Karobare Tamanna

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समस्या बड़ी हो या छोटी, उसका प्रभाव समाज के छोटे-से हिस्से पर हो या देशव्यापी हो, नियम-क़ानून द्वारा उस पर कितना क़ाबू किया जा सकता है? यह मुद्दा विचारणीय है। यह वास्तविकता है कि समस्या की जड़ में जाकर मूल कारणों की पहचान की जाए तो समस्या से मुक्ति मिल सकती है। इस दिशा में रचनाकार की भूमिका महत्त्वपूर्ण होती है। वह समस्या की जड़ में जाकर मूल कारणों की न केवल पहचान करता है, बल्कि उनके विरुद्ध अवाम की मानसिकता का निर्माण करने की ज़िम्मेदारी भी निभाता है।</p> <p>वेश्यावृत्ति का ज्वलन्त मुद्दा उपन्यास ‘कारोबारे तमन्ना’ के केन्द्र में है। निम्नवर्गीय मुस्लिम समाज की आर्थिक और सामाजिक पृष्ठभूमि में वेश्यावृत्ति के कारणों की जाँच-पड़ताल की गई है। उपन्यास वेश्याओं की जटिल जीवन-शैली और उस वृत्ति के निर्माण की पूरी प्रक्रिया को यथार्थ के धरातल पर प्रस्तुत करता है। यह रचना अपनी सम्पूर्णता में उसका विरोध भी करती है।</p> <p>राही मासूम रज़ा के औपन्यासिक कर्म की मुख्यधारा के बरक्स ‘कारोबारे तमन्ना’ की ख़ूबी इसके दिलचस्प होने में है। यह अपने कथ्य के आधार पर विशिष्ट है। हिन्दी साहित्य की मुख्यधारा में लिखे उपन्यासों से इतर राही ने शाहिद अख़्तर और आफ़ाक़ हैदर नाम से उर्दू भाषा में कई उपन्यासों की परम्परा में परिगणित होने के कारण कभी चर्चा के लायक़ ही नहीं समझे गए।</p> <p>‘कारोबारे तमन्ना’ को डॉ. एम. फ़िरोज़ खाँ ने लिप्यन्तरित कर हिन्दी पाठकों के लिए उपलब्ध कराया है।</p> <p>राही मासूम रज़ा के असंख्य पाठकों हेतु एक संग्रहणीय पुस्तक।

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ISBN
9788126724406
Pages
140
Avg Reading Time
5 hrs
Age
18+ yrs
Country of Origin
India

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About the Book

समस्या बड़ी हो या छोटी, उसका प्रभाव समाज के छोटे-से हिस्से पर हो या देशव्यापी हो, नियम-क़ानून द्वारा उस पर कितना क़ाबू किया जा सकता है? यह मुद्दा विचारणीय है। यह वास्तविकता है कि समस्या की जड़ में जाकर मूल कारणों की पहचान की जाए तो समस्या से मुक्ति मिल सकती है। इस दिशा में रचनाकार की भूमिका महत्त्वपूर्ण होती है। वह समस्या की जड़ में जाकर मूल कारणों की न केवल पहचान करता है, बल्कि उनके विरुद्ध अवाम की मानसिकता का निर्माण करने की ज़िम्मेदारी भी निभाता है।</p>
<p>वेश्यावृत्ति का ज्वलन्त मुद्दा उपन्यास ‘कारोबारे तमन्ना’ के केन्द्र में है। निम्नवर्गीय मुस्लिम समाज की आर्थिक और सामाजिक पृष्ठभूमि में वेश्यावृत्ति के कारणों की जाँच-पड़ताल की गई है। उपन्यास वेश्याओं की जटिल जीवन-शैली और उस वृत्ति के निर्माण की पूरी प्रक्रिया को यथार्थ के धरातल पर प्रस्तुत करता है। यह रचना अपनी सम्पूर्णता में उसका विरोध भी करती है।</p>
<p>राही मासूम रज़ा के औपन्यासिक कर्म की मुख्यधारा के बरक्स ‘कारोबारे तमन्ना’ की ख़ूबी इसके दिलचस्प होने में है। यह अपने कथ्य के आधार पर विशिष्ट है। हिन्दी साहित्य की मुख्यधारा में लिखे उपन्यासों से इतर राही ने शाहिद अख़्तर और आफ़ाक़ हैदर नाम से उर्दू भाषा में कई उपन्यासों की परम्परा में परिगणित होने के कारण कभी चर्चा के लायक़ ही नहीं समझे गए।</p>
<p>‘कारोबारे तमन्ना’ को डॉ. एम. फ़िरोज़ खाँ ने लिप्यन्तरित कर हिन्दी पाठकों के लिए उपलब्ध कराया है।</p>
<p>राही मासूम रज़ा के असंख्य पाठकों हेतु एक संग्रहणीय पुस्तक।

Book Details

  • ISBN
    9788126724406
  • Pages
    140
  • Avg Reading Time
    5 hrs
  • Age
    18+ yrs
  • Country of Origin
    India

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