Digant Ki Oar
(0)
Author:
Bipin Bihari Mishra, Sujata ShivenPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Contemporary-fiction₹
395
316 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
उम्र की ढलती साँझ में अपने गाँव में, अपने लोगों के बीच, अपने घर में रहने की इच्छा हरेक मनुष्य की होती है। ‘अपना घर’! कितना प्यारा शब्द है यह। लेकिन क्या सबको नसीब होता है। घर बनाने और बसाने में कितनी मुश्किलें आती हैं, यह किसी भी मध्यवित्त व्यक्ति का सबसे तल्ख़ और संजीदा अनुभव होता है।</p> <p>‘दिगन्त की ओर’ इन्हीं अनुभवों का प्रवाहपूर्ण भाषा में औपन्यासिक विस्तार है। यह जीवन और समाज की विडम्बनाओं और विद्रूपताओं पर तो प्रकाश डालता ही है, जीवन–संध्या में बुजुर्गों की उपेक्षाओं और उम्मीदों को भी रेखांकित करता है। ओड़िया भाषा के इस महत्त्वपूर्ण उपन्यास का सुजाता शिवेन द्वारा किया सर्जनात्मक अनुवाद निश्चय ही हिन्दी पाठकों को रुचिकर और पठनीय लगेगा, ऐसा हमारा विश्वास है।
Read moreDon’t Miss Out
Pick a membership and see exactly what it gets you
- 15 Free Deliveries
- 1 Free Book up to ₹500 MRP
- 0% off every book, every time
Subscribed already? Continue to your
benefits Login
You pay ₹1,499/Year
You will be auto-charged ₹1,499 every year. Cancel auto-charge anytime.
Benefits with Rachnaye Connoisseur
1 Free Physical Book up to ₹500 MRP
Personal Recommendations
15 Free Deliveries Per Year
Format:
Piracy Free
Express Delivery
Secure Payment
About the Book
उम्र की ढलती साँझ में अपने गाँव में, अपने लोगों के बीच, अपने घर में रहने की इच्छा हरेक मनुष्य की होती है। ‘अपना घर’! कितना प्यारा शब्द है यह। लेकिन क्या सबको नसीब होता है। घर बनाने और बसाने में कितनी मुश्किलें आती हैं, यह किसी भी मध्यवित्त व्यक्ति का सबसे तल्ख़ और संजीदा अनुभव होता है।</p>
<p>‘दिगन्त की ओर’ इन्हीं अनुभवों का प्रवाहपूर्ण भाषा में औपन्यासिक विस्तार है। यह जीवन और समाज की विडम्बनाओं और विद्रूपताओं पर तो प्रकाश डालता ही है, जीवन–संध्या में बुजुर्गों की उपेक्षाओं और उम्मीदों को भी रेखांकित करता है। ओड़िया भाषा के इस महत्त्वपूर्ण उपन्यास का सुजाता शिवेन द्वारा किया सर्जनात्मक अनुवाद निश्चय ही हिन्दी पाठकों को रुचिकर और पठनीय लगेगा, ऐसा हमारा विश्वास है।
Book Details
-
ISBN9788183610254
-
Pages118
-
Avg Reading Time4 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Bhoole-Bisre Chitra
- Author Name:
Bhagwaticharan Verma
- Book Type:

- Description:
एक महान् कृति, भारतीय समाज और परिवार के विकास की विविध दिशाओं और रूपों का एक विराट एवं प्रभावोत्पादक चित्र। -डॉ. एस.एन. गणेशन निकट अतीत के चित्रों का एक एलबम—वह अतीत जिसे वर्तमान पीढ़ी को न भूलना चाहिए और न जिससे विमुख ही होना चाहिए, क्योंकि उसी में हमारे नए जीवन का बीजारोपण हुआ था। परिवार के चित्रों के एलबम के विपरीत इस एलबम के चित्र धुँधले नहीं पड़े हैं, क्योंकि कैमरा एक ही रहा है। लैंसों का प्रयोग इस कुशलता से किया गया है कि चित्र बिल्कुल साफ़ और हूबहू अंकित हुए हैं, दूरी ने उन्हें धुँधला नहीं किया है, भावातिरेक या दुःख ने विकृत नहीं किया है। —जगदीशचन्द्र माथुर
Jane Eyer
- Author Name:
Sharlotte Bronte
- Book Type:

- Description:
प्राचीन साहित्य में नायिका का चित्रण प्रेम की प्रतिमा के रूप में, पति की छाया के रूप में, आज्ञाकारिणी दासी के रूप में ही हुआ है। अपवाद के रूप में नारी कभी-कभी कुटिल और दुष्टा के रूप में भी चित्रित हुई है, परन्तु बुद्धिमान, विवेकशील और पति को सही सलाह देनेवाली दृढ़ नारी का रूप साहित्य में कम ही देखने को मिलता ‘महाभारत’ की गांधारी को देखें...गांधारी जैसी विवेकशील नारी ने यदि पतिव्रत धर्म की ग़लत व्याख्या के कारण आँखों पर पट्टी न बाँधी होती, तो महाभारत की कथा आज दूसरी होती, नीति-निपुण मंदोदरी यदि उतनी विनम्र और सहनशील नहीं होती, और उसने वीर पुत्र और विवेकशील सम्बन्धियों को समझा-बुझाकर अपना पक्ष मज़बूत कर लिया होता, तो पराक्रमी रावण अपनी लालसा के कारण यूँ पूरे परिवार को नष्ट नहीं कर पाता। प्रस्तुत उपन्यास में नायिका जेन आयर के व्यक्तित्व के कई पहलू हमें देखने को मिलते हैं—प्रथम तो वीरांगना किशोरी; फिर एक विवेकशील संयमी नवयौवना, निष्ठावान और दृढ़ चरित्र की युवती और अन्त में शरीर की अपेक्षा आत्मा को महत्त्व देनेवाली एक परिपक्व स्त्री का रूप। जेन आयर में अपनी क्षमता पर विश्वास, अपने स्वतंत्र व्यक्तित्व की अनुभूति और उसके महत्त्व की समझ स्पष्ट दिखलाई पड़ती है। प्यार के ऊष्ण, पिघला देनेवाले प्रस्ताव के समक्ष भी वह विवेक का दामन नहीं छोड़ती और अपने व्यक्तित्व का गौरव बनाए रखने में सदा सजग रहती है। स्त्री-पुरुष समानता की प्रबल पक्षधर तथा नारी की आर्थिक स्वाधीनता की सशक्त समर्थक शार्लोट ब्रॉन्टे की बहुचर्चित-बहुप्रशंसित नायिका-प्रधान कृति है—जेन आयर।
Aklant Kaurav
- Author Name:
Mahashweta Devi +1
- Book Type:

- Description:
यह उपन्यास सामयिक वाम राजनीति के परस्पर विरोधी पक्षों के संघर्ष की प्रामाणिक दस्तावेज़ है और इतनी परिपक्व राजनीतिक सूझ-बूझ और प्रखर सामाजिक चेतना से ओतप्रोत कि वाम राजनीति की विचारधाराओं के घटाटोप आकाश के स्पष्ट दिशा-संकेत देता है। संथालों के जागुला गाँव में द्वैपायन सरकार का आगमन एक ऐसी थीसिस लिखने के लिए होता है, जिसका उद्देश्य संथालों की ताक़त और उनकी एकता को छिन्न-भिन्न करना है। वाम राजनीति के दक्षिणी छोर के स्थायी निवासी द्वैपायन सरकार किन्हीं अदृश्य शक्तियों से चालित होकर अक्सर इसी तरह के विषयों के अनुसन्धानकर्ता के रूप में प्रख्यात हैं, किन्तु अब उन्हें पहचान लिया गया है। युवा इन्द्र प्रामाणिक कलकत्ता के यूनियन फ़्रंट पर बड़े नेताओं के बदलते तेवर देखकर ईमानदारी से गाँव में काम करने के लिए आया है, किन्तु नवीन बाबू और मोती बाबू जैसे सजे-धजे काडरों का उसे नक्सल सिद्ध करने में कौन-सा मक़सद है? ईमानदार काडर और बेईमान काडर तथा छुटभैये कॉमरेडों के इस संघर्ष में संथालों को अपना विश्वसनीय पक्ष ढूँढ़ने में कोई कठिनाई नहीं होती। यह उपन्यास पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा खेतिहर भूमि के बँटवारे के लिए चलाए गए ‘ऑपरेशन बर्गा’ के लाभों से वंचित आदिवासी जातियों की संघर्ष-गाथा है। न्याय की लड़ाई का प्रामाणिक दस्तावेज़ है।
God Is A Gamer
- Author Name:
Ravi Subramanian
- Book Type:

- Description:
गॉड इज अ गेमर’ एक दिलचस्प कहानी है, जो पाठक को मुंबई की गलियों से गोवा के समुद्र तट तक और वॉशिंगटन की आलीशान इमारतों से न्यूयॉर्क की वित्तीय राजधानी तक ले जाती है। एक ऐसी कहानी, जो पाठक को अज्ञात स्थानों की, जिन्हें किसी ने नहीं देखा, सैर कराती है, लेकिन उनका एहसास कइयों ने किया है—वह स्याह वेब। इंटरनेट का नाजुक हिस्सा। और इन सबके बीच, मानव भावनाओं की एक कहानी है। एक पिता, जिसका बेटा लौट आता है, एक राजनेता जो बेबाक है, एक बैंक का सीईओ, जिसे एक राज सीने में दफन रखना है। इस दलदल में फँसा है एक पुराना बैंकर, जिसकी गेमिंग कंपनी तबाह होनेवाली है; एक बीस वर्षीय जोड़ा, जो प्यार की तलाश में है; और एक एफबीआई एजेंट, जो अपने परिवार को भूलने के लिए अपने आपको काम में डुबो देना चाहता है। इन सारी कहानियों के बीच बुनी गई है बिटकॉयन्स की कहानी—वह आभासी मुद्रा, जिसने दुनिया में तहलका मचा दिया है। अगर इस किताब के कुछ हिस्से आपको डरा दें, दहशत पैदा कर दें और आपको ऐसा लगे कि क्या वास्तव में ऐसी बातें होती हैं तो यकीन मानिए, इस किताब के कई चौंका देनेवाले क्षण वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित हैं। रहस्य, रोमांच और सर्वशक्तिमान ईश्वर की उपस्थिति का प्रतिपल अहसास करानेवाला अत्यंत पठनीय उपन्यास।
Naya Nagar
- Author Name:
Tasneef Haidar +1
- Book Type:

- Description:
ये नया नगर है जहाँ सड़क पर आँखों के सामने हुए एक्सीडेंट को लोग उतनी जल्दी तवज्जो नहीं देते जितनी जल्दी अचानक कानों में पड़ गए किसी शे'र और वाह-वाह को देते हैं। ग़ज़लें यहाँ परिन्दों की तरह उड़ती हैं, बरसाती पानी की तरह गलियों में बहती हैं और जहाँ चाहे वहाँ बैठकर नशिस्त जमा देती हैं। यहाँ जो लोग हैं, वे शायरी को ईमान की तरह जीते हैं; ऐसा अक्सर नहीं होता कि ज़िन्दगी की बाहरी ज़रूरतें उन्हें भटकाकर किसी दफ़्तर में ले जाकर बिठा दें; बिठा भी दें तो वहाँ से उठाकर वे फिर किसी शे'री नशिस्त में आकर बैठ जाते हैं; या किसी रेस्तराँ या चाय की टपरी पर जम जाते हैं। ये कहानी इसी नगर की है। उर्दू के सुपरिचित युवा शायर-कथाकार तसनीफ़ हैदर का यह उपन्यास हिन्दी पाठकों को एक ताज़ा हवा की तरह महसूस होगा। कहानी की रवानी और तंज़-ओ-मिज़ाह की तुर्श छौंक के साथ यह कहानी पढ़नेवाले को बाँध लेती है। और हाँ क्योंकि यह नगर ग़ज़लों से बसा है तो इसमें उर्दू शायरी से जुड़ी कुछ तकनीकी पेचीदगियाँ भी आपको जानने को मिलेंगी, कुछ क़िस्से और बहसें भी, मुस्लिम समाज के सामाजिक-आर्थिक हालात भी; मौजूदा भारतीय राजनीति के हवाले भी; और हाँ मुहब्बत का एक नाकाम क़िस्सा भी।
Chhavigriha Mein Andhera Hai
- Author Name:
Sunil Gangopadhyay +1
- Book Type:

- Description:
बंगला-साहित्य के मूर्धन्य रचनाकार सुनील गंगोपाध्याय की यह कृति उनके महत्त्वपूर्ण औपन्यासिक रचनाओं में शुमार है। इसमें दो परिवारों की कहानी समानान्तर धाराओं में चलती है। एक परिवार पूँजीपति शिवशंकर लाहिड़ी का है जिसने अपने एक सिनेमा हॉल को अपनी ज़िद के कारण बन्द कर दिया है और हड़ताली कर्मचारियों के आगे झुकने को किसी भी हालत में तैयार नहीं है। दूसरी कहानी उसी सिनेमा हॉल के एक कर्मचारी रमेश मुखर्जी के परिवार की है जो इस हड़ताल के कारण खाने-पीने की बुनियादी सुविधाओं के लिए मोहताज है। लेकिन विडम्बना यह है कि दोनों के बेटे अपने-अपने पिताओं से झगड़ा करके अलग रह रहे हैं। लेखक ने इस दोनों परिवारों की स्थितियों के तनाव को इतने संवेदनशील रूप से रचा है कि वह पाठकों में एक रचनात्मक बेचैनी भर देता है। इन दोनों परिवारों की कहानियों के बीच धीमी मगर विरल लय में एक प्रेम कहानी की अन्तःसलिल धारा बढ़ रही है जो मीठी आँच की तरह प्यारी और सुखद लगती है। स्थितियों, चरित्रों और घटनाओं का रचनात्मक संयोजन पाठकों को अपने बहाव में इस तरह लिए चलता है कि पाठक इस कृति को एक ही बैठक में पूरा पढ़ जाना चाहेंगे, ऐसा हमारा विश्वास है।
Ek Zameen Apni
- Author Name:
Chitra Mudgal
- Book Type:

- Description:
विज्ञापन की चकाचौंध दुनिया में जितना हिस्सा पूँजी का है, शायद उससे कम हिस्सेदारी स्त्री की नहीं है। इस नए सत्ता-प्रतिष्ठान में स्त्री अपनी देह और प्रकृति के माध्यम से बाज़ार के सन्देश को ही उपभोक्ता तक नहीं पहुँचाती, बल्कि इस उद्योग में पर्दे के पीछे एक बड़ी ‘वर्क फ़ोर्स’ भी स्त्रिायों से ही बनती है। ‘एक ज़मीन अपनी’ विज्ञापन की उस दुनिया की कहानी भी है जहाँ समाज की इच्छाओं को पैना करने के औज़ार तैयार किए जाते हैं और स्त्री के उस संघर्ष की भी जो वह इस दुनिया में अपनी रचनात्मक क्षमता की पहचान अर्जित करने और सिर्फ़ देह-भर न रहने के लिए करती है। आठवें दशक की बहुचर्चित कथाकार चित्रा मुद्गल ने इस उपन्यास में उसके इस संघर्ष को निष्पक्षता के साथ उकेरते हुए इस बात का भी पूरा ध्यान रखा है कि वे सवाल भी अछूते न रह जाएँ जो विज्ञापन-जगत की अपेक्षाकृत नई संघर्ष-भूमि में नारी-स्वातंत्र्य को लेकर उठते हैं, उठ सकते हैं।
Chaturang (Raj)
- Author Name:
Ravindranath Thakur +1
- Book Type:

- Description:
‘चतुरंग’ मूलत: जीवन के प्रयोजनों और उनकी उपलब्धि के बीच अनिर्णीत संघर्ष का कथा-प्रयोग है। अब तक हुई तमाम बौद्धिक व्याख्याओं की पहुँच के परे इस संघर्ष का प्रारम्भ कहीं भौतिक परिवेश में दिखाई देता है, कहीं तर्क और विवेक की जुगलबन्दी में और कहीं मनो-जगत में पलती आत्म-प्रताड़णा में; और तीनों ही स्रोतों से यह हमारे आधुनिक विचार-जगत में प्रवेश करता दिखता है। शचीश, श्रीविलास, दामिनी और लीलानन्द स्वामी इसे अपने-अपने स्तर पर जीते हैं—अध्यात्म और भक्ति के दिशाहारा आवेग में, दैहिक प्रेम की तृषार्त-भीरु गुफाओं में, जीवन के भीतर, जीवन के बाहर, प्रभंजन के व्यामोह से घिरे-घिरे। ताऊ जी (जगमोहन) इस कथा को रवीन्द्रनाथ की तत्कालीन सामाजिक चिन्ताओं से जोड़ते हैं, देहरी लाँघने की व्याकुलता तक।
Rah Dar Badar
- Author Name:
Govind Mishra
- Book Type:

- Description:
‘राह दर बदर’ गोविन्द मिश्र का नया उपन्यास है जिसे हम उपन्यास विधा के सन्दर्भ में भी एक ‘नया उपन्यास’ कह सकते हैं। जो चीज़ इसे एक औपन्यासिक कृति बनाती है वह किसी एक पात्र की केन्द्रीय अथवा आद्योपान्त उपस्थिति नहीं बल्कि एक ‘थीम’ का क्रमशः विकास है। इस थीम का ताल्लुक़ भारतीय स्त्री से, उसके अस्मिता-बोध की पिछली आधी सदी से भी ज़्यादा लम्बी यात्रा से है। गोविन्द मिश्र स्वयं इसे ‘मध्यवर्गीय भारतीय नारी की अन्तश्चेतना का 1940 से 2020 तक का क्रमिक विकास’ कहते हैं और यह भी कि इसी के चलते यह कृति जितनी साहित्यिक है, उतनी ही समाजशास्त्रीय भी। भारतीय स्त्री ने पिछली सदी के उत्तरार्द्ध और मौजूदा सदी के अब तक के वर्षों में एक लम्बा सफ़र अपने भीतर भी किया है, और समाज के सार्वजनिक स्पेस में भी। परिवार और विवाह के स्वरूप में भी काफ़ी बदलाव आया है, लेकिन शायद उतना नहीं, जितना गुणात्मक परिवर्तन भारतीय स्त्री की प्राथमिकताओं में आया है। यह उपन्यास इस परिवर्तन की धारा को रेखांकित करते हुए भविष्य के विषय में भी कुछ प्रश्न छोड़ता है, जो स्त्री के साथ समाज के लिए भी विचारणीय हैं, और पुरुष के लिए भी। एक दिलचस्प और विचारोत्तेजक कथा-कृति!
Mantra-Viddh
- Author Name:
Rajendra Yadav
- Book Type:

- Description:
‘मंत्र-विद्ध’ प्यार की खुरदरी कहानी है—आज की मूर्तिकला की तरह... तारक और सुरजीत कौर के बीच एक तीसरा ‘व्यक्ति’ और है, और वह है प्यार! तारक अपने को समझाते हुए, दूसरे आदमी की निग़ाह से सारी स्थिति को देखता है और स्वयं आतंकित रहता है कि क्या सचमुच वीरता का वह क्षण उसी ने धारण किया था...क्षण अथवा आवेश-भरे दबाव का शायद एक ऐसा विस्फोट, जिसका अनुभव केवल कायर ही कर सकता है। यानी परम वीरता के काम पक्के कायर के सिवा कोई दूसरा नहीं कर सकता! प्यार जैसे रिश्ते और मानवीय आशा-आकांक्षा के साथ प्रायः ही उठ खड़े होने वाले द्वन्द्व का एक अलग ही कोण दिखाती है यह कथाकृति। तारक स्वयं को जिस रूप में प्रस्तुत करता है, वास्तव में वह उसके विपरीत है अर्थात भीरु, शंकालु और जिम्मेदारियों से भागने वाला। उसके विपरीत स्वाभिमानी और जिम्मेदार सुरजीत सामन्ती घुटन से मुक्ति के लिए तारक का साथ स्वीकार करती है और अपनी शक्ति और अभावों की तरफ से आँखें मूँदकर प्रेम को हासिल कर लेने का स्वप्न देखती है। परस्पर विपरीत ध्रुवों की नजदीकी का यह त्रासद यथार्थ इस उपन्यास को प्रेम और व्यक्ति-सम्बन्धों के बारे में एक भिन्न ही कोण से सामने लाता है। अपने समय का एक चर्चित उपन्यास।
Agyeya Ke Uddharan
- Author Name:
Sachchidananda Hirananda Vatsyayan 'Ajneya' +1
- Book Type:

- Description:
अज्ञेय का लेखन इतना विपुल और वैविध्यपूर्ण है कि उसमें से उद्धरणों के एक चयन की बात सोचते ही पहला सवाल तो उसकी क्रम-प्रक्रिया को लेकर ही सामने आया। लगभग सभी साहित्यिक विधाओं में उत्कृष्ट लेखन के साथ-साथ अज्ञेय ने मानव-जीवन और समाज से जुड़ी सभी समस्याओं पर भी स्वतन्त्र रूप से सम्यक् विचार किया है। अज्ञेय के लिए न केवल साहित्य बल्कि पूरा मानव-जीवन ही मूल्यान्वेषण की प्रक्रिया है। इस क्रम से आरम्भ करने पर सहज ही केन्द्रीय मूल्य स्वतन्त्रता और उनसे जुड़े सवालों को अलगे चरण में रख पाना उचित लगा और साहित्य क्योंकि मूल्यान्वेषण की प्रक्रिया है, अत: भाषा, साहित्य आदि से जुड़े चिन्तन से चयन किये जाने वाले उद्धरणों का क्रम भी तय हो गया। इस चयन से गुज़रते हुए पाठक को यह महसूस हो सकता है कि अज्ञेय जब किसी दार्शनिक या तर्कशास्त्रीय गुत्थी पर भी विचार करते हैं तो उनका चिन्तन अधिकांशत: किसी अकादेमिक दार्शनिक की तरह का नहीं, बल्कि एक संवेदनात्मक दृष्टि, या कहें कि कवि-दृष्टि से किया गया चिन्तन होता है। अज्ञेय का चिन्तन कवि-दृष्टि का चिन्तन है, अकादेमिक नहीं। शायद, इसलिए इस कवि-दृष्टि के विमर्शात्मक चिन्तन और कविताओं के बीज-संवेदन का अहसास भी सुधी पाठकों को हो सकेगा। पाठक यदि चयन की इन मोटी रेखाओं के सहारे अज्ञेय के चिन्तन और कवि-कर्म की विपुलता, विविधता और सूक्ष्मता में प्रवेश करने की प्रेरणा पा सकें, तो यही इस चयन की सार्थकता होगी। अज्ञेय के कवि-कर्म और चिन्तन के द्वन्द्वों-समाधानों और प्रक्रियाओं-निष्कर्षों में ऐसा बहुत कुछ है जो किसी भी समय के लेखक-पाठक के लिए सदैव प्रासंगिक रहेगा। —प्रस्तावना से
Mediyaya Namah
- Author Name:
Girish Pankaj
- Book Type:

- Description:
मीडिया की आधुनिक दुनिया निश्चित रूप से अनेक विकृतियों से भरी हुई है। कुछ अखबारी चेहरे भले ही नायक जैसी लगें, लेकिन उनके पीछे एक खलनायक छुपा होता है। गिरीश पंकज ने मीडिया की कुछ खामियों को उजागर करने का सार्थक प्रयास किया है। गिरीश पिछले तीस वर्षों से मीडिया से जुड़े हैं। इससे पहले, उन्होंने 'मिठलबरा की आत्मकथा’ नामक उपन्यास लिखा, जो तेलुगु और ओडिया भाषाओं में भी अनूदित हुआ है। यह व्यंग्य उपन्यास इसलिए खास है क्योंकि यह सिर्फ कहने का व्यंग्य नहीं है, बल्कि शुरू से अंत तक उसमें व्यंग्य का तत्व निरंतर रहता है। इसकी भाषा रंजक, व्यंग्यपूर्ण, बेबाक और पाठक को बांधे रखने वाली है। कभी-कभी भाषा कुछ खुली-खुली भी लग सकती है, पर पूरी तरह से मर्यादित है। इस तरह के व्यंग्य उपन्यासों में अक्सर व्यंग्य खोजना पड़ता है, लेकिन ‘मीडियाय नमः’ में कहीं- कहीं व्यंग्य का समावेश हर कदम पर है। मुझे पूरा भरोसा है कि गिरीश का यह नया व्यंग्य उपन्यास बाजारवादी मीडिया के संकीर्ण, समझौता-प्रधान चेहरे को जानने में मदद करेगा।
Mahashweta
- Author Name:
Tarashankar Bandyopadhyay
- Book Type:

- Description:
सुविख्यात बांग्ला उपन्यासकार ताराशंकर बंद्योपाध्याय की यह पुस्तक कथावस्तु और रचना-शिल्प की दृष्टि से एक अनूठी और मार्मिक कथाकृति है। माता-पिताविहीन नीरजा नामक एक बालिका का जैसा चरित्र-चित्रण यहाँ हुआ है, वह सिर्फ़ तारा बाबू जैसे कथाकार ही कर सकते हैं। पशुवत् मनुष्यों के लोभ, कुत्सा और समाज की कुरूपताओं से अनथक संघर्ष करती हुई नीरजा मानो तेजोद्दीप्त भारतीय नारी का प्रतीक बनकर उभरती है, जिसमें परदुख-कातरता भी है और उसके लिए आत्मोत्सर्ग की भावना भी। एक ओर वह अनाचार से जूझने के लिए जलती हुई मशाल है, तो दूसरी ओर उसके अन्तर में प्रेम की अन्तःसलिला प्रवाहित हो रही है। नारी की आत्मनिर्भरता उसके जीवन का मूलमंत्र है, जिसे वह सम्मानपूर्वक जीने की पहली शर्त मानती है। वस्तुतः तारा बाबू ने इस उपन्यास में स्थितियों और परिवेश को नाटकीयता प्रदान करके विलक्षण प्रभाव उत्पन्न किया है।
Baandi
- Author Name:
Bhairavprasad Gupt
- Book Type:

- Description:
प्रस्तुत उपन्यास ह्रासशील सामन्तवाद को उसके सम्पूर्ण घिनौने पहलुओं के साथ, बड़ी बारीकी से हमारे समक्ष पेश करता है। इस ह्रासशील सामन्तवाद को उसकी सारी सड़ांध के साथ हम बड़े सरकार के चरित्र, उनके क्रियाकलापों, जो उनके अन्तःपुर से लेकर बाहर के परिवेश तक फैले हुए हैं, सामन्ती साम्राजी साँठ-गाँठ और उसके शिकार साधारण जनों की ज़िन्दगी तथा नरक की इस ज़िन्दगी से मुक्त होने की उनकी कोशिशों तथा मुक्त न हो पाने की स्थिति में उनकी छटपटाहट, प्रतिहिंसा आदि में देखते हैं। भैरव जी ने इस सारे परिदृश्य को यथार्थ के सही आलोक में बारीकी के साथ देखा और चित्रित किया है।
Arrowsmith
- Author Name:
Sinclair Lewis +1
- Book Type:

- Description:
Arrowsmith is an early major novel dealing with the culture of science. It was written in the period after the reforms of medical education flowing from the Flexner Report on Medical Education in the United States and Canada: A Report to the Carnegie Foundation for the Advancement of Teaching, 1910, which had called on medical schools in the United States to adhere to mainstream science in their teaching and research. Arrowsmith is a Nobel Award-winning novel by Vishwa Classic Books Translated into Hindi.
Ek Doctor Ki Kahani
- Author Name:
Mamta Kaliya +1
- Book Type:

- Description:
‘एक डॉक्टर की कहानी’ दरअसल जया की कहानी है और उसके देखे-महसूस किये जीवन की। जैसे जीवन का एक आम-सा चलचित्र एक फ़्रेम में विशिष्ट हो उठा हो। एक मध्यवर्गीय परिवार की लड़की जया अपनी पढ़ाई, विद्यार्थी जीवन और युवा सपनों की यात्रा करते हुए एक दिन गिनेस से मिलती है, और माँ-पिता की असहमति के बावजूद उससे शादी कर लेती है। गिनेस का सम्बन्ध भारतीय मूल के एक मॉरीशसवासी परिवार से है। दिल्ली में वह अपने अध्ययन के लिए एक अस्पताल में कार्यरत है। अत्यन्त संप्रेषणीय और रोचक ढंग से लिखी हुई इस कथा में हमें मुख्य रूप से अस्पताल के भीतर की ज़िन्दगी के दर्शन होते हैं जिन्हें ममता जी ने बहुत सूक्ष्म ऑब्ज़र्वेशन के साथ उकेरा है। डॉक्टरों का निर्मम और स्वार्थी रवैया, पैसे का लोभ, मरीजों की बेबसी, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का जीवन आदि का एक कैलाइडोस्कोपिक विवरण हमें इस उपन्यास में मिलता है। गिनेस इस सबमें शामिल नहीं है, वह एक कर्तव्यनिष्ठ और संवेदनशील डॉक्टर है लेकिन अपने काम के प्रति उसका यह निष्ठा-भाव जया को कई बार अकेला-सा कर जाता है। सबकुछ अच्छा होने के बावजूद जया को लगता है कि उसके पास वही नहीं रह गया जिसकी ज़रूरत उसे सबसे ज़्यादा है। दिल्ली और मॉरीशस का भूगोल इस उपन्यास को एक अलग आस्वाद प्रदान करता है।
Narak Dar Narak
- Author Name:
Mamta Kaliya +1
- Book Type:

- Description:
‘नरक-दर-नरक’ ममता कालिया के चर्चित उपन्यासों में से एक है। अपने समय का सांगोपांग चित्रण करने वाली यह रचना पाठकों और आलोचकों दोनों की प्रिय रही है। उपन्यास के केन्द्र में जगन और उषा हैं जो एक तरह से आज़ादी के बाद पैदा हुई युवा पीढ़ी का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। अच्छा रोज़गार और बेहतर जीवन उनके ऐसे सपने हैं जो अपनी योग्यता के बावजूद उन्हें अपनी पहुँच से दूर दिखाई देते हैं। प्रेम और उसके बाद तुरन्त ही शादी के बाद उनका प्यार ही है जो उन्हें राहत देता है, नहीं तो जगन के कॉलेज में वहाँ की राजनीति, मामूली-सी तनख़्वाह और उषा के सामने घर को सँभालने की चुनौती उन्हें तनाव में ही रखती है। हारकर वे मुम्बई से इलाहाबाद आते हैं और वहाँ जगन एक प्रेस शुरू करता है। लेकिन चुनौतियाँ यहाँ भी कम नहीं। नया शहर, नया काम और फिर एक बच्चा भी उनके जीवन में आ जाता है। दाम्पत्य जीवन और सामाजिक–राजनीतिक तनावों को यह उपन्यास अत्यन्त कुशलता से चित्रित करता है। भाषा की चुस्ती, संवाद और सूक्ष्म मनोभावों का अंकन कहीं भी पाठक को भटकने नहीं देता।
Purnamadah
- Author Name:
Saroj Kaushik
- Book Type:

- Description:
प्रेम की न कोई भाषा होती है, न परिभाषा, न सीमाएँ उसे सीमित करती हैं, न दूरियाँ उसे ओझल करती हैं, वह दूरी जीवन और मृत्यु भी क्यों न हों! ‘पूर्णमिदम्’ के बाद सरोज कौशिक का यह उपन्यास ‘पूर्णमदः’; अलग-अलग होते हुए भी ये दोनों उपन्यास एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। वह अध्यात्म के आलोक में प्रकाशमान, तो यह जीवन के संघर्षों ने बीच के पवित्र दीप को अपने सचेत आत्मबोध की ओट में बचाते हुए एक सघन यात्रा। ‘पूर्णमदः’ में पीड़ा है, अतीत के दुखते घाव हैं, स्मृति में कौंधती विविधवर्णी छवियाँ हैं, चहुँओर व्याप्त कालिमा में अपने अन्तस की पवित्रता को निष्कलंक रखते अपने मूल्यों को बचाने का संघर्ष है; और जीवन तथा समाज में मनुष्य की आत्मा को कचोटतीं, खोखला करतीं अपूर्णताओं के बरक्स पूर्ण को बचाने और अगली पीढ़ियों के लिए संरक्षित रखने की कामना है। भावनाओं के सघन चित्रों से परिपूर्ण एक पठनीय औपन्यासिक कृति।
Vaikalya
- Author Name:
Dr. Shireesh Gopal Deshpande
- Book Type:

- Description:
वैकल्य अर्थात् विकलता। कुष्ठरोग पर आधारित हिंदी में संभवतः यह पहला क्लासिकल और मूल ललित शैली में लिखा गया उपन्यास है। इसने कुष्ठ रोगियों के पुनर्वास और उपचार को लेकर समाज में लोगों की आँखें खोलने का काम किया है। उपन्यास का कथानक अंतर्मन को छू लेता है। विषय बहुत ही हृदयस्पर्शी और दिलचस्प है। यह दो महापुरुषों के मौन संघर्ष की गाथा है। एक वह जो, समाजसेवी हैं, कुष्ठरोगियों के लिए आश्रम व्यवस्था की बात करते हैं, तो दूसरे वह, जो प्रख्यात डॉक्टर हैं, अस्पताल व्यवस्था की बात करते हैं और रोगियों का इलाज घर से ही होना चाहिए—इसका पुरजोर समर्थन करते हैं। कुल मिलाकर कुष्ठरोग को लेकर वैज्ञानिक और सामाजिक दृष्टिकोण के बीच की यह गहरी खाई सशक्त कथ्य के ताने-बाने से बुनी एक करुण-गाथा है। दोनों महापुरुषों की पत्नियों का अपने पति और उनके कार्य के प्रति त्याग और समर्पण की कहानी भी गजब की है। कुष्ठरोग को महारोग के नाम से भी जाना जाता है, जिसके प्रति लोगों के मन में कई प्रकार के भ्रम, भय और अंधविश्वासी भावनाएँ थीं। इस रोग के संसर्ग की स्थिति, टीके का आविष्कार, उपलब्ध दवाइयाँ, देश-विदेश के अनुसंधानकर्ताओं की मान्यताएँ, सरकारी रवैया, रोगियों का देश निकाला, पाप-पुण्य जैसे मुद्दों को लेकर यह उपन्यास वैचारिक द्वंद्व पेश कर जनजागरण की स्थिति पैदा करता है।
Kailas Mein Golmaal
- Author Name:
Satyajit Ray
- Book Type:

- Description:
महान फ़िल्मकार और अनूठे कथाकार सत्यजित राय के चर्चित जासूस किरदार फेलूदा का एक लोमहर्षक कारनामा है— ‘कैलास में गोलमाल’। इस बहुचर्चित उपन्यास में फेलूदा का सामना होता है प्राचीन मूर्तियों की तस्करी करनेवालों से। भुवनेश्वर के एक प्रसिद्ध मन्दिर से यक्षिणी की मूर्ति के मस्तक गायब होने की घटना से शुरू हुआ यह मामला उस वक्त बेहद पेचीदा हो जाता है, जब सम्भावित तस्कर वस्तुतः एक जासूस निकलता है। रहस्य-रोमांच के बेहद चक्करदार रास्तों से होकर गुजरती इस कथा में भरपूर रोमांच और मनोरंजन तो है ही, देश की ऐतिहासिक और कलात्मक धरोहर के संरक्षण तथा उसके प्रति प्रेम का सन्देश भी निहित है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book