Hash Tag Zindagi
Author:
Shyam ChandelePublisher:
Shivna PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Contemporary-fiction0 Ratings
Price: ₹ 120
₹
150
Available
Book
ISBN: 9789387310773
Pages: 120
Avg Reading Time: 4 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Berige Neeru - Award Winning Novel
- Author Name:
Rajam Krishnan +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: discriptation awaited
Meghdoot Ki Raah Ke Pathik
- Author Name:
Manisha Kulshreshtha
- Book Type:

- Description: ‘मेघदूत की राह के पथिक’ कालिदास की अमर कृति मेघदूत के साथ एक सघन रचनात्मक सम्वाद है—प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक जैकब एल मोरेनो की उस स्थापना के संदर्भ में जो रचनात्मकता को शारीरिक-मानसिक सक्रियता और सामुदायिक पारस्परिकता के साथ जोड़ती है। यानी रचनात्मकता वह जो हर तरह की जड़ता का भंजन करे। इस दृष्टिकोण से देखें तो यह कृति बन्द कमरे का विशुद्ध मानसिक और किताबी सम्वाद नहीं, जीवन और प्रकृति के प्रकट और प्रच्छन्न के रमता योगी कालिदास के साथ एक जीवन्त यात्रात्मक जुगलबन्दी है। जिन मार्गों पर चलकर कालिदास ने मेघदूत का भौगोलिक आधार पाया होगा और कथा और जीवन के जिन धुँधलकों में बिखरे उच्छ्वासों को अन्तर्भूत कर ‘कविताया’ होगा, मनीषा रामगिरि और अलकापुरी के बीच उच्छ्वसित धुँधलके में बिखरे उन सारे सम्भावित मार्गों पर चलीं और आज के कण्ठ में अवशिष्ट धुनें और लोककथाएँ सुनते-चुनते लौटीं; तब कहीं जाकर इस सम्वाद को सम्भव किया। जब आप प्रकाशित पृष्ठों से गुज़रेंगे तो पाएँगे कि यहाँ भौगोलिक ही नहीं ज्ञानमार्ग की यात्रा से हासिल निधियाँ भी हैं। कालिदास की ही तरह यहाँ भी मिथक और यथार्थ के बीच विश्वसनीय आवाजाही की गई है और पार्थिव और प्राकृतिक पता वाला साहित्य और इतिहास का एक सुन्दर साझा लोक भी रचा गया है। भौगोलिक मेघ-मार्ग और सांस्कृतिक मेघदृष्टि को समझने के लिए यह एक पुस्तक एक रम्य और रोचक शाहकार है। —डॉ. विनय कुमार
Samudrantike Novel
- Author Name:
Dhruv Bhatt
- Book Type:

- Description: बंगाली के यहाँ हम बहुत देर तक रुके रहे। बंगाली ने गीत गाए। मुखिया ने भी भजन गाए। बारिश नहीं हुई तो क्या होगा, ऐसी चिंता व्यक्त की! तब बाबा बोला, ‘‘नहीं, बरसात जरूर आवेगी, जोरों से आवेगी।’’ रात होने को आई, तब हम उठे। बाबा नीचे तक हमें छोड़ने आया। फिर कहने लगा, ‘‘देख मुखी, एक बात मान, तेरे गाँव में जो बच्चे हों, उन सबको थोड़े दिन हवेली भेज दे और मवेशियों को बाँधना नहीं, ऐसे ही खुले छोड़ देना।’’ ‘‘क्यों?’’ एक बाबा ऐसी नई व्यवस्था करने को कहे, यह मेरे लिए कुछ अजीब था। ‘‘क्यों, छोकरे लोग बँगले में रहेगा तो तेरे कु तकलीफ है क्या?’’ ‘‘नहीं, पर गाय-बैलों को क्यों नहीं बाँधना?’’ मैंने पूछा। ‘‘सुन, डराता नहीं हूँ, पर ये अपने अनंत महाराज हैं न, ये दरिया, दो-तीन दिन से ठीक से बात नहीं करते। लगता है महाराज शायद तूफान कर देंगे।’’ —इसी उपन्यास से पारंपरिक, अविज्ञान-सम्मत, आस्था प्रधान समाज और मुनाफाखोर निंदक समाज के बीच के गतिरोध और संघर्ष को संतुलित करता प्रभावी उपन्यास। इसमें लोक है, लोकनायक हैं, जो उपन्यास के ताने-बाने को बुनते हैं। एक प्रभावी, पठनीय उपन्यास।
Khuli Hava
- Author Name:
Shakti Trivedi
- Book Type:

- Description: कुछ दिन इसी प्रकार और बीत गए। अभिवादनों का आदान-प्रदान हो गया। और एक दिन जब सायंकाल को दीये जल चुके थे, तभी अलका लौट रही थी। ऊपर से मणिकलाल ने धीरे से कहा— ‘‘भाभी?’’ वह ठिठक गई और उसने भी धीरे से कहा, ‘जी’। ‘‘आप से एक-दो मिनट बात करना चाहता हूँ?’’ मणिकलाल ने नम्रता भरे शब्दों से कहा। ‘‘इस समय?’’ अलका ने घूँघट में से ही पूछा। ‘‘हाँ। अभी! केवल दो मिनट! आप तनिक मेरे पास इधर आ जाए!’’ ‘‘क्या बात है यहीं कह दीजिए!’’ अलका ने वहीं खड़े-खड़े कहा। ‘‘भाभी ये रास्ता है यहाँ ठीक नहीं है, आप डरिए नहीं। तनिक इधर आ जाओ।’’ कहकर वह द्वार से भीतर को बैठक में चला गया। अलका ने मन-ही-मन सोचा कदाचित् आज ही वह दिन आ गया, जिसकी उसे आशंका थी। उसने सोचा ‘नहीं!’ इसके प्रस्ताव को ठुकरा दो, इसे स्पष्ट मना कर दो। पर उन वस्त्रों और खाद्य पदार्थों के दबाव ने उसे ऐसा नहीं करने दिया और वह अपने स्थान से थोड़ी सी हटकर बैठक के द्वार के निकट खड़ी हो गई बोली—‘‘कहिए?’’ ‘‘देखिए, आप घबराएँ नहीं, अंदर ही आ जाएँ!
Kamal Ka Hai Mannu
- Author Name:
Mamta Kaliya
- Book Type:

- Description: मन्नू यानी मानस के लिए दादी ठीक ही कहती हैं—‘कमाल का है साड्डा मन्नू!’ वरिष्ठ कथाकार ममता कालिया का यह उपन्यास किशोरों के लिए है। परीक्षाओं में नंबरों की मारामारी के बरअक्स मन्नू और उसके दोस्तों की यह कहानी बताती है कि ऊँचे नंबर लाना जितना अहम है, उतना ही अहम एक बेहतर नागरिक बनना भी है, बल्कि उससे ज़्यादा। और इसी के साथ ज़रूरी है अपनी प्रतिभा की पहचान करना, अपनी वास्तविक रुचि को समझना और उस दिशा में काम करते रहना। मन्नू का मन बिगड़ी हुई घड़ियों, ट्रांजिस्टरों आदि को ठीक करने में जितना लगता है, उतना न तो किताबें रटने में लगता है, न ही दोस्तों के साथ मटरगश्ती में। इसीलिए भले ही उसके नम्बर बस पास होन के लिए ही आए हों, उसके विज्ञान मॉडल को राज्यस्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में पहला पुरस्कार मिला। यह लघु-उपन्यास किशोरों और छात्रों को पढ़ाई और जीवन के प्रति एक स्वस्थ; सन्तुलित और रचनात्मक नज़रिया देता है।
Hena Horuvavana Vrutthantha
- Author Name:
Cyrus Mistry +1
- Book Type:

- Description: ಮೂಲ ಲೇಖಕರು : ಸೈರಸ್ ಮಿಸ್ತ್ರಿ ಕನ್ನಡಕ್ಕೆ : ಬಿ.ಆರ್.ಜಯರಾಮರಾಜೇ ಅರಸ್ ನಾಟಕ, ಪತ್ರಿಕೋದ್ಯಮ ಕ್ಷೇತ್ರದ ನಂಟಿನ ಜೊತೆಗೆ ಸಣ್ಣ ಕತೆಗಾರನಾಗಿ ವ್ಯಾಪಕ ಸಾಹಿತ್ಯ ಕೃಷಿ ಮಾಡಿರುವ ಸೈರಸ್ ಮಿಸ್ತ್ರಿ ಅವರ ‘ಕ್ರಾನಿಕಲ್ ಆಫ್ ಎ ಕಾರ್ಪ್ಸ್ ಬೇರರ್’ ಇಂಗ್ಲಿಷ್ ಕಾದಂಬರಿಯ ಅನುವಾದ ಈ ಹೊತ್ತಿಗೆ. 2013ನೇ ಸಾಲಿನಲ್ಲಿ ಸಾಹಿತ್ಯ ಅಕಾಡೆಮಿ ಪ್ರಶಸ್ತಿ ಪಡೆದ ಈ ಕೃತಿಯನ್ನು ಬಿ.ಆರ್.ಜಯರಾಮರಾಜೇ ಅರಸ್ ಅನುವಾದಿಸಿದ್ದಾರೆ. ಕಾದಂಬರಿಯ ಪುಟ ತಿರುವಿದಂತೆ ಕಥೆಯು ಬಾಂಬೆಯಲ್ಲಿ 1942ನೇ ಇಸವಿಯ ವರ್ತಮಾನ ಕಾಲದಿಂದ ಆರಂಭವಾಗಿ ಭೂತಕಾಲದಲ್ಲಿ ಸಾಗುತ್ತಾ ಅಪೂರ್ಣ ಭವಿಷ್ಯ ಬಿಚ್ಚಿಕೊಳ್ಳುತ್ತಾ ಮುನ್ನಡೆದಿದೆ. ಇಲ್ಲಿ ‘ಎಲ್ಚಿ’ (ಫಿರೋಜ್ ಎಲ್ಚಿದಾನ) ಕಥಾನಾಯಕ. ಪಾರ್ಸಿ ಉಪಜಾತಿಗೆ ಸೇರಿದ ಅಸ್ಪೃಶ್ಯರಾದ ಹೆಣಹೊರುವವರ ಬದುಕಿನ ವೃತ್ತಾಂತ ಇಲ್ಲಿದೆ. ಫಿರೋಜ್ ಸಮಾಜದ ಪ್ರಬಲ ವರ್ಗಕ್ಕೆ ಸೇರಿದ ಪುರೋಹಿತರೊಬ್ಬನ ಮಗ. ‘ಖಾಂಧಿಯಾ’ (ಹೆಣ ಹೊರುವವರು) ಜಾತಿಗೆ ಸೇರಿದ ಸೆಪಿಡೆಹ್ (ಸೆಪ್ಪಿ) ಎಂಬುವವಳನ್ನು ಪ್ರೀತಿಸುತ್ತಾನೆ. ಮಗಳನ್ನು ಮದುವೆಯಾಗಬೇಕಾದರೆ ಹೆಣ ಹೊರುವ ವೃತ್ತಿ ಸ್ವೀಕರಿಸಿ, ತಮ್ಮ ಜೊತೆಯೇ ಬದುಕಬೇಕು ಎನ್ನುವ ಸೆಪ್ಪಿ ತಂದೆಯ ಷರತ್ತಿಗೆ ಒಪ್ಪಿ ಆಕೆಯನ್ನು ಮದುವೆಯಾಗುತ್ತಾನೆ. ಇದಕ್ಕಾಗಿ ತಂದೆ, ತಾಯಿ, ಸಮುದಾಯವನ್ನೂ ತೊರೆದು ಬರುತ್ತಾನೆ. ಮಗಳ ಜನನದ ಸಂದರ್ಭದಲ್ಲಿ ಸೆಪ್ಪಿ ನಿಧನ, ಎಲ್ಚಿ ಬದುಕಿಗೆ ತಿರುವಾಗುತ್ತದೆ. ಆತ, ಈ ನೋವಿನಲ್ಲೂ, ತುಳಿತಕ್ಕೊಳಗಾಗುತ್ತಿರುವ ಖಾಂಧಿಯಾ ಜನರ ಬದುಕಿನಲ್ಲಿ ಬದಲಾವಣೆ ತರುವತ್ತ ಪಾರ್ಸಿ ಪಂಚಾಯತ್ ವಿರುದ್ಧ ದಂಗೆಯನ್ನೂ ಆರಂಭಿಸುತ್ತಾನೆ. ದ್ವಿತೀಯಾರ್ಧದಲ್ಲಿ ಕಥೆಯ ಈ ನಿರೂಪಣೆ ಭಾರತದ ಸ್ವಾತಂತ್ರ್ಯ ಸಂಗ್ರಾಮದ ಘಟನೆಗಳಿಗೆ ಸಮಾನಾಂತರವಾಗಿ ಸಾಗುತ್ತದೆ. ಉಸಿರು ಬಿಗಿಹಿಡಿದು ಕಥೆಯನ್ನು ಓದುವಂತೆ ಪ್ರೇರೇಪಿಸುತ್ತದೆ. ಪಾರ್ಸಿ ಸಂಸ್ಕೃತಿಯು ಕೃತಿಯುದ್ದಕ್ಕೂ ಉಸಿರಾಡಿದೆ. ಕನ್ನಡ ಸಾಹಿತ್ಯಕ್ಕೆ ಹೊಸತನ್ನು ಸೇರಿಸುವಲ್ಲಿ ಈ ಕೃತಿ ಯಶಸ್ವಿಯಾಗಿದೆ.
Urvashi
- Author Name:
Jyotsna Kapil
- Book Type:

- Description: 'उर्वशी' कहानी है एक अनिंद्य सुंदरी युवती की, जो एक सशक्त व संवेंदनशील अभिनेत्री है। सब कुछ अच्छा चल रहा था, की तभी उसे प्रेम हो गया। इस प्रेम ने उसके जीवन की दिशा ही बदलकर रख दी, गहरी उथलपुथल मचा दी। प्रेमवेग ने उसके भीतर, दुर्बलता को जन्म दिया। कुछ समय वह इसी भावुकता भरी दुर्बलता में गुजारती है, और फिर उठ खड़ी होती है, जीवन के नवीन संघर्ष के लिए। अपने लक्ष्य को पाने की कोशिश, मज़बूत बनकर खड़े होने का प्रयास, एक स्त्री के संघर्ष की कहानी है 'उर्वशी'। इसमें अतिशय प्रेम है तो स्वार्थ भी, संघर्ष भी, तो कामयाबी भी, आँसू हैं तो मुस्कान भी। प्रयास किया गया है, कि पाठक इसे पढ़ते हुए, इसके प्रवाह में बहता रहे।
Joys and Woes are Woven Fine
- Author Name:
Arkaprava De
- Rating:
- Book Type:

- Description: She was born in Kolkata. She was an unwelcomed guest, a product of lust. She had to pay the price. She was abducted and trafficked to Hyderabad. She spent nine years begging on the roadside. Destiny brought her back to Kolkata, where she was sold off to a procuress in Sonargachi. She married Raghu and started leading a healthy life. However, she attempted suicide. She was Ketaki. Why was Ketaki abducted and trafficked? Where were her father and mother? Was Ketaki ever able to meet her birth parents? Why did she attempt suicide? Was it all destiny that brought her back to Kolkata, or did The Almighty have something else in His holy mind? After all, Joys and Woes are always woven fine!!
Krishnakali
- Author Name:
Shivani
- Rating:
- Book Type:

- Description: पाठक किसी पात्र से एकत्व स्थापित कर लेता है; जब उसका अपमान उसकी वेदना बन जाता है, तब ही लेखनी की सार्थकता को हम मान्यता दे पाते हैं। जब ‘कृष्णकली’ लिख रही थी तब लेखनी को विशेष परिश्रम नहीं करना पड़ा, सब कुछ स्वयं ही सहज बनता चला गया था। जहाँ क़लम हाथ में लेती, उस विस्तृत मोहक व्यक्तित्व को, स्मृति बड़े अधिकारपूर्ण लाड़-दुलार से खींच, सम्मुख लाकर खड़ा कर देती, जिसके विचित्र जीवन के रॉ-मैटीरियल से मैंने वह भव्य प्रतिमा गढ़ी थी। ओरछा की मुनीरजान के ही ठसकेदार व्यक्तित्व को सामान्य उलट-पुलटकर मैंने पन्ना की काया गढ़ी थी। जब लिख रही थी तो बार-बार उनके मांसल मधुर कंठ की गूँज कानों में गूँज उठती। वही विस्तृत मधुर गूँज, उनके नवीन व्यक्तित्व के साथ, ‘कृष्णकली’ में उतर आई। —शिवा
Pebbles on the Sea-Shore
- Author Name:
S.K. Narang
- Book Type:

- Description: Emotions form an integral part of human heart and become genesis of great pieces of literature. Present book has developed into socially purposeful stories out of such thoughts. Tragedy of India’s partition is a hair-raising story but is softened by the balm of love. Pure love sometimes results in pain of separation and is a heart wrenching tragedy of a love story. Children, a source of great strength for their parents, sometimes become cause of grave pain on account of their insatiable ambitions. Story of a simple housing problem brings out scores of problems of our sick and ailing social and democratic systems. Caste still continues to be a bane in our marriage system. This social evil has been woven into the problems of our judicial system. How a poor innocent girl brings joy and happiness to an old pilgrim who is handicapped by the language problem is a subject matter of an interesting story. Pure love and desire to raise a happy family lands a poor fisherwoman in jail. Humour, a part of our life, has been built as an integral part of some stories to lighten the impact of seriousness yet retaining the purpose and essence of narration. In short, real and imaginary ideas form the core of the stories that leave food for thought for the reader to ponder over long afterwards.
Bina Muradonwala Diya
- Author Name:
Rekha Jha
- Book Type:

- Description: ‘बिना मुरादों वाला दीया’ रेखा झा का लघु उपन्यास है जिसमें समस्तीपुर जिले के पूसा के साथ उन्होंने अपने बचपन के उन दिनों को याद किया है जिन्हें हम सब अपने जीवन में हमेशा अपनी यादों में जीते रहते हैं। छुम छुम बस में छुम-छुम ड्रेस पहनकर मुन्नी का पूसा जाना, वहाँ अपनी झुंड-भर मासियों की नन्ही बिल्ली बन जाना, और उनके साथ उस बड़ी दुनिया से परिचित होना जो उसके लिए अभी बिलकुल नई है। उसे बताया जाता है कि ‘मजार भी एक तरह का मन्दिर ही होता है। जिस तरह मन्दिर में भगवान होते हैं, मजार में पीर बाबा होते हैं।’ सिर्फ यही नहीं, पूसा में आम और लीची के बाग भी हैं जहाँ इतने किस्म के आम और इतनी किस्म की लीचियां हैं कि मुन्नी को स्कूल जाना भी नहीं अखरता। और फिर गुल्लू मासी तो हैं ही! एक मीठे बचपन की यह मीठी कहानी एक रौ में अपने-आपको पढ़वा लेती है; जिस माधुर्य और जीवन्तता के बारे में यह उपन्यासिका बताती है, वह मिठास और जीवन इसकी अपनी बुनावट का भी हिस्सा है।
The Last Wish
- Author Name:
Abhishek Kumar
- Book Type:

- Description: Tommy (Tom), an Indian breed dog, was adopted by Amit who lived in Delhi in a rented house. Tommy was deeply connected with his master and the people in the colony he lived. Amit once left the home and Tommy was left alone in the colony. Tommy was not used to live like usual street dogs. He waited for his master for days and months but he didn't return back. Slowly he started getting involved with the other street dogs in the colony and discovered his parents living there. He also realized that he had a special talent of reading which he probably learnt by chewing the newspaper rolls daily. He got enough of love and care from his parents but his love for his master was never replaced. One day he saw a letter from his master which he wrote to the landlord. Tommy read the address and decided to go to his master's place- Gujarat. Although, he didn't had an idea about the distance, he left his parents to meet his master. Here's where Tommy's journey begins. He crosses the colony of a notorious dog named sultan and loses his parents during the course. He then gets picked up by a municipality bus and gets dropped in an unknown market. He meets a dog named Julie and falls in love with her. He discusses his desire to meet his master and learns that the place his master lives is very far away from there.
Chhayatmaja
- Author Name:
Sweta Parmar "Nikki"
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक एक लड़की से माँ के सफर की कहानी है, जो लेखिका द्वारा पूरी आत्मा से कागज पर शब्दों द्वारा उकेरी है। इस कहानी को पाठक अपनी जिंदगी से भी जोड़कर देख सकते हैं, क्योंकि इसे दिल की संपूर्ण भावनाओं से ओत-प्रोत कर आत्मा से शब्दों में बाँधा गया है। अगर सच्ची लगन, खुद पर यकीन और हौसला बुलंद हो तो कैसे भी हालात का सामना किया जा सकता है और अंत में जीत सत्य और उम्मीद की होती है। उपन्यास ‘छायात्मजा’ (एक बेटी... माँ सी) अपनी कथावस्तु के चलते पाठकों को नई ताजगी का एहसास करा पाएगा। ऐसी उम्मीद है! इस कहानी में जहाँ प्रेम के कई रंग एक साथ विभिन्न एहसासों से सराबोर करते हैं तो वहीं छाया के प्यार का सहज, निस्स्वार्थ और करुण चेहरा भी दिखता है। कभी दो बहनों के आपसी रोष तो कभी उनके त्याग, समर्पण और संघर्ष की अनूठी कहानी भी दिखती है। इस उपन्यास की कहानी लिखने के पीछे लेखिका की सकारात्मक सोच और हार न मानने का जज्बा है, जो पाठकों को निश्चित ही प्रेरित कर पाएगा।
Revolution And Counter-Revolution In Ancient India
- Author Name:
DR. B.R. Ambedkar
- Book Type:

- Description: "In Revolution and Counter-Revolution in Ancient India, Dr. B.R. Ambedkar presents a sweeping and insightful historical analysis of social and religious dynamics in ancient Indian society. This work examines the ideological and power struggles that shaped India's history, focusing on the conflicts between Buddhism and Brahmanism. The book highlights how this conflict influenced India's cultural and religious landscape, ultimately leading to the decline of Buddhism in the land of its birth. Ambedkar explores how Buddhism brought revolutionary social changes that challenged the caste hierarchy and promoted values of equality, compassion and rationalism, in contrast to the caste-based system upheld by Brahmanism."
Dwandw Kahan Tak Pala Jaye
- Author Name:
Aditya Shrivastava
- Book Type:

- Description: This book has no description
Nanna Tangi Eeda
- Author Name:
Harsha Raghuram +1
- Book Type:

- Description: ಟಿಲ್ಡಾಳದು ಕಟ್ಟು ನಿಟ್ಟಿ ನ ದಿನಚರಿ. ಮಾಸ್ಟರ್ ಪದವಿಯ ಓದು, ಸೂಪರ್ ಮಾರ್ಕೆ ಟ್ ನಲ್ಲಿ ಕೆಲಸ ಮತ್ತು ಅವಳ ಪುಟ್ಟ ತಂಗಿ ಈಡಾಳನ್ನು ಹಾಗೂ ಒಮ್ಮೊ ಮ್ಮೆ ಅವಳ ಮದ್ಯವ್ಯಸನಿ ತಾಯಿಯನ್ನೂ ನೋ ಡಿಕೊ ಳ್ಳುವುದರ ನಡುವೆ ಅವಳಿಗಾಗಿ ಸಮಯ ಸಿಗುವುದೇ ಕಡಿಮೆ. ಅವರ ಮನೆಯಲ್ಲಿ ತಂದೆ ಎನ್ನಿಸಿಕೊ ಂಡ ವ್ಯಕ್ತಿ ಇಲ್ಲ. ಈ ಮೂವರ ವಾಸ ಜರ್ಮ ನಿಯ ಸಣ್ಣದೊ ಂದು ಊರಿನ ‘ಖುಷಿಯ ರಸ್ತೆ’ಯಲ್ಲಿ. ಟಿಲ್ಡಾಳಿಗೆ ಆ ಊರಿನ ಜೀ ವನ ರೇ ಜಿಗೆ ಹುಟ್ಟಿ ಸುತ್ತಿದೆ. ಅವಳ ಗೆಳೆಯ ಗೆಳತಿಯರು ಊರು ಬಿಟ್ಟು ಆಮ್ ಸ್ಟರ್ ಡಾಮ್ ಮತ್ತು ಬರ್ಲಿ ನ್ ನಂತಹ ದೊ ಡ್ಡ ಊರುಗಳನ್ನು ಸೇ ರಿಕೊ ಂಡುಬಿಟ್ಟಿ ದ್ದಾರೆ. ಈಡಾಳಿಗೆ ಆಸರೆಯಾಗಲೆಂದು ಟಿಲ್ಡಾ ಆ ಸಣ್ಣ ಊರಿನಲ್ಲೇ ಉಳಿದು ಮನೆಯ ಸಂಪೂರ್ಣ ಜವಾಬ್ದಾರಿಯನ್ನು ಹೊ ತ್ತುಕೊ ಂಡಿದ್ದಾಳೆ. ಹೀ ಗಿರುವಾಗ ಒಂದು ದಿನ ಬರ್ಲಿ ನ್ ನ ದೊ ಡ್ಡ ವಿಶ್ವವಿದ್ಯಾ ಲಯದಲ್ಲಿ ಪಿಎಚ್ ಡಿ ಮಾಡುವ ಅವಕಾಶವೊ ಂದು ಟಿಲ್ಡಾಳನ್ನು ಅರಸಿ ಬರುತ್ತದೆ. ಅವಳು ತನ್ನ ಸಣ್ಣ ಊರಿನ ಜೀ ವನದಿಂದ ಬಿಡುಗಡೆ ಹೊ ಂದುವ ಕನಸನ್ನು ಕಾಣತೊ ಡಗುತ್ತಾಳೆ. ಇದ್ದಕ್ಕಿ ದ್ದಂತೆ ಯುವಕ ವಿಕ್ಟ ೋರ್ ಊರಿಗೆ ಮರಳುತ್ತಾನೆ. ವಿಕ್ಟ ೋರ್ ನ ತಮ್ಮ ಈವಾನ್ ಟಿಲ್ಡಾಳ ಗೆಳೆಯನಾಗಿದ್ದ. ಟಿಲ್ಡಾಳಂತೆ ವಿಕ್ಟ ೋರ್ ಕೂಡ ಹೊ ರಾಂಗಣ ಈಜುಕೊ ಳದಲ್ಲಿ 22 ಸುತ್ತುಗಳನ್ನು ಈಜುತ್ತಾನೆ. ಜೀ ವನದಲ್ಲಿ ಎಲ್ಲವೂ ಸರಿ ಹೋ ಗುತ್ತಿದೆ ಎಂಬ ಭಾವನೆ ಟಿಲ್ಡಾಳಿಗೆ ಬರುತ್ತಿದ್ದಂತೆಯೇ ಮನೆಯ ಪರಿಸ್ಥಿತಿ ಕೈ ಮೀ ರಿ ಹೋ ಗುತ್ತದೆ. ‘ನನ್ನ ತಂಗಿ ಈಡಾ’ ಕಾದಂಬರಿಯಲ್ಲಿ ಜರ್ಮ ನಿಯ ಸಣ್ಣ ಊರಿನ ಕೌಟುಂಬಿಕ ತಲ್ಲಣಗಳ ಗಾಢ ಚಿತ್ರಣವಿದೆ. ಇಲ್ಲಿ ಜವಾಬ್ದಾರಿ ಮತ್ತು ಸ್ವಾ ತಂತ್ರ್ಯಗಳ ನಡುವೆ ಖುಷಿಯನ್ನು ಕಂಡುಕೊ ಳ್ಳುವ ತುಡಿತವಿದೆ.
Bakari Aur Bagh
- Author Name:
Pramod Kumar Pathak
- Book Type:

- Description: भारत में लोककथाओं की पुरानी परम्परा रही है। कुछ वर्षों पूर्व तक वह श्रुति साहित्य के रूप में प्रचलन में था लेकिन हाल के वर्षों में विभिन्न अंचलों की लोककथाओं को संग्रहीत कर पुस्तकाकार रूप दिया जा रहा है। यह पुस्तक भी उसी की एक कड़ी है। इसमें पंडित जी का विचार, बकरी और बाघ, किसान की किस्मत, चतुर नौवे की दुर्गति और चालाक कौवा जैसी कुछ रुचिकर लोककथाएँ संकलित की गई हैं।
Doktor Glass
- Author Name:
Hzalmar Soderberge
- Book Type:

- Description: Novel
Karm Path Par
- Author Name:
Aashish Kumar Trivedi
- Rating:
- Book Type:

- Description: novels
Ijaazat
- Author Name:
Gulzar
- Book Type:

- Description: साहित्य में मंज़रनामा एक मुकम्मिल फ़ॉर्म है। यह एक ऐसी विधा है जिसे पाठक बिना किसी रुकावट के रचना का मूल आस्वाद लेते हुए पढ़ सकें। लेकिन मंज़रनामा का अन्दाज़े-बयान अमूमन मूल रचना से अलग हो जाता है या यूँ कहें कि वह मूल रचना का इन्टरप्रेटेशन हो जाता है। मंज़रनामा पेश करने का एक उद्देश्य तो यह है कि पाठक इस फ़ॉर्म से रू-ब-रू हो सकें और दूसरा यह कि टी.वी. और सिनेमा में दिलचस्पी रखनेवाले लोग यह देख-जान सकें कि किसी कृति को किस तरह मंज़रनामे की शक्ल दी जाती है। टी.वी. की आमद से मंज़रनामों की ज़रूरत में बहुत इज़ाफ़ा हो गया है। यह फ़िल्म ‘इजाज़त’ का मंज़रनामा है। इस फ़िल्म को अगर हम औरत और मर्द के जटिल रिश्तों की कहानी कहते हैं, तो भी बात तो साफ़ हो जाती है लेकिन सिर्फ़ इन्हीं शब्दों में उस विडम्बना को नहीं पकड़ा जा सकता, जो इस फ़िल्म की थीम है। वक़्त और इत्तेफ़ाक़, ये दो चीज़ें आदमी की सारी समझ और दानिशमंदी को पीछे छोड़ती हुई कभी उसकी नियति का कारण हो जाती हैं और कभी बहाना। पानी की तरह बहती हुई इस कहानी में जो चीज़ सबसे अहम है, वह है इंसानी अहसास की बेहद महीन अक्कासी जिसे गुलज़ार ही साध सकते थे। इस कृति के रूप में पाठक निश्चय ही एक श्रेष्ठ साहित्यिक रचना से रू–ब–रू होंगे।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book