Dwandw Kahan Tak Pala Jaye
Author:
Aditya ShrivastavaPublisher:
Shivna PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Contemporary-fiction0 Ratings
Price: ₹ 200
₹
250
Available
This book has no description
ISBN: 9788194656043
Pages: 120
Avg Reading Time: 4 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Laharon Ka Aarav - Award Winning Novel
- Author Name:
R. Krishnamurthi 'Kalki' +1
- Book Type:

- Description: लहरों का आरव प्रसिद्ध तमिल लेखक रा कृष्णामूर्ति 'कल्कि' द्वारा लिखित और साहित्य अकादेमी द्वारा पुरस्कृत उपन्यास अलैयोशे का हिन्दी अनुवाद है। उपन्यास में स्वतंत्रता संग्राम के दौरान १९३० से १९४७ तक की अठारह वर्ष की कहानी को विभिन्न पात्रों के ज़रिए उभारा गया है। यह वह समय था, जब भारत की धरती पर कई बड़ी घटनाएँ एक साथ घट रही थीं। एक तरफ़ राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी अपनी अहिंसा की शक्ति के दम पर पर करोड़ों भारतीयों के मन पर राज कर रहे थे तो ख़ुद यहाँ की जनता भी परिवर्तन के लिए कई क्रांतिकारियों कदम उठा रही थी। देश की स्वतंत्रता के लिए हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुरूप कोई-न-कोई कदम उठा रहा था। इन छोटे बड़े प्रयासों की गूँज इस उपन्यास में आप सर्वत्र महसूस कर सकते हैं।
Tumhari Auqat Kya Hai
- Author Name:
Piyush Mishra
- Rating:
- Book Type:

- Description: पीयूष मिश्रा जब मंच पर होते हैं तो वहाँ उनके अलावा सिर्फ़ उनका आवेग दिखता है। जिन लोगों ने उन्हें मंडी हाउस में एकल करते देखा है, वे ऊर्जा के उस वलय को आज भी उसी तरह गतिमान देख पाते होंगे। अपने गीत, अपने संगीत, अपनी देह और अपनी कला में आकंठ एकमेक एक सम्पूर्ण अभिनेता! अब वे फिल्में कर रहे हैं, गीत लिख रहे हैं, संगीत रच रहे हैं; और यह उनकी आत्मकथा है जिसे उन्होंने उपन्यास की तर्ज पर लिखा है। और लिखा नहीं; जैसे शब्दों को चित्रों के रूप में आँका है। इसमें सब कुछ उतना ही ‘परफ़ेक्ट’ है जितने बतौर अभिनेता वे स्वयं। न अतिरिक्त कोई शब्द, न कोई ऐसा वाक्य जो उस दृश्य को और सजीव न करता हो। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक ‘अनयूजुअल’—से परिवार में जन्मा एक बच्चा चरण-दर-चरण अपने भीतर छिपी असाधारणता का अन्वेषण करता है; और क़स्बाई मध्यवर्गीयता की कुंठित और करुण बाधाओं को पार करते हुए धीरे-धीरे अपने भीतर के कलाकार के सामने आ खड़ा होता है। अपने आत्म के सम्मुख जिससे उसे ताज़िन्दगी जूझना है; अपने उन डरों के समक्ष जिनसे डरना उतना ज़रूरी नहीं, जितना उन्हें समझना है। इस आत्मकथात्मक उपन्यास का नायक हैमलेट, यानी संताप त्रिवेदी यानी पीयूष मिश्रा यह काम अपनी ख़ुद की कीमत पर करता है। यह आत्मकथा जितनी बाहर की कहानी बताती है—ग्वालियर, दिल्ली, एनएसडी, मुम्बई, साथी कलाकारों आदि की—उससे ज़्यादा भीतर की कहानी बताती है, जिसे ऐसी गोचर दृश्यावली में पिरोया गया जो कभी-कभी ही हो पाता है। इसमें हम दिल्ली के थिएटर जगत, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय और मुम्बई की फ़िल्मी दुनिया के कई सुखद-दुखद पहलुओं को देखते हैं; एक अभिनेता के निर्माण की आन्तरिक यात्रा को भी। और एक संवेदनशील रचनात्मक मानस के भटकावों-विचलनों-आशंकाओं को भी। लेकिन सबसे बड़ी उपलब्धि इस किताब की इसका गद्य है। पीयूष मिश्रा की कहन यहाँ अपने उरूज़ पर है। पठनीयता के लगातार संकरे होते हिन्दी परिसर में यह गद्य खिली धूप-सा महसूस होता है।
Taarabhaayiya Patra
- Author Name:
M R Dattathri
- Book Type:

- Description: ಲೇಖಕ ಎಂ. ಆರ್ ದತ್ತಾತ್ರಿ ಅವರ ಕಾದಂಬರಿ ’ತಾರಾಬಾಯಿಯ ಪತ್ರ’. ತಾರಾಬಾಯಿಯು ವಿಕ್ರಮನ ಅಪ್ಪನ ಪ್ರೇಯಸಿ. ಅವಳು ಬರೆದ ಎರಡು ಪತ್ರದಲ್ಲಿ, ದೇವತೆ, ದೇವಿ ಎಂದೆಲ್ಲ ಬರೆದು, ಹೊಡೆದು ಹಾಕಿ, ಅಕ್ಕ ಎಂಬ ಸಂಬೋಧನೆಯೇ ಉಳಿಯುತ್ತದೆ. ಇವು ಏನೆಲ್ಲ ಭಾವಗಳನ್ನು ಹೇಳುತ್ತವೆ? ಏಕಾಂತದೊಳಗಿನ ಲೋಕಾಂತ, ಮೌನದೊಳಗಣ ಮಾತು, ಸಂವಾದದೊಳಗಿನ ಮೌನವೇ ಕಥಾನಕವಾಗಿದೆ ಇಲ್ಲಿ. ರಂಜನಿಗೆ ಇವನ ಕರೆ ಕೇಳಿತೆ? ಗಂಗಾ ತನ್ನ ಗಾಂಭೀರ್ಯದಿಂದಾಚೆ ಬಂದು ಮತ್ತೆ ಇವರಿಬ್ಬರೂ ಒಂದೇ ಪರಿಧಿಯಲ್ಲಿ ಬರುವರೆ? ರಂಜನಿಯನ್ನು ಕನವರಿಸುತ್ತಲೇ ಗಂಗೆಗೆ ಹಪಹಪಿಸುವ ವಿಕ್ರಮ ಆಯ್ಕೆ ಮಾಡಿಕೊಳ್ಳುವುದು ಯಾರನ್ನು? ಯಾವ ಅಂತಃಕರುಣೆಯ ಕರೆ ವಿಕ್ರಮನೊಳಗಿನ ಪ್ರೀತಿಯನ್ನು ಮತ್ತೆ ಸೋಕುತ್ತಲೇ ಆವರಿಸಿಕೊಳ್ಳುತ್ತದೆ? ಈ ಎಲ್ಲ ಪ್ರಶ್ನೆಗಳಿಗೆ ಉತ್ತರ ಕೃತಿಯಲ್ಲಿದೆ.
Anthu
- Author Name:
Prakash Nayak
- Rating:
- Book Type:

- Description: ‘ಅಂತು’ ಎಂಬ ಶಬ್ದದ ಎಲ್ಲ ಸಾಧ್ಯತೆಗಳನ್ನೂ ಅರ್ಥಪೂರ್ಣವಾಗಿ ಧ್ವನಿಸುವ ಈ ಕಾದಂಬರಿಯು, ತನ್ನ ವಸ್ತು ಮತ್ತು ಕಥನತಂತ್ರ ಎರಡೂ ದೃಷ್ಟಿಗಳಿಂದ ಕನ್ನಡ ಕಾದಂಬರಿಲೋಕಕ್ಕೆ ಒಂದು ವಿಶಿಷ್ಟ, ಮೌಲಿಕ ಸೇರ್ಪಡೆ. ಸದ್ಯದ ಅತ್ಯಾಧುನಿಕವಾದ ಕಾಪೆರ್Çರೇಟ್ ಜಗತ್ತಿನ ರೋಚಕ ವಿದ್ಯಮಾನಗಳನ್ನು ಲವಲವಿಕೆಯಿಂದ ನಿರೂಪಿಸುತ್ತಲೇ, ಅವುಗಳನ್ನೂ ಮೀರಿದ ನಿತ್ಯಸತ್ಯಗಳನ್ನು ಸ್ಪರ್ಶಿಸಿಬಿಡುವ ಮಹತ್ವಾಕಾಂಕ್ಷೆ ಇಲ್ಲಿ ಕಂಡುಬರುತ್ತದೆ. ಒಂದು ಕುತೂಹಲಕಾರೀ ಪ್ರಾಜೆಕ್ಟಿನ ಪೂರ್ವಾಪರಗಳನ್ನು ಪತ್ತೇದಾರೀ ಶೈಲಿಯಲ್ಲಿ ಶೋಧಿಸುವಂತೆ ಆರಂಭವಾಗುವ ಈ ಬರಹವು ಕ್ರಮೇಣ ಹುಟ್ಟು-ಸಾವು-ಪುನರ್ಜನ್ಮಗಳಂಥ ಗಂಭೀರ ಪ್ರಶ್ನೆಗಳಿಗೆ ಎದುರಾಗಿ ತಾತ್ವಿಕ ಎತ್ತರಗಳಿಗೆ ಬೆಳೆಯುವ ಪರಿ ಗಮನಾರ್ಹವಾಗಿದೆ. ಕನ್ನಡನಾಡಿನಿಂದ ಬಹುದೂರದ ಅಮೆರಿಕಾದಲ್ಲಿ, ತೀರಾ ಭಿನ್ನವಾದ ಪಾತ್ರ-ಭಾಷೆ-ಔದ್ಯಮಿಕ ಪರಿಸರದಲ್ಲಿ ಸೃಷ್ಟಿಯಾಗುವ ಅನುಭವವನ್ನು ಕನ್ನಡ ಭಾಷೆಯಲ್ಲಿ ಒಳಗೊಳ್ಳುವ ಈ ಸೃಜನಶೀಲ ಪ್ರಯೋಗವು ಕನ್ನಡ ಸಾಹಿತ್ಯವು ಹಿಗ್ಗುತ್ತಿರುವ ಬಗೆಯನ್ನೂ ಕಾಣಿಸುತ್ತ ಆಸಕ್ತಿ ಹುಟ್ಟಿಸುತ್ತದೆ. ತನ್ನ ಸ್ಮೃತಿಗಳಲ್ಲಿ ಜತನದಿಂದ ಕಾಪಿಟ್ಟುಕೊಂಡಿರುವ ಸ್ಥಳೀಯ ತಿಳಿವಳಿಕೆಯನ್ನು ಆಧುನಿಕ ಲೋಕಕ್ಕೆ ಮುಖಾಮುಖಿಯಾಗಿಸಿ ಕಥನ ಪ್ರಕ್ರಿಯೆಯನ್ನು ಸತ್ಯದ ಶೋಧವಾಗಿ ವಿಸ್ತರಿಸುವ ಪ್ರಯತ್ನದಲ್ಲಿ ಪ್ರಕಾಶ್ ನಾಯಕರು ಸಾಕಷ್ಟು ಯಶಸ್ವಿಯಾಗಿದ್ದಾರೆ. ‘ಅಂತು’ ನಿಸ್ಸಂದೇಹವಾಗಿ ಈ ದಶಕದ ಮುಖ್ಯ ಕನ್ನಡ ಕಾದಂಬರಿಗಳ ಸಾಲಿನಲ್ಲಿ ನಿಲ್ಲುವಂಥದ್ದು.
Destiny Stained
- Author Name:
Shradha Agarwal
- Rating:
- Book Type:

- Description: Grace is a brave, bold and young lawyer who gets tangled in the biggest murder mystery case of the city. She never imagined something this big would stain her destiny. Accused of the murder of a famous teen idol, Zain, there are no clues to help her prove innocence. Aiden, a lawyer with a heavy attitude steps in to help Grace, but can he prove Grace not guilty? Two webs tied in a knot of mishaps, in this blood-stained destiny, can love and justice prevail?
Homeland
- Author Name:
Dalpat Chauhan +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: Dalpat Chauhan's first novel Homeland (Malak in Gujarati) is set in rural northern Gujarat in pre-independence India and tells the tale of a community of Dalits who eke out an existence on the margins of an upper castr village. They belong to the Vankar caste and are considered 'Untouchables' by the upper caste villagers. Many of them because of small loans taken by them or their forefathers from the village landlords are 'bonded' for generations to them and have to provide them with free labour. Their women are sexually harassed and at times raped and murdered. Yet these Vankars are attached to their Malak and are traumatised when they are forced to leave it due to the threat of uppar caste reprisal over the relationship between a young Dalit man and upper castemarried woman. Homeland is writtten in what be termed the postcolonial narrative style, with interior monologues, interventions of the past into the present and alternative voices. The language is a judicious mix of Northern Gujarat rural dialect and standard Gujarati. This gives the novel a very authentic and contemporary edge.
Vaishaka (The Tale of Lakka)
- Author Name:
Chaduranga +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: The novel Vaishaka-(The Tale of Lakka) is a hit stodgy and incident—heavy in its weave. Yet in its blending of the complexity of detail and vitality of theme, in its delightfully graphic depiction of village Karnataka and finally in its suggestion that there is a Way out of the claustrophobia of caste, it contributes to Kannada and Indian literature.
King Solomon Mines
- Author Name:
H. Rider Haggard
- Book Type:

- Description: तीन अनजान पुरुष, एक धनी और पराक्रमी योद्धा, दूसरा एक जहाज़ी कप्तान और तीसरा जो मामूली लेकिन बड़ा ही अनुभवी शिकारी था। जब ये तीनों एक भटके हुए साथी की खोज में उस सफ़र पर निकल पड़ते हैं जिसके रास्ते अनोखे, अद्भुत, चमत्कारी और भयावह अनुभवों से भरपूर थे, जो की उन्हें बड़ी कठिनाइयों और एक महायुद्ध के बाद सुलेमान के ख़ज़ाने तक ले जाती हैं। वह सुलेमान का खज़ाना जिसके कीमती रत्नों के भण्डार तक पहुंचने वाला, सदियों पुराने शाप से शापित हो जाता। तो क्या इतनी कठिनाइयों के बाद उन्हें उनका खोया हुआ साथी मिल पाता है? क्या वह उस खजाने तक पहुंच पाते हैं? क्या वह उस सदियों पुराने शाप से बच पाते हैं? या फिर उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ता है? यह अद्भुत कहानी उनके उस सफर की है जिसे कभी कोई पूरा नहीं कर पाया था। क्या उनका अनुभव, साहस, समझदारी, संयम और सूझबूझ, उन्हें उनके मंजिल तक पहुंचाने में सफल होता है?
Paraja
- Author Name:
Gopinath Mohanty +1
- Book Type:

- Description: মূলত 1945 সালে ওড়িয়া ভাষায় লেখা এবং এখানে প্রথমবার অনুবাদ করা হয়েছে, পরজা আধুনিক ভারতীয় কথাসাহিত্যের একটি ক্লাসিক। এটি একটি মহাকাব্যিক স্কেলে উড়িষ্যার পাহাড়ী জঙ্গলে একজন আদিবাসী কুলপতি এবং তার পরিবারের গল্প বলে। এই পরিবারের ভাগ্যের ধীর পতন- স্থানীয় মহাজনের দাসত্বের দিকে নির্বাহের জীবিকা নির্বাহের শান্ত সমৃদ্ধি থেকে- উভয়ই মর্মস্পর্শীভাবে ব্যক্তিকেন্দ্রিক এবং সেইসাথে কৃষক সম্প্রদায়ের মধ্যে সমগ্র জীবনযাত্রার ক্ষয়ের প্রতীক।
Faisla Abhi Baki Hai
- Author Name:
Mukesh Dubey
- Book Type:

- Description: This book has no description
Shisha Ghar
- Author Name:
Pratyaksha
- Book Type:

- Description: ‘शीशाघर’ के केन्द्र में एक परिवार है जो सन् सैंतालिस में बिखरना शुरू होता है तो बिखरता ही जाता है। और जब हम एक मुल्क के, एक भरी-पूरी दुनिया के विभाजित होते जाने की त्रासदी से गुज़र रहे होते हैं तब एक इलहाम की तरह यह बात भीतर प्रकट होती है कि यह उपन्यास विभाजन और बिखराव से ज़्यादा उस अन्दरूनी इनसानी एकता के बारे में है जो इसके चरित्रों को बिखरकर भी बिखरने नहीं देती और वे एक-दूसरे से हज़ारों किलोमीटर दूर, दूसरे देशों में अपना रोज़मर्रा का जीवन जीते हुए भी एक-दूसरे से गहरे तौर पर जुड़े हुए हैं। इस उपन्यास के केन्द्र में है प्रेम, जिसका प्रवाह धर्म, नस्ल, राष्ट्र और भूगोल के सिरों को धूमिल करता, साथ ही लोगों के बसने, उजड़ने और फिर बसने की यादों को सहेजता चलता है। केन्द्रीय कथा से इतर भी इसमें बहुतेरे ऐसे चरित्र हैं जो प्रेम की आग में झुलसकर बन और बिगड़ रहे हैं या कि उनका व्यक्तित्व उस प्रेम की याद से बन रहा है। कभी न भूलनेवाले यादगार किरदारों, उनके द्वन्द्व और चाहनाओं, ज़िद और लापरवाहियों से बुनी हुई, देखी-जानी दुनिया के समानान्तर उतनी ही ज़िन्दा, सम्मोहक और मानीख़ेज़ एक दूसरी दुनिया।
Rang Zindagi Ke
- Author Name:
Mukesh Dubey
- Book Type:

- Description: Book
Karbala Dar Karbala
- Author Name:
Gourinath
- Book Type:

- Description: 1980's blindings to 1989's massacre 'कर्बला दर कर्बला' अपने ढंग का एक अलग उपन्यास है। विमर्शों के इस दौर में यह अपना नया विमर्श चाहता है। गौरीनाथ का यह उपन्यास हमें एक भयावह दुनिया में ले जाता है। ऐसी दुनिया में जो अपराध जगत, पुलिस-प्रशासन और कट्टर धार्मिक संगठनों के गँठजोड़ से बनी है और जहाँ युवाओं के मधुर हो सकने वाले पल भी सहसा कटु हो उठते हैं। यह भागलपुर की दास्तान है। उसी भागलपुर की, जहाँ का अँखफोड़वा काण्ड और नब्बे के दशक में महीनों चले साम्प्रदायिक दंगों ने पूरे इतिहास को ही झकझोर दिया था। शिव और ज़रीना के सपनों की कहानी के बहाने लेखक ने ऐसी कथा बुनी है जो सत्ता और पूँजी के बल पर उत्पीड़ित और लांछित मानवता की कहानी बन गई है। 'कर्बला दर कर्बला' में कल्पना और यथार्थ से भी आगे बढ़कर तथ्यात्मकता को जिस तरह पिरोया गया है वह हिन्दी में उपन्यास-लेखन के क्षेत्र में एक साहसिक प्रयोग है। इस उपन्यास को पढऩा एक दु:स्वप्न से गुज़रना है। मगर उस दु:स्वप्न में कोई फ़ैंटेसी नहीं, बल्कि सच्चाइयों के बनते-बिगड़ते चित्र भरे पड़े हैं। रोंगटे खड़े कर देने वाले चित्र। —अब्दुल बिस्मिल्लाह ... और... भागलपुर से डॉ चन्द्रेश कहते हैं-- लेखक-पत्रकार गौरीनाथ ने बिहार के भागलपुर शहर को केन्द्र में रखकर लगभग दस साल के कालखण्ड में हुए उन चर्चित घटनाओं को समेटने की कोशिश की है, जिसने इस अत्यंत प्राचीन और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शहर के चेहरे को दाग़दार बनाया है, वह चाहे कुख्यात अंधाकरण काण्ड हो या 1989 का भयानक हिन्दू-मुस्लिम दंगा। लेखक ने यथासंभव तटस्थ भाव से इन घटनाओं का सूक्ष्म अन्वेषण कर इसके इर्द-गिर्द गल्प का ताना-बाना बुना गया है, जो उपन्यास के बहाने अपने आप में एक महत्त्वपूर्ण दस्तावेज़ भी है यानी दस्तावेज़ में उपन्यास की महक और उपन्यास में दस्तावेज़ की झलक।
Hadsan Tat Ka Joda
- Author Name:
Prabodh Kumar Govil
- Book Type:

- Description: novels
Jane Eyer
- Author Name:
Sharlotte Bronte
- Book Type:

- Description: प्राचीन साहित्य में नायिका का चित्रण प्रेम की प्रतिमा के रूप में, पति की छाया के रूप में, आज्ञाकारिणी दासी के रूप में ही हुआ है। अपवाद के रूप में नारी कभी-कभी कुटिल और दुष्टा के रूप में भी चित्रित हुई है, परन्तु बुद्धिमान, विवेकशील और पति को सही सलाह देनेवाली दृढ़ नारी का रूप साहित्य में कम ही देखने को मिलता ‘महाभारत’ की गांधारी को देखें...गांधारी जैसी विवेकशील नारी ने यदि पतिव्रत धर्म की ग़लत व्याख्या के कारण आँखों पर पट्टी न बाँधी होती, तो महाभारत की कथा आज दूसरी होती, नीति-निपुण मंदोदरी यदि उतनी विनम्र और सहनशील नहीं होती, और उसने वीर पुत्र और विवेकशील सम्बन्धियों को समझा-बुझाकर अपना पक्ष मज़बूत कर लिया होता, तो पराक्रमी रावण अपनी लालसा के कारण यूँ पूरे परिवार को नष्ट नहीं कर पाता। प्रस्तुत उपन्यास में नायिका जेन आयर के व्यक्तित्व के कई पहलू हमें देखने को मिलते हैं—प्रथम तो वीरांगना किशोरी; फिर एक विवेकशील संयमी नवयौवना, निष्ठावान और दृढ़ चरित्र की युवती और अन्त में शरीर की अपेक्षा आत्मा को महत्त्व देनेवाली एक परिपक्व स्त्री का रूप। जेन आयर में अपनी क्षमता पर विश्वास, अपने स्वतंत्र व्यक्तित्व की अनुभूति और उसके महत्त्व की समझ स्पष्ट दिखलाई पड़ती है। प्यार के ऊष्ण, पिघला देनेवाले प्रस्ताव के समक्ष भी वह विवेक का दामन नहीं छोड़ती और अपने व्यक्तित्व का गौरव बनाए रखने में सदा सजग रहती है। स्त्री-पुरुष समानता की प्रबल पक्षधर तथा नारी की आर्थिक स्वाधीनता की सशक्त समर्थक शार्लोट ब्रॉन्टे की बहुचर्चित-बहुप्रशंसित नायिका-प्रधान कृति है—जेन आयर।
Deepavirada Daariyalli
- Author Name:
Sushanth Kotiyan
- Rating:
- Book Type:

- Description: ದೀಪವಿರದ ದಾರಿಯಲ್ಲಿ-ಈ ಕಾದಂಬರಿಯನ್ನು ಲೇಖಕ ಸುಶಾಂತ ಕೊಟ್ಯಾನ್ ಅವರು ರಚಿಸಿದ್ದಾರೆ. ಸಾಹಿತಿ ಡಾ. ಪುರುಷೋತ್ತಮ ಬಿಳಿಮಲೆ, ಕೃತಿಗೆ ಮುನ್ನುಡಿ ಬರೆದು ‘ಸಲಿಂಗರತಿಯಂಥ ವಸ್ತುವನ್ನು ಆಯ್ದುಕೊಂಡ ಕಾದಂಬರಿಯು ಓದುಗರನ್ನು ಬೌದ್ಧಿಕವಾಗಿ ಬೆಳೆಸುತ್ತದೆ. ಪ್ರಸ್ತುತ ಕಾದಂಬರಿಯ ನಾಯಕನಾದ ಸುಕೇಶನೂ ಒಬ್ಬ ಸ್ತ್ರೀ ವೇಷಧಾರಿ. ಇಡೀ ಕಾದಂಬರಿಯನ್ನು ಅವನ ಸುತ್ತಲೇ ಕಟ್ಟಿ ಬೆಳೆಸಲಾಗಿದೆ. ಹಾಗೆ ಕಟ್ಟುವಾಗ, ಸುಕೇಶನೊಳಗಿನ ಹೆಣ್ತನದ ಸೂಕ್ಷ್ಮಗಳಿಗೆ ಗೌರವ ತಂದುಕೊಡಲಾಗಿದೆ ಮತ್ತು ಅವನನ್ನು ಲೈಂಗಿಕವಾಗಿ ಶೋಷಿಸುವವರನ್ನು ಬಯಲುಗೊಳಿಸಲಾಗಿದೆ. ಇವುಗಳ ನಡುವೆ ಐಉಃಖಿಕಿ ನ ಹಲವು ಸಂಕೀರ್ಣ ಮುಖಗಳು ಕಾದಂಬರಿಯಲ್ಲಿ ಅನಾವರಣಗೊಳ್ಳುತ್ತಾ ಓದುಗರನ್ನು ಶೈಕ್ಷಣಿಕವಾಗಿಯೂ ಬೆಳೆಸುತ್ತದೆ. ‘ದೀಪವಿರದ ಕತ್ತಲ ದಾರಿಯಲ್ಲಿ ಒಂಟಿಯಾಗಿ ನಿಂತಿದ್ದನು ಸುಕೇಶ. ಅವನು ಇಷ್ಟರವರೆಗೆ ಬಯಸಿದ ಬದುಕವನಿಗೆ ದೊರೆಯಲೇ ಇಲ್ಲ. ಅಷ್ಟೊತ್ತಿಗೆ ಮೂಡಣದಲ್ಲಿ ಮೇಲೇರಿದ್ದ ರವಿ ತನ್ನ ಹೊಂಗಿರಣದ ಹೊಂಬೆಳಕನ್ನು ಭುವಿಯೆಡೆಗೆ ಚೆಲ್ಲಿದ್ದನು. ಟ್ಯಾಕ್ಸಿ ನಿಧಾನವಾಗಿ ಮುಂದಕ್ಕೆ ಚಲಿಸಿತ್ತು. ಸುಕೇಶ ಅಂಧಕಾರದ ಬದುಕಿನಲ್ಲಿ ಬೆಳಕಿಗಾಗಿ ಅರಸುತ್ತಿದ್ದನು. ಅಂತ್ಯವಿಲ್ಲದ ಕತೆಯ ಆರಂಭ ಅವನ ಬದುಕಿನಲ್ಲಿ ಇದೀಗ ಆಗಿತ್ತು. ಹೀಗೆ ಈ ಕಾದಂಬರಿಯು ಲೈಂಗಿಕತೆಯ ವಿಭಿನ್ನ ಮಜಲುಗಳನ್ನು ಧೈರ್ಯವಾಗಿ ಶೋಧಿಸುತ್ತದೆ. ರವೀಂದ್ರ, ಆಕಾಶ್ ಮತ್ತು ಸುಕೇಶರ ನಡುವಣ ತ್ರಿಕೋನ ಸಂಬಂಧಗಳ ಜೊತೆಗೆ ಗಂಡಸರ ಹಿಂದೆ ಹೋಗುವ ರಘುಪತಿಯ ಸಮಸ್ಯೆಗಳೂ ಬಿಚ್ಚಿಕೊಳ್ಳುತ್ತವೆ. ಗೇ ಸೆಕ್ಸ್ ವೀಡಿಯೋ ನೋಡುವ ಅವನನ್ನು ಬಿಟ್ಟು, ಅವನ ಹೆಂಡತಿ ಗುಜರಾತಿಯೊಬ್ಬನ ಸ್ನೇಹ ಮಾಡುತ್ತಾಳೆ. ಈ ಎಲ್ಲಾ ಘಟನೆಗಳನ್ನು ಸಮಾಜವು ತನ್ನ ಮೂಗಿನ ನೇರಕ್ಕೆ ವ್ಯಾಖ್ಯಾನಿಸಿಕೊಳ್ಳುತ್ತಾ ಹೋಗುತ್ತದೆ. ಇಂಥ ಸಂಕೀರ್ಣ ಸ್ಥಿತಿಯನ್ನು ಕಾದಂಬರಿ ತಣ್ಣಗೆ ಕಟ್ಟಿಕೊಡುತ್ತದೆ. ಈ ಕಾದಂಬರಿಯ ವಸ್ತು ಮತ್ತು ಪಾತ್ರಗಳು ಕನ್ನಡಕ್ಕೆ ತೀರಾ ಹೊಸದು. ಕಾನೂನಿನ ತೊಡಕುಗಳು, ಸಂಪ್ರದಾಯಸ್ಥರ ಆಕ್ರಮಣ, ಮಡಿವಂತಿಕೆ, ನಿಷೇಧ, ಭಯ ಇತ್ಯಾದಿ ಕಾರಣಗಳಿಂದಾಗಿ ಏಕಾಏಕಿ ಸಾಹಿತ್ಯವು ಮುಖ್ಯಧಾರೆಗೆ ಬರಲೇ ಇಲ್ಲ. ಸುಶಾಂತ್ ಕೋಟ್ಯಾನ್ ತುಂಬ ಧೈರ್ಯವಹಿಸಿ ಈ ಕಾದಂಬರಿಯನ್ನು ಬರೆದು ನಮ್ಮ ಅರಿವಿನ ಗಡಿರೇಖೆಗಳನ್ನು ವಿಸ್ತರಿಸಿದ್ದಾರೆ’ ಎಂದು ಪ್ರಶಂಸಿಸಿದ್ದಾರೆ.
Poorva Sandhya
- Author Name:
Dinesh Kapoor
- Book Type:

- Description: अमित बोला, ‘‘कुछ खास नहीं। अभी तक तो रजाई में ही था। अब सोच रहा था, क्या करूँ!’’ विधू ने पूछा, ‘‘कॉलेज नहीं आना?’’ अमित बोला, ‘‘मन नहीं कर रहा।’’ विधू ने पूछा, ‘‘क्यों?’’ अमित बोला, ‘‘यूँ ही।’’ विधू ने पूछा, ‘‘मन क्या कर रहा है?’’ अमित बोला, ‘‘कुछ नहीं। पता नहीं क्या करने को मन कर रहा है! लगता है, आई नीड एन आऊटिंग बैडली।’’ विधू ने कहा, ‘‘दैन व्हाई डोंट यू गो?’’ अमित बोला, ‘‘आई थिंक, आई विल...।’’ फिर सहसा बोला, ‘‘तुम्हारी क्लासिस कब तक हैं?’’ विधू ने कहा, ‘‘क्लासिस का क्या है, खत्म हो जाएँगी।’’ अमित ने जिद की, ‘‘बताओ न!’’ विधू ने कहा, ‘‘एक बजे तक।’’ अमित बोला, ‘‘अभी 11.30 बजे हैं। डेढ़ घंटा है।’’ फिर कुछ सोचकर बोला, ‘‘क्लासिज के बाद चलो चलते हैं।’’ विधू ने पूछा, ‘‘कहाँ?’’ अमित बोला, ‘‘पता नहीं। आई रियली डोंट नो। लैट अस सी। अभी तैयार होने में एक-डेढ़ घंटा लगेगा, फिर देखते हैं। लेकिन मैं कॉलेज नहीं आऊँगा।’’ इसी उपन्यास से वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों तथा आज के परिवेश पर दृष्टि डालना पठनीय उपन्यास, जो पुरानी पीढ़ी और नई पीढ़ी के बीच एक तादात्म्य स्थापित करने की पहल करेगा। "
Shastriji Ke Prerak Prasang
- Author Name:
Renu Saini
- Book Type:

- Description: "कथा-कहानियाँ सृष्टि के आरंभ से ही मनुष्य का मार्ग-दर्शन करती रही हैं। पंचतंत्र और हितोपदेश की कहानियाँ प्राचीन काल से हमारा मार्गदर्शन करती चली आ रही हैं। प्रत्येक कहानी के लिए कथावस्तु का होना अनिवार्य है, क्योंकि इसके अभाव में कहानी की रचना की कल्पना भी नहीं की जा सकती। कहानी में केवल मनोरंजन ही नहीं होता, उसमें कोई उद्देश्य और संदेश भी निहित होता है। जीवन में सादगी और सरलता का बहुत महत्त्व है। हमारी परंपरा में वर्णित है ‘सादा जीवन, उच्च विचार’। सादगी हमारे व्यक्तित्व को जो आभा प्रदान करती है, वह आडंबर या दिखावा नहीं। यह सादगी हमें आत्मविश्वास, शक्ति और आत्मबल देती है। इन्हीं जीवनमूल्य को समेटे, सादगी की महत्ता बताती प्रेरणाप्रद कहानियों का संकलन।"
Barho Mas - Award Winning Novel
- Author Name:
Bhalchandra Jha +1
- Book Type:

- Description: बारहो मास उपन्यास साहित्य अकादेमी द्वारा पुरस्कृत मराठी उपन्यास बारोमास मैथिली अनुवाद अछी। एही उपन्यास भारतीय कृषि अर्थव्यवस्था रीढ़ - हमरा सभक किसानक ओही सभ समस्या पर व्यापक दृष्टि देल गेल अछी जे ओ लोकनि खुजल व्यापार नीति आ भूमण्डलीकरण कारणे भोगी रहलाह अछी। बारह महीनामे समेटल किसानक वेदना-कथाके एहि उपन्यासमे महाराष्ट्रक किसान सुभाराव आ हुनक परिवार इर्द-गिर्द बुनल गेल अछी उपन्यास अन्तमे सुभाराव निपत्ता होयब प्रतीकात्मक रूपसै किसानक मुख्यधारासै “निपत्ता” होयबाक एकटा दुखद परिदृश्य प्रस्तुत करैत अछी।
Shesh Kavita
- Author Name:
Ravindranath Thakur
- Book Type:

-
Description:
प्रेम एक विलक्षण सृष्टि-रहस्य! व्यक्ति के आभ्यन्तर में सूक्ष्मातिसूक्ष्म—पोथियों की घ्राण-शक्ति की पकड़ के बाहर। और पोथियों में, स्वयं को अभिव्यक्त करने को आकुल हृदय को सर्वदा आश्रय देता हुआ—त्रासद से सुखद, सुखद से त्रासद के मध्य दोलायमान। रचनाकार की चुनौतियों का अन्त नहीं—जीवन के प्रश्नों में संगति भी कहाँ है, भला! उत्तरों में अन्तर्विरोधों का अन्त भी कहाँ!
रवीन्द्रनाथ ठाकुर को उनके अपने ही वर्तमान में कठिन चुनौतियाँ मिलने लगी थीं। वे, जिस प्रकार परम्परा को आत्मसात करते हुए—विशेष रूप से अपनी काव्य-सृष्टि में—आधुनिक भारत की विचार-सरणी निर्मित कर रहे थे, उसे अति-उत्साही आधुनिक अपने लिए संकट के रूप में देखने लगे थे। सम्भवत: इसीलिए, विश्वकवि ने अपनी इस कथा-कृति में कविताओं के माध्यम से अपना ही मूल्यांकन भी किया है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book