Draupadi
(7)
Author:
Yarlagadda Lakshmi Prasad, K. ShardaPublisher:
Sahitya AkademiLanguage:
KannadaCategory:
Contemporary-fiction₹
210
₹ 174.3 (17% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
ಮೂಲತಃ ತೆಲುಗಿನಲ್ಲಿ ಬರೆದ ದ್ರೌಪದಿ ಪುಸ್ತಕವಾಗಿ ಪ್ರಕಟವಾಗುವ ಮೊದಲು ಆಂಧ್ರ ಜ್ಯೋತಿಯಲ್ಲಿ ಧಾರಾವಾಹಿಯಾಗಿ ಪ್ರಕಟವಾಯಿತು. ವಿಶಿಷ್ಟ ಶೈಲಿಯಲ್ಲಿ ಪ್ರಸ್ತುತಪಡಿಸಲಾದ ಈ ಕಾದಂಬರಿಯು ದ್ರೌಪದಿಯನ್ನು ಒಳಗೊಂಡ ವಿವಿಧ ಘಟನೆಗಳ ವಿವರಣೆಯಲ್ಲ, ಆದರೆ ಈ ಘಟನೆಗಳನ್ನು ಒಂದು ಆಕರ್ಷಕ ಕಥೆಯಾಗಿ ಹೆಣೆಯಲಾಗಿದೆ. ಲಕ್ಷ್ಮೀಪ್ರಸಾದ್ ಬಳಸಿದ ನಿರೂಪಣಾ ಶೈಲಿ ಮತ್ತು ವಿವರಣೆಯ ರಚನಾತ್ಮಕ ವಿಧಾನವು ಓದುಗರನ್ನು ಸಂಪೂರ್ಣವಾಗಿ ತೊಡಗಿಸುತ್ತದೆ.
Read moreAbout the Book
ಮೂಲತಃ ತೆಲುಗಿನಲ್ಲಿ ಬರೆದ ದ್ರೌಪದಿ ಪುಸ್ತಕವಾಗಿ ಪ್ರಕಟವಾಗುವ ಮೊದಲು ಆಂಧ್ರ ಜ್ಯೋತಿಯಲ್ಲಿ ಧಾರಾವಾಹಿಯಾಗಿ ಪ್ರಕಟವಾಯಿತು. ವಿಶಿಷ್ಟ ಶೈಲಿಯಲ್ಲಿ ಪ್ರಸ್ತುತಪಡಿಸಲಾದ ಈ ಕಾದಂಬರಿಯು ದ್ರೌಪದಿಯನ್ನು ಒಳಗೊಂಡ ವಿವಿಧ ಘಟನೆಗಳ ವಿವರಣೆಯಲ್ಲ, ಆದರೆ ಈ ಘಟನೆಗಳನ್ನು ಒಂದು ಆಕರ್ಷಕ ಕಥೆಯಾಗಿ ಹೆಣೆಯಲಾಗಿದೆ. ಲಕ್ಷ್ಮೀಪ್ರಸಾದ್ ಬಳಸಿದ ನಿರೂಪಣಾ ಶೈಲಿ ಮತ್ತು ವಿವರಣೆಯ ರಚನಾತ್ಮಕ ವಿಧಾನವು ಓದುಗರನ್ನು ಸಂಪೂರ್ಣವಾಗಿ ತೊಡಗಿಸುತ್ತದೆ.
Book Details
-
ISBN9789388468251
-
Pages270
-
Avg Reading Time9 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Barho Mas - Award Winning Novel
- Author Name:
Bhalchandra Jha +1
- Book Type:

- Description: बारहो मास उपन्यास साहित्य अकादेमी द्वारा पुरस्कृत मराठी उपन्यास बारोमास मैथिली अनुवाद अछी। एही उपन्यास भारतीय कृषि अर्थव्यवस्था रीढ़ - हमरा सभक किसानक ओही सभ समस्या पर व्यापक दृष्टि देल गेल अछी जे ओ लोकनि खुजल व्यापार नीति आ भूमण्डलीकरण कारणे भोगी रहलाह अछी। बारह महीनामे समेटल किसानक वेदना-कथाके एहि उपन्यासमे महाराष्ट्रक किसान सुभाराव आ हुनक परिवार इर्द-गिर्द बुनल गेल अछी उपन्यास अन्तमे सुभाराव निपत्ता होयब प्रतीकात्मक रूपसै किसानक मुख्यधारासै “निपत्ता” होयबाक एकटा दुखद परिदृश्य प्रस्तुत करैत अछी।
Lily
- Author Name:
Yvan Pommaux
- Book Type:

- Description: by Yvan Pommaux, Translated by Meenakshi Mishra, Nandita Gupta.
Bihari Paat Aa Pathar
- Author Name:
Mayanand Mishra
- Book Type:

- Description: Maithili Novel
Vinayak - Award Winning Novel
- Author Name:
Ramesh Chandra Shah +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: Vinayak, a Sahitya Akademi-award winning Hindi Novel, as a sequel to the author;s first novel 'Gobar Ganesh', according to the novelist, is the "pratismriti" (remembrance of our national-cultural memories) and the katha or narrative of India as a civilizational state. Its multi-perspectiveal, multi-centric kathana (plot), involving characters representing a cross section of Indian Society, is marked by engaging and interesting debates on such issues as gender-politics, culturalimperialism, casteism, communalism, the Kashmir-question and the condition of Kashmiri Pundits, sustainable development, ecological consciouness, swaraj or decolonization of mind, role of "Breaking India" forces comouflaged as NGO-activism, and the all0embracing nature of the spiritual that subsumes the secular, the significance of purusharthas or cardinal principles of life, etc. A sahridaya or cultivaed reader whould also relish how deftly the narrative echoes the voices of such great masters as Valmiki, Vyas, Krishna, Keats, Rike, Yeats, Eliot, Naipaul, Proust, Prasad and others.
Alibaba Aur Chalees Chor
- Author Name:
Prasoon Priya
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have description
Rushyashrunga
- Author Name:
Harisha Hagalawadi
- Book Type:

- Description: ತಿಗೆ ಬೆನ್ನುಡಿ ಬರೆದಿರುವ ನಾಗರಾಜ ವಸ್ತಾರೆ ಅವರು “ಈ ಬೆಂಗಳೂರು ನಿನ್ನನ್ನು ಕಾಡಿರುವಷ್ಟೇ- ಬಹುಶಃ ಇನ್ನೂ ಹೆಚ್ಚು, ನನ್ನನ್ನು ಕೆಣಕಿರುವುದು ಹೌದು. ಆದರೆ, ಇನ್ನೂ ಮದುವಣಿಗನಾಗದ ಅವಸ್ಥೆಯಲ್ಲಿರುವ ನೀನು, ನಿನ್ನಂಥವರು ಕಾಣುವ ಈ ಶಹರ, ಶಾಹರಿಕತೆ ನನ್ನಲ್ಲಿ ಬೆರಗು ಹುಟ್ಟಿಸುತ್ತದೆ. ಉದ್ಯೋಗದೊಡನೆ ದುಡ್ಡು ಕೊಡುವ ಈ ಊರು ಜೀವನಕ್ಕೊಂದು ಕ್ರಮವನ್ನೂ ಕೊಡುತ್ತದೆನ್ನುವ ನಿನ್ನ ಮಾತಿಗೆ ಸಲಾಮು. ಇಷ್ಟಿದ್ದೂ, `ಇದು ಅರ್ಥವಾಗದ ಯಕ್ಷಿಣಿ' ಅಂತನ್ನುವುದು ನಿನ್ನದೇ ಇನ್ನೊಂದು ಮಾತು. ಇಲ್ಲಿನ ಬದುಕನ್ನು ಜೇನುಗೂಡು, ರೇಶ್ಮೆಗೂಡುಗಳಂತೆ ಗ್ರಹಿಸಿರುವುದು ಇಷ್ಟವಾದ ಇನ್ನೊಂದು ಸಂಗತಿ. ಏನೇ ಇರಲಿ, ನಿನ್ನ ಗ್ರಹಿಕೆ ನಿನ್ನ ಕಾಣ್ಕೆ. ಆದರೆ, ನಿನ್ನ ನೋಟವನ್ನು ಸಾರ್ವತ್ರಿಕ-ಸಾರ್ವಕಾಲಿಕ ಸಂಗತಿಯೆಂಬಂತೆ ಮನ್ನಣೆಗಿಡುತ್ತೀಯಲ್ಲ, ಅದು ಇಷ್ಟವಾಗದಿದ್ದರೂ, ನಿನ್ನ ಎದೆಗಾರಿಕೆಗೆ ಜೈ. ವಯಸ್ಸಿಗೆ ತಕ್ಕ ಲಂಪಟತನಕ್ಕೆ ಚೌಕಟ್ಟು ಹಾಕುವ ನಿನ್ನ ಹುಂಬತನಕ್ಕೆ ತುಸು ಇರುಸುಮುರುಸಾಯಿತಾದರೂ ಇದು ನಿನ್ನ ಮೆಥಡೆಂದು ಸುಮ್ಮನಾಗಿದ್ದೇನೆ. ಇನ್ನು, ನಿನ್ನ ಋಷ್ಯಶೃಂಗ-ತೆಯ ಬಗ್ಗೆ ಕಡೆಯಲ್ಲಿ ಹೇಳಿದ್ದು ಮನಸ್ಸು ನಾಟಿತು. ಬಹುಶಃ, ಇದು ನಮ್ಮೆಲ್ಲರ ಋಷ್ಯಶೃಂಗ-ತೆಯೂ ಹೌದು. `ವಿ ಸ್ಟಾರ್ಟ್ ಕನ್ಸ್ಯೂಮಿಂಗ್ ವಾಟೆವರ್ ಕಮ್ಸ್ ಇನ್ ಅವರ್ ವೇ...' ಅನ್ನುವ ಮಾತಿನ ಹಿಂದೆಯೇ, ಪರಾವರ್ತಿತ ರಿಫ್ಲೆಕ್ಸಿನಂತೆ ಅನಿಸಿದ್ದು- `ವಾಟ್ ಇಫ್ ಇಟ್ ಕನ್ಸ್ಯೂಮ್ಸ್ ದಿ ಸೆಲ್ಫ್?' ಅನ್ನೋದು. ಹೋಪ್ ದಟ್ ವೋಂಟ್ ಹ್ಯಾಪನ್. ಅಂಡ್, ಯೂ ವೋಂಟ್ ಲೆಟ್ ದಟ್ ಹ್ಯಾಪನ್. ಒಂದಷ್ಟು ಚಿಯರುಗಳು” ಎಂದಿದ್ದಾರೆ.
Karmeleena
- Author Name:
Damodar Mauzo +1
- Book Type:

- Description: Karmeleena- Damodar Mauzo's Award Winning Novel translated by S. M. Krishna Rao from Konkani to English.
Aakhiri Paydan Par Khada Aadmi
- Author Name:
Manjushree
- Book Type:

- Description: Manjushree's New Novel
Antajichi Bakhar
- Author Name:
Nanda Khare
- Book Type:

- Description: मग माझा पक्ष कोणता? तर वाटे, महाशयांचा पक्ष, पुरबीचा पक्ष. रामचंद्रपंत पंडितांचा पक्ष. वहिनींचा पक्ष. कविराज, गोपाळा, अगदी मोहंतीदेखील माझे पक्षकार होणेस लायक! परंतु हा तर केवळ जगणार्यांचा, जगूं पाहाणार्यांचा पक्ष! यांचे हातीं ना सत्ता, ना सैन्य. तर असा माझा नामर्दांचा पक्ष! एकामागोन एक नामर्दगीच भोगणें हातीं. वहिनीसाहेब जळाल्या. फिरंग्यास मध्यें पडणेसाठी हालचाल करावी, वाटलें. मज नाहीं. पंतांस खोटें नाटें सांगोन अलीवर्दीनें मारिलें. मज सूड घ्यावा, वाटलें नाहीं. सिराजानें नाहीं नाहीं तें केलें. त्यास रोखणेचें धैर्य वोट्सांत. क्लाईव्हांत. वाटसनांत. कूटांत. माझ्यांत नव्हे. तर आतां परते महाराष्ट्रांत जावोन मीठ विकावें, हें बरें! इतिहासाला भव्य-दिव्य आभासी विश्वातून जमिनीवर आणणारी तिरकस शैलीतील ऐतिहासिक कादंबरी... Antajichi Bakhar : Nanda Khare अंताजीची बखर : नंदा खरे
Aabhas
- Author Name:
Varsha Adalja +1
- Book Type:

- Description: आभास साहित्य अकादमी से गुजरती भाषा में पुरस्कृत अड़सार उपन्यास का हिन्दी अनुवाद है। इस कृति में कथाकार ने कुष्ठ रोगियों के पुनर्वास और इस बीमारी के साथ जुड़े सामाजिक कलंक की समस्या को उठाया है। यह प्रत्येक संवेंदनशील व्यक्ति को अंतर्मुख करनेवाली तथा जीवन्मूल्यों का अन्वेषण करने के लिए प्रेरित करने वाली कृति है। "अड़सार" का अर्थ है - 'ईश्वर की घंटी'। हर किसी के मन में ईश्वर की एक घंटी होती है। हर एक मन में सत-असत् प्रवृत्तियों का संघर्ष जारी रहता है। संवेदनशील व्यक्ति के मन में जब उस ईश्वर की घंटी की आवाज़ आती है और वह संघर्ष जब अस्तित्व को ही चुनौती देता है, तभी उस घंटी की गूंज सुनाई देती है और मनुष्य की 'मनुष्यता' ही अपनी चरमसीमा तक पहुँचती है। इस उपन्यास में मोह और विमोह के दो ध्रुवों को इस कौशल के साथ स्पर्श किया गया है कि कथाचरित्र का दारुण कष्ट और निर्मोही समाज का वास्तविक चेहरा बयाँ हो जाता है।
LOVE WITH BENEFIT
- Author Name:
SARVESH MISRHA
- Book Type:

- Description: Novel
Shyam Swapn
- Author Name:
Thakur Jagmohan Singh
- Book Type:

- Description: यह एक विचित्र संयोग ही कहा जाएगा कि जिस अंचल में रहकर बीसवीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में गजानन माधव मुक्तिबोध जैसे आधुनिक चिन्तक-कवि ने अपने समय के खुरदुरे और अदम्य यथार्थ के लिए फंतासी की विधि का आविष्कार किया, उसी अंचल के ठाकुर जगमोहन सिंह ने उन्नीसवीं शताब्दी के अन्त के कुछ बरसों पहले एक पूरा उपन्यास ही फंतासी के रूप में लिखा। हिन्दी में यथार्थ के चित्रण की जो इकहरी परम्परा बाद में लगभग केन्द्रीय बन गई उसमें इस उत्तराधिकार का कोई बोध या स्मृति, दुर्भाग्य से, शेष नहीं है। उपन्यास की गल्पता को हिन्दी में इतनी जल्दी साध लिया गया था और उसे अपनी जातीय परम्परा के अनुकूल भी कर लिया गया था, यह जानना आज के स्मृतिवंचित दौर में रोमांचक है। इस अनोखे गद्य में मध्यकालीन कविता ‘स्वच्छन्द’ है : उस पर सचाई का व्यर्थ का बोझ नहीं है, बल्कि सपने की सहज प्रवाहमयता है। वह खिलता, स्पन्दित, कविसमयों में विन्यस्त ऐसा गद्य है कि विशेषत: आज तो सर्वथा अनन्य लगता है। ‘श्यामास्वप्न’ का पुनर्प्रकाशन सचमुच एक साहित्यिक घटना है। शायद इसका एक और साक्ष्य कि कैसे कई मायनों में उत्तर-आधुनिक हमारे यहाँ प्राक्-आधुनिक है। —अशोक वाजपेयी
Ramjanmabhoomi Andolan Ki Sangharshgatha
- Author Name:
Arun Anand +1
- Book Type:

- Description: रामजन्मभूमि' का अर्थ है, भगवान् राम का जन्मस्थान, जो भगवान् विष्णु के अवतार हैं। भगवान् राम का जन्मस्थान उत्तर प्रदेश राज्य के अयोध्या में स्थित है, और हिंदुओं के लिए सबसे पवित्र स्थानों में से एक है। 1528 में बाबर ने अयोध्या के राम मंदिर को ध्वस्त करवाकर वहाँ एक मसजिद जैसे एक ढाँचे का निर्माण करवा दिया। तब से हिंदू इस स्थान को वापस पाने और इस पर राम मंदिर बनाने के लिए निरंतर संघर्षरत रहे हैं। इसके लिए अनेक हिंदुओं ने अपने प्राणों की आहुति दी। 1980 के दशक के मध्य में राम मंदिर निर्माण का आंदोलन पुनः प्रारंभ किया गया था। इसने भारत में एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण की नींव रखी और भारतीय राजनीति में भी एक परिणामकारी परिवर्तन का काल प्रारंभ हुआ । रामजन्मभूमि पर राम मंदिर निर्माण के मामले को दुनिया के इतिहास में सबसे लंबी चलनेवाली कानूनी लड़ाई होने का गौरव भी प्राप्त है। इस मामले पर आखिरकार 2019 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने निर्णय और रामजन्मभूमि पर राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। यह पुस्तक 'रामजन्मभूमि' के इन सभी पहलुओं की पड़ताल करती हुई भव्य, उथल-पुथल भरी ऐतिहासिक गाथा के सभी महत्त्वपूर्ण बिंदुओं को एक स्थान पर लाती है। 'रामजन्मभूमि' विषय पर ऐतिहासिक दस्तावेजों, धर्मग्रंथों, उपाख्यानों और दस्तावेजी बहसों से समर्थित यह पुस्तक आपको हजारों वर्षों से अधिक की यात्रा पर ले जाएगी और रामजन्मभूमि की ऐतिहासिकता के साथ-साथ इसके माहात्म्य और गौरव को समझने की दृष्टि भी विकसित करेगी।
Shahar Mein Curfew
- Author Name:
Vibhuti Narayan Rai
- Book Type:

- Description: पिछले तीन-चार दशकों में साम्प्रदायिकता का ज़हर तेजी से फैला है। परिणाम यह हुआ कि आज देश की राजनीति साम्प्रदायिक विचारधारा के इर्द-गिर्द संगठित हो गई है। साम्प्रदायिक हिंसा का तांडव देश को बेचैन बनाए हुए है। विभूति नारायण राय का चर्चित उपन्यास ‘शहर में कर्फ़्यू’ इसी विकराल समस्या से टकराता है। ‘शहर में कर्फ़्यू’ साम्प्रदायिक दंगे की चपेट में आए एक शहर के कर्फ़्यूग्रस्त मुहल्ले और ख़ासकर उससे पीड़ित एक परिवार की तीन दिनों की व्यथा-कथा है। यह कर्फ़्यू कुछ लोगों के लिए जीवन-मरण का सवाल है तो कुछ अन्य के लिए राजनीतिक नफ़ा-नुक़सान का खेल। दो जून की रोटी के लिए रोज़ चौदह घंटे खटनेवाले बीड़ी मज़दूर परिवार की बहू सईदा की बीमार बेटी की मौत इलाज के अभाव में हो जाती है। हर तरह से लाचार इस परिवार पर क्या क़हर टूटता है और उसे कैसे-कैसे दहशत भरे अनुभवों से गुजरना पड़ता है, लेखक ने इस सब का चित्रण अत्यन्त गहरी संवेदनशीलता के साथ किया है। अभावग्रस्त माँ सईदा अपनी मृत बेटी को याद करने की कोशिश करती है तो उसे ‘जो चीज़ याद आ रही थी वह भूख, धूल और बहती नाक का ऐसा मिला-जुला समिश्रण था जिससे फ़िल्मी माँ के वात्सल्य का कोई माहौल नहीं बन पा रहा था।’ कंट्रास्ट के द्वारा लेखक ने सईदा की नारकीय व्यथा को मर्मभेदी बना दिया है। उपन्यास में कई मार्मिक स्थल हैं। इनसानों के गली-मुहल्ले में दिन-दहाड़े एक बच्ची का बलात्कार ऐसा ही स्तब्ध करने वाला प्रसंग है। ऐसा पाशविक कृत्य किसी भी समाज का सबसे बड़ा कलंक है। ऐसे प्रसंगों की रचना में लेखक ने विलक्षण संवेदनशीलता के साथ वैचारिक सन्तुलन साधने में असाधारण दक्षता का परिचय दिया है। ‘शहर में कर्फ़्यू’ के माध्यम से लेखक ने समाज और राजनीति में लगातार सक्रिय साम्प्रदायिक विचारधारा के ख़तरों के प्रति जागरूक और सावधान किया है और उसे सिरे से ख़ारिज कर अपनी पक्षधरता की मुखर घोषणा भी की है। आकस्मिक नहीं कि कई दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा इस उपन्यास की प्रतियाँ जलाई गई थीं। इससे प्रमाणित है कि उपन्यास ने सिर्फ़ वैचारिक उत्तेजना ही नहीं पैदा की है बल्कि सही जगह पर चोट भी की है। —कृष्ण कुमार सिंह
Lohe Ke Pankh
- Author Name:
Himanshu Shrivastava
- Book Type:

- Description: लोहे के पंख दलित समुदाय से आने वाले एक व्यक्ति की आपबीती के जरिये भारतीय किसान-मजदूरों के कठिन-कठोर जीवन-संघर्ष का जैसा ज़मीनी और विशद चित्र प्रस्तुत करता है, वैसा कम ही उपन्यासों में देखने को मिलता है। आज़ादी के पहले और बाद के लगभग तीन दशकों की पृष्ठभूमि में विन्यस्त और बिहार के ग्रामीण और शहरी समाज को समेटे यह उपन्यास तत्कालीन परिस्थितियों को अंकित करते हुए जिन सामाजिक-राजनीतिक विषमताओं को उजागर करता है वे आज भी समाप्त नहीं हुई हैं। सामन्ती वर्चस्व और अत्याचार, दलितों का शोषण-उत्पीड़न, राजनीतिक दलों की कथनी-करनी का अन्तर...आज भी आम हैं। ‘लोहे के पंख’ जिस समय—बीसवीं सदी के छठे दशक में—लिखा गया था उस समय हिन्दी साहित्य में दलित प्रश्न इतना केन्द्रीय और मुखर नहीं था। इस नजरिये से देखें तो हिमांशु श्रीवास्तव का एक दलित पात्र को अपने उपन्यास का नायक बनाकर उसके मुख से ही समय-समाज की पड़ताल कराना विशेष महत्व रखता है।
Ek Zameen Apni
- Author Name:
Chitra Mudgal
- Book Type:

- Description: विज्ञापन की चकाचौंध दुनिया में जितना हिस्सा पूँजी का है, शायद उससे कम हिस्सेदारी स्त्री की नहीं है। इस नए सत्ता-प्रतिष्ठान में स्त्री अपनी देह और प्रकृति के माध्यम से बाज़ार के सन्देश को ही उपभोक्ता तक नहीं पहुँचाती, बल्कि इस उद्योग में पर्दे के पीछे एक बड़ी ‘वर्क फ़ोर्स’ भी स्त्रिायों से ही बनती है। ‘एक ज़मीन अपनी’ विज्ञापन की उस दुनिया की कहानी भी है जहाँ समाज की इच्छाओं को पैना करने के औज़ार तैयार किए जाते हैं और स्त्री के उस संघर्ष की भी जो वह इस दुनिया में अपनी रचनात्मक क्षमता की पहचान अर्जित करने और सिर्फ़ देह-भर न रहने के लिए करती है। आठवें दशक की बहुचर्चित कथाकार चित्रा मुद्गल ने इस उपन्यास में उसके इस संघर्ष को निष्पक्षता के साथ उकेरते हुए इस बात का भी पूरा ध्यान रखा है कि वे सवाल भी अछूते न रह जाएँ जो विज्ञापन-जगत की अपेक्षाकृत नई संघर्ष-भूमि में नारी-स्वातंत्र्य को लेकर उठते हैं, उठ सकते हैं।
Akaal Me Utsav
- Author Name:
Pankaj Subeer
- Book Type:

- Description: ‘‘इस साल उपन्यासों में केवल एक किताब उल्लेखनीय है -पंकज सुबीर का उपन्यास ‘अकाल में उत्सव’। यह गाँव और किसान जीवन के दुख-दर्द कहने वाली रचना है। इस उपन्यास को पढ़कर कहा जा सकता है कि किसान जीवन में आजकल सुख कम और दुख ज़्यादा है। इस उपन्यास में एक किसान की आत्महत्या भी है। शासन-प्रशासन द्वारा उस किसान को पागल घोषित कर अपनी ज़िम्मेदारी से बचने की कोशिश की जाती है।’’ -डॉ. मैनेजर पांडेय (शीर्ष आलोचक) ‘जनसत्ता’ समाचार पत्र में ‘साहित्य इस बरस’ चर्चा के अंतर्गत वर्ष 2016 की महत्त्वपूर्ण पुस्तकों की चर्चा करते हुए।
Prarabdha
- Author Name:
Niharika
- Book Type:

- Description: दिन बीतते रहे। मुन्ना पढ़ने में तेज था। मास्टर जी उसकी खूब बड़ाई करते। स्कूल में पाँच किलास तक पढ़ाई थी तो मुन्ना का पढ़ाई अच्छे से होते रहा। खेती से धान, मकई, मूँग अच्छा हो रहा था। हम अनाज बदलकर जरूरी सामान खरीद लेते और घर खर्च से अधिक रखकर बाकी बेच देते। हजार सोने की मोहर में से एक-चौथाई खर्च हो गया था। चाँदी के सिक्के भी दो-ढाई हजार नग थे। उसमें भी लगभग हजार नग खर्च हो गए थे। इसलिए बक्सा में ताला लगाकर उसे हमने अपने पलंग के नीचे रख दिया था और उस पर टूटे-फूटे बरतन रख दिये। अनाज बेचकर जो पैसा मिलता उससे हम कुछ बचा लेते। मुंशी काका ने आसपास और भी जमीन सस्ते दाम पर खरीद ली थी। अब तक जोत 30 बीघा हो गई थी। बस एक कुआँ बनवाना था हमें, जिससे पानी के लिए गाँव में एक कुएँ पर ही न रहना पड़े। घर भी कुआँ के बिना पूरा नहीं था। मुन्ना की पाँच किलास की पढ़ाई और कुआँ का बनना एक साथ ही सम्पन्न हुआ। अब तक चार दुधारू गाय, दो जोड़ी बैल और एक बैलगाड़ी भी घर में आ गई थी। मुन्ना भी खेती के काम में हाथ बँटाता। पर वह हर दिन मुझसे आगे पढ़ने के लिए शहर जाने की जिद करता। उसके एक-दो संगी-साथी शहर चले गए थे और अपने जान-पहचान में रहकर बड़ी किलास में पढ़ने लगे थे। पर हमारे पास तो कोई उपाय नहीं था।
Gawaad Award Winning Novel
- Author Name:
Madhu Acharya Ashawadi +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: Gawaad Award Winning Novel
Colours Caught in Mist
- Author Name:
Govind Mishra +1
- Book Type:

- Description: Colors Caught in Mist is the English translation of Govind Mishra's Hindi novel “Kohre Mein Quiad Rang,” showcasing considerable maturity and craftsmanship. The story unfolds about the past while being discussed in the present, creating a narrative that feels like a novel within a novel. In another creative twist, fiction intertwines with reality. The narrative juxtaposes two distinct time periods, where the innocent, traditional Saraswati is replaced by the modern, confident, and independent Reva, who critically reflects on the narrative thus far. Featuring both memorable and breakout characters, this work stands as a hallmark of contemporary Hindi fiction. It was awarded the Sahitya Academy Award in 2008.
Customer Reviews
Be the first to write a review...
3.57 out of 5
Book