Taarabhaayiya Patra
(0)
₹
130
₹ 110.5 (15% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
ಲೇಖಕ ಎಂ. ಆರ್ ದತ್ತಾತ್ರಿ ಅವರ ಕಾದಂಬರಿ ’ತಾರಾಬಾಯಿಯ ಪತ್ರ’. ತಾರಾಬಾಯಿಯು ವಿಕ್ರಮನ ಅಪ್ಪನ ಪ್ರೇಯಸಿ. ಅವಳು ಬರೆದ ಎರಡು ಪತ್ರದಲ್ಲಿ, ದೇವತೆ, ದೇವಿ ಎಂದೆಲ್ಲ ಬರೆದು, ಹೊಡೆದು ಹಾಕಿ, ಅಕ್ಕ ಎಂಬ ಸಂಬೋಧನೆಯೇ ಉಳಿಯುತ್ತದೆ. ಇವು ಏನೆಲ್ಲ ಭಾವಗಳನ್ನು ಹೇಳುತ್ತವೆ? ಏಕಾಂತದೊಳಗಿನ ಲೋಕಾಂತ, ಮೌನದೊಳಗಣ ಮಾತು, ಸಂವಾದದೊಳಗಿನ ಮೌನವೇ ಕಥಾನಕವಾಗಿದೆ ಇಲ್ಲಿ. ರಂಜನಿಗೆ ಇವನ ಕರೆ ಕೇಳಿತೆ? ಗಂಗಾ ತನ್ನ ಗಾಂಭೀರ್ಯದಿಂದಾಚೆ ಬಂದು ಮತ್ತೆ ಇವರಿಬ್ಬರೂ ಒಂದೇ ಪರಿಧಿಯಲ್ಲಿ ಬರುವರೆ? ರಂಜನಿಯನ್ನು ಕನವರಿಸುತ್ತಲೇ ಗಂಗೆಗೆ ಹಪಹಪಿಸುವ ವಿಕ್ರಮ ಆಯ್ಕೆ ಮಾಡಿಕೊಳ್ಳುವುದು ಯಾರನ್ನು? ಯಾವ ಅಂತಃಕರುಣೆಯ ಕರೆ ವಿಕ್ರಮನೊಳಗಿನ ಪ್ರೀತಿಯನ್ನು ಮತ್ತೆ ಸೋಕುತ್ತಲೇ ಆವರಿಸಿಕೊಳ್ಳುತ್ತದೆ? ಈ ಎಲ್ಲ ಪ್ರಶ್ನೆಗಳಿಗೆ ಉತ್ತರ ಕೃತಿಯಲ್ಲಿದೆ.
Read moreAbout the Book
ಲೇಖಕ ಎಂ. ಆರ್ ದತ್ತಾತ್ರಿ ಅವರ ಕಾದಂಬರಿ ’ತಾರಾಬಾಯಿಯ ಪತ್ರ’. ತಾರಾಬಾಯಿಯು ವಿಕ್ರಮನ ಅಪ್ಪನ ಪ್ರೇಯಸಿ. ಅವಳು ಬರೆದ ಎರಡು ಪತ್ರದಲ್ಲಿ, ದೇವತೆ, ದೇವಿ ಎಂದೆಲ್ಲ ಬರೆದು, ಹೊಡೆದು ಹಾಕಿ, ಅಕ್ಕ ಎಂಬ ಸಂಬೋಧನೆಯೇ ಉಳಿಯುತ್ತದೆ. ಇವು ಏನೆಲ್ಲ ಭಾವಗಳನ್ನು ಹೇಳುತ್ತವೆ? ಏಕಾಂತದೊಳಗಿನ ಲೋಕಾಂತ, ಮೌನದೊಳಗಣ ಮಾತು, ಸಂವಾದದೊಳಗಿನ ಮೌನವೇ ಕಥಾನಕವಾಗಿದೆ ಇಲ್ಲಿ.
ರಂಜನಿಗೆ ಇವನ ಕರೆ ಕೇಳಿತೆ? ಗಂಗಾ ತನ್ನ ಗಾಂಭೀರ್ಯದಿಂದಾಚೆ ಬಂದು ಮತ್ತೆ ಇವರಿಬ್ಬರೂ ಒಂದೇ ಪರಿಧಿಯಲ್ಲಿ ಬರುವರೆ? ರಂಜನಿಯನ್ನು ಕನವರಿಸುತ್ತಲೇ ಗಂಗೆಗೆ ಹಪಹಪಿಸುವ ವಿಕ್ರಮ ಆಯ್ಕೆ ಮಾಡಿಕೊಳ್ಳುವುದು ಯಾರನ್ನು? ಯಾವ ಅಂತಃಕರುಣೆಯ ಕರೆ ವಿಕ್ರಮನೊಳಗಿನ ಪ್ರೀತಿಯನ್ನು ಮತ್ತೆ ಸೋಕುತ್ತಲೇ ಆವರಿಸಿಕೊಳ್ಳುತ್ತದೆ? ಈ ಎಲ್ಲ ಪ್ರಶ್ನೆಗಳಿಗೆ ಉತ್ತರ ಕೃತಿಯಲ್ಲಿದೆ.
Book Details
-
ISBN9789384908454
-
Pages118
-
Avg Reading Time4 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Narak Dar Narak
- Author Name:
Mamta Kaliya
- Book Type:

- Description: ‘नरक-दर-नरक’ ममता कालिया के चर्चित उपन्यासों में से एक है। अपने समय का सांगोपांग चित्रण करने वाली यह रचना पाठकों और आलोचकों दोनों की प्रिय रही है। उपन्यास के केन्द्र में जगन और उषा हैं जो एक तरह से आज़ादी के बाद पैदा हुई युवा पीढ़ी का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। अच्छा रोज़गार और बेहतर जीवन उनके ऐसे सपने हैं जो अपनी योग्यता के बावजूद उन्हें अपनी पहुँच से दूर दिखाई देते हैं। प्रेम और उसके बाद तुरन्त ही शादी के बाद उनका प्यार ही है जो उन्हें राहत देता है, नहीं तो जगन के कॉलेज में वहाँ की राजनीति, मामूली-सी तनख़्वाह और उषा के सामने घर को सँभालने की चुनौती उन्हें तनाव में ही रखती है। हारकर वे मुम्बई से इलाहाबाद आते हैं और वहाँ जगन एक प्रेस शुरू करता है। लेकिन चुनौतियाँ यहाँ भी कम नहीं। नया शहर, नया काम और फिर एक बच्चा भी उनके जीवन में आ जाता है। दाम्पत्य जीवन और सामाजिक–राजनीतिक तनावों को यह उपन्यास अत्यन्त कुशलता से चित्रित करता है। भाषा की चुस्ती, संवाद और सूक्ष्म मनोभावों का अंकन कहीं भी पाठक को भटकने नहीं देता।
Zameen
- Author Name:
Mamang Dai
- Book Type:

- Description: “परमानन्द की यह अनुभूति कहाँ से जनमती है? यह उत्पन्न होती है प्रेम से, ज़मीन से जुड़ा प्रेम, उस प्रकाश से जुड़ा प्रेम जो पहाड़ियों के नक़ूश पैने करता है, उन्हें देवताओं के लिए सँवारता है। यह अनुभूति उत्पन्न होती है उस परितृप्त जीवन से जो नदियों और पेड़ों के परिपार्श्व में पनपता है, यह लड़ने, हारने और हार कर एक बार फिर से जूझने के लिए उठ खड़े होने से उत्पन्न होती है, और यह एक दिन, हम पर हमेशा के लिए यह ज़ाहिर होने से उत्पन्न होती है कि ज़िन्दगी और ज़मीन एक-दूसरे से कैसे नाभि-नालबद्ध हैं।” इतिहास, मिथक और समकालीन राजनीति को समेटते हुए ‘ज़मीन’ एक निहायत सुन्दर, किन्तु अशान्त प्रदेश और इसके रहवासियों की गाथा है। इसकी मार्फ़त कवि-उपन्यासकार ममंग दई हमें एक अविस्मरणीय यात्रा पर ले चलती हैं—काल के बन्धनों से परे कोजुम-कोजा की पवित्र भूमि से आधुनिक राज्य के रूप में अरुणाचल प्रदेश के गठन तक की यात्रा। मेइंग, जो अपने राज्य से दूर रहती है, अपने लोगों के इतिहास को दर्ज करने के लिए लौटती है—उन लोगों का इतिहास जिन्हें वह जानती है और जिन्होंने उसकी ‘ज़मीन’ को वास्तविक आकार दिया है। उनसे बातें करने, पुराने दस्तावेज़ों को उलटने-पुलटने के क्रम में असंख्य कथाएँ-उपकथाएँ सामने आती हैं, मानो तारों से खचित किसी झील का प्राचीन पानी उफनकर बाहर आने लगा हो। एक-एक कर सारे पात्र अपनी सम्पूर्णता व एक-अपर से सम्बद्धता के साथ सामने आने लगते हैं—वह संघर्ष और जिज्ञासा जो ‘नेफा’ (नॉर्थ-ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी) की स्थापना की नींव में थी, लिपुन जैसे साहसी पुरुष और महिलाएँ जिन्होंने ऊँचे और अलंघ्य पर्वत दर्रों और घने जंगलों को पार कर दूरस्थ जनजातियों के बीच पुलों का निर्माण किया, ‘बारिशवाला’ जो प्रकृति के अबूझ इशारों को पढ़-समझ सकने में सक्षम है क्योंकि वह उससे गहरे जुड़ा हुआ है, उम्सी जो अपने आत्म की खोज में दूर-दुर्गम की यात्रा पर निकल जाती है, और लुतोर, जो अपनी जनता की नब्ज़ को परखने का हुनर रखता है, भले ही सार्वजनिक जीवन से उसका मोहभंग हो चुका है। इन सबके अलावा वहाँ भूमि और वन माफिया भी हैं, हिंसक उपद्रवियों से साँठ-गाँठ रखने वाले भ्रष्ट राजनेता हैं, ऐसे दोस्त हैं जो अपनी महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति के लिए जानी दुश्मन में बदल सकते हैं। गीतात्मक, जीवन्त और महाकाव्यात्मक विस्तार लिये हुए ‘ज़मीन’ ऐसे लोगों और स्थान का आख्यान है, जो सर्वश्रेष्ठ उपन्यासों की तरह, अपनी चौहद्दी को लाँघता हुआ समस्त मानवता की गाथा बन जाता है।
Aher
- Author Name:
Sanjeev
- Book Type:

- Description: वरिष्ठ कथाकार संजीव का यह उपन्यास सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश की एक ऐसी गुत्थी हमारे सामने खोलता है, जो जितनी हैरतअंगेज़ है उतनी ही भयावह भी। मनुष्य ने लाखों साल पहले पेट की भूख शान्त करने के लिए शिकार अर्थात् अहेर करना शुरू किया था। लेकिन सभ्यता-संस्कृति के विकास के साथ-साथ उसने न सिर्फ़ तरह-तरह के साधन और कौशल अर्जित किए, बल्कि तमाम तरह की भूख भी इकट्ठा की—कुछ इस क़दर कि उनकी पूर्ति के लिए आज मनुष्य-समाज स्वयं अहेर और अहेरी—शिकार और शिकारी—में बँट चुका है। यह उपन्यास दिखलाता है कि अहेरी बने लोग अपने हिंस्र चेहरे पर संस्कृति, परम्परा, आस्था, विरासत और मर्यादा के मुखौटे चढ़ाए फिर रहे हैं। उनकी असल चिन्ता अपने वर्चस्व को बनाए रखने और अपने हितों को सुरक्षित रखने की है। इस गहन बनैले वक़्त में क्या कोई बदलाव सम्भव है? इसका जवाब उपन्यास के उन किरदारों से मिलता है जो अहेर के थोथे अभियान से अपने गाँव को मुक्त कराने की पहल करते हैं और जल्द ही अकेले पड़ जाते हैं। उन्हें जान देनी पड़ती है। लेकिन उनकी असफलता उनके परिवर्तनकामी स्वप्न का अन्त नहीं है। एक बेहतर मानवीय समाज के निर्माण को अपने लेखन का उद्देश्य माननेवाले संजीव, इस उपन्यास में उस त्रासदी को भी बख़ूबी रेखांकित करते हैं, जिसमें अहेरी बने घूम रहे लोग ख़ुद भी अहेर बन रहे हैं—अपनी ही व्यर्थ हो चुकी मान्यताओं का, वक़्त से बाहर की जा चुकी परम्पराओं का। विरल ग्रामीण परिवेश में विन्यस्त एक असाधारण कथा को समेटे इस उपन्यास की अत्यधिक पठनीयता को रेखांकित करने के लिए किसी ‘जादुई’ अलंकार की आवश्यकता नहीं है।
Muskurane Ki Wajah Tum Ho
- Author Name:
Arpit Vageria
- Book Type:

- Description: रनबीर सपने देखता है। उसके पास मोटी तनख्वाह वाली नौकरी है, लेकिन उसकी आकांक्षाएँ ऊँची हैं। वह एक अच्छा प्रेमी है। वह अदा को चाहता है और उसकी खातिर दुनिया के किसी भी आराम को छोड़ सकता है। लेकिन इसके बाद भी, वह खुश नहीं है। उसका वास्तविक पेशा कॉरपोरेट की नौकरी नहीं, बल्कि लेखन है। काफी सोच-विचार के बाद, वह इसमें कूद पड़ता है और अपनी नौकरी को छोड़ पूरी तरह से लिखने के काम में जुट जाता है। वह जब संतुलन बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहा होता है, तब अदा भी उससे दूरी बढ़ाने लगती है। क्या वह सच में उससे प्यार करती थी, या वह बस एक दिखावा था? इन सारी उलझनों के बीच, पीहू शर्मा उसकी जिंदगी में आती है, जो उसकी अब तक की पहली प्रशंसक, और पूरी तरह से उसके प्यार में डूबी हुई लगती है। अदा के साथ जहाँ रनबीर के संबंध बिगड़ते जाते हैं, वहीं पीहू अपने ऐशो-आराम की जिंदगी को छोड़ उसके साथ रहने चली आती है। क्या यही है वह सच्चा प्यार, जिसका इंतजार रनबीर कर रहा था? आइए, और रनबीर के साथ उस रास्ते पर चलिए, जहाँ ये दुनिया पैसे के लिए मार डालती है और प्यार के लिए जान दे देती है। ‘मुस्कुराने की वजह तुम हो’ प्यार, भाईचारा, भावना, समर्पण, दर्द, और उन गहराइयों की कहानी है, जहाँ तक एक दिल खोए प्यार को पाने के लिए जा सकता है।
Hash Tag Zindagi
- Author Name:
Shyam Chandele
- Book Type:

- Description: Book
Faisla Abhi Baki Hai
- Author Name:
Mukesh Dubey
- Book Type:

- Description: This book has no description
Homeland
- Author Name:
Dalpat Chauhan +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: Dalpat Chauhan's first novel Homeland (Malak in Gujarati) is set in rural northern Gujarat in pre-independence India and tells the tale of a community of Dalits who eke out an existence on the margins of an upper castr village. They belong to the Vankar caste and are considered 'Untouchables' by the upper caste villagers. Many of them because of small loans taken by them or their forefathers from the village landlords are 'bonded' for generations to them and have to provide them with free labour. Their women are sexually harassed and at times raped and murdered. Yet these Vankars are attached to their Malak and are traumatised when they are forced to leave it due to the threat of uppar caste reprisal over the relationship between a young Dalit man and upper castemarried woman. Homeland is writtten in what be termed the postcolonial narrative style, with interior monologues, interventions of the past into the present and alternative voices. The language is a judicious mix of Northern Gujarat rural dialect and standard Gujarati. This gives the novel a very authentic and contemporary edge.
Colours Caught in Mist
- Author Name:
Govind Mishra +1
- Book Type:

- Description: Colors Caught in Mist is the English translation of Govind Mishra's Hindi novel “Kohre Mein Quiad Rang,” showcasing considerable maturity and craftsmanship. The story unfolds about the past while being discussed in the present, creating a narrative that feels like a novel within a novel. In another creative twist, fiction intertwines with reality. The narrative juxtaposes two distinct time periods, where the innocent, traditional Saraswati is replaced by the modern, confident, and independent Reva, who critically reflects on the narrative thus far. Featuring both memorable and breakout characters, this work stands as a hallmark of contemporary Hindi fiction. It was awarded the Sahitya Academy Award in 2008.
Vaikalya
- Author Name:
Dr. Shireesh Gopal Deshpande
- Book Type:

- Description: वैकल्य अर्थात् विकलता। कुष्ठरोग पर आधारित हिंदी में संभवतः यह पहला क्लासिकल और मूल ललित शैली में लिखा गया उपन्यास है। इसने कुष्ठ रोगियों के पुनर्वास और उपचार को लेकर समाज में लोगों की आँखें खोलने का काम किया है। उपन्यास का कथानक अंतर्मन को छू लेता है। विषय बहुत ही हृदयस्पर्शी और दिलचस्प है। यह दो महापुरुषों के मौन संघर्ष की गाथा है। एक वह जो, समाजसेवी हैं, कुष्ठरोगियों के लिए आश्रम व्यवस्था की बात करते हैं, तो दूसरे वह, जो प्रख्यात डॉक्टर हैं, अस्पताल व्यवस्था की बात करते हैं और रोगियों का इलाज घर से ही होना चाहिए—इसका पुरजोर समर्थन करते हैं। कुल मिलाकर कुष्ठरोग को लेकर वैज्ञानिक और सामाजिक दृष्टिकोण के बीच की यह गहरी खाई सशक्त कथ्य के ताने-बाने से बुनी एक करुण-गाथा है। दोनों महापुरुषों की पत्नियों का अपने पति और उनके कार्य के प्रति त्याग और समर्पण की कहानी भी गजब की है। कुष्ठरोग को महारोग के नाम से भी जाना जाता है, जिसके प्रति लोगों के मन में कई प्रकार के भ्रम, भय और अंधविश्वासी भावनाएँ थीं। इस रोग के संसर्ग की स्थिति, टीके का आविष्कार, उपलब्ध दवाइयाँ, देश-विदेश के अनुसंधानकर्ताओं की मान्यताएँ, सरकारी रवैया, रोगियों का देश निकाला, पाप-पुण्य जैसे मुद्दों को लेकर यह उपन्यास वैचारिक द्वंद्व पेश कर जनजागरण की स्थिति पैदा करता है।
Metamorphosis
- Author Name:
Franz Kafka
- Book Type:

- Description: Metamorphosis is a classic novel by Franz Kafka, first published in 1915. It tells the strange and tragic story of Gregor Samsa, a traveling salesman who wakes up one morning to find himself transformed into a giant insect (often described as a bug, beetle, or cockroach). Gregor struggles with his new inhuman form, while his family—father, mother, and sister Grete—react with fear, shame, and frustration. Once the family's main provider, he becomes a burden, leading to neglect, isolation, and rejection. Over time, Gregor’s health declines, symbolizing themes of alienation, identity, family duty, and existential despair. This psychological and philosophical fiction remains one of the most influential works in world literature. Readers interested in classic literature, surreal stories, absurdist fiction, and thought-provoking themes will find Kafka’s novella haunting and unforgettable. Franz Kafka novel | Classic literature | Psychological fiction | Dark fiction books | Short classic novel | Philosophical fiction | Dystopian themes | Dark philosophy books
Kisani Ki Kahani: Beti Ke Liye
- Author Name:
Sorit Gupto
- Book Type:

- Description: किसान नहीं होंगे तो हम नहीं होंगे। खेती नहीं होगी तो ये शहर नहीं होंगे जहाँ हम उस विशाल आबादी से आँखें चुराए इत्मीनान से रहते हैं, जिस आबादी का सब कुछ खेती पर निर्भर है, वे लोग जो अन्न उगाते हैं, लेकिन अकसर खाली पेट सोते हैं, कर्ज लेते हैं और फिर आत्महत्या कर लेते हैं। हैरानी की बात है कि इतने महत्त्वपूर्ण क्षेत्र पर न तो नीति-निर्माताओं का फोकस है, न ही नागरिक चेतना का। ‘किसानी की कहानी : बेटी के लिए’ हमारा ध्यान उस ओर खींचती है, और एकदम अलग और नए ढंग से। किताबों, खबरों और निजी अनुभवों के माध्यम से आजादी से पहले और बाद के वक्तों पर नजर डालते हुए यह किताब भारतीय किसान और खेती की पीड़ा को हमारी सोच के केन्द्र में ला देती है।
Andhre Me Ujale Ki Kiran
- Author Name:
Madhur Kulshreshth
- Book Type:

- Description: MADHUR KULSHRESHTH New Novel
Roman Stories
- Author Name:
Jhumpa Lahiri
- Rating:
- Book Type:

- Description: In ‘The Boundary’, one family vacations in the Roman countryside, though we see their lives through the eyes of the caretaker’s daughter, who nurses a wound from her family’s immigrant past. In ‘P’s Parties’, a Roman couple, now empty nesters, finds comfort and community with foreigners at their friend’s yearly birthday gathering-until the husband crosses a line. And in ‘The Steps’, on a public staircase that connects two neighbourhoods and the residents who climb up and down it, we see Italy’s capital in all of its social and cultural variegations, filled with the tensions of a changing city: visibility and invisibility, random acts of aggression, the challenge of straddling worlds and cultures, and the meaning of home. These are splendid, searching stories, written in Jhumpa Lahiri’s adopted language of Italian and seamlessly translated by the author and by Knopf editor Todd Portnowitz.
Phirangi Thag
- Author Name:
Rajendra Chandrakant Rai
- Book Type:

- Description: Novel
Karm Path Par
- Author Name:
Aashish Kumar Trivedi
- Rating:
- Book Type:

- Description: novels
Karmeleena
- Author Name:
Damodar Mauzo +1
- Book Type:

- Description: Karmeleena- Damodar Mauzo's Award Winning Novel translated by S. M. Krishna Rao from Konkani to English.
The Girl With Unshed Tears And Other Short Stories
- Author Name:
Surya Bala
- Book Type:

- Description: Dr Suryabala is a highly established and widely acclaimed writer, endowed with creative talent, sensitivity and vision. The canvas of her writing encompasses villages, towns, metros and even foreign lands. She exhibits the open-mindedness required of a writer and rises above the narrow considerations of any particular ideology, class, or literary movement. Her creative genius thrives on newer milieus and themes with changing backgrounds and, consequently, enables her to break new ground in her stories and novels to bear the ever-present human afflictions and anguish. Stories in this collection draw inspiration from our inner emotions, which are far more profound, vigorous, comprehensive, and genuine than the ones we express. The anguish of deteriorating cultural and moral values pierces Suryabala to her very heart and is the main source of her creativity. Her craft and style of writing, enriched with lyrical language, are ever fresh and draw readers with their own magnetism.
Doo Dhap Aagan
- Author Name:
Dilip Kumar Jha
- Book Type:

- Description: दिलीप कुमार झा विशुद्ध जिज्ञासु रचनाकार छथि। समकालीन समाज केँ नस-नस चिन्हैत छथि। ओ यात्रीजीक कथन पर उचिते पूर्णतया उतरै छथि। दिलीपजी मैथिलीक जमीनी अभियानी छथि। ई उपन्यास तकर बेस उदाहरण अछि। यथार्थ आ कामना केँ एक टा छोट सन उपन्यास मे सफल बना देलनि। मनलग्गू तँ एहन जे हम एक बैसकी मे समाप्त क’ गेलहुँ। सब टा खूब नीक, पात्रोचित सहज भाषा छनि। —उषा किरण खान 'दू धाप आगाँ’ उपन्यास एहि रूपें उल्लेखनीय अछि जे, आइ जे समाज मे नहि अछि आ अहाँ चाहि रहल छी, त’ अपन संघर्ष बलें जेना सुधा करैत अछि ओना क’ सकैत छी। उपन्यास एहि बातक दृष्टि दैत अछि आ तकर प्रेरणा सेहो। वर्तमान समय मे शिक्षा-प्रणाली ओ राजनीतिक क्षेत्र दुनू विकृतिक चरम पर पहुँच गेल अछि। आब प्रश्न उठैत अछि जे एकरा ठीक कयल जा सकैत अछि? हमरा जनैत समकालीन साहित्यक यैह पैघ विशेषता छै जे ओ समाज मे घटित होइत घटना ओ स्थिति केँ देख मात्र विचलित नहि होइत अछि अपितु ओ समाज केँ प्रेरित करबाक लेल एहन संरचना करैत अछि जे समाज मे नहि अछि किंतु रचनाकार अपन रचना द्वारा ओहि स्थिति सँ उबरबाक लेल एक टा सुखद स्थितिक आयोजन करैत अछि। ओहि स्थिति केँ अनबाक लेल उपन्यासकार जाहि पात्र केँ ठाढ़ करैत छथि ओ एहि उपन्यास मे मुख्यरूप सँ सुधा छथि। हमरा जनैत आइयो सामाजिक परिस्थितिक परिवर्तन लेल नारी केँ आगू आनब कठिन अछि। —डा.शिवशंकर श्रीनिवास
Life Aajkal
- Author Name:
Alok Kumar
- Book Type:

- Description: ‘The चिरकुटस’ के लेखक लेकर आये हैं, नए ज़माने की कहानियाँ, कुछ अपनी और कुछ आपकी।इन कहानियों में प्यार भी है तो तकरार भी, दोस्ती भी है तो लड़ाई भी, विश्वास भी है तो धोखा भी, मिलन है तो जुदाई भी। किसी कहानी में वो लड़का भी है जो लड़कियों से बात करने में शर्माता है तो मुहल्ले की वो दीदी भी हैं जो समाज से लड़कर अपनी जिंदगी संवारने में लगी हैं। यहाँ दो दोस्त भी हैं जो एक ही लड़की से प्यार कर बैठते हैं तो वो लड़की भी जो दोस्ती में प्यार खोज रही है। वहीं एक बेटी है जो बेटा होने का फ़र्ज निभा रही है।लाइफ आजकल की कहानियाँ उन सपनों की भी हैं जो कभी तो पूरे होते हैं और कभी अधूरे ही रह जाते हैं।
Sanyasi Ke Naam Patra
- Author Name:
Neela Prasad
- Book Type:

- Description: पत्र अन्त:करण की ओर खुलने वाली खिड़कियाँ होते हैं। उनसे किसी व्यक्ति के जीवन और संसार के उस हिस्से का साक्षात्कार होता है जो उसके इतर जाहिर जीवन-संसार की ओट में रह गया होता है। इस तरह वे अज्ञात-अलक्षित को उद्घाटित करने का जरिया बनते हैं जो सम्बद्ध व्यक्ति के व्यक्तित्व और कृतित्व को समग्रता में समझने में सहायक होता है। ‘संन्यासी के नाम पत्र’ ऐसी ही एक पुस्तक है जिसके केन्द्र में हैं फ़ादर कामिल बुल्के। समर्पित मिशनरी और रामकथा और तुलसीदास के मान्य विशेषज्ञ ही नहीं, अंगरेजी-हिन्दी शब्दकोश के प्रणेता के रूप में भी उनकी कीर्ति से प्राय: लोग परिचित होंगे, लेकिन एक पुत्र, एक भाई, एक शिष्य और एक मित्र के रूप में उनके व्यक्तित्व की विशिष्टता से अधिकतर लोगों का परिचय नहीं होगा। कारण, भारत भूमि पर फ़ादर का आगमन ही तब हुआ जब वे मिशनरी हो चुके थे और उसके लिए आवश्यक नियम—परिवार से विदाई—का पालन कर चुके थे। यह संग्रह फ़ादर के संन्यासी बनने के बाद उनके परिजनों द्वारा उनको लिखे गए पत्रों का है जिसमें उनका पारिवारिक इतिहास और संन्यासी जीवन, दोनों के ऐसे प्रसंग सामने आते हैं जिनसे उनके दृढ़ और उदात्त व्यक्तित्व की झलक बार-बार मिलती है। इन पत्रों से यह भी पता चलता है कि फ़ादर के संन्यास ग्रहण करने का ‘दुख’ सहकर उनके परिवार ने किस प्रकार उनका सहयोग किया। जैसा कि उनकी माँ ने उन्हें सम्बोधित पत्र में लिखा है—हम लोगों के लिए जितना दुख मसीह ने उठाया था, उसकी तुलना में यह तो एक छोटी बात थी। (9 सितम्बर, 1931)
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book