Mahalinolage
(0)
Author:
Dr. Vasantakumar Perla, Rama MehraPublisher:
Sahitya AkademiLanguage:
KannadaCategory:
Contemporary-fiction₹
245
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Available
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ಸಾಂಪ್ರದಾಯಿಕ ಜಗತ್ತಿನಲ್ಲಿ ತನ್ನ ಅಸ್ತಿತ್ವವನ್ನು ಉಳಿಸಲೋಸುಗ ಹೋರಾಟ ನಡೆಸಿದ ಸ್ವತಂತ್ರ ಮನೋಭಾವದ ಯುವತಿಯೋರ್ವಳ ಒಂದು ಅಪೂರ್ವ ಚಿತ್ರಣ ಮಹಲಿನೊಳಗೆ (ಇನ್ ಸೈಡ್ ದ ಹವೇಲಿ) ಕಾದಂಬರಿಯಲ್ಲಿದೆ. ಒಳ್ಳೆಯ ಶಿಕ್ಷಣ ಪಡೆದ ಮುಂಬೈಯ ಉಲ್ಲಾಸದ ಹುಡುಗಿ ಗೀತಾ ಸಂಪ್ರದಾಯಸ್ತ ಕುಟುಂಬಕ್ಕೆ ಮದುವೆಯಾಗಿ ಹೋಗಿ ಬಳಿಕ ಇದ್ದಕ್ಕಿದ್ದಂತೆ ಗಂಡನ ಮಹಲಿನಲ್ಲಿ ಪರದೆಯ ಹಿಂದೆ ಜೀವನ ನಡೆಸುತ್ತಾಳೆ. ನಿರ್ಬಂಧ ಹಾಗೂ ಇನ್ನಿತರ ಕಟ್ಟುಪಾಡುಗಳಿಗೆ ಒಳಗಾಗಿ ಸ್ವಾತಂತ್ರ್ಯ ಹಾಗೂ ಪುರೋಗಾಮಿ ಚಿಂತನೆಗಳನ್ನು ಹತ್ತಿಕ್ಕಬೇಕಾಗಿ ಬಂದು, ತಾನು ನಂಬಿದ ಆಧುನಿಕ ಮೌಲ್ಯಗಳನ್ನು ಎತ್ತಿ ಹಿಡಿಯುವ ಗೀತಾಳ ಹೋರಾಟ ಚಿತ್ರಣ ಇಲ್ಲಿದೆ.
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ಸಾಂಪ್ರದಾಯಿಕ ಜಗತ್ತಿನಲ್ಲಿ ತನ್ನ ಅಸ್ತಿತ್ವವನ್ನು ಉಳಿಸಲೋಸುಗ ಹೋರಾಟ ನಡೆಸಿದ ಸ್ವತಂತ್ರ ಮನೋಭಾವದ ಯುವತಿಯೋರ್ವಳ ಒಂದು ಅಪೂರ್ವ ಚಿತ್ರಣ ಮಹಲಿನೊಳಗೆ (ಇನ್ ಸೈಡ್ ದ ಹವೇಲಿ) ಕಾದಂಬರಿಯಲ್ಲಿದೆ.
ಒಳ್ಳೆಯ ಶಿಕ್ಷಣ ಪಡೆದ ಮುಂಬೈಯ ಉಲ್ಲಾಸದ ಹುಡುಗಿ ಗೀತಾ ಸಂಪ್ರದಾಯಸ್ತ ಕುಟುಂಬಕ್ಕೆ ಮದುವೆಯಾಗಿ ಹೋಗಿ ಬಳಿಕ ಇದ್ದಕ್ಕಿದ್ದಂತೆ ಗಂಡನ ಮಹಲಿನಲ್ಲಿ ಪರದೆಯ ಹಿಂದೆ ಜೀವನ ನಡೆಸುತ್ತಾಳೆ. ನಿರ್ಬಂಧ ಹಾಗೂ ಇನ್ನಿತರ ಕಟ್ಟುಪಾಡುಗಳಿಗೆ ಒಳಗಾಗಿ ಸ್ವಾತಂತ್ರ್ಯ ಹಾಗೂ ಪುರೋಗಾಮಿ ಚಿಂತನೆಗಳನ್ನು ಹತ್ತಿಕ್ಕಬೇಕಾಗಿ ಬಂದು, ತಾನು ನಂಬಿದ ಆಧುನಿಕ ಮೌಲ್ಯಗಳನ್ನು ಎತ್ತಿ ಹಿಡಿಯುವ ಗೀತಾಳ ಹೋರಾಟ ಚಿತ್ರಣ ಇಲ್ಲಿದೆ.
Book Details
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ISBN9789390310111
-
Pages246
-
Avg Reading Time8 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIN
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समकालीन हिन्दी कथा-साहित्य के महत्त्वपूर्ण हस्ताक्षर विभूति नारायण राय का यह उपन्यास मध्यवर्गीय परिवार की विडम्बनापूर्ण जीवन-स्थितियों का दारुण दस्तावेज़ है। पेंशनयाफ़्ता मुंशी रामानुज लाल का यह घर क्यों ईंट-गारे के मकान में तब्दील होकर रह गया, ‘घर’ शब्द से जुड़ी ऊष्मा कैसे एकाएक वाष्प बनकर उड़ गई, एक ही छत के नीचे रहते हुए घर के प्राणी एक-दूसरे से एकदम कटकर संवादहीनता की अंधी सुरंग में क्यों फँस गए जहाँ न परिचित स्पर्श था और न ही स्वर? इन सवालों के जवाब के अलावा यह हमारी व्यवस्था की उन विडम्बनाओं और विद्रूपताओं की कहानी भी है जिनमें फँसकर एक पढ़ा-लिखा नवयुवक बेरोज़गारी का दंश झेलते हुए नपुंसक आक्रोश से भर उठता है और स्वयं से तथा समाज से आँखें चुराने लगता है, दूसरी तरफ़ यह उन हज़ारों राजकुमारियों के करुण दु:ख की कथा भी है जिन्हें कोई राजकुमार लेने नहीं आता। सरस भाषा और प्रवाहपूर्ण कथा विन्यास विभूति नारायण राय की अपनी विशिष्टता है जिसे पाठक इस उपन्यास में भी पाएँगे।
Faraway Yet Closer
- Author Name:
Amina Hazim
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- Description:
What happens when someone drops from the skies of dreams to the muddy grounds of truth? Life has it’s own ways of teaching lessons, and when it does, one must hold onto the people they trust and brace for the impact. Alina Campbell, an extremely opulent teenager falls into her darkest nightmare when her beloved father passes away and she’s left with nothing but people ready to snatch away her wealth. The story moves onto London where Alina must find happiness in whatever she’s left with, and clench to friendship and love while battling with her inner pain and fears. Witness the world of Alina Campbell, to learn the bitter and constant truth of life – change and understand the two sides of the coin of life, that keeps flipping forever.
Ek Patni Ke Notes
- Author Name:
Mamta Kaliya
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‘एक पत्नी के नोट्स’ दाम्पत्य की विरूपता की मर्मान्तक कथा है। पति-पत्नी का एक रिश्ता जो सरल प्रेमपगी काव्य पंक्तियों की तरह शुरू हुआ, दाम्पत्य में बदलते ही जैसे नागफनी हो गया। संदीप जो एक सम्पूर्ण और सुरुचिपूर्ण पुरुष के रूप में कविता को मिला, पति बनते ही एक विकृत, क्रुकंड व्यक्ति में बदल गया। यह उपन्यास विवाह नामक संस्था के उन पक्षों को दिखाता है जहाँ स्त्री एक असहाय-निरुपाय इकाई और पुरुष, अगर वह संदीप की तरह अपने जीवन में सफल और उच्च पदासीन हो तो केवल एक अधिकारवादी विकृत पति। सबके सामने आदर्श दम्पती के रूप में प्रशंसित संदीप और कविता की यह कहानी स्त्री-पुरुष सम्बन्ध को सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक स्तर पर लाकर देखती है। साहित्य का व्यापक और गहन अध्ययन भी संदीप को उस मानसिक हिंसा से नहीं रोक पाता, जिसे वह रोज़ अपनी पत्नी के ऊपर आजमाता है, कभी सन्देह से, कभी सीधे अपमान से वह अकसर उसे प्रताड़ित करता है। साथ ही इतना पजेसिव भी कि कविता की कोई तारीफ़ भी कर दे तो भभक उठे। कविता समझ ही नहीं पाती, कि वह कितनी सुखी है, कितनी दुखी। दूर से साधारण दिखनेवाले हम लोगों के भीतर कैसे-कैसे विद्रूप छिपे होते हैं और अगर एक संस्था का आवरण मिल जाए तो किस-किस तरह के प्रकट होते हैं, यह भी इस उपन्यास को पढ़ते हुए बराबर महसूस होता है।
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