BIJALI KE JHATKE
Author:
Shivshankar MishraPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Humour0 Ratings
Price: ₹ 160
₹
200
Available
असंगतियाँ जब जीवन और समाज में स्थान और अधिकार पाने लगें, विडंबनाएँ जब दिखती हुई होकर भी पकड़ में नहीं आएँ, अन्याय जब परंपराएँ बनाने लगें, दुःख जब अपने प्रतिरोध के उपायों से वंचित किए जाएँ, जब व्यवस्था अपने विद्रूप में ही स्थापित हो ले, तब बनता है व्यंग्य।...व्यंग्य का एक बड़ा पाठक-वर्ग है, एक बड़ा बाजार है। लेकिन यहीं से उसकी असली समस्या भी शुरू होती है। यहीं से व्यंग्य में बाजार-पक्षीय विचलन बनने लगते हैं और परिणाम होता है कि व्यंग्य का वह पाठ कुल मिलाकर एक मनोरंजक राइट-अप बनकर रह जाता है; उसका उद्देश्य वही हो जाता है, उसकी सीमा भी वही होती है।...
मैंने यही अनुभव किया है कि व्यंग्य देश-काल-जीवन की एक अप्रत्याशित और अवांछित स्थिति, सिचुएशन है, जो किसी भी तरह का हो सकता है, किसी भी तरह के भाषा-शिल्प में हो सकता है। फिर भी, एक बात तय है कि वह न तो कोई मात्र हास्य-उत्पादक रचना होगी, न ही ललित-विनोदिनी।...
चूँकि मेरा ज्यादा रचनात्मक जुड़ाव काव्य की तरफ रहा, इसलिए सहज ही ऐसा हुआ कि मेरी कविताओं में, गजलों में और दूसरे रूपों में व्यंग्य को अधिक नियमित ढंग से जगह मिली। और—जब कभी कोई अनुभव-विषय दीर्घकालिक रूप से प्रेरता-उद्वेलता रहा तो गद्य में भी लिखा। यहाँ ये एक साथ संकलित हैं। इन का स्वभाव भी मेरे स्वभाव में ही बना है। इनकी भाषा, शिल्प और शैली भी मेरे अभ्यासोंकेहीअनुरूपहैं।
(‘लेखक का वक्तव्य’ से)
ISBN: 9789384344382
Pages: 160
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
A Vote for Laughter
- Author Name:
R K Laxman
- Book Type:

- Description: A witty look at the strange world of politics by our best-loved cartoonist This exhilarating collection by R.K. Laxman takes a humorous look at the colourful personalities, peculiar codes of conduct and bombastic rhetoric that characterize the inimitable world of politics. A Vote for Laughter contains a hundred of the classic Common Man cartoons that have to do with political subjects, from party meetings, election campaigns and VVIP movements to cabinet reshuffles, horse trading and foreign tours, not to forget the activity that for Laxman defines the Indian politician: the impulse to rush to the well of the House. These are accompanied by a hundred of the funniest jokes about politics and politicians, collected from all over the world. A Vote for Laughter will entertain everyone who enjoys seeing the farcical streak in our contemporary politics, even as we take pride in being the largest democracy in the world.
Panchwa Stambh
- Author Name:
Jayjeet Jyoti Aklecha
- Book Type:

- Description: नए प्रयोगों का साहस व्यंग्य बहुत लिखा जा रहा है, पर क्या सच में व्यंग्य बहुत लिखा जा रहा है? व्यंग्य के नाम पर झऊआ भर के शब्द ठेलने का प्रचलन इतना ज़्यादा हो गया है कि अब वही व्यंग्य बहुतायत में हैं। व्यंग्य में नए प्रयोगों की क्षमता, साहस और विवेक अब विकट तरह से अनुपस्थित दिखता है। जयजीत अकलेचा उन बहुत कम व्यंग्यकारों में है, जिनके पास व्यंग्य के नए प्रयोगों की क्षमता, साहस और विवेक सब है। 'पाँचवा स्तंभ' में जयजीत जो कुछ रचते हैं, उसका एक सिरा पत्रकारिता से और दूसरा सिरा साहित्य से जुड़ता है। इस व्यंग्य संग्रह में एक बहुत सशक्त रचना है- 'नो वन किल्ड कोविड पेशेंट'। इन पंक्तियों पर ध्यान दीजिए- 'सरकार ने संसद में बताया कि कोरोना की दूसरी लहर में कोई भी व्यक्ति ऑक्सीजन की कमी से नहीं मरा। कल इंजेक्शन की कमी से कोई ना मरेगा, तो स्साला आदमी मरेगा कैसे?' इसी तरह नीरो की ऐतिहासिक बंसी से इंटरव्यू भी एक विशिष्ट प्रयोग है।फ़ॉर्म और कथ्य के स्तर पर नवोन्मेष रचनात्मक कामों में ज़रूरी है। एक ही ढर्रे पर कही गई बात अपनी अर्थवत्ता खोती जाती है। हम सब व्यंग्यकारों को जयजीत से सीखना चाहिए कि नए-नए फॉर्म में अपनी बात कैसे रखी जाए। -आलोक पुराणिक (नए प्रयोगों के अग्रणी व्यंग्यकार )
Buddhijeevi Sammelan
- Author Name:
Pankaj Subeer
- Book Type:

- Description: This book has no description
Thalua Club and Phir Nirasha Kyon?
- Author Name:
Babu Gulab Rai
- Book Type:

- Description: साहित्यकारों के विचार ‘‘पहली ही भेंट में उनके प्रति मेरे मन में जो आदर उत्पन्न हुआ था, वह निरंतर बढ़ता ही गया। उनमें दार्शनिकता की गंभीरता थी, परंतु वे शुष्क नहीं थे। उनमें हास्य-विनोद पर्याप्त मात्रा में था, किंतु यह बड़ी बात थी कि वे औरों पर नहीं, अपने ऊपर हँस लेते थे।’’ —राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त ‘‘बाबूजी ने हिंदी के क्षेत्र में जो बहुमुखी कार्य किया, वह स्वयं अपना प्रमाण है। प्रशंसा नहीं, वस्तुस्थिति है कि उनके चिंतन, मनन और गंभीर अध्ययन के रक्त-निर्मित गारे से हिंदी-भारती के मंदिर का बहुत सा भाग प्रस्तुत हो सका है।’’ —पं. उदयशंकर भट्ट ‘‘आदरणीय भाई बाबू गुलाब रायजी हिंदी के उन साधक पुत्रों में से थे, जिनके जीवन और साहित्य में कोई अंतर नहीं रहा। तप उनका संबल और सत्य स्वभाव बन गया था। उन जैसे निष्ठावान, सरल और जागरूक साहित्यकार बिरले ही मिलेंगे। उन्होंने अपने जीवन की सारी अग्नि परीक्षाएँ हँसते-हँसते पार की थीं। उनका साहित्य सदैव नई पीढ़ी के लिए प्रेरक बना रहेगा।’’ —महादेवी वर्मा ‘‘गुलाब रायजी आदर्श और मर्यादावादी पद्धति के दृढ समालोचक थे। भारतीय कवि-कर्म का उन्हें भलीभाँति बोध था। विवेचना का जो दीपक वे जला गए, उसमें उनके अन्य सहकर्मी बराबर तेल देते चले जा रहे हैं और उसकी लौ और प्रखर होती जा रही है। हम जो अनुभव करते हैं—जो आस्वादन करते हैं, वही हमारा जीवन है।’’ —पं. लक्ष्मीनारायण मिश्र ‘‘अपने में खोए हुए, दुनिया को अधखुली आँखों से देखते हुए, प्रकाशकों को साहित्यिक आलंबन, साहित्यकारों को हास्यरस के आलंबन, ललित-निबंधकार, बड़ों के बंधु और छोटों के सखा बाबू गुलाब राय को शत प्रणाम!’’ —डॉ. रामविलास शर्मा
How The Leopard Got His Spots
- Author Name:
Rudyard Kipling
- Book Type:

- Description: Awaiting description
Family Buisness Ki Sachchaiyan
- Author Name:
Rajendra Jain
- Book Type:

- Description: This book has no description
Toddler Yoga
- Author Name:
Sanskriti Sharma Singh
- Book Type:

- Description: Are you fascinated with animals? Do you like moving about? Is it fun for you when you make silly faces? Do you want to be healthier and happier? Yayy! Then this book is definitely for you! Read, move, act, and have fun with your friends and family! Toddler Yoga helps you learn different yoga poses in a fun and engaging way. If that's not enough, you also learn the alphabet while you're at it! Sanskriti Sharma Singh is a Clinical Psychologist and a hands-on mother who is committed to the holistic development of her child. She finds the practice of Yoga, among other things, most suited to achieve this goal.
Dum Ki Darkar
- Author Name:
Shiv Sharma
- Book Type:

- Description: दुम की दरकार—डॉ. शिव शर्मादुमदार प्राणियों को देखकर लगता है कि काश, हमारे पास भी एक दुम होती। जिन प्राणियों के पास होती है, वे शिखर तक पहुँच जाते हैं और दुम-विहीन सड़कों पर ही रेंगते रहते हैं। आज भर्तृहरि एवं तुलसीदास होते तो यह कदापि नहीं लिखते कि साहित्य, संस्कृति, कला-विहीन प्राणी, पुच्छ-विहीन पशु के समान होते हैं। आपके पास दुम नहीं है तो आपको किसी भी राजप्रासाद में प्रवेश नहीं मिलेगा। दुम आपकी निष्ठा की पहचान है, अन्यथा आप अपने कैरियर में सड़ते रहेंगे। यदि आप किसी दल में हैं और नेता के समक्ष अपनी दुम नहीं हिलाई तो मंत्री-विधायक क्या, जीवन भर कार्यकर्ता या स्वयंसेवक बने जाजम बिछाते रहेंगे। अभी तक विचारधारा एवं पार्टी के प्रति निष्ठा व्यक्त करनी पड़ती थी, अब नेता के प्रति भी करनी लाजिमी है। —इसी संग्रह से सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार डॉ. शिव शर्मा के व्यंग्य अपने परिवेश के समसामयिक विषयों एवं समाज की विसंगतियों, विद्रूपताओं एवं अन्यमनस्कता पर करारी चोट करते हैं। मनोरंजन से भरपूर ये व्यंग्य एक ओर पाठक को गुदगुदाते हैं तो दूसरी ओर उसके मानस को उद्वेलित किए बिना नहीं रहते।
Vyangyaya Ke Rang
- Author Name:
Ashok Gujarati
- Book Type:

- Description: व्यंग्य के रंग—अशोक गुजराती मोबाइल पर धुन बजी—‘हैलो!’ उधर से तीर चला—‘मोहन है क्या?’ मैं चौंका—‘मोहन... यहाँ कोई मोहन नहीं है!’ उन पर कोई असर नहीं—‘आपका फोन नंबर क्या है?’ मुझे गुस्सा आ गया—‘राँग नंबर!’ लेकिन वे पीछा छोड़ने को तैयार नहीं—‘आप कौन बोल रहे हैं?’ मन हुआ, कहूँ—‘तेरा बाप!’ परंतु सभ्यता का तकाजा था, फोन बंद कर दिया। अब मैंने प्रिंटिंग प्रेस को लगाया। घंटी बजती रही तो घर पर मिलाया। पूछा, ‘प्रकाशजी हैं क्या?’ स्वर उभरा—‘कहिए क्या काम है, मैं उनका भाई बोल रहा हूँ।’ मेरी जिज्ञासा—‘मेरे कार्ड छप गए क्या?’ उनकी प्रतिजिज्ञासा—‘आपको कौन सी तारीख बताई थी?’ मैंने खुलासा किया—‘तारीख तो कल हो गई।’ उन्होंने आश्चर्य जताया—‘ऐसा क्या! फिर छप गए होंगे।’ मुझे खुशी हुई—‘तो मैं लेने आ जाऊँ?’ उन्होंने पानी फेर दिया—‘भई, यह तो आपको प्रकाश से ही पूछना पड़ेगा। वह मुंबई गया है। मेरी अलग दुकान है कपड़ों की।’—इसी संग्रह से सात्त्विक, जीवंत एवं रोचक शैली में लिखे अशोक गुजराती के ये व्यंग्य लेख बड़ी-से-बड़ी बात को सहज एवं मारक रूप में कह देने की क्षमता रखते हैं। ये व्यंग्य पाठक को गुदगुदाते ही नहीं, भरपूर मनोरंजन भी करते हैं।
Vyang Ke Naye Chehre
- Author Name:
Purnima Surinder Kaur
- Book Type:

- Description: व्यंग्य, समकालीन विसंगतियों से लड़ने का सबसे सक्षम भाषिक प्रयोग है। इसमें हिंदी के युवा व्यंग्यकारों की ताज़ा अभिव्यक्तियाँ हैं। शिवम् चौकसे धार्मिक आस्था और पाखंड के पीछे अनिवार्यतः मौजूद रहने वाले क्षद्म को बेपर्दा करते हैं। उन्हें पढ़ते हुए परसाई जी की रचना 'वैष्णव की फिसलन भी याद आएगी। व्यंग के नये चहरे पूर्णिमा, अस्मिता मौर्य और अर्चिता सावर्ण्य को पढ़ते हुए इस बात पर ध्यान जाना चाहिए कि हिंदी व्यंग्य विधा में स्त्रियों की संख्या कितनी कम है। उस लिहाज से इस संकलन में तीन महिला व्यंग्यकारों का नाम अपर्याप्त होकर भी उल्लेखनीय कहा जाएगा। इन तीन युवा व्यंग्यकारों की शैली कथात्मक है। संजय गोरा खेल विधा को प्रभावी ढंग से व्यंग्य और विनोद में बदल देते हैं। शीतल रघुवंशी, चिराग अग्रवाल, दीपेश और सचिन शर्मा किंचित कथात्मकता, गल्प और मुहावरों का प्रभावी इश्तेमाल करते हैं। प्रिय युवा व्यंग्यकारों में सबसे प्रतिष्ठित नाम है। उनका व्यंग्य पढ़ते हुए इसका कारण भी समझ आएगा।
Nanhi aur Raja Dhumketu
- Author Name:
Advika Dubey
- Book Type:

- Description: धूमकेतु नाम के एक राजा अज़ब-गज़ब सपने देखते रहते हैं। सपने में ख़ुद को ही चोट पहुँचाते रहते हैं। लेकिन उन्हें लगता है कि, उनके साथ ऐसा करने वाले ख़ुद वह नहीं बल्कि कोई और है । सारे सैनिक परेशान हैं। ऐसे में आती है- नन्ही । नन्ही अपनी चतुराई से न सिर्फ़ सैनिकों को राजा के गुस्से से बचाती है बल्कि ढेर सारा इनाम भी पाती है। यह सब वह कैसे करती है? इसके लिए तो किताब पढ़नी पड़ेगी!
The Blind Vulture & Other Fables
- Author Name:
Kamini Gayakwad
- Book Type:

- Description: The blind vulture was amused by the flattery of the cat and allowed it to come to its nest, what was the result of this? The jackal ran as fast as he could, and not looking where he was going fell into a bucket of indigo dye. He dyed blue, and because of this colour he became the king of the jungle, But what happened after that? The sage turned the mouse into a wolf, then what did the wolf do? An old lion is luring a man with a bracelet. What will man do on this? These stories teach that even a weak person can beat the big ones by using intelligence. And a mighty can be ruined by his own stupidity.
Mile Latth Mera Tumhra
- Author Name:
Rajiv Taneja
- Book Type:

- Description: humour
Vyangya Saptak Dr. Gyan Chaturvedi
- Author Name:
Dr. Gyan Chaturvedi
- Book Type:

- Description: Book
Adbhut Upanyas (Version-2)
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: Dr.Sanjay Rout is an internationally renowned author of bestselling novel Wonderful Novel series. His book is written in a light, entertaining and fun manner with a touch of humour that makes it a very easy read. The main characters in his story have been portrayed with utmost care and emotions have been portrayed through their interactions.
Sahabnama
- Author Name:
Mukesh Nema
- Book Type:

- Description: This Books doesn’t have a description
Common Man Meets The Mantri
- Author Name:
R K Laxman
- Rating:
- Book Type:

- Description: A collection of gems by our best-loved cartoonist, R.K. Laxman From financial crises to the woes of householders, from political instability to rampant corruption, these cartoons capture the entire gamut of contemporary Indian experience. Hilarious and thought-provoking at the same time, this is a treasure house of humour from one of the most striking voices commenting on Indian sociopolitical life today.
Chiya Ki Cycle - Hindi By Yash Malviya
- Author Name:
Yash Malviya
- Book Type:

- Description: संता क्लाज़ से थोड़ी कम ही इनकी झक-झक दाढ़ी है संता के तो रेनडियर हैं इनकी धक्का गाड़ी है इक काँधे पर झोला है दिल बच्चों सा भीला है झोले में कविताएँ हैं खुशियाँ दाएँ बाएँ हैं यश अंकल तो संता जैसे हो - ही कर के हंसते हैं इनके पास तो गीतों वाले नन्हें-नन्हे बस्ते हैं
Fake Encounter
- Author Name:
Mukesh Kumar
- Book Type:

- Description: This book has no description
The Ugly Duckling
- Author Name:
Hans Christian Andersen
- Book Type:

- Description: A duckling, faces indifference from his siblings because of his odd appearance. But gradually grows up to become a beautiful swan. It teaches us a moral that we shouldn't judge a book by its cover.
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book