Bharat : Sanskritik Chetna Ka Adhishthan
Author:
Baldev Bhai SharmaPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 280
₹
350
Unavailable
Awating description for this book
ISBN: 9789352665471
Pages: 184
Avg Reading Time: 6 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Jannayak Tantya Bheel
- Author Name:
Baba Bhand
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gaya
- Author Name:
Murgal Lensh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
1000 Itihas Prashnottari
- Author Name:
Sachin Singhal
- Book Type:

- Description: "1000 इतिहास प्रश्नोत्तरी इतिहास का खेल न्यारा है; और इतिहास अपने को दुहराता भी है। इसीलिए इतिहास में लोगों की स्वाभाविक जिज्ञासा होती है—चाहे वह परिवार का हो, राष्ट्र का हो या विश्व का। प्रस्तुत पुस्तक एक सामान्य पाठक और उसके इतिहास के ज्ञान के स्तर को ध्यान में रखते हुए लिखी गई है। पुस्तक को बहुविकल्पीय प्रश्नों की शैली में लिखा गया है। चार भागों में विभक्त पुस्तक को महत्त्वपूर्ण उपभागों में बाँटा गया है; जैसे—सिंधु घाटी सभ्यता के स्रोत, वैदिक सभ्यता, मौर्य एवं गुप्त साम्राज्य, जैन एवं बौद्ध धर्मों का उदय, दक्षिण के साम्राज्य, मुगल काल, मराठा राज्य, अंग्रेजी शासन और भारत का स्वतंत्रता संघर्ष आदि। प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प दिए गए हैं, जिनमें एक सही उत्तर है, जिससे पाठक प्रश्न का सही उत्तर ढूँढ़ने के लिए अपनी तर्कशक्ति का भी प्रयोग कर सकते हैं। विश्वास है, पुस्तक पाठकों को अच्छी लगेगी तथा उनके इतिहास के ज्ञान को बढ़ाने में मदद करेगी। "
Dictionary of Computer & Information Technology
- Author Name:
Mrinal Talukdar
- Book Type:

- Description: Dictionary of Computer & Information Technology covers nearly every aspect of computers. The aim of this book is to present various terms and definitions of the subject in a simple and easily understandable language. The book is designed to be a comprehensive and authoritative source of definitions for computer-related terms and abbreviations. This dictionary of computer terminologies includes terms drawn from a wide variety of topics relevant to computer users, including software, hardware, networking, data storage, graphics, games, information processing, organizations, programming and standards, the Internet and the World Wide Web. This dictionary emphasizes terminology that the average computer user will encounter in documentation, online help, computer manuals, marketing and sales materials, etc. Because most computer users operate personal computers and desktop systems at home, work, or both, the majority of the entries in this dictionary cover the terminology used in describing and working with these systems.
Hindi Ke Paryaya Purushottam Das Tandon
- Author Name:
Sant Prasad Tandon +1
- Book Type:

- Description: ‘‘जो भी व्यक्ति टंडनजी के संपर्क में आए, सबने उनसे कुछ-न-कुछ सीखा। यह महापुरुषों की निशानी है, जो उनसे मिले, लेकर गए। हमने भी उनसे लिया, जिससे दिल और दिमाग की दौलत बढ़ी। वे ऐसे व्यक्ति हैं, जो अपने सिद्धांतों पर अटल स्तंभ की तरह डटे रहते हैं।’’ —जवाहरलाल नेहरू ‘‘उनका जीवन भारतीय संस्कृति और सभ्यता का प्रतीक है। वह अनेक प्रकार से राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक कामों में हमारा नेतृत्व करते आए है।’’ —गोविंदवल्लभ पंत ‘‘टंडनजी का व्यक्तित्व प्राचीन भारतीय संस्कृति की उस ओजस्विता का प्रतीक है, जिसने हर नए को अपनी अजस्र ज्ञान-धारा में समा लेने और उनके परस्पर समन्वय का प्रयास किया है।’’ —अनंतशयनम अय्यंगार ‘‘यह पुस्तक केवल एक महापुरुष की उल्लेखनीय जीवनी ही नहीं है, अपितु राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं भाषायी कार्यकर्ताओं और नेताओं के लिए ‘कर्मगीता’ भी है।’’ —गोपाल प्रसाद व्यास
Azad Bachpan Ki Ore
- Author Name:
Kailash Satyarthi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Smare Nityam Hindi Translation of Odia Smare Nityam
- Author Name:
Paramita Satpathy
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Swarsamrat Deenanath Mangeshkar
- Author Name:
Vandana Ravindra Ghangurde
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Manrega
- Author Name:
Vishnu Rajgariya
- Book Type:

- Description: आज़ादी के छह दशक बाद भी ग्रामीण विकास की जटिल चुनौतियाँ विश्व के विशालतम लोकतंत्र हमारे देश के लिए चिन्ता का विषय रही हैं। सुखद है कि इस दिशा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) 2005 ने कम ही समय में अपनी प्रासंगिकता एवं दीर्घकालिक उपयोगिता प्रमाणित कर दी है। मनरेगा से बन रहे सामाजिक सुरक्षा के परिवेश ने करोड़ों ग्रामीण भारतीयों के जीवन में बड़े बदलाव की सम्भावना पैदा कर दी है। यह बदलाव मनरेगा के साथ अन्य महत्त्वपूर्ण योजनाओं एवं कार्यक्रमों के रचनात्मक एवं नवाचारी समावेश द्वारा बड़े स्तर पर लाना सम्भव हो रहा है। अब मनरेगा के तहत सुयोग्य श्रेणियों के व्यक्तिगत लाभुकों की ज़मीन में भी भूमि एवं जल संरक्षण एवं सिंचाई कूप जैसी अत्यन्त उपयोगी विभिन्न परिसम्पत्तियों के निर्माण के प्रावधान ने इन सम्भावनाओं को और गहन कर दिया है। मनरेगा ने पंचायती राज संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण का भी एक महत्त्वपूर्ण ज़रिया दिया है क्योंकि लागत के हिसाब से 50 प्रतिशत कार्यों का कार्यान्वयन ग्राम पंचायतों द्वारा किया जा रहा है। मनरेगा के तहत ग्रामसभा को मिली विशिष्ट हैसियत ने हमारे विशाल लोकतंत्र में जन-जन की प्रत्यक्ष भागीदारी का अनूठा प्रयोग सम्भव बना दिया है। पारदर्शिता और सामाजिक अंकेक्षण हो या फिर शिकायत निवारण और ओम्बड्समैन प्रणाली, हर मामले में ठोस एवं नए के माध्यम से मनरेगा एक अद्भुत कार्यक्रम बन गया है। मनरेगा के क्रियान्वयन के अब तक के अनुभवों के आधार पर वर्ष 2013 में ग्रामीण विकास मंत्रालय ने नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। मुझे प्रसन्नता है कि प्रस्तुत पुस्तक में उन दिशानिर्देशों को समाहित किया गया है। ग्रामीण भारत में बड़े बदलाव की वाहक इस योजना का लाभ हर वांछित तक पहुँचाने के लिए इसके प्रावधानों व कार्यप्रणाली के बारे में समुचित जानकारी आवश्यक है। —भूमिका से
Rahim Rachnawali
- Author Name:
Satyaprakash Mishra
- Book Type:

- Description: डॉ. सत्यप्रकाश मिश्र द्वारा सम्पादित इस रचनावली में रहीम के नाम से प्रचलित सभी रचनाओं का समावेश किया गया है। पाठ को प्रामाणिक बनाने के प्रयत्न के साथ ही साथ सम्पादक ने अपनी विस्तृत भूमिका में रहीम के विषय में प्रामाणिक सामग्री दी है। रहीम की भूमिका को निर्धारित करते हुए पुस्तक में रहीम द्वारा प्रयुक्त नई शैलियाँ और काव्य प्रयोगों को रेखांकित करके सम्पादक ने उस युग के काव्य मिज़ाज को समझाने का महत्त्वपूर्ण प्रयत्न किया है। रहीम के स्वनिर्मित स्वाभिमानी व्यक्तित्व और उनकी त्रासदी को समझे बग़ैर उनकी कविताओं को समझना कठिन है—यह इस ग्रन्थ को पढ़ने से और अधिक उजागर होगा। इस संग्रह की भूमिका और मूल पाठ से रहीम के साथ ही साथ मध्ययुगीन काव्य की मानसिक बुनावट और काव्य सन्दर्भ को समझने में मदद मिलेगी—यह विश्वास के साथ कहा जा सकता है।
Adarsh Patra Lekhan
- Author Name:
Shyam Chandra Kapoor
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Moditva
- Author Name:
Siddhart Mazumdar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
REET Grade-III Adhyapak Level 1 & 2, Shekshanik Manovigyan Evam Suchna Takniki
- Author Name:
Kunwar Kanak Singh Rao
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jeevon Ka Sansar Anokha
- Author Name:
S.K. Trivedi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Samajiki (Oct- Dec - 2021 - Ank - 1)
- Author Name:
Badri Narayan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mahan Rashtravadi Dadabhai Nauroji
- Author Name:
Prakhar Kundan
- Book Type:

- Description: " ‘द ग्रैंडमैन ऑफ इंडिया’ के नाम से विख्यात दादाभाई नौरोजी ऐसे व्यक्तित्व के धनी थे कि जो भी उनके संपर्क में आता, वह उनसे प्रभावित हुए बिना न रहता था। यह कहना अप्रासंगिक न होगा कि वे एक साधारण परिवार में जनमे असाधारण व्यक्ति थे। दादाभाई ने न केवल एक शिक्षाविद् के रूप में, बल्कि एक समाजसुधारक के रूप में भी कार्य किया। उन्होंने भारतीयों के हितों और अधिकारों की आवाज ब्रिटेन की संसद् में भी उठाई। यही नहीं, बल्कि वे ऐसे प्रथम भारतीय भी बने, जिन्हें ब्रिटेन की संसद् का सदस्य चुना गया। यह दादाभाई के व्यक्तित्व का ही प्रभाव था कि भारतीय ही नहीं, बल्कि अंग्रेज भी उनका बहुत सम्मान किया करते थे। दादाभाई नौरोजी ही वे पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने ‘स्वराज्य’ का नारा देकर स्वशासन की माँग की थी। दादाभाई ही वे पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने अपनी विलक्षण योग्यता से भारत में प्रति व्यक्ति आय का आकलन किया और संपन्न भारत के गरीब भारतीयों की दयनीय दशा स्पष्ट करते हुए अंग्रेज शासकों द्वारा किए जा रहे शोषण की पोल खोली। भारत माँ के अमर सपूत दादाभाई नौरोजी के प्रेरक जीवन पर प्रकाश डालती पठनीय जीवनगाथा। "
Yugdrashta Vivekanand
- Author Name:
Rajeev Ranjan
- Book Type:

- Description: स्वामी विवेकानंद का भारत में अवतरण उस समय हुआ, जब हिंदू धर्म के अस्तित्व पर संकट के बादल मँडरा रहे थे। पंडा-पुरोहित तथा धर्म के ठेकेदारों के कारण हिंदू धर्म घोर आडंबरवादी तथा पथभ्रष्ट हो गया था। ऐसे विकट समय में स्वामीजी ने हिंदू धर्म का उद्धार कर उसे उसकी खोई प्रतिष्ठा पुन: दिलाई। मात्र तीस वर्ष की आयु में स्वामी विवेकानंद ने शिकागो के विश्वधर्म सम्मेलन में हिंदू धर्म का परचय लहराया और भारत को विश्व के आध्यात्मिक गुरु का स्थान दिलाया। स्वामीजी केवल संत ही नहीं थे, बल्कि एक प्रखर देशभक्त, ओजस्वी वक्ता, गंभीर विचारक, मनीषी लेखक और परम मानव-प्रेमी भी थे। मात्र उनतालीस वर्ष के अपने छोटे से जीवनकाल में उन्होंने जो काम कर दिखाए, वे आनेवाली पीढ़ियों का शताब्दियों तक मार्गदर्शन करते रहेंगे। कवींद्र रवींद्र ने एक बार कहा था—“यदि भारत को जानना चाहते हो तो विवेकानंद को पढ़िए।” हिंदू समाज में फैली कुरीतियों का घोर विरोध करते हुए स्वामीजी ने आह्वान किया था—“उठो, जागो और स्वयं जागकर औरों को जगाओ। अपने नर-जन्म को सफल करो और तब तक रुको नहीं जब तक कि लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।” हमें विश्वास है, ऐस किसी विलक्षण तपस्वी के गुणों को आत्मसात् कर अपना तथा राष्ट्र का कल्याण किया जा सकता है—इसी विश्वास को बल देती है एक अत्यंत प्रेरणादायी पुस्तक—‘युगद्रष्टा स्वामी विवेकानंद’।
English Words Formation
- Author Name:
Harmik Vaishnav
- Book Type:

- Description: The book attempts to enhance the language competence of all. In linguistics, word formation is the creation of a new word, word formation is sometimes contrasted with semantic change, which is a change in a single word’s meaning. Word formation can also be contrasted with the formation of idiomatic expressions. It gives equal importance to the terminology and sentence structure for acquiring linguistic proficiency in expressing oneself. Since the book deals with different parts of speech and their usage in sentence construction, it is of tremendous help to you in the selection of appropriate words to express your ideas accurately and effectively. This book will be extremely useful to students, aspirants of competitive exams, professionals and of course, learners of English language.
Punyabhoomi Bharat
- Author Name:
Sudha Murty
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Main Dayananda Saraswati Bol Raha Hoon
- Author Name:
Shri Rajasvi
- Book Type:

- Description: स्वामी दयानंद सरस्वती का वास्तविक नाम मूलशंकर था। उनका जन्म धार्मिक विचारों के सुसंस्कृत परिवार में हुआ था। सन् 1846 में केवल 22 वर्ष की आयु में उन्होंने अपना घर-परिवार त्याग दिया था। इसके बाद उन्होंने संन्यास ग्रहण कर स्वामी विरजानंद की छत्रच्छाया में शिक्षा-दीक्षा प्राप्त की । स्वामी दयानंद सरस्वती ने हिंदू धर्म में व्याप्त अनेक कुरीतियों को दूर करने के लिए गंभीर प्रयास किए। वे एकेश्वरवाद के प्रबल समर्थक थे और इसका उन्होंने बढ़-चढ़कर प्रचार-प्रसार भी किया। वेद उनकी प्रेरणा थे। उन्होंने लोगों को वेदों की महत्ता का ज्ञान कराते हुए उन्हें फिर से वेदों के अध्ययन-चिंतन की ओर लौटने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सिद्ध कर दिया कि पुराण ईश्वर-प्रदत्त ग्रंथ नहीं हैं, बल्कि वेद हैं । उन्होंने यह भी प्रमाणित किया कि उपनिषद् और पुराण जैसे धर्मशास्त्र ऋषि-प्रदत्त हैं, लेकिन वे सभी वेदों पर ही निर्भर हैं और उनकी मान्यता भी तभी तक है, जब तक वे वेदानुकूल हैं। ऐसे धर्मरक्षक पावन संत स्वामी दयानंद सरस्वती के अनमोल वचन इस संकलन में प्रस्तुत हैं, जो पाठक को धर्म, दर्शन, अध्यात्म, कर्म और मानव-मूल्यों की गहरी समझ देंगे।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book