Berige Neeru - Award Winning Novel
Author:
Rajam Krishnan, SeshanarayanaPublisher:
Sahitya AkademiLanguage:
KannadaCategory:
Contemporary-fiction2 Ratings
Price: ₹ 78.85
₹
95
Unavailable
discriptation awaited
ISBN: 8126015578
Pages: 196
Avg Reading Time: 7 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Chhinnmool
- Author Name:
Pushpita Awasthi
- Book Type:

- Description: Novel
Sitayan
- Author Name:
Susheel Kanti
- Book Type:

- Description: Book
Mrityunjayi Udham Singh
- Author Name:
Jiyalal Arya
- Book Type:

- Description: ‘मृत्युंजयी ऊधम सिंह’ अपने ढंग के अनूठे रचनाकार जियालाल आर्य का उपन्यास है, जिसे शहीद ऊधम सिंह का ज़िन्दगीनामा कहा जा सकता है। ऊधम सिंह के बचपन से लेकर उनकी शहादत तक की कहानी यहाँ क़िस्सागोई शैली में बयान की गई है। शहीद ऊधम सिंह का जन्म 26 दिसम्बर, 1899 को पंजाब के संगरूर जनपद के सुनाम गाँव में हुआ था। उनकी ज़िन्दगी काफ़ी जद्दोजहद-भरी रही। बचपन में ही अन्याय, अनीति और शोषण के प्रति उनके मन में तीव्र प्रतिकार-भाव था, जो आगे चलकर उन्हें देशभक्त क्रान्तिकारी बनाने में सहायक हुआ। सर्वधर्म-समभाव की वह ज़िन्दा मिसाल थे। उन्होंने अपना नाम ‘राम मुहम्मद सिंह आज़ाद’ रख लिया था। यही कारण रहा कि वह हर भारतीय के अपने थे—चाहे वो हिन्दू हो, मुसलमान हो या सिख। उन्हें 31 जुलाई, 1940 को फाँसी दे दी गई थी। उनकी शहादत के बाद हिन्दुओं ने अस्थि विसर्जन हरिद्वार में किया तो मुसलमानों ने फ़तेहगढ़ मस्जिद और सिखों ने करंत साहब में अपने-अपने रीति अनुसार उनकी अन्त्येष्टि सम्पन्न की थी। भाषा इतनी सहज कि बस्स पढ़ते चले जाएँ उपन्यास वर्क़-दर-वर्क़। इतिहास को पठनीय कैसे बनाया जाए—यह उपन्यास इसका जीवन्त साक्ष्य है।
The Inscrutable Mystery
- Author Name:
P.P Giridhar +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: The Inscrutable Mystery (Chidambara Rahasya), which won the Sahitya Akademi award in 1985, is a rare novel with dimensions that had been unheard of in Kannada Literature. The novel chronicles the tale of Kesaruru from the perspective of a free, sensitive, and poetic mind that responds to the condition of the land. With the suspense of a detective novel only as an excuse, the novel pictures the variegated life in Kesaruru with rationalism and the revolutionary yellings of some youth on one side and people who are steeped in superstition, people like Angaadi who are after strange research findings on the other, and the inferno that threatens to engulf Kesaruru as a result of their friction. The innocent love between Jayanti and Rafi, who strive to get out of the stifling firestorm engulfing Kesaruru, stands out as the only redeeming hope for Kesaruru. The novel is a tribute to the author's narrative skills as much as his ability to depict reality in all its sordid detail.
Aaranyak - Award Winning Novel
- Author Name:
Keshkar Thakur +1
- Book Type:

- Description: आरण्यक भारतीय साहित्यमे अनेक एहन महान विभूति लोकनि छथी जे अपना कृतित्व साँ अपन युग आ समकालीन परिदृष्क समृद्ध कयलनि अछि आ ओकरा एक नव दृष्टि प्रदान कयलनि अछि। एहि उपन्यासमे उपन्यासकार 'प्रकृत प्रदत' वन-संपादमे प्रकृति चित्रण, मानवीय संवेदनाक घटित घटनाकाँ अनुभवक आधार पर मनुष्यक लेल एक एहन कथानकक निर्माण कयलनि अछि, जाहिसाँ जीवन-जगतक सत्यता बहुत लग साँ देखल गेल अछि। ई एक अनुपम, अनुभूतिपूर्ण स्मृति-कथा अछि जे मनुष्य जीवनक आख्यान आ ओकर यात्राकाँ सार्थक करैत अछि। ई एक प्रकरें मानव जीवक एकांत समानुभूतिशील साहचर्यक आख्यान थीक।
Aadha Gaon
- Author Name:
Rahi Masoom Raza
- Book Type:

- Description: आधा गाँव, यानी गंगौली। ज़िला ग़ाज़ीपुर (उत्तर प्रदेश)। काल-परिप्रेक्ष्य–1947, स्वाधीनता के समय होनेवाला देश-विभाजन। गंगौली मुस्लिम-बहुल गाँव है और यह उपन्यास है–इस गाँव के मुसलमानों का बेपर्द जीवन-यथार्थ। पूरी तरह सच, बेबाक और धारदार। पाकिस्तान बनते समय मुसलमानों की विविध मन:स्थितियों, हिन्दुओं के साथ उनके सहज आत्मीय संबंधों तथा द्वंद्वमूलक अनुभवों का अविस्मरणीय शब्दांकन। सांप्रदायिकता के ख़िलाफ़ एक ऐसा सृजनात्मक प्रहार, जो दुनिया में कहीं भी राष्ट्रीयता ही के हक़ में जाता है। लेखकीय चिंता सार्वजनीन है कि गंगौली में अगर गंगौलीवाले कम तथा सुन्नी और शिया और हिन्दू ज़्यादा दिखाई देने लगें, तो गंगौली का क्या होगा?...दूसरे शब्दों में, गंगौली को यदि भारत मान लिया जाए तो भारत का क्या होगा? भारतीय कौन होंगे?...अपनी वस्तुगत चिंताओं, गतिशील रचनाशिल्प, आंचलिक भाषा-सौंदर्य और सांस्कृतिक परिवेश के चित्रण की दृष्टि से अत्यधिक महत्त्वपूर्ण उपन्यास–हिन्दी कथा-साहित्य की बहुचर्चित और निर्विवाद उपलब्धि। इस कृति की सबसे बड़ी ख़ासियत है–संयमहीनता। इसके सभी पात्र बिना लगाम के हैं और उनकी अभिव्यक्ति सहज, सटीक और दो टूक है, गालियों की हद तक।
Paraja
- Author Name:
Gopinath Mohanty +1
- Book Type:

- Description: মূলত 1945 সালে ওড়িয়া ভাষায় লেখা এবং এখানে প্রথমবার অনুবাদ করা হয়েছে, পরজা আধুনিক ভারতীয় কথাসাহিত্যের একটি ক্লাসিক। এটি একটি মহাকাব্যিক স্কেলে উড়িষ্যার পাহাড়ী জঙ্গলে একজন আদিবাসী কুলপতি এবং তার পরিবারের গল্প বলে। এই পরিবারের ভাগ্যের ধীর পতন- স্থানীয় মহাজনের দাসত্বের দিকে নির্বাহের জীবিকা নির্বাহের শান্ত সমৃদ্ধি থেকে- উভয়ই মর্মস্পর্শীভাবে ব্যক্তিকেন্দ্রিক এবং সেইসাথে কৃষক সম্প্রদায়ের মধ্যে সমগ্র জীবনযাত্রার ক্ষয়ের প্রতীক।
Shisha Ghar
- Author Name:
Pratyaksha
- Book Type:

- Description: ‘शीशाघर’ के केन्द्र में एक परिवार है जो सन् सैंतालिस में बिखरना शुरू होता है तो बिखरता ही जाता है। और जब हम एक मुल्क के, एक भरी-पूरी दुनिया के विभाजित होते जाने की त्रासदी से गुज़र रहे होते हैं तब एक इलहाम की तरह यह बात भीतर प्रकट होती है कि यह उपन्यास विभाजन और बिखराव से ज़्यादा उस अन्दरूनी इनसानी एकता के बारे में है जो इसके चरित्रों को बिखरकर भी बिखरने नहीं देती और वे एक-दूसरे से हज़ारों किलोमीटर दूर, दूसरे देशों में अपना रोज़मर्रा का जीवन जीते हुए भी एक-दूसरे से गहरे तौर पर जुड़े हुए हैं। इस उपन्यास के केन्द्र में है प्रेम, जिसका प्रवाह धर्म, नस्ल, राष्ट्र और भूगोल के सिरों को धूमिल करता, साथ ही लोगों के बसने, उजड़ने और फिर बसने की यादों को सहेजता चलता है। केन्द्रीय कथा से इतर भी इसमें बहुतेरे ऐसे चरित्र हैं जो प्रेम की आग में झुलसकर बन और बिगड़ रहे हैं या कि उनका व्यक्तित्व उस प्रेम की याद से बन रहा है। कभी न भूलनेवाले यादगार किरदारों, उनके द्वन्द्व और चाहनाओं, ज़िद और लापरवाहियों से बुनी हुई, देखी-जानी दुनिया के समानान्तर उतनी ही ज़िन्दा, सम्मोहक और मानीख़ेज़ एक दूसरी दुनिया।
Drishtikon
- Author Name:
Priti Samkit Surana
- Book Type:

- Description: This book has no description
Narak Dar Narak
- Author Name:
Mamta Kaliya
- Book Type:

- Description: ‘नरक-दर-नरक’ ममता कालिया के चर्चित उपन्यासों में से एक है। अपने समय का सांगोपांग चित्रण करने वाली यह रचना पाठकों और आलोचकों दोनों की प्रिय रही है। उपन्यास के केन्द्र में जगन और उषा हैं जो एक तरह से आज़ादी के बाद पैदा हुई युवा पीढ़ी का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। अच्छा रोज़गार और बेहतर जीवन उनके ऐसे सपने हैं जो अपनी योग्यता के बावजूद उन्हें अपनी पहुँच से दूर दिखाई देते हैं। प्रेम और उसके बाद तुरन्त ही शादी के बाद उनका प्यार ही है जो उन्हें राहत देता है, नहीं तो जगन के कॉलेज में वहाँ की राजनीति, मामूली-सी तनख़्वाह और उषा के सामने घर को सँभालने की चुनौती उन्हें तनाव में ही रखती है। हारकर वे मुम्बई से इलाहाबाद आते हैं और वहाँ जगन एक प्रेस शुरू करता है। लेकिन चुनौतियाँ यहाँ भी कम नहीं। नया शहर, नया काम और फिर एक बच्चा भी उनके जीवन में आ जाता है। दाम्पत्य जीवन और सामाजिक–राजनीतिक तनावों को यह उपन्यास अत्यन्त कुशलता से चित्रित करता है। भाषा की चुस्ती, संवाद और सूक्ष्म मनोभावों का अंकन कहीं भी पाठक को भटकने नहीं देता।
Vaikalya
- Author Name:
Dr. Shireesh Gopal Deshpande
- Book Type:

- Description: वैकल्य अर्थात् विकलता। कुष्ठरोग पर आधारित हिंदी में संभवतः यह पहला क्लासिकल और मूल ललित शैली में लिखा गया उपन्यास है। इसने कुष्ठ रोगियों के पुनर्वास और उपचार को लेकर समाज में लोगों की आँखें खोलने का काम किया है। उपन्यास का कथानक अंतर्मन को छू लेता है। विषय बहुत ही हृदयस्पर्शी और दिलचस्प है। यह दो महापुरुषों के मौन संघर्ष की गाथा है। एक वह जो, समाजसेवी हैं, कुष्ठरोगियों के लिए आश्रम व्यवस्था की बात करते हैं, तो दूसरे वह, जो प्रख्यात डॉक्टर हैं, अस्पताल व्यवस्था की बात करते हैं और रोगियों का इलाज घर से ही होना चाहिए—इसका पुरजोर समर्थन करते हैं। कुल मिलाकर कुष्ठरोग को लेकर वैज्ञानिक और सामाजिक दृष्टिकोण के बीच की यह गहरी खाई सशक्त कथ्य के ताने-बाने से बुनी एक करुण-गाथा है। दोनों महापुरुषों की पत्नियों का अपने पति और उनके कार्य के प्रति त्याग और समर्पण की कहानी भी गजब की है। कुष्ठरोग को महारोग के नाम से भी जाना जाता है, जिसके प्रति लोगों के मन में कई प्रकार के भ्रम, भय और अंधविश्वासी भावनाएँ थीं। इस रोग के संसर्ग की स्थिति, टीके का आविष्कार, उपलब्ध दवाइयाँ, देश-विदेश के अनुसंधानकर्ताओं की मान्यताएँ, सरकारी रवैया, रोगियों का देश निकाला, पाप-पुण्य जैसे मुद्दों को लेकर यह उपन्यास वैचारिक द्वंद्व पेश कर जनजागरण की स्थिति पैदा करता है।
Kaniya ek ghunghruawali
- Author Name:
Vibha Rani
- Book Type:

- Description: मैथिली मे नवम दशक सँ लेखनरत विभा रानी (1959) हिन्दी मे सेहो सक्रिय छथि। कथा, नाटक आ अनुवाद मे हुनक बहुत रास काज छनि। हिनक मौलिक सैंतीस टा आ अनूदित दस टा किताब प्रकाशित। विभा रानीक नवीनतम उपन्यास 'कनियाँ एक घुँघरुआवाली’क मादे मंतव्य: उपन्यास, जटिल आ स्त्री-मोनक लेल दमनकारी परिस्थितिक बीच कामनाक प्रतिफलन हेतु मर्म मे बसल संघर्षक निरंतरताक कथा कहैए। ई मिथिला-केंद्रित, स्त्री-प्रतिभाक प्रतिमान बनबाक कथा सेहो छी जे विडंबनाग्रस्त पितृ-सत्ताक अनवरत अवरोध, विरोध, छल-छद्मक अविराम प्रतिरोध करैए आ डोमकछ कें विस्तार दैए। —कुणाल नृत्य-संगीतक प्रति मैथिल समाज मे घोर उपेक्षा भाव कें उपन्यास मे आलोचनात्मक दृष्टिएँ दर्शाओल गेल अछि। मैथिल लोकनि गीत-नृत्यक रसिया होइत छथि ओकरा ई खूब नीक लगैत छनि, मुदा दोसरक बेटी-पुतोहु द्वारा कयल गेल नृत्य आ गाओल गेल गीत। —कमलानंद झा उपन्यास मे सामाजिक वातावरण, परिवेश, स्त्री-पुरुष लोकनिक संवाद उपन्यास कें सजीव रूप प्रदान करैत अछि। —बिभा कुमारी
Heroic Deceit
- Author Name:
Salim Hansa
- Book Type:

- Description: Ali, a disillusioned corporate employee, seeks solace in a meditation and yoga camp, despite his initial reservations as a devout Muslim. But little does he know, this journey will transform him in unimaginable ways. As Ali discovers his newfound ability to heal, he must navigate the constraints of his power and confront the darkness within. His quest for fame and recognition slowly corrupts his thoughts, testing the boundaries of his faith. Torn between his religious beliefs and the lure of superhero status, Ali must confront the ultimate question: will his actions redeem or destroy him? Dive into a gripping tale of self-discovery, spirituality, and the true meaning of heroism.
Revolution And Counter-Revolution In Ancient India
- Author Name:
DR. B.R. Ambedkar
- Book Type:

- Description: "In Revolution and Counter-Revolution in Ancient India, Dr. B.R. Ambedkar presents a sweeping and insightful historical analysis of social and religious dynamics in ancient Indian society. This work examines the ideological and power struggles that shaped India's history, focusing on the conflicts between Buddhism and Brahmanism. The book highlights how this conflict influenced India's cultural and religious landscape, ultimately leading to the decline of Buddhism in the land of its birth. Ambedkar explores how Buddhism brought revolutionary social changes that challenged the caste hierarchy and promoted values of equality, compassion and rationalism, in contrast to the caste-based system upheld by Brahmanism."
Krishnakali
- Author Name:
Shivani
- Rating:
- Book Type:

- Description: पाठक किसी पात्र से एकत्व स्थापित कर लेता है; जब उसका अपमान उसकी वेदना बन जाता है, तब ही लेखनी की सार्थकता को हम मान्यता दे पाते हैं। जब ‘कृष्णकली’ लिख रही थी तब लेखनी को विशेष परिश्रम नहीं करना पड़ा, सब कुछ स्वयं ही सहज बनता चला गया था। जहाँ क़लम हाथ में लेती, उस विस्तृत मोहक व्यक्तित्व को, स्मृति बड़े अधिकारपूर्ण लाड़-दुलार से खींच, सम्मुख लाकर खड़ा कर देती, जिसके विचित्र जीवन के रॉ-मैटीरियल से मैंने वह भव्य प्रतिमा गढ़ी थी। ओरछा की मुनीरजान के ही ठसकेदार व्यक्तित्व को सामान्य उलट-पुलटकर मैंने पन्ना की काया गढ़ी थी। जब लिख रही थी तो बार-बार उनके मांसल मधुर कंठ की गूँज कानों में गूँज उठती। वही विस्तृत मधुर गूँज, उनके नवीन व्यक्तित्व के साथ, ‘कृष्णकली’ में उतर आई। —शिवा
Dhikku - Award Winning Novel
- Author Name:
Devidasa Kadam +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: The novel Dika, which means "direction" in Konkani, tells the story of a farming family from the lower middle class. It is set in the North Kanara district of Karnataka and offers a vivid portrayal of the socio-cultural life of the region's inhabitants. The plot follows Deepak and his family as they struggle to adapt to a new way of life in their village after the sudden death of Deepak's father, a policeman. Along the way, they encounter various challenges, including problematic villagers, conniving relatives, and blind faith. When Deepak's sister falls in love with a Muslim boy, he must confront societal norms and convince his mother to accept their relationship. Ultimately, Deepak leads his family to a new and free existence, breaking free from the constraints imposed on them by society. This is best exemplified in the novel's closing scene, where Deepak witnesses a lone crow moving eastward, away from its flock, in a new direction.
Ghafil
- Author Name:
Sunil Chaturvedi
- Book Type:

- Description: Hindi Novel
Tootate Rishte Darakte Ghar
- Author Name:
Tarun Pithode
- Book Type:

- Description: Book
Kalichat
- Author Name:
Sunil Chaturvedi
- Book Type:

- Description: Novel
Nagpash Mein Stree
- Author Name:
Gitashree
- Book Type:

- Description: आज बाज़ार के दबाव और सूचना-संचार माध्यमों के फैलाव ने राजनीति, समाज और परिवार का चरित्र पूरी तरह बदल डाला है, मगर पितृसत्ता का पूर्वग्रह और स्त्री को देखने का उसका नज़रिया नहीं बदला है, जो एक तरफ़ स्त्री की देह को ललचाई नज़रों से घूरता है, तो दूसरी तरफ़ उससे कठोर यौन-शुचिता की अपेक्षा भी रखता है। पितृसत्ता का चरित्र वही है। हाँ, समाज में बड़े पैमाने पर सक्रिय और आत्मनिर्भर होती स्त्री की स्वतंत्र चेतना पर अंकुश लगाने के उसके हथकंडे ज़रूर बदले हैं। मगर ख़ुशी की बात यह है कि इसके बरक्स बड़े पैमाने पर आत्मनिर्भर होती स्त्रियों ने अब इस व्यवस्था से निबटने की रणनीति अपने-अपने स्तर पर तय करनी शुरू कर दी है। आख़िर कब तक स्त्रियाँ ऐसे समय और नैतिकता की बाट जोहती रहेंगी जब उन्हें स्वतंत्र और सम्मानित इकाई के रूप में स्वीकार किया जाएगा? क्या यह वाकई ज़रूरी है कि स्त्रियाँ पुरुषों के साहचर्य को तलाशती रहें? क्यों स्त्री की प्राथमिकताओं में नई नैतिकता को जगह नहीं मिलनी चाहिए? इस पुस्तक में साहित्य, पत्रकारिता, थिएटर, समाज-सेवा और कला-जगत की ऐसी ही कुछ प्रबुद्ध स्त्रियों ने पितृसत्ता द्वारा रची गई छद्म नैतिकता पर गहराई और गम्भीरता से चिन्तन किया है और स्त्री-मुक्ति के रास्तों की तलाश की है। प्रभा खेतान कहती हैं, ‘नारीवाद, राजनीति से सम्बन्धित नैतिक सिद्धान्तों को पहचानना होगा, ताकि सेवा जैसा नैतिक गुण राजनीतिक रूपान्तरण का आधार बन सके।’
Customer Reviews
Be the first to write a review...
4.5 out of 5
Book