Bakari Aur Bagh
(0)
Author:
Pramod Kumar PathakPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Contemporary-fiction₹
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भारत में लोककथाओं की पुरानी परम्परा रही है। कुछ वर्षों पूर्व तक वह श्रुति साहित्य के रूप में प्रचलन में था लेकिन हाल के वर्षों में विभिन्न अंचलों की लोककथाओं को संग्रहीत कर पुस्तकाकार रूप दिया जा रहा है। यह पुस्तक भी उसी की एक कड़ी है। इसमें पंडित जी का विचार, बकरी और बाघ, किसान की किस्मत, चतुर नौवे की दुर्गति और चालाक कौवा जैसी कुछ रुचिकर लोककथाएँ संकलित की गई हैं।
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भारत में लोककथाओं की पुरानी परम्परा रही है। कुछ वर्षों पूर्व तक वह श्रुति साहित्य के रूप में प्रचलन में था लेकिन हाल के वर्षों में विभिन्न अंचलों की लोककथाओं को संग्रहीत कर पुस्तकाकार रूप दिया जा रहा है। यह पुस्तक भी उसी की एक कड़ी है। इसमें पंडित जी का विचार, बकरी और बाघ, किसान की किस्मत, चतुर नौवे की दुर्गति और चालाक कौवा जैसी कुछ रुचिकर लोककथाएँ संकलित की गई हैं।
Book Details
-
ISBN9789381863299
-
Pages16
-
Avg Reading Time1 hrs
-
Age0-11 yrs
-
Country of OriginIndia
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