Indian Short Stories 1900 To 2000
Author:
E. V. RamakrishnanPublisher:
Sahitya AkademiLanguage:
EnglishCategory:
Short-story-collections4 Ratings
Price: ₹ 456.5
₹
550
Available
The 43 stories collected from 21 languages in this anthology showcase the rich diversity and intricacies of life in India. They range from the turmoil and mass hysteria of partition to the suppressed anger and self-pity of those ensnared in fractured homes. These narratives reveal both the external and internal experiences of Indian society. The sacred and the profane, as well as the elite and the subaltern, feature prominently in these complex narratives, serving as metaphors for self-reflection. Collectively, these stories chart a transformative century in which our country emerged as a unified nation. The evocative imagery from the troubled depths of the 20th century is both unsettling and enlightening.
ISBN: 9788126010912
Pages: 535
Avg Reading Time: 18 hrs
Age: 18+
Country of Origin: IN
Recommended For You
Bisat
- Author Name:
Rakesh Bihari
- Book Type:

- Description: This book has no description
Highway E 47
- Author Name:
Smt. Archana Painuly
- Book Type:

- Description: नारी-विमर्श अपने आप में साहित्य में एक महत्त्वपूर्ण विधा रही है। स्त्रा्वादी साहित्य महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक अधिकारों को परिभाषित तथा नारीवादी लक्ष्यों का समर्थन करता है। नारी-विमर्श पर आधारित संकलन की ये बारह कहानियाँ विविध नारी पात्रों को लेकर बुनी गई हैं, जो एक तरफ समकालीन जीवन के जटिल और क्रूर यथार्थ को चिह्नित करती हैं तो दूसरी तरफ स्त्रा्-जीवन के विभिन्न पक्षों को उद्घाटित करती हैं। समाज के प्रत्येक वर्ग की स्त्रा् के जीवन को प्रस्तुत करती हैं ये कहानियाँ। एक व्यापक भूमंडल को आच्छादित किए इन कहानियों में मानव जीवन के कई रंग बिखरे हुए हैं। पाठकों को भिन्न-भिन्न परिवेश में जी रही महिलाओं के जीवन से रूबरू करवाती, हमारी पारंपरिक सोच और रूढ़िवादी विचारों को झकझोरती ये कहानियाँ अत्यंत सजीव हैं। अहं, अन्याय, अकेलापन, विमुखता, प्रतिरोध, यंत्रणा, वेदना, लाचारी...तमाम अंतर्द्वंद्वों से जूझती, स्वयं के लिए सही संतुलन प्राप्त करने के लिए संघर्ष करती इन कहानियों की दमदार महिलाएँ पाठकों को प्रेरणा प्रदान करती हैं। पारिवारिकता और सामाजिकता की ये कहानियाँ नारी-सशक्तीकरण परिवेश का सशक्त स्वर हैं।
Gyandan
- Author Name:
Yashpal
- Rating:
- Book Type:

- Description: यशपाल के लेखकीय सरोकारों का उत्स सामाजिक परिवर्तन की उनकी आकांक्षा, वैचारिक प्रतिबद्धता और परिष्कृत न्याय-बुद्धि है। यह आधारभूत प्रस्थान बिन्दु उनके उपन्यासों में जितनी स्पष्टता के साथ व्यक्त हुए हैं, उनकी कहानियों में वह ज़्यादा तरल रूप में, ज़्यादा गहराई के साथ कथानक की शिल्प और शैली में न्यस्त होकर आते हैं। उनकी कहानियों का रचनाकाल चालीस वर्षों में फैला हुआ है। प्रेमचन्द के जीवनकाल में ही वे कथा-यात्रा आरम्भ कर चुके थे, यह अलग बात है कि उनकी कहानियों का प्रकाशन किंचित् विलम्ब से आरम्भ हुआ। कहानीकार के रूप में उनकी विशिष्टता यह है कि उन्होंने प्रेमचन्द के प्रभाव से मुक्त और अछूते रहते हुए अपनी कहानी-कला का विकास किया। उनकी कहानियों में संस्कारगत जड़ता और नए विचारों का द्वन्द्व जितनी प्रखरता के साथ उभरकर आता है, उसने भविष्य के कथाकारों के लिए एक नई लीक बनाई, जो आज तक चली आ रही है। वैचारिक निष्ठा, निषेधों और वर्जनाओं से मुक्त न्याय तथा तर्क की कसौटियों पर खरा जीवन—ये कुछ ऐसे मूल्य हैं जिनके लिए हिन्दी कहानी यशपाल की ऋणी है। ‘ज्ञानदान’ कहानी-संग्रह में उनकी ये कहानियाँ शामिल हैं : ‘ज्ञानदानֺ’, ‘एक राज़’, ‘गण्डेरी’, ‘कुछ समझ न सका’, ‘दु:ख का अधिकार’, ‘पराया सुख’, ‘80/100’, या ‘सांई सच्चे!’, ‘ज़बरदस्ती’, ‘हलाल का टुकड़ा’, ‘मनुष्य’, ‘बदनाम’ और ‘अपनी चीज़’।
Shatabdi Se Shesh
- Author Name:
Pankaj Bisht
- Book Type:

-
Description:
‘शताब्दी से शेष’ विशिष्ट कथाकार पंकज बिष्ट की चर्चित कहानियों का संग्रह है। पंकज बिष्ट व्यापक सामाजिक सरोकारों से सम्पन्न एक ऐसे रचनाकार हैं जो यथार्थ की भीतरी तहों का उत्खनन करते हैं। संग्रह की भूमिका के अनुसार, ‘...इन कहानियों में अपने दौर के विभिन्न बदलावों और उनकी चुनौतियों को लगातार अभिव्यक्त करने की कोशिश है। इस पर भी ये कहानियाँ इतिहास या किसी तरह का दस्तावेज़ नहीं हैं; बल्कि गुज़री सदी का ऐसा कोलाज हैं जिसका निर्माण निजी वृत्तान्त से हुआ है।’
प्रस्तुत कहानियों में घटनाएँ तो हैं, लेकिन वे किसी विस्मृत होते जीवन-मूल्य को रेखांकित करती हुई आती हैं। निजता तो है, लेकिन उसके आयतन में असंख्य जनों का सुख-दु:ख समाहित है। विमर्श तो है, लेकिन वह आवरण नहीं, आत्मा का हिस्सा है।
पंकज बिष्ट की भाषा बेहद रचनात्मक है। जैसे, ‘पर उन दिनों न तो शून्य ही इतना अन्तहीन था, न ही एकरसता इतनी यांत्रिक। अपनी सारी प्रारम्भिक उदासी और अनमनेपन के बावजूद उसकी आँखें एक किशोर कौतुक से जगमगाती रहती थीं।’
प्रस्तुत संग्रह पाठकों को संवेदना और विचार के नए आयामों से परिचित कराता है।
Peddibhotla Subbaramaiah Short Stories
- Author Name:
Peddibhotla Subbaramaiah
- Rating:
- Book Type:

- Description: awaited
Chaudah Left-Chaudah Right
- Author Name:
Chandra Shekhar Varma
- Book Type:

-
Description:
‘चौदह लेफ़्ट-चौदह राइट’ रोचकता के ताने-बाने में बुनी गई 21 कहानियों का संग्रह है। इसकी हर कहानी अनेक मोड़ों से गुज़रते हुए एक चौंका देने वाले अन्त तक पहुँचती है। कथासागर के कैनवस पर समाज के कुछ अनछुए पहलुओं का दिलचस्प चित्रण है यह संग्रह।
इस किताब में संग्रहीत कहानियों की विविधता एवं नवीनता अभूतपूर्व है। एक ही संग्रह में कॉलेज के रोमांस की भीनी ख़ुशबू ,भाग्य के खेल के उतार-चढ़ाव, ज़िन्दगी की रेस की हार-जीत, शक्की पत्नी के पति की व्यथा, प्राइवेट नौकरी की अनिश्चितता, पत्रों का आदान-प्रदान, सेवानिवृत्त शिक्षिका की आत्मनिर्भरता, लालच और लापरवाही के बीच ऊँचे ओहदों पर बैठे ईमानदार और भ्रष्ट अफ़सरों की जद्दोजहद, रेल दुर्घटना की विभीषिका के साथ-साथ और भी बहुत कुछ पढ़ने को मिलेगा। जीवन्त, सरल और सरस भाषा में कहानी का जामा पहने जीवन की ये विषमताएँ आपको गुदगुदाएँगी, झिंझोड़ेंगी और सम्भव है कि रुलाएँ भी।
Katha Saptak Alpana Mishr
- Author Name:
Alpana Mishr
- Book Type:

- Description: Collection of 7 brilliant stories: - छावनी में बेघर - मुक्ति - प्रसंग - मिड डे मील - उपस्थिति - बेतरतीब - अंधेरी सुरंग में टेढ़े मेढ़े अक्षर - कथा के ग़ैरज़रूरी प्रदेश में
Do Khirkiyan
- Author Name:
Amrita Preetam
- Book Type:

- Description: ‘दो खिड़कियाँ’ में पंजाबी की सुप्रसिद्ध लेखिका अमृता प्रीतम की मर्मस्पर्शी रचनाएँ संग्रहीत हैं। इनमें सात कहानियाँ, एक लघु उपन्यास और सबसे अन्त में एक ऐसा प्रयोग है जिसमें दुनिया के नौ उपन्यासों में से नौ पात्र चुनकर उनकी मनोदशा को समझने की कोशिश की गई है—हर पात्र की आत्मा में पैठकर। ‘दो खिड़कियाँ’ जिसके आधार पर इस संग्रह का नामकरण हुआ है, दुनिया के निज़ाम पर भयानक व्यंग्य करती हुई कहानी है। इसकी नायिका के शब्द उसके कमरे की सामनेवाली खिड़की में से निकलकर बाहर सड़क पर चले गए हैं और अर्थ पिछली खिड़की में से निकलकर जंगल में खो गए हैं। छह अन्य कहानियों में स्त्री और स्त्री के रिश्ते का विश्लेषण है। इन छहों कहानियों का शीर्षक एक ही है—‘दो औरतें’। ‘पक्की हवेली’ शीर्षक लघु उपन्यास में भूत-प्रेतों वाली एक हवेली का दर्द एक छोटी-सी बच्ची की ज़बानी है जो मनुष्य के मन की गुत्थियों को समझने में असमर्थ है पर डरती-काँपती और रोती उसको समझने का प्रयत्न करती है। संग्रह की सारी रचनाएँ अमृता प्रीतम की स्वभावगत भावुकता से ओत-प्रोत हैं और मन पर बड़ा कवित्वमय प्रभाव छोड़ती हैं।
Mahboob Jamana Aur Jamane Mein Ve
- Author Name:
Alpana Mishr
- Book Type:

-
Description:
अल्पना मिश्र हिन्दी कहानी के सूची-समाज में अनिवार्य रूप से शामिल नहीं हैं लेकिन वे उसकी सबसे मज़बूत परम्परा का एक विद्रोही और दमकता हुआ नाम हैं। उन्हें उखड़े और बाज़ार प्रिय लोगों द्वारा सूचीबद्ध नहीं किया जा सका। कहानी का यह धीमा सितारा मिटने वाला, धुँधला होने वाला नहीं है, निश्चय ही यह स्थायी दूरियों तक जाएगा।
अल्पना मिश्र की कहानियों में अधूरे, तकलीफ़देह, बेचैन, खंडित और संघर्ष करते मानव जीवन के बहुसंख्यक चित्र हैं। वे अपनी कहानियों के लिए, बहुत दूर नहीं जातीं, निकटवर्ती दुनिया में रहती हैं। आज, पाठक और कथाकार के बीच की दूरी कुछ अधिक ही बढ़ती जा रही है, अल्पना मिश्र की कहानियों में यह दूरी नहीं मिलेगी। आज बहुतेरे नए कहानीकार प्रतिभाशाली तो हैं पर कहानी तत्व उनका दुर्बल है, वे अपनी निकटस्थ, खलबलाती, उजड़ती, दुनिया को छोड़कर नए और आकर्षक भूमंडल में जा रहे हैं। इस नज़रिये से देखें तो अल्पना मिश्र उड़ती नहीं हैं, वे प्रचलित के साथ नहीं हैं, वे ढूँढ़ती हुई, खोजती हुई, धीमे-धीमे अँगुली पकड़कर लोगों यानी अपने पाठकों के साथ चलती हैं।
‘ग़ैरहाज़िरी में हाज़िर’, ‘गुमशुदा’, ‘रहगुज़र की पोटली’, ‘महबूब ज़माना और ज़माने में वे’, ‘सड़क मुस्तकिल’, ‘उनकी व्यस्तता’, ‘मेरे हमदम मेरे दोस्त’, ‘पुष्पक विमान’ और ‘ऐ अहिल्या’ कहानियाँ इस संग्रह में हैं। इन सभी में किसी-न-किसी प्रकार के हादसे हैं। भूस्खलन, पलायन, छद्म आधुनिकता, जुल्म, दहेज हत्याएँ, स्त्री-शोषण से जुड़ी घटनाएँ अल्पना मिश्र की कहानियों के केन्द्र में हैं। इन सभी कहानियों में लेखिका की तरफ़दारी और आग्रह तीखे और स्पष्ट हैं। वे अत्याधुनिक अदाओं और स्थापत्य के लिए विकल नहीं हैं। उनकी कहानियाँ आलंकारिक नहीं हैं, वे उत्पीड़न के ख़िलाफ़ मानवीय आन्दोलन का पक्ष रखती हैं और इस तरह सामाजिक कायरता से हमें मुक्त कराने का रचनात्मक प्रयास करती हैं। मुझे इस तरह की कहानियाँ प्रिय हैं।
—ज्ञानरंजन
Dola Bibi Ka Mazaar
- Author Name:
Jabir Husain
- Book Type:

- Description: मैंने कब कहा कि मैं कहानियाँ लिखता हूँ। मैं तो बस अपने आसपास जो कुछ देखता हूँ, महसूस करता हूँ, वही लिखता हूँ। मेरे किरदार मेरी उन अनगिनत लड़ाइयों की खोज और उपज हैं, जो दशकों बिहार के गाँवों में लड़ी गई हैं, बल्कि आज भी लड़ी जा रही हैं। मैंने ये भी कब कहा कि मेरे पास गाँवों के दु:खों का इलाज हैं। मैं तो बस अपने किरदारों के यातनापूर्ण सफ़रनामे का एक अदना साक्ष्य हूँ। एक साक्ष्य, जो कभी अपने किरदारों की रूह में उतर जाता है, और कभी किरदार ही जिसके वजूद का हिस्सा बन जाते हैं। मैं तटस्थ नहीं हूँ। मैं तटस्थ कभी नहीं रहा। आगे भी मेरे तटस्थ होने की कोई गुंजाइश नहीं है। मैं ख़ुद अपनी लड़ाइयों का एक अहम हिस्सा रहा हूँ, आज भी हूँ। मेरी नज़र में, तटस्थता किसी भी संवेदनशील आदमी या समाज के लिए आत्मघाती होती है। मैंने झंडे उठाए हैं, परचम लहराए हैं, नारे बुलन्द किए हैं। जो ताक़तें सदियों राज और समाज को अपनी मर्ज़ी से चलाती रही हैं, उनकी बख़्शी हुई यातनाएँ झेली हैं। लेकिन अपनी डायरी के पन्ने स्याह करते वक़्त मैंने, कभी भी, इन यातनाओं को बैसाखी की तरह इस्तेमाल नहीं किया है। न ही मैंने इन्हें अपने डायरी-शिल्प का माध्यम ही बनने दिया है। अतः मैं आप से कैसे कहूँ कि इस पुस्तक में शामिल तहरीरों को आप कहानी के रूप में स्वीकारें।
Shabdon Ka Khakrob
- Author Name:
Raju Sharma
- Book Type:

-
Description:
यह पहला प्रकाशित संकलन है राजू शर्मा की कहानियों का। इसमें जो कहानियाँ
संगृहीत हैं, वे एक लम्बे समयान्तर के बीच लिखी गई हैं। मसलन ‘चिट्ठी के मार्फ़त’ और ‘मुक़दमा’
अस्सी के मध्य की कहानियाँ हैं। इसके बाद ‘रिवर्स स्वीप’, ‘कूड़े का ढेर' और ‘मोटी बातें' 1993 के
आसपास की हैं। लम्बी कहानी ‘शब्दों का ख़ाकरोब’ 1995 के बाद की कहानी है और तभी के समय
को रेखांकित करती है।
लगभग सभी कहानियाँ एक विशेष ढंग से अपने समय और समस्या का अंकन और आकलन करती
हैं। कहानियों का ज़ोर उन सामाजिक और आर्थिक संरचनाओं पर है जो इंसान की मजबूरी, उसकी
स्वायत्तता का सिकुड़ता दायरा और उसकी देर-सवेर की विकृतियों और विषमताओं को जन्म देती हैं।
और उसे एक अजनबी पहचान प्रदान करती हैं। ‘मोटी बातें’ का लगातार फूलता मन्नीलाल और ‘रिवर्स
स्वीप’ के उलटी दृष्टि प्राप्त ओझा जी ऐसे दो उदाहरण हैं।
‘शब्दों का ख़ाकरोब’ एक लम्बी, पूर्णत: राजनैतिक व नायाब कहानी है। यह एक रचनात्मक रूपक की
तरह उद्घाटित होता एक घटना-निबन्ध है। वर्तमान बल्कि ताज़ा राजनीति के नाटकीय मोड़, साझा
राजनीति के नए अनुभव, राजनीति की अनिवार्यता व उसकी मजबूरी, राजनैतिक दुराचरण की
अभिशप्तता व उसके गहरे, दूसरे अर्थ—इस तरह के बहुत से सवालों, भव्यताओं, अजूबियत व
चमत्कारी प्रभावों को समेकित करती है यह लम्बी कहानी। यह एक ऐसी कृति है जो राजनीति की
आन्तरिक जटिलता को बड़ी सूक्ष्मता से पकड़ती है।
इस संग्रह की हर कहानी सामाजिक यथार्थ का कोई न कोई पक्ष नए तरीक़ों से प्रस्तुत करती है।
परन्तु ‘शब्दों का ख़ाकरोब’ एक ऐसी कहानी है जिस पर विशेष रूप से चर्चा होगी व होनी चाहिए।
Gange bare gauri bare
- Author Name:
Dr. Mirza Basheer
- Rating:
- Book Type:

- Description: ಪ್ರಾಣಿಗಳ ಜಗತ್ತಿನಲ್ಲಿ ಪಶುವೈದ್ಯರ ಜಿಜ್ಞಾಸೆಯ ಪ್ರಯಾಣ A veterinary doctor’s intriguing journey in the world of animals
Rampur Ki Ramkahani
- Author Name:
Amarnath
- Book Type:

- Description: रामपुर की रामकहानी बदलते भारत और खासतौर से वैश्वीकरण के बाद हो रहे तीव्र विकास और उसकी दिशा की कहानी है। विकास के उस दिशा की कहानी है, जिसकी ओर बढ़ते हुए मंजिल तो दूर, हमें पथ भी कहीं नजर नहीं आता। ‘पटरी पर पढ़ाई, मुल्ला की तावीज, भउजी, कृषि संस्कृति की समाधि, जद्दू पंडित का कुनबा, जाति जाति में जाति, अथ यज्ञोपवीत भंजन कथा, ठेके पर हरिनाम’ आदि संस्मरणों के इस संग्रह में छह दशकों का क्रमिक और प्रामाणिक इतिहास पूरी ईमानदारी के साथ रोचक शैली में अंकित है। ये संस्मरण, सत्यकथाएँ हैं। शैली आत्मकथात्मक है। कथा के सूत्र जोड़ने के लिए जहाँ बहुत जरूरी है, वहीं कल्पना का सहारा लिया गया है।
Aais-Paais
- Author Name:
Ashok Bhowmick
- Book Type:

- Description: Short Stories
Holi
- Author Name:
Pankaj Subeer
- Book Type:

- Description: Book
Shreshtha Bal Kahaniyan part 1
- Author Name:
Prakash Manu
- Rating:
- Book Type:

- Description: Collection of children short stories, compiled abd edited by Prakash Manu.
Vishwa Ki 50 Shreshtha Kahaniyan
- Author Name:
Ramesh Yayawar
- Book Type:

- Description: लिओ टाल्सटाय, ओ’ हेनरी, एच.जी. वेल्स, मोपासाँ, अनतोन चेखव, साकी, ऑसकर वाइल्ड, एडमंड बर्क, हैंस क्रिश्चियन एंडरसन, मार्क ट्वेन की पठनीय कहानियों का संकलन, जो मानव जीवन के विविध रंगों का इंद्रधनुष प्रस्तुत करती हैं। इन कहानियों ने पाठकों के मन को छुआ, स्पंदित किया और चेतना जाग्रत् की। कालजयी कहानियों का अद्भुत संकलन।
Yoga Vasista Kathegalu
- Author Name:
Beluru Ramamurthy Sukeshava
- Rating:
- Book Type:

- Description: DESCRIPTION AWAITED
Swayamsiddha
- Author Name:
Dr. Manjari Shukla
- Book Type:

- Description: स्वयंसिध्दा - समाज और स्त्री मन को टटोलती कहानियांधूप और छाँव-सी ज़िंदगी खेलती रहती है एक खेल। जब उजाला आता है तो चारो तरफ चकाचौंध सा हो जाता है और जब अँधेरा घिरता है तो मन का जैसे हर कोना रिसने लगता है। तमाम उम्र परछाइयों के पीछे भागती स्वयंसिद्धा, जिंदगी की अजीब सी पहेली को सुलझाने का लाख जतन करती है पर उसके बाद भी उस भीगे मन के कोने को खोलने के लिए कोई सिरा नहीं मिलता। स्वयंसिद्धा अपने विचारों के चक्रव्यूह से बाहर निकलने की जितनी कोशिश करती उसमें उतना ही गहराई तक चली जाती है। भला कोई कीट, मकड़ी के बेहद खूबसूरत और महीन जाले से क्या कभी बाहर आया है जो स्वयंसिद्धा आ जाती।स्त्री मन हर पल में ढेरों सपने बुनता है पर क्या कोई पुरुष उस मन के अंदर झाँककर उन भावों को पढ़ पाता है या सिर्फ देह से ही वापस लौटकर आ जाता है।
Cheelen
- Author Name:
Bhisham Sahni
- Book Type:

-
Description:
भीष्म साहनी ने बहैसियत कथाकार पठनीयता और क़िस्सागोई की कला को इस तरह साधा था कि आलोचक जहाँ उनकी दृष्टि के वैशिष्ट्य से प्रभावित होते थे, वहीं साधारण पाठक कहानी के कहानीपन से। शहरी और क़स्बाई मध्यवर्गीय जीवन में ज़्यादा सहूलियत महसूस करनेवाली उनकी लेखनी ने ज़रूरत पड़ने पर समाज के बीभत्स और भयावह चित्रों को भी अंकित किया। यह वैविध्य इन कहानियों में भी मिलता है। अभी तक असंकलित रही इन कहानियों में ‘सफ़ाई अभियान’ जैसी कहानियाँ भी हैं जो सफ़ेदपोश मध्यवर्ग की वैचारिक दिशाहीनता और सामाजिक निष्क्रियता के दो पहलुओं को एक साथ रेखांकित करती हैं, और 'दुलारी का प्रेमी' जैसी समाज के पिछवाड़े बसी ज़िन्दगी के काले कोनों को उजागर करती कहानियाँ भी। साम्प्रदायिक सद्भाव भीष्म जी के कथाकार की स्थायी
चिन्ताओं में हमेशा रहा। इस संग्रह में शामिल कहानी ‘मैं भी दिया जलाऊँगा, माँ।' गहरे मानवीय बोध के साथ इसी विषय को सम्बोधित कहानी है जिसमे एक मुस्लिम बच्चे के मन
को अत्यन्त करुणा और भावप्रवणता के साथ उकेरा गया है। कहने की आवश्यकता नहीं कि भीष्म साहनी के पाठकों के लिए यहाँ-वहाँ प्रकाशित होती रही इन कहानियों की एकत्र प्रस्तुति पाठकों के लिए एक उपहार साबित होगी।
Customer Reviews
3.25 out of 5
Book
Be the first to write a review...
What is Indian Short Stories 1900 to 2000 about?
This anthology, selected and introduced by E. V. Ramakrishnan, brings together 43 compelling short stories from 21 Indian languages, tracing a century of social, emotional, and cultural transformation. The narratives span the upheavals of Partition, the fractures inside households, and the larger questions of identity, power, and belonging. The collection maps both the outer turbulence and the inner landscapes that shaped the Indian psyche across the 20th century.
Why should readers pick up this book?
It’s one of the most comprehensive windows into India’s literary evolution over the past 100 years. The stories capture the sacred and the everyday, the privileged and the marginalised, the hopeful and the devastated — offering a powerful narrative archive of a nation in transition. The emotional depth and historical context make it valuable for readers, students, and researchers alike.
Who is this book ideal for?
-
Readers exploring Indian literature across eras
-
Students of history, literature, or cultural studies
-
Book clubs looking for reflective, discussion-worthy texts
-
Libraries curating strong Indian-language collections
-
Anyone seeking a panoramic understanding of India’s 20th-century experiences
Key Themes
-
Partition and national trauma
-
Family fractures and personal sorrow
-
Sacred vs. profane spaces
-
Class, caste, and subaltern experiences
-
Identity, self-reflection, and social change
-
India’s emergence as a unified nation
Where to read or buy Indian Short Stories 1900 to 2000?
Here’s the link: https://rachnaye.com/books/short-story-collections/indian-short-stories-1900-to-2000-english-by-sahitya-akademi