Fake Encounter
(0)
₹
200
₹ 160 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
This book has no description
Read moreAbout the Book
This book has no description
Book Details
-
ISBN9789381520666
-
Pages120
-
Avg Reading Time4 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Dummy Book - Autobiography (MK Gandhi)
- Author Name:
Dummy User For Test
- Rating:
- Book Type:



- Description: PLEASE DO NOT PURCHASE THIS BOOK. THIS IS DUMMY BOOK FOR APP STORE TESTS
Kholo - Kholo Aasman
- Author Name:
Navneet Nirav
- Book Type:

- Description: Awaiting description
Gudgudate Sawal-Jawab
- Author Name:
J.P.S. Jolly
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Thalua Club and Phir Nirasha Kyon?
- Author Name:
Babu Gulab Rai
- Book Type:

- Description: साहित्यकारों के विचार ‘‘पहली ही भेंट में उनके प्रति मेरे मन में जो आदर उत्पन्न हुआ था, वह निरंतर बढ़ता ही गया। उनमें दार्शनिकता की गंभीरता थी, परंतु वे शुष्क नहीं थे। उनमें हास्य-विनोद पर्याप्त मात्रा में था, किंतु यह बड़ी बात थी कि वे औरों पर नहीं, अपने ऊपर हँस लेते थे।’’ —राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त ‘‘बाबूजी ने हिंदी के क्षेत्र में जो बहुमुखी कार्य किया, वह स्वयं अपना प्रमाण है। प्रशंसा नहीं, वस्तुस्थिति है कि उनके चिंतन, मनन और गंभीर अध्ययन के रक्त-निर्मित गारे से हिंदी-भारती के मंदिर का बहुत सा भाग प्रस्तुत हो सका है।’’ —पं. उदयशंकर भट्ट ‘‘आदरणीय भाई बाबू गुलाब रायजी हिंदी के उन साधक पुत्रों में से थे, जिनके जीवन और साहित्य में कोई अंतर नहीं रहा। तप उनका संबल और सत्य स्वभाव बन गया था। उन जैसे निष्ठावान, सरल और जागरूक साहित्यकार बिरले ही मिलेंगे। उन्होंने अपने जीवन की सारी अग्नि परीक्षाएँ हँसते-हँसते पार की थीं। उनका साहित्य सदैव नई पीढ़ी के लिए प्रेरक बना रहेगा।’’ —महादेवी वर्मा ‘‘गुलाब रायजी आदर्श और मर्यादावादी पद्धति के दृढ समालोचक थे। भारतीय कवि-कर्म का उन्हें भलीभाँति बोध था। विवेचना का जो दीपक वे जला गए, उसमें उनके अन्य सहकर्मी बराबर तेल देते चले जा रहे हैं और उसकी लौ और प्रखर होती जा रही है। हम जो अनुभव करते हैं—जो आस्वादन करते हैं, वही हमारा जीवन है।’’ —पं. लक्ष्मीनारायण मिश्र ‘‘अपने में खोए हुए, दुनिया को अधखुली आँखों से देखते हुए, प्रकाशकों को साहित्यिक आलंबन, साहित्यकारों को हास्यरस के आलंबन, ललित-निबंधकार, बड़ों के बंधु और छोटों के सखा बाबू गुलाब राय को शत प्रणाम!’’ —डॉ. रामविलास शर्मा
A Vote for Laughter
- Author Name:
R K Laxman
- Book Type:

- Description: A witty look at the strange world of politics by our best-loved cartoonist This exhilarating collection by R.K. Laxman takes a humorous look at the colourful personalities, peculiar codes of conduct and bombastic rhetoric that characterize the inimitable world of politics. A Vote for Laughter contains a hundred of the classic Common Man cartoons that have to do with political subjects, from party meetings, election campaigns and VVIP movements to cabinet reshuffles, horse trading and foreign tours, not to forget the activity that for Laxman defines the Indian politician: the impulse to rush to the well of the House. These are accompanied by a hundred of the funniest jokes about politics and politicians, collected from all over the world. A Vote for Laughter will entertain everyone who enjoys seeing the farcical streak in our contemporary politics, even as we take pride in being the largest democracy in the world.
Maya Maha Thagni Ham Jaani
- Author Name:
Ashwini Kumar Dubey
- Book Type:

- Description: Book
Tenduye Ke Nishaan
- Author Name:
Rudyard Kipling
- Book Type:

- Description: Awaiting description
THE SHADOW & OTHER MORAL TALES
- Author Name:
Kamini Gayakwad
- Book Type:

- Description: The wolf was very happy to see the limping horse. He went to the horse and asked the reason for limping. The horse said that its hind right leg was injured. The wolf reached to see that leg. But what happened? Anyone can break a single branch, but a bunch! A fox caught the tortoise but it was difficult to break its shell. The turtle said brother fox if you put me in water, the shell will become soft. The fox did the same. You can guess what happened after that. Did Turtle show up again? The woodcutter, whose axe fell in the river, and the river god wanted to give gold and silver axe, but he kept asking for his iron axe, was he stupid or honest? This book is a treasure of many such stories. In it, there is intelligence, there is humor, and there is moral education, but most importantly-everything is in very simple language.
Dum Ki Darkar
- Author Name:
Shiv Sharma
- Book Type:

- Description: दुम की दरकार—डॉ. शिव शर्मादुमदार प्राणियों को देखकर लगता है कि काश, हमारे पास भी एक दुम होती। जिन प्राणियों के पास होती है, वे शिखर तक पहुँच जाते हैं और दुम-विहीन सड़कों पर ही रेंगते रहते हैं। आज भर्तृहरि एवं तुलसीदास होते तो यह कदापि नहीं लिखते कि साहित्य, संस्कृति, कला-विहीन प्राणी, पुच्छ-विहीन पशु के समान होते हैं। आपके पास दुम नहीं है तो आपको किसी भी राजप्रासाद में प्रवेश नहीं मिलेगा। दुम आपकी निष्ठा की पहचान है, अन्यथा आप अपने कैरियर में सड़ते रहेंगे। यदि आप किसी दल में हैं और नेता के समक्ष अपनी दुम नहीं हिलाई तो मंत्री-विधायक क्या, जीवन भर कार्यकर्ता या स्वयंसेवक बने जाजम बिछाते रहेंगे। अभी तक विचारधारा एवं पार्टी के प्रति निष्ठा व्यक्त करनी पड़ती थी, अब नेता के प्रति भी करनी लाजिमी है। —इसी संग्रह से सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार डॉ. शिव शर्मा के व्यंग्य अपने परिवेश के समसामयिक विषयों एवं समाज की विसंगतियों, विद्रूपताओं एवं अन्यमनस्कता पर करारी चोट करते हैं। मनोरंजन से भरपूर ये व्यंग्य एक ओर पाठक को गुदगुदाते हैं तो दूसरी ओर उसके मानस को उद्वेलित किए बिना नहीं रहते।
Common Man Tackles Corruption
- Author Name:
R K Laxman
- Rating:
- Book Type:

- Description: The Common Man Tackles Corruption
Gillu ki nayi kahani
- Author Name:
Dr Nidhi Agarwal
- Book Type:

- Description: गिलहरी के आत्मीय साहचर्य से उपजे अद्भुत रोमांचक अनुभवों से भरी, मानवीय संवेदनाओं का विस्तार करने वाली अनूठी पुस्तक। -नरेश सक्सेना 'गिल्लू की नयी कहानी' में महादेवी वर्मा का अमर पात्र गिल्लू नये रूप में अवतरित हुआ है। लेखिका के आँगन में इस लघुप्राण नन्हे-से जीव के मिलने से, उसके प्रति स्नेह का निर्झर फूट पड़ता है। इसमें परिवार की एकजुटता के हँसमुख सूत्र निहित हैं। यहाँ रेखाचित्न से आगे की जानकारी मिलती है। बेहद दिलचस्प किताब, जिसे बच्चे, किशोर और वयस्क सभी रम कर पढ़ सकते हैं ।
Nanhi aur Raja Dhumketu
- Author Name:
Advika Dubey
- Book Type:

- Description: धूमकेतु नाम के एक राजा अज़ब-गज़ब सपने देखते रहते हैं। सपने में ख़ुद को ही चोट पहुँचाते रहते हैं। लेकिन उन्हें लगता है कि, उनके साथ ऐसा करने वाले ख़ुद वह नहीं बल्कि कोई और है । सारे सैनिक परेशान हैं। ऐसे में आती है- नन्ही । नन्ही अपनी चतुराई से न सिर्फ़ सैनिकों को राजा के गुस्से से बचाती है बल्कि ढेर सारा इनाम भी पाती है। यह सब वह कैसे करती है? इसके लिए तो किताब पढ़नी पड़ेगी!
Holu ka Dimag Chalata Hai
- Author Name:
Divik Ramesh
- Book Type:

- Description: होलू का दिमाग चलता वरिष्ठ बाल साहित्यकार दिविक रमेश की सात नई कहानियों का यह संग्रह बच्चों के लिए ताज़गीभरी उद्भावनाओं और प्रेरक प्रसंगों से परिपूर्ण है। इन कहानियों में आवश्यक कल्पनाशीलता, सुसंगत और मनभावन ढंग से आती है, जो मनोरंजन के साथ जीवन के करीब भी ले जाती है। अनुभव की गहराई और वैज्ञानिक दृष्टि इन्हें और भी असरदार बनाती हैं। विविधता से भरपूर यह साहित्य हर उम्र के पाठकों को अपनत्व का एहसास कराता है और हर बार नए अनुभवों से परिचित कराता है।
Family Buisness Ki Sachchaiyan
- Author Name:
Rajendra Jain
- Book Type:

- Description: This book has no description
Dadu Takes Me To Gurudwara By Tanvi Nishchal
- Author Name:
Tanvi Nishchal
- Book Type:

- Description: Tag along with Mahi as she visits Gurudwara for the first time with her best buddy, Dadu and how he answers her whats and whys
Mile Latth Mera Tumhra
- Author Name:
Rajiv Taneja
- Book Type:

- Description: humour
Neta Banam Aaloo
- Author Name:
Alok Puranik
- Book Type:

- Description: रिश्तों से लेकर फरिश्तों तक सबकुछ बाजार की चपेट में है। बाजार सिर्फ वही नहीं है, जहाँ वह दिखता है। बाजार अब घर के अंदर के रिश्तों में पसरा हुआ है, अमेरिका सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं, भारत में कई अमेरिका फल-फूल रहे हैं। कुल मिलाकर पंद्रह-बीस सालों में व्यंग्य के नए विषय और आयाम सामने आए हैं। प्रस्तुत संग्रह में आपको ऐसे व्यंग्य मिलेंगे, जिन्हें देखकर आप कह उठेंगे, अरे! इस विषय पर भी व्यंग्य हो सकता है क्या!
Chiya Ki Cycle Hindi By Yash Malviya
- Author Name:
Yash Malviya
- Book Type:

- Description: संता क्लाज़ से थोड़ी कम ही इनकी झक-झक दाढ़ी है संता के तो रेनडियर हैं इनकी धक्का गाड़ी है इक काँधे पर झोला है दिल बच्चों सा भीला है झोले में कविताएँ हैं खुशियाँ दाएँ बाएँ हैं यश अंकल तो संता जैसे हो - ही कर के हंसते हैं इनके पास तो गीतों वाले नन्हें-नन्हे बस्ते हैं
Halke-Phulke
- Author Name:
Pradeep Choubey
- Book Type:

- Description: हल्के-फुल्के में दीर्घकाय रचनाएँ चंद ही हैं, ये मजाक की संजीदगी को परत-दर-परत, आहिस्ता-आहिस्ता उघाड़ती हैं। इनमें ‘भुखमरे’ और ‘साठवाँ’ खास तवज्जुह की डिमांड करती हैं। व्यक्तिगत त्रासदी किस तरह अनुभूति की गहराई में उमड़-घुमड़कर सामुदायिक विडंबना को रूपाकर दे सकती है, इसका उम्दा नमूना। और अंत में, दो बिल्कुल अलग तरह की रचनाओं का जिक्र न करना नाइनसाफी होगी। ये दोनों हिंदुस्तानी सिनेमा के प्रति उनके गहरे लगाव और समझ की नायाब मिसाल हैं। एक, हिंदी फिल्म संगीत के स्वर्णकालीन जादूगर ओ.पी. नैयर का इंटरव्यू यह ‘अहा! जिंदगी’ के अक्तूबर 2006 के अंक में प्रकाशित हुआ था। संयोग की विडंबना कि जनवरी 2007 में नैयर साहब का इंतकाल हुआ। यह उनकी जिंदगी का आखिरी इंटरव्यू है, जो उनकी पर्सनैलिटी के मानिंद ही बिंदास है। सिने-संगीत का वह करिश्मासाज संगीतकार, जिसने सार्वकालिक मानी जानेवाली गायिका भारत-रत्न लता मंगेशकर की आवाज का कभी इस्तेमाल नहीं किया। तब भी स्वर्ण युग में अपनी यश-पताका फहराकर दिखाई। दूसरी रचना है छह दशक पूर्व प्रदर्शित हुई राजकपूर निर्मित विलक्षण कृति ‘जागते रहो’ की रसमय मीमांसा। यह रचना ‘प्रगतिशील वसुधा’ के फिल्म-विशेषांक हेतु उनसे लिखवाने का सुयोग मुझे ही हासिल हुआ था। वहाँ वे कृति के मार्मिक विश्लेषण के साथ ही कृतिकार और समूचे सिनेमा से अपने अंतरंग लगाव का बेहद दिलचस्प, बेबाक बयान करने से भी नहीं चूकते। मुझे यकीन है कि रसिक पाठक इस पुरकशिश किताब का भरपूर लुत्फ उठाएँगे। —प्रह्लाद अग्रवाल सतना, 15 अगस्त, 2017
The Very Best of the Common Man
- Author Name:
R K Laxman
- Rating:
- Book Type:

- Description: The Very Best of The Common Man features a collection of the various cartoons that were created by the master cartoonist, R K Laxman. The common man is a famous cartoon caricature that was consistently used throughout this cartoonist's works. These cartoons depict various socio-political situations from the perspective of the common man who lives everywhere in India. Political uncertainty, economic calamities, widespread corruption and middle-class angst are some of the themes used in these cartoons.
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book