The Self & The World: Autobiographical Readings In Hindi
Author:
Rupert SnellPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Biographies-and-autobiographies0 Ratings
Price: ₹ 1516
₹
1895
Unavailable
Autobiographical writing in Hindi is a personal and intimate genre that rewards both the Hindi reader and the learner of the language. Each author paints a unique picture of life in India – and indeed of life in general; many of the fifty-one extracts given in this book are by professional writers, but we also meet painters, poets, patriots, politicians, musicians, academics, a station-master and a prisoner on death row. There is joy here, and much laughter; but also pain, unease, and torment. Reader beware!</p>
<p>An introduction on language and style begins the book, frequently referencing the original texts that follow; each Hindi excerpt has a two-page introduction in English and a detailed facing-page glossary-cum-commentary for those who need it.
ISBN: 9789360865962
Pages: 660
Avg Reading Time: 22 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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- Description: क्यूबा की क्रान्ति का पैरा-दर-पैरा इतिहास बतानेवाली इस पुस्तक के केन्द्र में फ़िदेल कास्त्रो का जीवन है। वही फ़िदेल कास्त्रो जो आज पूरी दुनिया में साम्राज्यवाद-विरोध का प्रतीक बन चुके हैं। मात्र पच्चीस वर्ष की आयु में मुट्ठी-भर साथियों को लेकर और बिना किसी बाहरी मदद के फ़िदेल कास्त्रो ने क्यूबा के तानाशाह बतिस्ता और उसके पोषक अमेरिकी साम्राज्यवाद को सदा-सदा के लिए क्यूबा से विदा कर दिया था। क्यूबा के शोषित-पीड़ित किसानों, मज़दूरों को क्रान्तिकारी योद्धाओं में बदलने वाले और अपने देश को सामाजिक न्याय के सिद्धान्तों पर एक बेहतर राष्ट्र के रूप में विकसित करनेवाले फ़िदेल कास्त्रो ने अन्तरराष्ट्रीयता की नई परिभाषाएँ गढ़ीं और समूची दुनिया को हर तरह की विषमता से मुक्त करने का एक बड़ा सपना देखा। आज इस सपने को विश्व का हर वह इनसान अपने दिल के क़रीब महसूस करता है जो इस दुनिया को मनुष्य के भविष्य के लिए एक सुरक्षित आवास में बदलना चाहता है। लेखक के व्यापक शोध और गहरी प्रतिबद्धता से उपजी यह पुस्तक न सिर्फ़ फ़िदेल के जीवन, बल्कि क्यूबा तथा शेष विश्व की उन राजनीतिक-आर्थिक परिस्थितियों का भी तथ्याधारित विवरण देती है जिसके बीच फ़िदेल का उद्भव हुआ और क्यूबा-क्रान्ति सम्भव हुई। साथ ही इसमें क्रान्ति की प्रेरक उस विचार-निधि को भी पर्याप्त स्थान दिया गया है जिसके कारण फ़िदेल का सपना, पहले क्यूबा और फिर दुनिया के हर न्यायप्रिय व्यक्ति का संकल्प बना। इस पुस्तक में हमें फ़िदेल के सबसे भरोसेमन्द साथी चे गुएवारा को भी काफ़ी नज़दीक से जानने का मौक़ा मिलता है जिनके जीवन का एकमात्र उद्देश्य दुनिया में जहाँ भी साम्राज्यवाद है, उसके विरुद्ध संघर्ष करना था, और अल्प आयु में ही जीवन बलिदान करने के बावजूद जो आज हर जागरूक युवा हृदय में जीवित हैं।
The Life and Times of Subhash Chandra Bose
- Author Name:
Praveen Bhalla
- Book Type:

- Description: Give me blood, and I’ll give you freedom’, declared Subhash Chandra Bose. This was exactly what he believed in. The moderate ways of the Congress were not for him. Therefore, he formed the Azad Hind Fauj to overthrow the British. Burning with patriotic zeal, he tried his best to oust the British from his motherland. He was respectfully addressed as ‘Netaji’ and dedicated his entire life to his country's freedom. The annals of history have not done justice to this great patriot. It is time he is known to the people of India and given his due recognition. This book attempts to bring his life into the spotlight and illuminate it so that the reader is conversant with it and appreciates his efforts.
Binpatachi Chaukat - yatanamay parikramecha nital aawishkar
- Author Name:
Indumati Jondhale
- Book Type:

- Description: ‘बिनपटाची चौकट' दोन खांबांवर उभी आहे.एक खांब आहे, ऋजुतेचा आणि दुसरा खांब आहे, क्रूरतेचा.या दोन्ही अनुभवांतूनइंदूचे आयुष्य आकाराला आले आहेआणि म्हणून ते विदारक आहे.सरळसोट जगणे असते तर‘बिनपटाची चौकट' उभीच राहिली नसती.पट नसलेली चौकट समाजव्यवस्थेची आहे,मनुष्यसमूहाची आहे आणिआतल्या आत खदखदणाऱ्याआत्मप्रत्ययी अनुभवांची आहे.इंदूमती जोंधळे यांची ‘बिनपटाची चौकट'यातनामय परिक्रमेचानितळ आविष्कार आहे.गेल्या दशकातील मराठी निर्मितीनेज्याचा अक्षरवाङ्मयात गौरवाने समावेश करावाअसे हे आत्मकथन आहे.‘स्मृतीचित्रा'पेक्षाही हे अधिक दाहक आहे.- डॉ. गंगाधर पानतावणे(फेबु्रवारी, 1999) Binpatachi Chaukat | Indumati Jondhale बिनपटाची चौकट | इंदुमती जेोंधळे
Swaatantrya Samara Simha Lokamaanya Baala Gangaadhara Tilak
- Author Name:
M S Mannar Krishna Rao
- Book Type:

- Description: DESCRIPTION AWAITED
Atirikta Sataren
- Author Name:
Anita Rakesh
- Book Type:

-
Description:
‘चन्द सतरें और’, ‘सतरें और सतरें’, ‘अन्तिम सतरें’ और अब यह ‘अतिरिक्त सतरें’—यह शृंखला अनीता राकेश की उन यादों का सफ़र है, जिन्हें उन्होंने मोहन राकेश के साथ बिताए अपने जीवन में सँजोया। इस सफ़र में उन्होंने अपनी उन ख़ुशियों, चुनौतियों, परेशानियों और दु:खों का बेबाक वर्णन किया है जो उनके आजीवन अनुभव का हिस्सा होकर रह गए।
राकेश से मुलाक़ात के समय वह स्वयं लेखक नहीं थीं, लिखना उन्होंने बाद में शुरू किया, जिसके पीछे कुछ राकेश की प्रेरणा का बल था, और कुछ नए अनुभवों की अतिरिक्त का आवेग। परिणाम यह कि कहानीकार के रूप में भी उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई, लेकिन ज़्यादा वक़्त नहीं बीता कि मोहन राकेश अकाल ही हमसे और उनसे विदा हो गए। यह घटना उनके लिए एक बड़ी त्रासदी थी जिससे उबरने की प्रक्रिया में ही इन पुस्तकों
की रचना सम्भव हुई और अनीता जी के लिए यह प्रक्रिया आज दशकों बाद भी जारी है।‘अतिरिक्त सतरें’ में उन्होंने वापस उन दिनों को टटोला है जब वे राकेश से मिलीं, उनको समझना शुरू किया और अन्तत: एक सपने के सच होने की तरह वे एक हो गए।
उम्मीद है सतरें-शृंखला की अन्य पुस्तकों की तरह यह कड़ी भी पाठकों को अपने मन के नज़दीक लगेगी।
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