Vyangya Saptak Dr. Gyan Chaturvedi
(0)
₹
175
₹ 140 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Book
Read moreAbout the Book
Book
Book Details
-
ISBN9788119018222
-
Pages120
-
Avg Reading Time4 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
THE SHADOW & OTHER MORAL TALES
- Author Name:
Kamini Gayakwad
- Book Type:

- Description:
The wolf was very happy to see the limping horse. He went to the horse and asked the reason for limping. The horse said that its hind right leg was injured. The wolf reached to see that leg. But what happened? Anyone can break a single branch, but a bunch! A fox caught the tortoise but it was difficult to break its shell. The turtle said brother fox if you put me in water, the shell will become soft. The fox did the same. You can guess what happened after that. Did Turtle show up again? The woodcutter, whose axe fell in the river, and the river god wanted to give gold and silver axe, but he kept asking for his iron axe, was he stupid or honest? This book is a treasure of many such stories. In it, there is intelligence, there is humor, and there is moral education, but most importantly-everything is in very simple language.
Chanchal Fluffy
- Author Name:
Prachi Kaul
- Book Type:

- Description:
Awaiting description
Tenduye Ke Nishaan
- Author Name:
Rudyard Kipling
- Book Type:

- Description:
Awaiting description
Hasya Vinod Ki Kahaniyan
- Author Name:
Ruskin Bond
- Book Type:

- Description:
मैंने अपनी जिंदगी में बंबई को मुंबई, कलकत्ता को कोलकाता और मद्रास को चेन्नई बनते देखा। समय बदला, नाम बदला और अब अगर बॉण्ड बदलकर बोंडा हो जाए तो मुझे कोई ऐतराज नहीं होगा।’ इन पंक्तियों के साथ शुरू होता है उत्कृष्ट लेखक रस्किन बॉण्ड की रचनाओं का एक और अद्भुतसंकलन। साधारण स्थितियों की बेमिसाल समझ और तीक्ष्णता के साथ देखने की योग्यता के साथ रस्किन बॉण्ड हमें अपने घर, अपने गाँव और अपनी जिंदगी में झाँकने को आमंत्रित करते हैं। बंदरों, बनैले सुअरों, फूलों से डरनेवाली आंटी, खुद को महान् क्रिकेटर रणजी समझने वाला सनकी भतीजा और सात वर्षीय गौतम जैसे लोगों के साथ यह संकलन हर उम्र के पाठकों को दिलचस्प लगेगा। हास-परिहास, व्यंग्य-विनोद के विविध रंगों से सजा रोचक कहानियों का पठनीय संकलन।
The Ugly Duckling
- Author Name:
Hans Christian Andersen
- Book Type:

- Description:
A duckling, faces indifference from his siblings because of his odd appearance. But gradually grows up to become a beautiful swan. It teaches us a moral that we shouldn't judge a book by its cover.
Sahabnama
- Author Name:
Mukesh Nema
- Book Type:

- Description:
This Books doesn’t have a description
Gillu
- Author Name:
Mahadevi Verma
- Book Type:

- Description:
अपने परिवेश से, मनुष्य का रिश्ता केवल लोभ-लाभ का नहीं हो सकता। यह संसार के साथ मनुष्य के अंतर्लोक के लिए भी घातक है। नन्ही गिलहरी 'गिल्लू' से महादेवी जी का जुड़ाव, पूरे परिवेश से उनकी आत्मीयता में बदल जाता है। गिल्लू संग धीरे-धीरे हमारे भीतर एक भावलोक निर्मित होता है, जो उसके साथ ही डूब जाता है- जैसे वीणा के तारों से उठी सरगम । इसे पढ़ने के बाद, अपने आसपास के पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं को देखने का हमारा तरीक़ा वही नहीं रह जाता। कलात्मक चित्रांकन, इस रेखाचित्र में शब्दों की निहित संवेदना को मूर्त कर देता है।
Sarthak Vyagya Ka Yatri : Prem Janmejai
- Author Name:
Sudha Om Dhingra +1
- Book Type:

- Description:
Book
Chiya Ki Cycle Hindi By Yash Malviya
- Author Name:
Yash Malviya
- Book Type:

- Description:
संता क्लाज़ से थोड़ी कम ही इनकी झक-झक दाढ़ी है संता के तो रेनडियर हैं इनकी धक्का गाड़ी है इक काँधे पर झोला है दिल बच्चों सा भीला है झोले में कविताएँ हैं खुशियाँ दाएँ बाएँ हैं यश अंकल तो संता जैसे हो - ही कर के हंसते हैं इनके पास तो गीतों वाले नन्हें-नन्हे बस्ते हैं
Batakh Ka Anokha Baccha
- Author Name:
Kamini Gayakwad
- Book Type:

- Description:
यह बतख के एक अनोखे बच्चे की कहानी है। अलग दिखने के कारण उसे अपने भाई-बहनों के गुस्से का सामना पड़ता है। वह दुखी होकर दूर चला जाता है। लेकिन एक दिन वह खुद को पहचान लेता है । कौन है वह ?
Neta Banam Aaloo
- Author Name:
Alok Puranik
- Book Type:

- Description:
रिश्तों से लेकर फरिश्तों तक सबकुछ बाजार की चपेट में है। बाजार सिर्फ वही नहीं है, जहाँ वह दिखता है। बाजार अब घर के अंदर के रिश्तों में पसरा हुआ है, अमेरिका सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं, भारत में कई अमेरिका फल-फूल रहे हैं। कुल मिलाकर पंद्रह-बीस सालों में व्यंग्य के नए विषय और आयाम सामने आए हैं। प्रस्तुत संग्रह में आपको ऐसे व्यंग्य मिलेंगे, जिन्हें देखकर आप कह उठेंगे, अरे! इस विषय पर भी व्यंग्य हो सकता है क्या!
How The Leopard Got His Spots
- Author Name:
Rudyard Kipling
- Book Type:

- Description:
Awaiting description
Akalmand Gadha
- Author Name:
Madhu Pant
- Book Type:

- Description:
पहले पढ़ी हर कहानी में गधा बेवक़ूफ़ निकला होगा, लेकिन यहाँ कुछ अलग है । इस गधे ने बेवक़ूफ़ी के अपने इतिहास से काफ़ी कुछ सीखा है। यह कहानी सिखाती है कि ग़लतियाँ करना और बेवकूफ़ बन जाना, ज़्यादा बड़ी कमी नहीं है । सबसे बड़ी कमी है, उससे न सीखना ।
Kahin Nahi
- Author Name:
Madhu B. Joshi
- Book Type:

- Description:
Awaiting description
Hathi Ka Baccha
- Author Name:
Rudyard Kipling
- Book Type:

- Description:
Awaiting description
Dadu Takes Me To Gurudwara By Tanvi Nishchal
- Author Name:
Tanvi Nishchal
- Book Type:

- Description:
Tag along with Mahi as she visits Gurudwara for the first time with her best buddy, Dadu and how he answers her whats and whys
Nanhi aur Raja Dhumketu
- Author Name:
Advika Dubey
- Book Type:

- Description:
धूमकेतु नाम के एक राजा अज़ब-गज़ब सपने देखते रहते हैं। सपने में ख़ुद को ही चोट पहुँचाते रहते हैं। लेकिन उन्हें लगता है कि, उनके साथ ऐसा करने वाले ख़ुद वह नहीं बल्कि कोई और है । सारे सैनिक परेशान हैं। ऐसे में आती है- नन्ही । नन्ही अपनी चतुराई से न सिर्फ़ सैनिकों को राजा के गुस्से से बचाती है बल्कि ढेर सारा इनाम भी पाती है। यह सब वह कैसे करती है? इसके लिए तो किताब पढ़नी पड़ेगी!
The Talking fish and other folktales
- Author Name:
Kamini Gayakwad
- Book Type:

- Description:
Explore a world of enchanting stories in "The Talking Fish and Other Folktales." Meet Chand the goldsmith, learn the lessons a wise For Me imparts to lazy sons, discover the rabbit's clever sea-crossing trick, and unravel the playful deceptions between Nanduka and Lakshahinang. Touch the elephant with Blind Men and grasp diverse perspectives. Beautifully illustrated, this book promises answers to intriguing questions, creating a delightful journey through folklore's rich tapestry. Immerse yourself in captivating tales that entertain, educate, and leave an indelible mark. Perfect for all ages, this collection is a magical addition to your literary treasures.
Halke-Phulke
- Author Name:
Pradeep Choubey
- Book Type:

- Description:
हल्के-फुल्के में दीर्घकाय रचनाएँ चंद ही हैं, ये मजाक की संजीदगी को परत-दर-परत, आहिस्ता-आहिस्ता उघाड़ती हैं। इनमें ‘भुखमरे’ और ‘साठवाँ’ खास तवज्जुह की डिमांड करती हैं। व्यक्तिगत त्रासदी किस तरह अनुभूति की गहराई में उमड़-घुमड़कर सामुदायिक विडंबना को रूपाकर दे सकती है, इसका उम्दा नमूना। और अंत में, दो बिल्कुल अलग तरह की रचनाओं का जिक्र न करना नाइनसाफी होगी। ये दोनों हिंदुस्तानी सिनेमा के प्रति उनके गहरे लगाव और समझ की नायाब मिसाल हैं। एक, हिंदी फिल्म संगीत के स्वर्णकालीन जादूगर ओ.पी. नैयर का इंटरव्यू यह ‘अहा! जिंदगी’ के अक्तूबर 2006 के अंक में प्रकाशित हुआ था। संयोग की विडंबना कि जनवरी 2007 में नैयर साहब का इंतकाल हुआ। यह उनकी जिंदगी का आखिरी इंटरव्यू है, जो उनकी पर्सनैलिटी के मानिंद ही बिंदास है। सिने-संगीत का वह करिश्मासाज संगीतकार, जिसने सार्वकालिक मानी जानेवाली गायिका भारत-रत्न लता मंगेशकर की आवाज का कभी इस्तेमाल नहीं किया। तब भी स्वर्ण युग में अपनी यश-पताका फहराकर दिखाई। दूसरी रचना है छह दशक पूर्व प्रदर्शित हुई राजकपूर निर्मित विलक्षण कृति ‘जागते रहो’ की रसमय मीमांसा। यह रचना ‘प्रगतिशील वसुधा’ के फिल्म-विशेषांक हेतु उनसे लिखवाने का सुयोग मुझे ही हासिल हुआ था। वहाँ वे कृति के मार्मिक विश्लेषण के साथ ही कृतिकार और समूचे सिनेमा से अपने अंतरंग लगाव का बेहद दिलचस्प, बेबाक बयान करने से भी नहीं चूकते। मुझे यकीन है कि रसिक पाठक इस पुरकशिश किताब का भरपूर लुत्फ उठाएँगे। —प्रह्लाद अग्रवाल सतना, 15 अगस्त, 2017
Neend Ka Baksa Hindi By Manoj Kumar Jha
- Author Name:
Manoj Kumar Jha
- Book Type:

- Description:
आकाश में तारे टिमटिमा रहे हैं तो नीचे घास पर जुगनू । अक्षर किताबों से निकल भागे, नदी पार की लेकिन पहुँचे भी तो कहाँ - काँटों के गाँव । समंदर, नदी, नहर और बाल्टी सबमें पानी है। अपनी अपनी जगहों से पानी और पानी की बातें हो रही हैं। उधर फूलों के रंग तुमसे कुछ कहने को हैं । सपने में लाहौर जाकर कुल्फी खा लो और सपने में ही घर लौट आओ। ऐसी प्यारी और जादूभरी कविताएँ पढ़नी हैं ? 'नींद का बक्सा' घर ले जाओ और चुपके से खोलकर देखो। इसमें जितनी सुन्दर कविताएँ हैं उतने ही सुन्दर चित्र। गौर से देखो तो इस बक्से के चित्र और कविताएँ बातें करती दिखेंगी।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book