Anawaran

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Author:

Ranjana Prakash

Language:

Hindi

175

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रिश्तों को समझ पाने में अक्सर हम चूक जाते हैं। जब तक समझ में आता है, देर हो जाती है और वक़्त मुट्ठी में से रेत सा फिसल जाता है। उपन्यास की नायिका शुभी के जीवन में ऐसे ही अनेक उतार चढ़ाव आए, कभी थकी, कभी लड़खड़ाई, कभी गिरी भी, फिर भी कुछ तो था जिसने उसकी जिजीविषा को समाप्त होने से बचाए रखा, क्या कारण था जो उसने आत्म हत्या का विचार किया? क्या हुआ शुभी के जटिल जीवन का अंत? क्या शुभी की तलाश को पूर्णता प्राप्त हुई? क्या अंज़ाम हुआ शुभी के जीवन का, जानने के लिये पढ़ें ये उपन्यास - "अनावरण".

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ISBN
9789385137877
Pages
100
Avg Reading Time
2 hrs
Age
18+ yrs
Country of Origin
India

Format:

Piracy Free

Express Delivery

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About the Book

रिश्तों को समझ पाने में अक्सर हम चूक जाते हैं। जब तक समझ में आता है, देर हो जाती है और वक़्त मुट्ठी में से रेत सा फिसल जाता है। उपन्यास की नायिका शुभी के जीवन में ऐसे ही अनेक उतार चढ़ाव आए, कभी थकी, कभी लड़खड़ाई, कभी गिरी भी, फिर भी कुछ तो था जिसने उसकी जिजीविषा को समाप्त होने से बचाए रखा, क्या कारण था जो उसने आत्म हत्या का विचार किया? क्या हुआ शुभी के जटिल जीवन का अंत? क्या शुभी की तलाश को पूर्णता प्राप्त हुई? क्या अंज़ाम हुआ शुभी के जीवन का, जानने के लिये पढ़ें ये उपन्यास - "अनावरण".

Book Details

  • ISBN
    9789385137877
  • Pages
    100
  • Avg Reading Time
    2 hrs
  • Age
    18+ yrs
  • Country of Origin
    India

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Anawaran centres on Shubhi, a woman whose comprehension of relationships arrives perpetually late — after damage is done, after time has slipped away like sand. The novel follows her through exhaustion, stumbling, collapse, and a moment when she contemplates suicide, yet something unnamed preserves her will to survive. This is not a redemption arc but an examination of jijivisha — the stubborn, inexplicable urge to continue living even when meaning is absent. The narrative asks what kind of search Shubhi is conducting through her tangled life, and whether that search can ever reach completion. Written in Hindi, Anawaran does not resolve its protagonist's turmoil tidily; instead, it dwells in the space where understanding and action fail to align, where the desire to live persists without justification. The title itself — unveiling — suggests revelation, but the book withholds easy answers about what Shubhi discovers or what awaits her at the end of her fragmented journey.

यह किताब पढ़ते समय किस तरह का अनुभव होगा?

यह उपन्यास भावनात्मक रूप से भारी और विचारशील है। शुभी के जीवन की उथल-पुथल के साथ-साथ आप भी उसके मानसिक संघर्ष को महसूस करेंगे। गति धीमी है, जो आत्मनिरीक्षण और रिश्तों की पेचीदगियों को समझने का समय देती है। यह किताब उन्हें संतुष्ट करेगी जो जीवन के अधूरेपन और अस्तित्व के सवालों में रुचि रखते हैं।

यह उपन्यास किस तरह के पाठक के लिए उपयुक्त है?

  • जो स्त्री मनोविज्ञान और भावनात्मक जटिलताओं में रुचि रखते हैं
  • जो सरल समाधान की उम्मीद नहीं करते, बल्कि जीवन की अस्पष्टताओं को स्वीकार करते हैं
  • जो हिंदी साहित्यिक कथा में धैर्यपूर्वक पढ़ने के लिए तैयार हैं
  • जो आत्महत्या, अवसाद और जीवित रहने की इच्छा जैसे गंभीर विषयों से परिचित हैं

भारतीय पाठकों के लिए इस विषय का सांस्कृतिक महत्व क्या है?

आज भी भारतीय समाज में स्त्रियों के मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या के विचार पर खुलकर बात नहीं होती। अनावरण उस चुप्पी को तोड़ता है और उन महिलाओं की आंतरिक लड़ाई को दिखाता है जो सामाजिक अपेक्षाओं और व्यक्तिगत पीड़ा के बीच फंसी रहती हैं। यह पाठकों को जिजीविषा — जीवित रहने की अदम्य इच्छा — की गहराई समझने का अवसर देता है।

लेखक ने इस विषय को किस तरह से विशिष्ट बनाया है?

लेखक ने शुभी के अनुभव को रैखिक कहानी के बजाय भावनात्मक परतों में प्रस्तुत किया है। कथा यह नहीं बताती कि क्या सही या गलत है, बल्कि पात्र की भ्रमित मानसिकता और देर से आने वाली समझ को प्रामाणिक रूप से उजागर करती है। यह दृष्टिकोण पाठक को निर्णय लेने के बजाय सहानुभूति रखने के लिए प्रेरित करता है।

यह किताब समाप्त होने के बाद पाठक के साथ क्या रह जाता है?

यह उपन्यास आपको यह सवाल देकर जाता है कि क्या जीवन में सभी खोज पूर्ण होती हैं, या क्या कुछ संघर्ष बिना समाधान के जीने योग्य हैं। आप रिश्तों में समय की भूमिका, देर से आने वाली समझ की पीड़ा, और उस अस्पष्ट शक्ति के बारे में सोचते रह जाएंगे जो हमें जीवित रखती है। यह भावनात्मक रूप से भारी, फिर भी बौद्धिक रूप से उत्तेजक अनुभव है।

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