अनथक संघर्ष करती हुई नीरजा मानो तेजोद्दीप्त भारतीय नारी का प्रतीक बनकर उभरती है, जिसमें परदुख-कातरता भी है और उसके लिए आत्मोत्सर्ग की भावना भी। एक ओर वह अनाचार से जूझने के लिए जलती हुई मशाल है, तो दूसरी ओर उसके अन्तर में प्रेम की अन्तःसलिला प्रवाहित हो रही है। नारी की आत्मनिर्भरता उसके जीवन का मूलमंत्र है, जिसे वह सम्मानपूर्वक जीने की पहली शर्त मानती है। वस्तुतः तारा बाबू ने इस उपन्यास में स्थितियों और परिवेश को नाटकीयता प्रदान करके विलक्षण प्रभाव उत्पन्न किया है।
Jahaz Paanch Paal Wala
- Author Name:
Savita Bhargav
- Book Type:

- Description: ‘जहाज़ पाँच पाल वाला’ के केन्द्र में तीन ख़ुद-मुख़्तार स्त्रियाँ—वर्तिका, चारुचित्रा और एमिली— हैं जिन्होंने लीक तोड़ते हुए, अपने घर-परिवार, परम्परा और आसपास की पितृसत्तात्मक दुनिया के द्वारा आरोपित तमाम अवरोधों से जूझते हुए अपने लिए अलग राह चुनी और रंगमंच और जीवन दोनों ही इलाकों में एक क़ाबिले-रश्क जगह बनाई। यहाँ परदे के पीछे से समय और घटनाओं के दबाव के बीच रंगमंच की राजनीति है तो मंच पर इन नायिकाओं का हलचल पैदा करनेवाला बिन्दास जीवन, जहाँ जीवन और रंगमंच एक दूसरे का आईना बनते जा रहे हैं और बरसों पहले खेले गए नाटकों के अनेक प्रसंगों की त्रासद छायाएँ उनके वास्तविक जीवन में एक उदास निरन्तरता में गिर रही हैं। अपने निजी सम्बन्धों में ये कई बार ऐसे विरोधाभासों से युक्त दिखाई पड़ती हैं जो बताते हैं कि मुक्ति और बराबरी की यह लड़ाई कितनी मुश्किल होनेवाली है। असल में खोजे जा रहे रास्ते और दुनिया उनके लिए इतनी नई है कि यह नितान्त स्वाभाविक है कि इस खोज में कई बार भटकाव भी दिखें। चारुचित्रा और उसकी बेटी का पहाड़ी बाबा के सम्मोहन में फँसकर जान गँवाना त्रासद है लेकिन यही बात इन्हें एक वास्तविक दुनिया की रहवासी भी बनाती है। यह उपन्यास सांस्कृतिक रूप से उर्वर शहर भोपाल में घटित होता है। भोपाली हिन्दी का प्रयोग इसे एक गाढ़ा स्थानीय रंग और विश्वसनीयता देता है जहाँ से यह उन सारी स्त्रियों की गाथा बन जाता है जो अपने-अपने शहरों में अपने मन का जीवन जीने की लड़ाई लड़ रही हैं।
Digant Ki Oar
- Author Name:
Bipin Bihari Mishra
- Book Type:

-
Description:
उम्र की ढलती साँझ में अपने गाँव में, अपने लोगों के बीच, अपने घर में रहने की इच्छा हरेक मनुष्य की होती है। ‘अपना घर’! कितना प्यारा शब्द है यह। लेकिन क्या सबको नसीब होता है। घर बनाने और बसाने में कितनी मुश्किलें आती हैं, यह किसी भी मध्यवित्त व्यक्ति का सबसे तल्ख़ और संजीदा अनुभव होता है।
‘दिगन्त की ओर’ इन्हीं अनुभवों का प्रवाहपूर्ण भाषा में औपन्यासिक विस्तार है। यह जीवन और समाज की विडम्बनाओं और विद्रूपताओं पर तो प्रकाश डालता ही है, जीवन–संध्या में बुजुर्गों की उपेक्षाओं और उम्मीदों को भी रेखांकित करता है। ओड़िया भाषा के इस महत्त्वपूर्ण उपन्यास का सुजाता शिवेन द्वारा किया सर्जनात्मक अनुवाद निश्चय ही हिन्दी पाठकों को रुचिकर और पठनीय लगेगा, ऐसा हमारा विश्वास है।
Rajnigandha : Patkatha
- Author Name:
Mannu Bhandari
- Book Type:

- Description: मन्नू भंडारी की प्रसिद्ध कहानी ‘यही सच है’ और उस पर आधारित बासु चटर्जी की फ़िल्म ‘रजनीगंधा’। इन दोनों रचनाओं ने अपने-अपने क्षेत्र में इतिहास रचा था। ‘यही सच है’ अपनी जटिल भावभूमि और सघन संवेदना के चलते जहाँ हिन्दी की उत्कृष्ट कहानियों में शुमार हुई और बड़े पैमाने पर प्रशंसित-चर्चित होती हुई आज भी अपनी प्रासंगिकता में अडिग है, वहीं ‘रजनीगंधा’ फ़िल्म ने हिन्दी सिनेमा के कलात्मक और कॉमर्शियल विभाजन को शायद पहली बार ख़त्म किया और एक अत्यन्त संवेदनशील विषय को बेहद बारीकी से फ़िल्माते हुए लोकप्रियता के मानदंड स्थापित किए। उल्लेखनीय है कि ‘रजनीगंधा’ शायद अकेली ऐसी फ़िल्म है जिसे फ़िल्मफेयर के ‘पब्लिक’ और ‘क्रिटीक’, दोनों अवार्ड मिले। ‘रजनीगंधा’ की यह पटकथा सिनेप्रेमियों को एक बार पुन: अपनी स्मृतियों में बसी उस फ़िल्म के साथ होने का अहसास देगी और फ़िल्म में देखे अपने प्रिय पात्रों-दृश्यों को भाषा के टकराव में ज़्यादा निकट से देखने और समझने का अवसर उपलब्ध कराएगी।
Ghafil
- Author Name:
Sunil Chaturvedi
- Book Type:

- Description: Hindi Novel
Shikharasoorya
- Author Name:
Chandrasekhar Kambar +1
- Book Type:

- Description: English translation of Kannada Classic of Chandrasekhar Kambara by Lakshmi Chandrasekhar, sahitya akademi award 2017
Suraj Mere Saath Mein
- Author Name:
Smt. Kamna Singh
- Book Type:

- Description: सूरज मेरे साथ में’ चार उपन्यासों का संकलन है। बाल एवं किशोर मन की दैनंदिन समस्याओं से जुड़े ये चारों उपन्यास सचमुच सूरज की ऐसी उजली किरण हैं, जो बच्चों के पथ को प्रकाशित करने में समर्थ हैं। ‘परीक्षा के बाद’ गौरव का स्कूली परीक्षा के साथ-साथ जीवन के इम्तिहान में भी ऊँचे अंक लेकर सफलता पाने का किस्सा है। बच्चों के लिए पल-पल जिन रोचक-रोमांचक घटनाओं की पिटारी खुलती है, वे उन्हें चमत्कृत किए बिना नहीं रहतीं। ‘खट्टी-मीठी गोलियाँ’ में बाल-मजदूरी उन्मूलन की बात कही गई है। ‘मुझे तो पढ़ना है’ में शिक्षा के बाल अधिकार को एक निर्धन तदपि पढ़ने की ललक रखनेवाले बालक के माध्यम से दरशाया गया है। ‘सूरज मेरे साथ में’ भी कथानायक रोशन के हौसलों की उड़ान है, जो उसे सफलता दिलाती है। कुल मिलाकर चारों उपन्यास बच्चों को सद्गुणों से तो जोड़ते ही हैं, जीवन के प्रति समझ भी जगाते हैं। कदाचित् यही आज के समय की माँग भी है।
Enna Bhavada Keedu
- Author Name:
S Surendranath
- Rating:
- Book Type:

- Description: ನಾಟಕಕಾರರೂ, ಬರಹಗಾರರೂ ಆದ ಎಸ್. ಸುರೇಂದ್ರನಾಥ್ ಅವರ ಕಾದಂಬರಿ ’ಎನ್ನ ಭವದ ಕೇಡು’. ಓದುಗರ ಜೊತೆಯಲ್ಲೇ ನಿರಂತರವಾಗಿ ಸಾಗುವ ಕಾದಂಬರಿಯ ಪಾತ್ರ, ಊರಿನ ಚಿತ್ರಣ, ಜನ, ಅವರ ತಲ್ಲಣಗಳು, ಆತಂಕಗಳು, ಹೀಗೆ ಅನೇಕ ಸಂಗತಿಗಳು ಓದುಗರ ಅನುಭವದ ಭಾಗವಾಗುತ್ತದೆ. ಕಾದಂಬರಿ ಸಾಗುತ್ತಾ ಓದುಗರ ನಡುವಿನ ಚರಿತ್ರೆಯಾದಂತೆ ಮನದಲ್ಲಿ ಬೇರೂರಿ ನಿಲ್ಲುತ್ತದೆ. ಎನ್ನ ಭವದ ಕೇಡು ಕಾದಂಬರಿಯ ಮುಖ್ಯ ಪಾತ್ರಧಾರಿ ಮಾಮಿಯ ಬದುಕಿನ ಅನಾವರಣ ಇಲ್ಲಿ ಪ್ರಮುಖ ಪಾತ್ರ ವಹಿಸಿದೆ. ಪಾತ್ರದಲ್ಲಿನ ವ್ಯಕ್ತಿತ್ವ, ಮತ್ತು ಅವರ ಬದುಕಿನೊಳಗೆ ಮುಖಾಮುಖಿಗೊಳ್ಳುವ ಅನೇಕ ಸಹಜ ಬದುಕಿನ ಗೊಂದಲ, ವಿಸ್ಮಯ, ತಲ್ಲಣಗಳನ್ನು ಈ ಕಾದಂಬರಿ ತೆರೆದಿಡುತ್ತದೆ.
Lahrein
- Author Name:
Amarnath
- Book Type:

- Description: सामाजिक सरोकारों को लेकर अत्यन्त सचेत कथाकार अमरकान्त के इस उपन्यास के केन्द्र में क़स्बाई परिवेश की साधारण घरेलू महिलाएँ हैं जो धीरे-धीरे पुरुषप्रधान पारिवारिक व्यवस्था में अपनी अस्मिता और स्थिति के प्रति सजग होती हैं। उनका यह सफ़र शुरू होता है उस वक़्त जब मुहल्ले में किराये पर रहने वाला एक आत्ममुग्ध व्यक्ति बरसों से गाँव में छोड़ी अपनी पत्नी को लेकर आता है। यह सीधी-सादी ग्रामीण स्त्री बस एक सवाल से वहाँ की सुखी-सन्तुष्ट स्त्रियों को झिंझोड़ देती है—‘ख़ूब कहती हो बहिनी, कहीं सुहागिन स्त्री का नाम पूछता है कोई? नाम लेकर बुलाता है भला?’ इस सवाल का जवाब किसी से नहीं बन पाता। वे सोचने लगती हैं कि वाक़ई, अपने ही विवाहित जीवन में, अपने ही परिवार में उनका नाम कैसे ग़ायब हो गया! यहीं से शुरू होता है उनका आत्म-चिन्तन जो पहले अकेले-दुकेले और फिर नियमित बैठकों तक जाता है और एक संस्था के रूप में फलीभूत होता है। अपनी पहचान को लेकर सजग होती स्त्रियों की विचारोत्तेज कथा है यह कृति।
AB KIS THANV CHALE, RAVIKANT
- Author Name:
Dinesh agrawal
- Book Type:

- Description: Novel
Ekkees Fairon Ka Fareb
- Author Name:
Sunita Pathak
- Book Type:

- Description: This book has no description
Shahar Mein Curfew
- Author Name:
Vibhuti Narayan Rai
- Book Type:

- Description: पिछले तीन-चार दशकों में साम्प्रदायिकता का ज़हर तेजी से फैला है। परिणाम यह हुआ कि आज देश की राजनीति साम्प्रदायिक विचारधारा के इर्द-गिर्द संगठित हो गई है। साम्प्रदायिक हिंसा का तांडव देश को बेचैन बनाए हुए है। विभूति नारायण राय का चर्चित उपन्यास ‘शहर में कर्फ़्यू’ इसी विकराल समस्या से टकराता है। ‘शहर में कर्फ़्यू’ साम्प्रदायिक दंगे की चपेट में आए एक शहर के कर्फ़्यूग्रस्त मुहल्ले और ख़ासकर उससे पीड़ित एक परिवार की तीन दिनों की व्यथा-कथा है। यह कर्फ़्यू कुछ लोगों के लिए जीवन-मरण का सवाल है तो कुछ अन्य के लिए राजनीतिक नफ़ा-नुक़सान का खेल। दो जून की रोटी के लिए रोज़ चौदह घंटे खटनेवाले बीड़ी मज़दूर परिवार की बहू सईदा की बीमार बेटी की मौत इलाज के अभाव में हो जाती है। हर तरह से लाचार इस परिवार पर क्या क़हर टूटता है और उसे कैसे-कैसे दहशत भरे अनुभवों से गुजरना पड़ता है, लेखक ने इस सब का चित्रण अत्यन्त गहरी संवेदनशीलता के साथ किया है। अभावग्रस्त माँ सईदा अपनी मृत बेटी को याद करने की कोशिश करती है तो उसे ‘जो चीज़ याद आ रही थी वह भूख, धूल और बहती नाक का ऐसा मिला-जुला समिश्रण था जिससे फ़िल्मी माँ के वात्सल्य का कोई माहौल नहीं बन पा रहा था।’ कंट्रास्ट के द्वारा लेखक ने सईदा की नारकीय व्यथा को मर्मभेदी बना दिया है। उपन्यास में कई मार्मिक स्थल हैं। इनसानों के गली-मुहल्ले में दिन-दहाड़े एक बच्ची का बलात्कार ऐसा ही स्तब्ध करने वाला प्रसंग है। ऐसा पाशविक कृत्य किसी भी समाज का सबसे बड़ा कलंक है। ऐसे प्रसंगों की रचना में लेखक ने विलक्षण संवेदनशीलता के साथ वैचारिक सन्तुलन साधने में असाधारण दक्षता का परिचय दिया है। ‘शहर में कर्फ़्यू’ के माध्यम से लेखक ने समाज और राजनीति में लगातार सक्रिय साम्प्रदायिक विचारधारा के ख़तरों के प्रति जागरूक और सावधान किया है और उसे सिरे से ख़ारिज कर अपनी पक्षधरता की मुखर घोषणा भी की है। आकस्मिक नहीं कि कई दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा इस उपन्यास की प्रतियाँ जलाई गई थीं। इससे प्रमाणित है कि उपन्यास ने सिर्फ़ वैचारिक उत्तेजना ही नहीं पैदा की है बल्कि सही जगह पर चोट भी की है। —कृष्ण कुमार सिंह
Sindbad Ki Antim Yatra
- Author Name:
Ravindranath Tyagi
- Book Type:

- Description: हिंदी की व्यंग्य-त्रयी में रवींद्रनाथ त्यागी का महत्त्वपूर्ण स्थान है। त्यागीजी ने अपने दो अन्य सहयात्रियों के साथ हिंदी-व्यंग्य को एक सुनिश्चित दिशा प्रदान की और उसे एक विधा के रूप में प्रतिष्ठा दिलाने में अप्रतिम योगदान दिया। इस व्यंग्य-त्रयी में रवींद्रनाथ त्यागी की व्यंग्य-दिशा पूर्णत: भिन्न थी। हरिशंकर परसाई का क्षेत्र राजनीतिक था, शरद जोशी में विषय का वैविध्य एवं नए प्रयोगों का कौशल था, जबकि त्यागीजी में साहित्य और लालित्य की प्रधानता थी। त्यागीजी का यह विशिष्ट रंग था, अपनी मौलिक सर्जनात्मकता थी और हिंदी-व्यंग्य को शिखर तक ले जाने की प्रतिभा थी। यही कारण है कि हिंदी-व्यंग्य में उनकी अपनी अलग पहचान है तथा व्यंग्य-त्रयी के अंग होने पर भी वे अपने जैसे अकेले ही हैं। हिंदी-व्यंग्य के इतिहास में उनका महत्त्वपूर्ण स्थान रहेगा और नई पीढ़ी के प्रेरणा-स्रोत बने रहेंगे। रवींद्रनाथ त्यागी ने विपुल मात्रा में व्यंग्य रचनाएँ कीं। संभव है, आज उनकी संपूर्ण व्यंग्य-कृतियाँ उपलब्ध न हों और पाठक उनकी प्रतिनिधि तथा उच्च कोटि की रचनाओं से वंचित रह जाएँ। इसी को ध्यान में रखकर रवींद्रनाथ त्यागी के संपूर्ण व्यंग्य-साहित्य में से कुछ चुनी हुई रचनाएँ इस पुस्तक में प्रकाशित की गई हैं। इससे पाठकों को उनके व्यंग्य-साहित्य की एक झलक मिल सकेगी और वे अपने इस प्रिय व्यंग्यकार की रचनाओं का रसास्वादन कर सकेंगे।
Firki Wali
- Author Name:
Ram Badan Ray
- Book Type:

- Description: Hindi Novel
Kamini Kay Kantare Vol-II
- Author Name:
Mahesh Katare
- Book Type:

- Description: कामिनी काय कांतारे’ अर्थात कामिनी काया के जंगल में! राजा भर्तृहरि, गृहस्थ भर्तृहरि, प्रेमी भर्तृहरि, कवि भर्तृहरि, वैयाकरण भर्तृहरि, योगी भर्तृहरि! बहुमखी प्रतिभा के धनी विविध रूप-गुणों से संपन्न भर्तृहरि के जीवन पर आधारित यह उपन्यास कामिनी कंचन के बीच से ही नहीं गुजरता, कामिनी काया के जंगल से भी गुजरता है और कथा, इतिहास, मिथक के बल पर एक महान क्लासिक रचना वरिष्ठ कथाकार-उपन्यासकार महेश कटारे की कलम से पूर्णता को प्राप्त करती है। यह उपन्यास न मात्र बेहद पठनीय और रोचकता के लिहाज से महत्त्वपूर्ण है, ज्ञान को दीप्त करने वाली विशिष्ट कृति है। भारतीय परंपरा की थाती। उपन्यासकार के शब्दों में, ''भरथरी गाने वालों की कथा में बीवी की बेवफाई से दुखी राजा भरथरी जोगी बनकर महल, हवेली, राजपाट छोड़कर निकल गए। गुरु गोरखनाथ के कहने पर वह अपनी उसी पत्नी रानी पिंगला से भीख माँगने द्वार पर पहुँचे तो राजा को जोगी के भेष में देख रानी पछाड़ खाकर गिर पड़ी। 'भरथरी’ सुनती स्त्रियों की भीड़ राजा के घर से निकलते ही आँसू बहाने लगती और रानी के पछाड़ खा गिरने पर तो अनेक की 'कीक’ फूट जाती। इस भर्तृहरि से मेरा बचपन का परिचय था। बाद में सरसरी दृष्टि से शतकत्रय भी पढ़े थे तो उस रात मैंने मित्रों को दो-तीन श्लोक सुना डाले। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि भर्तृहरि बहुत बड़ा कवि है। हमारे यहाँ ऐसे लोगों पर बहुत कम काम हुआ है, सो मैं एक उपन्यास लिखूँ।...’’ और अब यह उपन्यास दो खण्डों में आपके सामने है। हिंदी की एक अनमोल कृति के रूप में!...
Weeds
- Author Name:
Deepak Borgave +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: WEEDS - Tankat (Sahitya Akademi Award-winning Marathi Novel)
King Solomon Mines
- Author Name:
H. Rider Haggard
- Book Type:

- Description: तीन अनजान पुरुष, एक धनी और पराक्रमी योद्धा, दूसरा एक जहाज़ी कप्तान और तीसरा जो मामूली लेकिन बड़ा ही अनुभवी शिकारी था। जब ये तीनों एक भटके हुए साथी की खोज में उस सफ़र पर निकल पड़ते हैं जिसके रास्ते अनोखे, अद्भुत, चमत्कारी और भयावह अनुभवों से भरपूर थे, जो की उन्हें बड़ी कठिनाइयों और एक महायुद्ध के बाद सुलेमान के ख़ज़ाने तक ले जाती हैं। वह सुलेमान का खज़ाना जिसके कीमती रत्नों के भण्डार तक पहुंचने वाला, सदियों पुराने शाप से शापित हो जाता। तो क्या इतनी कठिनाइयों के बाद उन्हें उनका खोया हुआ साथी मिल पाता है? क्या वह उस खजाने तक पहुंच पाते हैं? क्या वह उस सदियों पुराने शाप से बच पाते हैं? या फिर उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ता है? यह अद्भुत कहानी उनके उस सफर की है जिसे कभी कोई पूरा नहीं कर पाया था। क्या उनका अनुभव, साहस, समझदारी, संयम और सूझबूझ, उन्हें उनके मंजिल तक पहुंचाने में सफल होता है?
Peer Nawaz
- Author Name:
Raju Sharma
- Book Type:

- Description: राजू शर्मा मन:स्थितियों की महीन डिटेल्स से अपने कथा-पात्रों का व्यक्तित्व रचते हैं। कहानी को सरपट इतिसिद्धम तक ले आनेवाले कथाकारों से अलग उनकी कहानी एक पूरा वातावरण बुनती हुई चलती है, असंख्य सच्चाइयों का एक विस्तृत ताना-बाना जिसका हर रेशा किसी साधारण कथाकार के लिए एक अलग कहानी या उपन्यास का विषय बन जाए। इसी गझिन बुनावट में उनका कथा-रस निवास करता है जिसमें पाठक उनके पात्रों के साथ अपने ख़ुद के मन की कई परतों को भी आकार लेते महसूस करता है। यह कथा जतिन की है जिसके साथ कथावाचक राघव का रिश्ता कुछ इस तरह से जटिल है: 'एक क्षण के लिए कल्पना कीजिए कि अचानक एक अजनबी सामने प्रकट होता है, जो तीस साल पहले तुम्हारा कॉलेज का सहपाठी था, आम दोस्ती थी...स्वाभाविक था तुम उसे भूल गए। अब वह सामने खड़ा है और एक निरीह नग्नता से अपना नाम, पता बतला रहा है। जैसे ही तुमने उसे पहचाना, एक स्मरण ने तुम्हें बाँध लिया : एक तस्वीर, अधखुले दरवाज़े का एक फ्रेम, जिसके पीछे यही शख़्स तुम्हारी प्रेमिका को बाँहों में बाँधे चूम रहा था।’ सालों बाद हुई इस मुलाक़ात के बाद धीरे-धीरे उसका एक नया रूप सामने आता है। वह बताता है कि उसे कहानी लिखने का वायरस लग गया। वह कहानियाँ लिखता है जो सच हो जाती हैं। वह उसे अपनी कहानियाँ सुनाता है और फिर कहता है... ‘डॉ. राघव रे, प्लीज़ सेव मी, आई एम सिंकिंग।’ ‘उसकी मनोदशा सामान्य नहीं थी, वह बीमार था और नहीं भी था। पर उसका स्वास्थ्य बिगड़ता चला गया...अन्त में एक वक़्त आया जब जतिन गम्भीर हालत में अस्पताल में भरती हुआ।’ लेकिन फिर एक दिन वह अस्पताल से ग़ायब हो गया...
Two Letters - Du Patra - Award Winning Maithili novel
- Author Name:
Upendra Nath Jha 'Vyas'
- Rating:
- Book Type:

- Description: "Two Letters" is an award-winning Maithili novel, "Du Patra," translated into English. The novel is structured around two letters, each written by a different woman to a different man. The story revolves around four characters, including the two men who receive the letters. The women, who come from different cultural backgrounds and value systems, attempt to reconcile the differences between Western and Indian cultures while grappling with their own personal tragedies. Additionally, the novel delves deeply into the inner selves and psyches of the female characters.
Jatara
- Author Name:
Boya Jangaiah +1
- Book Type:

- Description: English translation by K Damodar Rao of Boya Jangaiah's Telugu novel.
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book