God Is A Gamer
(0)
Author:
Ravi SubramanianPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Contemporary-fiction₹
250
₹ 200 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
गॉड इज अ गेमर’ एक दिलचस्प कहानी है, जो पाठक को मुंबई की गलियों से गोवा के समुद्र तट तक और वॉशिंगटन की आलीशान इमारतों से न्यूयॉर्क की वित्तीय राजधानी तक ले जाती है। एक ऐसी कहानी, जो पाठक को अज्ञात स्थानों की, जिन्हें किसी ने नहीं देखा, सैर कराती है, लेकिन उनका एहसास कइयों ने किया है—वह स्याह वेब। इंटरनेट का नाजुक हिस्सा। और इन सबके बीच, मानव भावनाओं की एक कहानी है। एक पिता, जिसका बेटा लौट आता है, एक राजनेता जो बेबाक है, एक बैंक का सीईओ, जिसे एक राज सीने में दफन रखना है। इस दलदल में फँसा है एक पुराना बैंकर, जिसकी गेमिंग कंपनी तबाह होनेवाली है; एक बीस वर्षीय जोड़ा, जो प्यार की तलाश में है; और एक एफबीआई एजेंट, जो अपने परिवार को भूलने के लिए अपने आपको काम में डुबो देना चाहता है। इन सारी कहानियों के बीच बुनी गई है बिटकॉयन्स की कहानी—वह आभासी मुद्रा, जिसने दुनिया में तहलका मचा दिया है। अगर इस किताब के कुछ हिस्से आपको डरा दें, दहशत पैदा कर दें और आपको ऐसा लगे कि क्या वास्तव में ऐसी बातें होती हैं तो यकीन मानिए, इस किताब के कई चौंका देनेवाले क्षण वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित हैं। रहस्य, रोमांच और सर्वशक्तिमान ईश्वर की उपस्थिति का प्रतिपल अहसास करानेवाला अत्यंत पठनीय उपन्यास।
Read moreAbout the Book
गॉड इज अ गेमर’ एक दिलचस्प कहानी है, जो पाठक को मुंबई की गलियों से गोवा के समुद्र तट तक और वॉशिंगटन की आलीशान इमारतों से न्यूयॉर्क की वित्तीय राजधानी तक ले जाती है। एक ऐसी कहानी, जो पाठक को अज्ञात स्थानों की, जिन्हें किसी ने नहीं देखा, सैर कराती है, लेकिन उनका एहसास कइयों ने किया है—वह स्याह वेब। इंटरनेट का नाजुक हिस्सा। और इन सबके बीच, मानव भावनाओं की एक कहानी है। एक पिता, जिसका बेटा लौट आता है, एक राजनेता जो बेबाक है, एक बैंक का सीईओ, जिसे एक राज सीने में दफन रखना है। इस दलदल में फँसा है एक पुराना बैंकर, जिसकी गेमिंग कंपनी तबाह होनेवाली है; एक बीस वर्षीय जोड़ा, जो प्यार की तलाश में है; और एक एफबीआई एजेंट, जो अपने परिवार को भूलने के लिए अपने आपको काम में डुबो देना चाहता है।
इन सारी कहानियों के बीच बुनी गई है बिटकॉयन्स की कहानी—वह आभासी मुद्रा, जिसने दुनिया में तहलका मचा दिया है। अगर इस किताब के कुछ हिस्से आपको डरा दें, दहशत पैदा कर दें और आपको ऐसा लगे कि क्या वास्तव में ऐसी बातें होती हैं तो यकीन मानिए, इस किताब के कई चौंका देनेवाले क्षण वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित हैं।
रहस्य, रोमांच और सर्वशक्तिमान ईश्वर की उपस्थिति का प्रतिपल अहसास करानेवाला अत्यंत पठनीय उपन्यास।
Book Details
-
ISBN9789351869801
-
Pages320
-
Avg Reading Time11 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Anthu
- Author Name:
Prakash Nayak
- Rating:
- Book Type:

- Description: ‘ಅಂತು’ ಎಂಬ ಶಬ್ದದ ಎಲ್ಲ ಸಾಧ್ಯತೆಗಳನ್ನೂ ಅರ್ಥಪೂರ್ಣವಾಗಿ ಧ್ವನಿಸುವ ಈ ಕಾದಂಬರಿಯು, ತನ್ನ ವಸ್ತು ಮತ್ತು ಕಥನತಂತ್ರ ಎರಡೂ ದೃಷ್ಟಿಗಳಿಂದ ಕನ್ನಡ ಕಾದಂಬರಿಲೋಕಕ್ಕೆ ಒಂದು ವಿಶಿಷ್ಟ, ಮೌಲಿಕ ಸೇರ್ಪಡೆ. ಸದ್ಯದ ಅತ್ಯಾಧುನಿಕವಾದ ಕಾಪೆರ್Çರೇಟ್ ಜಗತ್ತಿನ ರೋಚಕ ವಿದ್ಯಮಾನಗಳನ್ನು ಲವಲವಿಕೆಯಿಂದ ನಿರೂಪಿಸುತ್ತಲೇ, ಅವುಗಳನ್ನೂ ಮೀರಿದ ನಿತ್ಯಸತ್ಯಗಳನ್ನು ಸ್ಪರ್ಶಿಸಿಬಿಡುವ ಮಹತ್ವಾಕಾಂಕ್ಷೆ ಇಲ್ಲಿ ಕಂಡುಬರುತ್ತದೆ. ಒಂದು ಕುತೂಹಲಕಾರೀ ಪ್ರಾಜೆಕ್ಟಿನ ಪೂರ್ವಾಪರಗಳನ್ನು ಪತ್ತೇದಾರೀ ಶೈಲಿಯಲ್ಲಿ ಶೋಧಿಸುವಂತೆ ಆರಂಭವಾಗುವ ಈ ಬರಹವು ಕ್ರಮೇಣ ಹುಟ್ಟು-ಸಾವು-ಪುನರ್ಜನ್ಮಗಳಂಥ ಗಂಭೀರ ಪ್ರಶ್ನೆಗಳಿಗೆ ಎದುರಾಗಿ ತಾತ್ವಿಕ ಎತ್ತರಗಳಿಗೆ ಬೆಳೆಯುವ ಪರಿ ಗಮನಾರ್ಹವಾಗಿದೆ. ಕನ್ನಡನಾಡಿನಿಂದ ಬಹುದೂರದ ಅಮೆರಿಕಾದಲ್ಲಿ, ತೀರಾ ಭಿನ್ನವಾದ ಪಾತ್ರ-ಭಾಷೆ-ಔದ್ಯಮಿಕ ಪರಿಸರದಲ್ಲಿ ಸೃಷ್ಟಿಯಾಗುವ ಅನುಭವವನ್ನು ಕನ್ನಡ ಭಾಷೆಯಲ್ಲಿ ಒಳಗೊಳ್ಳುವ ಈ ಸೃಜನಶೀಲ ಪ್ರಯೋಗವು ಕನ್ನಡ ಸಾಹಿತ್ಯವು ಹಿಗ್ಗುತ್ತಿರುವ ಬಗೆಯನ್ನೂ ಕಾಣಿಸುತ್ತ ಆಸಕ್ತಿ ಹುಟ್ಟಿಸುತ್ತದೆ. ತನ್ನ ಸ್ಮೃತಿಗಳಲ್ಲಿ ಜತನದಿಂದ ಕಾಪಿಟ್ಟುಕೊಂಡಿರುವ ಸ್ಥಳೀಯ ತಿಳಿವಳಿಕೆಯನ್ನು ಆಧುನಿಕ ಲೋಕಕ್ಕೆ ಮುಖಾಮುಖಿಯಾಗಿಸಿ ಕಥನ ಪ್ರಕ್ರಿಯೆಯನ್ನು ಸತ್ಯದ ಶೋಧವಾಗಿ ವಿಸ್ತರಿಸುವ ಪ್ರಯತ್ನದಲ್ಲಿ ಪ್ರಕಾಶ್ ನಾಯಕರು ಸಾಕಷ್ಟು ಯಶಸ್ವಿಯಾಗಿದ್ದಾರೆ. ‘ಅಂತು’ ನಿಸ್ಸಂದೇಹವಾಗಿ ಈ ದಶಕದ ಮುಖ್ಯ ಕನ್ನಡ ಕಾದಂಬರಿಗಳ ಸಾಲಿನಲ್ಲಿ ನಿಲ್ಲುವಂಥದ್ದು.
Mulk : Patkatha
- Author Name:
Anubhav Sinha
- Book Type:

- Description: मैंने 17 साल की उम्र में जब ‘गरम हवा’ देखी थी तो मुझे अपना सिर्फ़ भारतीय होना पता था। मैं ‘मुल्क’ देखते हुए रोती रही, क्योंकि अब मुझे पता है कि मुसलमान होना क्या होता है और उसके साथ क्या-क्या आता है। —राना सफ़वी, इतिहासकार ‘मुल्क’ देखकर मेरा मन किया कि मैं ख़ुशी से चिल्लाऊँ। बहुत ज़ोर से। —शुभ्रा गुप्ता, फ़िल्म समीक्षक, ‘इंडियन एक्सप्रेस’ निडर, दमदार और सम्मोहक। —सैबल चटर्जी, फ़िल्म समीक्षक, ‘एनडीटीवी’ ‘मुल्क’ ने बतौर भारतीय मुझे गर्व और ख़ुशी से भर दिया। —विशाल ददलानी, गायक-संगीतकार कमाल की फ़िल्म। हर शॉट, हर डायलॉग और हर पल बिल्कुल परफ़ेक्ट। —फ़े डिसूज़ा, पत्रकार ‘मुल्क’ की चमक और साहस स्तब्ध कर देते हैं। हमारे समय की सबसे महत्त्वपूर्ण फ़िल्मों में से एक। —शेखर गुप्ता, पत्रकार एवं सम्पादक
Diya (Illustrated)
- Author Name:
Yogita Warde
- Book Type:

- Description: दीया अब आपके सामने दूसरे संस्करण में उपलब्ध है। पहले संस्करण में दीया को लिटफेस्ट 2020 ऑथर ऑफ़ द ईयर अवॉर्ड और टैगोर कमेम्रटिव ऑनरेरी अवॉर्ड 2021 मिल चुका है। दीया की कहानी एक सच्ची घटना से प्रेरित है। यह कहानी समाज के उन सभी रीति-रिवाजों का खुलासा करती है, जिनका हम बिना किसी आपत्ति के आँखें बंदकर पालन करते आ रहे हैं। इस कहानी में दीया ने अपने ऊपर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ एक शब्द भी नहीं कहा। वह सब कुछ सहती रही और खुद से नफरत करती रही। वह क्यों चुप थी? क्या समाज के कारण या परिवार के कारण? क्या वह अपने ऊपर हो रहे अत्याचारों को रोक पाती है? क्या होता है आगे? क्या वह अपने पति और समाज के खिलाफ आवाज उठा पाती है? क्या हुआ होगा दीया की ज़िंदगी में? उसके जीवन में कितने मोड़ आए? सभी सवालों के जवाबों के लिए जुड़िये इस सफर में दीया के साथ।
Rameau Ka Bhatija
- Author Name:
Denis Diberot
- Book Type:

- Description: ‘रामो का भतीजा’ को अधिकांश विद्वान दिदेरो की सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण साहित्यिक रचना मानते हैं। यह दार्शनिक और नीतिशास्त्रीय होने के साथ ही एक सौन्दर्यशास्त्रीय कृति भी है जो अपने समय के तमाम नैतिक-वैधिक-सामाजिक-सौन्दर्यशास्त्रीय मूल्यों पर, प्रस्तरीकृत रूढ़ियों पर अनूठे कोण और मारक ढंग से सवाल उठाती है, जिरह करती है और बिना फ़ैसला सुनाए दो अवस्थितियों के दोनों पक्षों पर सोचने और सापेक्षत: सही-ग़लत की शिनाख़्त करने के लिए पाठक को तर्क एवं दृष्टि देकर खुला छोड़ देती है। इसीलिए इसे द्वन्द्ववाद की अनुपम कृति भी माना जाता। ‘रामो का भतीजा’ में स्वयं दिदेरो और रामो का भतीजा—दो ही मुख्य पात्र सामने हैं जिनके बीच एक लम्बे संवाद के रूप में रचना अन्त तक की यात्रा पूरी करती है। रामो का भतीजा भी तत्कालीन पेरिस का एक वास्तविक चरित्र है। प्रसिद्ध फ़्रांसीसी संगीत-रचनाकार रामो उसका चाचा है। (भतीजा) रामो एक ग़रीब संगीतकार है जो पेरिस के बोहेमियाई जीवन का एक प्रतिनिधि है—पूरी तरह से अनैतिक, बिना किसी उसूल का, मानवद्वेषी चरित्र, जो घूसखोर, धनलोलुप, प्रतिक्रियावादी पत्रकारों का मित्र है और एक ऐसा परजीवी जो धनी अभिजातों के घरों में घुसने की जुगत भिड़ाने में दक्ष है। रामो समाज के नैतिक मानदंडों को ख़ारिज करता है। वह उन्हें एक ऐसी ताक़त मानता है जो उसके लिए बेगानी है, उसके ख़िलाफ़ है और इसलिए बुरी है। अपनी कामनाओं-वासनाओं-आवश्यकताओं की पूर्ति—जीवन में बस इसी एक चीज़ को वह मूल्य के तौर पर स्वीकार करता है। लेकिन रचना का कौशल यह है कि अपने अनैतिक व्यवहार और मानवद्वेषी अभिव्यक्तियों के ज़रिए रामो अपने आसपास की दुनिया को बेनकाब करता जाता है। वह समाज के पाखंडों के मुखौटों को नोच देता है और उसके सारतत्त्व को सामने ला देता है। वह दार्शनिक (जिसका प्रतिनिधित्व संवाद में दिदेरो करता है) के आदर्शों की निर्जीविता और अमूर्तता को भी उजागर करता है। वह स्पष्टत: देख रहा है कि धन समाज की मुख्य शक्ति बनता जा रहा है, लेकिन दूसरी ओर ग़रीबी भी मौजूद है। इस स्थिति में किसी भी तरह की स्वतंत्रता का बोध भ्रामक है। हर व्यक्ति भाँति-भाँति की मुद्राएँ-मुखौटे ओढ़े हुए है और कोई भी अपने प्रति सच्चा और ईमानदार नहीं है।
Laharon Ka Aarav - Award Winning Novel
- Author Name:
R. Krishnamurthi 'Kalki' +1
- Book Type:

- Description: लहरों का आरव प्रसिद्ध तमिल लेखक रा कृष्णामूर्ति 'कल्कि' द्वारा लिखित और साहित्य अकादेमी द्वारा पुरस्कृत उपन्यास अलैयोशे का हिन्दी अनुवाद है। उपन्यास में स्वतंत्रता संग्राम के दौरान १९३० से १९४७ तक की अठारह वर्ष की कहानी को विभिन्न पात्रों के ज़रिए उभारा गया है। यह वह समय था, जब भारत की धरती पर कई बड़ी घटनाएँ एक साथ घट रही थीं। एक तरफ़ राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी अपनी अहिंसा की शक्ति के दम पर पर करोड़ों भारतीयों के मन पर राज कर रहे थे तो ख़ुद यहाँ की जनता भी परिवर्तन के लिए कई क्रांतिकारियों कदम उठा रही थी। देश की स्वतंत्रता के लिए हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुरूप कोई-न-कोई कदम उठा रहा था। इन छोटे बड़े प्रयासों की गूँज इस उपन्यास में आप सर्वत्र महसूस कर सकते हैं।
Mukti -The Salvation
- Author Name:
Sanjay Sharma
- Rating:
- Book Type:

- Description: Can you take the law into your own hands and kill the rapist, extortionist, and murderer who has been hounding you and the entire basti where you lived? Can you—while assassinating the criminal in front of police and law—also castrate the man? Some women got together and did just that. The police never protected them nor did the local MLA help. In fact, these two entities also joined in exploiting these victims. Did they get caught? Were they sentenced? And why did the criminal behave the way he did? Why did he come to hate women? What made a boy turn into a rapist?
Ghar
- Author Name:
Vibhuti Narayan Rai
- Book Type:

- Description: समकालीन हिन्दी कथा-साहित्य के महत्त्वपूर्ण हस्ताक्षर विभूति नारायण राय का यह उपन्यास मध्यवर्गीय परिवार की विडम्बनापूर्ण जीवन-स्थितियों का दारुण दस्तावेज़ है। पेंशनयाफ़्ता मुंशी रामानुज लाल का यह घर क्यों ईंट-गारे के मकान में तब्दील होकर रह गया, ‘घर’ शब्द से जुड़ी ऊष्मा कैसे एकाएक वाष्प बनकर उड़ गई, एक ही छत के नीचे रहते हुए घर के प्राणी एक-दूसरे से एकदम कटकर संवादहीनता की अंधी सुरंग में क्यों फँस गए जहाँ न परिचित स्पर्श था और न ही स्वर? इन सवालों के जवाब के अलावा यह हमारी व्यवस्था की उन विडम्बनाओं और विद्रूपताओं की कहानी भी है जिनमें फँसकर एक पढ़ा-लिखा नवयुवक बेरोज़गारी का दंश झेलते हुए नपुंसक आक्रोश से भर उठता है और स्वयं से तथा समाज से आँखें चुराने लगता है, दूसरी तरफ़ यह उन हज़ारों राजकुमारियों के करुण दु:ख की कथा भी है जिन्हें कोई राजकुमार लेने नहीं आता। सरस भाषा और प्रवाहपूर्ण कथा विन्यास विभूति नारायण राय की अपनी विशिष्टता है जिसे पाठक इस उपन्यास में भी पाएँगे।
Beghar Ankhen
- Author Name:
Tejendra Sharma
- Book Type:

- Description: Description Awaited
Bunches
- Author Name:
Suvigya Sahu
- Book Type:

- Description: Childhood is simple but teenagerhood is difficult not for the children only but for their parents too. This isthe story about a sincere girl Surveen. Surveen always believed in their parent's points of view in her life. When she entered the teenage phase of her life she started thinking about their point of view towards things. Surveen's parents and Surveen's point of view didn't match all the time. Parents need to understand the teenagers. In the teenage phase, Not only body organ development happening there is mental development too. Different hormones rush into the body of teenagers. But what happens when the simple sincere Surveen turn into a fun-loving girl and started hiding things from parents. roaming with sly friends and started bunking the class. She started feeling the love emotion toward someone. What will happen in Surveen's life next? Does she spoil her school life? Or does Surveen made mistakes in peer influence? or Can Surveen able to find her way of life?
Proud Convicts Of Love
- Author Name:
Pankaj Subeer
- Book Type:

- Description: Pankaj Subeer is well known for his writings on unique subjects and his mesmerizing extraordinary ways of storytelling. He is a novelist, short story writer and an editor of two magazines. He has written three novels, eight short story books and his writings have appeared in many magazines, daily newspapers and books. In his writings, he depicts social injustice, ugliness and discrimination in the society, and hope through love. His one novel ''Akaal mein utsav'' is on farmer's problems. Another novel 'Yeh woh sehar to nahin' is written on those historical characters which had been forgotten and forbidden by the time. In his short stories, he has succeeded in riveting the reader's attention towards his characters with different, very engrossing, styles of writings in Indian literature. He has won numerous national and international awards for his contribution to literature. ''Proud convicts of love'' is a translation of his very popular Hindi novel ''Jinhe jurm e ishq par naaz tha.'' Rachana Tyagi has translated this novel. The novel was published in 2019 by Shiva publications and was sold out very quickly and its second edition was also published in 2019.Third and fourth editions came out in 2020 and fifth edition in 2021. Although all his books have been very popular, this novel has broken all records and is his best creation to date. ''Proud convicts of love'' is a beautiful journey of five thousand years of civilizations portraying the role religion played in shaping and dividing societies and nation building based on unfounded and selfish interpretations of religious teachings. In this novel Pankaj Subeer has been successful in bringing forward a new ideology of love, faith and belief. I'm confident that this English translation will enthrall the readers as much as the Hindi version continues to do till this day!. -Sudha Om Dhingra, USA
Deepavirada Daariyalli
- Author Name:
Sushanth Kotiyan
- Rating:
- Book Type:

- Description: ದೀಪವಿರದ ದಾರಿಯಲ್ಲಿ-ಈ ಕಾದಂಬರಿಯನ್ನು ಲೇಖಕ ಸುಶಾಂತ ಕೊಟ್ಯಾನ್ ಅವರು ರಚಿಸಿದ್ದಾರೆ. ಸಾಹಿತಿ ಡಾ. ಪುರುಷೋತ್ತಮ ಬಿಳಿಮಲೆ, ಕೃತಿಗೆ ಮುನ್ನುಡಿ ಬರೆದು ‘ಸಲಿಂಗರತಿಯಂಥ ವಸ್ತುವನ್ನು ಆಯ್ದುಕೊಂಡ ಕಾದಂಬರಿಯು ಓದುಗರನ್ನು ಬೌದ್ಧಿಕವಾಗಿ ಬೆಳೆಸುತ್ತದೆ. ಪ್ರಸ್ತುತ ಕಾದಂಬರಿಯ ನಾಯಕನಾದ ಸುಕೇಶನೂ ಒಬ್ಬ ಸ್ತ್ರೀ ವೇಷಧಾರಿ. ಇಡೀ ಕಾದಂಬರಿಯನ್ನು ಅವನ ಸುತ್ತಲೇ ಕಟ್ಟಿ ಬೆಳೆಸಲಾಗಿದೆ. ಹಾಗೆ ಕಟ್ಟುವಾಗ, ಸುಕೇಶನೊಳಗಿನ ಹೆಣ್ತನದ ಸೂಕ್ಷ್ಮಗಳಿಗೆ ಗೌರವ ತಂದುಕೊಡಲಾಗಿದೆ ಮತ್ತು ಅವನನ್ನು ಲೈಂಗಿಕವಾಗಿ ಶೋಷಿಸುವವರನ್ನು ಬಯಲುಗೊಳಿಸಲಾಗಿದೆ. ಇವುಗಳ ನಡುವೆ ಐಉಃಖಿಕಿ ನ ಹಲವು ಸಂಕೀರ್ಣ ಮುಖಗಳು ಕಾದಂಬರಿಯಲ್ಲಿ ಅನಾವರಣಗೊಳ್ಳುತ್ತಾ ಓದುಗರನ್ನು ಶೈಕ್ಷಣಿಕವಾಗಿಯೂ ಬೆಳೆಸುತ್ತದೆ. ‘ದೀಪವಿರದ ಕತ್ತಲ ದಾರಿಯಲ್ಲಿ ಒಂಟಿಯಾಗಿ ನಿಂತಿದ್ದನು ಸುಕೇಶ. ಅವನು ಇಷ್ಟರವರೆಗೆ ಬಯಸಿದ ಬದುಕವನಿಗೆ ದೊರೆಯಲೇ ಇಲ್ಲ. ಅಷ್ಟೊತ್ತಿಗೆ ಮೂಡಣದಲ್ಲಿ ಮೇಲೇರಿದ್ದ ರವಿ ತನ್ನ ಹೊಂಗಿರಣದ ಹೊಂಬೆಳಕನ್ನು ಭುವಿಯೆಡೆಗೆ ಚೆಲ್ಲಿದ್ದನು. ಟ್ಯಾಕ್ಸಿ ನಿಧಾನವಾಗಿ ಮುಂದಕ್ಕೆ ಚಲಿಸಿತ್ತು. ಸುಕೇಶ ಅಂಧಕಾರದ ಬದುಕಿನಲ್ಲಿ ಬೆಳಕಿಗಾಗಿ ಅರಸುತ್ತಿದ್ದನು. ಅಂತ್ಯವಿಲ್ಲದ ಕತೆಯ ಆರಂಭ ಅವನ ಬದುಕಿನಲ್ಲಿ ಇದೀಗ ಆಗಿತ್ತು. ಹೀಗೆ ಈ ಕಾದಂಬರಿಯು ಲೈಂಗಿಕತೆಯ ವಿಭಿನ್ನ ಮಜಲುಗಳನ್ನು ಧೈರ್ಯವಾಗಿ ಶೋಧಿಸುತ್ತದೆ. ರವೀಂದ್ರ, ಆಕಾಶ್ ಮತ್ತು ಸುಕೇಶರ ನಡುವಣ ತ್ರಿಕೋನ ಸಂಬಂಧಗಳ ಜೊತೆಗೆ ಗಂಡಸರ ಹಿಂದೆ ಹೋಗುವ ರಘುಪತಿಯ ಸಮಸ್ಯೆಗಳೂ ಬಿಚ್ಚಿಕೊಳ್ಳುತ್ತವೆ. ಗೇ ಸೆಕ್ಸ್ ವೀಡಿಯೋ ನೋಡುವ ಅವನನ್ನು ಬಿಟ್ಟು, ಅವನ ಹೆಂಡತಿ ಗುಜರಾತಿಯೊಬ್ಬನ ಸ್ನೇಹ ಮಾಡುತ್ತಾಳೆ. ಈ ಎಲ್ಲಾ ಘಟನೆಗಳನ್ನು ಸಮಾಜವು ತನ್ನ ಮೂಗಿನ ನೇರಕ್ಕೆ ವ್ಯಾಖ್ಯಾನಿಸಿಕೊಳ್ಳುತ್ತಾ ಹೋಗುತ್ತದೆ. ಇಂಥ ಸಂಕೀರ್ಣ ಸ್ಥಿತಿಯನ್ನು ಕಾದಂಬರಿ ತಣ್ಣಗೆ ಕಟ್ಟಿಕೊಡುತ್ತದೆ. ಈ ಕಾದಂಬರಿಯ ವಸ್ತು ಮತ್ತು ಪಾತ್ರಗಳು ಕನ್ನಡಕ್ಕೆ ತೀರಾ ಹೊಸದು. ಕಾನೂನಿನ ತೊಡಕುಗಳು, ಸಂಪ್ರದಾಯಸ್ಥರ ಆಕ್ರಮಣ, ಮಡಿವಂತಿಕೆ, ನಿಷೇಧ, ಭಯ ಇತ್ಯಾದಿ ಕಾರಣಗಳಿಂದಾಗಿ ಏಕಾಏಕಿ ಸಾಹಿತ್ಯವು ಮುಖ್ಯಧಾರೆಗೆ ಬರಲೇ ಇಲ್ಲ. ಸುಶಾಂತ್ ಕೋಟ್ಯಾನ್ ತುಂಬ ಧೈರ್ಯವಹಿಸಿ ಈ ಕಾದಂಬರಿಯನ್ನು ಬರೆದು ನಮ್ಮ ಅರಿವಿನ ಗಡಿರೇಖೆಗಳನ್ನು ವಿಸ್ತರಿಸಿದ್ದಾರೆ’ ಎಂದು ಪ್ರಶಂಸಿಸಿದ್ದಾರೆ.
agedashtu nakshatra
- Author Name:
Sumangala
- Book Type:

- Description: ಅಗೆದಷ್ಟೂ ನಕ್ಷತ್ರ' ಭೂಮಿಯ ಜೊತೆಗಿನ ಮನುಷ್ಯನ ಅನುಬಂಧವನ್ನು ಕುರಿತು ಆತ್ಮದ ಭಾಷೆಯಲ್ಲಿ ಮಾತನಾಡುವ ಅಪರೂಪದ ಕಾದಂಬರಿ. ಪತ್ನಿ ತೀರಿದ ಬಳಿಕ ಪ್ರೊಫೆಸರ್ಗೆ ಆತ್ಮೀಯರಾದ ಜಲಜ ಮೇಡಂ, ಮನೆಕೆಲಸದ ಸೀತಮ್ಮ, ಮದುವೆಯೇ ಆಗದೆ ಕುಟುಂಬದ ಸರ್ವಸದಸ್ಯರ ಸಂಸಾರದ ಸೇವೆಯಲ್ಲೇ ಸಾರ್ಥಕ್ಯ ಕಂಡ ಪದ್ದಜ್ಜಿ, ಮದುವೆಯಾಗಿ ಎರಡು ತಿಂಗಳಾದರೂ ಗಂಡನ ಸುಖ ಕಾಣದೆ ವಿಧವೆಯಾದ ರಾಜಿ ಹೀಗೆ ಸಂಬಂಧಗಳ ಆಕರ್ಷಣೆ– ವಿಕರ್ಷಣೆಯನ್ನು ಶೋಧಿಸುತ್ತಾ ಕಾದಂಬರಿ ಮುಂದುವರಿಯುತ್ತದೆ. ಕಾದಂಬರಿಯ ನಿಜವಾದ ಉತ್ಖನನ ಆರಂಭವಾಗುವುದು ಮಂಡ್ಯ ಜಿಲ್ಲೆಯಲ್ಲಿ ಆತ್ಮಹತ್ಯೆ ಮಾಡಿಕೊಂಡ ಐವರು ರೈತ ಪಾತ್ರಗಳ ಪ್ರವೇಶದೊಂದಿಗೆ. ನಾಗರಿಕತೆ ಹುಟ್ಟುವುದಕ್ಕೂ ಮುನ್ನವೇ ಈ ಭೂಮಿ ಮನುಷ್ಯನ ಅನುಬಂಧ ಹುಟ್ಟಿದೆ. 4000 ವರ್ಷಗಳ ಹಿಂದಿನ ನಾಗರಿಕತೆಯನ್ನು ಶೋಧಿಸಲು ಉತ್ಖನನ ನಡೆದ ಧೊಲಾವೀರಾ, ಲೋಥೆಲ್ ಮತ್ತು ರೈತರು ಆತ್ಮಹತ್ಯೆ ಮಾಡಿಕೊಂಡ ಮಂಡ್ಯದ ಬಳಿಯ ಹಳ್ಳಿಗಳಲ್ಲಿ ಓಡಾಡಿರುವ ಲೇಖಕಿ, ಕಂಡುಕೊಂಡ ಭೂತಾಯಿಯ ಕಟು ಸತ್ಯಗಳ ಕುರಿತು ಈ ಕೃತಿಯಲ್ಲಿ ವಿವರಗಳನ್ನು ನೀಡಿದ್ದಾರೆ.
Bina Muradonwala Diya
- Author Name:
Rekha Jha
- Book Type:

- Description: ‘बिना मुरादों वाला दीया’ रेखा झा का लघु उपन्यास है जिसमें समस्तीपुर जिले के पूसा के साथ उन्होंने अपने बचपन के उन दिनों को याद किया है जिन्हें हम सब अपने जीवन में हमेशा अपनी यादों में जीते रहते हैं। छुम छुम बस में छुम-छुम ड्रेस पहनकर मुन्नी का पूसा जाना, वहाँ अपनी झुंड-भर मासियों की नन्ही बिल्ली बन जाना, और उनके साथ उस बड़ी दुनिया से परिचित होना जो उसके लिए अभी बिलकुल नई है। उसे बताया जाता है कि ‘मजार भी एक तरह का मन्दिर ही होता है। जिस तरह मन्दिर में भगवान होते हैं, मजार में पीर बाबा होते हैं।’ सिर्फ यही नहीं, पूसा में आम और लीची के बाग भी हैं जहाँ इतने किस्म के आम और इतनी किस्म की लीचियां हैं कि मुन्नी को स्कूल जाना भी नहीं अखरता। और फिर गुल्लू मासी तो हैं ही! एक मीठे बचपन की यह मीठी कहानी एक रौ में अपने-आपको पढ़वा लेती है; जिस माधुर्य और जीवन्तता के बारे में यह उपन्यासिका बताती है, वह मिठास और जीवन इसकी अपनी बुनावट का भी हिस्सा है।
Chhako Ki Vapasi
- Author Name:
Badiuzzaman
- Book Type:

-
Description:
मुस्लिम-समाज की संरचना, गठन, जातीय स्मृतियों, आस्था और विश्वास के कुल योग—उसकी समूची आन्तरिकता को सघन कलात्मक रचाव से प्रस्तुत करनेवाले उपन्यासों में से यदि किन्हीं दो या तीन अग्रणी रचनाओं का चुनाव किया जाएगा तो ‘छाको की वापसी’ को उस सूची में रखना ही होगा, इसके बिना वह पूरी नहीं होगी।
छाको एक धुरी है, जिस पर घूम रही है एक भरी-पूरी दुनिया। एक समूची क़ौम की ज़ेहनियत और ज़िन्दगी। बीच में जो विभाजन की रेखा दिखाई देती है, वह हिन्दुस्तान और पाकिस्तान के बीच से होती हुई दोनों देशों के शासकवर्ग और जनता के वर्ग-हितों की भी सुस्पष्ट पहचान कराती है, और अन्तत: मनुष्य के अस्तित्व के प्रश्न में बदल जाती है।
मिट्टी की गन्ध जिस तरह से पूरी कृति में समाई हुई है, उसके आगे देश-प्रेम की भारी-भरकम शब्दावली वाली कितनी ही परिभाषाएँ बेकार हैं। सरहदों और सीमाओं में बँधी नागरिकता का एक प्रति-विमर्श रचते हुए यह उपन्यास ज़िन्दगी और ज़मीन के कहीं गहरे, लगभग शाश्वत रिश्ते की ओर इशारा करता है। यही वह रिश्ता है जो आख़िरकार मानव-सभ्यता के विकास का बीज बनता है।
‘एक चूहे की मौत’ जैसे अत्यन्त लोकप्रिय उपन्यास के लेखक का यह उपन्यास नागरिकता और देश की मौजूदा बहसों के सन्दर्भ में और भी प्रासंगिक हो जाता है।
Vinayak - Award Winning Novel
- Author Name:
Ramesh Chandra Shah +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: Vinayak, a Sahitya Akademi-award winning Hindi Novel, as a sequel to the author;s first novel 'Gobar Ganesh', according to the novelist, is the "pratismriti" (remembrance of our national-cultural memories) and the katha or narrative of India as a civilizational state. Its multi-perspectiveal, multi-centric kathana (plot), involving characters representing a cross section of Indian Society, is marked by engaging and interesting debates on such issues as gender-politics, culturalimperialism, casteism, communalism, the Kashmir-question and the condition of Kashmiri Pundits, sustainable development, ecological consciouness, swaraj or decolonization of mind, role of "Breaking India" forces comouflaged as NGO-activism, and the all0embracing nature of the spiritual that subsumes the secular, the significance of purusharthas or cardinal principles of life, etc. A sahridaya or cultivaed reader whould also relish how deftly the narrative echoes the voices of such great masters as Valmiki, Vyas, Krishna, Keats, Rike, Yeats, Eliot, Naipaul, Proust, Prasad and others.
Safar Me Dhoop Bahut Thee
- Author Name:
Jyoti Thakur
- Book Type:

- Description: Book
Baduku - Award Winning Novel - Kannada
- Author Name:
Geeta Nagbhushan +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: Dr. Geetha Nagabhushana's work is mostly based on the travails of the distressed, exploited and naïve people of slums or the lowest strata of the Hindu caste Order. In fact, her unique naraation brings in a slice of real life that touches our core rather than mere depiction of fictious characters. The dialect of Kannada we read in Baduku needs special mention for its authencity and the cultural richness. Throughout the novel the ordeal of the community that falls in the lowest strata of the Varna system is presented unapologetically. Also, the tribulation of women who appear in Baduku is a slap on the patriarchal society. The novel is complete slice of the society covering all the aspects of atrocity and oppression; Class, Caste, Gendar downtrodden of Urban and Rural. There is no fair deal in any of the cross section.
Paraja
- Author Name:
Gopinath Mohanty +1
- Book Type:

- Description: মূলত 1945 সালে ওড়িয়া ভাষায় লেখা এবং এখানে প্রথমবার অনুবাদ করা হয়েছে, পরজা আধুনিক ভারতীয় কথাসাহিত্যের একটি ক্লাসিক। এটি একটি মহাকাব্যিক স্কেলে উড়িষ্যার পাহাড়ী জঙ্গলে একজন আদিবাসী কুলপতি এবং তার পরিবারের গল্প বলে। এই পরিবারের ভাগ্যের ধীর পতন- স্থানীয় মহাজনের দাসত্বের দিকে নির্বাহের জীবিকা নির্বাহের শান্ত সমৃদ্ধি থেকে- উভয়ই মর্মস্পর্শীভাবে ব্যক্তিকেন্দ্রিক এবং সেইসাথে কৃষক সম্প্রদায়ের মধ্যে সমগ্র জীবনযাত্রার ক্ষয়ের প্রতীক।
Konncigeya sahasa
- Author Name:
Anupama K Benachinamardi
- Rating:
- Book Type:

- Description: ಮಕ್ಕಳ ತಲೆಗೆ ಹಾಕುವ ಟೋಪಿ, ಕೊಂಚಿಗೆಯು ಒಂದು ದಿನ ಗಾಳಿಯಲ್ಲಿ ಹಾರಿ ಹೋಯಿತು. ಹಾಗೆ ಹಾರಿ ಹೋದಾಗ ಏನೇನು ಸಾಹಸ ಮಾಡಿತು? ಎಂಬುದನ್ನು ಕಥೆ ಹೇಳುತ್ತದೆ.
Joothi Gali
- Author Name:
Hrishikesh Sulabh
- Book Type:

- Description: ‘जूठी गली’ जीवनानुभव का एक ऐसा लोक है जिसके भीतर वर्तमान की आँधी में इतिहास की धूल और राख उड़ती रहती है। जब अठारहवीं सदी के आरम्भ में पटना का नाम अज़ीमाबाद हुआ, उन्हीं दिनों जूठी गली की नींव पड़ी थी। उन दिनों से अब तक यह गली ज़िन्दा है। लोग जनमते और विदा होते रहे, मकान बिकते-ढहते-बनते रहे, जूठी गली अपना रूप बदलती रही और किसी ज़िन्दा इनसान की तरह धड़कती रही। इसके बाशिन्दे ख़बरों के रसिया हैं। ख़बरें इस गली में हवा के पर लगाकर उड़ती हैं। जन्म और मृत्यु दोनों के लिए यहाँ समान भाव से सुख-दुःख उपजता है। प्रेम और नफ़रत एक ही बटुए में रखकर लोग आपस में मिलते-जुलते हैं। जो ज़ुबान प्रशंसा करते नहीं थकती वह पीठ फेरते ही निन्दा रस उड़ेलने लगती है। इस गली में मध्यवर्गीय प्रपंचों के कीचड़ में लिथड़कर जीती स्त्रियों के साथ ऐसी स्त्रियाँ भी हैं जो पुरुषों के वर्चस्व को चुनौती देती हैं और परिदृश्य बदल जाता है। राजनीति ने अपने नाख़ूनों के खरोचों से जूठी गली को जो घाव दिए हैं, लोग उन्हें सहलाते हुए जीते हैं। इस गली में जाति-दंश की ज़हरीली हवा बहती है। प्रेम करनेवाले यहाँ सम्मान नहीं, हँसी के पात्र हैं। हृषीकेश सुलभ अपनी रचनाओं में स्वयं नहीं बोलते बल्कि उनके पात्रों का जीवन-व्यापार और परिवेश कथ्य को सघनता से प्रकट करता है। अपनी सहज भाषा की मार्मिकता और आत्मीय कहन के हुनर के सहारे वे कथा के बीहड़ में उतरते हैं और जीवन के ऐसे क्षणों को रचते हैं जो मानवीय गरिमा की रक्षा करते हैं। जूठी गली हमारे समय का जीवन्त दस्तावेज़ है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book