Naya Nagar
Author:
Tasneef HaidarPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Contemporary-fiction0 Ratings
Price: ₹ 200
₹
250
Available
ये नया नगर है जहाँ सड़क पर आँखों के सामने हुए एक्सीडेंट को लोग उतनी जल्दी तवज्जो नहीं देते जितनी जल्दी अचानक कानों में पड़ गए किसी शे'र और वाह-वाह को देते हैं। ग़ज़लें यहाँ परिन्दों की तरह उड़ती हैं, बरसाती पानी की तरह गलियों में बहती हैं और जहाँ चाहे वहाँ बैठकर नशिस्त जमा देती हैं।
यहाँ जो लोग हैं, वे शायरी को ईमान की तरह जीते हैं; ऐसा अक्सर नहीं होता कि ज़िन्दगी की बाहरी ज़रूरतें उन्हें भटकाकर किसी दफ़्तर में ले जाकर बिठा दें; बिठा भी दें तो वहाँ से उठाकर वे फिर किसी शे'री नशिस्त में आकर बैठ जाते हैं; या किसी रेस्तराँ या चाय की टपरी पर जम जाते हैं।
ये कहानी इसी नगर की है।
उर्दू के सुपरिचित युवा शायर-कथाकार तसनीफ़ हैदर का यह उपन्यास हिन्दी पाठकों को एक ताज़ा हवा की तरह महसूस होगा। कहानी की रवानी और तंज़-ओ-मिज़ाह की तुर्श छौंक के साथ यह कहानी पढ़नेवाले को बाँध लेती है।
और हाँ क्योंकि यह नगर ग़ज़लों से बसा है तो इसमें उर्दू शायरी से जुड़ी कुछ तकनीकी पेचीदगियाँ भी आपको जानने को मिलेंगी, कुछ क़िस्से और बहसें भी, मुस्लिम समाज के सामाजिक-आर्थिक हालात भी; मौजूदा भारतीय राजनीति के हवाले भी; और हाँ मुहब्बत का एक नाकाम क़िस्सा भी।
ISBN: 9789360861797
Pages: 160
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Bakari Aur Bagh
- Author Name:
Pramod Kumar Pathak
- Book Type:

- Description: भारत में लोककथाओं की पुरानी परम्परा रही है। कुछ वर्षों पूर्व तक वह श्रुति साहित्य के रूप में प्रचलन में था लेकिन हाल के वर्षों में विभिन्न अंचलों की लोककथाओं को संग्रहीत कर पुस्तकाकार रूप दिया जा रहा है। यह पुस्तक भी उसी की एक कड़ी है। इसमें पंडित जी का विचार, बकरी और बाघ, किसान की किस्मत, चतुर नौवे की दुर्गति और चालाक कौवा जैसी कुछ रुचिकर लोककथाएँ संकलित की गई हैं।
I Wish You Were Not Here
- Author Name:
Deepshikha Saw
- Rating:
- Book Type:

- Description: An aspiring tennis player in her 20’s returns from her tournament only to realise that the world is fighting a pandemic. A lockdown that started as a 21-day thing changes the next two years of her life. Caged within the four walls, she decides to pursue a career completely different from a sportsperson. Observing the world adapt to the unexpected changes, she starts writing diary entries. Reconnecting with old friends, learning new things, and exploring her new self, she keeps herself busy. But with the celebration of the new year, a new variant emerges, and she is left thinking if it is the new normal. Will she ever get to play tournaments again? Will her life be back to normal?
Deepavirada Daariyalli
- Author Name:
Sushanth Kotiyan
- Rating:
- Book Type:

- Description: ದೀಪವಿರದ ದಾರಿಯಲ್ಲಿ-ಈ ಕಾದಂಬರಿಯನ್ನು ಲೇಖಕ ಸುಶಾಂತ ಕೊಟ್ಯಾನ್ ಅವರು ರಚಿಸಿದ್ದಾರೆ. ಸಾಹಿತಿ ಡಾ. ಪುರುಷೋತ್ತಮ ಬಿಳಿಮಲೆ, ಕೃತಿಗೆ ಮುನ್ನುಡಿ ಬರೆದು ‘ಸಲಿಂಗರತಿಯಂಥ ವಸ್ತುವನ್ನು ಆಯ್ದುಕೊಂಡ ಕಾದಂಬರಿಯು ಓದುಗರನ್ನು ಬೌದ್ಧಿಕವಾಗಿ ಬೆಳೆಸುತ್ತದೆ. ಪ್ರಸ್ತುತ ಕಾದಂಬರಿಯ ನಾಯಕನಾದ ಸುಕೇಶನೂ ಒಬ್ಬ ಸ್ತ್ರೀ ವೇಷಧಾರಿ. ಇಡೀ ಕಾದಂಬರಿಯನ್ನು ಅವನ ಸುತ್ತಲೇ ಕಟ್ಟಿ ಬೆಳೆಸಲಾಗಿದೆ. ಹಾಗೆ ಕಟ್ಟುವಾಗ, ಸುಕೇಶನೊಳಗಿನ ಹೆಣ್ತನದ ಸೂಕ್ಷ್ಮಗಳಿಗೆ ಗೌರವ ತಂದುಕೊಡಲಾಗಿದೆ ಮತ್ತು ಅವನನ್ನು ಲೈಂಗಿಕವಾಗಿ ಶೋಷಿಸುವವರನ್ನು ಬಯಲುಗೊಳಿಸಲಾಗಿದೆ. ಇವುಗಳ ನಡುವೆ ಐಉಃಖಿಕಿ ನ ಹಲವು ಸಂಕೀರ್ಣ ಮುಖಗಳು ಕಾದಂಬರಿಯಲ್ಲಿ ಅನಾವರಣಗೊಳ್ಳುತ್ತಾ ಓದುಗರನ್ನು ಶೈಕ್ಷಣಿಕವಾಗಿಯೂ ಬೆಳೆಸುತ್ತದೆ. ‘ದೀಪವಿರದ ಕತ್ತಲ ದಾರಿಯಲ್ಲಿ ಒಂಟಿಯಾಗಿ ನಿಂತಿದ್ದನು ಸುಕೇಶ. ಅವನು ಇಷ್ಟರವರೆಗೆ ಬಯಸಿದ ಬದುಕವನಿಗೆ ದೊರೆಯಲೇ ಇಲ್ಲ. ಅಷ್ಟೊತ್ತಿಗೆ ಮೂಡಣದಲ್ಲಿ ಮೇಲೇರಿದ್ದ ರವಿ ತನ್ನ ಹೊಂಗಿರಣದ ಹೊಂಬೆಳಕನ್ನು ಭುವಿಯೆಡೆಗೆ ಚೆಲ್ಲಿದ್ದನು. ಟ್ಯಾಕ್ಸಿ ನಿಧಾನವಾಗಿ ಮುಂದಕ್ಕೆ ಚಲಿಸಿತ್ತು. ಸುಕೇಶ ಅಂಧಕಾರದ ಬದುಕಿನಲ್ಲಿ ಬೆಳಕಿಗಾಗಿ ಅರಸುತ್ತಿದ್ದನು. ಅಂತ್ಯವಿಲ್ಲದ ಕತೆಯ ಆರಂಭ ಅವನ ಬದುಕಿನಲ್ಲಿ ಇದೀಗ ಆಗಿತ್ತು. ಹೀಗೆ ಈ ಕಾದಂಬರಿಯು ಲೈಂಗಿಕತೆಯ ವಿಭಿನ್ನ ಮಜಲುಗಳನ್ನು ಧೈರ್ಯವಾಗಿ ಶೋಧಿಸುತ್ತದೆ. ರವೀಂದ್ರ, ಆಕಾಶ್ ಮತ್ತು ಸುಕೇಶರ ನಡುವಣ ತ್ರಿಕೋನ ಸಂಬಂಧಗಳ ಜೊತೆಗೆ ಗಂಡಸರ ಹಿಂದೆ ಹೋಗುವ ರಘುಪತಿಯ ಸಮಸ್ಯೆಗಳೂ ಬಿಚ್ಚಿಕೊಳ್ಳುತ್ತವೆ. ಗೇ ಸೆಕ್ಸ್ ವೀಡಿಯೋ ನೋಡುವ ಅವನನ್ನು ಬಿಟ್ಟು, ಅವನ ಹೆಂಡತಿ ಗುಜರಾತಿಯೊಬ್ಬನ ಸ್ನೇಹ ಮಾಡುತ್ತಾಳೆ. ಈ ಎಲ್ಲಾ ಘಟನೆಗಳನ್ನು ಸಮಾಜವು ತನ್ನ ಮೂಗಿನ ನೇರಕ್ಕೆ ವ್ಯಾಖ್ಯಾನಿಸಿಕೊಳ್ಳುತ್ತಾ ಹೋಗುತ್ತದೆ. ಇಂಥ ಸಂಕೀರ್ಣ ಸ್ಥಿತಿಯನ್ನು ಕಾದಂಬರಿ ತಣ್ಣಗೆ ಕಟ್ಟಿಕೊಡುತ್ತದೆ. ಈ ಕಾದಂಬರಿಯ ವಸ್ತು ಮತ್ತು ಪಾತ್ರಗಳು ಕನ್ನಡಕ್ಕೆ ತೀರಾ ಹೊಸದು. ಕಾನೂನಿನ ತೊಡಕುಗಳು, ಸಂಪ್ರದಾಯಸ್ಥರ ಆಕ್ರಮಣ, ಮಡಿವಂತಿಕೆ, ನಿಷೇಧ, ಭಯ ಇತ್ಯಾದಿ ಕಾರಣಗಳಿಂದಾಗಿ ಏಕಾಏಕಿ ಸಾಹಿತ್ಯವು ಮುಖ್ಯಧಾರೆಗೆ ಬರಲೇ ಇಲ್ಲ. ಸುಶಾಂತ್ ಕೋಟ್ಯಾನ್ ತುಂಬ ಧೈರ್ಯವಹಿಸಿ ಈ ಕಾದಂಬರಿಯನ್ನು ಬರೆದು ನಮ್ಮ ಅರಿವಿನ ಗಡಿರೇಖೆಗಳನ್ನು ವಿಸ್ತರಿಸಿದ್ದಾರೆ’ ಎಂದು ಪ್ರಶಂಸಿಸಿದ್ದಾರೆ.
Bhootgaon
- Author Name:
Naveen Joshi
- Book Type:

- Description: हिन्दी के वरिष्ठ कवि-गद्यकार लीलाधर मंडलोई की यह आत्मकथा ‘जब से आँख खुली हैं’ केवल उनकी नहीं बल्कि सतपुड़ा के जंगलों में विस्थापित होकर पहुँचे खान-मज़दूरों, दलित-अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्गों की भी कथा है। कोरकू, गोंड़ और भारिया आदिवासियों के जीवन के स्याह चित्र भी इसमें आपको मिलेंगे। वेस्टर्न कोल्ड फ़ील्ड के छिन्दवाड़ा और दमुआ जिलों में कोयला-खानों की एक बड़ी शृंखला है। एक में कोयला ख़त्म हुआ तो दूसरी, तीसरी, चौथी और यह प्रक्रिया चलती रहती है जिसमें मज़दूरों को बार-बार उजड़ना पड़ता है। न पक्की नौकरी, न अस्पताल, न स्कूल, न मकान; बस भूख, ग़रीबी, अकाल मृत्यु, दुर्घटनाएँ और दुखों का असीम संसार। ओपनकास्ट और अंडर ग्राऊंड खदानों में बाल-मज़दूर का जीवन जीते हुए लेखक ने यह सब बचपन में ही देख-जी लिया था। आस-पास का जीवन त्रासद था लेकिन जीवन की प्रतिकूलताओं में बनी सामुदायिकता ने वहाँ संघर्ष, जिजीविषा और आनन्द की एक पारिस्थितिकी भी निर्मित की थी जिसमें गोंडवाना, बुन्देलखंड और बाहर से आए लोगों की बोली-बानी, भाषा, खानपान, रहन-सहन और संगीत की समावेशी संस्कृति दिखाई देती थी। इस आत्मकथा को पढ़ते हुए हम जान पाते हैं कि खदानों की गहराइयों ने खदानों को कैसे खोखला कर दिया, कैसे जल-स्तर हज़ारों फ़ीट नीचे चला गया, पानी का संकट गहराया और जंगल उजड़ने लगा। जंगल का जीव-जगत समाप्त होने लगा। कई प्रजातियाँ खो गईं। आदिवासियों का विस्थापन शुरु हुआ। उनकी संस्कृति लुप्त होने लगी। सके अलावा प्राइवेट कम्पनी के कार्यकाल में शोषण, अनाचार, उपेक्षा, शोषण आदि के आख्यान भी इस पुस्तक का हिस्सा हैं।
Tootate Rishte Darakte Ghar
- Author Name:
Tarun Pithode
- Book Type:

- Description: Book
Khonta Aa Chidai
- Author Name:
Mayanand Mishra
- Book Type:

- Description: Maithili Novel
LOVE WITH BENEFIT
- Author Name:
SARVESH MISRHA
- Book Type:

- Description: Novel
Samandar
- Author Name:
Milind Bokil
- Book Type:

- Description: Novel
Deewar Me rasta
- Author Name:
Tejendra Sharma
- Book Type:

- Description: Description Awaited
Khairiyat Hai Huzoor
- Author Name:
Urmila Shirish
- Book Type:

- Description: Book
Garden Of Eden Urf Sai Society
- Author Name:
Makarand Sathe
- Book Type:

- Description: समकालीन मराठी साहित्य-जगत में एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में स्वीकृत ‘गार्डन ऑफ़ ईडन उर्फ़ साईं सोसायटी’ उपन्यास हमारे आसपास की दुनिया का बयान है जो यूँ तो तमाम रंगीनियों और हलचलों से भरी हुई है लेकिन इसमें हरेक आदमी एक वीराने में फँसा हुआ है। यह वीराना अभाव से भी उपजा है और अधिकता से भी; विचार से भी उपजा है और विचारहीनता से भी। बहुप्रचारित और सर्वस्वीकृत विकास ने समाज में अनगिनत दरारें पैदा कर दी हैं। खंडित अस्मिताएँ लोगों को कभी हिंसा की ओर धकेलती हैं तो कभी निविड़ एकान्त की ओर। गढ़ी हुई वास्तविकता वास्तविक वास्तविकता पर भारी पड़ रही है। इस तरह पूरा समय ही एक रेगिस्तान में तब्दील होता जा रहा है। प्रेम का टिके रहना मुश्किल हो रहा है, जबकि जातिवाद, कट्टरता और तानाशाही निरन्तर बढ़ रही हैं। हिंसा क्रूर से क्रूरतर रूप धरकर सामने आ रही है। ‘गार्डन ऑफ़ ईडन उर्फ़ साईं सोसायटी’ आधुनिक जीवन के लगातार विद्रूप होते जाने के मौजूदा दौर में मानवीय भविष्य से जुड़े प्रश्नों पर गहराई से विचार करने वाली एक प्रयोगशील कृति है, एक बेहद दिलचस्प और विचारोत्तेजक उपन्यास।
Parva
- Author Name:
S.L. Bhyrappa
- Rating:
- Book Type:

- Description: The novel narrates the story of the Hindu epic Mahabharata, primarily using monologue as a literary technique. Several principal characters from the original Mahabharata reminisce about their entire lives. Both the setting and the context for the reminiscence are the onset of the Kurukshetra War. Parva is acknowledged as S.L. Bhyrappa's greatest work. Non-Kannadigas who have read it in its Hindi and Marathi translations consider it one of the masterpieces of modern Indian literature. It transforms an ancient legend into a modern novel. In this process, it has gained rational credibility and a human perspective. The main incident, the Bharata war, symbolic of the birth pangs of a new world order, depicts a heroic but vain effort to arrest the disintegration and continue the prevailing order. It is viewed from the standpoints of the partisan participants and judged with reference to the objective understanding of Krishna. Narration, dialogue, monologue, and commentary are all employed for its presentation. Shot through with irony, pity, and objective understanding, the novel ends with the true tragic vision of faith in life and hope for mankind. Parva has been translated into several major Indian languages: Bengali, Hindi, Marathi, Tamil, and Telugu, apart from English. The novel narrates the story of the Hindu epic Mahabharata, primarily using monologue as a literary technique. Several principal characters from the original Mahabharata reminisce about their entire lives. Both the setting and the context for the reminiscence are the onset of the Kurukshetra War.
First Kiss - The Beginning
- Author Name:
Vishnu Nair
- Rating:
- Book Type:

- Description: Sunaina, Virat and DCP Vikrant Sharma are leading normal lives until fate decides to weave their paths into one. Little do they know that this path is nothing like they had ever imagined as it drags them into a tricky web of chaos. On a normal monsoon evening, Sunaina’s life breaks all ties with normalcy when she and her colleagues witness something they shouldn’t have, and that marks the beginning of a new story. But every beginning has its own end – sometimes, the end of a life. After almost getting caught, every day for them is hell on Earth, with death chasing at their heels. Now, they must spend days and nights looking over their shoulders. With the series of incidents that unfold, will Sunaina, Virat, and Vikrant’s lives ever be the same? Or will they collide with danger around every block?
Dhibri Tight
- Author Name:
Tejendra Sharma
- Book Type:

- Description: Description Awaited
Swarg Ka Antim Utaar
- Author Name:
Lakshmi Sharma
- Rating:
- Book Type:


- Description: यह लक्ष्मी शर्मा का दूसरा उपन्यास है, उनका पहला उपन्यास भी बहुत चर्चित रहा था। अमीरी और ग़रीबी के बीच की खाई, मानव मन के गहरे में पैठे हुए लालच और उन सब के बीच कहीं-कहीं बची हुई संवदेनशीलता को यह उपन्यास बहुत ख़ूबसूरती के साथ रेखांकित करता है। यह कहानी केवल छिगन की कहानी नहीं है, बल्कि छिगन के बहाने यह उस करुणा को तलाश करने की कहानी है, जो करुणा भारत की आत्मा में बसती है।
Ujla Andhera
- Author Name:
Kailash Wankhede
- Book Type:

-
Description:
उजला अँधेरा उपन्यास को पढ़ना एक ऐसे सच के सामने होना है जिससे पूरी व्यवस्था मुँह चुराती रही है। सामाजिक-व्यवस्था का वह सच जिसने आज़ाद भारत के उस सपने को निरर्थक कर दिया जो इस देश के नागरिकों को समता, स्वतंत्रता और उजाले का आश्वासन देता था।
वह सच है जाति जो हर तरह की सामाजिक-आर्थिक प्रगति को ठेंगा दिखाती हुई हमारे समाज में आज भी जहाँ की तहाँ बनी हुई है। तीन पीढ़ियों के दुःख-दर्द और बदलाव के संघर्षों से रचा हुआ यह पूरा उपन्यास अपने आप में एक तीखा सवाल है जिसे जाति के यथार्थ से आँख मिलाते हुए पूछा गया है। यह उपन्यास पूछता है कि भारत के लोग आज भी एक समान नागरिकता बोध और व्यवहार के अभ्यस्त क्यों नहीं हो पाए हैं; कि आज़ादी के इतने वर्षों बाद भी समाज के एक बड़े हिस्से को अपने जन्म, विवाह एवं मृत्यु संस्कारों और उत्सवों को अपने ढंग से मनाने का अधिकार क्यों नहीं मिला; कि यह कैसी व्यवस्था है जिसमें सार्वजनिक सड़क को भी कुछ लोग अपनी निजी सम्पत्ति समझते हैं और चाहते हैं कि कौन उस पर चलेगा, कौन नहीं ये भी वे तय करें? और सबसे बड़ा यह सवाल कि एक लोकतान्त्रिक राष्ट्र की सरकारें भी क्यों जाति की इस लक्ष्मण रेखा को नहीं लाँघ पातीं? ऐसे तमाम सवालों से उपन्यास के पात्र टकराते हैं। बदलाव की बेचैनी हो या बराबरी के सपने, वे यहाँ एक सुलगती हुई आँच में धीरे-धीरे पकते हैं और सघन सामूहिकता के साथ दर्ज होते हैं। हमारे समय और समाज को समझने के लिए एक ज़रूरी उपन्यास.
Visarjan
- Author Name:
Raju Sharma
- Book Type:

- Description: अपने पहले उपन्यास ‘हलफ़नामे’ से प्रसिद्धि पानेवाले कथाकार राजू शर्मा का दूसरा उपन्यास है ‘विसर्जन’। हिन्दी संसार में भूमंडलीकरण पर लगभग दो दशकों से चर्चा हो रही है किन्तु उस यथार्थ को बड़े औपन्यासिक ढाँचे में विन्यस्त और प्रकट करने का श्रेय ‘विसर्जन’ के रचनाकार राजू शर्मा के ही हिस्से में जाता है। भूमंडलीकरण ने हमारी दुनिया की शक्ल को बुनियादी तौर पर बदलकर रख दिया है। यह कहना अत्युक्ति न होगी कि उसने मनुष्य के मूल्यों, आस्थाओं, संवेदनाओं, सम्बन्धों के इलाक़े में अब तक के इतिहास की सबसे भारी उथल-पुथल पैदा की है। मनुष्यता पर पड़नेवाले उसके प्रभाव पर केन्द्रित भले ही कुछ रचनात्मक दृष्टान्त हैं, किन्तु भूमंडलीकरण की शक्ति-संरचना का उसी की ज़मीन पर विखंडन पहली बार ‘विसर्जन’ में ही सम्भव हुआ। प्रधानमंत्री, अर्थशास्त्री, प्रशासनिक मशीनरी, गुप्तचरी आदि के ज़रिए राजू शर्मा ‘विसर्जन’ में ऐसा अद्भुत आख्यान रचते हैं कि उत्तर-पूँजीवादी दुनिया के ब्रह्मास्त्र और कवच भूमंडलीकरण का सारा भेद खुल जाता है। राजू शर्मा की रचनात्मक शक्ति इस मायने में भी आश्वस्त करती है कि वे भूमंडलीकरण के क़िले में प्रविष्ट होकर उसकी व्यूह रचना को उजागर करते हैं। ‘विसर्जन’ में मनुष्यता के सम्मुख उपस्थित संकट की गहन खोज और उसका आखेट है, पर यह सब कुछ ऐसे गहरे रचनात्मक धैर्य और सूझ-भरी निस्संगता से मुमकिन किया गया है कि ‘विसर्जन’ सत्य और गल्प, यथार्थ और कला, विचार और संवेदना, प्रतिबद्धता और निष्पक्षता जैसी विपर्यय दिखनेवाली सृजनात्मक सिद्धियों को एक साथ अर्जित करनेवाला उपन्यास बन जाता है। ‘विसर्जन’ अपने अभिनव विषय की व्यापकता एवं गहराई के कारण महत्त्वपूर्ण है, वह इसलिए भी क़ीमती है कि यहाँ सच्चाई का अनुवाद नहीं, उसका ग़ज़ब का पुनर्सृजन है। एक से एक अविस्मरणीय चरित्रों, वृत्तान्तों से सम्पन्न इस कृति में अर्थगर्भिता और व्यंजनाओं का ऐसा अभूतपूर्व वैभव है जो मौजूदा साहित्यिक परिदृश्य में दुर्लभ है। ‘विसर्जन’ न केवल राजू शर्मा की कथायात्रा की अगली मंज़िल है, वरन् उसे हिन्दी उपन्यास की उपलब्धि के रूप में भी स्वीकार किया जाएगा, ऐसी उम्मीद बाँधना उचित ही होगा। —अखिलेश
Ret
- Author Name:
Bhagwandas Morwal
- Book Type:

- Description: ‘रेत’ ऐसे दुर्दम्य समाज की कथा है जिसकी परम्पराओं पर हम सहजता से विश्वास नहीं कर सकते। यह उपन्यास कंजर जनजाति की आस्था, धार्मिक विश्वास, समाज, संस्कृति का आईना है। उपन्यास ‘रेत’ के केन्द्र में कमला सदन है जहाँ एक ही घर की चौहद्दी में एक साथ दो अन्तर्विरोधी परम्पराएँ आमने-सामने टकरा रही हैं। खेलावड़ी (वेश्यावृत्ति) के पेशे के साथ कमला बुआ, सुशीला, माया, रुकमणि, वंदना और पूनम एक ही घर में सन्तो और अनीता भाभी, यानी विधिवत् विवाह के बाद भाभी कही जानेवाली पतिव्रताओं के साथ रहती हैं। कमला बुआ उपन्यास में मातृसत्तात्मक वर्चस्व की प्रतीक है और ‘भाभी’ ब्याहता होते हुए भी बाहर से लाई गई दोयम दर्जे की सदस्या। मोरवाल का यह उपन्यास अद्भुत क़िस्सागोई के साथ ही हिन्दी में नारी-विमर्श का सूत्रपात करता है। प्रकाशन के बाद से ही विवादों के केन्द्र में रहे ‘रेत’ उपन्यास में कंजर जनजाति (काननचर जनजाति) के लोक विश्वासों, प्रथाओं, जीवन-शैली और परम्पराओं का सटीक और दिलचस्पप विवरण है। जरायम पेशा और कथित सभ्य समाज के मध्य गड़ी यौन-शुचिताओं का अतिक्रमण करता यह उपन्यास आज भी अपनी विलक्षण छवि बनाए हुए है।
Ghar
- Author Name:
Vibhuti Narayan Rai
- Book Type:

- Description: समकालीन हिन्दी कथा-साहित्य के महत्त्वपूर्ण हस्ताक्षर विभूति नारायण राय का यह उपन्यास मध्यवर्गीय परिवार की विडम्बनापूर्ण जीवन-स्थितियों का दारुण दस्तावेज़ है। पेंशनयाफ़्ता मुंशी रामानुज लाल का यह घर क्यों ईंट-गारे के मकान में तब्दील होकर रह गया, ‘घर’ शब्द से जुड़ी ऊष्मा कैसे एकाएक वाष्प बनकर उड़ गई, एक ही छत के नीचे रहते हुए घर के प्राणी एक-दूसरे से एकदम कटकर संवादहीनता की अंधी सुरंग में क्यों फँस गए जहाँ न परिचित स्पर्श था और न ही स्वर? इन सवालों के जवाब के अलावा यह हमारी व्यवस्था की उन विडम्बनाओं और विद्रूपताओं की कहानी भी है जिनमें फँसकर एक पढ़ा-लिखा नवयुवक बेरोज़गारी का दंश झेलते हुए नपुंसक आक्रोश से भर उठता है और स्वयं से तथा समाज से आँखें चुराने लगता है, दूसरी तरफ़ यह उन हज़ारों राजकुमारियों के करुण दु:ख की कथा भी है जिन्हें कोई राजकुमार लेने नहीं आता। सरस भाषा और प्रवाहपूर्ण कथा विन्यास विभूति नारायण राय की अपनी विशिष्टता है जिसे पाठक इस उपन्यास में भी पाएँगे।
Jhuthiyapa
- Author Name:
Sachin Tyagi
- Book Type:

- Description: झूठ बोल कर बर्बाद होना आसान है, सच बोल कर कामयाब होना मुश्किल है। ये बात मयूर को तब समझ आयी जब उसके घरवालों ने , गर्लफ्रेंड ने , दोस्तों ने यहाँ तक सबने उसका साथ छोड़ दिया। क्योंकि झूठ का साथ हर कोई नहीं देता, सब साथ देते है सच का। जैसे मुजरिम का वकील भी पहले उससे सारी सच्चाई पूछता है तब साथ देता है। आज से दस साल पहले जहां मयूर के पास चलने के लिये तीन रास्ते थे। पच्चीस का होते ही वह तीन रास्ते भी बंद हो गये। जहाँ पहला रास्ता था जहां उसके घरवाले चलाना चाहते थे। दूजा वह जहां उसके दोस्त चल रहे थे। तीज़ा वह जहां वो खुद चलना चाहता था।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book