Sahabnama
(0)
₹
225
₹ 180 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
This Books doesn’t have a description
Read moreAbout the Book
This Books doesn’t have a description
Book Details
-
ISBN9788194831129
-
Pages170
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Dummy Book - Autobiography (MK Gandhi)
- Author Name:
Dummy User For Test
- Rating:
- Book Type:



- Description: PLEASE DO NOT PURCHASE THIS BOOK. THIS IS DUMMY BOOK FOR APP STORE TESTS
Batakh Ka Anokha Baccha
- Author Name:
Kamini Gayakwad
- Book Type:

- Description: यह बतख के एक अनोखे बच्चे की कहानी है। अलग दिखने के कारण उसे अपने भाई-बहनों के गुस्से का सामना पड़ता है। वह दुखी होकर दूर चला जाता है। लेकिन एक दिन वह खुद को पहचान लेता है । कौन है वह ?
Motiguj
- Author Name:
Rudyard Kipling
- Book Type:

- Description: Awaiting description
Vyangya Saptak Lalitya Lalit
- Author Name:
Lalitya Lalit
- Rating:
- Book Type:

- Description: Book
Kaliyug Sarvashreshtha Hai
- Author Name:
Mahayogi Swami Buddha Puri
- Book Type:

- Description: "सृष्टि के विकास क्रम में चार युगों का चक्र चलता है—सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग, कलियुग। प्रत्येक युग में धर्म का कुछ हृस होते-होते कलियुग में अधर्म अपने चरम पर पहुँच जाता है। कलियुग के बाद सतयुग का प्रादुर्भाव होता है, पर कैसे? क्या रहस्य है? अधर्म की वृद्धि से एकदम धर्मयुक्त सतयुग का कैसे प्रादुर्भाव होता है? इसमें क्या रहस्य है? कौन सा ईश्वरीय विधान छुपा हुआ है और उसका कलियुग में रहते हुए ही किन साधनाओं द्वारा प्रकट होना संभव है? शास्त्र कहते हैं कि कलियुग के बाद पुनः धर्मयुग अर्थात् सतयुग आएगा ही। इतना ही नहीं, महाभारत तथा अनेक पुराणों में लिखा है कि कलियुग सर्वश्रेष्ठ है। यह पुस्तक एक ओर शास्त्रों के इन गंभीर रहस्यों को अत्यंत सरल भाषा में और उपयुक्त प्रमाणों तथा युक्तियों के माध्यम से स्पष्ट करती है तो दूसरी ओर बताती है कि कलियुग के अवगुणों से कैसे बचना है और गुणों को कैसे धारण करना है? ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र—इन वर्णों का क्या महत्त्व है? जीवन का लक्ष्य क्या है और उसकी प्राप्ति हेतु किन स्तरों को पार करना होता है? धर्म का वास्तविक स्वरूप क्या है? उत्तरोत्तर धर्म की व्यापकता में साधक की चेतना का प्रवेश कैसे संभव है? "
A Vote for Laughter
- Author Name:
R K Laxman
- Book Type:

- Description: A witty look at the strange world of politics by our best-loved cartoonist This exhilarating collection by R.K. Laxman takes a humorous look at the colourful personalities, peculiar codes of conduct and bombastic rhetoric that characterize the inimitable world of politics. A Vote for Laughter contains a hundred of the classic Common Man cartoons that have to do with political subjects, from party meetings, election campaigns and VVIP movements to cabinet reshuffles, horse trading and foreign tours, not to forget the activity that for Laxman defines the Indian politician: the impulse to rush to the well of the House. These are accompanied by a hundred of the funniest jokes about politics and politicians, collected from all over the world. A Vote for Laughter will entertain everyone who enjoys seeing the farcical streak in our contemporary politics, even as we take pride in being the largest democracy in the world.
The Talking fish and other folktales
- Author Name:
Kamini Gayakwad
- Book Type:

- Description: Explore a world of enchanting stories in "The Talking Fish and Other Folktales." Meet Chand the goldsmith, learn the lessons a wise For Me imparts to lazy sons, discover the rabbit's clever sea-crossing trick, and unravel the playful deceptions between Nanduka and Lakshahinang. Touch the elephant with Blind Men and grasp diverse perspectives. Beautifully illustrated, this book promises answers to intriguing questions, creating a delightful journey through folklore's rich tapestry. Immerse yourself in captivating tales that entertain, educate, and leave an indelible mark. Perfect for all ages, this collection is a magical addition to your literary treasures.
Gudgudate Sawal-Jawab
- Author Name:
J.P.S. Jolly
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Neki Kar Thane Jaa
- Author Name:
Ibraheem Jalees
- Rating:
- Book Type:

- Description: This Books doesn’t have a description
Vyang Ke Naye Chehre
- Author Name:
Purnima Surinder Kaur
- Book Type:

- Description: व्यंग्य, समकालीन विसंगतियों से लड़ने का सबसे सक्षम भाषिक प्रयोग है। इसमें हिंदी के युवा व्यंग्यकारों की ताज़ा अभिव्यक्तियाँ हैं। शिवम् चौकसे धार्मिक आस्था और पाखंड के पीछे अनिवार्यतः मौजूद रहने वाले क्षद्म को बेपर्दा करते हैं। उन्हें पढ़ते हुए परसाई जी की रचना 'वैष्णव की फिसलन भी याद आएगी। व्यंग के नये चहरे पूर्णिमा, अस्मिता मौर्य और अर्चिता सावर्ण्य को पढ़ते हुए इस बात पर ध्यान जाना चाहिए कि हिंदी व्यंग्य विधा में स्त्रियों की संख्या कितनी कम है। उस लिहाज से इस संकलन में तीन महिला व्यंग्यकारों का नाम अपर्याप्त होकर भी उल्लेखनीय कहा जाएगा। इन तीन युवा व्यंग्यकारों की शैली कथात्मक है। संजय गोरा खेल विधा को प्रभावी ढंग से व्यंग्य और विनोद में बदल देते हैं। शीतल रघुवंशी, चिराग अग्रवाल, दीपेश और सचिन शर्मा किंचित कथात्मकता, गल्प और मुहावरों का प्रभावी इश्तेमाल करते हैं। प्रिय युवा व्यंग्यकारों में सबसे प्रतिष्ठित नाम है। उनका व्यंग्य पढ़ते हुए इसका कारण भी समझ आएगा।
Nanhi aur Raja Dhumketu
- Author Name:
Advika Dubey
- Book Type:

- Description: धूमकेतु नाम के एक राजा अज़ब-गज़ब सपने देखते रहते हैं। सपने में ख़ुद को ही चोट पहुँचाते रहते हैं। लेकिन उन्हें लगता है कि, उनके साथ ऐसा करने वाले ख़ुद वह नहीं बल्कि कोई और है । सारे सैनिक परेशान हैं। ऐसे में आती है- नन्ही । नन्ही अपनी चतुराई से न सिर्फ़ सैनिकों को राजा के गुस्से से बचाती है बल्कि ढेर सारा इनाम भी पाती है। यह सब वह कैसे करती है? इसके लिए तो किताब पढ़नी पड़ेगी!
Khuli Ankhon Ka Sapna
- Author Name:
Arti Pandya
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत पुस्तक ‘खुली आँखों का सपना’ एक काल्पनिक उपन्यास है। इस उपन्यास की कहानी एक मध्यमवर्गीय परिवार की माँ के इर्दगिर्द घूमती है जिसे अपने बेटे के लिए बहू खोजने के चक्कर में किन-किन समस्याओं और विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। इस गम्भीर समस्या को हास्य का ऐसा चोला पहनाने का प्रयास लेखिका द्वारा किया गया है कि पाठकगण हँसने को मजबूर हो जाएँगे। उपन्यास में सरल, सारगर्भित व उत्कृष्ट भाषा का प्रयोग किया गया है जो जनसाधारण के लिए उपयुक्त है। निश्चय ही पाठक जब इस उपन्यास को पढ़ना शुरू करेंगे तो अन्त तक पढ़ने को विवश हो जाएँगे।
Dilwali Jaadugarniyaan
- Author Name:
Jayanti Ranganathan
- Book Type:

- Description: टीना और बोस्की आम टीनएजर नहीं हैं। शश्श.... किसी से कहना मत, पर दोनों हैं जादूगरनियाँ। उनका पालतू कोई कुत्ता-बिल्ली नहीं, एक ख़ब्ती-सा डायनोसॉर जूना है। जिसके साथ दोनों सिस्टर्स का लव-हेट रिलेशनशिप है। क्या होता है जब एक दिन जूना गायब हो जाता है? उसे ढूँढने निकल पड़ती हैं और टकराती हैं एक से एक मज़ेदार कैरेक्टर्स और रोमांचक टनाओं से । तो शामिल हो जाओ टीना और बोस्की के साथ इस जादुई ऊटपटांग सफ़र में....
Moti Guj - The Mutineer
- Author Name:
Rudyard Kipling
- Book Type:

- Description: Awaiting description
Meri Dus Rachnayen Dr. Prem Janmejai
- Author Name:
Dr. Prem Janmejai
- Book Type:

- Description: Book
Holu ka Dimag Chalata Hai
- Author Name:
Divik Ramesh
- Book Type:

- Description: होलू का दिमाग चलता वरिष्ठ बाल साहित्यकार दिविक रमेश की सात नई कहानियों का यह संग्रह बच्चों के लिए ताज़गीभरी उद्भावनाओं और प्रेरक प्रसंगों से परिपूर्ण है। इन कहानियों में आवश्यक कल्पनाशीलता, सुसंगत और मनभावन ढंग से आती है, जो मनोरंजन के साथ जीवन के करीब भी ले जाती है। अनुभव की गहराई और वैज्ञानिक दृष्टि इन्हें और भी असरदार बनाती हैं। विविधता से भरपूर यह साहित्य हर उम्र के पाठकों को अपनत्व का एहसास कराता है और हर बार नए अनुभवों से परिचित कराता है।
Common Man Meets The Mantri
- Author Name:
R K Laxman
- Rating:
- Book Type:

- Description: A collection of gems by our best-loved cartoonist, R.K. Laxman From financial crises to the woes of householders, from political instability to rampant corruption, these cartoons capture the entire gamut of contemporary Indian experience. Hilarious and thought-provoking at the same time, this is a treasure house of humour from one of the most striking voices commenting on Indian sociopolitical life today.
Neta Banam Aaloo
- Author Name:
Alok Puranik
- Book Type:

- Description: रिश्तों से लेकर फरिश्तों तक सबकुछ बाजार की चपेट में है। बाजार सिर्फ वही नहीं है, जहाँ वह दिखता है। बाजार अब घर के अंदर के रिश्तों में पसरा हुआ है, अमेरिका सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं, भारत में कई अमेरिका फल-फूल रहे हैं। कुल मिलाकर पंद्रह-बीस सालों में व्यंग्य के नए विषय और आयाम सामने आए हैं। प्रस्तुत संग्रह में आपको ऐसे व्यंग्य मिलेंगे, जिन्हें देखकर आप कह उठेंगे, अरे! इस विषय पर भी व्यंग्य हो सकता है क्या!
Maya Maha Thagni Ham Jaani
- Author Name:
Ashwini Kumar Dubey
- Book Type:

- Description: Book
Angootha Chhap Hastakshar
- Author Name:
Ravi Sharma 'Madhup'
- Book Type:

- Description: फ्लैप मैटर-1 इस व्यंग्य संकलन की रचनाओं को पढ़कर मैं कह सकता हूँ कि डॉ. रवि शर्मा ‘मधुप’ में विसंगतियों को पहचानने का माद्दा है। रचना में प्रत्येक शब्द उचित जगह पर प्रयोग करना उनकी खूबी है, इसलिए उनके व्यंग्य चाहे कथा हैं या लेख, वे सफल व्यंग्य हैं। —डॉ. शेरजंग गर्ग वरिष्ठ व्यंग्यकार डॉ. रवि शर्मा ‘मधुप’ ने विभिन्न विषयों पर अपने व्यंग्य-बाण चलाए हैं। उनके तरकश का सैंसेक्स काफी बढ़ता नजर आया है। जुगाड़, तिकड़म और चलते पुर्जों का जोर, लोकतांत्रिक शक्तियों की तानाशाही, समाजवादी अभिलाषाओं का असामाजिक होना, नई पीढ़ी की त्रिशंकुता और बुद्धिजीवियों का पलायनवाद—वे मुख्य मुद्दे हैं, जो इस व्यंग्य संकलन में उभरे हैं। समाज की नब्ज़ को पकड़ते और पढ़ते रहने की आदत ने डॉ. रवि शर्मा ‘मधुप’ के व्यंग्यकार के कद को यकीनन बड़ा किया है। वे अपने सामाजिक सरोकारों से रूबरू होते हैं, इसका प्रमाण उनके सामाजिक विश्लेषण देते हैं। उनके लेखन में सूक्तियाँ बड़ी मारक होती हैं। इस संकलन में भी ये प्रभावित करती दिख रही हैं। व्यंग्यकार को अनेक शैलियाँ अपनाने की छूट होती है। डॉ. रवि शर्मा ‘मधुप’ ने यह छूट लूट ली है—अनेकानेक शैलियों में कथ्य को बाँधा, कुछ अपनी शैली भी निर्मित की है। यह साधुवाद की बात है। —डॉ. हरीश नवल, प्रतिष्ठित व्यंग्यकार फ्लैप-2 डॉ. रवि शर्मा ‘मधुप’ के इस व्यंग्य संकलन में उनका विषय-वैविध्य बहुत प्रभावित करता है। उनका शिल्प पक्ष बेजोड़ है। कई जगह वे ऐसे अनूठे प्रयोग करते हैं कि पाठक चौंक जाता है। वक्रोक्ति और वाग्वैदिग्ध्य का प्रभावी मिश्रण इस संकलन की उल्लेखनीय विशेषता है। डॉ. रवि शर्मा ‘मधुप’ व्यंग्य निबंधों की अपेक्षा व्यंग्य कथा लिखने में अधिक सहज हैं। इस संकलन में उनकी जो व्यंग्य कथाएँ हैं, वे उच्च कोटि की हैं। —डॉ. सुभाष चंदर प्रसिद्ध व्यंग्यालोचक डॉ. रवि शर्मा ‘मधुप’ के इस व्यंग्य संकलन से गुजरते हुए एक बात जो लगातार महसूस होती रही है, वह यह है कि वे सांस्कृतिक सवालों से इतर सामाजिक-प्रशासनिक, यहाँ तक कि कहीं-कहीं राजनीतिक सवालों तक में भी अपनी दृष्टि-संपन्नता का कुछ-कुछ परिचय अवश्य देते रहे हैं। बेशक सोच का यही आधार परिपक्व होने पर इस दमनचक्र को तोड़ने में कारगर भूमिका का निर्वाह भी करेगा। डॉ. रवि शर्मा ‘मधुप’ अपनी प्रवाहमयी, सरस, रोचक शैली से पाठकों को अभिभूत करने के साथ बाँधने की अद्भुत क्षमता रखते हैं। उनका यह प्रकाश्य व्यंग्य संकलन अपने कथ्य की ताजगी और उक्ति-वैचित्र्य की जीवंतता से आम पाठक को सम्मोहित करने में सफल होगा। —राजेंद्र सहगल प्रसिद्ध व्यंग्यकार
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book