Smriti Mein Jeevan
(0)
Author:
Kedarnath SinghPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Biographies-and-autobiographies₹
250
₹ 200 (20% off)
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v data-content-type="html" data-appearance="default" data-element="main">स्मृतियाँ शक्ति देती हैं और स्मृतियों के सहारे प्रतिरोध की रचना भी हुई है। आकस्मिक नहीं कि नयी शताब्दी में संस्मरण लेखन में अभूतपूर्व सक्रियता देखी गई है। गद्य की ललित विधाओं में संस्मरण का दुर्निवार आकर्षण पाठकों के साथ लेखकों में भी रहा है। फिर यह गद्य कवि का हो तो इसका आकर्षण और अधिक हो जाता है। विख्यात कवि केदारनाथ सिंह के संस्मरणों की इस कृति की रूपरेखा स्वयं कवि ने तैयार कर दी थी जो अब पाठकों के हाथ में है। यहाँ कवि का अपना जीया-देखा समय-समाज है तो अनेक विभूतियों के अंतरग और हार्दिक चित्र भी। कवि की दृष्टि उन लोगों पर भी गई है जो भले ही बड़े नाम न थे किन्तु कवि के संपर्क में आए और किसी विशिष्ट गुण अथवा गतिविधि ने कवि के मन में स्थाई आवास बना लिया। पिछली पीढ़ी के अनेक लेखकों यथा भिखारी ठाकुर, अज्ञेय, हजारीप्रसाद द्विवेदी, फ़ैज़ अहमद फ़ैज़, त्रिलोचन, भीष्म साहनी, रघुवीर सहाय और नामवर सिंह के संस्मरण वरेण्य खंड में दिए गए हैं। कवि के सहचर रहे श्रीकांत वर्मा, सोमदत्त, देवेंद्र कुमार बंगाली, विजय मोहन सिंह और वरयाम सिंह पर लिखे स्मृति आलेखों को दूसरे खंड में रखा गया है। तीसरे खंड में कुछ अनाम लोग हैं जिनका प्रभाव कवि पर पड़ा। ‘स्मृति में जीवन’ की ख़ास बात यह है कि केदारनाथ सिंह की उन कविताओं को भी इन संस्मरणों के साथ दे दिया गया है जिनकी संरचना में स्मृति है अथवा इन संस्मरणों से जुड़ी कोई शख़्सियत। कवि की अनुपस्थिति में ये संस्मरण कवि की नयी उपस्थिति संभव कर रहे हैं जिसके आलोक में हमारा आज और बेहतर दिखाई देता है। सम्पादक द्वय ने कवि के गद्य संसार में से स्मृति के ये ख़ास प्रसंग चुनकर पाठकों के लिए रख दिए हैं, कहना न होगा कि इन संस्मृतियों में जीवन की उष्मा भरी हुई है।</
Read moreAbout the Book
v data-content-type="html" data-appearance="default" data-element="main">स्मृतियाँ शक्ति देती हैं और स्मृतियों के सहारे प्रतिरोध की रचना भी हुई है। आकस्मिक नहीं कि नयी शताब्दी में संस्मरण लेखन में अभूतपूर्व सक्रियता देखी गई है। गद्य की ललित विधाओं में संस्मरण का दुर्निवार आकर्षण पाठकों के साथ लेखकों में भी रहा है। फिर यह गद्य कवि का हो तो इसका आकर्षण और अधिक हो जाता है। विख्यात कवि केदारनाथ सिंह के संस्मरणों की इस कृति की रूपरेखा स्वयं कवि ने तैयार कर दी थी जो अब पाठकों के हाथ में है। यहाँ कवि का अपना जीया-देखा समय-समाज है तो अनेक विभूतियों के अंतरग और हार्दिक चित्र भी। कवि की दृष्टि उन लोगों पर भी गई है जो भले ही बड़े नाम न थे किन्तु कवि के संपर्क में आए और किसी विशिष्ट गुण अथवा गतिविधि ने कवि के मन में स्थाई आवास बना लिया। पिछली पीढ़ी के अनेक लेखकों यथा भिखारी ठाकुर, अज्ञेय, हजारीप्रसाद द्विवेदी, फ़ैज़ अहमद फ़ैज़, त्रिलोचन, भीष्म साहनी, रघुवीर सहाय और नामवर सिंह के संस्मरण वरेण्य खंड में दिए गए हैं। कवि के सहचर रहे श्रीकांत वर्मा, सोमदत्त, देवेंद्र कुमार बंगाली, विजय मोहन सिंह और वरयाम सिंह पर लिखे स्मृति आलेखों को दूसरे खंड में रखा गया है। तीसरे खंड में कुछ अनाम लोग हैं जिनका प्रभाव कवि पर पड़ा।
‘स्मृति में जीवन’ की ख़ास बात यह है कि केदारनाथ सिंह की उन कविताओं को भी इन संस्मरणों के साथ दे दिया गया है जिनकी संरचना में स्मृति है अथवा इन संस्मरणों से जुड़ी कोई शख़्सियत। कवि की अनुपस्थिति में ये संस्मरण कवि की नयी उपस्थिति संभव कर रहे हैं जिसके आलोक में हमारा आज और बेहतर दिखाई देता है। सम्पादक द्वय ने कवि के गद्य संसार में से स्मृति के ये ख़ास प्रसंग चुनकर पाठकों के लिए रख दिए हैं, कहना न होगा कि इन संस्मृतियों में जीवन की उष्मा भरी हुई है।</
Book Details
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ISBN9789392757983
-
Pages144
-
Avg Reading Time5 hrs
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Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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Description:
पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर की यह आत्मकथा सिर्फ़ उनकी निजी ज़िन्दगी की कहानी नहीं है। यह उनके समय का प्रामाणिक दस्तावेज़ भी है। वे आज़ादी के बाद की निर्णायक राजनैतिक घटनाओं से जुड़े रहे। उन घटनाओं को एक निश्चित दिशा देने में उन्होंने ऐतिहासिक भूमिका भी निभाई। इसलिए उनकी इस आत्मकथा में उनके दौर का अनुद्घाटित इतिहास सुरक्षित है। अपने समय के अनेक व्यक्तित्वों और घटनाओं के बारे में उन्होंने ऐसी जानकारियाँ भी दी हैं जिनसे समकालीन राजनैतिक-सामाजिक इतिहास को समझने के लिए नए तथ्य प्राप्त होते हैं।
बलिया के एक किसान परिवार में जनमे चन्द्रशेखर अपनी जीवन-यात्रा में अनेक पड़ावों से गुज़रे। स्वाधीनता-आन्दोलन में शिरकत की। आज़ादी के बाद समाजवाद के लिए चलाए जानेवाले संघर्ष को आगे बढ़ाया। कांग्रेस को प्रगतिशील बनाने के लिए नए कार्यक्रम रखे। आपातकाल की जेल-यात्रा के बाद जनता पार्टी के पहले अध्यक्ष बने। जनता दल की सरकार के जाने के बाद देश के प्रधानमंत्री पद पर पहुँचे और समझौताविहीन व्यक्तित्व के कारण अन्तत: इस्तीफ़ा दिया। उदारीकरण और बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के नव-साम्राज्यवाद का वे विरोध करते रहे। उनकी इस आत्मकथा में बाहरी संसार के अलावा उनके व्यक्तित्व की गहरी संवेदनशीलता और मानवीय पक्ष का वृत्तान्त भी शामिल है। हिन्दी में आत्मकथा साहित्य की परम्परा में चन्द्रशेखर की यह आत्मकथा एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है।
Inside Chhattisgarh: A Political Memoir
- Author Name:
Ilina Sen
- Book Type:

- Description: For thirty years, until his conviction in 2010 by the High Court, pediatrician Binayak Sen and his sociologist wife Ilina worked among people in Chhattisgarh's tribal heartland. They came here seeking fresh ideas for change—and stayed on. This fascinating memoir illuminates their journey and how their world imploded. Ilina vividly describes their years at the trade union CMSS, led by the iconic Shankar Guha Niyogi, where Binayak and three doctors started a hospital and she organized workers' education, joined the feisty women mine-workers' struggles and discovered the rich local history, cultural and farming traditions. These experiences later found expression in Rupantar, their own NGO and when the new state's government sought their advice for its women's policy and for Mitanan, a precursor of the national rural health mission. Candid and deeply felt, the book celebrates Chhattisgarh but also laments the lost opportunity for its inclusive and violence-free development.
Hamari Gaurav Gathayen
- Author Name:
Madan Gopal Sinhal
- Book Type:

- Description: "सुविख्यात साहित्यकार श्री मदनगोपाल सिंहल एक सिद्धहस्त एवं कर्मठ व्यक्ति हैं। उन्होंने समाज को अपनी अनेकों प्रसिद्ध पुस्तकों के माध्यम से राष्ट्रीय प्रेरणा दी है। मुझे श्री सिंहलजी की नवीनतम कृति ‘हमारी गौरव गाथाएँ’ देखने का अवसर मिला। मैं रुग्ण हूँ तथा अस्वस्थ होने के कारण मुझ पर अधिक पढ़ने पर भी प्रतिबंध है, किंतु जब मैंने ‘हमारी गौरव गाथाएँ’ पुस्तक की स्वर्णिम गाथाओं को पढ़ना प्रारंभ किया तो बीच में न छोड़ सका। भारत के इतिहास की एक-एक पंक्ति में हमारा स्वर्णिम अतीत छिपा हुआ है। हमारे इतिहास में समस्त विश्व को प्रेरणा देने की महान् सामर्थ्य विद्यमान है। जगद्गुरु भारत से ही समस्त विश्व के कोने-कोने में ज्ञान, बलिदान एवं शौर्य की ज्योतिर्मय किरणें पहुँच पाई हैं। श्री सिंहलजी ने भारत के इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठों की कुछ गाथाओं को इस पुस्तक में सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया है। 1857 वीरांगना लक्ष्मीबाई, क्रांतिकारी बालक एवं ‘हिंदू एशिया’ जैसी महान् पुस्तकों के रचयिता श्री सिंहलजी की यह नवीन कृति भी आदर पाने योग्य है। अपनी सभ्यता-संस्कृति की उपेक्षा करके पाश्चात्य-संस्कृति पर गर्व करनेवाले तथाकथित भारतीयों को यह गाथाएँ प्रेरणा प्रदान करेंगी, ऐसी मुझे पूर्ण आशा है। —वि.दा. सावरकर
Elon Musk : CEO Series
- Author Name:
Ashish Mishra
- Book Type:

- Description: इस पुस्तक में हम जानेंगे एक ऐसे व्यक्ति के बारे में जिसने सिर्फ पैसे कमाने के लिए ही नहीं, बल्कि बदलाव की दिशा में नेतृत्व किया। यह एक कहानी है उस आदमी की, जिसने अपने संघर्षों को आत्मविश्वास में बदला और दुनिया को अद्वितीय रूप से स्पर्श किया। इस आदमी ने बचपन में पिता की छाया में पिड़ित होने के बावजूद, स्कूल में दबंग लड़कों की ज़ुल्मी सत्ता से सामना किया। साथ ही, उसने दक्षिण अफ्रीका से शुरू करके कनाडा और फिर अमेरिका तक का सफर किया, जहां उसने अपनी तमाम कमजोरियों को परास्त करने का संकल्प किया। इस पुस्तक में हम उसके संघर्षों, सफलता की कहानी, और दुनिया के सबसे अमीर आदमी बनने की राह में उन रहस्यों को जानेंगे जिन्होंने उसे आगे बढ़ने में मदद की। आज की दुनिया में जब हर दिन कुछ नया हो रहा है, तो इस पुस्तक के माध्यम से हम ईलॉन मस्क की विचारशीलता, नए विचार, और नेतृत्व की कला से परिचित हो सकते हैं। इसमें उनके सपनों की मिसाल है, जो आपको आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। अगर आप जीवन में कुछ करना चाहते हैं, तो इस पुस्तक को पढ़कर उस उत्साह, साहस, और निरंतरता की मिसाल से आभास करें। इस पुस्तक से आपको नये सोचने का संबोधन होगा और आप भी अपने लक्ष्यों की प्राप्ति में सफल हो सकते हैं।
Sakshatkaron Ke Aaine Me
- Author Name:
Dr. Renu Yadav
- Book Type:

- Description: Book
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