CHASO SELECTED SHORT STORIES
(2)
Author:
K.Chandrahas, K K MohapatraPublisher:
Sahitya AkademiLanguage:
EnglishCategory:
Short-story-collections₹
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Chaso, short for Chaganti Somayajulu, was born in 1915 in Srikakulam and spent most of his life in Vizianagaram. He began his literary journey as a poet in English and later in Telugu. He was also an essayist and wrote one play. However, his true passion was the short story, which he considered a lyrical poem. His first short story, 'Chinnaaji,' published in 1942, was critically acclaimed, and by 1945 he was recognised as a leading figure and master of the genre. He set high standards for himself and, throughout a life dedicated to literature, published only about 50 stories. He was the first Telugu writer to incorporate Marxist ideas into short stories, though his stories are notably free of rhetoric. His narratives often portray the raw lives of the poor and the very poor, characterised by brevity, reticence, and compression. He was a founding member of the Progressive Writers Association. An atheist, Chaso willed his body for medical research, which his family honoured after his death in 1994.
Read moreAbout the Book
Chaso, short for Chaganti Somayajulu, was born in 1915 in Srikakulam and spent most of his life in Vizianagaram. He began his literary journey as a poet in English and later in Telugu. He was also an essayist and wrote one play. However, his true passion was the short story, which he considered a lyrical poem. His first short story, 'Chinnaaji,' published in 1942, was critically acclaimed, and by 1945 he was recognised as a leading figure and master of the genre. He set high standards for himself and, throughout a life dedicated to literature, published only about 50 stories. He was the first Telugu writer to incorporate Marxist ideas into short stories, though his stories are notably free of rhetoric. His narratives often portray the raw lives of the poor and the very poor, characterised by brevity, reticence, and compression. He was a founding member of the Progressive Writers Association. An atheist, Chaso willed his body for medical research, which his family honoured after his death in 1994.
Book Details
-
ISBN9788126043989
-
Pages207
-
Avg Reading Time7 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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Description:
भीष्म साहनी ने बतौर कथाकार जो रास्ता चुना, उसके आधार पर अगर उन्हें पथ-प्रवर्तक कहा जाए तो वह ग़लत इसलिए होगा कि उसका अनुकरण हर किसी के लिए सहज नहीं है। बह रास्ता स्वयं सहजता का है, और उस पर चलने की हर सचेत कोशिश अपको न सिर्फ़ असहज, बल्कि अमौलिक भी कर देगी।
वह सहजता जीवन के स्व-भाव से आती है जिसे आप अपने परिवेश के बीचोबीच रहते हुए अर्जित भी नहीं करते, सिर्फ़ स्वीकार करते हैं। यथार्थ के प्रति यह स्वीकृति-भाव ही द्रष्टा को यथार्थ के सम्पूर्ण तक ले जाता है। यह यह आश्चर्यजनक है कि प्रगतिशील विचारधारा में प्रशिक्षित भीष्म जी ने अपने कथाकार को कभी इस स्वीकृति-भाव से वंचित नहीं किया।
अपनी हर कथा-रचना की तरह इस संग्रह की कहानियों में भी भीष्म जी ने दृष्टि की उस विराटता का परिचय दिया है। वर्ष 1983 में प्रकाशित इस संग्रह में उनकी प्रसिद्ध कहानियों में से एक ‘चाचा मंगलसेन’ भी है। साथ ही ‘जहूर बख्श’, ‘सरदारनी’ और 'सलमा आपा’ सहित कुल चौदह कहानियों से सम्पन्न यह पुस्तक सम्बन्धों के बनते-बिगड़ते रूपों और उनके मध्य अकुंठ खड़ी मानवीय जिजीविषा के अनेक आत्मीय और करुण चित्र हमें देती है। ये कहानियाँ गहरे संघर्ष के बाबजूद पलायन नहीं करने की ज़िद को भी रेखांकित करती हैं और वीभत्स के सम्मुख खड़े सौन्दर्य को भी।
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Book
What is CHASO: Selected Short Stories about?
This collection presents the translated short stories of K. Chandrahas — popularly known as Chaso — one of the notable voices in modern Indian literature. Published by Sahitya Akademi, the anthology introduces readers to Chaso’s distinctive storytelling style, marked by sharp observation, emotional depth, and an unfiltered look at everyday human experiences.
Why should readers pick up this book?
It’s an accessible entry point to Chaso’s literary world, especially for readers unfamiliar with his original-language works. The stories offer a mix of subtle humour, social insight, and intimate character moments, making the collection engaging for both casual readers and literature enthusiasts.
Who is this book ideal for?
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Readers exploring Indian regional literature in translation
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Students of modern Indian fiction
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Book clubs seeking short, discussion-rich stories
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Libraries curating representative Indian authors
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Anyone interested in discovering lesser-known yet powerful Indian storytellers
Key Themes
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Everyday life and human behaviour
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Social nuance and emotional complexity
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Subtle humour and irony
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Cultural realities seen through ordinary characters
Where to read or buy CHASO: Selected Short Stories?
Here’s the link: https://rachnaye.com/books/short-story-collections/chaso-selected-short-stories-english-by-sahitya-akademi