Contemporary Indian Short Stories Series I
(2)
Author:
Humayun KabirPublisher:
Sahitya AkademiLanguage:
EnglishCategory:
Short-story-collections₹
150
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This sheaf of fifteen short stories represents a cross-section of contemporary Indian Literature. Fourteen of them are translations. One each from fourteen modern languages of India and one is a specimen of Indian creative writing in English. Selected by the Sahitya Akademi's Advisory Boards of various languages, these stories provide fascinating glimpses into the panorama of Indian life, with its baffling variety, its rich contrast of the simple and sophisticated, the ancient and the modern. Here is evidence, if such were needed, that Indian literature is one of a stale uniformity but of a rich variety. This is the first volume of Sahitya Akademi's series of such representative anthologies in English of contemporary indian short stories. Second, third and fourth volume of stories written by different authors have also been published. Prof.Humayun Kabir has farwarded this volume.
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This sheaf of fifteen short stories represents a cross-section of contemporary Indian Literature. Fourteen of them are translations. One each from fourteen modern languages of India and one is a specimen of Indian creative writing in English.
Selected by the Sahitya Akademi's Advisory Boards of various languages, these stories provide fascinating glimpses into the panorama of Indian life, with its baffling variety, its rich contrast of the simple and sophisticated, the ancient and the modern. Here is evidence, if such were needed, that Indian literature is one of a stale uniformity but of a rich variety.
This is the first volume of Sahitya Akademi's series of such representative anthologies in English of contemporary indian short stories. Second, third and fourth volume of stories written by different authors have also been published.
Prof.Humayun Kabir has farwarded this volume.
Book Details
-
ISBN9788126046904
-
Pages140
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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मन्नू भंडारी की कहानियों के पात्र ओढ़ी हुई बौद्धिकता के अहंकार में अपने परिवेश से कट नहीं जाते बल्कि उनकी सहज मानवीयता पाठकों के साथ एक ऐसी आत्मीयता स्थापित कर लेती है कि पाठकों को वे बिलकुल अपने लगने लगते हैं। जटिल से जटिल मनोवैज्ञानिक स्थितियों के चित्रण-विश्लेषण में भी मन्नू जी की पारदर्शी भाषा की यह सहजता बनी रहती है, साथ ही वे एक स्वतःस्फूर्त कलात्मक संयम को भी हाथ से नहीं जाने देतीं।
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Book
What is Contemporary Indian Short Stories Series 1 about?
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Who is this book ideal for?
-
Readers interested in contemporary Indian literature
-
Students of English literature or creative writing
-
Book clubs seeking discussion-rich short stories
-
Adults who enjoy thought-provoking, culturally grounded narratives
-
Libraries curating modern Indian short fiction
Key Themes
-
Urban and rural life in India
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Where to read or buy the Contemporary Indian Short Stories Series 1?
Here’s the link: https://rachnaye.com/books/short-story-collections/contemporary-indian-short-stories-series-i-english-by-sahitya-akademi