Jeete Jee Allahabad
Author:
Mamta KaliyaPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Biographies-and-autobiographies0 Ratings
Price: ₹ 239.2
₹
299
Available
जीते जी इलाहाबाद सिर्फ संस्मरणात्मक कृति नहीं है, एक यात्रा है जिसमें हमें अनेक उन लोगों के शब्दचित्र मिलते हैं जिनके बिना आधुनिक हिंदी साहित्य का इतिहास नहीं लिखा जा सकता और जो उस समय के इलाहाबाद के मन-प्राण होते थे।
ISBN: 9789390971916
Pages: 192
Avg Reading Time: 6 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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- Description: गुलज़ार से बातें...'माचिस' के, 'हू-तू' के, 'ख़ुशबू', 'मीरा' और 'आँधी' के बहुरंगी लेकिन सादा गुलज़ार से बातें...फ़िल्मों में अहसास को एक किरदार की तरह उतारनेवाले और गीतों-नज़्मों में ज़िंदगी के जटिल सीधेपन को अपनी विलक्षण उपमाओं और बिम्बों में खोलनेवाले गुलज़ार से उनकी फ़िल्मों, उनकी शायरी, उनकी कहानियों और उस मुअम्मे के बारे में बातें जिसे गुलज़ार कहा जाता है। उनके रहन-सहन, उनके घर, उनकी पसंद-नापसंद और वे इस दुनिया को कैसे देखते हैं और कैसे देखना चाहते हैं, इस पर बातें...यह बातों का एक लम्बा सिलसिला है जो एक मुलायम आबोहवा में हमें समूचे गुलज़ार से रू-ब-रू कराता है। यशवंत व्यास गुलज़ार-तत्त्व के अन्वेषी रहे हैं। वे उस लय को पकड़ पाते हैं जिसमें गुलज़ार रहते और रचते हैं। इस लम्बी बातचीत से आप उनके ही शब्दों में कहें तो 'गुलज़ार से नहाकर' निकलते हैं।
Jab Jindagi Muskura Di
- Author Name:
K. D. Singh
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Description:
बहुपठित युवा व्यंग्यकार के.डी. सिंह की यह किताब दरअसल जीवन की गुज़री राहों से कुछ यादगार टुकड़े समेटती है, जो लेखक के तो हैं ही, इसमें आप और हम भी होंगे। इन्हीं टुकड़ा-टुकड़ा स्मृतियों को सहेजती हुई ये किताब 'जब ज़िन्दगी मुस्कुरा दी' लेखक के चालीस वर्षों के सिंहावलोकन के कुछ पुंज, कुछ अपने, कुछ अपनों के अनुभव...अच्छे-बुरे लोगों के सानिध्य और कच्चे पक्के दुनियावी रास्तों से गुज़रते हुए, जीवन के कुछ अनमोल और न भूलनेवाले चित्रों का संकलन है, जो जीवन की स्मृतियों को सार्वजनिक तौर पर साझा करते हैं। ये संस्मरण हैं, स्मृति चित्र हैं...बीती ज़िन्दगी के, पर जिनकी रोशनी आगे के जीवन-पथ को भी आलोकित करती है...
जाने कितना जीवन,
पीछे छूट गया अनजाने में
अब तो कुछ क़तरे हैं बाक़ी,
साँसों के पैमाने में...
इतना जान लिया तो यारो,
कैसी बन्दिश उनवाँ की
अपना-अपना रंग भरेगा,
हर कोई अफ़साने में....!!
Picasso : Ek Jeevani
- Author Name:
Shashidhar Khan
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- Description: "दुनिया के सबसे प्रसिद्ध चित्रकार पाब्लो पिकासो इस सदी के सर्वाधिक प्रभावशाली और महानतम कलाकार माने जाते हैं। वे सिर्फ चित्रकार ही नहीं, अपने समय के सफलतम रंगकर्मी, शिल्पी, रचनाकार और रंगमंच डिजाइनर भी थे। कला का कोई क्षेत्र पिकासो से अछूता नहीं बचा। जिस विधा को छुआ, उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित बना दिया। पाब्लो पिकासो के व्यक्तित्व और कृतित्व में इतनी विविधताएँ हैं कि अभी तक उनके योगदान का सही आकलन नहीं हो सका है। उनका व्यक्तित्व और पारिवारिक से लेकर कलाकार के रूप में जिया गया जीवन भी इतना वैविध्यपूर्ण तथा विशिष्टताओं से भरा है कि जितनी बार चर्चा की जाए, एक नई बात सामने आती है। यही खासियत पिकासो को अतिविशिष्ट कलाकारों की सूची में ऊपर ला देती है। चित्रकारी और शिल्पकला के क्षेत्र में पिकासो विश्व के एकमात्र अमिट हस्ताक्षर हैं। विश्व की सर्वश्रेष्ठ कलाओं का इतिहास पिकासो से ही शुरू होता है और पिकासो पर ही समाप्त हो जाता है। पिकासो का रिकॉर्ड है कि 15 साल की उम्र में ही उन्होंने अपना स्टूडियो बनाकर व्यावसायिक पेंटिंग शुरू कर दी थी। पिकासो के बारे में जाननेवालों का कहना है कि लगता है, वे ब्रश, रंग और तूलिका हाथ में लिये पैदा हुए थे! पिकासो की माँ को भी वैसा ही लगता था। वैसे उनकी माँ पिकासो की कविताएँ ज्यादा पसंद करती थीं। कलाधर्मी पिकासो के जीवन की अंतरंग झाँकी प्रस्तुत करती पठनीय पुस्तक। "
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