🇮🇳 India’s home-grown full-stack ecosystem for Publishers, Authors, Writers, and Readers. 🎊🎊 Celebrate Your Language, Authors from Your Own Land, with Rachnaye!!! 🎊🎊 Enjoy 🎧 Audiobooks at Rachnaye, download the Rachnaye App from Play Store or App Store

Aadi Turk Kaleen Bharat (1206-1290)

Ships within 48 Hours

Free Shipping in India on orders above Rs. 1100


About the book

आदि तुर्क वंश के इस इतिहास में 1206 ई. से 1290 ई. तक समस्त प्रमुख फ़ारसी तथा अरबी इतिहास ग्रन्थों का हिन्दी अनुवाद है। इसमें मिनहाज सिराज की ‘तबक़ाते नासिरी’ तथा ज़ियाउद्दीन बरनी की ‘तारीख़े फ़ीरोज़शाही’ को मुख्य आधार माना गया है। दूसरे भाग में समकालीन इतिहासकारों की कृतियों का अनुवाद है। इनमें फ़ख़रे मुदब्बिर की ‘तारीख़े फ़ख़रुद्दीन मुबारकशाह’, ‘आदाबुल हर्ब वश्शुजाअत’, सद्रे निजशमी की ‘ताजशुल मआसिर’, अमीर ख़ुसरो के ‘दीवाने वस्तुल हयात’ एवं क़ेरानुस्सादैन के संक्षिप्त तथा परमावश्यक अंशों का अनुवाद भी सम्मिलित है। बाद के भी दो प्रमुख इतिहासकारों की रचनाओं के अनुवाद किए गए हैं—एसामी की ‘फ़ुतूहुस्सलातीन’ का और अरबी में लिखी हुई इब्ने बतूता की यात्रा के वर्णन का। मध्यकालीन भारतीय इतिहास पर प्रामाणिक रोशनी डालनेवाले इन ग्रन्थों का अनुवाद कुछ विद्वानों ने अंग्रेज़ी में भी किया था, लेकिन उनमें पारिभाषिक शब्दों के अंग्रेज़ी अनुवादों में दोष रह गए हैं। इस कारण अनेक भ्रम-पूर्ण रूढ़ियों को आश्रय मिल गया है। इस प्रकार की त्रुटियों से बचने के उद्देश्य से प्रस्तुत ग्रन्थ में पारिभाषिक और मध्यकालीन वातावरण के परिचायक शब्दों को मूल रूप में ही ग्रहण किया गया है और उन शब्दों की व्याख्या पाद-टिप्पणियों में कर दी गई है।

Read more

₹ 700

560 20% off

Unavailable

Rachnaye membership

Pick a membership and see exactly what it gets you

  • 15 Free Deliveries
  • 1 Free Book up to ₹500 MRP

Format

This Book is out of stock
Frequently bought together
Aadi Turk Kaleen Bharat (1206-1290) This book ₹560
Khalji Kaleen Bharat Saiyad Athar Abbas Rizvi ₹995
Mughal Kaleen Bharat (Babar) Saiyad Athar Abbas Rizvi ₹3,000
3 books selected ₹4,695 ₹4,555
This Book is out of stock

100% Original

Fast Dispatch

Secure Payment

About the Book

आदि तुर्क वंश के इस इतिहास में 1206 ई. से 1290 ई. तक समस्त प्रमुख फ़ारसी तथा अरबी इतिहास ग्रन्थों का हिन्दी अनुवाद है। इसमें मिनहाज सिराज की ‘तबक़ाते नासिरी’ तथा ज़ियाउद्दीन बरनी की ‘तारीख़े फ़ीरोज़शाही’ को मुख्य आधार माना गया है।

दूसरे भाग में समकालीन इतिहासकारों की कृतियों का अनुवाद है। इनमें फ़ख़रे मुदब्बिर की ‘तारीख़े फ़ख़रुद्दीन मुबारकशाह’, ‘आदाबुल हर्ब वश्शुजाअत’, सद्रे निजशमी की ‘ताजशुल मआसिर’, अमीर ख़ुसरो के ‘दीवाने वस्तुल हयात’ एवं क़ेरानुस्सादैन के संक्षिप्त तथा परमावश्यक अंशों का अनुवाद भी सम्मिलित है। बाद के भी दो प्रमुख इतिहासकारों की रचनाओं के अनुवाद किए गए हैं—एसामी की ‘फ़ुतूहुस्सलातीन’ का और अरबी में लिखी हुई इब्ने बतूता की यात्रा के वर्णन का।

मध्यकालीन भारतीय इतिहास पर प्रामाणिक रोशनी डालनेवाले इन ग्रन्थों का अनुवाद कुछ विद्वानों ने अंग्रेज़ी में भी किया था, लेकिन उनमें पारिभाषिक शब्दों के अंग्रेज़ी अनुवादों में दोष रह गए हैं। इस कारण अनेक भ्रम-पूर्ण रूढ़ियों को आश्रय मिल गया है। इस प्रकार की त्रुटियों से बचने के उद्देश्य से प्रस्तुत ग्रन्थ में पारिभाषिक और मध्यकालीन वातावरण के परिचायक शब्दों को मूल रूप में ही ग्रहण किया गया है और उन शब्दों की व्याख्या पाद-टिप्पणियों में कर दी गई है।

Book details

Fast dispatchShips within 48 hours
Secure paymentOnline, or cash on delivery on eligible orders
100% OriginalGenuine copy from Rajkamal Prakashan Samuh
Format
Hardbound
Publisher
Rajkamal Prakashan Samuh
Edition
4th
Publication year
1956
Weight
642 grams
ISBN-13
9788126709748
Pages
314
Reading time
~10 hrs
Age
18+
Country of origin
India
Dimensions
16 × 25 cm
Language
Hindi

Recommended for you

Customer reviews

Be the first to write a review

Read this one? Tell other readers what you thought about the story, the translation and the print.

Offers

Loading offers…

whatsapp