Aadumbolaa
(0)
Author:
Dr. Ashok Kumar, Kovilan, K.K.NairPublisher:
Sahitya AkademiLanguage:
KannadaCategory:
Contemporary-fiction₹
545
₹ 452.35 (17% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
ಆಡುಂಬೊಲ: (ತಟ್ಟಕಂ) ಕಾದಂಬರಿಯಲ್ಲಿ 'ಮುಪ್ಪಿಲಕ್ಕೇರಿ' ಪ್ರದೇಶದ ಸ್ಥಳಪುರಾಣ, ಜನರ ಬದುಕು ಬವಣೆ, ಶೈಕ್ಷಣಿಕ, ರಾಜಕೀಯ, ಧಾರ್ಮಿಕ ಸ್ಥಿತ್ಯಂತರಗಳೇ ಮುಂತಾದ ಅನೇಕ ಆಯಾಮಗಳನ್ನು ಪ್ರಾಗೈತಿಹಾಸಿಕ ಕಾಲದಿಂದ ಆಧುನಿಕ ಕಾಲದವರೆಗೆ ವಿಶ್ಲೇಷಣಾತ್ಮಕವಾಗಿ ಕಟ್ಟಿಕೊಡಲಾಗಿದೆ
Read moreAbout the Book
ಆಡುಂಬೊಲ: (ತಟ್ಟಕಂ) ಕಾದಂಬರಿಯಲ್ಲಿ 'ಮುಪ್ಪಿಲಕ್ಕೇರಿ' ಪ್ರದೇಶದ ಸ್ಥಳಪುರಾಣ, ಜನರ ಬದುಕು ಬವಣೆ, ಶೈಕ್ಷಣಿಕ, ರಾಜಕೀಯ, ಧಾರ್ಮಿಕ ಸ್ಥಿತ್ಯಂತರಗಳೇ ಮುಂತಾದ ಅನೇಕ ಆಯಾಮಗಳನ್ನು ಪ್ರಾಗೈತಿಹಾಸಿಕ ಕಾಲದಿಂದ ಆಧುನಿಕ ಕಾಲದವರೆಗೆ ವಿಶ್ಲೇಷಣಾತ್ಮಕವಾಗಿ ಕಟ್ಟಿಕೊಡಲಾಗಿದೆ
Book Details
-
ISBN9789355486240
-
Pages364
-
Avg Reading Time12 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIN
Recommended For You
Culture Valture
- Author Name:
Mamta Kaliya
- Book Type:

- Description:
शीर्षस्थ कथाकार ममता कालिया की प्रत्येक रचना पर उनकी रचनाशीलता के हस्ताक्षर रहते हैं। संवेदना की थाह लेने और भाषा में उसे संभव करने का उनका अपना एक अनूठा ढंग है। ‘कल्चर वल्चर’ ममता कालिया का एक महत्त्वपूर्ण उपन्यास है। इसके बीज-विचार के सन्दर्भ में उन्होंने लिखा है, 'कला, साहित्य व संस्कृति आज सरोकार न रहकर कारोबार बनते जा रहे हैं और इसके प्रबन्धक, कारोबारी। इनके हाथों में संस्कृति, विकृति बन रही है और साहित्य, वाहित्य।' ममता कालिया ने बहुत कुशलता के साथ कोलकाता की पृष्ठभूमि में इस उपन्यास की कथा बुनी है। महत्तर उद्देश्यों को लेकर अस्तित्व में आई एक साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्था किस तरह विडंबनाओं, विरूपताओं, अन्तर्विरोधों, कपट, कलह, चतुर चाटुकारिता व निजी महत्त्वाकांक्षाओं का तलघर बन जाती है—यह तथ्य 'कल्चर वल्चर' में बहुत बारीकी से उजागर हुआ है। लेखकीय कौशल यह है कि सारे चरित्र और कथा-प्रसंग कल्पना पर आधारित होते हुए भी अपनी निष्पत्तियों में अत्यन्त जीवन्त हैं। चाहें तो इस उपन्यास में समकालीनता की पदचाप या अनुगूँज भी सुन सकते हैं। नवीन और सुषमा जैसे चरित्र अपने निहितार्थों के साथ पाठक के चित्त पर अंकित हो जाते हैं। लेखक ने व्यापक सन्दर्भों के साथ उन मनोवृत्तियों को टटोला है जो शब्द में सिक्कों की खनक और साहित्य में सरोकारों का शोकगीत सुनना चाहती हैं। यह उपन्यास भूमंडलीकरण, उद्दंड पूँजी, निरंकुश सोच आदि के आशयों को भी खंगालता है। अपनी प्रांजल व खिलंदड़ी भाषा के लिए ममता कालिया बहुप्रशंसित हैं। यह उपन्यास उनकी रचनात्मक सिद्धि का एक अभिनव आयाम है।
Agyeya Ke Uddharan
- Author Name:
Sachchidananda Hirananda Vatsyayan 'Ajneya'
- Book Type:

- Description:
अज्ञेय का लेखन इतना विपुल और वैविध्यपूर्ण है कि उसमें से उद्धरणों के एक चयन की बात सोचते ही पहला सवाल तो उसकी क्रम-प्रक्रिया को लेकर ही सामने आया। लगभग सभी साहित्यिक विधाओं में उत्कृष्ट लेखन के साथ-साथ अज्ञेय ने मानव-जीवन और समाज से जुड़ी सभी समस्याओं पर भी स्वतन्त्र रूप से सम्यक् विचार किया है। अज्ञेय के लिए न केवल साहित्य बल्कि पूरा मानव-जीवन ही मूल्यान्वेषण की प्रक्रिया है। इस क्रम से आरम्भ करने पर सहज ही केन्द्रीय मूल्य स्वतन्त्रता और उनसे जुड़े सवालों को अलगे चरण में रख पाना उचित लगा और साहित्य क्योंकि मूल्यान्वेषण की प्रक्रिया है, अत: भाषा, साहित्य आदि से जुड़े चिन्तन से चयन किये जाने वाले उद्धरणों का क्रम भी तय हो गया। इस चयन से गुज़रते हुए पाठक को यह महसूस हो सकता है कि अज्ञेय जब किसी दार्शनिक या तर्कशास्त्रीय गुत्थी पर भी विचार करते हैं तो उनका चिन्तन अधिकांशत: किसी अकादेमिक दार्शनिक की तरह का नहीं, बल्कि एक संवेदनात्मक दृष्टि, या कहें कि कवि-दृष्टि से किया गया चिन्तन होता है। अज्ञेय का चिन्तन कवि-दृष्टि का चिन्तन है, अकादेमिक नहीं। शायद, इसलिए इस कवि-दृष्टि के विमर्शात्मक चिन्तन और कविताओं के बीज-संवेदन का अहसास भी सुधी पाठकों को हो सकेगा। पाठक यदि चयन की इन मोटी रेखाओं के सहारे अज्ञेय के चिन्तन और कवि-कर्म की विपुलता, विविधता और सूक्ष्मता में प्रवेश करने की प्रेरणा पा सकें, तो यही इस चयन की सार्थकता होगी। अज्ञेय के कवि-कर्म और चिन्तन के द्वन्द्वों-समाधानों और प्रक्रियाओं-निष्कर्षों में ऐसा बहुत कुछ है जो किसी भी समय के लेखक-पाठक के लिए सदैव प्रासंगिक रहेगा। —प्रस्तावना से
Oru Manushyan, Oru Veedu, Oru Loka
- Author Name:
D. Jayakanthan +1
- Book Type:

- Description:
ഒരു മനുഷ്യൻ, ഒരു വീട്, ഒരു ലോകം വായനക്കാരും വിമർശകരും ഒരേ പോലെ സ്വീകരിക്കുകയും, വാഴ്ത്തുകയും ചെയ്ത നോവലാണ് ഒരു മനുഷ്യൻ, ഒരു വീട്, ഒരു ലോകം. ആരാണ് മാതാപിതക്കൾ, എവിടെയാണ് ജനിച്ചത്, എന്താണ് ജാതി എന്നൊന്നും അറിയാതെ വളർന്ന ഹെൻറി എന്ന ഒരു ചെറുപ്പക്കാരൻ വ്യത്യസ്തങ്ങളായ ജീവിതാനുഭവങ്ങളിലൂടെ കടന്നുപോകുന്നു ഈ നോവലിൽ. ഹെൻറി, ദേവരാജൻ, ദുരൈക്കണ്ണു, പാണ്ഡു, മണ്ണാങ്കട്ടി, മണിയക്കാരൻ, സഭാപതി, തെരേസ, അക്കമ്മാൾ, മൈക്കേൽ, എന്നിവരിലൂടെ കഥയെ വളർത്തി, ബേബി എന്ന ഒരു വിചിത കഥാപാത്രത്തിലേക്ക് വായനക്കാരനെ ജയകാന്തൻ എത്തിക്കുമ്പോൾ അത് ഭാരതീയ ന സംസ്കാരത്തിന്റെ, ജീവിത ശൈലിയുടെ, സൗഹൃദങ്ങളുടെ, കുടുംബ ബന്ധങ്ങളുടെ, നിഷ്ക്കളങ്കതയുടെ, ഗ്രാമീണ ജീവിതത്തിന്റെ വ്യഖ്യാനമായി മാറുന്നു.
Aadha Gaon
- Author Name:
Rahi Masoom Raza
- Book Type:

- Description:
आधा गाँव, यानी गंगौली। ज़िला ग़ाज़ीपुर (उत्तर प्रदेश)। काल-परिप्रेक्ष्य–1947, स्वाधीनता के समय होनेवाला देश-विभाजन। गंगौली मुस्लिम-बहुल गाँव है और यह उपन्यास है–इस गाँव के मुसलमानों का बेपर्द जीवन-यथार्थ। पूरी तरह सच, बेबाक और धारदार। पाकिस्तान बनते समय मुसलमानों की विविध मन:स्थितियों, हिन्दुओं के साथ उनके सहज आत्मीय संबंधों तथा द्वंद्वमूलक अनुभवों का अविस्मरणीय शब्दांकन। सांप्रदायिकता के ख़िलाफ़ एक ऐसा सृजनात्मक प्रहार, जो दुनिया में कहीं भी राष्ट्रीयता ही के हक़ में जाता है। लेखकीय चिंता सार्वजनीन है कि गंगौली में अगर गंगौलीवाले कम तथा सुन्नी और शिया और हिन्दू ज़्यादा दिखाई देने लगें, तो गंगौली का क्या होगा?...दूसरे शब्दों में, गंगौली को यदि भारत मान लिया जाए तो भारत का क्या होगा? भारतीय कौन होंगे?...अपनी वस्तुगत चिंताओं, गतिशील रचनाशिल्प, आंचलिक भाषा-सौंदर्य और सांस्कृतिक परिवेश के चित्रण की दृष्टि से अत्यधिक महत्त्वपूर्ण उपन्यास–हिन्दी कथा-साहित्य की बहुचर्चित और निर्विवाद उपलब्धि। इस कृति की सबसे बड़ी ख़ासियत है–संयमहीनता। इसके सभी पात्र बिना लगाम के हैं और उनकी अभिव्यक्ति सहज, सटीक और दो टूक है, गालियों की हद तक।
Uttara
- Author Name:
Supreeth K N
- Book Type:

- Description:
Novel based on seeking answers for fundamental question. ಉತ್ತರ’ ಸುಪ್ರೀತ್ ಕೆ.ಎನ್ ಅವರ ಕಾದಂಬರಿ. ಕನ್ನಡದ ಭರವಸೆಯ ಕಾದಂಬರಿಕಾರರಲ್ಲಿ ಒಬ್ಬರಾದ ಸುಪ್ರೀತ್ ತಮ್ಮ ಪ್ರತಿ ಕೃತಿಯನ್ನೂ ಅಧ್ಯಾತ್ಮದ ಅಡಿಪಾಯದಲ್ಲೇ ರಚಿಸಿದರೂ, ಪ್ರತಿ ಕೃತಿಯಲ್ಲೂ ಅಧ್ಯಾತ್ಮದ ಬೇರೆ ಬೇರೆ ಆಯಾಮಗಳನ್ನು ಪರಿಚಯಿಸುತ್ತಾರೆ. ಈ ‘ಉತ್ತರ’ ಕಾದಂಬರಿಯ ಮೂಲ ವಸ್ತು 'ನೋವು'. ಕಥನಾಯಕ ಸ್ಕಂದ ನೋವಿನ ಪರಿಸ್ಥಿತಿಯೊಂದರಲ್ಲಿ ಸಿಲುಕಿದಾಗ, ಮನುಷ್ಯನಿಗೆ ನೋವು ಯಾಕೆ ಕಾಡುತ್ತದೆ? ನೋವಿನ ಮೂಲವೇನು? ನಮ್ಮನ್ನು ಕಾಡುವ ನೋವಿನಿಂದ ಹೇಗೆ ಹೊರಬರಬೇಕು? ಎನ್ನುವಂತಹ ಮೂಲಭೂತ ಪ್ರಶ್ನೆಗಳನ್ನು ಕೇಳಿಕೊಂಡು ಅದಕ್ಕೆ ಉತ್ತರ ಹುಡುಕುತ್ತಾ ಆಶ್ರಮವೊಂದಕ್ಕೆ ತೆರಳಿ ಅಲ್ಲಿ ಅಧ್ಯಾತ್ಮ ಸಾಧನೆಗಳನ್ನು ಮಾಡುತ್ತಾ ತನ್ನ ನೋವಿನ ಮೂಲ ಹುಡುಕುತ್ತಾನೆ. ಉತ್ತರ ಹುಡುಕುವ ಈ ಹಾದಿಯಲ್ಲಿ ಕರ್ಮ ಸಿದ್ಧಾಂತಗಳ ಹಲವು ಮಜಲುಗಳ ಪರಿಚಯವು ಆಗುತ್ತದೆ.
Do Behnein
- Author Name:
Rabindranath Thakur
- Book Type:

- Description:
रवीन्द्रनाथ ठाकुर के उपन्यास आधुनिक जीवन-स्थितियों का आभ्यन्तर प्रस्तुत करते हुए स्त्री के भीतर स्त्री की अनवरत खोज की आश्चर्यजनक चेष्टाओं का दिग्दर्शन कराते हैं। उनके काव्य की अनन्त उन्मुक्ति में विस्तार पाती स्त्री उनके उपन्यासों में ऊबड़-खाबड़ धरती पर उतरती है, लेकिन अपने मज्जागत आदर्श को हृदय से अवश्य चिपटाए रहती है। यहीं कहीं उसके आस-पास पुरुष विद्यमान रहता है, अपनी समस्त प्रवृत्तियों के अंकुशाघात से घायल—कभी स्त्री के सहारे, कभी स्वयं उपन्यासकार के सहारे, और कभी अपने ही बुने जाल की गाँठें खोलने को सन्नद्ध। ‘दो बहनें’ ऐसा ही उपन्यास है।
A Window Lived in a Wall
- Author Name:
Vinod Kumar Shukla +1
- Book Type:

- Description:
Raghuvar Prasad teaches Mathematics at a local college. He lives in a one-room rental eight miles away from his place of work. He travels to work by jitney, cramming into whatever space is left by other passengers, milk cans, winter blankets and vegetable baskets. The mode of transportation is unreliable; jitneys won't stop for him when they are full. A sadhu atop an elephant befriends him, offering him a ride to the college on his elephant. The Head of the Mathematics Department suggests that Raghuvar Prasad borrow the bicycle which seems to have been abandoned on the college verandah. Raghuvar Prasad tries these variations and wonders whether he shouldn't move closer to the college to save on travel costs. He has just been married. The day his wife Sonsi, arrives in town to begin their domestic life together, Raghuvar Prasad happens to come home mounted on an elephant. She imagines elephants are part of Raghuvar Prasad's usual lifestyle. Vinod Kumar Shukla's apparently slight novel reaches into the depths of feeling Raghuvar Prasad and Sonsi have for one another and for the world of lower-middle-class neighbours among whom they belong. Their possessions are meagre: the single room barely accommodates their bed, the water pot, the kitchen utensils and the tin box in which Sonsi keeps her precious things. But there is a magical place beyond the window that sustains Raghuvar Prasad's and Sonsi's spirit. This window lived in a wall.
Beghar Ankhen
- Author Name:
Tejendra Sharma
- Book Type:

- Description:
Description Awaited
Mantra-Viddh
- Author Name:
Rajendra Yadav
- Book Type:

- Description:
‘मंत्र-विद्ध’ प्यार की खुरदरी कहानी है—आज की मूर्तिकला की तरह... तारक और सुरजीत कौर के बीच एक तीसरा ‘व्यक्ति’ और है, और वह है प्यार! तारक अपने को समझाते हुए, दूसरे आदमी की निग़ाह से सारी स्थिति को देखता है और स्वयं आतंकित रहता है कि क्या सचमुच वीरता का वह क्षण उसी ने धारण किया था...क्षण अथवा आवेश-भरे दबाव का शायद एक ऐसा विस्फोट, जिसका अनुभव केवल कायर ही कर सकता है। यानी परम वीरता के काम पक्के कायर के सिवा कोई दूसरा नहीं कर सकता! प्यार जैसे रिश्ते और मानवीय आशा-आकांक्षा के साथ प्रायः ही उठ खड़े होने वाले द्वन्द्व का एक अलग ही कोण दिखाती है यह कथाकृति। तारक स्वयं को जिस रूप में प्रस्तुत करता है, वास्तव में वह उसके विपरीत है अर्थात भीरु, शंकालु और जिम्मेदारियों से भागने वाला। उसके विपरीत स्वाभिमानी और जिम्मेदार सुरजीत सामन्ती घुटन से मुक्ति के लिए तारक का साथ स्वीकार करती है और अपनी शक्ति और अभावों की तरफ से आँखें मूँदकर प्रेम को हासिल कर लेने का स्वप्न देखती है। परस्पर विपरीत ध्रुवों की नजदीकी का यह त्रासद यथार्थ इस उपन्यास को प्रेम और व्यक्ति-सम्बन्धों के बारे में एक भिन्न ही कोण से सामने लाता है। अपने समय का एक चर्चित उपन्यास।
Khari Nadi
- Author Name:
Richa Nagar
- Book Type:

- Description:
खारी नदी को आप मुमताज़ बेगम की कहानी कहिए, या फिर उनकी कहानी से हिम्मत बटोरती कई कहानियाँ कहिए, आपबीती कहिए, ज़िन्दगी के तजुर्बे कहिए, पर यह कहानी हमें अपने आप से और दुनिया की कठोर सच्चाई से रू-ब-रू कराती है और आगे के रास्ते भी दिखाती है। इसलिए ये महज़ कहानी या आपबीती नहीं रह जाती बल्कि खारी नदी कहलाती है। खारा तो समुन्दर भी होता है, लेकिन इस नदी का खारापन आँसुओं से जुड़ा है। उसके बावजूद इसमें उमंगों की लहरें हैं जो इस कहानी को ख़ास बनाती हैं। हमारे आसपास की दुनिया ने कुछ दस्तूर बना दिए हैं, कुछ ठप्पे बना दिए हैं, जो बस इनसानों पर लगा दिए जाते है, कि ये तो ऐसा ही होगा। एक तयशुदा नज़रिया और तयशुदा सज़ा... लेकिन खारी नदी तो इन सब नज़रियों से परे एक औरत का संघर्ष दिखाती है जो किसी भी वंचित समुदाय की औरत का संघर्ष हो सकता है। खारी नदी में बयाँ की गई मुमताज़ बेगम, नन्दा, और चन्द्रभागा के साथ-साथ तमाम औरतों की आपबीतियाँ हमें झकझोर कर रख देती हैं। हर कहानी किसी एक औरत की नहीं, बल्कि तमाम औरतों का बयान है जो उन पर लगाए गए असंख्य बन्धनों और दुखों को उजागर करता है। और ये सारे बन्धन और दुख कहीं-न-कहीं धर्म और जाति के साथ उलझकर अलग-अलग जगहों पर अपना जाल बिछाए हुए हैं, औरत गाँव-देहात की हो या शहर की, अनपढ़ हो चाहे पढ़ी-लिखी। लेकिन खारी नदी की हर कहानी में एक ज़िन्दा मन भी है, और संघर्ष की तैयारी भी। खारी नदी औरतों के दुख, आँसू और शोषण के साथ-साथ उनकी ज़िन्दगी को बेहतरीन बनाने के लिए किया गया संघर्ष है। उम्मीद है यह संघर्ष पाठक को बहुत कुछ सोचने, समझने, आँकने और उसे जीवन में उतारने पर मजबूर करेगा; एक नया नज़रिया देगा।
Kisani Ki Kahani: Beti Ke Liye
- Author Name:
Sorit Gupto
- Book Type:

- Description:
किसान नहीं होंगे तो हम नहीं होंगे। खेती नहीं होगी तो ये शहर नहीं होंगे जहाँ हम उस विशाल आबादी से आँखें चुराए इत्मीनान से रहते हैं, जिस आबादी का सब कुछ खेती पर निर्भर है, वे लोग जो अन्न उगाते हैं, लेकिन अकसर खाली पेट सोते हैं, कर्ज लेते हैं और फिर आत्महत्या कर लेते हैं। हैरानी की बात है कि इतने महत्त्वपूर्ण क्षेत्र पर न तो नीति-निर्माताओं का फोकस है, न ही नागरिक चेतना का। ‘किसानी की कहानी : बेटी के लिए’ हमारा ध्यान उस ओर खींचती है, और एकदम अलग और नए ढंग से। किताबों, खबरों और निजी अनुभवों के माध्यम से आजादी से पहले और बाद के वक्तों पर नजर डालते हुए यह किताब भारतीय किसान और खेती की पीड़ा को हमारी सोच के केन्द्र में ला देती है।
Rushyashrunga
- Author Name:
Harisha Hagalawadi
- Book Type:

- Description:
ತಿಗೆ ಬೆನ್ನುಡಿ ಬರೆದಿರುವ ನಾಗರಾಜ ವಸ್ತಾರೆ ಅವರು “ಈ ಬೆಂಗಳೂರು ನಿನ್ನನ್ನು ಕಾಡಿರುವಷ್ಟೇ- ಬಹುಶಃ ಇನ್ನೂ ಹೆಚ್ಚು, ನನ್ನನ್ನು ಕೆಣಕಿರುವುದು ಹೌದು. ಆದರೆ, ಇನ್ನೂ ಮದುವಣಿಗನಾಗದ ಅವಸ್ಥೆಯಲ್ಲಿರುವ ನೀನು, ನಿನ್ನಂಥವರು ಕಾಣುವ ಈ ಶಹರ, ಶಾಹರಿಕತೆ ನನ್ನಲ್ಲಿ ಬೆರಗು ಹುಟ್ಟಿಸುತ್ತದೆ. ಉದ್ಯೋಗದೊಡನೆ ದುಡ್ಡು ಕೊಡುವ ಈ ಊರು ಜೀವನಕ್ಕೊಂದು ಕ್ರಮವನ್ನೂ ಕೊಡುತ್ತದೆನ್ನುವ ನಿನ್ನ ಮಾತಿಗೆ ಸಲಾಮು. ಇಷ್ಟಿದ್ದೂ, `ಇದು ಅರ್ಥವಾಗದ ಯಕ್ಷಿಣಿ' ಅಂತನ್ನುವುದು ನಿನ್ನದೇ ಇನ್ನೊಂದು ಮಾತು. ಇಲ್ಲಿನ ಬದುಕನ್ನು ಜೇನುಗೂಡು, ರೇಶ್ಮೆಗೂಡುಗಳಂತೆ ಗ್ರಹಿಸಿರುವುದು ಇಷ್ಟವಾದ ಇನ್ನೊಂದು ಸಂಗತಿ. ಏನೇ ಇರಲಿ, ನಿನ್ನ ಗ್ರಹಿಕೆ ನಿನ್ನ ಕಾಣ್ಕೆ. ಆದರೆ, ನಿನ್ನ ನೋಟವನ್ನು ಸಾರ್ವತ್ರಿಕ-ಸಾರ್ವಕಾಲಿಕ ಸಂಗತಿಯೆಂಬಂತೆ ಮನ್ನಣೆಗಿಡುತ್ತೀಯಲ್ಲ, ಅದು ಇಷ್ಟವಾಗದಿದ್ದರೂ, ನಿನ್ನ ಎದೆಗಾರಿಕೆಗೆ ಜೈ. ವಯಸ್ಸಿಗೆ ತಕ್ಕ ಲಂಪಟತನಕ್ಕೆ ಚೌಕಟ್ಟು ಹಾಕುವ ನಿನ್ನ ಹುಂಬತನಕ್ಕೆ ತುಸು ಇರುಸುಮುರುಸಾಯಿತಾದರೂ ಇದು ನಿನ್ನ ಮೆಥಡೆಂದು ಸುಮ್ಮನಾಗಿದ್ದೇನೆ. ಇನ್ನು, ನಿನ್ನ ಋಷ್ಯಶೃಂಗ-ತೆಯ ಬಗ್ಗೆ ಕಡೆಯಲ್ಲಿ ಹೇಳಿದ್ದು ಮನಸ್ಸು ನಾಟಿತು. ಬಹುಶಃ, ಇದು ನಮ್ಮೆಲ್ಲರ ಋಷ್ಯಶೃಂಗ-ತೆಯೂ ಹೌದು. `ವಿ ಸ್ಟಾರ್ಟ್ ಕನ್ಸ್ಯೂಮಿಂಗ್ ವಾಟೆವರ್ ಕಮ್ಸ್ ಇನ್ ಅವರ್ ವೇ...' ಅನ್ನುವ ಮಾತಿನ ಹಿಂದೆಯೇ, ಪರಾವರ್ತಿತ ರಿಫ್ಲೆಕ್ಸಿನಂತೆ ಅನಿಸಿದ್ದು- `ವಾಟ್ ಇಫ್ ಇಟ್ ಕನ್ಸ್ಯೂಮ್ಸ್ ದಿ ಸೆಲ್ಫ್?' ಅನ್ನೋದು. ಹೋಪ್ ದಟ್ ವೋಂಟ್ ಹ್ಯಾಪನ್. ಅಂಡ್, ಯೂ ವೋಂಟ್ ಲೆಟ್ ದಟ್ ಹ್ಯಾಪನ್. ಒಂದಷ್ಟು ಚಿಯರುಗಳು” ಎಂದಿದ್ದಾರೆ.
Ashes & Fire
- Author Name:
Prof.. Vikas Sharma
- Book Type:


- Description:
ऐशेज एंड फायर' में आधुनिक लक्ष्मीबाई की तस्वीर को एक विजयी महिला के रूप में चित्रित किया गया है, जिसे गाजियाबाद के गैंगस्टरों ने राख में बदल दिया है। एनसीसी की पूर्व अवर अधिकारी होने के नाते उसने अपने तीन बच्चों को पालने के लिए जीवन की चुनौतियों का सामना किया। बेशक, नाना और लेडी चैटरली की तरह, कामेच्छा उसकी कमजोरी थी, फिर भी उसने पुरुष प्रधान समाज में अपनी नौकरी और संस्थान की रक्षा के लिए नए गैंगस्टरों का सामना किया। दूसरे पति के आधे - पागलपन और मतिभ्रम के बावजूद, उसने कठिन परिस्थितियों के आगे समर्पण नहीं किया। उसने अपने पिता के प्रति एहसानमंद महसूस किया क्योंकि उन्होंने जीवन के हर कदम पर उसकी देखभाल की। प्रस्तुत उपन्यास यथार्थवाद के ऐसे ही विभिन्न रंगों पर लिखी एक रचना है, एक आधुनिक साहसी महिला की कठिनाइयों और रोमांच का लेखा-जोखा है। आखिरकार, सुविधा ने अपने मानसिक साहस और सबलता को साबित किया और अंततः सफलता हासिल की। हर दृष्टि से एक आनंददायक उपन्यास ।
Unaccustomed Earth
- Author Name:
Jhumpa Lahiri
- Book Type:

- Description:
The stories of Unaccustomed Earth focus on second-generation immigrants making and remaking lives, loves and identities in England and America. We follow brothers and sisters, mothers and fathers, friends and lovers, in stories that take us from Boston and London to Bombay and Calcutta. Blending the individual and the generational, the exotic and the strikingly mundane, these haunting, exquisitely detailed and emotionally complex stories are intensely compelling elegies of life, death, love and fate. This is a dazzling work from a masterful writer.
Phans
- Author Name:
Sanjeev
- Book Type:

- Description:
सभ्यता के वर्तमान पड़ाव पर जितनी उपेक्षा किसान और किसानी की हो रही है उतनी शायद ही किसी और की हुई हो। देश में तीन लाख से ज्यादा किसान आत्महत्या कर चुके हैं और अस्सी लाख से ज्यादा किसानी से किनारा कर चुके हैं। इसी भीषण यथार्थ की पृष्ठभूमि पर रचा गया है यह उपन्यास ‘फाँस’। कभी प्रेमचन्द ने ‘गोदान’ के जरिये भारतीय ग्रामीण तंत्र के शोषणकारी ढाँचे और किसानों के जीवन-संघर्ष को उजागर किया था, उसके वर्षों बाद, ‘फाँस’ हिन्दी का किंचित पहला उपन्यास है जो किसानों की दारुण स्थिति को उसकी व्यापकता में सामने लाता है। इस उपन्यास में विदर्भ (महाराष्ट्र) के किसानों की कहानी गई है जिनके एक कन्धे पर घर-परिवार का उत्तरदायित्व है तो दूसरे कन्धे पर किसानी का। दोनों उत्तरदायित्व एक-दूसरे से नाभिनालबद्ध—फसल होगी तो घर-परिवार चलेगा, नहीं होगी तो पेट भरना मुश्किल, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई दुश्वार, हारी-बीमारी का इलाज असम्भव। फिर किसानी भी तो सिर्फ मेहनत नहीं माँगती; उसमें भी पैसा चाहिए। पैसा जुटता है कर्ज से। इस तरह फर्ज से कर्ज तक एक ऐसा व्यूह बनता है जिसमें पड़ने के बाद किसान निरुपाय और अन्तत: आत्महंता हो जाता है। इस दुखान्त को यह उपन्यास पूरी सूक्ष्मता से दर्ज करता है और यह सोचने को विवश करता है कि क्या यह त्रासदी केवल किसानों की है अथवा एक समूची सभ्यता, एक समूचे समाज की? अत्यन्त समसामयिक और ज्वलन्त विषय पर एक अवश्य पठनीय कृति!
Kaisi Aagi Lagai
- Author Name:
Asghar Wajahat
- Book Type:

- Description:
उपन्यास का महत्त्व दरअसल आजकल भी इसलिए बना हुआ है कि उपन्यास एक समानान्तर जीवन की परिकल्पना करते हैं। इस सन्दर्भ में असग़र वजाहत के उपन्यास ‘कैसी आगी लगाई’ में जीवन की विशद व्याख्या है, जीवन का विस्तार है और तमाम अन्तर्विरोधों के बीच से मानव-गरिमा और श्रेष्ठता के कलात्मक संकेत मिलते हैं। पिछले तीस साल से कहानियाँ और उपन्यासों के माध्यम से अपनी विशेष पहचान बना चुके असग़र वजाहत ने ‘कैसी आगी लगाई’ में विविधताओं से भरा एक जीवन हमारे सामने रखा है। यह जीवन बिना किसी शर्त पाठक के सामने खुलता चला जाता है। कहीं-कहीं बहुत संवेदनशील और वर्जित माने जानेवाले क्षेत्रों में उपन्यासकार पाठक को बड़ी कलात्मकता और सतर्कता से ले जाता है और कुछ ऐसे प्रसंग सामने आते हैं जो सम्भवतः हिन्दी उपन्यास में इससे पहले नहीं आए हैं। उपन्यास का ढाँचा परम्परागत है लेकिन दर्शक के सामने विभिन्न प्रसंग जिस तरह खुलते हैं, वह अत्यन्त कलात्मक है, एक व्यापक जीवन में लेखक जिस प्रसंग को उठाता है, उसे जीवन्त बना देता है। ‘कैसी आगी लगाई’ में साम्प्रदायिकता, छात्र-जीवन, स्वातंत्र्योत्तर राजनीति, सामन्तवाद, वामपन्थी राजनीति, मुस्लिम समाज, छोटे शहरों का जीवन और महानगर की आपाधापी के साथ-साथ सामाजिक अन्तर्विरोधों से जन्मा वैचारिक संघर्ष भी हमारे सामने आता है। उपन्यास मानवीय सरोकारों और मानवीय गरिमा के कई पक्षों को उद्घाटित करता है। जीवन और जगत के विभिन्न कार्य-व्यापारों के बीच कथा-सूत्र एक ऐसा रोचक ताना-बाना बुनते हैं कि पाठक उनमें डूबता चला जाता है। ‘कैसी आगी लगाई’ उन पाठकों के लिए आवश्यक है जो उपन्यास विधा से अतिरिक्त आशाएँ रखते हैं।
Duvidha Mai Kaya
- Author Name:
Rishi Gajpal
- Book Type:

- Description:
Hindi Novel
Swarg Dadda! Pani, Pani
- Author Name:
Vidya Sagar Nautiyal
- Book Type:

- Description:
Novel
Sapne Marte Nahin
- Author Name:
Tejendra Sharma
- Book Type:

- Description:
Description Awaited
Proud Convicts Of Love
- Author Name:
Pankaj Subeer
- Book Type:

- Description:
Pankaj Subeer is well known for his writings on unique subjects and his mesmerizing extraordinary ways of storytelling. He is a novelist, short story writer and an editor of two magazines. He has written three novels, eight short story books and his writings have appeared in many magazines, daily newspapers and books. In his writings, he depicts social injustice, ugliness and discrimination in the society, and hope through love. His one novel ''Akaal mein utsav'' is on farmer's problems. Another novel 'Yeh woh sehar to nahin' is written on those historical characters which had been forgotten and forbidden by the time. In his short stories, he has succeeded in riveting the reader's attention towards his characters with different, very engrossing, styles of writings in Indian literature. He has won numerous national and international awards for his contribution to literature. ''Proud convicts of love'' is a translation of his very popular Hindi novel ''Jinhe jurm e ishq par naaz tha.'' Rachana Tyagi has translated this novel. The novel was published in 2019 by Shiva publications and was sold out very quickly and its second edition was also published in 2019.Third and fourth editions came out in 2020 and fifth edition in 2021. Although all his books have been very popular, this novel has broken all records and is his best creation to date. ''Proud convicts of love'' is a beautiful journey of five thousand years of civilizations portraying the role religion played in shaping and dividing societies and nation building based on unfounded and selfish interpretations of religious teachings. In this novel Pankaj Subeer has been successful in bringing forward a new ideology of love, faith and belief. I'm confident that this English translation will enthrall the readers as much as the Hindi version continues to do till this day!. -Sudha Om Dhingra, USA
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book
Aadumbolaa (ಆಡುಂಬೊಲಾ) ಒಂದು ಸಮೃದ್ಧವಾದ ಕಾದಂಬರಿಯಾಗಿದ್ದು, ಇದು ಒಂದು ಪ್ರದೇಶದ ವಿಕಸನ, ಅದರ ಜನರು ಮತ್ತು ಕಾಲಾನಂತರದಲ್ಲಿ ಅದರ ಪ್ರಜ್ಞೆಯನ್ನು ಪತ್ತೆಹಚ್ಚುತ್ತದೆ. ಮುಪ್ಪಿಲಕ್ಕೇರಿ (ಮುಪ್ಪಿಲಕ್ಕೇರಿ) ಪ್ರದೇಶದಲ್ಲಿ ನೆಲೆಗೊಂಡಿರುವ ಈ ನಿರೂಪಣೆಯು ಜೀವಂತ ದಾಖಲೆಯಂತೆ ತೆರೆದುಕೊಳ್ಳುತ್ತದೆ, ಸ್ಥಳೀಯ ಇತಿಹಾಸ, ಸಾಂಸ್ಕೃತಿಕ ಸ್ಮರಣೆ ಮತ್ತು ಇತಿಹಾಸಪೂರ್ವ ಕಾಲದಿಂದ ಆಧುನಿಕ ಯುಗದವರೆಗಿನ ಸಾಮಾಜಿಕ ಪರಿವರ್ತನೆಯನ್ನು ಒಟ್ಟುಗೂಡಿಸುತ್ತದೆ.
ಮೂಲತಃ ಮಲಯಾಳಂನಲ್ಲಿ ಮೆಚ್ಚುಗೆ ಪಡೆದ ಬರಹಗಾರ ಕೋವಿಲನ್ ಅವರು ಥಟ್ಟಕಮ್ ಎಂದು ಬರೆದ ಈ ಸಾಹಿತ್ಯ ಅಕಾಡೆಮಿ ಪ್ರಶಸ್ತಿ ವಿಜೇತ ಕೃತಿಯನ್ನು ಕನ್ನಡಕ್ಕೆ ಅನುವಾದಿಸಲಾಗಿದೆ, ಇದರ ಪ್ರಬಲ ಕಥೆ ಹೇಳುವಿಕೆಯು ವ್ಯಾಪಕ ಓದುಗರಿಗೆ ಪ್ರವೇಶಿಸಬಹುದಾಗಿದೆ.
ಈ ಕಾದಂಬರಿಯು ಸಾಮಾನ್ಯ ಜನರ ಜೀವನದ ಮೂಲಕ ಸಾಮಾಜಿಕ ಹೋರಾಟಗಳು, ರಾಜಕೀಯ ಬದಲಾವಣೆಗಳು, ಶೈಕ್ಷಣಿಕ ಬದಲಾವಣೆಗಳು ಮತ್ತು ಧಾರ್ಮಿಕ ಪರಿವರ್ತನೆಗಳ ಬಹು ಆಯಾಮಗಳನ್ನು ಪರಿಶೋಧಿಸುತ್ತದೆ. ಕೋವಿಲನ್ ಅವರ ಬರವಣಿಗೆ ಸ್ಥಳೀಯ ಸಂಸ್ಕೃತಿಯಲ್ಲಿ ಆಳವಾಗಿ ಬೇರೂರಿದೆ, ಮಾನವರು, ಪ್ರಕೃತಿ, ನಂಬಿಕೆ ವ್ಯವಸ್ಥೆಗಳು ಮತ್ತು ಸಮುದಾಯ ಜೀವನದ ನಡುವಿನ ನಿಕಟ ಸಂಬಂಧವನ್ನು ಚಿತ್ರಿಸುತ್ತದೆ.
ಒಬ್ಬ ನಾಯಕನನ್ನು ಅನುಸರಿಸುವ ಬದಲು, ಆಡುಂಬೋಲಾ ಆ ಪ್ರದೇಶವನ್ನು ಕೇಂದ್ರ ಪಾತ್ರವಾಗಿ ಪರಿಗಣಿಸುತ್ತದೆ. ಇದರ ಫಲಿತಾಂಶವು ವಿಸ್ತಾರವಾದ, ಚಿಂತನಶೀಲ ಮತ್ತು ಭೂಮಿ ಮತ್ತು ಅದರ ಜನರಿಗೆ ಆಳವಾಗಿ ಸಂಪರ್ಕ ಹೊಂದಿದ ನಿರೂಪಣೆಯಾಗಿದೆ.
ಇತಿಹಾಸ, ಗುರುತು ಮತ್ತು ಕಾಲಾನಂತರದಲ್ಲಿ ಸಮಾಜಗಳನ್ನು ರೂಪಿಸುವ ಶಕ್ತಿಗಳಿಗೆ ಕಥಾವಸ್ತುವನ್ನು ಮೀರಿದ ಸಾಹಿತ್ಯವನ್ನು ಹುಡುಕುವ ಓದುಗರಿಗಾಗಿ ಇದು ಒಂದು ಪುಸ್ತಕವಾಗಿದೆ.
ಆಡುಂಬೋಲಾ ಎಂದರೇನು?
ಆಡುಂಬೋಲಾ ಎಂಬುದು ಕಾಲಾನಂತರದಲ್ಲಿ ಒಂದು ಪ್ರದೇಶದ ಇತಿಹಾಸ, ಸಂಸ್ಕೃತಿ ಮತ್ತು ಸಾಮಾಜಿಕ ರೂಪಾಂತರವನ್ನು ಅನ್ವೇಷಿಸುವ ಕಾದಂಬರಿಯಾಗಿದ್ದು, ಒಂದು ಸಮುದಾಯದೊಳಗಿನ ಜೀವನ, ಹೋರಾಟಗಳು ಮತ್ತು ಬದಲಾವಣೆಗಳ ಮೇಲೆ ಕೇಂದ್ರೀಕರಿಸುತ್ತದೆ.
ಆಡುಂಬೋಲಾ ಅನುವಾದವೇ?
ಹೌದು. ಇದು ಸಾಹಿತ್ಯ ಅಕಾಡೆಮಿ ಪ್ರಶಸ್ತಿಯನ್ನು ಪಡೆದ ಕೋವಿಲನ್ ಅವರ ಮಲಯಾಳಂ ಕಾದಂಬರಿ ತಟ್ಟಕಂನ ಕನ್ನಡ ಅನುವಾದವಾಗಿದೆ.
ಈ ಪುಸ್ತಕವನ್ನು ಅನನ್ಯವಾಗಿಸುವುದು ಯಾವುದು?
ಕಾದಂಬರಿಯು ಒಂದೇ ಕಥಾಹಂದರದ ಮೇಲೆ ಕೇಂದ್ರೀಕರಿಸುವ ಬದಲು ವಿಭಿನ್ನ ಕಾಲಾವಧಿಯಲ್ಲಿ ಇತಿಹಾಸ, ಸಂಸ್ಕೃತಿ ಮತ್ತು ಸಾಮಾಜಿಕ ಬದಲಾವಣೆಯನ್ನು ಒಟ್ಟಿಗೆ ಹೆಣೆಯುವ ಮೂಲಕ ಇಡೀ ಪ್ರದೇಶವನ್ನು ತನ್ನ ಕೇಂದ್ರ ಪಾತ್ರವಾಗಿ ಪರಿಗಣಿಸುತ್ತದೆ.
ಈ ಪುಸ್ತಕವು ಸಾಂದರ್ಭಿಕ ಓದುಗರಿಗೆ ಸೂಕ್ತವೇ?
ಗಂಭೀರ ಸಾಹಿತ್ಯ ಕಾದಂಬರಿ, ಪ್ರಾದೇಶಿಕ ನಿರೂಪಣೆಗಳು ಮತ್ತು ಐತಿಹಾಸಿಕವಾಗಿ ಪದರಗಳ ಕಥೆ ಹೇಳುವಿಕೆಯನ್ನು ಆನಂದಿಸುವ ಪ್ರಬುದ್ಧ ಓದುಗರಿಗೆ ಇದು ಹೆಚ್ಚು ಸೂಕ್ತವಾಗಿದೆ.
ಈ ಪುಸ್ತಕವನ್ನು ಯಾರು ಓದಬೇಕು?
ಭಾರತೀಯ ಸಾಹಿತ್ಯ ಕಾದಂಬರಿಗಳ ಓದುಗರು
ಪ್ರಾದೇಶಿಕ ಇತಿಹಾಸ ಮತ್ತು ಸಂಸ್ಕೃತಿಯಲ್ಲಿ ಆಸಕ್ತಿ ಹೊಂದಿರುವವರು
ಸಾಹಿತ್ಯ ಮತ್ತು ಅನುವಾದ ಅಧ್ಯಯನದ ವಿದ್ಯಾರ್ಥಿಗಳು
ಸಾಹಿತ್ಯ ಅಕಾಡೆಮಿ ಪ್ರಶಸ್ತಿ ವಿಜೇತ ಕೃತಿಗಳನ್ನು ಅನ್ವೇಷಿಸುವ ಓದುಗರು