Nanhi aur Raja Dhumketu
Author:
Advika DubeyPublisher:
Unbound ScriptLanguage:
HindiCategory:
Humour0 Ratings
Price: ₹ 165.17
₹
199
Available
धूमकेतु नाम के एक राजा अज़ब-गज़ब सपने देखते रहते हैं। सपने में ख़ुद को ही चोट पहुँचाते रहते हैं। लेकिन उन्हें लगता है कि, उनके साथ ऐसा करने वाले ख़ुद वह नहीं बल्कि कोई और है । सारे सैनिक परेशान हैं। ऐसे में आती है- नन्ही । नन्ही अपनी चतुराई से न सिर्फ़ सैनिकों को राजा के गुस्से से बचाती है बल्कि ढेर सारा इनाम भी पाती है। यह सब वह कैसे करती है? इसके लिए तो किताब पढ़नी पड़ेगी!
ISBN: 9789348497659
Pages: 30
Avg Reading Time: 1 hrs
Age: 0-11
Country of Origin: India
Recommended For You
The Ugly Duckling
- Author Name:
Hans Christian Andersen
- Book Type:

- Description: A duckling, faces indifference from his siblings because of his odd appearance. But gradually grows up to become a beautiful swan. It teaches us a moral that we shouldn't judge a book by its cover.
Meri Dus Rachnayen Dr. Prem Janmejai
- Author Name:
Dr. Prem Janmejai
- Book Type:

- Description: Book
Dhapu Panala
- Author Name:
Kailsh Mandlekar
- Book Type:

- Description: This book has no description
Vyangyaya Ke Rang
- Author Name:
Ashok Gujarati
- Book Type:

- Description: व्यंग्य के रंग—अशोक गुजराती मोबाइल पर धुन बजी—‘हैलो!’ उधर से तीर चला—‘मोहन है क्या?’ मैं चौंका—‘मोहन... यहाँ कोई मोहन नहीं है!’ उन पर कोई असर नहीं—‘आपका फोन नंबर क्या है?’ मुझे गुस्सा आ गया—‘राँग नंबर!’ लेकिन वे पीछा छोड़ने को तैयार नहीं—‘आप कौन बोल रहे हैं?’ मन हुआ, कहूँ—‘तेरा बाप!’ परंतु सभ्यता का तकाजा था, फोन बंद कर दिया। अब मैंने प्रिंटिंग प्रेस को लगाया। घंटी बजती रही तो घर पर मिलाया। पूछा, ‘प्रकाशजी हैं क्या?’ स्वर उभरा—‘कहिए क्या काम है, मैं उनका भाई बोल रहा हूँ।’ मेरी जिज्ञासा—‘मेरे कार्ड छप गए क्या?’ उनकी प्रतिजिज्ञासा—‘आपको कौन सी तारीख बताई थी?’ मैंने खुलासा किया—‘तारीख तो कल हो गई।’ उन्होंने आश्चर्य जताया—‘ऐसा क्या! फिर छप गए होंगे।’ मुझे खुशी हुई—‘तो मैं लेने आ जाऊँ?’ उन्होंने पानी फेर दिया—‘भई, यह तो आपको प्रकाश से ही पूछना पड़ेगा। वह मुंबई गया है। मेरी अलग दुकान है कपड़ों की।’—इसी संग्रह से सात्त्विक, जीवंत एवं रोचक शैली में लिखे अशोक गुजराती के ये व्यंग्य लेख बड़ी-से-बड़ी बात को सहज एवं मारक रूप में कह देने की क्षमता रखते हैं। ये व्यंग्य पाठक को गुदगुदाते ही नहीं, भरपूर मनोरंजन भी करते हैं।
Halke-Phulke
- Author Name:
Pradeep Choubey
- Book Type:

- Description: हल्के-फुल्के में दीर्घकाय रचनाएँ चंद ही हैं, ये मजाक की संजीदगी को परत-दर-परत, आहिस्ता-आहिस्ता उघाड़ती हैं। इनमें ‘भुखमरे’ और ‘साठवाँ’ खास तवज्जुह की डिमांड करती हैं। व्यक्तिगत त्रासदी किस तरह अनुभूति की गहराई में उमड़-घुमड़कर सामुदायिक विडंबना को रूपाकर दे सकती है, इसका उम्दा नमूना। और अंत में, दो बिल्कुल अलग तरह की रचनाओं का जिक्र न करना नाइनसाफी होगी। ये दोनों हिंदुस्तानी सिनेमा के प्रति उनके गहरे लगाव और समझ की नायाब मिसाल हैं। एक, हिंदी फिल्म संगीत के स्वर्णकालीन जादूगर ओ.पी. नैयर का इंटरव्यू यह ‘अहा! जिंदगी’ के अक्तूबर 2006 के अंक में प्रकाशित हुआ था। संयोग की विडंबना कि जनवरी 2007 में नैयर साहब का इंतकाल हुआ। यह उनकी जिंदगी का आखिरी इंटरव्यू है, जो उनकी पर्सनैलिटी के मानिंद ही बिंदास है। सिने-संगीत का वह करिश्मासाज संगीतकार, जिसने सार्वकालिक मानी जानेवाली गायिका भारत-रत्न लता मंगेशकर की आवाज का कभी इस्तेमाल नहीं किया। तब भी स्वर्ण युग में अपनी यश-पताका फहराकर दिखाई। दूसरी रचना है छह दशक पूर्व प्रदर्शित हुई राजकपूर निर्मित विलक्षण कृति ‘जागते रहो’ की रसमय मीमांसा। यह रचना ‘प्रगतिशील वसुधा’ के फिल्म-विशेषांक हेतु उनसे लिखवाने का सुयोग मुझे ही हासिल हुआ था। वहाँ वे कृति के मार्मिक विश्लेषण के साथ ही कृतिकार और समूचे सिनेमा से अपने अंतरंग लगाव का बेहद दिलचस्प, बेबाक बयान करने से भी नहीं चूकते। मुझे यकीन है कि रसिक पाठक इस पुरकशिश किताब का भरपूर लुत्फ उठाएँगे। —प्रह्लाद अग्रवाल सतना, 15 अगस्त, 2017
THE SHADOW & OTHER MORAL TALES
- Author Name:
Kamini Gayakwad
- Book Type:

- Description: The wolf was very happy to see the limping horse. He went to the horse and asked the reason for limping. The horse said that its hind right leg was injured. The wolf reached to see that leg. But what happened? Anyone can break a single branch, but a bunch! A fox caught the tortoise but it was difficult to break its shell. The turtle said brother fox if you put me in water, the shell will become soft. The fox did the same. You can guess what happened after that. Did Turtle show up again? The woodcutter, whose axe fell in the river, and the river god wanted to give gold and silver axe, but he kept asking for his iron axe, was he stupid or honest? This book is a treasure of many such stories. In it, there is intelligence, there is humor, and there is moral education, but most importantly-everything is in very simple language.
The Very Best of the Common Man
- Author Name:
R K Laxman
- Rating:
- Book Type:

- Description: The Very Best of The Common Man features a collection of the various cartoons that were created by the master cartoonist, R K Laxman. The common man is a famous cartoon caricature that was consistently used throughout this cartoonist's works. These cartoons depict various socio-political situations from the perspective of the common man who lives everywhere in India. Political uncertainty, economic calamities, widespread corruption and middle-class angst are some of the themes used in these cartoons.
Gulistan
- Author Name:
Shiekh Saadi
- Book Type:

- Description: बहार का मौसम था। ख़ूबसूरत बाग़ से मेरा दोस्त गुले-लाला, रेहान, सुम्बुल, ज़मीरान जैसे तरह-तरह के फूलों से दामन भर रहा था। मैंने उससे कहा- ‘‘बाग़ के फूल हमेशा बाक़ी नहीं रहते और बहार का ज़माना वफ़ादार नहीं होता। जो चीज़ फ़ानी हो, वह दिल लगाने के क़ाबिल नहीं।’’ दोस्त ने पूछा- ‘‘फिर क्या तरीक़ा है?’’ मैंने कहा- ‘‘मैं लोगों की कुशादगी और सहूलत के लिए ‘गुलिस्ताँ’ की किताब लिख सकता हूँ। खि़ज़ा (पतझड़) की हवाओं को इसके पन्नों पर ग़ल्बा हासिल नहीं होगा और ज़माने की गर्दिश इसकी बहार को कभी पतझड़ में न बदल सकेगी। फूलों से भरी थाली तेरे किस काम आएगी? मेरे ‘गुलिस्ताँ’ से एक वरक़ (पन्ना) ले जा। फूल तो कुछ दिनों में मुरझा जाएंगे लेकिन यह ‘गुलिस्ताँ’ हमेशा तरो-ताज़ा रहेगी।’’ वादे के मुताबिक़ मैंने उसी दिन इस किताब के दो बाब (अध्याय) लिख दिये ताकि अच्छी ज़िंदगी बसर करने और बोलचाल के आदाब में लोगों के काम आ सके। हासिले-क़लाम यह कि अभी मौसमे-बहार बाक़ी ही था कि किताब ‘गुलिस्ताँ’ वक़्त पर पूरी हो गई।’’ - शेख़ सादी
Kaliyug Sarvashreshtha Hai
- Author Name:
Mahayogi Swami Buddha Puri
- Book Type:

- Description: "सृष्टि के विकास क्रम में चार युगों का चक्र चलता है—सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग, कलियुग। प्रत्येक युग में धर्म का कुछ हृस होते-होते कलियुग में अधर्म अपने चरम पर पहुँच जाता है। कलियुग के बाद सतयुग का प्रादुर्भाव होता है, पर कैसे? क्या रहस्य है? अधर्म की वृद्धि से एकदम धर्मयुक्त सतयुग का कैसे प्रादुर्भाव होता है? इसमें क्या रहस्य है? कौन सा ईश्वरीय विधान छुपा हुआ है और उसका कलियुग में रहते हुए ही किन साधनाओं द्वारा प्रकट होना संभव है? शास्त्र कहते हैं कि कलियुग के बाद पुनः धर्मयुग अर्थात् सतयुग आएगा ही। इतना ही नहीं, महाभारत तथा अनेक पुराणों में लिखा है कि कलियुग सर्वश्रेष्ठ है। यह पुस्तक एक ओर शास्त्रों के इन गंभीर रहस्यों को अत्यंत सरल भाषा में और उपयुक्त प्रमाणों तथा युक्तियों के माध्यम से स्पष्ट करती है तो दूसरी ओर बताती है कि कलियुग के अवगुणों से कैसे बचना है और गुणों को कैसे धारण करना है? ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र—इन वर्णों का क्या महत्त्व है? जीवन का लक्ष्य क्या है और उसकी प्राप्ति हेतु किन स्तरों को पार करना होता है? धर्म का वास्तविक स्वरूप क्या है? उत्तरोत्तर धर्म की व्यापकता में साधक की चेतना का प्रवेश कैसे संभव है? "
Maya Maha Thagni Ham Jaani
- Author Name:
Ashwini Kumar Dubey
- Book Type:

- Description: Book
Kholo - Kholo Aasman
- Author Name:
Navneet Nirav
- Book Type:

- Description: Awaiting description
Udne Wala Phool – उड़ने वाले फूल
- Author Name:
Upasana
- Book Type:

- Description: उपासना की यहाँ प्रस्तुत रचानाएँ विधाओं के बीच आवाजाही का सुन्दर उदाहरण हैं। ये फ़्लैश फिक्शन के नज़दीक नज़र आती हैं लेकिन इनमें कविता, संस्मरण और स्केच की छायाएँ भी आती जाती दिखती हैं। इनमें ऐसे क्षणों को कोमलता से दर्ज किया गया है जो अन्यथा देखने से छूट जाते हैं। अछूती बिम्बात्मकता के बावजूद ये सरल भी हैं, बहुलार्थक भी। इनसे गुज़रकर पाठक के देखने और सोचने का तरीक़ा वह नहीं रह जाता, जो इससे पहले था। उसमें स्मृति के प्रति थोड़ी रागात्मकता बढ़ जाती है, दृष्टिकोण में कुछ अपरिचित आयाम जुड़ जाते हैं।
Tenduye Ke Nishaan
- Author Name:
Rudyard Kipling
- Book Type:

- Description: Awaiting description
Akalmand Gadha | अकलमंद गधा
- Author Name:
Madhu Pant
- Book Type:

- Description: पहले पढ़ी हर कहानी में गधा बेवक़ूफ़ निकला होगा, लेकिन यहाँ कुछ अलग है । इस गधे ने बेवक़ूफ़ी के अपने इतिहास से काफ़ी कुछ सीखा है। यह कहानी सिखाती है कि ग़लतियाँ करना और बेवकूफ़ बन जाना, ज़्यादा बड़ी कमी नहीं है । सबसे बड़ी कमी है, उससे न सीखना ।
Adbhut Upanyas (Version-2)
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: Dr.Sanjay Rout is an internationally renowned author of bestselling novel Wonderful Novel series. His book is written in a light, entertaining and fun manner with a touch of humour that makes it a very easy read. The main characters in his story have been portrayed with utmost care and emotions have been portrayed through their interactions.
Neta Banam Aaloo
- Author Name:
Alok Puranik
- Book Type:

- Description: रिश्तों से लेकर फरिश्तों तक सबकुछ बाजार की चपेट में है। बाजार सिर्फ वही नहीं है, जहाँ वह दिखता है। बाजार अब घर के अंदर के रिश्तों में पसरा हुआ है, अमेरिका सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं, भारत में कई अमेरिका फल-फूल रहे हैं। कुल मिलाकर पंद्रह-बीस सालों में व्यंग्य के नए विषय और आयाम सामने आए हैं। प्रस्तुत संग्रह में आपको ऐसे व्यंग्य मिलेंगे, जिन्हें देखकर आप कह उठेंगे, अरे! इस विषय पर भी व्यंग्य हो सकता है क्या!
Sarthak Vyagya Ka Yatri : Prem Janmejai
- Author Name:
Sudha Om Dhingra +1
- Book Type:

- Description: Book
Dadu Takes Me To Gurudwara By Tanvi Nishchal
- Author Name:
Tanvi Nishchal
- Book Type:

- Description: Tag along with Mahi as she visits Gurudwara for the first time with her best buddy, Dadu and how he answers her whats and whys
A Vote for Laughter
- Author Name:
R K Laxman
- Book Type:

- Description: A witty look at the strange world of politics by our best-loved cartoonist This exhilarating collection by R.K. Laxman takes a humorous look at the colourful personalities, peculiar codes of conduct and bombastic rhetoric that characterize the inimitable world of politics. A Vote for Laughter contains a hundred of the classic Common Man cartoons that have to do with political subjects, from party meetings, election campaigns and VVIP movements to cabinet reshuffles, horse trading and foreign tours, not to forget the activity that for Laxman defines the Indian politician: the impulse to rush to the well of the House. These are accompanied by a hundred of the funniest jokes about politics and politicians, collected from all over the world. A Vote for Laughter will entertain everyone who enjoys seeing the farcical streak in our contemporary politics, even as we take pride in being the largest democracy in the world.
Neend Ka Baksa - Hindi By Manoj Kumar Jha
- Author Name:
Manoj Kumar Jha
- Book Type:

- Description: आकाश में तारे टिमटिमा रहे हैं तो नीचे घास पर जुगनू । अक्षर किताबों से निकल भागे, नदी पार की लेकिन पहुँचे भी तो कहाँ - काँटों के गाँव । समंदर, नदी, नहर और बाल्टी सबमें पानी है। अपनी अपनी जगहों से पानी और पानी की बातें हो रही हैं। उधर फूलों के रंग तुमसे कुछ कहने को हैं । सपने में लाहौर जाकर कुल्फी खा लो और सपने में ही घर लौट आओ। ऐसी प्यारी और जादूभरी कविताएँ पढ़नी हैं ? 'नींद का बक्सा' घर ले जाओ और चुपके से खोलकर देखो। इसमें जितनी सुन्दर कविताएँ हैं उतने ही सुन्दर चित्र। गौर से देखो तो इस बक्से के चित्र और कविताएँ बातें करती दिखेंगी।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book