Mitramilan Tatha Anya Kahaniyan
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Author:
AmarkantPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections₹
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‘ज़िन्दगी और जोंक’, ‘देश के लोग’ और ‘मौत का नगर’ के बाद ‘मित्र-मिलन तथा अन्य कहानियाँ’ अमरकान्त की नई कहानियों का संकलन है। ये कहानियाँ न केवल इतिहास की विसंगतियों और असफलताओं पर गम्भीर चिन्ता व्यक्त करती हैं, बल्कि यथा-स्थितिवाद का कोहरा हटाकर हमारे दृष्टिकोण को बदलती हैं, और हमें मनुष्य के अधिक निकट ले जाती हैं। इन कहानियों में बदलाव की व्याकुलता है, प्रगतिशील जीवन-दृष्टि के प्रति आस्था है।</p> <p>अमरकान्त भारतीय निम्न मध्यवर्गीय मनुष्य की भावनाओं को जितना समझते हैं, उतना ही उसके अन्तर्विरोधों पर व्यंग्य करते हैं। ‘फ़र्क़’ हो या ‘शक्तिशाली मैत्री’ हो या ‘मित्र-मिलन' वास्तविकता का इतना आत्मीय अंकन अन्यत्र दुर्लभ है। विश्वनाथ त्रिपाठी का यह कथन सार्थक है कि अमरकान्त का रचना-संसार महान रचनाकारों के रचना-संसारों जैसा विश्वसनीय है। उस विश्वसनीयता का कारण है स्थितियों का अचूक चित्रण जिससे व्यंग्य और मार्मिकता का जन्म होता है। वास्तव में प्रेमचन्द के बाद जीवन की इतनी गहरी पकड़ अमरकान्त में ही मिलती है।
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‘ज़िन्दगी और जोंक’, ‘देश के लोग’ और ‘मौत का नगर’ के बाद ‘मित्र-मिलन तथा अन्य कहानियाँ’ अमरकान्त की नई कहानियों का संकलन है। ये कहानियाँ न केवल इतिहास की विसंगतियों और असफलताओं पर गम्भीर चिन्ता व्यक्त करती हैं, बल्कि यथा-स्थितिवाद का कोहरा हटाकर हमारे दृष्टिकोण को बदलती हैं, और हमें मनुष्य के अधिक निकट ले जाती हैं। इन कहानियों में बदलाव की व्याकुलता है, प्रगतिशील जीवन-दृष्टि के प्रति आस्था है।</p>
<p>अमरकान्त भारतीय निम्न मध्यवर्गीय मनुष्य की भावनाओं को जितना समझते हैं, उतना ही उसके अन्तर्विरोधों पर व्यंग्य करते हैं। ‘फ़र्क़’ हो या ‘शक्तिशाली मैत्री’ हो या ‘मित्र-मिलन' वास्तविकता का इतना आत्मीय अंकन अन्यत्र दुर्लभ है। विश्वनाथ त्रिपाठी का यह कथन सार्थक है कि अमरकान्त का रचना-संसार महान रचनाकारों के रचना-संसारों जैसा विश्वसनीय है। उस विश्वसनीयता का कारण है स्थितियों का अचूक चित्रण जिससे व्यंग्य और मार्मिकता का जन्म होता है। वास्तव में प्रेमचन्द के बाद जीवन की इतनी गहरी पकड़ अमरकान्त में ही मिलती है।
Book Details
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ISBN9788180313691
-
Pages155
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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