Zaratushtra Ne Yah Kaha
Author:
Friedrich NietzschePublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 319.2
₹
399
Available
ISBN: 9789360868536
Pages: 424
Avg Reading Time: 14 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Vikram Sarabhai: A Complete Biography | Father of The Indian Space Program
- Author Name:
Vaibhav Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vicharon Ke Gyaraha Adhyaya
- Author Name:
Rabindra Nath Mahto
- Book Type:

- Description: विचारों के ग्यारह अध्याय' झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष श्री रबींद्रनाथ महतो द्वारा लिखित पुस्तक है, जिसमें उन्होंने राज्य गठन आंदोलन के दौरान और अपने लंबे राजनीतिक अनुभव से स्वयं में उपजे विचारों की प्रस्तुति की है। अलग-अलग विषयों पर लिखे गए ग्यारह अध्याय राज्य निर्माण के दर्शन, वर्तमान दशा तथा भविष्य की दिशा के विषय में तथ्यपरक एवं विचारोत्तेजक जानकारी प्रस्तुत करते हैं । संथाल, हूल से गांधीवाद तक, संसदीय परंपराओं से कार्यपालिका, विधायिका तथा न्यायपालिका के पारस्परिक संबंधों तक लेखक ने जहाँ एक ओर अलग-अलग सैद्धांतिक पहलुओं को छूने का प्रयास किया है, वहीं कृषि, शिक्षा, खेल और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर भी अपने विचार प्रस्तुत किए हैं । पुस्तक के अंतिम भाग में अध्यक्ष के रूप में उनके द्वारा विधानसभा में दिए गए कुछ प्रमुख भाषण संकलित हैं।
Ekatma Manavvad Bhajapa Ka Sankalp
- Author Name:
Basant Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
RASAANTAR KA VAIVIDHYA
- Author Name:
Ram Badan Ray
- Book Type:

- Description: Collection of Articles
Shrimadbhagwadgita
- Author Name:
Dr. Jagmohan Sharma
- Book Type:

- Description: श्रीमद्भगवद्गीता संपूर्ण मानव जगत् के लिए प्रासंगिक है। यह एक ऐसा ग्रंथ है, जिसमें सृष्टि के समस्त आध्यात्मिक पक्षों का समावेश किया गया है| इसमें संगृहीत सात सौ श्लोक सात महाद्वीपों के समान गंभीर हैं, जिन्हें समझकर भारतीय चिंतन का समस्त सार ज्ञात हो सकता है। युद्धभूमि में श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया ज्ञान सार्वभौमिक है । उसमें किसी भी देश, धर्म, जाति के लिए समान रूप से कर्म का संदेश समाहित है । प्रस्तुत पुस्तक श्रीमद्भगवद्गीता के सात सौ श्लोकों का बहुत सुंदर शब्दों में दोहे रूप में रूपांतरण है । उदाहरण के लिए-- यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत। अभ्युत्थानमधर्मस्य तदाssत्मानं सृजाम्यहम्॥ दोहा-- हानि होय जब-जब धरम, अति अधर्म बढ़ जाय। हे भारत ! संसार में, तब-तब प्रकटूँ आय॥ परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम् । धर्मसंस्थापनार्थाय संभवामि युगे युगे ॥ दोहा-- पापी करूँ विनाश मैं, करूँ साधु उद्धार । युगों-युगों में प्रकटता, धर्म स्थापना सार ॥ मानवीय संबंधों और जीवनमूल्यों को वर्णित करती सरल-सहज कृति, जो हर पाठक के हृदय को छू लेगी और वे 'गीता-ज्ञान' से संपकृत हो जाएँगे।
Subhas Death That Wasn't
- Author Name:
A.K. Gandhi
- Book Type:

- Description: In modern times, we have remained hooked to numerous mysteries that have kept people confounded; in most cases, the veracity of facts and arguments presented has been far from satisfactory. One of the most intriguing mysteries pertains to the death of Netaji Subhas Chandra Bose, the legendary leader whom all Indians adore so dearly; his survival or death remains completely shrouded in mystery. The present book does not limit itself to resolving this mystery in its unique way; it also lays bare the convictions and beliefs that have been associated with his life and decisions, in essence appearing equally mysterious as his death, including his relations with Gandhiji. To bring out the truth, it also convincingly deals with his survival theories, like that of Gumnami Baba in Faizabad (Ayodhya) and others. The book is also about the enduring rich legacy that this leader has left behind, helping people to be inspired by his mind-boggling adventures and thought-provoking ideas and how he lived and sacrificed for his ideals and freedom. This book is a humble tribute to the great soul with an insightful vision to resolve the mystery.
62 Ki Baaten
- Author Name:
Neelum Saran Gour
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sifar Se Shikhar Tak Poems Book
- Author Name:
Lucky
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BSSTET Bihar Special School Teacher Eligibility Test Paper-2 Class 6-8 | Social Science 15 Practice Sets Book
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
UPSSSC Rajaswa Lekhpal Bharti Pariksha- UPSSSC Lekhpal Entrance Exam 2022
- Author Name:
Chandra Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Khunte Se Bandha Aadmi
- Author Name:
SHEKHAR
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Malti Joshi ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Malti Joshi
- Book Type:

- Description: ‘‘ओह! बड़े ही नेक बंदे थे! खुदा उन्हें अपनी दरगाह में जगह दे!’’ उनमें से एक ने अफसोस प्रकट करते हुए कहा। कुछ क्षणों के लिए सब में खामोशी छा गई। ‘‘भरजाई, तेरे बच्चे कैसे हैं?’’ ‘‘वाहेगुरु की किरपा है, सब अच्छे हैं?’’ माँ ने धीरे से कहा। ‘‘अल्लाह उनकी उम्र दराज करे।’’ कई आवाजें एक साथ आईं। ‘‘भरजाई, तुम अपने बच्चों को लेकर यहाँ आ जाओ।’’ किसी एक ने कहा और कितनों ने दुहराया, ‘‘भरजाई, तुम लोग वापस आ जाओ... वापस आ जाओ।’’ प्लेटफॉर्म पर खड़ी कितनी आवाजें कह रही थीं— ‘‘वापस आ जाओ।’’ ‘‘वापस आ जाओ।’’ मैंने सुना, मेरे पीछे खड़े मामाजी कुढ़ते हुए कह रहे थे, ‘‘हूँ...बदमाश कहीं के! पहले तो हमें मार-मारकर यहाँ से निकाल दिया, अब कहते हैं, वापस आ जाओ...लुच्चे!’’ प्लेटफॉर्म पर खड़े लोगों ने उनकी बात नहीं सुनी थी। वे कहे जा रहे थे— ‘‘भरजाई, तुम अपने बच्चों को लेकर वापस आ जाओ। बोलो भरजाई, कब आओगी? अपना गाँव तो तुम्हें याद आता है? भरजाई, वापस आ जाओ...।’’ —इसी संग्रह से —— 1 —— सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. महीप सिंह की लेखनी से निःसृत कहानियों ने मानवीय संवेदना, सामाजिक सरोकार, जातीय संघर्ष, पारस्परिक संबंधों का ताना-बाना प्रस्तुत किया। पठनीयता से भरपूर इन कहानियों ने वर्ग-संघर्ष और सामाजिक कुरीतियों का जमकर विरोध किया। प्रस्तुत है उनकी लोकप्रिय कहानियों का संग्रहणीय संकलन।
Gita Mein Gyanyog
- Author Name:
Champa Bhatia
- Book Type:

- Description: दरणीया चंपा भाटिया की इस पुस्तक की पांडुलिपि से गुजरते हुए मैंने महसूस किया कि यह एक सहज-सरल आध्यात्मिक मन का स्वाभाविक प्रस्फुटन है। न कोई बनावट, न बुनावट। चंपाजी ने आध्यात्मिक-धार्मिक आयोजनों, समागमों में जो सुना, समझा और आत्मसात् किया, उसे जस-की-तस रख दिया है। इस पुस्तक में कहीं भी पांडित्य प्रदर्शन का प्रयास नहीं किया गया है। चंपा भाटिया कोई विदुषी नहीं हैं। वह एक गृहिणी हैं। वे घर-परिवार चलाने के लिए कारोबार भी सँभालती हैं। उसमें से समय निकालकर उन्होंने गीता के श्लोकों के अध्ययन-मनन के उपरांत आम लोगों की समझ में आनेवाली भाषा में तत्त्वज्ञान को निरूपित करने का प्रयास किया है। इस पुस्तक में विभिन्न श्लोकों की व्याख्या करते हुए सतोगुणी, रजोगुणी और तमोगुणी कर्मों की चर्चा तो की गई है, लेकिन निष्काम कर्म (यानी कर्मों के फल का कोई बंधन न होना) को अत्यंत बरीकी से उकेरा गया है। इस पुस्तक में यह पुनर्स्थापित करने का प्रयास किया गया है कि ज्ञाता और ज्ञेय की एकता ही ज्ञान है। ईश्वर को जानने के लिए तीन बुनियादी शर्तें इस पुस्तक में बताई गई हैं—इच्छा (जिज्ञासा), श्रद्धा और समर्पण। इतना अवश्य है कि इसके अध्ययन से जिज्ञासुओं को ईश्वर को जानने-समझने के लिए एक रोशनी जरूर मिलेगी। दूसरे शब्दों में कहें तो गीता के तत्त्वज्ञान के शोधार्थियों, अर्घ्यताओं के लिए यह पुस्तक पाथेय का काम करेगी, ऐसी आशा है। यह उन्हें संतृप्त भले ही न करे, लेकिन अतृप्त मन को तृप्ति की राह तो बताएगी ही। —बैजनाथ मिश्र पत्रकार एवं पूर्व सूचना आयुक्त, झारखंड
Chanakya Tum Laut Aao
- Author Name:
Shivdas Pandey
- Book Type:

- Description: "भारतीय ऐतिहासिक संस्कृति की पुरातनता तथा भारत की सांस्कृतिक ऐतिहासिकता की प्राचीनता पर पाश्चात्य विद्वान् साहित्यकारों, यथा—‘विलियम जोंस’ प्रभृति जानकारों ने अपनी धार्मिक वर्चस्वता का भारत की ऐतिहासिक प्राचीनता पर जिस रूप में हमला बोलने का अत्युक्तिप्रद प्रयास किया, भारतीय विद्वान् साहित्यकारों को कदापि सह्य न हुआ। विद्वान् साहित्यकार डॉ. शिवदास पांडेय के प्रस्तुत उपन्यास ‘चाणक्य, तुम लौट आओ’ में तथा इसके पूर्व प्रकाशित उपन्यासों—‘द्रोणाचार्य’, ‘गौतम गाथा’ के प्राक्कथनों में उसकी नितांत अध्ययनशीलता की सीरिज उरेही जा सकती है। इन प्राक्कथनों में पाश्चात्यों के हमलों के मुँहतोड़ व्यक्त-अव्यक्त प्रत्युत्तर गौर करने योग्य हैं। डॉ. शिवदास पांडेयजी की औपन्यासिक दक्षता पुरातन ऐतिहासिक इमारतों के टूटेफूटे रूप को अपने अद्वितीय कौशल से प्रशंस्य साहित्यिक शिल्पी के स्वरूप ढालने में है। इन्होंने अद्वितीय, अपूर्व रूप में अपने सत्कार्य स्वरूप की सफल सिद्धि की है। लेखक ने अपनी सृजन शक्ति की कल्पनात्मक डोर से सघन कथात्मक धूमिलताओं के बीच गहरे गड़े जिस अद्वितीय कौशल से प्रकाश का आँगन उकेरा, संयुक्त सूत्रात्मक बंधन में बाँधा, इस अभिनव बौद्धिक विशेषता को अपनी सविशेष सोच से अशेषगौरव उन्हें स्वतः प्राप्त हो जाता है। इतिहास जब साहित्यमुख से अपने को अभिव्यक्त करता है तो निजी अविरामता में ‘द्रोण’ और ‘चाणक्य’ सदृश सरस्वती ही अपना नया उद्भव प्राप्त करती हैं। निश्चय ही, डॉ. शिवदासजी ने अपने ‘चाणक्य, तुम लौट आओ’ उपन्यास के जरिए भारतीय पुरातन क्षितिज के अनेक गौरवशील ध्रुव तारों के जो अभिनव परिचय कराए हैं, वैश्विक धरातल पर मानवसमाज की वे नूतन संस्कारगत लब्धि कहे जा सकते हैं। —डॉ. सियाराम शरण सिंह ‘सरोज’"
Dalit Sahitya : Nai Chunautiyan
- Author Name:
Ramshankar Katheria
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BAAL YAUN-SHOSHAN KI ROKTHAM
- Author Name:
Mahesh Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Cinema Ke Baare Mein
- Author Name:
Naseer Munni Kabir +1
- Book Type:

- Description: इस पुस्तक में नसरीन मुन्नी कबीर ने जावेद अख़्तर जैसे बहुआयामी रचनाधर्मी से लम्बी बातचीत की है, जिसके अन्तर्गत जावेद की प्रारम्भिक रचनाओं पर पड़े प्रभावों, उनके पारिवारिक जीवन और फ़िल्म-जगत के महत्त्वपूर्ण पक्षों को उद्घाटित किया गया है, जहाँ जावेद ने सन् ’65 के आसपास ‘कैपलर-ब्वाय’ के तौर पर अपना करियर शुरू किया था। इस बातचीत में सलीम ख़ाँ के साथ उनके सफल साझे-लेखन पर भी पर्याप्त प्रकाश पड़ता है। इस पुस्तक में मौलिक विचारक जावेद अख़्तर ने विश्लेषणात्मक ढंग से हिन्दी सिनेमा की परम्परा, गीत-लेखन और कथा-तत्त्व के विभिन्न पक्षों को उद्घाटित किया है और फ़िल्म-लेखन के कई पक्षों की सारगर्भित चर्चा की है। पटकथा-लेखन और फ़िल्मी शायरी के बारे में अपनी मौलिक मान्यताओं और रचना-प्रक्रिया के विभिन्न आयामों पर टिप्पणियाँ करने के साथ-साथ जावेद ने यह भी बताया है कि श्रेष्ठ पटकथाएँ और गीत कैसे लिखे जाते हैं? जावेद ने सफ़ाई और ईमानदारी से अपनी शायरी और राजनैतिक जागरूकता की विकास-यात्रा पर भी महत्त्वपूर्ण चर्चा की है। जावेद के हास्य-व्यंग्य, उनकी प्रखर बौद्धिकता, पटकथा-लेखन की तकनीक पर उनकी गहरी पकड़ और सोदाहरण बातचीत ने इस पुस्तक को उन सबके लिए महत्त्वपूर्ण बना दिया है, जिनकी फ़िल्म और कला में रुचि है।
Positive Thinking Dwara Apaar Safalta "Great Success By Positive Thinking" | Think High and Achieve Goals | Book in Hindi
- Author Name:
Ravindra Nath Prasad Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bihar STET Secondary Teacher Eligibility Test | Secondary Class (TGT) Paper-I (Class 9 & 10) Social Science 15 Practice Sets Book in Hindi
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sanskriti Ka Pravah
- Author Name:
Rakesh Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book