Chaturang (Raj)
(0)
Author:
Ravindranath ThakurPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Contemporary-fiction₹
199
₹ 159.2 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
‘चतुरंग’ मूलत: जीवन के प्रयोजनों और उनकी उपलब्धि के बीच अनिर्णीत संघर्ष का कथा-प्रयोग है। अब तक हुई तमाम बौद्धिक व्याख्याओं की पहुँच के परे इस संघर्ष का प्रारम्भ कहीं भौतिक परिवेश में दिखाई देता है, कहीं तर्क और विवेक की जुगलबन्दी में और कहीं मनो-जगत में पलती आत्म-प्रताड़णा में; और तीनों ही स्रोतों से यह हमारे आधुनिक विचार-जगत में प्रवेश करता दिखता है। शचीश, श्रीविलास, दामिनी और लीलानन्द स्वामी इसे अपने-अपने स्तर पर जीते हैं—अध्यात्म और भक्ति के दिशाहारा आवेग में, दैहिक प्रेम की तृषार्त-भीरु गुफाओं में, जीवन के भीतर, जीवन के बाहर, प्रभंजन के व्यामोह से घिरे-घिरे। ताऊ जी (जगमोहन) इस कथा को रवीन्द्रनाथ की तत्कालीन सामाजिक चिन्ताओं से जोड़ते हैं, देहरी लाँघने की व्याकुलता तक।
Read moreAbout the Book
‘चतुरंग’ मूलत: जीवन के प्रयोजनों और उनकी उपलब्धि के बीच अनिर्णीत संघर्ष का कथा-प्रयोग है। अब तक हुई तमाम बौद्धिक व्याख्याओं की पहुँच के परे इस संघर्ष का प्रारम्भ कहीं भौतिक परिवेश में दिखाई देता है, कहीं तर्क और विवेक की जुगलबन्दी में और कहीं मनो-जगत में पलती आत्म-प्रताड़णा में; और तीनों ही स्रोतों से यह हमारे आधुनिक विचार-जगत में प्रवेश करता दिखता है। शचीश, श्रीविलास, दामिनी और लीलानन्द स्वामी इसे अपने-अपने स्तर पर जीते हैं—अध्यात्म और भक्ति के दिशाहारा आवेग में, दैहिक प्रेम की तृषार्त-भीरु गुफाओं में, जीवन के भीतर, जीवन के बाहर, प्रभंजन के व्यामोह से घिरे-घिरे। ताऊ जी (जगमोहन) इस कथा को रवीन्द्रनाथ की तत्कालीन सामाजिक चिन्ताओं से जोड़ते हैं, देहरी लाँघने की व्याकुलता तक।
Book Details
-
ISBN9789360865016
-
Pages128
-
Avg Reading Time4 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Kasheer
- Author Name:
Sahana Vijayakumar
- Book Type:

- Description: यह एक त्रासदी है कि कुछ कहानियाँ अनकही रह जाती हैं, प्रमुख कथाओं और जटिल वास्तविकताओं के कोलाहल में खो जाती हैं। कश्मीरी हिंदुओं की कहानी ऐसी ही एक कहानी है। जब यह उपन्यास जुलाई 2018 में मूल रूप से कन्नड़ में प्रकाशित हुआ था, तब धारा 370 लागू थी। अब, इसके निरस्त होने के बाद भी, उपन्यास बहुत प्रासंगिक है। कश्मीर की सृष्टि और प्रगति का परिचय, उसके सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक आयामों से कराते हुए, यह उपन्यास न केवल कश्मीर के समकालीन और ऐतिहासिक दोनों चित्रों की कल्पना करता है, बल्कि सनातन धर्म और सेमेटिक मतों के अंतर्निहित दर्शन की भी छानबीन करता है। यह आवश्यक है कि आनेवाले दिन कश्मीर के लिए आशावाद से भरे हों। साथ ही कश्मीरी हिंदुओं की दुर्भाग्यपूर्ण कहानी को जानना भी उतना ही आवश्यक है, जो अपनी मातृभूमि से बेदखल किए गए हैं। यह उनकी कहानी है। यह कश्मीर की कहानी है।
The Untold Story of Kashmeer
- Author Name:
Santoshkumar Mehandale
- Book Type:

- Description: DESCRIPTION AWAITED
Phans
- Author Name:
Sanjeev
- Book Type:

- Description: सभ्यता के वर्तमान पड़ाव पर जितनी उपेक्षा किसान और किसानी की हो रही है उतनी शायद ही किसी और की हुई हो। देश में तीन लाख से ज्यादा किसान आत्महत्या कर चुके हैं और अस्सी लाख से ज्यादा किसानी से किनारा कर चुके हैं। इसी भीषण यथार्थ की पृष्ठभूमि पर रचा गया है यह उपन्यास ‘फाँस’। कभी प्रेमचन्द ने ‘गोदान’ के जरिये भारतीय ग्रामीण तंत्र के शोषणकारी ढाँचे और किसानों के जीवन-संघर्ष को उजागर किया था, उसके वर्षों बाद, ‘फाँस’ हिन्दी का किंचित पहला उपन्यास है जो किसानों की दारुण स्थिति को उसकी व्यापकता में सामने लाता है। इस उपन्यास में विदर्भ (महाराष्ट्र) के किसानों की कहानी गई है जिनके एक कन्धे पर घर-परिवार का उत्तरदायित्व है तो दूसरे कन्धे पर किसानी का। दोनों उत्तरदायित्व एक-दूसरे से नाभिनालबद्ध—फसल होगी तो घर-परिवार चलेगा, नहीं होगी तो पेट भरना मुश्किल, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई दुश्वार, हारी-बीमारी का इलाज असम्भव। फिर किसानी भी तो सिर्फ मेहनत नहीं माँगती; उसमें भी पैसा चाहिए। पैसा जुटता है कर्ज से। इस तरह फर्ज से कर्ज तक एक ऐसा व्यूह बनता है जिसमें पड़ने के बाद किसान निरुपाय और अन्तत: आत्महंता हो जाता है। इस दुखान्त को यह उपन्यास पूरी सूक्ष्मता से दर्ज करता है और यह सोचने को विवश करता है कि क्या यह त्रासदी केवल किसानों की है अथवा एक समूची सभ्यता, एक समूचे समाज की? अत्यन्त समसामयिक और ज्वलन्त विषय पर एक अवश्य पठनीय कृति!
Khonta Aa Chidai
- Author Name:
Mayanand Mishra
- Book Type:

- Description: Maithili Novel
Meghdoot Ki Raah Ke Pathik
- Author Name:
Manisha Kulshreshtha
- Book Type:

- Description: ‘मेघदूत की राह के पथिक’ कालिदास की अमर कृति मेघदूत के साथ एक सघन रचनात्मक सम्वाद है—प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक जैकब एल मोरेनो की उस स्थापना के संदर्भ में जो रचनात्मकता को शारीरिक-मानसिक सक्रियता और सामुदायिक पारस्परिकता के साथ जोड़ती है। यानी रचनात्मकता वह जो हर तरह की जड़ता का भंजन करे। इस दृष्टिकोण से देखें तो यह कृति बन्द कमरे का विशुद्ध मानसिक और किताबी सम्वाद नहीं, जीवन और प्रकृति के प्रकट और प्रच्छन्न के रमता योगी कालिदास के साथ एक जीवन्त यात्रात्मक जुगलबन्दी है। जिन मार्गों पर चलकर कालिदास ने मेघदूत का भौगोलिक आधार पाया होगा और कथा और जीवन के जिन धुँधलकों में बिखरे उच्छ्वासों को अन्तर्भूत कर ‘कविताया’ होगा, मनीषा रामगिरि और अलकापुरी के बीच उच्छ्वसित धुँधलके में बिखरे उन सारे सम्भावित मार्गों पर चलीं और आज के कण्ठ में अवशिष्ट धुनें और लोककथाएँ सुनते-चुनते लौटीं; तब कहीं जाकर इस सम्वाद को सम्भव किया। जब आप प्रकाशित पृष्ठों से गुज़रेंगे तो पाएँगे कि यहाँ भौगोलिक ही नहीं ज्ञानमार्ग की यात्रा से हासिल निधियाँ भी हैं। कालिदास की ही तरह यहाँ भी मिथक और यथार्थ के बीच विश्वसनीय आवाजाही की गई है और पार्थिव और प्राकृतिक पता वाला साहित्य और इतिहास का एक सुन्दर साझा लोक भी रचा गया है। भौगोलिक मेघ-मार्ग और सांस्कृतिक मेघदृष्टि को समझने के लिए यह एक पुस्तक एक रम्य और रोचक शाहकार है। —डॉ. विनय कुमार
Our City That Year
- Author Name:
Geetanjali Shree +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: A city teeters on the edge of chaos. A society lies fractured along fault lines of faith and ideology. A playground becomes a battleground. A looming silence grips the public. Against this backdrop, Shruti, a writer paralyzed by the weight of events, tries to find her words, while Sharad and Hanif, academics whose voices are drowned out by extremism, find themselves caught between clichés and government slogans. And there’s Daddu, Sharad’s father, a beacon of hope in the growing darkness. As they each grapple with thoughts of speaking the unspeakable, an unnamed narrator takes on the urgent task of bearing witness. First published in Hindi in 1998, Our City That Year is a novel that defies easy categorization—it’s a time capsule, a warning siren and a desperate plea. Geetanjali Shree’s shimmering prose, in Daisy Rockwell’s nuanced and consummate translation, takes us into a fever dream of fragmented thoughts and half-finished sentences, mirroring the disjointed reality of a city under siege. Readers will find themselves haunted long after the final page, grappling with questions that echo far beyond India’s borders.
Maa Ke Anpadhe Khat
- Author Name:
Prahlad Narayan Mathur
- Book Type:

- Description: अति प्रिय शीघ्र आने वाले नन्हें मेहमान, कुछ ही दिनों में तुम इस दुनिया में कदम रखोगे और किलकारियाँ मारोगे। उस समय मैं कितनी खुश होऊंगी इसका तुम अंदाजा नहीं लगा सकते। खुशी के आंसुओं से मैं तुम्हारा स्वागत करूंगी। मुझे तो बस उस दिन का बेसब्री से इंतजार है जिस दिन तुम इस दुनिया में आओगे। तुम्हारे पापा तुम्हें देख कर कितने खुश होंगे? तुम्हें पता भी है हमने तुम्हारा नाम पहले से ही सोच रखा है। तुम लड़के हुए तो मृगांक और लड़की हुए तो चांदनी। मगर इन सबसे पहले तुम हमारे लिए फरिश्ता होंगे। तुम्हारी हंसी और मुस्कान कितनी खूबसूरत और मनमोहक होगी। तुम हँसते हुए कितने सुंदर लगोगे, यह सोच कर ही मेरा दिल गदगद हो रहा है। मैं तुमसे वादा करती हूँ तुम्हें इतना प्यार दूंगी की सारी दुनिया का प्यार भी कम पड़ जाएगा। तुम हमारे जीवन में बहार बनकर आओगे। तुम्हारे आने से हमारा घर रौशन हो जायेगा और हमारा जीवन प्रसन्नता और खुशहाली से भर जाएगा। मैं इस खूबसूरत संसार में आने का तुम्हारा इन्तजार क्षण-प्रतिक्षण कर रही हूँ। तुम्हारी माँ, “रश्मि”
God Is A Gamer
- Author Name:
Ravi Subramanian
- Book Type:

- Description: गॉड इज अ गेमर’ एक दिलचस्प कहानी है, जो पाठक को मुंबई की गलियों से गोवा के समुद्र तट तक और वॉशिंगटन की आलीशान इमारतों से न्यूयॉर्क की वित्तीय राजधानी तक ले जाती है। एक ऐसी कहानी, जो पाठक को अज्ञात स्थानों की, जिन्हें किसी ने नहीं देखा, सैर कराती है, लेकिन उनका एहसास कइयों ने किया है—वह स्याह वेब। इंटरनेट का नाजुक हिस्सा। और इन सबके बीच, मानव भावनाओं की एक कहानी है। एक पिता, जिसका बेटा लौट आता है, एक राजनेता जो बेबाक है, एक बैंक का सीईओ, जिसे एक राज सीने में दफन रखना है। इस दलदल में फँसा है एक पुराना बैंकर, जिसकी गेमिंग कंपनी तबाह होनेवाली है; एक बीस वर्षीय जोड़ा, जो प्यार की तलाश में है; और एक एफबीआई एजेंट, जो अपने परिवार को भूलने के लिए अपने आपको काम में डुबो देना चाहता है। इन सारी कहानियों के बीच बुनी गई है बिटकॉयन्स की कहानी—वह आभासी मुद्रा, जिसने दुनिया में तहलका मचा दिया है। अगर इस किताब के कुछ हिस्से आपको डरा दें, दहशत पैदा कर दें और आपको ऐसा लगे कि क्या वास्तव में ऐसी बातें होती हैं तो यकीन मानिए, इस किताब के कई चौंका देनेवाले क्षण वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित हैं। रहस्य, रोमांच और सर्वशक्तिमान ईश्वर की उपस्थिति का प्रतिपल अहसास करानेवाला अत्यंत पठनीय उपन्यास।
Proud Convicts Of Love
- Author Name:
Pankaj Subeer
- Book Type:

- Description: Pankaj Subeer is well known for his writings on unique subjects and his mesmerizing extraordinary ways of storytelling. He is a novelist, short story writer and an editor of two magazines. He has written three novels, eight short story books and his writings have appeared in many magazines, daily newspapers and books. In his writings, he depicts social injustice, ugliness and discrimination in the society, and hope through love. His one novel ''Akaal mein utsav'' is on farmer's problems. Another novel 'Yeh woh sehar to nahin' is written on those historical characters which had been forgotten and forbidden by the time. In his short stories, he has succeeded in riveting the reader's attention towards his characters with different, very engrossing, styles of writings in Indian literature. He has won numerous national and international awards for his contribution to literature. ''Proud convicts of love'' is a translation of his very popular Hindi novel ''Jinhe jurm e ishq par naaz tha.'' Rachana Tyagi has translated this novel. The novel was published in 2019 by Shiva publications and was sold out very quickly and its second edition was also published in 2019.Third and fourth editions came out in 2020 and fifth edition in 2021. Although all his books have been very popular, this novel has broken all records and is his best creation to date. ''Proud convicts of love'' is a beautiful journey of five thousand years of civilizations portraying the role religion played in shaping and dividing societies and nation building based on unfounded and selfish interpretations of religious teachings. In this novel Pankaj Subeer has been successful in bringing forward a new ideology of love, faith and belief. I'm confident that this English translation will enthrall the readers as much as the Hindi version continues to do till this day!. -Sudha Om Dhingra, USA
Ramyabhoomi
- Author Name:
Bhabendra Nath Saikia
- Book Type:

- Description: असमिया समाज के अद्भुत चितेरे भवेन्द्रनाथ शइकिया का समूचा साहित्य आम असमिया के सुख-दुख का दस्तावेज़ है। उनकी क़िस्सागोई भी ग़ज़ब की है। वह पाठकों को तुरन्त बाँध लेती है। पाठक उनकी कहानियों और उपन्यासों को अपनी आपबीती की तरह पढ़ने लगते हैं। भवेन्द्रनाथ के कथा-संसार की सबसे बड़ी ख़ूबी हैं उनके स्त्री पात्र। वैसे तो वे अपने सभी पात्रों के मनोविज्ञान को बहुत बारीकी से विश्लेषित करते हैं मगर जब बात स्त्री पात्रों की आती है तो वे हमें चकित कर देते हैं। ‘रम्यभूमि’ की कथा के केन्द्र में भी एक स्त्री चरित्र योगमाया है। विपन्न परिवार की लड़की योगमाया के सम्बन्ध घर आने-जाने वाले एक दबंग पुरुष से बन जाते हैं। इस सम्बन्ध को न परिवार स्वीकारता है, न समाज। पुरुष विवाहित है और कुछ समय बाद उसकी मृत्यु हो जाती है मगर वह उसके जीवन-यापन के लिए पर्याप्त धन-सम्पत्ति छोड़ जाता है। लेकिन इससे योगमाया के जीवन का संघर्ष कम नहीं हो जाता। वह समाज के द्वारा अस्वीकृत सम्बन्ध के साथ जीती है और उसके बच्चों को भी उस यातना से गुज़रना पड़ता है। योगमाया का त्रासद जीवन पाठक के मन-मस्तिष्क को निरन्तर विचलित रखता है। ‘रम्यभूमि’ का कैनवास बहुत बड़ा है। यह केवल एक परिवार की संघर्ष-गाथा भर नहीं है, अपने समय की कहानी भी कहता है। इस कहानी में एक हरा-भरा जंगल कैसे धीरे-धीरे कंक्रीट के जंगल में तब्दील होता जाता है, कैसे नए-नए मानवीय सम्बन्ध बनते-बिगड़ते हैं, नई समस्याएँ और चुनौतियाँ आती हैं और एक शहरी समाज आकार लेता जाता है, सब कुछ शामिल है।
Shahar Mein Curfew
- Author Name:
Vibhuti Narayan Rai
- Book Type:

- Description: पिछले तीन-चार दशकों में साम्प्रदायिकता का ज़हर तेजी से फैला है। परिणाम यह हुआ कि आज देश की राजनीति साम्प्रदायिक विचारधारा के इर्द-गिर्द संगठित हो गई है। साम्प्रदायिक हिंसा का तांडव देश को बेचैन बनाए हुए है। विभूति नारायण राय का चर्चित उपन्यास ‘शहर में कर्फ़्यू’ इसी विकराल समस्या से टकराता है। ‘शहर में कर्फ़्यू’ साम्प्रदायिक दंगे की चपेट में आए एक शहर के कर्फ़्यूग्रस्त मुहल्ले और ख़ासकर उससे पीड़ित एक परिवार की तीन दिनों की व्यथा-कथा है। यह कर्फ़्यू कुछ लोगों के लिए जीवन-मरण का सवाल है तो कुछ अन्य के लिए राजनीतिक नफ़ा-नुक़सान का खेल। दो जून की रोटी के लिए रोज़ चौदह घंटे खटनेवाले बीड़ी मज़दूर परिवार की बहू सईदा की बीमार बेटी की मौत इलाज के अभाव में हो जाती है। हर तरह से लाचार इस परिवार पर क्या क़हर टूटता है और उसे कैसे-कैसे दहशत भरे अनुभवों से गुजरना पड़ता है, लेखक ने इस सब का चित्रण अत्यन्त गहरी संवेदनशीलता के साथ किया है। अभावग्रस्त माँ सईदा अपनी मृत बेटी को याद करने की कोशिश करती है तो उसे ‘जो चीज़ याद आ रही थी वह भूख, धूल और बहती नाक का ऐसा मिला-जुला समिश्रण था जिससे फ़िल्मी माँ के वात्सल्य का कोई माहौल नहीं बन पा रहा था।’ कंट्रास्ट के द्वारा लेखक ने सईदा की नारकीय व्यथा को मर्मभेदी बना दिया है। उपन्यास में कई मार्मिक स्थल हैं। इनसानों के गली-मुहल्ले में दिन-दहाड़े एक बच्ची का बलात्कार ऐसा ही स्तब्ध करने वाला प्रसंग है। ऐसा पाशविक कृत्य किसी भी समाज का सबसे बड़ा कलंक है। ऐसे प्रसंगों की रचना में लेखक ने विलक्षण संवेदनशीलता के साथ वैचारिक सन्तुलन साधने में असाधारण दक्षता का परिचय दिया है। ‘शहर में कर्फ़्यू’ के माध्यम से लेखक ने समाज और राजनीति में लगातार सक्रिय साम्प्रदायिक विचारधारा के ख़तरों के प्रति जागरूक और सावधान किया है और उसे सिरे से ख़ारिज कर अपनी पक्षधरता की मुखर घोषणा भी की है। आकस्मिक नहीं कि कई दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा इस उपन्यास की प्रतियाँ जलाई गई थीं। इससे प्रमाणित है कि उपन्यास ने सिर्फ़ वैचारिक उत्तेजना ही नहीं पैदा की है बल्कि सही जगह पर चोट भी की है। —कृष्ण कुमार सिंह
Amal
- Author Name:
Himanshu Dewedi
- Book Type:

- Description: दीनदयालजी का व्यक्तित्व जितना सरल था, उनका जीवन उतना ही कठिन था। इसी प्रकार दीनदयालजी के विचारों को पढ़ना जितना सरल है, उन्हें समझना उतना ही कठिन है। जीवन का कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है, जिसे उन्होंने अपने चिंतन के दायरे में शामिल न किया हो। सामाजिक विषयों से लेकर आर्थिक विषयों तक उन्होंने जितने आयामों के साथ उन्हें विश्लेषित किया है, वह अद्भुत है। यह उनके विचारों की शाश्वतता ही है कि उनके देहावसान के 48 वर्ष बीतने के बाद भी वे अप्रासंगिक नहीं हुए हैं। उनका ‘एकात्म मानववाद’ भारतीय संस्कृति का वह जयघोष है, जिसकी गूँज कभी समाप्त नहीं होगी। दीनदयालजी का अध्ययन क्षेत्र बहुत विस्तृत और विस्तीर्ण था। समाज-संस्कृति-राजनीति का शायद ही कोई विषय हो, जिस पर उनकी दृष्टि न गई हो। उनकी इसी दूरदृष्टि और चिंतन ने कोटि-कोटि कार्यकर्ताओं का पथ-प्रशस्त किया है। वर्तमान में केंद्र और कई प्रदेशों में भारतीय जनता पार्टी का शासन है। वे सब दीनदयालजी के चिंतन को व्यवहार रूप देकर राष्ट्र-निर्माण के काम में संलग्न हैं। विगत 13 वर्षों से डॉ. रमन सिंह के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार प्राणपण से विकास-कार्यों में जुटी है। दीनदयालजी के कथनानुसार प्रदेश के आमजन तक शासन की सुविधाओं का लाभ पहुँचे, यह स्पष्ट दृष्टिगोचर होता है। इस पुस्तक में दीनदयालजी के स्वप्न को पूरा करने में छत्तीसगढ़ सरकार कितना प्रभावी काम कर रही है, यही दर्शाया गया है। पं. दीनदयाल उपाध्याय के स्वप्नों को साकार करने की सफलता की कहानी है यह पुस्तक।
Nishpran Gawaah
- Author Name:
Kadambari Mehra
- Rating:
- Book Type:

- Description: Book
Kariyan
- Author Name:
Bhisham Sahni
- Book Type:

-
Description:
भीष्म साहनी ने अपने लेखन में सामाजिक-नैतिक असंगतियों, मध्यवर्ग के दोहरे मानदंडों, परिवार व विवाह संस्थाओं के विरोधाभासों को निशाना बनाया है।
‘कड़ियाँ’ भीष्म साहनी का महत्त्वपूर्ण उपन्यास है। इसकी विषयवस्तु एक ऐसे मध्यवर्गीय परिवार से सम्बन्ध रखती है जो परम्परागत संस्कारों में जकड़ा हुआ है, लेकिन इसका मुख्य कथानक दाम्पत्य जीवन की कड़वाहट और स्त्री की असहाय स्थिति से सम्बन्धित है। एक तरफ़ रूढ़ नैतिक मान्यताएँ हैं जो पति-पत्नी के सम्बन्धों में दरार पैदा कर देती हैं और दूसरी तरफ़ पत्नी की आर्थिक परनिर्भरता है जिसके कारण उसे अनेक मानसिक यंत्रणाओं से गुज़रना पड़ता है।
पुरुष प्रधान समाज में स्त्री के हिस्से आनेवाली पीड़ाओं और अत्याचारों का अंकन इस उपन्यास में बहुत बारीकी से किया गया है। तनाव और विघटन के क्षणों को उकेरने में लेखक ने विशेष कौशल का परिचय दिया है।
5 Point Someone
- Author Name:
Chetan Bhagat
- Book Type:

- Description: "रेयान दौड़कर बोर्ड के पास पहुँचा और पहली पंक्ति के नाइन पॉइंटर मुसकराए कि एक फाइव पॉइंटर क्लास के लिए योगदान देगा। यद्यपि समीकरण सही था; रेयान बोर्ड तक नहीं जाता, जब तक कि वह यह न जान ले कि वह सही है। “बहुत अच्छा, धन्यवाद रेयान। अच्छा, पिछले टर्म पेपर में स्कूटर के पेट्रोल के उपयोग पर लूब्रीकेंट की कार्य-क्षमता के बारे में तुमने ही लिखा था?” “जी हाँ, सर।” “क्या यह सच है कि यह परिणाम तुमने अपने स्कूटर पर टेस्ट किया है?” “हाँ, मैंने किया है, सर। यद्यपि बिलकुल सही तरीके से नहीं।” “वह मुझे अच्छा लगा।” प्रो. वीरा ने नाइन पॉइंटर्स की तरफ देखते हुए कहा, जो रट्टू तोतों की तरह नोट्स बनाने में व्यस्त थे—“मुझे वास्तव में अच्छा लगा।” —इसी उपन्यास से आज की गलाकाट प्रतिस्पर्द्धा के दौर में कैसे अपनी क्षमता, इच्छाशक्ति और कुछ हासिल करने की शिद्दत से युवा सफल हो सकते हैं-यह मूल संदेश है 5 पॉइंट समवन का । लेखन के क्षेत्र में पदार्पण करते ही अपनी सरल-सुबोध भाषा, आकर्षक शिल्प तथा किस्सागोई के कारण लाखों युवाओं को लुभा लेनेवाले बेस्टसेलर लेखक चेतन भगत का उपन्यास है 5 पॉइंट समवन। "
Zameen
- Author Name:
Mamang Dai
- Book Type:

- Description: “परमानन्द की यह अनुभूति कहाँ से जनमती है? यह उत्पन्न होती है प्रेम से, ज़मीन से जुड़ा प्रेम, उस प्रकाश से जुड़ा प्रेम जो पहाड़ियों के नक़ूश पैने करता है, उन्हें देवताओं के लिए सँवारता है। यह अनुभूति उत्पन्न होती है उस परितृप्त जीवन से जो नदियों और पेड़ों के परिपार्श्व में पनपता है, यह लड़ने, हारने और हार कर एक बार फिर से जूझने के लिए उठ खड़े होने से उत्पन्न होती है, और यह एक दिन, हम पर हमेशा के लिए यह ज़ाहिर होने से उत्पन्न होती है कि ज़िन्दगी और ज़मीन एक-दूसरे से कैसे नाभि-नालबद्ध हैं।” इतिहास, मिथक और समकालीन राजनीति को समेटते हुए ‘ज़मीन’ एक निहायत सुन्दर, किन्तु अशान्त प्रदेश और इसके रहवासियों की गाथा है। इसकी मार्फ़त कवि-उपन्यासकार ममंग दई हमें एक अविस्मरणीय यात्रा पर ले चलती हैं—काल के बन्धनों से परे कोजुम-कोजा की पवित्र भूमि से आधुनिक राज्य के रूप में अरुणाचल प्रदेश के गठन तक की यात्रा। मेइंग, जो अपने राज्य से दूर रहती है, अपने लोगों के इतिहास को दर्ज करने के लिए लौटती है—उन लोगों का इतिहास जिन्हें वह जानती है और जिन्होंने उसकी ‘ज़मीन’ को वास्तविक आकार दिया है। उनसे बातें करने, पुराने दस्तावेज़ों को उलटने-पुलटने के क्रम में असंख्य कथाएँ-उपकथाएँ सामने आती हैं, मानो तारों से खचित किसी झील का प्राचीन पानी उफनकर बाहर आने लगा हो। एक-एक कर सारे पात्र अपनी सम्पूर्णता व एक-अपर से सम्बद्धता के साथ सामने आने लगते हैं—वह संघर्ष और जिज्ञासा जो ‘नेफा’ (नॉर्थ-ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी) की स्थापना की नींव में थी, लिपुन जैसे साहसी पुरुष और महिलाएँ जिन्होंने ऊँचे और अलंघ्य पर्वत दर्रों और घने जंगलों को पार कर दूरस्थ जनजातियों के बीच पुलों का निर्माण किया, ‘बारिशवाला’ जो प्रकृति के अबूझ इशारों को पढ़-समझ सकने में सक्षम है क्योंकि वह उससे गहरे जुड़ा हुआ है, उम्सी जो अपने आत्म की खोज में दूर-दुर्गम की यात्रा पर निकल जाती है, और लुतोर, जो अपनी जनता की नब्ज़ को परखने का हुनर रखता है, भले ही सार्वजनिक जीवन से उसका मोहभंग हो चुका है। इन सबके अलावा वहाँ भूमि और वन माफिया भी हैं, हिंसक उपद्रवियों से साँठ-गाँठ रखने वाले भ्रष्ट राजनेता हैं, ऐसे दोस्त हैं जो अपनी महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति के लिए जानी दुश्मन में बदल सकते हैं। गीतात्मक, जीवन्त और महाकाव्यात्मक विस्तार लिये हुए ‘ज़मीन’ ऐसे लोगों और स्थान का आख्यान है, जो सर्वश्रेष्ठ उपन्यासों की तरह, अपनी चौहद्दी को लाँघता हुआ समस्त मानवता की गाथा बन जाता है।
Tumhari Auqat Kya Hai
- Author Name:
Piyush Mishra
- Rating:
- Book Type:

- Description: पीयूष मिश्रा जब मंच पर होते हैं तो वहाँ उनके अलावा सिर्फ़ उनका आवेग दिखता है। जिन लोगों ने उन्हें मंडी हाउस में एकल करते देखा है, वे ऊर्जा के उस वलय को आज भी उसी तरह गतिमान देख पाते होंगे। अपने गीत, अपने संगीत, अपनी देह और अपनी कला में आकंठ एकमेक एक सम्पूर्ण अभिनेता! अब वे फिल्में कर रहे हैं, गीत लिख रहे हैं, संगीत रच रहे हैं; और यह उनकी आत्मकथा है जिसे उन्होंने उपन्यास की तर्ज पर लिखा है। और लिखा नहीं; जैसे शब्दों को चित्रों के रूप में आँका है। इसमें सब कुछ उतना ही ‘परफ़ेक्ट’ है जितने बतौर अभिनेता वे स्वयं। न अतिरिक्त कोई शब्द, न कोई ऐसा वाक्य जो उस दृश्य को और सजीव न करता हो। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक ‘अनयूजुअल’—से परिवार में जन्मा एक बच्चा चरण-दर-चरण अपने भीतर छिपी असाधारणता का अन्वेषण करता है; और क़स्बाई मध्यवर्गीयता की कुंठित और करुण बाधाओं को पार करते हुए धीरे-धीरे अपने भीतर के कलाकार के सामने आ खड़ा होता है। अपने आत्म के सम्मुख जिससे उसे ताज़िन्दगी जूझना है; अपने उन डरों के समक्ष जिनसे डरना उतना ज़रूरी नहीं, जितना उन्हें समझना है। इस आत्मकथात्मक उपन्यास का नायक हैमलेट, यानी संताप त्रिवेदी यानी पीयूष मिश्रा यह काम अपनी ख़ुद की कीमत पर करता है। यह आत्मकथा जितनी बाहर की कहानी बताती है—ग्वालियर, दिल्ली, एनएसडी, मुम्बई, साथी कलाकारों आदि की—उससे ज़्यादा भीतर की कहानी बताती है, जिसे ऐसी गोचर दृश्यावली में पिरोया गया जो कभी-कभी ही हो पाता है। इसमें हम दिल्ली के थिएटर जगत, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय और मुम्बई की फ़िल्मी दुनिया के कई सुखद-दुखद पहलुओं को देखते हैं; एक अभिनेता के निर्माण की आन्तरिक यात्रा को भी। और एक संवेदनशील रचनात्मक मानस के भटकावों-विचलनों-आशंकाओं को भी। लेकिन सबसे बड़ी उपलब्धि इस किताब की इसका गद्य है। पीयूष मिश्रा की कहन यहाँ अपने उरूज़ पर है। पठनीयता के लगातार संकरे होते हिन्दी परिसर में यह गद्य खिली धूप-सा महसूस होता है।
Is Shahar Mein Ik Shahar Tha
- Author Name:
Jaya Jadwani
- Book Type:

- Description: विभाजन भारतीय उपमहाद्वीप का ऐसा दारुण जख़्म है जो न जाने कितने दिलों के भीतर मुसलसल टीस रहा है। जया जादवानी का उपन्यास ‘इस शहर में इक शहर था’ विभाजित सिन्ध और उसके लोगों की कसक और पीड़ा का आख्यान है। यह एक जगह से उजड़ और बिखर कर दूसरी जगहों पर जड़ें जमाने की संघर्ष भरी दास्तान भी है जहाँ ऊपरी तौर पर भले ही सब कुछ सहज लगता हो पर उनकी रूह का एक हिस्सा कहीं बहुत पीछे के शहर में फंसा रह गया है। अपनी रूह के इसी गुम हिस्से की तलाश में उपन्यास का वाचक ‘नन्द’ कराची पहुँचता है जहाँ से उसे शिकारपुर जाना है, जहाँ जाने की उसे अनुमति नहीं है। जहाँ उसे अपने ही जैसे बिखरे हुए लोगों से मिलना है, जिन्हें उसकी तलाश में इस तरह से मददगार होना है जैसे वे अपनी ही मदद कर रहे हों। शिकारपुर—जहाँ उसका बचपन बीता है, जहाँ से निकलकर वह बम्बई में रहते हुए दुनिया भर में भटक रहा है। यह स्मृति में धँसी हुई एक ऐसी विलक्षण यात्रा है जहाँ एक बूढ़ा आईने के सामने अपने आपसे सिन्धी में बतिया रहा है; कोई बरसों बाद मिली एक बूढ़ी औरत के साथ रोटी खाते हुए उसकी गोद में रो रहा है, वह श्मशान जहाँ नन्द के लोग जलाए गए, वह गलियाँ जहाँ वे चले, उनमें ठहरते और चलते हुए नन्द अपने पुरखों के तलवों का दुख-दर्द जी रहा है। जहाँ से अपने बचपन के प्यार की एक झलक भर देखकर बिना कुछ कहे वह वापस चला आता है कि बार-बार आने की एक वजह यह भी बनी रहे।
Shrinkhala Ki Kariyan
- Author Name:
Mahadevi Verma
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत संग्रह में कुछ ऐसे निबन्ध जा रहे हैं जिनमें मैंने भारतीय नारी की विषम परिस्थितियों को अनेक दृष्टि-बिन्दुओं से देखने का प्रयास किया है। अन्याय के प्रति मैं स्वभाव से असहिष्णु हूँ, अत: इन निबन्धों में उग्रता की गन्ध स्वाभाविक है, परन्तु ध्वंस के लिए ध्वंस के सिद्धान्त में मेरा कभी विश्वास नहीं रहा। —महादेवी वर्मा।
Gawaad
- Author Name:
Madhu Acharya Ashawadi +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: Gawaad Award Winning Novel
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book