Pahad Katha
(0)
Author:
Dinesh PathakPublisher:
Antika Prakashan Pvt. Ltd.Language:
HindiCategory:
Short-story-collections₹
495
405.9 (18% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Collection of Hindi Short Stories
Read moreAbout the Book
Collection of Hindi Short Stories
Book Details
-
ISBN9789391925536
-
Pages168
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Ka : Bhartiya Manas Aur Devataon Ki Kahaniyan
- Author Name:
Roberto Calasso
- Book Type:

- Description:
एक अद्भुत, रोमांचक और रहस्यपूर्ण यात्रा से अभी-अभी लौटा हूँ। सिर घूम रहा है— कुछ भी स्थिर नहीं। मैं उस विचित्र विचार-यात्रा के अनुभव आप सबके साथ बाँटना चाहता हूँ। एक में अनेक मानस यात्राएँ, लेकिन ज़रा ठहरिए, अभी-अभी जान पाया हूँ कि जिस अद्भुत यात्रा की बात कर रहा हूँ, वह तो शुरू ही नहीं हुई अभी तक। बस मन में कामना जगी है। और मैं इसी को यात्रा का आरम्भ और अन्त मान बैठा। सब गड्ड-मड्ड हो रहा है। प्रस्थान बिन्दु ही गन्तव्य है, और जिसे मैं गन्तव्य कह रहा हूँ, वही तो आरम्भ था। कोई आरम्भ प्रथम नहीं, क्योंकि वह दूसरा है, अन्त में से निकला है। जो नया है वह पिछले अन्त के अवशेष-शेष पर टिका है और अन्त भी अन्तिम सलिए नहीं कि वही आरम्भ है। मैं हूँ लेकिन नहीं भी हूँ। मेरा होना मेरे न होने में समाया है।
कहते हैं बुद्ध ने निर्वाण प्राप्त किया था। बोधिसत्व बुद्धत्व प्राप्त कर अन्तिम बार जीवन-मरण के चक्र से निकलकर परे चले गए थे। लेकिन हम तक तो बुद्ध अपने अवशेष-आनन्द पर आधारित रहकर ही पहुँचे थे। यदि आनन्द न होते तो क्या हम बुद्ध के विचारों से इस तरह परिचित हो पाते? यही बात मैं इटली के भारत प्रेमी विद्वान श्री रॉबर्तो कलासो के बारे में कहना चाहता हूँ। संक्षेप में कहूँ तो कलासो के माध्यम से ही मैंने जटिल पुरातन भारतीय विचार-दर्शन को कथारस की लपेटन में पहली बार स्पर्श किया है। उसे पूरी तरह समझकर ग्रहण करने की परम स्थिति अभी दूर है। निर्वाण से पहले अनेक बार बोधिसत्व बनना होगा। प्रायः ही मेरे जैसे सामान्यजनों की दृष्टि अपने अतीत में पुराणों तक ही पहुँच पाती है। प्रागैतिहासिक वैदिक काल पवित्र अज्ञान की तरह है जिसे दूर से ही प्रणाम किया जा सकता है। पहले मन था, फिर विचार आया, विचार में से दूसरा विचार। सागर में लहर पर लहर की तरह जो तब से आज तक लगातार उठती जा रही हैं। और यह क्रम थमने वाला नहीं, अनन्त काल तक चलता जाएगा, उन चक्रीय कथाओं की तरह जो अश्वमेध के घोड़े के बलिस्थल पर लौटने की प्रतीक्षा में दस दिन के अन्तराल पर अपने को दोहराती चली जाती थीं।
इस पुस्तक को पढ़ते हुए ऐसी अनुभूति होती है मानो मैं एक चक्करदार झूले पर घूमता जा रहा हूँ। जो पहले था वही बार-बार दिखाई दे रहा है। आर्यों को ऐसा ही लगा था भारत-भूमि पर आगे बढ़ते हुए। न जाने क्यों ऐसा लगता था, जो नष्ट किया था, वही फिर से सामने प्रकट हो गया है और फिर ऐसा बार-बार होने लगा। वे चकित-चमत्कृत थे। फिर एक समय ऐसा आया, जब भारतीय विचार-दर्शन और जटिल कर्मकांडीय संयोजन की जटिलता ने मन को क्लान्त कर दिया। लोग चाहने लगे—गुनगुने सर्द मौसम में मद्धिम अलाव के चारों ओर बैठकर केवल रस-भरी कथाएँ सुनें और कुछ न करें। धीरे-धीरे यही क्रम चल निकला। जो कथाएँ संकोच से कर्मकांडीय अन्तराल के बीच चुपचाप सिमटकर आ बैठी थीं, वही प्रमुख हो गईं। अतीत के कर्मकांडीय सन्दर्भ कथा-विवरणों में ढल गए। इस पुस्तक के संयोजन में भी यही शैली अपनाई गई है। बात बिन्दु से उभरती है, विचार में ढलती है, विचार प्रक्रिया एक आवेशित, प्रचंड प्रवाह का रूप ले लेती है—लहरें इतनी ऊँची उठती हैं कि मन व्याकुल हो उठता है। और तभी कलासो कथा कहने लगते हैं। क़िस्सागोई का यह अन्दाज़ विचार-प्रवाह की गुरुता को कम नहीं करता उसे कहीं अधिक ग्राह्य बनाता है हम सभी के लिए।
श्री रॉबर्तो कलासो को बधाई। और उन जैसे भारत-प्रेमी विद्वान को जन्म देने के लिए इटली को धन्यवाद।—देवेन्द्र कुमार
Epochal Voices
- Author Name:
Murari Madhusudan Thakur
- Book Type:

- Description:
A comparison of the lives and writing of Devkota and Nirala by Murari Madhusudan Thakur. Sahitya Akademi Award 2021
Pratinidhi Kahaniyan : Chandrakanta
- Author Name:
Chandrakanta
- Book Type:

- Description:
चन्द्रकान्ता कश्मीर केन्द्रित अपने विपुल कथा-लेखन के लिए हिन्दी जगत में ख़ासी लोकप्रिय हैं। अपनी कहानियों में उन्होंने देश-विभाजन के तत्काल बाद कश्मीर संकट से उपजे हालात से लेकर 'जेहाद' के नाम पर जारी आतंकवाद से झुलसते कश्मीर की आबोहवा और अवाम के दुःख-दर्द का अद्यतन चित्र उकेरा है, जहाँ वे यथास्थिति का चित्रण-भर करके नहीं रुक जातीं अपितु प्यार, ईमान और इंसानियत से लबरेज़ पात्रों का सृजन कर कट्टरता एवं हिंसा के विरुद्ध पुरज़ोर आवाज़ उठाती हैं। कश्मीर ही नहीं, देश-दुनिया की हर उस मानवीय त्रासदी को चन्द्रकान्ता अपनी कहानियों में जगह देती हैं जिससे एक संवेदनशील रचनाकार का मन आहत एवं उद्वेलित होता है। वे उस भ्रष्ट व्यवस्था और मनुष्य विरोधी तंत्र को कठघरे में खड़ा करती हैं, जिसने तेज़ी से बदलते समाज में चतुर्दिक संघर्ष से घिरे मनुष्य की आन्तरिक अनुभूतियों को कहीं गहरे दफ़न कर दिया है। व्यक्ति और व्यवस्था की मुठभेड़ में वे पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रत्येक विषम परिस्थिति एवं प्रवृत्ति की समीक्षा करती हैं; तत्पश्चात् उन तथ्यों का अन्वेषण करती हैं जिससे मनुष्य की अन्तरात्मा को मरने से बचाया जा सके और इस प्रकार एक बेहतर कल के लिए मनुष्य के स्वप्नों, संवेदनाओं और स्मृतियों को सिरज लेने की चिन्ता चन्द्रकान्ता की कहानियों का प्रस्थान-बिन्दु बन जाती है।
Registan Mein Jheel
- Author Name:
Anand Harshul
- Book Type:

- Description:
आज के संचार प्रौद्योगिकी और आक्रामक उपभोक्तावाद के दौर में जब तमाम चीज़ें शोर, यांत्रिकता, बाज़ार, वस्तु-सनक, उन्माद और हाहाकार में ग़ायब होती जा रही हों—यहाँ तक कि मानवीय रिश्ते भी—प्रकृति और पर्यावरण भी—आनंद हर्षुल जैसे अपने धीमे, शान्त और अनोखे शिल्प से एक तरह का प्रतिवाद रचते हैं और यथार्थ तथा फन्तासी के मिश्रण का एक समानान्तर सौन्दर्यशास्त्र रचते हैं। बग़ैर घोषित किए उनकी कहानियाँ उत्तर-आधुनिक होकर भी स्मृतिहीनता के विरुद्ध हैं।
आनंद हर्षुल की कहानियाँ पढ़ते हुए अनुभव किया जा सकता है कि यथार्थ के समाजशास्त्रीय ज्ञान के आतंक में इन दिनों कहानी के गद्य में जिस सघन ऐन्द्रिकता और एक तरह की अबोधता का अकाल है, आनंद हर्षुल उन पर सबसे ज़्यादा भरोसा करते हैं, इसलिए जो चीज़ें अक्सर लोगों को जड़ स्थिर दिखाई देती हैं, वे यहाँ साँस लेती हैं। आनंद हर्षुल का सघन ऐन्द्रिकता और अबोधता पर भरोसा एक सार्थक प्रतिवाद है।
—परमानन्द श्रीवास्तव
Maneeshe
- Author Name:
Vasudhendra
- Book Type:

- Description:
ವಸುಧೇಂದ್ರರ ಮೊದಲ ಕಥಾಸಂಕಲನ. ತಮ್ಮ ಬಳ್ಳಾರಿ ಜಿಲ್ಲೆಯ ಬ್ರಾಹ್ಮಣ ಕುಟುಂಬಗಳ ದಟ್ಟ ವಿವರಗಳುಳ್ಳ ಕತೆಗಳು ಇಲ್ಲಿವೆ. ವಿಶೇಷವಾಗಿ ’ಹುಲಿಗೆವ್ವ’ ಎನ್ನುವ ವಿಭಿನ್ನ ಜಾಡಿನ ಕತೆ ಈ ಸಂಕಲನದಲ್ಲಿ ಕಾಣಿಸಿಕೊಂಡಿದೆ.
Antaheen
- Author Name:
Ramesh Pokhariyal 'Nishank'
- Book Type:

- Description:
कहानियाँ हमारे आसपास बिखरी होती हैं। उन्हें तलाशने के लिए दूर की कौड़ी नहीं लानी पड़ती। एक पारखी निगाह और संवेदनशील मन इनकी शिनाख़्त कर लेता है। ‘अन्तहीन’ कहानी-संग्रह में शामिल रचनाएँ इस बात को साबित करती हैं। रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने ज़िन्दगी के खुरदुरे धरातल पर खड़ी सच्चाइयों को अपनी कहानियों में आवाज़ दी है। यह बात ध्यान देने योग्य है कि ‘निशंक’ की अनेक कहानियाँ हाशिये का जीवन जी रहे लोगों की व्यथा-कथा हैं। ग़रीबी, रिश्तों में घुसता बाज़ारवाद, स्त्रियों से जुड़े कई प्रश्न, परिस्थितियों की विडम्बना आदि से ‘निशंक’ ने कथा-सूत्र एकत्र किए हैं। सूत्रों का विस्तार करते हुए वे पाठकों को कल्पना की भूलभुलैया में भटकाते नहीं। सीधी सरल सादगी से भरी भाषा शैली में अपनी बात कह जाते हैं। ‘गेहूँ के दाने’ इस सन्दर्भ में पठनीय है। मध्यवर्गीय कश-म-कश को भी लेखक ने लक्षित किया है। ‘कैसे सम्बन्ध’ और ‘दहलीज़’ सरीखी कहानियों से पता चलता है कि अभी तक जाने कितनी वर्जनाएँ प्रगति का रास्ता रोककर खड़ी हैं। ‘फिर ज़िन्दा कैसे' कहानी के नायक सुनील का पागलपन अन्दर तक झकझोर देता है। ‘अन्तहीन’ की कहानियाँ जीवन के अँधेरे और उजाले की गवाहियाँ हैं।
Gauri
- Author Name:
Subhadra Kumari Chauhan
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Sambandh
- Author Name:
Maneshwar Manuj
- Book Type:

- Description:
Collection of Maithili Short Stories
Sandhya Tara
- Author Name:
Sharad Pagare
- Book Type:

- Description:
शरद पगारे को उनकी इतिहास-आधारित कथा-रचनाओं के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। ऐतिहासिक घटनाओं और व्यक्तित्वों की रचनात्मक शैली में पुनर्सृजना असाधारण कल्पना और तथ्यात्मक तथा तार्किक संगति की माँग करती है। शरद पगारे ने अपने ‘गुलारा बेगम’ जैसे चर्चित उपन्यासों में इस कौशल का परिचय दिया है। बीच-बीच में उन्होंने इतिहास को आधार बनाकर कहानियाँ भी लिखीं जो कई संग्रहों में आ चुकी हैं।
‘सांध्य तारा’ में ऐसी ऐतिहासिक कथाओं को संकलित किया गया है जिनके केन्द्र में स्त्रियाँ हैं। वैशाली की नगरवधू आम्रपाली, वैदिक युग की ययाति पुत्री राजकुमारी माधवी, ईसा पूर्व छठी सदी की राजनर्तकी शालवती, मध्ययुग की रजिया सुल्ताना, रानी रूपवती आदि इतिहास की ऐसी नायिकाएँ हैं जिनकी तरफ़ अकसर रचनाकारों की निगाह लौटती रही है।
शरद पगारे ने उन्हें अपनी सिद्ध लेखनी से इन कहानियों में ऐसे साकार किया है कि पढ़ते हुए हम कुछ समय के लिए उन्हीं के समय में लौट जाते हैं।
Pratinidhi Kahaniyan : Govind Mishra
- Author Name:
Govind Mishra
- Book Type:

- Description:
समकालीन कथा-परिवेश और यथार्थवादी कथा-लेखन के सन्दर्भ में टिप्पणी करते हुए एक जगह गोविन्द मिश्र ने लिखा है कि “यथार्थवादी लेखन के इस युग में लेखक को सामाजिक विसंगतियों की यंत्रणा चित्रित करने के आगे उन बातों और चरित्रों में भी जाना होगा, जिनकी वजह से विसंगतियाँ है”, ताकि न तो मानवीय यंत्रणा के अधूरेपन का अहसास हो और न क्रान्तिकारिता के खोखलेपन का। दरअसल हिन्दी-कहानी के विभिन्न दौरों से निरपेक्ष रहते हुए जिन कथाकारों ने अपनी एक स्वतंत्र पहचान बनाई है, गोविन्द मिश्र उनकी पहली क़तार में आते हैं। यह संकलन उनके कई प्रकाशित कहानी-संग्रहों से उनकी महत्त्वपूर्ण और बहुचर्चित कहानियों का चयन है। इन कहानियों के माध्यम से हम वर्तमान भारतीय समाज के विभिन्न चरित्रों और स्तरों से परिचित होते हैं। अपने कथा-चरित्रों के प्रति लेखक का कोई पूर्वग्रह नहीं, बल्कि वह उन्हें जीवन-स्थितियों के बीच पहचानता है। यही कारण है कि ये कहानियाँ हमें जीवन की विविधता तक ले जाती हैं और हमारे भीतर एक इन्द्रधनुषी संसार सजीव हो उठता है।
Maati
- Author Name:
Shivshankar Shrinivas
- Book Type:

- Description:
मैथिली कहानी को युगीन, प्रगतिशील और चेतना-सम्पन्न बनाने में कहानीकार शिवशंकर श्रीनिवास महत्त्वपूर्ण हैं। वे एक साथ गंवई और शहरी जीवन यथार्थ को अपनी कहानियों में मूत्र्त करते हैं। मिथिला समाज का एक बड़ा भूभाग इनकी कहानियों में अनूठे रूप में चित्रित हुआ है तो वहीं महानगरीय जीवन की विद्रूपता-विरूपता भी विभिन्न रूपों और छवियों में बेधक ढंग से व्यंजित हुई है। पीडि़त-वंचित और विपन्न स्त्री-समाज का एक बड़ा और अर्थपूर्ण कैनवास भी इनकी कहानियों की आधारभूमि रहा है। अपने रागात्मक और बहुरंगी जीवन की मार्मिक अभिव्यक्ति के कारण इनकी कहानियाँ चर्चित-बहुपठित रही हैं। कहानियों की सघन बुनावट, उनका आंतरिक सौंदर्य, भाषा-प्रवाह की सहजता, कथ्यों के दुर्लभ प्रयोग, संवादों की गतिमयता, जीवन यथार्थ की विश्वसनीयता इन्हें विरल कहानीकार के रूप में स्थापित करते हैं।
Parsi Dharmshala
- Author Name:
Pankaj Swamy
- Book Type:

- Description:
कहानी में पुराना स्वर्णिम युग अपनी समस्त शक्तियों को व्यय कर समाप्त हो चुका है। अब नया युग अपनी तमाम संभावनाओं के साथ उपस्थित है। पंकज स्वामी नये समय के कारीगर हैं और उनकी दस्तक सुनी गई है। कहानी-लेखन में उन्हें कुल दस वर्ष ही हुए हैं और उनका पर्याप्त स्वागत हुआ। वे अपने कथानकों के लिए दूर नहीं गए, अपने आसपास स्थानीय जीवन में ही कथा सरोकारों की जगहें खोज ली हैं। समाज के सीमांतों पर भटकते, बहिष्कृत, एकाकी पात्र उनकी कहानियों में हैं, ऐसे नागरिक भी हैं जो शोषण की सुरंगों में फँसे हैं। पंकज की हर कहानी का कथानक नया है, और शुक्र है कि वे कहानी को कल्पना लोक या बौद्धिक बुनावट की तर$फ नहीं ले गए। सर्वोपरि है कि कहानी का पाठक हर समय में ठोस कथानक चाहता है। इस पुरानेपन को पंकज ने छोड़ा नहीं है, इसे नया प्रकाश दिया है। 'पारसी धर्मशाला’ एक गुम होती, डूबती मासूम नस्ल और संस्कृति की बेजोड़ कहानी है। इस बिछुड़ती और समय के गर्त में जाती 'पारसी धर्मशाला’ की जि़न्दगी में एक बहादुर व्यक्ति नायक की तरह अब भी जीवित है जो मुकाबला करना भूला नहीं है। पंकज की दूसरी कहानियों में भी अंधेरे हैं पर एक चिरा$ग बराबर जल रहा है। पंकज स्वामी उसी विषय का चयन करते हैं जहाँ वे पहुँच सकते हैं या पहुँच चुके हैं। —ज्ञानरंजन
Himanchali Lok Kathayen
- Author Name:
Sudarshan Vashishtha
- Book Type:

- Description:
Himanchali Lok Kathayen
Kentki Chiken Ka Swad
- Author Name:
Priyadarshan Malviya
- Book Type:

- Description:
ियदर्शन मालवीय का यह तीसरा कहानी-संग्रह उनके पिछले लेखन में एक अगला क़दम है, क्योंकि इन कहानियों में प्रियदर्शन ने जीवन और अनुभव के नए संसार से भिड़न्त की है। इन कहानियों में हमारे बदलते हुए समय की क़लमकारी है। समय, समाज, गाँव और शहर की चुनौतियाँ संकट के नित नए चोर-दरवाज़े दिखा रही हैं। इसमें क्या किसान और क्या जवान, सब पिस रहे हैं। 'जाके पाँव न फटै बिवाई', 'जबरा की मार', 'रोम जब जल रहा था, नीरो बाँसुरी बजा रहा था' कहानियों में इनका संत्रास चित्रित हुआ है। 'जाके पाँव न फटै बिवाई' में मामा का चरित्र विकासोन्मुख भारत की विषमता उजागर करता है जब पाठक को यह पता चलता है कि उनके खेत बिक रहे हैं, बेटा बेरोज़गार है और बेटियाँ अनब्याही हैं। मामा देसी ठर्रा पीने लगे हैं क्योंकि यही उन्हें ख़ुदकुशी से बचाए रखने में समर्थ है। मामा कहते हैं, "जब विद्यार्थी था तो पढ़ा था, 'दुनिया के मज़दूरो एक हो...'—मगर मज़दूर तो एक नहीं हुए, हाँ व्यापारी और पूँजीपति ज़रूर एक हो गए और सब मिलकर किसानों को भी मज़दूर बनाकर बेड़ियाँ डालना चाहते हैं।" किसान दुर्दशा पर एक अन्य कहानी 'जबरा की मार' भी बताती है कि कैसे किसान आत्महत्या के लिए विवश होते हैं। पुलिस और प्रशासन के मुक्के और धक्के झेलने पर सबसे पहले मनोबल टूटता है। शीर्षक कहानी 'केंटकी चिकन का स्वाद' में भी लेखक ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा व्यवस्था के अन्दर जनता के सुधार या कल्याण की कामना शून्य है। तीखा व्यंग्य, मानवीय सरोकार, पात्रों के प्रति संवेदना संग्रह की कहानियों को अपूर्व आभा प्रदान करते हैं। —ममता कालि
Bodh Kathayen
- Author Name:
Yogacharya Chandrabhanu Gupt
- Book Type:

- Description:
विश्व के महापुरुषों का व्यक्तित्व और कृतित्व सर्वथा हमारे जीवन को प्रभावित कर हमें सभ्य, सुसंस्कृत, सद्भावनाओं से भरा मानवीय जीवन जीने के लिए प्रेरित करता रहा है। लेखक ने पवित्र भारत भूमि में जन्म लेनेवाली महान विभूतियों के ही नहीं, वरन् विश्व भर के महान लोगों के जीवन से जुड़े प्रेरित प्रसंगों को चुन-चुनकर हमारे समक्ष रखा है।
लेखक ने मानवीय जीवन को और उत्कृष्ट बनाने के लिए पुस्तक को तीन भागों में विभाजित किया है।
पहला भाग : ‘महापुरुषों के जीवन से प्रेरक प्रसंग’ में स्वामी रामतीर्थ, विवेकानन्द, गांधी, शिवाजी, रवीन्द्रनाथ टैगोर, हाड़ारानी आदि के जीवन से जुड़ी प्रेरक घटनाओं को अभिव्यक्त किया गया है।
दूसरा भाग : ‘अलौकिक कथाओं व आख्यानों से प्रेरक प्रसंग’ पाठकों को अभिभूत ही नहीं करते हैं बल्कि वैचारिक दृढ़ता भी प्रदान करते हैं।
तीसरा भाग : ‘असाधारण क्षमता : विविध प्रसंग’ में जगदीश चन्द्र बसु, शेरी जॉनसन, नेपोलियन, फ़क़ीर बुल्लेशाह से लेकर अन्यान्य महान लोगों की असाधारण क्षमताओं वाली घटनाओं से हमारे जीवन को आशावान बनाने का सफल प्रयास किया गया है।
Master Shot
- Author Name:
Farid Khan
- Book Type:

- Description:
हिन्दी कहानी का संसार इन दिनों नए कथाकारों की उपस्थिति से स्पन्दित है। नए जीवनानुभवों ने कथा-परिदृश्य को विविधवर्णी बनाया है। ‘मास्टर शॉट’ कथा-संकलन में शामिल फ़रीद ख़ाँ की कहानियाँ इसका साक्ष्य प्रस्तुत करती हैं। इन कहानियों में फ़िल्मों और मीडिया की चकाचौंध भरी दुनिया में ज़िन्दगी की लय तलाशते लोग शामिल हैं। कला और व्यवसाय के अन्तर्द्वंद्वों के अलावा तुरन्त सब कुछ पा लेने की आकुलता के बीच नष्ट होती मानवीय संवेदनाओं को बचाए रखने की अन्तिम कोशिशों के कई मार्मिक क्षण इन कहानियों में जीवन्तता के साथ दर्ज़ हैं।
फ़रीद ख़ाँ ने ‘आलता’ कहानी में बलात्कार पीड़िता इरावती की कथा कहते हुए बाज़ार का गुलाम बन चुके मीडिया और मनोरंजन-जगत की नृशंसता को कलात्मकता के साथ रचा है। ‘वीणा के तार’ के रामनरेश भइया गोरखपुर जैसे क़स्बाई शहर से हिन्दी में एम.ए. करके अपने मध्यवर्गीय प्रपंचों के साथ मुम्बई पहुँचते हैं और बार-बार चकित होते हैं। मीनाक्षी और श्रीपद की कथा ‘मास्टर शॉट’ मायानगरी मुम्बई के बहाने स्त्री के प्रति समाज के भीतर पलते अविश्वास की कथा है।
फ़रीद मूलतः कवि हैं। वे दृश्य माध्यमों के लिए भी कहानियाँ, पटकथा और संवाद लिखते रहे हैं। इस संकलन की कहानियों पर दृश्य माध्यमों के लिए लेखन के अनुभव का सकारात्मक प्रभाव देखा जा सकता है। अधिकांश यथार्थ दृश्यों में अभिव्यक्त होता है। संवाद भी अपना सघन प्रभाव रचते हैं। कविता और दृश्य रचने की कला से कथाकार ने इन कहानियों के लिए सान्द्रता अर्जित की है। मुझे उम्मीद है कि यथार्थ की अलग भूमि पर चित्रित ये कहानियाँ हिन्दी के विशाल पाठक-वर्ग का ध्यान आकर्षित करेंगी।
—हृषीकेश सुलभ
Pratinidhi Kahaniyan : Jogendra Paul
- Author Name:
Jogendra Paul
- Book Type:

- Description:
पहली बार मैं जब जोगेंद्र पाल से मिला तो वो ठीक अपनी शक्ल, किरदार और आदतों के एतबार से एक मालदार जौहरी नज़र आया। बाद में मुझे मालूम हुआ कि मेरा कयास ज़्यादा ग़लत भी न था। वो जौहरी तो ज़रूर है, लेकिन हीरे-जवाहरात का नहीं; अफ़सानों का—और मालदार भी लेकिन अपनी कला में। —कृष्ण चंदर। ‘एक परिचय : धरती का काल’ उर्दू कथा-साहित्य में जोगेंद्र पाल अपने रचनात्मक अनुभव के लिए नए-नए महाद्वीप खोजनेवाले कथाकार हैं—चन्द उन कथाकारों में से एक जिन्होंने अपनी आँखें बाहर की ओर खोल रखी हैं और जो अपने दिल के रोने की आवाज़ पर भी कान धरते हैं...। —डॉ. अनवर सदीद ‘औरक़ लाहौर’ जोगेंद्र पाल के यहाँ कहानी बयान नहीं होती, बल्कि सामने ज़िन्दगी के स्टेज पर घटित होती है। उनके चरित्र उस स्टेज से निकलकर हमारे हवास के इतने क़रीब आ जाते हैं कि हमें अपने वजूद में उनकी साँसों का उतार-चढ़ाव महसूस होता है...। — डॉ. कमर रईस ‘जोगेंद्र अपल : फ़न और शख़्सियत’ जोगेंद्र पाल ने मुर्दा लफ़्ज़ों को नई ज़िन्दगी अता करने की तख़्लीक़ी (रचनात्मक) कोशिश की है; उनमें आदम बू पैदा की है। उनकी रचनात्मक भाषा जानने की ज़ुबान नहीं, जीने की ज़ुबान है। —निजाम सिद्दीकी
Aais-Paais
- Author Name:
Ashok Bhowmick
- Book Type:

- Description:
Short Stories
Syahi mein Surkhab Ke Pankh
- Author Name:
Alpana Mishra
- Book Type:

- Description:
अल्पना मिश्र की कथा-क्षमता विवरण-बहुलता में वास्तविकता के और-और क़रीब जाने की कोशिश में दिखाई देती है, जिसमें वे एक कुशल शिल्पी की तरह सफल होती हैं। उनकी कहानियों में कहीं भी शाब्दिक चमत्कार से कथ्य अथवा दृष्टि के अभाव को पूरा करने की न मजबूरी दिखाई देती है, न चालू मुहावरे का कोई ऐसा दबाव कि वे जीवन-स्थितियों के सच से अपनी पकड़ को ज़रा भी ढीली करें।
नब्बे के दशक में सामने आए कथाकारों में उन्होंने अपनी एक विशिष्ट जगह बनाई है और लगातार चर्चा में रही हैं। अपने इर्द-गिर्द के संसार में पूरे भरोसे और स्पष्ट आलोचनात्मकता के साथ उतरकर गझिन और कथा-तत्त्व से भरपूर कहानियाँ बुनना उन्होंने जिस तरह सिद्ध किया है, वह भाषा को एक भरोसा देता है।
इस संग्रह में शामिल ‘स्याही में सुर्खाब के पंख’, ‘कत्थई नीली धारियों वाली क़मीज़’, ‘चीन्हा-अनचीन्हा’, ‘सुनयना! तेरे नैन बड़े बेचैन’, ‘राग-विराग’, ‘इन दिनों‘ और ‘नीड़’ कहानियाँ यहाँ पुन: उनके सामर्थ्य की साक्षी के रूप में मौजूद हैं। इन कहानियों को पढ़ते हुए पाठक को वापस यह विश्वास होगा कि बिना किसी आलंकारिकता के जीवन-यथार्थ को विश्वसनीय ढंग से पकड़ना आज के उथले समय में भी सम्भव है।
Sukh Chalak Hai
- Author Name:
Dr. Saroj Kumar
- Book Type:

- Description:
Book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book