Imartiya
(0)
₹
199
₹ 159.2 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
प्रगतिशील कवि-कथाकार नागार्जुन का यह उपन्यास माई इमरतीदास उर्फ इमरतिया नामक एक युवा अवधूतिन के बहाने भारतीय समाज में व्याप्त धार्मिक जड़वाद और पाखण्ड को अत्यन्त गहराई से उघाड़ता है। पूर्वोत्तर भारतीय सीमा के निकट एक गाँव से जुड़े जिस मठ को नागार्जुन ने इस कथा का केन्द्र बनाया है, उसी से अनपढ़ और धर्मभीरु ग्रामीण जन के शोषण के तमाम सूत्र आकर जुड़ते हैं। बड़े भूमिपति हों या धनपति, प्रशासक हों या स्मगलर, अफीम चरस के शौकीन हों या औरत के—वह मठ सभी का स्वर्ग है। सभी उससे जुड़े हैं, सभी उससे समृद्ध हो रहे हैं, इसीलिए उसकी समृद्धि चाहते हैं। लेकिन ‘लाल झंडावालों’ के इशारे पर घटी एक घटना ने उस स्वर्ग के समूचे नरक को उजागर कर दिया और उसका सारा तिलिस्म टूटने लगा। इसके बावजूद इमरतिया इसी नरक की ‘देवी’ है। एक ऐसी मानवी, जो दानवों के साथ रहते हुए भी अपनी तमाम मानवीय संवेदनाओं को बचाए हुए है और अन्ततः मस्तराम जैसे युवा अवधूत की प्रेम-प्रतीक्षा में तीर्थाटन को निकल जाती है।
Read moreAbout the Book
प्रगतिशील कवि-कथाकार नागार्जुन का यह उपन्यास माई इमरतीदास उर्फ इमरतिया नामक एक युवा अवधूतिन के बहाने भारतीय समाज में व्याप्त धार्मिक जड़वाद और पाखण्ड को अत्यन्त गहराई से उघाड़ता है। पूर्वोत्तर भारतीय सीमा के निकट एक गाँव से जुड़े जिस मठ को नागार्जुन ने इस कथा का केन्द्र बनाया है, उसी से अनपढ़ और धर्मभीरु ग्रामीण जन के शोषण के तमाम सूत्र आकर जुड़ते हैं।
बड़े भूमिपति हों या धनपति, प्रशासक हों या स्मगलर, अफीम चरस के शौकीन हों या औरत के—वह मठ सभी का स्वर्ग है। सभी उससे जुड़े हैं, सभी उससे समृद्ध हो रहे हैं, इसीलिए उसकी समृद्धि चाहते हैं। लेकिन ‘लाल झंडावालों’ के इशारे पर घटी एक घटना ने उस स्वर्ग के समूचे नरक को उजागर कर दिया और उसका सारा तिलिस्म टूटने लगा।
इसके बावजूद इमरतिया इसी नरक की ‘देवी’ है। एक ऐसी मानवी, जो दानवों के साथ रहते हुए भी अपनी तमाम मानवीय संवेदनाओं को बचाए हुए है और अन्ततः मस्तराम जैसे युवा अवधूत की प्रेम-प्रतीक्षा में तीर्थाटन को निकल जाती है।
Book Details
-
ISBN9788119159772
-
Pages151
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Dwandw Kahan Tak Pala Jaye
- Author Name:
Aditya Shrivastava
- Book Type:

- Description: This book has no description
Sachcha Jhooth
- Author Name:
Mamta Kaliya
- Book Type:

- Description: ‘सच्चा झूठ’ उपन्यास का विषय कोरोना काल है, और यह कहानियाँ सुनाता है उन लोगों की जो अपनी-अपनी जगहों पर, अपनी-अपनी हैसियत और हदों के साथ इस स्याह समय से गुज़रे, जिन्होंने इसकी तकलीफ़ों, डरों, सदमों और दुखों को कभी हिम्मत से तो कभी आशंकाओं के साथ झेला। यानी कथा है हम सब की। बहुत समय नहीं बीता है, जब सारी दुनिया अचानक कोरोना नाम की इस ख़ौफ़नाक महामारी के सामने असहाय हो गई थी। अमीर-ग़रीब, छोटे-बड़े, सब अचानक ऐसे हालात के सामने आ खड़े हुए जिनसे निबटने का तरीका किसी को नहीं आता था। एक नए ढंग की छुआछूत ने हम सबको अपनों तक से दूर कर दिया। शारीरिक दूरी की जगह सामाजिक दूरी ने ले ली और उन तमाम धागों को उधेड़ दिया, जो सामान्य समय में हमें एक समाज बनाते थे। इस उपन्यास में अलग-अलग पात्रों के हवाले से इस पूरे दौर की एक मुकम्मल तस्वीर प्रस्तुत की गई है। यहाँ एक तरफ़ अगर मौत का भय है, तो दूसरी तरफ़ हमारी सामाजिक-धार्मिक-आर्थिक उलझनें। कहीं पारिवारिक सम्बन्धों की दरकन दिखती है तो कहीं मनुष्यता के अनुकरणीय उदाहरण भी–यह उपन्यास इन सभी पहलुओं को बहुत बारीकी से अंकित करता है। एक प्रेम-कथा भी इस उपन्यास का हिस्सा है जो कोरोना के इसी भयानक दौर में धीर-धीरे परवान चढ़ती है, और कोरोना की चुनौती के साथ सामाजिक भेदभाव की बाधा को भी सफलतापूर्वक पार करती है।
Ekkees Fairon Ka Fareb
- Author Name:
Sunita Pathak
- Book Type:

- Description: This book has no description
Aher
- Author Name:
Sanjeev
- Book Type:

- Description: वरिष्ठ कथाकार संजीव का यह उपन्यास सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश की एक ऐसी गुत्थी हमारे सामने खोलता है, जो जितनी हैरतअंगेज़ है उतनी ही भयावह भी। मनुष्य ने लाखों साल पहले पेट की भूख शान्त करने के लिए शिकार अर्थात् अहेर करना शुरू किया था। लेकिन सभ्यता-संस्कृति के विकास के साथ-साथ उसने न सिर्फ़ तरह-तरह के साधन और कौशल अर्जित किए, बल्कि तमाम तरह की भूख भी इकट्ठा की—कुछ इस क़दर कि उनकी पूर्ति के लिए आज मनुष्य-समाज स्वयं अहेर और अहेरी—शिकार और शिकारी—में बँट चुका है। यह उपन्यास दिखलाता है कि अहेरी बने लोग अपने हिंस्र चेहरे पर संस्कृति, परम्परा, आस्था, विरासत और मर्यादा के मुखौटे चढ़ाए फिर रहे हैं। उनकी असल चिन्ता अपने वर्चस्व को बनाए रखने और अपने हितों को सुरक्षित रखने की है। इस गहन बनैले वक़्त में क्या कोई बदलाव सम्भव है? इसका जवाब उपन्यास के उन किरदारों से मिलता है जो अहेर के थोथे अभियान से अपने गाँव को मुक्त कराने की पहल करते हैं और जल्द ही अकेले पड़ जाते हैं। उन्हें जान देनी पड़ती है। लेकिन उनकी असफलता उनके परिवर्तनकामी स्वप्न का अन्त नहीं है। एक बेहतर मानवीय समाज के निर्माण को अपने लेखन का उद्देश्य माननेवाले संजीव, इस उपन्यास में उस त्रासदी को भी बख़ूबी रेखांकित करते हैं, जिसमें अहेरी बने घूम रहे लोग ख़ुद भी अहेर बन रहे हैं—अपनी ही व्यर्थ हो चुकी मान्यताओं का, वक़्त से बाहर की जा चुकी परम्पराओं का। विरल ग्रामीण परिवेश में विन्यस्त एक असाधारण कथा को समेटे इस उपन्यास की अत्यधिक पठनीयता को रेखांकित करने के लिए किसी ‘जादुई’ अलंकार की आवश्यकता नहीं है।
Lily
- Author Name:
Yvan Pommaux
- Book Type:

- Description: by Yvan Pommaux, Translated by Meenakshi Mishra, Nandita Gupta.
Kya Main Andar Aa Sakta Hoon
- Author Name:
Arun Kumar Asafal
- Book Type:

- Description: Novel
Khamosh Aawazen
- Author Name:
Saiyed Asad Mehdi
- Book Type:

- Description: Book
Parva
- Author Name:
S.L. Bhyrappa
- Rating:
- Book Type:

- Description: The novel narrates the story of the Hindu epic Mahabharata, primarily using monologue as a literary technique. Several principal characters from the original Mahabharata reminisce about their entire lives. Both the setting and the context for the reminiscence are the onset of the Kurukshetra War. Parva is acknowledged as S.L. Bhyrappa's greatest work. Non-Kannadigas who have read it in its Hindi and Marathi translations consider it one of the masterpieces of modern Indian literature. It transforms an ancient legend into a modern novel. In this process, it has gained rational credibility and a human perspective. The main incident, the Bharata war, symbolic of the birth pangs of a new world order, depicts a heroic but vain effort to arrest the disintegration and continue the prevailing order. It is viewed from the standpoints of the partisan participants and judged with reference to the objective understanding of Krishna. Narration, dialogue, monologue, and commentary are all employed for its presentation. Shot through with irony, pity, and objective understanding, the novel ends with the true tragic vision of faith in life and hope for mankind. Parva has been translated into several major Indian languages: Bengali, Hindi, Marathi, Tamil, and Telugu, apart from English. The novel narrates the story of the Hindu epic Mahabharata, primarily using monologue as a literary technique. Several principal characters from the original Mahabharata reminisce about their entire lives. Both the setting and the context for the reminiscence are the onset of the Kurukshetra War.
Metamorphosis
- Author Name:
Franz Kafka
- Book Type:

- Description: Metamorphosis is a classic novel by Franz Kafka, first published in 1915. It tells the strange and tragic story of Gregor Samsa, a traveling salesman who wakes up one morning to find himself transformed into a giant insect (often described as a bug, beetle, or cockroach). Gregor struggles with his new inhuman form, while his family—father, mother, and sister Grete—react with fear, shame, and frustration. Once the family's main provider, he becomes a burden, leading to neglect, isolation, and rejection. Over time, Gregor’s health declines, symbolizing themes of alienation, identity, family duty, and existential despair. This psychological and philosophical fiction remains one of the most influential works in world literature. Readers interested in classic literature, surreal stories, absurdist fiction, and thought-provoking themes will find Kafka’s novella haunting and unforgettable. Franz Kafka novel | Classic literature | Psychological fiction | Dark fiction books | Short classic novel | Philosophical fiction | Dystopian themes | Dark philosophy books
Laltenganj
- Author Name:
Savhchidanand Sachchu
- Book Type:

- Description: 'लालटेनगंज' उपन्यासक लेखक सच्चिदानंद सच्चू दृष्टिवान पत्रकार छथि आ 'अल्लाह हो राम' हिनक पहिल उपन्यास। मैथिली उपन्यास 'लालटेनगंज' धनबाद-झरिया इलाकाक कोलियरी जीवनक कारी-स्याह साँच सँ आत्मसाक्षात्कार करबैत अछि। मैथिली उपन्यास परंपरा मे ई उपन्यास विषयक नवीनता आ ट्रीटमेंटक नवता लेल स्मरण कयल जायत। दू जून रोटीक लेल प्रतिक्षण अपन जिंदगी केँ दाव पर लगबै लेल विवश खदान मजूरक जिंदगीक संघर्षगाथा सोचबाक हेतु आमंत्रित करैत अछि। एहि खदान मे मृत्यु मड़ुआक दोबर भावे सहज, मुदा जीवन अत्यंत कठिनतम। #कमलानंदझा कसल कथानक, सहज कथा-प्रवाह, मजदूरक कहानी ओकरे जुबानी, अनेक गौण पात्र समग्रता मे एकर औपन्यासिक वितान केँ तनने छै। उपन्यास पढ़ैत सहजहि उन्नैसम शताब्दी मे फ्रेंच उपन्यासकार एमील जोलाक कोयला श्रमिकक समस्या पर लिखल उपन्यास 'जर्मिनल' मोन पडि़ गेल। #मीनाझा सच कही त' ई उपन्यास अपन कंस्ट्रक्ट आ संरचना मे बहुत लाजवाब अछि। कथा-भूमि बिल्कुल गर्म छै, आ ताहि पर प्रेम आ मित्रता सन मूल्यक पड़ैत फुहार एक टा अलग तरहक लोभ जगाबैत अछि... #अकबररिज्बी
sanshodayu
- Author Name:
Mori Ogai
- Book Type:

- Description: ‘जापान’ का नाम सुनते ही आज आधुनिकता, समृद्धि और चकाचौंध का विचार कौंधता है। लेकिन सौ बरस पहले का जापान क़तई अलग था। इस संकलन में शामिल मोरी ओगाई (1862-1922) की तीन कहानियाँ तत्कालीन जापान की एक दूसरी तस्वीर पेश करती हैं। ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में रची गई ये कहानियाँ—‘सूर्योदय के देश’ के सामन्ती युग के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराती हैं। सानशोदायु, अँधेरे में एक नाव चलती थी और आख़िरी पंक्ति आपराधिक कथानकों के ज़रिए तत्कालीन राज और समाज की विद्रूपताओं को एक-एक कर सामने लाती हैं। लेकिन, ये कहानियाँ आपराधिक दृष्टान्त मात्र नहीं हैं। सानशोदायु और आख़िरी पंक्ति में आप पाएँगे कि किस तरह बाल चरित्र सामाजिक विसंगतियों से मुक़ाबले के लिए ऐसे वक़्त में उठ खड़े होते हैं, जब उनके अग्रज व्यवस्था के सामने हथियार डाल देते हैं। नन्हे चरित्र तत्क्षण महाकार ले लेते हैं। वे जापानी समाज को ‘आत्मबलिदान’ जैसी सर्वथा नई अवधारणाएँ सिखाते हैं। ‘अँधेरे में’ कहानी जापानी जनमानस पर बौद्ध मत के प्रभाव को ख़ासकर उकेरती है। इसलिए यह भारतीय पाठक को ख़ासकर अपील करेगी। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में अवतरित इन कहानियों के ज़रिए जापान के सांस्कृतिक तथा आध्यात्मिक जीवन-दर्शन को जानने का अवसर प्राप्त होगा। कहानियों के साथ प्रविष्ट टिप्पणियाँ पाठकों की जिज्ञासा के अनुरूप दी गई हैं।
Jatara
- Author Name:
Boya Jangaiah +1
- Book Type:

- Description: English translation by K Damodar Rao of Boya Jangaiah's Telugu novel.
Maharana Pratap
- Author Name:
Anand Sharma
- Book Type:

- Description: स्वाधीनता संघर्ष के विश्ववंद्य, अतुलनीय, अपराजित योद्ठा महाराणा प्रताप के सफल संघर्ष की वास्तविक कथा इतिहास-प्रंथों में दर्ज होने के बावजूद अनेक काल्पनिक कथाओं के द्वारा उसे धूमिल करने का प्रयास ही किया गया है । इस प्रामाणिक पठनीय उपन्यास में घास की रोटी खाने, हल्दीघाटी युद्ध में शक्तिसिंह द्वारा प्राणरक्षा, युद्ध में जय-पराजय विवाद, भामाशाह द्वारा स्वयमोपार्जित अपार धन प्रदान करने जैसे अनेक जनप्रवादों का सच पर्याप्त शोध के पश्चात् सामने लाने का प्रयास किया गया है। बचपन से युवावस्था तक पिता महाराणा उदयसिंह की घोर उपेक्षा के शिकार रहने के बावजूद प्रताप के किशोरावस्था में ही अपने शौर्य प्रदर्शन से लेकर महाराणा बनने में आए व्यवधान जैसे दर्जनों अज्ञात प्रकरण पुस्तक में होने के कारण पाठक को महाराणा प्रताप के अकल्पनीय संघर्ष की सच्चाई से अवगत होने का अवसर मिलेगा। उनके द्वारा आविष्कृत 'छापाकार युद्ध के द्वारा आठ वर्षों तक प्रलयंकारी मुगल आक्रमणों के प्रतिकार में मिली सफलता के कारण विश्व भर में इस पद्धति का अनुसरण होता रहा । भारतवर्ष के गौरव महाराणा प्रताप के दुर्धष संघर्ष, अप्रतिम संकल्पशक्ति और अपरिमेय जिजीविषा का यह प्रेरक विवरण हमारे वीर और प्रतापी सम्राटों के पराक्रम, साहस और शौर्य का जयघोष करेगा।
The Unreachable
- Author Name:
Gopinath Mohanty +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: The Unreachable is an English translation of Gopinath Mohanty's Odia novella, Apahancha that tells the riveting story of a child belonging to Kondh tribe of Koraput in Odisha, whose exposure to modern education in post-independence India alienates him from his own community and makes him long for the glitter of the urban world. His growing disenchantment with life in the city and eventual return to his own village are vividly chronicled in this novel.
The Truth {Almost} About Bharat
- Author Name:
Kavery Nambisan
- Book Type:

- Description: Bharat, aka Vishwanath, aka Tarzan-teenage philosopher, nearly-there general practitioner and heartbroken victim of unrequited love-takes some time off to chronicle his life: an amazing saga of tender-hearted dacoits, heroic medics, gorgeous women, and assorted encounters with underwear... A quirky tale of youth and adventure set in contemporary India, this is the debut novel of the acclaimed author of The Scent of Pepper, Mango-Coloured Fish and On Wings of Butterflies.
Etawah Files
- Author Name:
Brij Lal
- Book Type:

- Description: मैंने नेताजी से कहा कि इंटर स्टेट गैंग के कुख्यात इनामी डकैत भूरा यादव मारा गया है और 4 लोगों की जान बचाई गई है। यदि मैंने इस साहसिक मुठभेड़ के बाद पूरे थाने को निलंबित कर दिया तो पुलिस का मनोबल टूटेगा और ऐसी स्थिति में वे राम आसरे चौबे उर्फ फक्कड़ गैंग पर कैसे कार्रवाई करेंगे। मुख्यमंत्रीजी नाराज होकर मीटिंग से उठ गए। डी.जी.पी. घबराकर कहने लगे कि मैं सबको निलंबित करता हूँ। मैंने पुलिस महानिदेशक को साफ-साफ बता दिया कि मैं पुलिसजनों को निलंबित नहीं करूँगा। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वर्ष 2013 में एक ही दिन आतंकवादियों के मुकदमों की 14 चार्जशीटों को न्यायालय से वापस लेने के आदेश दिए थे, परंतु इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उन्हें झटका दे दिया। इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति आर.के. अग्रवाल और न्यायमूर्ति आर.एस.आर. मौर्या की पीठ ने निर्णय दिया कि आज आप आतंकवादियों को रिहा कर रहे हैं, कल आप उन्हें पद्मभूषण भी दे सकते हैं। इस पूरे घटनाक्रम के विश्लेषण से पता चलता है कि गोली शिवपाल सिंह के गनर राजेश की कार्बाइन से चली थी, जिसमें एस.आई. आर.पी. सिंह मारे गए और हेड कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह घायल हो गए। साक्ष्य को मिटाने के लिए शिवपाल सिंह के गनर द्वारा कार्बाइन और 192 कारतूस इटावा पुलिस लाइन की आर्मरी में जमा कर दिए गए।
The Branded
- Author Name:
Laxman Gaikwad +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: Uchalya, literally meaning 'pilferer', is an autobiographical account of the life of a stereotyped underdog but of a representative of a section of society thriving on petty crimes. It is a poignant satire on social inequiality and a candid account of the author's life brought up in the Uchalya community. His treatment of the Dalit theme, in which his own delicsate subjectivity is a part, is widely acclaimed for the masterful sensitivity. He depicts in all their subtlety and pougnancy the inner feeling, suffering and empotional complexities of a tribe historically viewed as criminals. The novel has the freshness of rugged sincerity written in a style untamed by sophistication and therefore has become unquestionably valueable as a socially significant document besides being a powerful literary work.
Allah Ho Ram
- Author Name:
Sachchidanand Sachchu
- Book Type:

- Description: सब संप्रदायक अपन-अपन देवता छै। ककरो अल्लाह, ककरो राम। एक दोसरा सँ छत्तीसक आँकड़ा! मुदा कहियो एना बुझल जाइ छलै, 'अल्लाह मे राम छै आ राम मे अल्लाह' तेँ अल्लाह हो राम! सहज ग्रामीण अंत:चेतना मे व्याप्त अध्यात्म केँ जीवन-मूल्यक रूप मे लैत आजादी सँ पहिने जुआन होइत पीढ़ी आ आजादीक बादक क्रमश: वर्तमान रुढि़, वैमनस्यक बीच जुआन भेल आजुक पीढ़ी केँ अनायासे तुलनात्मक रूप मे देखै अइ उपन्यासकार आ सविस्तार ओकर कथा कहै अइ। तेँ एहि क्षेत्रक सांस्कृतिक परिवर्तन (सम्यक सँ उन्मादी दिस उन्मुख)क तटस्थ निरूपण संग एक टा ऐतिहासिक दस्तावेज बनि क' प्रस्तुत होइत अइ उपन्यास 'अल्लाह हो राम'। उपन्यासक यात्रा प्राय: सत्तरि-अस्सी बरखक छै। आजादी सँ पहिनेक समय-समाज सँ उपन्यास शुरू होइत छै। एहि विस्तृत अवधिक काल-कथा, एहि अवधि मे बदलैत मनुक्खक कथा, एहन सहज रूप मे गुंफित जे बेसीकाल लोक-कथाक सहोदर बुझाइए। कथा मे कथा, समयक कथा, चरित्रक कथा। सब के सब अपना तरहक रीयल लाइफ कैरेक्टर, अपन (उन्नत कि मलिन) मूल्यक संग जीवंत। आजादीक लड़ाइ, बँटवाराक दाह-दंश-दाग, सुखाड़क डाँग, बाढि़क मूंगरा-मारि, राजनीतिक दखलंदाजीक बीज आ उत्सव-त्योहारक संगहि स्त्रीक स्थिति आ उत्पीडऩ...सब किछु सहज-स्वाभाविक... टाइम-ट्रेन (काल रथ) पर यात्रा करै सन। खास क' पार्टीशन आ वृहत मुस्लिम समाज पर मिथिला-मैथिलीक परिप्रेक्ष्य मे ई पहिल उपन्यास थिक। मुखर सामाजिक सरोकार आ कथा कहबाक आकर्षक शिल्पक संग, उपन्यास 'अल्लाह हो राम' उत्तम रचनाक श्रेणी मे प्रमुख स्थान राखत। एक तरहें मैथिली उपन्यासक एक टा मीलक पाथर सिद्ध हैत, से विश्वास अछि। —कुणाल
Delightful Novella (Volume-3)
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: Delightful Novella (Volume-3) is the first book in a series of four novellas that follows the adventures of a young woman named Delightful. She's an aspiring writer who's trying to find her way in the world, and she has some big decisions to make about what kind of life she wants to live.Delightful is also a very interesting character because she has autism--which means that she has difficulty communicating with others and understanding social cues. This makes her vulnerable when it comes to making friends and finding love, but it also means that she can be very observant about people's behavior and learn things about others that they may not even realize they're doing!
Hullugarike
- Author Name:
Rajan Gawas +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: Kannada Translation by Chandrakant Pokale of Rajan Gawas's award-winning Marathi Novel Tanakat
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book