Khuli Hava
Author:
Shakti TrivediPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Contemporary-fiction0 Ratings
Price: ₹ 280
₹
350
Available
कुछ दिन इसी प्रकार और बीत गए। अभिवादनों का आदान-प्रदान हो गया। और एक दिन जब सायंकाल को दीये जल चुके थे, तभी अलका लौट रही थी। ऊपर से मणिकलाल ने धीरे से कहा—
‘‘भाभी?’’ वह ठिठक गई और उसने भी धीरे से कहा, ‘जी’।
‘‘आप से एक-दो मिनट बात करना चाहता हूँ?’’ मणिकलाल ने नम्रता भरे शब्दों से कहा।
‘‘इस समय?’’ अलका ने घूँघट में से ही पूछा।
‘‘हाँ। अभी! केवल दो मिनट! आप तनिक मेरे पास इधर आ जाए!’’
‘‘क्या बात है यहीं कह दीजिए!’’ अलका ने वहीं खड़े-खड़े कहा।
‘‘भाभी ये रास्ता है यहाँ ठीक नहीं है, आप डरिए नहीं। तनिक इधर आ जाओ।’’ कहकर वह द्वार से भीतर को बैठक में चला गया। अलका ने मन-ही-मन सोचा कदाचित् आज ही वह दिन आ गया, जिसकी उसे आशंका थी। उसने सोचा ‘नहीं!’ इसके प्रस्ताव को ठुकरा दो, इसे स्पष्ट मना कर दो। पर उन वस्त्रों और खाद्य पदार्थों के दबाव ने उसे ऐसा नहीं करने दिया और वह अपने स्थान से थोड़ी सी हटकर बैठक के द्वार के निकट खड़ी हो गई बोली—‘‘कहिए?’’
‘‘देखिए, आप घबराएँ नहीं, अंदर ही आ जाएँ!
ISBN: 9789380839714
Pages: 176
Avg Reading Time: 6 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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