Crush - An Incomplete Heartbeat
(0)
Author:
Jitender Rishi Parmar, Aniket KapoorPublisher:
Author'S Ink PublicationsLanguage:
EnglishCategory:
Short-story-collections₹
230
₹ 195.5 (15% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Life force works through all of us with the help of the law of attraction. This anthology consists of 16 remarkable stories of crazy crushes, inspiring you to persuade your partner to love you back. These will be the precious pearls of human experience.
Read moreAbout the Book
Life force works through all of us with the help of the law of attraction. This anthology consists of 16 remarkable stories of crazy crushes, inspiring you to persuade your partner to love you back. These will be the precious pearls of human experience.
Book Details
-
ISBN9788192955506
-
Pages234
-
Avg Reading Time4 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Khaksiyah
- Author Name:
Gourinath
- Book Type:

- Description: Collection of maithily short stories
Smriti Gandh
- Author Name:
Veena Sinha
- Book Type:

-
Description:
‘ब्लर्ब’ पर छपनेवाली सम्मतियाँ अक्सर खातिरन् लिखी जाती हैं, जिनमें अमूमन तआरुफ़ और तारीफ़ की बातें रहती हैं—कोई मूल्यांकन नहीं। शायद, कहानियों की इस किताब को रस्मी तौर पर लिखी गई ऐसी सम्मति की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि इस संग्रह की कई कहानियों की अपनी औक़ात है।
अधिकतर कहानियों के कथा-कलन में बया के घोंसले जैसी संकुल और कलापूर्ण बुनावट है, जिसमें लेखिका इशारतन एक साथ कई बातें कह देती है। मानो इसकी कहानी उस चाकू या क़लमतराश की तरह है, जिसमें कई छुरियाँ एक साथ रहती हैं। ख़ासकर स्त्री-विमर्श से जुड़ी हुई कहानियाँ पठनीय हैं, जो मुनिया और अंजू जैसे चरित्रों के पक्ष में खुलकर खड़ी हैं और पुंप्रभुत्व से पीड़ित इस अलील समाज को दवा की कड़ी खुराक ही नहीं देना चाहती हैं, बल्कि उसे बेहोश किए बिना नश्तर भी लगा देना चाहती हैं। यह दूसरी बात है कि इस तासीर की कहानियों में भी कहीं-कहीं पुराने समाज के ‘सेंसर-मोरोंस’ के भय के साथ-साथ ‘प्यूडेंडा’—केन्द्रिक शब्दों व क्रियाओं के कथन से परहेज़ की झलक मिल जाती है।
अन्तर्यात्रा की ख़ास बातों को इशारों से कहने में माहिर और बर्फ़ के गाले में ‘आग’ को ढोने-सुलगानेवाली ये कहानियाँ इसलिए भी सराही जाएँगी कि घन की चोट से यथास्थिति को तोड़कर ‘अदल-बदल’ लाने की सूझ-समझ वाली हर कोशिश किसी नए ‘भिनसार’ को क़रीब लाती है।
—डॉ. कुमार विमल।
Hashiye Ki Zindagi
- Author Name:
Nuzhat Hasan
- Book Type:

-
Description:
गत डेढ़ दशक से हाशिए के लोगों की ज़िन्दगी भारतीय साहित्य में केन्द्रीय विषय के रूप में प्रमुखता से रेखांकित हो रही है। पश्चिमी साहित्य में तो ऐसा पहले से ही था। व्यावहारिक तौर पर हाशिया और हाशिए के लोग, मुख्यधारा के पोषक, रक्षक और उसकी मान-मर्यादा-संस्कार-सौष्ठव के संरक्षक होते हैं। मुख्यधारा के लोगों की जीवन-पद्धति के लिए वे बड़े उपयोगी, किन्तु बहुत जल्दी त्याज्य हो जाते हैं। उपयोग और उपेक्षा की यह अवधि इनके लिए इतनी वेदनामयी होती है कि मानवता के ढाँचे की बुनियाद हिल जाती है।
नुज़्हत हसन की सात कहानियों का यह संकलन ‘हाशिए की ज़िन्दगी’ समाज की ऐसी ही विडम्बनाओं का जीवन्त लेखा-जोखा है। हिन्दी में हाशिए के लोगों की ज़िन्दगी पर काफ़ी कुछ लिखा-पढ़ा गया है, बावजूद इसके अपने चिन्तन की ताज़गी के कारण ये कहानियाँ भारतीय पाठकों के लिए महत्त्वपूर्ण हैं। मानवीय संवेदनाओं की नाजुक परतें इन कहानियों में स्तब्ध हो उठती हैं। मृतात्माओं की अर्थी को शीश नवानेवाले इस देश में कोढ़ियों की लाश की क्या दुर्गति होती है, थोपे गए कलंक के कारण हत्या कर दिए गए व्यक्ति की सन्तान समाज में किस अपमान का शिकार होती है, एक जल्लाद के मन में अपनी सन्तान के लिए कैसी हलचल होती है...ये कहानियाँ इन तमाम बातों का जायज़ा विस्तार से लेती हैं। साहित्य में ये विषय अछूते नहीं हैं, पर यह कहने में कोई हिचक नहीं होनी चाहिए कि इन विषयों के आयाम एकदम से अछूते हैं। जिस कौशल और संवेदनाओं के जिस धरातल से इन कहानियों में बात उठाई गई है, वह लेखिका की जीवनदृष्टि और सामाजिक दायित्व का स्पष्ट फलक रेखांकित करता है। मूल अंग्रेज़ी से अनूदित इन कहानियों में हमारे आस-पास बिखरे कथा-सूत्र हमारी ही आँखों में उँगलियाँ डाल रही है।
Kachhua Aur Khargosh
- Author Name:
Zakir Hussain
- Book Type:

-
Description:
कुछ रचनाएँ ऐसी भी होती हैं, जो बच्चों के लिए लिखी जाती हैं, लेकिन उनकी शिक्षा या सीख सार्वभौमिक और सार्वकालिक होती है। ‘कछुआ और ख़रगोश’ डॉ. जाकिर हुसैन की ऐसी ही ज्ञानवर्द्धक कहानियों का संकलन है, जिसमें पशु-पक्षियों के बहाने मनुष्य के जीवन के विभिन्न पक्षों को उकेरा गया है।
‘कछुआ और ख़रगोश’ कहानी में विद्वानों और शिक्षकों पर तीखा व्यंग्य किया गया है जो अपने ज्ञान के जाल में मकड़ी की तरह स्वयं उलझ जाते हैं। वास्तविकता और वास्तविक तथ्यों की ओर ध्यान न देकर इधर-उधर भटकते हैं और दूसरों को भटकाते हैं। विद्वान अपनी विद्वत्ता का प्रदर्शन करने के लिए ऐसी भाषा का प्रयोग करते हैं जो बहुत ही कठिन और गूढ़ होती है। वे यह भूल जाते हैं कि बात जिससे की जा रही है, वह उसे समझ भी रहा है या नहीं। इस कहानी में प्रो. कपचाक़, प्रो. फ़िलकौर और अलफ़लसेफुलहिन्दी ने कहीं-कहीं ऐसी ही भाषा का प्रयोग किया है जो पढ़नेवालों के छक्के छुड़ा देती है।
क़ैद का जीवन जब एक बकरी के लिए इतना कष्टदायक हो सकता है, तो मनुष्य के लिए कितना होगा—यह जानकारी हमें ‘अब्बू ख़ाँ की बकरी’ से मिलती है जिसे आज़ादी के लिए अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है। इसी तरह ‘मुर्गी चली अजमेर’, ‘उसी से ठंडा उसी से गरम’, ‘जुलाहा और बनिया’, ‘सच्ची मुहब्बत’, ‘सईदा की अम्मा’ आदि ऐसी कहानियाँ हैं, जो जीवन के विभिन्न पक्षों को अपनी मनोरंजक शैली में प्रस्तुत करती हैं। बच्चों के लिए लिखी गई ये कहानियाँ बड़ों के लिए भी उपयोगी और मनोरंजक हैं।
Katha Katha - Sapna Singh
- Author Name:
Sapna Singh
- Book Type:

- Description: Description Awaited
Adhoore Afsaane
- Author Name:
Lavnya Deepak Shan
- Book Type:

- Description: Books
Katha Saptak - Dheerendra Asthana
- Author Name:
Dhirendra Asthana
- Book Type:

- Description: collection of seven brilliant stories - बहादुर को नींद नहीं आती - पराधीन - मेरी फ़र्नांडीस क्या तुम तक मेरी आवाज़ पहुँचती है? - उस रात की गंध - मुहिम - और आदमी रोया - चीख
Meri Chuninda Kahaniyan
- Author Name:
Ashok Gujarati
- Book Type:

- Description: Book
Kahni Upkhan
- Author Name:
Kashinath Singh
- Book Type:

-
Description:
सुप्रसिद्ध कथाकार काशीनाथ सिंह पिछले चालीस वर्षों से हिन्दी कथा में सक्रिय और तरो-ताज़ा हैं। उन्होंने अपने लेखन के ज़रिए पाठकों की नई जमात तैयार की है—युवाओं की जमात ‘अपना मोर्चा’ लिखकर और साहित्य से कोई सरोकार न रखनेवाले सामान्य पाठकों के संस्मरण और ‘काशी का अस्सी’ लिखकर। लेकिन ऊपर से आरोप यह कि उन्होंने साहित्य की कुलीनता की धज्जियाँ उड़ाई हैं। इसके एवज़ में उन्होंने गालियाँ भी खाई हैं, उपेक्षाएँ भी झेली हैं और ख़तरे भी उठाए हैं। यह यों ही नहीं है कि कथा-कहानी में आनेवाली हर युवा पीढ़ी काशी को अपना समकालीन और सहयात्री समझती रही है। ऐसा क्यों है—यह देखना हो तो कहनी उपखान पढ़ना चाहिए।
कहनी उपखान काशी की सारी छोटी-बड़ी कहानियों का संग्रह है—अब तक की कुल जमा-पूँजी। मात्र चालीस कहानियाँ। देखा जाना चाहिए कि वह कौन-सी ख़ासियत है कि इतनी-सी पूँजी पर काशी लगातार कथा-चर्चा में बने रहे हैं और आलोचकों के लिए भी ‘अपरिहार्य’ रहे हैं।
काल और काल से छेड़छाड़ और मुठभेड़—पहचान है काशी की कहानियों की। काल के केन्द्र में है सामाजिक और आर्थिक विसंगतियों से घिरा आदमी—कभी अकेले, कभी परिवार में, कभी समाज में। इस आदमी से मिलना यानी कहानियों को पढ़ना हरी-भरी ज़िन्दगी के बीच चहलक़दमी करने जैसा है। न कहीं बोरियत, न एकरसता, न मनहूसियत, न दुहराव। उठने-गिरने, चलने-फिरने, लड़ने-हारने में भी हँसी-ठट्ठा और व्यंग्य-विनोद। ज़िन्दादिली कहीं भी पाठक का साथ नहीं छोड़ती। जियो तो हँसते हुए, मरो तो हँसते हुए—यही जैसे जीने का नुस्खा हो पात्रों के जीवन का।
जैसे-जैसे ज़़िन्दगी बदली है, वैसे-वैसे काशी की कहानी भी बदली है—अगर नहीं बदला है तो कहानी कहने का अन्दाज़। जातक, पंचतंत्र और लोकप्रचलित कथाशैलियाँ जैसे उनके कहानीकार के ख़ून में हैं। कई कहानियाँ तो चौपाल या अलाव के गिर्द बैठकर सुनने का सुख देती हैं।
आइए, वह सुख आप भी लीजिए ‘कहनी उपखान’ पढ़कर। कहनी (कहानी) और उपखान (उपाख्यान) कहकर तो काशी ने लिया है, आप भी लीजिए पढ़कर, क्योंकि काशी को पढ़ना ही सुनना है।
Madhyakaleen Bharat Ka Aarthik Ithihas : Ek Servekshan
- Author Name:
S. Irfan Habib
- Book Type:

-
Description:
इस पुस्तिका में सम्मिलित आलेख बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय को दिए गए शारदा स्मृति व्याख्यान का परिवर्द्धित रूप हैं।
पहले आलेख में देहली सल्तनत के आर्थिक महत्त्व सम्बन्धी सिद्धान्तों, नगरों, दस्तकारियों और वाणिज्य के विकास की प्रक्रिया, खेतिहर परिवर्तनों और भारत की मध्यकालीन अर्थव्यवस्था की मुख्य विशेषताओं पर प्रकाश डाला गया है।
दूसरा अध्याय विजयनगर साम्राज्य की अर्थव्यवस्था पर एक सारगर्भित टिप्पणी के रूप में है।
तीसरे अध्याय में मुग़ल भारत की अर्थव्यवस्था पर ‘कृषि और कृषि-क्षेत्र’; ‘राज्य और व्यवस्था’; ‘नगर और दस्तकारियाँ’; ‘आन्तरिक और विदेश व्यापार’ आदि शीर्षकों के तहत प्रकाश डाला गया है।
Saraasar
- Author Name:
Jivan Singh Thakur
- Book Type:

- Description: Book
Pratinidhi Kahaniyan : Hrishikesh Sulabh
- Author Name:
Hrishikesh Sulabh
- Book Type:

- Description: “अपनी कहानियों पर बात करना मेरे लिए कठिन काम है। बहुत हद तक अप्रिय भी। लिखी जा चुकी और प्रकाशित हो चुकी कहानियों से अक्सरहाँ मैं पीछा छुड़ाकर भाग निकलता हूँ, पर मुझे लगता है कि यह मेरा भ्रम ही है। मेरी कहानियों के कुछ पात्र लगातार मेरा पीछा करते हैं और अपनी छवि बदलकर, किसी लिखी जा रही नई कहानी में घुसने की बार-बार कोशिशें करते हैं। कई बार तो घुस भी आते हैं और मैं उन्हें न रोक पाने की अपनी विवशता पर हाथ मलते रह जाता हूँ। जैसे, ‘वधस्थल से छलाँग’ का रामप्रकाश तिवारी, जो ‘यह ग़म विरले बूझे’ या ‘काबर झील का पाखी’ जैसी कहानियों में घुस आया। मैंने अपनी कहानियों में प्रवेश के लिए किसी एक रास्ते का चुनाव नहीं किया। हर कहानी में प्रवेश के लिए मेरी राह बदल जाती है। कभी किसी पात्र की बाँह पकड़कर प्रवेश करता हूँ, तो कभी कोई घटना या व्यवहार या स्मृति या विचार कहानी के भीतर पैठने के लिए मेरी राहों की निर्मिति करते हैं। हमेशा एक अनिश्चय और अनिर्णय की स्थिति बनी रहती है। हर बार नई कहानी शुरू करने से पहले मेरा मन थरथर काँपता है। शायद यही कारण है कि बहुत कम कहानियाँ लिख सका हूँ। मेरे कुछ मित्रों का मानना है कि कहानी और नाटक लिखने के बीच आवाजाही के कारण मेरी कहानियों पर आलोचकों की नज़र नहीं पड़ी। पर यह सच है कि नाटक और कहानी के बीच मेरी यह आवाजाही मुझे बहुत प्रिय है। हर बार नौसिखुए की तरह अथ से आरम्भ करना मुझे पुनर्नवा करता है। मैं यह करते रहना चाहता हूँ।” —भूमिका से
Vasu Ka Kutum
- Author Name:
Mridula Garg
- Book Type:

- Description: ‘वसु का कुटुम’ लेखिका की अब तक लिखी गई कहानियों से एकदम अलग हटकर है। अलग इसलिए कि अभी तक उनकी लगभग सारी कहानियाँ मुख्य रूप से स्त्री-पुरुष सम्बन्धों के कथ्य के इर्द-गिर्द घूमती रही हैं लेकिन पहली बार हमारा साक्षात्कार एक बड़े सामाजिक परिवेश और उससे जुडी रोज़मर्रा की छोटी-बड़ी समस्याओं से होता है। उदाहरण के लिए पर्यावरण, अतिक्रमण, एन.जी.ओ., कालाधन और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे जिनसे हममें से हरेक को प्रतिदिन दो-चार होना पड़ता है। यदि लेखिका ने कथ्य के स्तर पर एक नई पगडंडी पर क़दम रखा है तो उसी के अनुरूप कहानी के शिल्प और संरचना को भी बिलकुल नए तेवर, नए मुहावरे और नए अन्दाज़ में प्रस्तुत किया है। सबसे पहले तो उन्होंने कहानी कहने के लिए कथावाचक की भूमिका में एक तटस्थ मुद्रा को अपनाया है, दूसरे समसामयिक घटनाओं को इतने गहरे में जाकर चित्रित किया है कि वे घटनाएँ जानी-पहचानी होकर भी ‘फ़ैंटेसी’ सी लगने लगती हैं अर्थात् यथार्थ को अति-यथार्थ की हद तक जाकर उद्घाटित करना कहानी को ‘सुरियलिज़्म’ की सीमा तक पहुँचा देता है। यह तथ्य और सत्य अलग से रेखांकित किया जाना चाहिए कि लेखिका ने भाषा के स्तर पर भी एक बहुत ही सहज, सरल और अनायास ही सम्प्रेषित हो जानेवाला रास्ता चुना है अपने लिए—एक बातचीत की, एक संवाद की या एक वार्तालाप की ऐसी शैली, जिसमें हम कब स्वयं शिरकत करने लगते हैं पता ही नहीं चलता। किसी हद तक तमाम स्थितियों-परिस्थितियों के चित्रण में व्यंग्य की पैनी धार कहीं हमें हँसा-हँसाकर लोट-पोट कर देती है तो कहीं गहरे में मर्म को आहत भी करती है। यह कहानी न तो मात्र हास्य-व्यंग्य है, और न ही मात्र त्रासदी—शायद इसे अंग्रेज़ी में प्रचलित ‘डार्क ह्यूमर’ कहा जा सकता है।
Katha Saptak - Krishn Bihari
- Author Name:
Krishn Bihari
- Rating:
- Book Type:

- Description: Description Awaited
Rat Baki Evam Anya Kahaniyan
- Author Name:
Ranendra
- Book Type:

-
Description:
रणेन्द्र की कहानियाँ ‘मार्जिनालाइजेशन’ की प्रक्रिया का ‘मेटाफ़र’ रचती हैं। आदिवासी इनके यहाँ ‘कन्सर्न’ के रूप में मौजूद हैं। इस संग्रह की कहानियों से गुज़रते हुए इनके सरोकारों की शिनाख़्त की जा सकती है और कहा जा सकता है कि ये यथार्थ की आँच पर सीझती जीवन की कहानियाँ हैं। इन कहानियों के पात्रों की बेबसी और विफलता जिस त्रासदी को रचते हैं, वह व्यवस्थाजन्य है। व्यवस्था की उस क्रूरता और उदासीनता से उस अयाचित यातना (अनडिजर्ब्ड सफ़रिंग) का जन्म होता है जिसकी गहरी छाप कहानियों को पढ़ने के बाद भी दिलो-दिमाग़ पर क़ाबिज़ रहती है।
ये कहानियाँ ऐसे इलाक़े से सिर उठाने की जुर्रत करती हैं जहाँ अशिक्षा, ग़रीबी और बदहाली के घने जंगलों में व्यवस्था के हिंसक नरभक्षी मनमाना शिकार किया करते हैं।
रणेन्द्र का यथार्थबोध जीवन-जगत के प्रत्यक्ष अनुभवों से जन्मा और विकसित हुआ है। इस कारण यथार्थ की जटिलता और उसकी संश्लिष्टता को परत-दर-परत उघाड़ते हुए वे जब यथार्थ के प्रकृत रूप का प्रत्यक्षीकरण करते हैं तो कोई-कोई कहानी कहीं-कहीं औपन्यासिकता का भी आभास कराती है। इनकी कहानियों में प्रकृति, संस्कृति और मिथक जहाँ एक ओर मिलकर एक ‘देशज क़िस्म का जादुई यथार्थवाद’ रचते जान पड़ते हैं तो वहीं दूसरे स्तर पर प्रेम एवं अन्तरंगता के क्षणों में ऐन्द्रिकता के चित्रण में प्रयुक्त होनेवाली बिम्बात्मकता, काव्यात्मकता की प्रतीति कराती है।
रणेन्द्र की कहानियाँ सम्भावनाओं और संसाधनों से परिपूर्ण उस प्रदेश की कहानियाँ हैं जहाँ बंजरता धीरे-धीरे अपने पाँव पसार रही है। अपने समय के लकवाग्रस्त होने और समाज के बंजर होने की प्रक्रिया को रणेन्द्र ने पूरी शिद्दत और ईमानदारी से इतिहास में दर्ज करने का काम किया है।
Shea Butter
- Author Name:
Kaifi Hashmi
- Book Type:

-
Description:
जब समय और वस्तुजगत को किसी भाषा में व्यक्त या उत्कीर्ण करने की तमाम प्रविधियाँ आजमाई जा चुकी हों और उनकी असफलताएँ हर जगह दर्ज हो रही हों, ऐसे समय में कैफ़ी हाशमी का हिन्दी कहानी के परिक्षेत्र में आना किसी महत्वपूर्ण घटना की तरह है। अवाक् और अचम्भित करनेवाली प्रामाणिक-विश्वसनीयता के साथ, भाषिक अवबोध और उसे विन्यस्त करने में सक्षम मौलिक संरचना के साथ ‘शिया बटर’, ‘कैफ़े कॉफ़ी डे’, ‘बंकर’ जैसी कहानियों का आना कहानियों की प्रचलित निरन्तरता में एक नए प्रस्थान की तरह है। जैसे किसी ट्रेन ने अपनी पटरी और यात्री ने अपना रास्ता बदल दिया हो।
पिछली सदी के एक विख्यात और हमारे भर्तृहरि जैसे भाषा-चिन्तक ने कहा था कि कोई भी भाषा असंख्य पगडंडियों की एक लम्बी और रहस्यपूर्ण सुरंग जैसी होती है। आप एक दरवाज़े से इसमें दाख़िल होते हैं, तो सब कुछ वहाँ जाना-पहचाना, स्मृतियों में पहले से ही मौजूद गली-मोहल्लों, पड़ोसियों-परिजनों, चौराहों-बाज़ारों और उनमें घूमते-टहलते पात्रों के साथ दृश्यमान होता है। सारे लैंडस्केप वही होते हैं, लेकिन अगर कहीं आप दूसरे दरवाज़े से दाख़िल हुए तो वही जगह एक ऐसे मायालोक या भूल-भुलैयाँ में तब्दील हो जाती है, जिससे बाहर निकल पाना न सिर्फ़ असम्भव-सा हो जाता है, बल्कि किसी एडिक्ट जैसे खुमार में आप वहीं रह जाना चाहते हैं, मुक्ति की किसी भी आशा और कामना को त्याग कर।
कैफ़ी हाशमी की कहानियाँ बहुत गहरी और एकाग्र संवेदना के साथ उस दुर्लभ संरचना को प्रत्यक्ष करती हैं, जहाँ बाह्य वस्तुजगत की समस्त सचल और अचल उपस्थितियाँ एक-दूसरे में पिघलती और विलीन होती हुई क़िस्से के उस जादू को पैदा करती हैं, जो पुरानी फ़ैंटसी और जादुई यथार्थवाद के बाद का जादू है। लेकिन सबसे महत्त्वपूर्ण यह तथ्य है कि ये कहानियाँ हमारे आज के ही जीवन की भयग्रस्त, मार्मिक लेकिन फिर भी ख़ुशियों, प्यार, उम्मीदों से भरी हुई टाइमलाइन की अनमोल कहानियाँ हैं।
—उदय प्रकाश
Swapna Premi
- Author Name:
Damodar Mauzo
- Book Type:

-
Description:
कोंकणी कथाकार दामोदर मावज़ो की ये कहानियाँ साधारण जनजीवन की सहज कथा-सम्पन्नता की साक्षी हैं। किसी भी बड़ी कलम की तरह मावज़ो की कहानियाँ भी बताती हैं कि हमारी निगाह किसी पूर्वाग्रह से बाधित न हो, तो हम हर कहीं एक कहानी देख सकते हैं, और बिना किसी शिल्प-चातुर्य का सहारा लिये उसे सीधे-सीधे बयान कर सकते हैं।
गोवा के जनजीवन से निकली ये कहानियाँ सार्वभौमिक और सार्वकालिक मानव-मनोभावों, कमज़ोरियों, सपनों और दुखों की कहानियाँ हैं। मावज़ो खुली आँख से अपने परिवेश को देखते हैं और कहानी सुनने-कहने की चिरन्तन मानवीय आकांक्षा के साथ उसे अपनी कहानियों में बयान कर देते हैं।
मूल कोंकणी से अनूदित उनकी चर्चित कहानियों के इस संग्रह में प्रेम, अभाव, धनहीनता के सन्ताप, उससे पैदा होनेवाली क्रूरता, चालाकी, निरुपायता के साथ आम लोगों की निष्पाप जिजीविषा, साहस और अन्य सकारात्मक जीवन-स्थितियों का अंकन बिलकुल वैसे ही किया गया है, जैसा वह हमारे जीवन में होता है।
ज़्यादातर कहानियों की पृष्ठभूमि गोवा की संस्कृति और जीवन-शैली है, जिससे हिन्दी पाठक को एक भिन्न आस्वाद से गुज़रने का मौक़ा मिलता है।
कहानियों की सबसे ज़्यादा मोहक विशेषता है, कहानी के बीच लेखक का सिर्फ़ एक माध्यम के रूप में रहना। किसी भी भाषिक या शैलीगत चमत्कार से अपनी मौजूदगी जताने की लेखकीय हताशा कथाकार में नहीं है, जो निश्चय ही उनके बड़ा रचनाकार होने का प्रमाण है। वे आपके इर्द-गिर्द अपने पात्रों को उनके भरे-पूरेपन के साथ आने देते हैं। आपको स्वयं उन्हें जानने, उनके साथ जीने का मौक़ा देते हैं।
A Boundless Moments
- Author Name:
Paramita Satpathy +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: English translation by Snehaprava Das from the Odia original of Paramita satpathy's Sahitya akademi award winning collection of stories,Prapti.
Peele Kagaj Ki Ujli Ibarat
- Author Name:
Kailash Banwashi
- Book Type:

- Description: Short Stories
Chirswayamvara
- Author Name:
Shivani
- Book Type:

-
Description:
महिला कथाकारों में जितनी ख्याति और लोकप्रियता शिवानी ने प्राप्त की है, वह एक उदाहरण है श्रेष्ठ लेखन के लोकप्रिय होने का। शिवानी लोकप्रियता के शिखर को छू लेनेवाली ऐसी हस्ती हैं, जिनकी लेखनी से उपजी कहानियाँ कलात्मक और मर्मस्पर्शी होती हैं।
अन्तर्मन की गहरी पर्तें उघाड़नेवाली ये मार्मिक कहानियाँ शिवानी की अपनी मौलिक पहचान हैं जिसके कारण उनका अपना एक व्यापक पाठक वर्ग तैयार हुआ।
इनकी कहानियाँ न केवल श्रेष्ठ साहित्यिक उपलब्धियाँ हैं, बल्कि रोचक भी इतनी अधिक हैं कि आप एक बार शुरू करके पूरी पढ़े बिना छोड़ ही न सकेंगे।
प्रस्तुत संग्रह में ‘उपहार’, ‘केया’, ‘चीलगाड़ी’, ‘पिटी हुई गोट’, ‘चिरस्वयंवरा’, ‘मास्टरनी’, ‘भूमि-सुता’ एवं ‘विनिपात’ कहानियाँ संकलित हैं। हर कथा अपनी मोहक शैली में अभिभूत कर देने की अपार क्षमता रखती है।
कलात्मक कौशल के साथ रची गईं ये कहानियाँ हमारी धरोहर हैं जिन्हें आज की नई पीढ़ी अवश्य पढ़ना चाहेगी।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book